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पुलिस और पब्लिक में तालमेल की अच्छी पहल

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  • परपा थाना में पुलिस और जनता के बीच समन्वय के लिए हुई बैठक

जगदलपुर बस्तर जिले के परपा थाना में आज 20 नवंबर को पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा की मंशा के अनुरूप एवं उनके निर्देशन में तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग एवं उप पुलिस अधीक्षक नसीर बाठी के मार्गदर्शन में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर तालमेल और संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से थाना प्रभारी भोला सिंह राजपूत की अध्यक्षता में ग्राम सरपंचों एवं ग्रामीण नागरिकों की बैठक आयोजित की गई।

इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पुलिस और आम जनता के बीच संवादहीनता को समाप्त कर परस्पर विश्वास एवं सहयोग को बढ़ावा देना था। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि पुलिस और जनता के बीच समन्वय स्थापित होने से न केवल अपराधों में कमी लाई जा सकती है, बल्कि असामाजिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है। ग्रामीणों को बताया गया कि कई बार उनके पास अपराध या संदिग्ध गतिविधियों की महत्वपूर्ण सूचना होती है, लेकिन थाना आने में झिझक या डर के कारण वे यह जानकारी साझा नहीं कर पाते। इसका सीधा लाभ असामाजिक तत्वों को मिलता है, जिससे अपराधों में बढ़ोत्तरी होती है। बैठक में पुलिस ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि थाना जनता की सुरक्षा के लिए है, और उनका सहयोग पुलिस के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामीणों को यह भी निर्देशित किया गया कि वे गांव स्तर पर नियमित बैठक आयोजित करें और यदि कोई महत्वपूर्ण जानकारी हो तो उसे सरपंच, कोटवार या अन्य माध्यम से पुलिस तक पहुंचाएं। पुलिस और जनता के बीच इस संवाद और सहयोग का उद्देश्य केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं है, बल्कि सुरक्षित और शांतिपूर्ण समाज का निर्माण करना भी है। बस्तर पुलिस इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

सीआरपीएफ जवान प्रमिका दुग्गा की मां से मुख्यमंत्री ने की चापड़ा चटनी की फरमाईश

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  •  सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन में है नारायणपुर की बेटी प्रमिका दुग्गा
  • प्रमिका की माताजी से फोन पर की साय ने बात

अर्जुन झा-

जगदलपुर हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का भी अंदाज बड़ा निराला है।नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने में दोनों ने ही एक बड़ी मिसाल कायम कर दी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर जिले के सेड़वा में स्थित सीआरपीएफ की 241वीं बटालियन में 18 नवंबर की रात बिताने के बाद दूसरे दिन सुबह जवानों से मुलाकात की। सीएम ने बस्तरिया बटालियन की जवान प्रमिका दुग्गा की माताजी मोतीबाई से मोबाईल पर बातचीत की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रमिका की माता को बताया कि हम इस बटालियन में जवानों और अधिकारियों के साथ रात रुके रहे। ये जवान देश- प्रदेश की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। इसके साथ समय बिताकर बहुत अच्छा लगा। उन्होंने माताजी की तबियत और हालचाल की जानकारी ली। साथ ही धान कटाई और खेती बाड़ी की स्थिति के संबंध में भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने पूछा कि नारायणपुर आने पर आपके घर आएंगे तो चापड़ा चटनी खिलाएंगी? जिससे माताजी सहर्ष स्वीकार किया।

नक्सल मोर्चे पर डटी हैं प्रमिका

प्रमिका दुग्गा ने बताया कि बस्तरिया बटालियन में 2017 में उनका चयन हुआ था। प्रमिका मूलतः नारायणपुर जिले के ग्राम पाल की है। उन्होंने 12वीं तक की शिक्षा ग्रहण की है। इससे पहले सुकमा जिले के इंजराम 219 बटालियन, कोंटा 217 बटालियन, अंदरूनी क्षेत्रों में सेवा देने के उपरांत अभी सेडवा 241 बटालियन में पदस्थ हैं। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य महिला जवानों के परिजनों के लिए मुख्यमंत्री साय ने वस्त्र भेंट किए।

धान खरीदी व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन

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  • उत्कृष्ट व्यवस्था से बहुत खुश हैं आदिवासी किसान 

डौंडी बालोद जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2024- 25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा किसान हित में दी जा रही बेहतर सुविधाओं से जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों द्वारा उत्साह पूर्वक समर्थन मूल्य प्रति क्विंटल 3100 की दर से धान विक्रय कर रहे हैं।

