आदिवासियों की मूल संस्कृति को खत्म करने की बड़ी साजिश,वही ईसाई मिशनरियों की करतूतों की सजा आज वर्ग संघर्ष में पुलिस के ऊपर हमले के रूप में दिखाई दे रहा
बालोद :- बस्तर के नारायणपुर के बखरूपारा में कुछ दिनों से अवैध धर्मान्तरण के मामले सामने आए है। जिससे आदिवासी समाज मे नाराजगी भी बनी है। बस्तर के मूल निवासी आदिवासी समाज अपनी संस्कृति को सहेजने व बचाने के लिए धर्मान्तरण के खिलाफ आवाज उठा रहे है। वही संघर्ष कर रहे आदिवासियों पर नए धर्मान्तरित ईसाईयो के द्वारा हमला बहुत ही निंदनीय है। व कायराना हरकत है। लविश्व हिंदू परिषद बालोद जिला अध्यक्ष बलराम गुप्ता ने इस मामले पर राज्य सरकार के द्वारा प्रदेश में अवैध धर्मान्तरण पर उदासीन रहने व ऐसे मामलों पर,अवैध धर्मान्तरण कराने वालों पर कड़ाई नही करने को बड़ा कारण बताया जिससे धर्मान्तरण कराने वालों के हौसले तेजी से बड़े है।आज बस्तरवासी एक ओर नक्सलवाद के चंगुल से बाहर निकलना चाह रहे है। वही बस्तर के ग्रामीण क्षेत्रो में धर्मांतरण का गंदा खेल खेला जा रहा है। और ऐसे में कुछ इलाकों में वर्ग संघर्ष की स्थिति बन रहा है। वही पुलिस के बड़े अधिकारी व जवानों को भी संघर्स से जूझना पढ़ रहा है। उन पर भी हमले हो रहे है।बलराम गुप्ता ने गुर्रा ग्राम की घटना को नए धर्मान्तरित ईसाईयो की चाल बताया है।ताकि शांत बस्तर को फिर से अशांत कर सके अवैध धर्मान्तरण के खिलाफ आदिवासियों की आवाज उठाने व बैठक कर रहे शांत आदिवासी समाज के लोगो पर सैकड़ो की संख्या में जाकर ईसाई समाज के द्वारा हमला करना व एक दर्जन जनजाति समाज के लोगो को घायल करना यह बेहद ही शर्मनाक घटना है। सरकार को ऐसे लोगो पर कड़ाई करना चाहिए अवैध धर्मान्तरण सविंधान की मूल भावना से खिलवाड़ है। वही कानून को भी चुनौती है। जंहा अवैध धर्मान्तरण कराने वाले लोग पुलिस को भी अपना निशाना बना रहे है। अवैध धर्मान्तरण व वर्ग संघर्ष की जो बातें खबरों में आ रहा राज्य सरकार को इस मामले को हलके में नही लेना चाहिए। बस्तर का शांत आदिवासी समाज अपनी मूल संस्कृति को बचाने आज शांति के साथ आगे आ रहा है। तो सरकार को उनकी बातें सुनना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा कि आदिवासी समाज को ईसाई मिशनरियों के द्वारा टारगेट किया जा रहा है। उन्हें मूल धर्म से अलग कर ईसाई धर्म अपनाने को मजबूर किया जा रहा है। बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अवैध धर्मान्तरण करने को लेकर आदिवासियों के ऊपर हमला व नाराजगी के बाद पुलिस पर पथराव यह बेहद चिंता का विषय है। मुख्यमंत्री जी को हिंदू धर्म संगठनों को टारगेट करना छोड़कर शांत बस्तर में आदिवासियों के मूल संस्कृति को नष्ठ करने की जो घिनोनी चाल मिशनरियों के द्वारा चलाया जा रहा है। उस पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिससे वर्ग संघर्ष की स्थिति न बने।








