City Media - Page 426 of 1853 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 426

जगदलपुर में आजादी पर्व के पूर्व स्वतंत्रता तिरंगा दौड़ का हुआ आयोजन

0
  • सांसद, जनप्रतिनिधि, कलेक्टर हुए शामिल

जगदलपुर बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर प्रांगण से बुधवार की सुबह स्वतंत्रता तिरंगा दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौड़ को पद्मश्री धरमपाल सैनी, सांसद बस्तर महेश कश्यप ने हरी झंडी दिखाकर प्रारंभ किया।

इस दौड़ में जनप्रतिनिधियों, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे सहित प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में स्कूली छात्र-छात्राएं, एनसीसी और स्काउट-गाईड के कैडेट्स, एसडीआरएफ के जवान और नागरिक शामिल हुए। दौड़ से पूर्व सभी अतिथियों ने शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र और पुष्प अर्पित कर नमन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद बस्तर महेश कश्यप ने 78वें स्वंतत्रता दिवस पर आजादी के दौड़ आयोजन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस स्वतंत्रता तिरंगा दौड़ का आयोजन का उद्देश्य हम सब भारतवासी स्वतंत्रता सेनानियों, वीर शहीदों के कुर्बानी को सम्मान, स्मरण कर श्रद्धांजलि देने और देश प्रेम की भावना को जगाने के लिए किया जाता है। खेल को जीवन का अभिन्न हिस्सा मानते हुए हर खेल गतिविधियों में शामिल होना चाहिए। जिसने खेलना नहीं जाना उसने जीना नहीं जाना। इस दौरान सांसद  कश्यप ने हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत उपस्थित सभी लोगों को अपने घरों में तिरंगा फहराने की शपथ दिलाई। पद्मश्री धरमपाल सैनी ने कहा कि देश के विकास में मन, वचन और अपने कर्तव्य का पालन कर सहभागी बने।

आजादी के लिए हमारे लाखों पूर्वजों ने बलिदान दिया। देश को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को भौतिक-शारीरिक और मानसिक विकास के साथ अपनी सहभागिता देनी होगी। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने कहा कि 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर स्वंतत्रता तिरंगा दौड़ का आयोजन किया गया है। हमनें गत वर्ष 77वां स्वंतत्रता दिवस उत्साह, उमंग के साथ मनाया। हमको पूर्वजों ने अपना खून बहाकर हमें आजादी दिलवाई है। हर साल उन वीरों की कुर्बानी और देश के प्रति बलिदान को याद रखते हुए इस दिन की महानता व विशेषता को स्मरण करने के साथ ही अगली पीढ़ी को बताना है। इस कार्यक्रम को महापौर सफीरा साहू ने भी संबोधित करते हुए स्वंतत्रता दिवस के एक दिन पूर्व प्रतीकात्मक, सांकेतिक स्वरुप में अमृत महोत्सव में स्वंतंत्रता तिरंगा दौड़ के आयोजन के लिए दौड़ में भाग लेने वाले सभी को बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर सीपी बघेल, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। जिला प्रशासन व खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्वतंत्रता तिरंगा दौड़ में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, नागरिकों, अधिकारी- कर्मचारियों, छात्र- छात्राओं, पुलिस ट्रेनिंग सेंटर व होमगार्ड के जवानों,खेल संघों के खिलाड़ियों व पदाधिकारियों ने भाग लिया। स्वतंत्रता तिरंगा दौड़ सुबह 8 बजे मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर से संजय मार्केट, हनुमान मंदिर, हाता ग्राउंड, चांदनी चैक, मेन रोड होती हुई गोल बाजार चैक से पुनः मां दंतेश्वरी मंदिर प्रागंण पहुंचकर समाप्त हुई।

बस्तर संभाग के 7 आंकाक्षी जिलों में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हेतु 187 करोड़ से अधिक की कार्ययोजना तैयार

0
  • लभगभ 14 हजार कृषक भू-जल सिंचाई योजना से होंगे लाभान्वित
  • जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप से भू-जल सिंचाई हेतु केन्द्र सरकार के अधिकारियों ने मुलाकात कर चर्चा की

