जवानों की भुजाओं की ताकत के दम पर लौट रही है बस्तर में शांति: शर्मा
जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में आज मंगलवार को सुरक्षा बलों ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 9 नक्सलियों को मार गिराया है। इस महत्वपूर्ण ऑपरेशन के लिए उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने डीआरजी और सीआरपीएफ के वीर जवानों को बधाई दी है।
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है और यह हमारे जवानों की दृढ़ता और उनकी भुजाओं की ताकत के कारण संभव हो पा रहा है। बस्तर में शांति स्थापित हो रही है और आने वाले समय में छत्तीसगढ़ पूरी तरह से नक्सल मुक्त हो जाएगा। उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री शर्मा ने आगे कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयासों से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति में सुधार हो रहा है। प्रदेश सरकार इस दिशा में निरंतर कार्यरत है और हम छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने के अपने संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह वचनबद्ध हैं।
व्यापारिक हितों के लिए चेंबर से टकराव लेने को भी हूं तैयार : अशोक लुंकड़
–अर्जुन झा–
जगदलपुर बस्तर चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज चुनाव में उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी रहे अशोक लुंकड़ ने कहा है कि व्यापारियों के हित के लिए चेंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज की मोनोपली तोड़ने की शुरुआत हो गई है। व्यापारिक हितों के लिए वह हमेशा लड़ाई लड़ते रहेंगे।
लुंकड़ ने आगे कहा कि व्यापारिक हितों के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिससे अन्य व्यापारियों को फायदा मिलेगा।उक्त बातें कलेक्टोरेट स्थित एक निजी होटल में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए अशोक लुंकड़ ने कही। लुंकड़ ने आगे कहा कि चेंबर में एकाधिकार व परिवारवाद को खत्म करने चुनाव लडा हूं। विपक्षी की जीत से ज्यादा मेरी हार के चर्चे पूरे व्यापारियों में है, मैंने लोगो के दिल में जगह बनाई है। मैं चाहता हूं कि जन कल्याण की आवाज चेंबर बने। बस्तर के विभिन्न जिलों से आए व्यापारी भाईयों के साथ -साथ जगदलपुर के व्यापारी जिनकी संख्या 750 से ज्यादा थी, उनका साथ मिला, मैं उनकी बातों को हर मंच में अगुआई करुंगा ।
चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के निवर्तमान अध्यक्षों के कार्यकाल पर टिप्पणी करते हुए अशोक लुंकड़ ने कहा कि वह व्यापारिक हितों के लिए कभी लड़ाई नहीं लड़े ब्लकि स्वार्थ सिद्धि के लिए चेंबर में कब्जा जमाए रहे। लुंकड़ ने प्रकाश अग्रवाल व शम्मी कपूर के नामों का उल्लेख करते हुए कहा कि चेंबर की गलत बातों को उजागर करने वाले व्यापारिक साथियों के साथ गुंडागर्दी करते हुए उन्हें चेंबर से निकाला गया। चेंबर के कई बड़े पदाधिकारियों ने सदस्यता छोड़ी और उन्होंने एक संघ भी बनाया। श्री लुंकड़ ने पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि चेंबर परिवारवाद का तानाबाना बन कर रह गया है और बोथरा परिवार अपने स्वार्थ सिद्धि के लिए चेंबर का ग़लत उपयोग कर रहा है। श्री लुंकड़ से जब बारंबार बोथरा परिवार का नाम लेने पर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि बात बोथरा व लुकंड परिवार की नहीं, बल्कि चेंबर में एकाधिकार की लड़ाई है। चेंबर व्यापारिक हितों के लिए बना संगठन है। श्री लुंकड़ ने कहा कि चुनाव के दौरान मेरे उपर राजनीतिक एजेंडा थोपने का आरोप मढ़ा गया, लेकिन व्यापारियों ने जिस प्रकार साथ दिया उसके तहत विरोधियों की बात गलत साबित हुई। 53 वर्षों से एकाधिकार करने वाले क्षत्रपों को चुनाव में सड़क पर उतरना पड़ा यह मेरी नहीं व्यापारिक एकता की जीत है। लुंकड़ ने विरोधियों की उन बातों का खंडन किया कि स्वास्थ्य सुविधा, केशकाल घाट, भारत माला परियोजना, नगरनार स्टील प्लांट, सड़क , बिजली, पेयजल,जीएसटी सहित निगम की लचर व्यवस्था राजनीतिक ही नहीं व्यापारिक हितों व उनसे जुड़ा मुद्दा है जिसमें व्यापारी ज्यादा परेशान होते हैं। पत्रकार वार्ता के दौरान अशोक लुंकड़ के साथ सराफा व्यवसायी गौतम लुंकड़ व वरिष्ठ व्यापारी चम्पा लाल संत भी मौजूद थे।