वर्तमान में मोटा धान 2300 रुपए, सरना 2300 रुपए व पतला 2320 रुपया प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। अंतर की राशि बहुत ही जल्दी खाते में स्थानांतरित कर दी जाएगी।आदिवासी डौंडी ब्लाक कुसुमकसा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र में व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी स्वाधीन जैन को किसानों ने बताया कि राज्य शासन द्वारा इस वर्ष पूरी पारदर्शिता के साथ इलेक्ट्रानिक तौल मशीन से धान की खरीदी की जा रही है जिसके चलते किसान शीघ्रता के साथ धान बिक्री कर रहे हैं तथा नई व्यवस्था तहत खरीदी केंद्र में किसानों को जरूरी सुविधाएं भी दी जा रही हैं। दस हजार रुपए तक नगद राशि माइक्रो एटीएम से मिलने पर किसान धान मिजाई बाद मजदूरों की मजदूरी एवं उपार्जन केंद्र तक परिवहन खर्च भुगतान हाथों हाथ दे रहे हैं। जिससे सभी किसान भाई प्रसन्नचित हैं। किसानों ने प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के साथ प्रति एकड़ दो क्विंटल धान खरीदी की भी सराहना करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। स्वाधीन जैन द्वारा धान खरीदी केंद्र आए अन्य किसानों से पूछे जाने पर उपस्थित सभी किसानों ने समवेत स्वर में प्रदेश सरकार की उत्कृष्ट खरीदी व्यवस्था, दी जा रही सुविधाओं और प्रति एकड़ दो क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदी करने की प्रशंसा की। स्वाधीन जैन को फड़ प्रभारी वाहिद अली खान ने बताया कि अभी तक कुल 190 किसान अपना धान विक्रय कर चुके हैं और 7314.80 क्विंटल धान खरीदा गया है जिसकी राशि किसानों के खाते में जल्द ही भेज दी जाएगी।

जो अपना घर नहीं सम्हाल पर रहे, वो कैसे सम्हाल पाएंगे सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल को: बाफना 

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  • बीमार मेडिकल कॉलेज और अपाहिज एनएमडीसी से उम्मीद करना बेमानी
  • पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री को लिखा पत्र

अर्जुन झा-

जगदलपुर केंद्र व राज्य शासन की सहायता से जगदलपुर में निर्मित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालन व रखरखाव का जिम्मा अपना ही घर नहीं सम्हाल पा रहे डिमरापाल मेडिकल कॉलेज और एनएमडीसी को देना बस्तर के लोगों के साथ अन्याय होगा। इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना की चिंता जायज है।

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने कहा है कि जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालन एवं रख रखाव का जिम्मा किसी विश्वस्तरीय चिकित्सकीय संस्थान को दिया जाना चाहिए और एनएमडीसी का अपना अलग सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल होना चाहिए। इस मसले को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखा है। गौरतलब है कि जगदलपुर के समीप डिमरापाल में केंद्र व राज्य सरकार की सहायता से सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनकर तैयार है। इससे बस्तर में नक्सल मोर्चे पर तैनात घायल जवानों को बचाने एवं यहां की जनता को दिल, मस्तिष्क और किडनी, लिवर के साथ प्लास्टिक सर्जरी जैसी तमाम सुविधाएं विश्वस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों व अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से दी जानी है। दरअसल पूर्व विधायक श्री बाफना का मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को इस विषय पर पत्र लिखने की वजह अभी हाल ही में चित्रकोट में हुई बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक है। जिसमें सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन मेडिकल कॉलेज या एनएमडीसी के माध्यम से कराए जाने की बाते सामने निकलकर आई है। इसके पश्चात ही बस्तर के मौजूदा हेल्थ सर्विस स्ट्रक्चर चिकित्सकीय सुविधाओं की वस्तुस्थिति पर पूर्व विधायक संतोष बाफना ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने सीएम और हेल्थ मिनिस्टर को लिखे पत्र में कहा है कि जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा तो उपलब्ध है किंतु जिले के सबसे बड़े अस्पताल में आज तक विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हो सके हैं। तो वहीं सीटी स्कैन, अल्ट्रासाऊंड, एक्स-रे, सोनोग्राफी, डायलिसिस मशीनें या तो खराब हो जाती हैं, या फिर उनका मेंटनेंस नहीं हो पा रहा है। जिले के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल पा रही है। यही कारण है कि बस्तर के मौजूदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में सभी रोगों के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक और रोगों के ईलाज के लिए समुचित उपकरणों की व्यवस्था नहीं होने से यहां के लोगों को विशाखापट्टनम, हैदराबाद, बैंगलोर, दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज जो स्वयं चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी से जूझ रहा हो उसके ही सहारे नवनिर्मित सुपर स्पेशलिटी अस्पताल को भी संचालित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं होगा। और अगर एनएमडीसी जगदलपुर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का संचालन करना चाहता है तो इस बात से कतई गुरेज नहीं है, मगर जबस्वयं एनएमडीसी अपने वादे पर खरा नहीं उतर पाया है, तो उससे हमारे सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के बेहतर संचालन की उम्मीद करना बेमानी है।इसके पीछे पूर्व विधायक संतोष बाफना का तर्क है कि एनएमडीसी अपने वादे के मुताबिक नगरनार में अपना सुपर स्पेशलिटी अस्पताल 15 साल बाद भी स्थापित नहीं कर सका है। श्री बाफना ने कहा है कि नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना से पूर्व क्षेत्र की जनता से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जो वादा एनएमडीसी ने किया था और जिस उद्देश्य को लेकर लगभग 22 एकड़ जमीन ग्राम कोपागुड़ा में 15 वर्ष पूर्व जनता ने दी है, उस जमीन पर अस्पताल बनाकर अपने वादे को एनएमडी सी भी पूरा करे।