रायपुर, 14 अगस्त 2024/ जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप से आज यहां उनके निवास/कार्यालय में केंद्र सरकार के जल संसाधन नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग के अधिकारियों ने भूजल सिंचाई योजना के संबंध में मुलाकात और चर्चा की। केंद्र सरकार के जल संसाधन मंत्रालय अंतर्गत केंद्रीय भूमि जल बोर्ड, भू-जल भवन फरीदाबाद के पत्र के निर्देशों के परिपालन में बस्तर संभाग के 07 आकांक्षी जिलों में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत को पानी अंतर्गत भू जल सिंचाई योजना के तहत 19 विकासखंडों में कुल 3215 बोरवेल उत्खनन किया जाएगा। जिससे 6578.78 हेक्टेयर में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने हेतु 187.69 करोड रुपए की कार्य योजना तैयार की गई है।

इस कार्ययोजना से अनुसूचित जनजाति के 12656 कृषक, अनुसूचित जाति के 560 कृषक और सामान्य वर्ग के 363 कृषकों सहित कुल 13 हजार 852 कृषकों को भू-जल सिंचाई योजना के माध्यम से लाभान्वित किया जाएगा। इसमें 10 हजार 498 लघु कृषक और 3 हजार 354 सीमान्त कृषक शामिल हैं।

देश के प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ हर खेत को पानी उपलब्ध कराने प्रतिबद्ध है। पानी कृषि का प्रमुख घटक है और इस प्रकार किसानों के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि क्षेत्र को सिंचाई प्रदान करना है, जो कि बस्तर संभाग के कई क्षेत्र अभी भी सिंचाई सुविधा से वंचित हैं जिन्हें भू-जल के माध्यम से सिंचाई करने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना हर खेत को पानी के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाना है। इस योजना के तहत लाभार्थी केवल लघु एवं सीमान्त किसान हैं। मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि हम किसानों की आय बढ़ोत्तरी के लक्ष्य की ओर अग्रसर हो रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है, जिससे किसान लाभांवित हो रहे हैं।

वर्तमान में बस्तर संभाग के 07 आकांक्षी जिलों का कुल बोया गया क्षेत्र 8 लाख 81 हजार 949 हेक्टेयर है, जिसके विरूद्ध कुल निर्मित सिंचाई क्षमता 1 लाख 27 हजार 052 हेक्टयर है, जो कि 12.56 प्रतिशत सिंचाई सतही जल के माध्यम से उपलब्ध करायी गई है। वन अच्छादित बस्तर में कई ऐसे क्षेत्र में भू-जल के माध्यम से ही सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है इसके लिए छत्तीसगढ़ सरकार कटिबद्ध है, जिसके तहत भू-जल के माध्यम से 15 हजार हेक्टयर में अतिरिक्त सिंचाई उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है जिसके लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

इस अवसर पर केन्द्रीय भूमि जल बोर्ड के चेयरमेन श्री सुनील कुमार अंबष्ट, जल संसाधन सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो, ई.एन.सी. इंद्रजीत उइके और संचालक  नायक सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

राम की `शबरी’ का सीना छलनी करने वाले रेत माफिया पर खनिज विभाग पूरी तरह है मेहरबान

0
  • फंदीगुड़ा में सैकड़ों ट्रक रेत का अवैध भंडारण एवं परिवहन का खेल जारी
  • पंचायत से नहीं मिली एनओसी, शासन को चूना

अर्जुन झा

जगदलपुर रेत माफिया बस्तर संभाग के सुकमा जिले की जीवनदायिनी शबरी नदी का सीना छलनी कर रहे हैं। शबरी नदी से बड़े पैमाने पर रेत निकाल कर उसका अवैध भंडारण एवं परिवहन करने वाले रेत माफिया पर खनिज विभाग मेहरबान है। अवैध भंडारण मामले को लेकर कई बार विभाग को संज्ञान में लाने के बाद भी खनिज विभाग नहीं जाग रहा है।