जगदलपुर बस्तर संभाग में नक्सलियों के खिलाफ चल रही लड़ाई में सुरक्षा बलों को एकबार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। सुरक्षा बलों ने मंगलवार को सुबह नौ नक्सली मार गिराए। मारे गए नक्सलियों की लाशों के साथ घातक हथियार सेल्फ लोडिंग राइफल भी बरामद की गई है।
मंगलवार 2 सितंबर की सुबह बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा व बीजापुर जिलों के सीमावर्ती क्षेत्र में गश्त पर निकली पुलिस टीम व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में मृत 9 नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। साथ ही एसएलआर, 303 राइफल, 315 बोर बंदूक समेत भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक बैलाडीला पहाड़ी की तलहटी में पश्चिम बस्तर डिवीजन के 30-35 नक्सलियों की उपस्थिति की सूचना मिली थी। जिसके बाद लोहा गांव की तरफ से डीआरजी, बस्तर फाइटर, सीआरपीएफ यंग प्लाटून, सीआरपीएफ 111वीं बटालियन की अलग-अलग टुकड़ियों को सर्चिंग पर रवाना किया गया था। इसी दौरान पुरंगेल के जंगल मे नक्सलियों ने जवानों को आता देख गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बल की ओर से भी जवाबी फायरिंग की गई। फिलहाल पुलिस पार्टियां वापस नहीं लौटी हैं। जिले में लंबे समय बाद फोर्स को इतनी बड़ी कामयाबी मिली है।एसपी गौरव राय प्रवेश रॉय के मुताबिक मंगलवार की सुबह 6.30 बजे से सुरक्षा बल व नक्सलियों के बीच मुठभेड़ जारी है। दोनों ओर से रुक–रुक कर गोलीबारी जारी रहने की सूचना है। मुठभेड़ में मारे गए नक्सलियों के मिलिट्री प्लाटून नंबर-2 के सदस्य होने की संभावना जताई जा रही है। सभी जवान सुरक्षित हैं। ज्ञात हो कि कुछ ही दिनों पहले नारायणपुर और कांकेर जिलों की सीमा पर धुर नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में भी सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे। इस तरह बस्तर संभाग में लगातार नक्सलियों का सफाया हो रहा है। दूसरी तरफ संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा जिलों में नक्सलियों के आत्मसमर्पण और गिरफ्तारियों का दौर भी लगातार जारी है।
प्रदेश की भाजपा की सरकार बने हुए महज 8 महीने,महिलाओं के प्रति 3094 अपराध,600 से अधिक बलात्कार की घटनाएं शामिल,महिलाओं को सुरक्षा देने पूरी तरह नाकाम साबित हुई सरकार-रेखचंद जैन
प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में नाकाम, दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाओं को दबाने कर रही लीपापोती- लता निषाद
जगदलपुर आज छत्तीसगढ़ प्रदेश कॉंग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी के निर्देश पर बस्तर जिला कॉंग्रेस कमेटी शहर/ग्रामीण के संयुक्त तत्वावधान में शहर कॉंग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य के निर्देश में प्रदेश में महिलाओं के साथ आए दिन हो रहे अत्याचार व गैंगरेप जैसी जघन्य घटानाए बढ़ती जा रही है, इस लचर कानून व्यवस्था से महिलाएं असुरक्षित महसूस कर रही है, जिसके विरोध में व प्रदेश में माता-बहनों की सुरक्षा व लचर कानून व्यवस्था को सुदृढ किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ आज कॉंग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं द्वारा शहर के सिरहासार चौंक पर एकदिवसीय मौन धरना प्रदर्शन किया गया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक जगदलपुर रेखचन्द जैन ने कहा,9 माह के भाजपा सरकार के राज में छत्तीसगढ़ में महिलायें असुरक्षित हो गयी है।