बाफना उतर गए थे सड़क पर

बता दें कि एनएमडीसी के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के लिए बाफना ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया था।और क्षेत्र की जनता एवं भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ उन्होंने 26 दिसंबर 2022 को जन आक्रोश पदयात्रा भी निकाली थी। श्री बाफना एनएमडीसी प्रबंधन को इस संबंध में कई बार चेतावनी भी दे चुके हैं, लेकिन हर बार की तरह बस्तर के लोगों को एनएमडीसी से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है

बाफना के उत्कृष्ट सुझाव

पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह करते हुए कहा है कि बस्तर की जनता को सिर्फ अस्पताल के ढांचे की नहीं, बल्कि मौजूदा अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सक, अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण व उन्हे ऑपरेट करने वाले टैक्निशियन की भी आवश्यकता है। इसकी पूर्ति तभी संभव होगी, जब जगदलपुर के इस सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को सरकार अपने नियंत्रण में रखकर किसी विश्वस्तरीय चिकित्सकीय संस्थान जैसे अपोलो, फोर्टिस, मैक्स, वॉकहार्ट, नारायणा हेल्थ, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, हिंदूजा, किम्स आइकॉन, एस्टर डीएम हेल्थ केयर जैसे विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के माध्यम से संचालित करे। एवं आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा, केंद्रीय स्वास्थ्य बीमा जैसी तमाम सरकारी योजनाओं के माध्यम से इस अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क ईलाज मिले व मरीज पर होने वाले सभी खर्च सरकार वहन करे। एनएमडीसी द्वारा बस्तर की जनता से जो वादा किया था उस वादे के अनुसार नगरनार इस्पात संयंत्र के समीप अपने अलग सुपर स्पेशलिटी अस्पताल परियोजना की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू कराने राज्य सरकार अपने स्तर पर एनएमडीसी पर उचित दबाव बनाने का प्रयास करे। ताकि बस्तर में उत्कृष्ट चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार हो।

राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर 20 नवंबर करेंगे अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन

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दल्लीराजहरा __ राजहरा परिवहन संघ दल्लीराजहरा द्वारा पांच सूत्रीय मांगो को लेकर 20 नवंबर बुधवार सुबह 11 बजे से माइंस आफिस दल्लीराजहरा के पास अनिश्चितकालीन धरना पर बैठ गए धरना में बैठने से पहले छत्तीसगढ़ महतारी के तैलचित्र का पूजा अर्चना कर किया गया ,पांच सूत्री मांगों में दल्लीराजहरा नगर स्थित बी एस पी अधिनस्थ आई ओ सी की खानों से निकलने वाली लौह अयस्क का 100 प्रतिशत परिवहन कार्य रेल मार्ग से किया जा रहा है जिसमे से 25__40 प्रतिशत परिवहन कार्य राजहरा परिवहन संघ के मालवाहको को दिए जाने साथ ही हितकसा में निर्माणाधीन पैलेट प्लांट से निर्मित पायलेट का आनुपातिक परिवहन कार्य दिए जाने की मांग , बी एस पी प्रबंधन द्वारा निजी छेत्रो को बेची जाने वाली अनुपयोगी लौह अयस्क का परिवहन कार्य,छेत्र की जनता के लिए समुचित रोजगार मुहैया उपलब्ध कराकर हो रहे पलायन को रोका जाए ,जिला खनिज न्यास निधि से मिलने वाली राशि का अधिकतम उपयोग शहर के विकास में किया जाए