जिला प्रशासन पूर्व में खनिज विभाग को फटकार भी लगा चुका है। रेत माफिया को प्राप्त राजनीतिक संरक्षण के कारण उनका हौसला बुलंद है। समय पर खनिज विभाग ने कार्रवाई की होती, तो पत्रकार साजिश का शिकार नहीं होते। खबर है कि बिना बिल के रोजाना दर्जन भर ट्रकों के जरिए रेत कोंटा से हैदराबाद भेजी जा रही है। जिसमें अधिकांश ट्रकों का माइनिंग क्लीयरेंस तक जारी नहीं किया गया है। सारे नियमों को दरकिनार कर फंदीगुड़ा से रेत के अवैध परिवहन का खेल लंबे समय से जारी है। जिसमें माफियाओं का राजनीतिक संरक्षण मिलने की खबर है। ज्ञातव्य हो कि सुकमा जिले के कोटा विकासखंड की इंजरम पंचायत के आश्रित गांव फंदीगुड़ा में शबरी नदी से रेत का उत्खनन कर अवैध भंडारण एवं परिवहन का खेल लंबे समय से चला आ रहा है। लेकिन प्रशासन अवैध भंडारण एवं परिवहन पर नकेल कसने में अब तक नाकाम साबित हुआ है। कई बार औपचारिकता दिखाते हुए लोकल स्तर पर खनिज विभाग के अधिकारी कार्रवाई कर अफसरों की नजरों में हीरो बनने का दिखावा भी कर चुके हैं। जब बड़े माफिया की बारी आती है तो आपसी समझौता कर रजामंदी के साथ रेत का अवैध कारोबार का खेल चलने दिया जाता है। आज आलम यह है कि फंदीगुड़ा में भंडारित सैकड़ों ट्रक रेत की पड़ताल करने वाला कोई नहीं है। भंडारण की अनुमति नहीं है, फिर भी कारोबारी को रेत उत्खनन का ठेका दिया जाता है। उसे रेत भंडारित करने का परमिशन लेना अनिवार्य है। फंदीगुड़ा में रेत डंप करने पंचायत से एनओसी तक नहीं ली गई है। बिना अनुमति के रेत डंप कर अवैध परिवहन का खेल चल रहा है। ऐसा करके शासन को मिलने वाली रायल्टी के लाखों रुपयों की सेंधमारी करने का खेला किया जा रहा है। शासन को मिलने वाले टैक्स का खनिज विभाग के अधिकारी कर्मचारी आपस में बंटवारा कर रेत माफिया को लाभ पहुंचाने में जुटे हैं।

थाने से छोड़ दिया वाहन

रेत के अवैध परिवहन को लेकर हुए विवाद के बाद रेत से भरे दो ट्रकों को कोंटा थाना लाया गया था, लेकिन आनन फानन में उक्त ट्रकों को छोड़ दिया गया। यह जांच का विषय है कि बिना जांच पड़ताल किए कोंटा थाने से ट्रक को क्यों छोड़ा गया और ट्रक छोड़ने के लिए किस राजनीतिक दल के नेता द्वारा दबाव बनाया गया था? खबर है कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के कुछ स्थानीय स्तर के नेताओं के संरक्षण में रेत का खेल कर शासन को करोड़ों काी चपत लगाई जा रही जा रही है। सत्ता परिवर्तन के बाद भी ऐसे माफियाओं पर भाजपा की सरकार नकेल कसने में नाकाम साबित हुई है।

पंचायत से एनओसी नहीं

इंजरम पंचायत सचिव रवि सिंह ने बताया कि पंचायत से किसी प्रकार की कोई एनओसी रेत भंडारण और परिवहन के लिए जारी ही नहीं की गई है। पंचायत सचिव ने भी माना है कि रेत का अवैध ढंग से भंडारण एवं परिवहन किया जा रहा है। रेत के अवैध भंडारण को लेकर जिले के खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। अधिकारियों की चुप्पी रेत माफिया को उनकी मौन स्वीकृति की ओर इशारों कर रही है।