रोज-रोज प्रदेश में कहीं न कहीं सामूहिक बलात्कार की घटना हो रही है।इससे बड़ा दुर्भाग्यजनक क्या हो सकता है राजधानी सहित पूरे प्रदेश में महिलायें सुरक्षित नहीं है।..एक दिन पूर्व ही रायपुर नया बस स्टैण्ड में एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म होता है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखा गया उसमें भी में सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया गया। सिर्फ बलात्कार का रिपोर्ट लिखा गया. यहां भी पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी है।महिलायें खुले में बाहर निकलने में भयभीत हो रही है। बस्तर, जशपुर बिलासपुर, अंबिकापुर से लेकर राजधानी रायपुर में भी महिलायें खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है,बेहद दुर्भाग्यजनक है कि सरकार जिसे इन मामलों को गंभीरता से लेकर कार्यवाही करवाना चाहिये,वह बलात्कार जैसी घटनाओं को भी छुपाने और अपराधियों को बचाने का काम कर रही है।प्रदेश की भाजपा सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने में पूरी तरह से नाकाम साबित हो चुकी है।जिसके विरोध में आज कॉंग्रेस पार्टी द्वारा आज मौन धरना प्रदर्शन किया गया है।
जैन ने भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए आगे कहा,प्रदेश में भाजपा सरकार बने महज 8 माह हुए हैं जिसमे अभी तक प्रदेश में महिलाओं के प्रति 3094 अपराध हुये है तथा 600 से अधिक बलात्कार की घटना हुई है।वही कुछ दिन पूर्व भिलाई के डीपीएस स्कूल में 4 साल की मासूम बच्ची के साथ दुराचार की घटना हो गयी। बिना एफआईआर के वहां के एसपी ने घटना को नकार दिया,जबकि पास्को एक्ट में प्रावधान है कि ऐसी कोई घटना होने पर पहले एफआईआर होना चाहिये उसके बाद जांच होनी चाहिये।जबकि भिलाई में बच्ची के साथ दुराचार के मामले में दो-दो डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि बच्ची के निजी अंगों में चोट है,कुछ गलत हुआ है। उसके बाद एसपी द्वारा मामले को नकार दिया जाता है।पास्को एक्ट में FIR बिना किये क्लीनचीट दिये जाने के कारण एसपी पर कार्यवाही क्यों नहीं किया गया?
महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष लता निषाद ने कहा,महिला सुरक्षा को लेकर भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है,रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया, पुलिस रिपोर्ट लिखने में बहानेबाजी कर रही थी, मीडिया में दबाव के बाद रिपोर्ट लिखा गया।जशपुर के एक नाबालिक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हो गया।कोण्डागांव में एक महिला के साथ सामूहिक दुराचार हो गया. 20 दिन तक रिपोर्ट नहीं लिखी गयी,बेहद दुर्भाग्यजनक है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर मौन है।सामुहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाओं को दबाकर सिर्फ लीपापोती का कार्य कर रही है।
कॉंग्रेस पार्टी अपनी बहन, बेटियों की रक्षा हेतु लड़ाई लड़ेंगी व आंदोलन भी करेगी।प्रदेश की भाजपा सरकार को महिलाओं की सुरक्षा देना होगा।