मालवाहक वाहन से परिवहन कार्य चालू होने से इस व्यवसाय से जुड़े वाहन मालिक ,आटो पार्ट्स विक्रेता,टायर विक्रेता ,मेकेनिक,वाहन चालक , हेल्फर ,टायर रिपेयरिंग सहित वाहन से जुड़े अन्य कार्य करने वालो उन सभी के परिवार के लोगो को प्रत्यक्ष अथवा परोछ रूप से लाभ मिलेगा , रोजगार के द्वार खुलेंगे , शहर से पलायन रुकेगा और शहर का विकास होगा ,

नरेंद्र सिंह तुली अध्यक्ष राजहरा परिवहन संघ ने बताया की इतने बड़े माइंस छेत्र में निवास करने के बावजूद राजहरा परिवहन संघ विगत 15 वर्षो से दल्लीराजहरा माइंस से लौह अयस्क परिवहन कार्य दिए जाने की मांग की जा रही है ,किंतु बी एस पी प्रबंधन एवं शासन प्रशासन द्वारा समुचित पहल ना करने के राजहरा उजड़ने लगा है ,इस अवसर पर राजहरा परिवहन संघ के सरंछक अतिंदरसिंह संधू ,परमजीत सिंह ,संदीप शाह ,जगजीत सिंह मरवाहा, अनिल सुथार ,संतोष देवांगन , राजकुमार कुकरेजा ,लखनलाल भुआर्य ,विजयकुमार डडसेना ,दिलीप कुमार सिन्हा सहित सैकड़ों सदस्य उपस्थित थे

धरना स्थल पर समर्थन देने अनाज किराना व्यापारी संघ के अध्यक्ष कैलाश छाजेड़ दल्लीराजहरा ने राजहरा परिवहन संघ की मांगों जायज बताते हुए उनके आंदोलन में कंधा से कंधा मिलाकर समर्थन देने की घोषणा की

नागरिकों की मांग पर नगर पंचायत अध्यक्ष ने पेयजल पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य के लिए राशि स्वीकृत कराई

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नागरिकों की मांग पर लोकेश्वरी ने कराई पेयजल पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य के लिए संजय नगर डौंडीलोहारा के लिए 7 लाख 73000 हजार स्वीकृत अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा के प्रयास व मेहनत और मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक चौबे के तत्परता से संजय नगर डौंडीलोहारा के लिए पेयजल पाइपलाइन विस्तारीकरण के लिए 7 लाख 73000 हजार की राशि 15 वें वित्त मद से स्वीकृत

लोकेश्वरी गोपी साहू अध्यक्ष नगर पंचायत डौंडीलोहारा ने आम संजय नगर के सम्माननीय नागरिकों को बताते हुए कहा आप लोगों के मांगों के अनुरूप हमने आप लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य हेतु संजय नगर डौंडीलोहारा के विभिन्न स्थानों के लिए 7 लख 73000 की स्वीकृत कराई है जिसमें वार्ड क्रमांक 12 आंगनवाड़ी भवन से राजेश यादव घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य राशि राशि 0.861 लाख , वार्ड क्रमांक 12 बालक हायर सेकेंडरी स्कूल से तहसील कार्यालय सार्वजनिक शौचालय तक तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य राशि 1.578 लाख, वार्ड क्रमांक 12 शिव सिंन्हा घर से नगर पंचायत एसटीपी प्लांट तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य 1.578 लाख , शिक्षक प्रेम सिंह रात्रे घर से स्वामी आत्मानंद स्कूल तक पाइपलाइन मिस्त्री करणकारी राशि 1.578 लाख, वार्ड क्रमांक 12 अभियोजन कक्षा से मनोहर साहू और नरेंद्र कुमार सिंन्हा घर तक पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य राशि 2.14 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है जिसका लोकेश्वरी साहू ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी अशोक चौबे और सब इंजीनियर को नगरी निकाय चुनाव आचार संहिता को ध्यान में रखते हुए अति शीघ्र निविदा जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि समय रहते मूलभूत सुविधा पेयजल के लिए पाइपलाइन विस्तारीकरण कार्य कर कर आम नागरिकों को आसानी से पेयजल उपलब्ध कराई जा सके