ई -वे बिल भी नहीं

बिलः- कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार एक राज्य से दूसरे राज्य तक रेत परिवहन के लिए ई- वे बिल होना अनिवार्य है। इसके साथ ही रायल्टी के अतिरिक्त जीएसटी का प्रावधान भी है। इन सभी नियमों और प्रावधानों का कोंटा से दीगर राज्य में रेत परिवहन को लेकर पालन नहीं किया जा रहा है। जिस वाहन से रेत का परिवहन कराया जा रहा है उस वाहन का खनिज विभाग से परमिशन भी होना चाहिए। उक्त खदान स्थल के चारों ओर सीसीटीवी लगाने का भी प्रावधान करने नियमों में निर्देशित किया गया है। कमीशन के खेल में सारे नियमों का दरकिनार कर दिया गया है।

शिक्षकों और विद्यार्थियों ने ली नशा मुक्त अभियान की शपथ

0

दल्लीराजहरा लिटिल बड्स एकेडमी इंग्लिश मीडियम हाई स्कूल थाना चौक में समस्त स्टाफ एवं बच्चों के द्वारा युवा दिवस के अवसर विद्यालय में स्कूली छात्रों को नशा मुक्ति कार्यक्रम के तहत शपथ ग्रहण करवाया गया। इस अवसर स्कूल की प्राचार्या श्रीमती विजया खान, स्कूल संचालक शेख नबी खान, कल्पना घोष,संजुक्ता भंज, प्रतिमा प्रधान,उषा भारद्वाज,जीनत परवीन,गुरसिमरन कौर,यासमीन, अंजू सिंग विद्यालय के शिक्षिकाओ ने बच्चों क़ो नशा मुक्ति के लिए संकल्प दिलाया

समाज की संरक्षण की जिम्मेदारी युवाओं क़ो संजूकता भंज के द्वारा युवा दिवस के अवसर संबोधित करते हुये बताया कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है जो कि अभी धीरे-धीरे नशे की लत की तरफ बढ़ती नजर आ रहे हैं यहा बहुत ही चिंता का गंभीर विषय है, युवाओं को यहां समझना चाहिए कि आज के युवा देश का भविष्य और इन्ही पर पर्यावरण की संरक्षण की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम मे समस्त स्कूल स्टाफ ने छात्रों को नशा मुक्ति के लिए शपथ दिलाया ।

शिक्षा की समस्याओं के समाधान विषय पर शिक्षा महाविद्यालय कांकेर में हुई कार्यशाला

0
  • विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का किया गया समाधान

कांकेर शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर में एक दिवसीय कार्यशाला 12 अगस्त को आयोजित की गई। समकालीन भारतीय शिक्षा की समस्याओं का समाधान विषय पर आधारित इस कार्यशाला का उद्घाटन डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने किया। मार्गदर्शन के लिए शिक्षाविद एवं विशेषज्ञ के रूप में डाइट कांकेर के सेवानिवृत्त प्राचार्य सीआर सोनवानी एवं सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी टीआर साहू उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा ने की।

कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना पश्चात संस्था की प्राचार्य डॉ. पूर्वा शर्मा ने स्वागत भाषण दिया। मुख्य अतिथि डॉ. पल्लवी क्षीरसागर ने कार्यशाला की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए इस महाविद्यालय में प्रशिक्षार्थियों से रूबरू चर्चा करने पुनः दोबारा आने की बात कही। विषय विशेषज्ञ टीआर सोनवानी एवं टीआर साहू ने कार्यशाला की महत्ता को रेखांकित किया। शासकीय शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय कांकेर के 50 प्रशिक्षार्थियों के पांच ग्रुप बनाए गए थे, जिन्होंने बारी-बारी से अपना पेपर प्रजेंट किया। प्रश्नकाल में अन्य प्रशिक्षार्थियों द्वारा प्रश्न भी किए गए तथा विशेषज्ञों ने इसकी समीक्षा की। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत एवं सहायक प्राध्यापक डॉ. आस्था शर्मा के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। इस पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. कृष्णमूर्ति शर्मा, दिनेश साहू, रामरुद्र गिरि, डेमिन साहू, उषा किरण, शोभित कोर्राम, कमलेश एक्का, वासुदेव मंडावी सहित सुनीता एवं मंगत राम का कार्य सराहनीय रहा।

शिक्षकों और शालाओं के युक्तियुक्तकरण में सतर्कता बरतें: कलेक्टर विजय दयाराम के.