इस दौरान पूर्व विधायक रेखचन्द जैन,निगम अध्यक्ष कविता साहू,महिला कॉंग्रेस अध्यक्ष लता निषाद,ग्रामीण अध्यक्ष चंपा ठाकुर, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय,दिनेश यदु,वरिष्ठ कॉंग्रेसी अंगद प्रसाद त्रिपाठी, हनुमान दिवेदी, रामशंकर राव,अमजद खान,अतिरिक्त शुक्ला,पम्मी जायसवाल, एम वेंकट राव,राजकुमार दण्डवानी, रविशंकर तिवारी,अपर्णा बाजपेयी,शहनाज़ बेगम, हरीश साहू, पार्षद विक्रम सिंह दांगी,कमलेश पाठक,गौरनाथ नाग,कोमल सेना, शुभम यदु, ललिता राव, सुनीता सिंह, सुखराम नाग, सुषमा सुता,महामंत्री ज़ाहिद हुसैन, निकेत झा, महेश द्विवेदी,शादाब अहमद, महेश सिंह ठाकुर,राजेश चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष,कौशल नागवंशी सेवादल,युंका अध्यक्ष अजय बिसाई, अनुराग महतो, तरणजीत सिंह,सत्या ठाकुर, विककी राव, विजय ध्रुव, सुलो कश्यप खेल प्रकोष्ठ अध्यक्ष,विक्रम लहरे,मनोज पाणिग्रही, श्याम कुमारी,एस नीला, सायमा अशरफ,माही श्रीवास्तव, अंजुम हुसैन, असबली कश्यप, सगीना, छबिशयम तिवारी, शिवराम बिसाई, अंजना, कमलेश, एनएसयूआई अध्यक्ष शहर विशाल खम्बारी, ग्रामीण नीलम कश्यप,उस्मान रज़ा,एडविन मार्क,खिरेंद्र यादव आदि मौजूद रहेl
जगदलपुर बस्तर के चार पत्रकारों के कथित रुप से गांजा के साथ आंध्रप्रदेश में पकड़े जाने के मामले में कोर्ट ने 23 दिनों बाद जमानत दे दी। कोर्ट द्वारा सशर्त जमानत दी गई है। वहीं इस प्रकरण में जिस नेताजी का जिक्र कोंटा टीआई ने किया था, उस नेताजी पर से अभी पर्दा उठना बाकी है। पत्रकारों की गिरफ्तारी और रेत की स्मगलिंग में इस नेताजी की क्या भूमिका है? इस सवाल का जवाब बस्तर संभाग की जनता जानना चाहती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी नेताजी पर सवाल उठाए थे।
बस्तर के चार पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर बस्तर और छत्तीसगढ़ के पत्रकारों ने काफी नाराजगी जाहिर करते हुए पुरजोर विरोध किया था। पत्रकारों की गिरफ्तारी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी सवाल उठाए थे। दीपक बैज ने यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि रेत के अवैध खनन और भंडारण करने के मामले की पड़ताल करने गए पत्रकारों को कथित नेताजी के इशारे पर झूठे मामले में फंसाया गया है। नेताजी के संरक्षण में ही सुकमा जिले के कोंटा में शबरी नदी से रेत का अवैध खनन व बड़ी मात्रा में भंडारण किया गया है। इस रेत की तस्करी आंध्रप्रदेश और तेलंगाना में की जा रही है। श्री बैज ने विवादित टीआई द्वारा फोन में किसी से यह कहे जाने का हवाला दिया था कि ‘नेताजी को बता देना, काम हो गया है।’ पीसीसी चीफ ने कहा था कि नेताजी के कहने पर ही टीआई ने पत्रकारों की गाड़ी में गांजा रखवाया था और पत्रकारों की गाड़ी जब आंध्रप्रदेश की सीमा में पहुंच गई, तब टीआई ने वहां की पुलिस को फोन करके गाड़ी में गांजा रखे होने की सूचना दी थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नेताजी का चेहरा उजागर किए जाने पर जोर देते हुए पत्रकारों की गिरफ्तारी के लिए छत्तीसगढ़ और आंध्रप्रदेश की सरकारों को घेरा था। कांग्रेस और पत्रकारों के विरोध और ज्ञापन के बाद सुकमा पुलिस ने कोंटा के टीआई को सीसीटीवी फ़ुटेज नष्ट करने के आरोप में गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था। पत्रकार बापी राय अपने अन्य साथी पत्रकारों के साथ कोंटा गए थे। यहां वे अपने मित्र के भाई के जन्मदिन की पार्टी में शामिल हुए। पार्टी के बाद कोंटा से रेत भरे वाहनों को आंध्रप्रदेश जाते देख इन पत्रकारों ने पूछताछ की। जिसके बाद टीआई कोंटा से उन की तीखी झड़प हुई थी। झड़प के बाद चारों पत्रकार कोंटा के ही लॉज में रुक गए। सुबह जब चारों आंध्रप्रदेश स्थित गांव चट्टी से चाय पीकर लौट रहे थे, तो आंध्र प्रदेश पुलिस ने उन्हें रोका और वाहन की तलाशी ली।उसमें से 15 किलो गांजा बरामद हुआ।
सीसीटीवी फुटेज किया डिलीट