धर्मांतरण से आदिवासियों का अस्तित्व संकट में

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  •  25 से 30 प्रतिशत तक आदिवासी हो चुके हैं धर्मांतरित
  • जगदलपुर के 48 वार्डों में 100 से ज्यादा चर्च

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर में धर्मांतरण से आदिवासियों के अस्तित्व पर गंभीर संकट पैदा हो गया है। हालात यह हैं कि अगले दो दशक में बस्तर की पूरी डेमोग्राफी ही बदल जाएगी। इससे यहां के हालात मिजोरम, नागालैंड, मेघालय जैसे हो जाएंगे। इस बात की जरा भी चिंता राजनैतिक दलों से जुड़े यहां के बड़े आदिवासी नेताओं को नहीं हैं। वोट बैंक की राजनीति में आदिवासी अस्मिता से खुलकर खिलवाड़ होने दिया जा रहा है। हद तो तब हो जाती है, जब बस्तर के एक बड़े आदिवासी कांग्रेस नेता विधानसभा में दावे के साथ कह देते हैं कि बस्तर में एक भी धर्मांतरण नहीं हुआ है।

        यह हम नहीं कह रहे हैं, बल्कि आंकड़े हकीकत बयां कर रहे हैं। वैसे तो पूरे बस्तर संभाग के सातों जिले धर्मांतरण की जद में आ चुके हैं, मगर यहां हम सिर्फ बस्तर जिले और जगदलपुर का ही जिक्र कर रहे हैं। जिले के पचासों नागरिकों से चर्चा करने के बाद निष्कर्ष सामने आया, वह काफी चिंतनीय है। इस बात को लेकर चार बार के बस्तर संभाग के एक लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के सांसद और केंद्र में मंत्री रहे, बड़े आदिवासी ने भी चिंता जताई है। उनका आकलन यह है कि बस्तर संभाग में लगभग 25 से 30 प्रतिशत आदिवासियों सहित अन्य समाजों के लोगों का भी बड़े पैमाने पर धर्म परिवर्तन हो चुका है और धर्मांतरण का यह खेल बड़ी तेजी से आगे बढ़ रहा है। अगर राज्य और केंद्र सरकारों तथा आदिवासी नेताओं ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई तो आने वाले 25-30 साल के भीतर बस्तर के हालात पूर्वोत्तर के राज्य नागालैंड, मिजोरम, मेघालय जैसे हो जाएंगे। यहां के आदिवासी अपनी जमीन, अपनी कला संस्कृति और पूजा पद्धति से पूरी तरह वंचित कर दिए जाएंगे।

आदिवासी कुंभ से उम्मीद

8 दिसंबर से 10 दिसंबर के बीच कांकेर, बालोद और धमतरी जिलों के सरहदी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के आसपास आदिवासियों का बड़ा सम्मेलन आदिवासी कुंभ होने जा रहा है। खबर है कि इस सम्मेलन में धर्मांतरण पर गंभीरता से विचार मंथन होगा और इसे रोकने के उपाय तलाशे जाएंगे। सूत्र बताते हैं कि सर्व आदिवासी समाज के कुछ बड़े नेताओं ने नागपुर और नई दिल्ली जाकर राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के बड़े नेताओं से संपर्क किया है और उनसे भी इस आदिवासी कुंभ में प्रतिनिधि भेजने का अनुरोध किया है।

चर्चा है कि आरएसएस की सामाजिक समरसता इकाई के राष्ट्रीय संयोजक रामलाल इस कार्यक्रम में आ सकते हैं। इस आदिवासी कुंभ से कुछ उम्मीदें हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक संगठन जनजातीय सुरक्षा मंच के रूप में काम कर रहा है। छत्तीसगढ़ की पहले की भाजपा सरकार में वन मंत्री रहे गणेश राम भगत इसके राष्ट्रीय संयोजक हैं। इसके प्रदेश संयोजक कांकेर सांसद भोजराज नाग और सह संयोजक महेश कश्यप हैं। मंच की मांग है कि धर्म बदल चुके आदिवासियों का आरक्षण समाप्त किया जाए और इसके लिए लोकसभा में कानून बनाया जाए।