0
  •  समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देश

जगदलपुर कलेक्टर विजय दयाराम के.ने कहा है कि शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के तहत विकासखंड स्तरीय समिति में सभी अनुविभागीय दंडाधिकारी अपने अनुभाग क्षेत्र में सतर्कता के साथ शिक्षकों और शालाओं का युक्तियुक्तकरण करेंगे। युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मेगा पालक-शिक्षक बैठक के लिए नियुक्त किए गए जिला स्तरीय अधिकारी व संकुल नोडल अधिकारी शालाओं एवं शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करेंगे।

कलेक्टर ने मंगलवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में उक्त निर्देश दिए। बैठक में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण हेतु जिला व विकासखंड स्तरीय समिति के दायित्व पर भी चर्चा की गई। साथ ही युक्तियुक्तकरण हेतु शालाओं का चिन्हांकन एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण-अतिशेष शिक्षकों का चिन्हांकन तथा प्रक्रिया पर चर्चा की गई। कलेक्टर ने जन चौपाल, जन शिकायत के प्रकरणों के निराकरण में अद्यतन प्रगति लाने कहा। साथ ही विभागीय कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए एनआरएलएम, बैंक सखी ट्रांजेक्शन प्रोग्रेस की वास्तविक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम आवास योजना के प्रगतिरत कार्यों को 30 सितम्बर तक पूर्ण करवाने कहा। मनरेगा के अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो, अपूर्ण कार्यो की प्रगति, लेबर-मटेरियल भुगतान की स्थिति, वित्तीय वर्ष के आधार पर लंबित कार्यो, एससीए मद अन्तर्गत स्वीकृत कार्यो की प्रगति, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित केंद्र व स्टेट की योजनाओं में नाॅन डीबीटी प्रोग्रेस की समीक्षा किए। उन्होंने खाद्य विभाग राशनकार्डो की नगरीय निकाय विकासखंड में नवीनीकरण की स्थिति मिलरवार धान उठाव, जमा चावल एवं जमा की समीक्षा की। कलेक्टर ने 85 प्रतिशत से नीचे चावल जमा करवाने वाले मिलर्स को नोटिस देने के निर्देश दिए। बैठक में नक्सल पीड़ित व्यक्ति एवं आत्मसमर्पित नक्सलियों को पुनर्वास नीति के तहत सहायता देने हेतु संबंधित विभागों को जानकारी तत्काल देने के निर्देश दिए।बैठक में कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग से संबंधित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सहायिका व मिनी कार्यकर्ताओं की नियुक्ति, सक्षम आंगनबाड़ी केन्द्र में वाल पेंटिंग, पोषण वाटिका विकसित कराने, पारिवारिक पोषण देखरेख की समीक्षा की। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों में विद्युतीकरण की जांच करने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को निर्देश दिए। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र- छात्राओं हेतु जाति प्रमाण जारी करने का लक्ष्य, उल्लास पोर्टल में एंट्री, शाला त्यागी बच्चों के चिन्हाकंन, ध्वनि प्रदूषण, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम खादी एवं ग्रामोद्योग की समीक्षा की।

लपेटे में अधिकारी कर्मचार

कलेक्टर ने संयुक्त कार्यालय में करवाए गए औचक निरीक्षण में कार्यालयों के अधिकारियों की अनुपस्थिति के लिए सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए अनुपस्थित रहने पाए गए अधिकारी कर्मचारियों का एक दिन का अवैतनिक करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि 29 अगस्त राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के अवसर पर एलबेंडाजोल की दवाई खिलाई जाएगी। साथ ही शेष छुटे हुए बच्चों को 4 सितम्बर को कृमि नाशक दवाई खिलाई जाएगी। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, अपर कलेक्टर सीपी बघेल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों का अंतिम रिहर्सल