पत्रकारों का आरोप था कि विवाद के बाद रात को पत्रकार सो रहे थे, तब उनकी गाड़ी में षडयंत्रपूर्वक गांजा रख दिया गया था। कथित रुप से टीआई कोंटा रात में उस लॉज में भी पहुंचे थे, जहां पत्रकार सो रहे थे। चर्चा है कि इसी समय का सीसीटीवी फुटेज कोंटा के ही एक विवादित व्यक्ति की उपस्थिति और उसके प्रभाव में डिलीट करा दिया गया। लेकिन आंध्रप्रदेश पुलिस ने चारों ही पत्रकारों को गांजा रखने के आरोप में गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया था।
कोर्ट ने रखी यह शर्त
राज महेंद्रवरम के विशेष न्यायाधीश (नारकोटिक्स) आर. शिव कुमार ने इस मामले में चारों पत्रकारों को सशर्त ज़मानत दे दी। विचारण के दौरान सरकार की तरफ़ से ज़मानत का विरोध करते हुए कहा गया कि आरोपी प्रभावशाली हैं और छत्तीसगढ़ राज्य में उनका पता लगाना मुश्किल होगा। शासन की ओर से इस मामले में दो अन्य फरार आरोपियों का ज़िक्र करते हुए यह भी कहा गया कि आरोपी गवाहों को भी प्रभावित कर सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं। जबकि बचाव पक्ष की ओर से दलील दी गई कि, पूरी कार्यवाही दूषित है, और झूठा मामला थोपा गया है। विचारण के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह स्वीकार किया गया कि मामले में जप्त गांजा मध्यम मात्रा का है और एनडीपीएस की धारा 37 के प्रावधान सक्षमता से प्रभावी नहीं होते हैं। सरकारी पक्ष ने यह भी स्वीकार किया कि, सभी गवाह सरकारी गवाह हैं। कोर्ट ने ज़मानत आवेदन स्वीकार करते हुए आदेश में लिखा है कि चारों 20 हजार रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के दो स्थानीय ज़मानतदारों के साथ ज़मानत दी जाती है, लेकिन यह शर्त है कि वे सभी चार्जशीट दाखिल होते तक हर मंगलवार को दिन के समय चिंतूर पुलिस स्टेशन में हाज़िर होंगे।
दल्लीराजहरा छत्तीसगढ़ सरकार आवास हीन और कच्चे मकान को प्रधान मंत्री आवास के लिए ग्राम पंचायतों में ग्राम सभा का आयोजन कर रही है पात्र एवम जरूरत मंद ग्रामीण आवास के लिए ग्राम पंचायत में जाकर आवेदन दे और अपना नाम जुड़ाए जिससे आने वाले आवास सूची में नाम हो उक्त बातें जनपद सदस्य संजय बैंस ने कही कोई जरूरत मंद इस योजना से ना छूटे क्योंकि छतीसगड की विष्णु देव सरकार संकल्प बद्ध है हर गरीब का पक्का मकान का निर्माण हो इसलिए ग्राम सभा के माध्यम से पुनः नाम जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ किया गया सरकार का उद्देश्य पूरा करने के लिए हर जनप्रतिनिधि को समाने आकार जरूरत मंद लोगो को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित करे संजय बैंस ने कहा की जिस ग्राम पंचायत में ग्राम सभा का आयोजन हो गया होगा तो ग्राम पंचायत में जाकर आवेदन करे आपका आवेदन ग्राम पंचायत कार्यवाही करके समंधित विभाग को भेज कर आवास सूची में नाम जोड़ा जाएगा ये अवसर है जरूरत मंद लोगो का सुविधा का लाभ उठाने के लिए जब तक किसी भी कच्चे मकान या एक कमरा या दो कमरा जो जर्जर हो चुका होगा जनप्रतिनिधि चाहकर भी सहयोग नही कर पाते सरकार फिर से नाम जुड़वाने के लिए ग्राम सभा का आयोजन कर रही है नाम जुड़ने से ये बात तय हो जाएगा आज नहीं तो कल आवास जरूर आयेगा
जिला अस्पताल में बीमार बच्चों का ईलाज जारी -अर्जुन झा- बकावंड बस्तर जिले के आश्रम, छात्रावासों में फूड पॉयजनिंग और बच्चों की अकाल मौत की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बकावंड विकासखंड के कोलावल स्थित कन्या आश्रम छात्रावास की एक छात्रा की अज्ञात बीमारी से मौत हो गई। वहीं करीब दस और बच्चे इस बीमारी से ग्रसित हैं। सभी बीमार बच्चों को जगदलपुर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इस घटना से हड़कंप मच गया है।