0
  •  अपर कलेक्टर ने निभाई मुख्य अतिथि की भूमिका
  • जगदलपुर में डिप्टी सीएम विजय शर्मा फहराएंगे ध्वज

जगदलपुर स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह की तैयारियों के लिए अंतिम रिहर्सल लालबाग मैदान में किया गया। मुख्य अतिथि की भूमिका में अपर कलेक्टर सीपी बघेल रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली। साथ में कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने भी परेड की सलामी ली।

कलेक्टर विजय दयाराम के ने तैयारियों का जायजा लेकर समय पर सभी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इस परेड का नेतृत्व डीएसपी दीपमाला कुर्रे, सेकंड कमांड डोमेंद्र सिन्हा कर रहे हैं। परेड में 15 टुकडियां शामिल हो रही हैं, जिनमें सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन, सीआरपीएफ 80 बटालियन, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, 19वीं पोखरण वाहिनी, जिला बल पुलिस, वन विभाग, नगर सेना, जिला बल, एनसीसी और स्काउट गाइड के जवान शामिल हैं। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा होंगे। रिहर्सल में स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी अवलोकन किया गया। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत प्रकाश सर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग, नगर निगम आयुक्त हरेश मंडावी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल योगेश देवांगन, एसडीएम भरत कौशिक सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

पत्रकारों को जेल भेजने वाले दरोगा जी गए जेल

0

जगदलपुरापत्रकारों को जेल भेजने वाले कोंटा थाने के दरोगा जी को अब खुद जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ गया है। मामला बस्तर संभाग के सुकमा जिले के कोंटा के चिंतालूर थाने का है।

कोंटा के चिंतालूर में पत्रकारों के वाहन में गांजा रख कर उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने के मामले पर पुलिस अधीक्षक ने बड़ी कार्रवाई की है। चिंतालूर टीआई अजय सोनकर को निलंबित तो कर ही दिया गया है, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उन्हें जेल भी भेज दिया गया है। पत्रकारों की शिकायत पर मामले की जांच में पुष्टि हुई कि थानेदार अजय सोनकर ने पत्रकारों को झूठे मामले में फंसाया था।

थाने के सीसीटीवी के डीवीआर को भी निकाल कर टीआई अजय सोनकर ने अपने पास रख लिया था। उन्होंने अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए ऐसा किया था। मामले की जांच के लिए कमेटी बनाई गई थी। कमेटी की जांच के निष्कर्ष के आधार पर टीआई अजय सोनकर पर एफआईआर दर्ज करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है। सुकमा के एसपी किरण चव्हाण ने इस बात की तस्दीक की है। टीआई अजय सोनकर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के बाद उन्हें न्यायालय में पेश कर जेल भेजा गया। उनके खिलाफ धारा 324, 331 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

कांग्रेस के साढ़े नौ साल के पाप को धोने में थोड़ा समय तो लगेगा: आलोक अवस्थी

0
  • कांग्रेसी कुशासन ने नगर निगम की तमाम व्यवस्थाओं की कमर तोड़ दी
  • जल भराव समस्या कांग्रेस की देन, सत्ता सुख भोगते बैठे रहे कांग्रेस नेता

जगदलपुर कांग्रेस पार्टी लगातार साढे़ नौ साल तक नगर निगम में काबिज रही और जनता से सीधे जुड़ी सभी व्यवस्थाओं व नगर निगम के कामकाज की कमर तोड़कर रख दी। बीते पांच साल प्रदेश में रही कांग्रेस सरकार में बस्तर संभाग में सभी 12 के 12 विधायक कांग्रेस के थे, इसके बावजूद संभाग मुख्यालय जगदलपुर की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने व मूलभूत सुविधाओं के लिए एक भी ठोस योजना बनाने में कांग्रेस और कांग्रेसी नेता असफल रहे। यह कांग्रेस की कमतरी व कमजोरी को स्पष्ट बताता है। वही कांग्रेस पार्टी आज नगर निगम की अव्यवस्थाओं की दुहाई देकर हल्ला मचाते हुए राजनीति कर रही है। कांग्रेस नेताओं के लगाए आरोप खुद कांग्रेस को ही नकारा साबित कर रहे हैं।

यह कहना है भाजपा नेता आलोक अवस्थी का।भाजपा मीडिया प्रभारी व नगर निगम राजस्व सभापति आलोक अवस्थी ने कांग्रेस को जवाब देते हुए कहा है कि कांग्रेस ने साढ़े नौ साल नगर निगम में इतने पाप किए हैं, जिसे सुधारने व धोने में थोड़ा समय लगेगा। भाजपा नगर सरकार जनता के बीच पहुंच कर ज़मीनी स्तर पर लगातार काम कर रही है। नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में हालिया संपन्न जन समस्या निवारण पखवाड़ा इसका जीवंत प्रमाण है। आलोक अवस्थी ने कहा कि इस वर्ष अधिकाधिक बरसात से शहर में जलभराव की अप्रिय स्थितियों को लेकर कांग्रेसी नेता छाती पीट रहे हैं। उनसे सीधा सवाल है कि नगर निगम में साढ़े नौ साल के लंबे कार्यकाल में कांग्रेस व कांग्रेसियों ने इस गंभीर विषय के निदान के लिए क्या किया? क्यों नगर निगम में आसीन रही कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधि जन समस्याओं से आंखें मूंदे सिर्फ सत्ता का सुख भोगते रहे? जनता से किनारा करने वाली कांग्रेस को इन्हीं कारणों से जनता जनार्दन ने उखाड़ फेका है। आलोक अवस्थी ने कहा कि निगम की बागडोर संभालने के बाद इन दो महीनों में भाजपा नगर सरकार ईमानदारी से कर्मठता के साथ शहर व जनता के हितार्थ लगातार कार्य कर रही है। समस्याओं के निराकरण के लिए अविलंब सीधे जनता के मध्य जा रही है। जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के तहत सभी 48 वार्डों में शिविर लगाकर जनता की परेशानियों को दूर करने का ईमानदार प्रयास हाल ही में किया गया। जिसका विरोध भी कांग्रेस व कांग्रेसी नेता राजनीतिक दुर्भावना ग्रस्त होकर करते रहे। प्रदेश में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा की सरकार है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव के निर्देश पर भाजपा नगर सरकार जनता के सेवार्थ दिन रात संकल्प के साथ कार्य में जुटी है। कांग्रेस व उनके पार्षद, नेतागण झूठा धरना और प्रायोजित आंदोलन का सहारा लेकर केवल आरोप लगाने का खेल ही कर रहे हैं। कांग्रेस मित्रों को सलाह है कि जनता के बीच भी जाएं और राजनीति में जनसेवा धर्म का भी थोड़ा पालन करें।

भरे सावन में पीने के पानी के लिए मोहताज हो गए हैं बकावंड के अमड़ीगुड़ा पारा के ग्रामीण

0
  • हैंडपंपों से निकल रहा लाल पानी, सोलर पंप हो गया है बेहाल
  • नाला और तालाब का पानी इस्तेमाल कर रहे हैं ग्रामीण

अर्जुन झा

बकावंड दीया तले अंधेरा वाली कहावत शायद बकावंड के लिए ही बनी है। ब्लॉक मुख्यालय बकावंड में पेयजल उपलब्ध कराने वाले लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी, जनपद सीईओ और तमाम अन्य अधिकारियों के रहते हुए भी यहां व्यवस्था नाम की चीज नहीं है। सभी अधिकारी अपने कर्तव्य से मुंह फेरे बैठे हैं। भरे सावन में इस ब्लॉक मुख्यालय के अमड़ीगुड़ा पारा के पचासों परिवारों को पेयजल के लिए तरसना पड़ रहा है। बस्ती के दोनों हैंडपंप लाल पानी उगल रहे हैं और सोलर पंप भी बेहाल है। मजबूरन लोगों को नाला, तालाब और कुएं का दूषित पानी इस्तेमाल करना पड़ रहा है।