रविवार को दोपहर समकोलावत कन्या आश्रम में अध्ययनरत 5वीं कक्षा की 11 वर्षीया छात्रा अंजना कश्यप पिता मंगल कश्यप की अचानक तबीयत बिगड़ने से उपचार के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने तेज बुखार या किसी वायरस इंफेक्शन से बच्ची की मौत होने की आशंका जाहिर है। छात्रा को शनिवार के दिन सिरदर्द की शिकायत होने पर उसे उपचार के लिए पास के अस्पताल में ले जाया गया था। जहां सिरदर्द की दवा दी गई थी। फिलहाल मौत का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोलावल के बालिका आश्रम में अचानक से दो दिन पहले फैली बीमारी ने वहां पढ़ रहे बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर डाला है। आश्रम के करीब 10 बच्चे बीमार हो गए हैं। बच्चों को उपचार के लिए आयुष केंद्र ले जाया गया। जहां सामान्य बीमारी समझ उपचार के बाद वापस आश्रम ले गए। लेकिन रविवार को ज्यादा स्वास्थ्य खराब होने के कारण उन्हें सीएचसी ले जाया गया। उससे पहले ही एक बच्ची ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद आश्रम में हड़कंप मच गया और बीमार बच्चों को बेहतर उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस के माध्यम से सीएचसी बकावंड लाया गया। जहां से उन्हें 108 वाहन के माध्यम से ही जगदलपुर अस्पताल भेज दिया गया। आदिम जाति कल्याण विभाग के सहायक आयुक्त गणेश सोरी ने बताया कि कोलावल स्थित बालिका आश्रम में पढ़ने वाले बच्चे दो दिन पहले से तेज बुखार व सिर में दर्द होने की शिकायत कर रहे थे। जिसके बाद आश्रम की अधीक्षिका ने उन बच्चों को गांव के ही आयुष केंद्र में डॉक्टर दास से उपचार के लिए भेजा था। उपचार के बाद बच्चों को सामान्य बीमारी बताते हुए उन्हें दवा देकर वापस आश्रम भेज दिया गया। लेकिन रविवार की शाम से अचानक 8- 10 बच्चे बीमार हो गए। बताया जा रहा है कि बीमार बच्चों को पहले पीएचसी कोलावल लाया गया, जहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए जगदलपुर भेज दिया गया। सभी बीमार बच्चों का जगदलपुर के महारानी अस्पताल जिला चिकित्सालय में उपचार चल रहा है।
पूर्व जनपद अध्यक्ष पहुंचे आश्रम
पूर्व जनपद अध्यक्ष फरीस बेसरा ने मृत छात्रा के परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली और परिजनों को ढांढस बंधाया। बेसरा आश्रम पहुंचे और घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने मौत के कारणों की जांच संबंध में डाक्टरों से विस्तृत चर्चा की। बेसरा ने बताया कि मौत किस कारण हुइई इसकी विस्तृत जांच कराई जाएगी।
मृत छात्रा अंजना कश्यप पिता मंगलराम ग्राम पाथरी की निवासी थी। बच्ची को हाई ग्रेड फीवर की स्थिति में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोलावल लाया गया था। इलाज के दौरान हाई ग्रेड फीवर के कारण संभवतः सडन कार्डियक रेस्पिरेटरी अरेस्ट से बच्ची की मृत्यु हो गई । अस्पताल में बच्ची का डेंगू मलेरिया टेस्ट किया गया जो नेगेटिव पाया गया। ऐहतियात के तौर पर आसपास के अन्य लोगों व आश्रम के अन्य छात्राओं की भी जांच की गई। जिसमें सभी मलेरिया डेंगू नेगेटिव पाई गईं। ज़िला स्तरीय टीम से भी जांच कराई जा रही है। वर्तमान में स्थिति सामान्य है। आश्रम अधीक्षिका का कथन
कोलावल कन्या आश्रम की अधीक्षिका दुलारी भास्कर ने बताया कि शनिवार को नाश्ता करने सभी बच्चे पहुंचे, मगर अंजना ने कहा कि मैं नाश्ता नहीं करूंगी अभी थोड़ा देर आराम करने दो। उसके बाद में 1 बजे भोजन के लिए अंजना को उठाने गई, तब उसकी स्थिति ज्यादा सीरियस होने के कारण तुरंत अस्पताल में एडमिट करवाया गया। थोड़ी देर के बाद बच्ची का देहांत हो गया । खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश मरकाम ने कहा कि मैंने बच्ची का चेकअप किया। उसने सिरदर्द की शिकायत की। सर दर्द का टेबलेट दिया था। स्थिति सुधरने पर वापस हॉस्टल भेज दिया था।
विधायक बघेल मर्माहत
बस्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक लखेश्वर बघेल अपने निर्वाचन क्षेत्र के ग्राम कोलावल के कन्या आश्रम में हुई घटना से मर्माहत हो उठे हैं। मासूम छात्रा अंजना कश्यप के आकस्मिक निधन और अन्य छात्राओं के बीमार हो जाने से दुखी विधायक लखेश्वर बघेल जानकारी मिलते ही पहले कोलावल पहुंचे। वहां उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों से पूरी जानकारी ली। विधायक बघेल ने बकावंड के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरीश मरकाम से भी छात्रा की मृत्यु के कारण और अन्य छात्राओं की बीमारी की वजह के बारे में पूछताछ की। इसके बाद विधायक लखेश्वर बघेल मृत छात्रा अंजना कश्यप के गृहग्राम पाथरी भी गए। वहां उन्होंने अंजना के पिता मंगलराम व अन्य परिजनों से मिलकर शोक संवेदना प्रकट की। बघेल काफी देर तक मंगल के घर पर रुके रहे। वहां से लौटकर विधायक लखेश्वर बघेल जिला चिकित्सालय जगदलपुर गए, जहां उन्होंने बीमार छात्राओं से हालचाल पूछा और डॉक्टरों को सभी बच्चों का बेहतर ईलाज करने के लिए कहा।
जगदलपुर बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड अंतर्गत कोलावल के कन्या आश्रम की आदिवासी छात्रा अंजना कश्यप की मौत की जांच के लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कमेटी गठित कर दी है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रभारी महामंत्री (संगठन एवं प्रशासन) मलकीत सिंह गैदू द्वारा पीसीसी चीफ दीपक बैज की सहमति से जांच कमेटी की घोषणा की गई है। कमेटी के संयोजक बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल, सदस्य नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप, जिला कांग्रेस कमेटी बस्तर के उपाध्यक्ष बालेश दुबे एवं करपावंड ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम नाइक नामजद किए गए हैं।
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता ने घेरा भाजपा सरकार को रायपुर कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं एआईसीसी की सोशल मीडिया चेयरपर्सन सुप्रिया श्रीनेत ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज की उपस्थिति में पत्रकारवार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आधी आबादी का क्या हाल है आज? देश में स्कूल की नाबालिग बच्ची, दफ्तर में काम करने वाली महिला, बस में चलने वाली गृहिणी क्या सुरक्षित हैं? ऐसा प्रतीत होता है कि महिलाओं के लिए इस देश में कोई जगह सुरक्षित नहीं बची है। पूरा देश आक्रोशित है आज पूरा देश आंदोलित है। जिस तरह की घटना बंगाल में हुई। कितनी निर्भया चाहिए इस देश को और कितनी निर्भया की कुर्बानी होगी तब ये देश जागेगा और सत्ता का संरक्षण खत्म होगा?
उन्होंने छत्तीसगढ़ की महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराधो पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की बात हो चाहे वो रायपुर के बस स्टैंड ड के सामने बलात्कार का मामला हो, भिलाई के एक डीपीएस स्कूल में चार साल की बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न का मामला हो, जहां पुलिस ने बिना एफआईआर, बिना जांच के घटना को नकार दिया। रायगढ़ के पुसोर में एक आदिवासी महिला का 14 लोगो द्वारा किया गया दुष्कर्म का मामला हो, जशपुर में एक बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार का मामला हो, कोंडागांव में एक महिला के साथ दुष्कर्म का मामला हो, छत्तीसगढ़ भी लगातार बढ़ते दुष्कर्म और यौन शोषण के मामलो में अछूता नहीं है। किसी भी महिला के खिलाफ उत्पीड़न, शोषण का मामला पूरी आधी आबादी के खिलाफ का मामला है। यह सभ्य समाज और पुरुषों पर धब्बा है। सरकार दुराचारी को बचाने और लीपापोती में जुट जाती है।सरकार ने रायपुर के सामूहिक बलत्कार को एक व्यक्ति द्वारा किया गया दुष्कर्म बताया। 20-20 दिन तक कोंडागांव में एफआईआर नहीं लिखी जाती है। लोग आंदोलित होते है सड़को पर आते है, तब जाकर एफआईआर होती है। बदलापुर में 500 लोगों को रेल पटरी में जाम करना पड़ी तो पांच दिन बाद आरोपी को पकड़ा गया और 24 घंटे बाद एफआईआर लिखी गई। चाहे दिल्ली हो, चाहे उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ हो सत्ता का संरक्षण हमेशा आरोपियों को मिलता है।