अनुविभाग और विकासखंड मुख्यालय होने तथा यहां बड़े बड़े अधिकारियों के कार्यालय होने के बावजूद बकावंड के लोगों को तरह तरह की परेशानियों से दो चार होना पड़ रहा है। यह ग्रामीणों की बदकिस्मती तो है ही, अधिकारियों की लापरवाही का बड़ा नमूना भी है। कल ही हमने गंदगी के ढेर पर बैठे बकावंड की तस्वीर प्रशासन के सामने रखी थी। अब एक और नई त्रासदी की खबर सामने आई है। यह त्रासदी है बकावंड ग्राम पंचायत के अधीन अमड़ीगुड़ा पारा की, जहां के लोगों को भरे सावन के महीने में पीने के पानी के लिए दर दर भटकना पड़ रहा। सर्वाधिक परेशान हमारी माता बहनें हो रही हैं। उन्हें कुआं, तालाब और नाले से पानी लाना पड़ रहा है। अमड़ीगुड़ा पारा में पिछले कई दिनों से पीने के पानी की समस्या बनी हुई है, जिसके चलते ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्राम पंचायत बकावंड के अमड़ीगुड़ा पारा मैं दो हैंडपंप एक सोलर पंप हैं, लेकिन ये किसी काम के नहीं रह गए हैं। सही देखरेख नहीं होने के कारण दोनों हैंडपंप खराब हो गए हैं और लाल पानी उगल रहे हैं। यह पानी पीने की बात तो दूर आचमन करने लायक भी नहीं है। वहीं सोलर पंप से पानी की पर्याप्त आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

बमुश्किल आधा घंटा चलने के बाद सोलर पंप का दम फूल जाता है और वह बंद हो जाता है। अमड़ीगुड़ा पारा की महिलाएं तालाब एवं नाला से पानी लाने के लिए मजबूर हैं। अमड़ीगुड़ा पारा की इला कश्यप, अंबिका कश्यप, नर्सिला भारती, पार्वती निषाद, गोरीमणि निषाद, भगवती बघेल, रूपशिला बघेल, राधा देवांगन, पूरन मारकंडे, फूलमती यादव, भारती यादव, चंद्रावती नाग, सोमवारी कश्यप व अन्य महिलाएं इसे लेकर बेहद नाराज हैं। उनका कहना है कि पंचायत सचिव को जानकारी देने के बाद भी हैंडपंपों और सोलर पंप को ठीक नहीं कराया जाता है।बस्ती तक तक नल जल योजना पहुंची जरूर है, लेकिन काम अधूरा छोड़ दिया गया है। पानी की टंकी का काम भी अभी तक अधूरा पड़ा है। जिसके कारण पानी की परेशानी हर घर में है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां के जनप्रतिनिधि और अधिकारी सिर्फ खानापूर्ति के लिए है ग्रामीण मरते हैं, तो मरने दो, उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता।

बढ़ा डायरिया का खतरा

बरसात का मौसम जन स्वास्थ्य के लिहाज से बड़ा ही संवेदनशील होता है। इस मौसम में डायरिया जैसी जल जनित बीमारी की शिकायत काफी बढ़ जाती है। नाला, तालाब का पानी पीने से अमड़ीगुड़ा पारा में भी डायरिया का खतरा बढ़ गया है। अधिकारी शायद इसी का ही इंतजार कर रहे हैं। तभी तो जनपद सीईओ और पंचायत सचिव एक दूसरे पर बात टाल रहे हैं। सीईओ कह रहे हैं कि मैं सचिव को बोल देता हूं और सचिव बात पंप मेकेनिक पर टालते दिख रहे हैं।

वर्सन

सचिव को कह देता हूं

अमड़ीगुड़ा पारा में पानी की समस्या की बात मेरे संज्ञान में आई है। मैं अभी पंचायत सचिव को बोल देता हूं, वह देख लेगा।

एसएस मंडावी,

सीईओ जनपद पंचायत बकावंड

MOST POPULAR

HOT NEWS