पुलिस और प्रशासन आरोपी को बचाने में लग जाते हैं और पीड़ित महिला को दर दर भटकना पड़ता है, आंदोलन करना पड़ेगा। देश का एक सांसद देश की बेटी का यौन शोषण करता है, उस सांसद को संरक्षण मिला और उल्टा देश की बेटी को न्याय नही मिला। सरकार में बैठे लोगो ने पीड़ितो के आवाज को दबाने का काम किया। उन्नाव में बलात्कार हुआ और तब तक कार्यवाही नही हुयी जब कोर्ट ने दखल नहीं किया। बदलापुर में दो चार साल की बच्ची का यौन शोषण होता है। महिलाओं के खिलाफ 3 हजार से ज्यादा अपराधिक गतिविधियां हुई है। सत्ता में बैठे लोग इन लोगों को संरक्षण देते है। प्रधानमंत्री के निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा आईटी सेल के तीन कार्यकर्ता गैंगरेप के आरोपी है, 2 को बेल मिल जाती है और जब घर आते है तो ऐसा स्वागत होता है मानो देश की आजादी की लड़ाई लड़कर आए हों। इसलिए हौसला आता है कि 2023 और 2024 के दौरान महिलाओं के खिलाफ जघन्य अपराधों के बीस से पच्चीस मामले ऐसे है, जिसमें बीजेपी के नेता, कार्यकर्ता और सांसद शामिल है। यह छत्तीसगढ़ में भी हो रहा है छत्तीसगढ़ की पहचान माई से है उस छत्तीसगढ़ की महिलाओं के साथ अत्याचार हो रहा है।
नेशनल लेवल पर वर्षा जीत चुकी हैं कई मेडल जगदलपुर करें योग रहे निरोग” ये हम सब बचपन से सुनते आ रहे हैं और अब हमारा देश योग में विश्वगुरु बन चुका है। लेकिन हममें से अधिकांश लोग इस बात से अनभिज्ञ हैं कि योग अब एक खेल के रूप में भी शामिल हो चुका है। जिस तरह बाकी खेल स्पर्धाएं होती हैं, वेसे ही योग को भी शामिल किया गया है। इसका मूल उद्देश्य यही है कि हम खेल खेल में योग को अपने जीवन में अपनाएं।
ऐसे ही योग की एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी बस्तर संभाग के सुकमा जिले का नाम रोशन कर रही है।ये हैं वर्षा तिवारी, जो सुकमा जिले की मूल निवासी हैं। वर्षा तिवारी अशोक तिवारी व प्रतिभा तिवारी की पुत्री तथा एसएम शर्मा व कुसुम शर्मा की पुत्रवधु हैं। वर्तमान में वे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छिंदगढ़ में ओटी अटेंडर के पद पर कार्यरत हैं। साथ ही योग में विशेष रुचि के कारण वर्षा तिवारी पिछले 4 वर्षों से योग का अभ्यास कर रही हैं।साथ ही इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ की ओर से योग का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर जिले और अपने विभाग का नाम रौशन किया है। हाल ही 24-25 अगस्त को जोधपुर राजस्थान में आयोजित अस्मिता खेलो इंडिया विमेन्स लीग में वर्षा तिवारी ने भाग लेकर राज्य ओर जिले को गौरवान्वित किया है।
अक्टूबर 2023 में दिल्ली ने आयोजित आल इंडिया सिविल सर्विसेज योगासन टूर्नामेंट में वर्षा तिवारी ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर रजत पदक अपने नाम किया। वर्षा तिवारी ने बातचीत में हमें बताया कि उनके माता पिता व सास ससुर उन्हें हमेशा आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। वर्षा तिवारी सुकमा में योग की कक्षा भी चलाती हैं। वर्षा की इच्छा है कि उनकी ही तरह सुकमा जिले से और भी प्रतिभाएं बाहर निखर कर समाज के सामने आएं। इसके लिए वे बच्चों और हर आयु वर्ग के लोगों को अवसर उपलब्ध कराने तत्पर हैं। उन्होंने लोगों से कहा है कि योग के क्षेत्र में अपना कॅरियर बनाएं। क्योंकि आने वाले कुछ सालों में बाकी खेलों की तरह योग भी ओलंपिक खेलों में शामिल होंने जा रहा है। हाल फिलहाल एशियन गेम्स, नेशनल गेम्स में भी योगासन शामिल हो चुका है।