आपदा में ढूंढ लिया अवसर

कोरोना काल को धर्मांतरण का स्वर्णिम काल रहा। जब पूरा देश कोरोना की चपेट में था, तब एक धर्म विशेष के लोगों ने इस आपदा को अवसर के रूप में उपयोग किया। बाइबल का सभी भाषाओं में अनुवाद करने वाली संस्था अनकोल्डिंग वर्ल्ड का दावा है कि 2021 में जब पूरा देश और छत्तीसगढ़ कोरोना की चपेट में था तब सभी चर्च को यह निर्देश दिया गया था कि हर 10 गांवों के बीच एक प्रार्थना सभा आयोजित की जाए। इस पर बखूबी अमल भी किया गया। कई स्थानों पर ऑनलाइन एवं व्हाट्सएप के माध्यम से यह कार्यक्रम आयोजित किया। इसके जरिए धर्म परिवर्तन कराने में व्यापक सफलता भी मिली। इस संस्था के सीईई डेविड रीव्स का कहना है कि कोरोना काल में एक लाख लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया गया। बस्तर में धर्मांतरण को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित होती आई है। धर्म परिवर्तन कर चुके आदिवासी और मूल आदिवासियों के बीच शादी विवाह और मृत्यु के कार्यक्रम में विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती है।

जगदलपुर शहर में सौ चर्च

बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर की बात करें तो यहां के 48 वार्डों है में 100 से ज्यादा चर्च बन चुके हैं। जो यह संकेत देते हैं कि संभाग मुख्यालय जगदलपुर की यह स्थिति है, तो जिले के गांवों की स्थिति क्या होगी।

जगदलपुर शहर और बस्तर जिले में सिर्फ आदिवासी ही नहीं बल्कि साहू समाज, देवांगन समाज और अन्य समाजों के लोग भी हजारों की तादाद में धर्मांतरित हो चुके हैं। जो लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं वे जिला प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उन्हें श्मशान घाट के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए उन्होंने आवेदन भी दिया है। लेकिन किस जिले में कितनी संख्या में लोग धर्म परिवर्तन कर चुके हैं, यह नियमानुसार है या नहीं इस पर सरकार और प्रशासन को विशेष ध्यान देना होगा और जो लोग ऐसे आवेदन दे रहे हैं, उनसे मांग की जानी चाहिए कि आपकी संख्या कितनी है कि कितने लोगों ने धर्म परिवर्तन कर ईसाई धर्म स्वीकार किया है, उन्होंने धर्म परिवर्तन नियमानुसार किया है या नहीं, उनके दस्तावेज प्रस्तुत किया जाएं। इससे सही आंकड़े भी सामने आ सकते हैं।

चित्रकोट जलप्रपात में सैकड़ों पेड़ो की अवैध कटाई, संबंधितो लोगों पर हो कड़ी कार्रवाई: सुशील मौर्य

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  •  चित्रकोट जलप्रपात के सौंदर्य व पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के नाम पर विश्व प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात स्थल के सैकड़ों पेड़ों की अवैध कटाई की जांच हेतु चित्रकोट पहुंचा। चित्रकोट जलप्रपात के नीचे काटे गए पेड़ों का निरीक्षण किया गया। सैकड़ों पेड़ो की अवैध कटाई के प्रमाण मिले।

शहर जिला कांग्रेस सुशील मौर्य, पूर्व विधायक रेखचंद जैन, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप ने लोहंडीगुड़ा थाना जाकर कटाई के लिए संबंधित विभाग पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।सुशील मौर्य ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात के नीचे सैकड़ों पेड़ो की अवैध कटाई अति निंदनीय है। यह प्रकृति, पर्यावरण व चित्रकोट जलप्रपात के सौंदर्य के साथ खिलवाड़ भी है। इसके पूर्व यहां पर मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति आए हैं परंतु किसी की सुरक्षा का हवाला देकर आज तक पेड़ो की कटाई नही हुई। एक पेड़ मां के नाम अभियान का ढिंढोरा पीटने वाली डबल इंजन की सरकार में पेड़ क्यों काटे जा रहे हैं? मुख्यमंत्री विष्णुदेव पूरे प्रदेश में नारा देते है पर्यावरण संरक्षण हमारा प्राथमिक कार्य है। वहीं पेड़ों से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को किस प्रकार का खतरा था, यह समझ से परे है। कुल मिलाकर डबल इंजन की सरकार सिर्फ अपने मंत्रिमंडल को पिकनिक मनाने यहां लाई थी। जिसका कांग्रेस पार्टी पुरजोर विरोध करती है। बस्तर की मनमोहक सुंदरता के प्रतीक चित्रकोट जलप्रपात की सौंदर्य व पर्यावरण के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्व विधायक रेखचंद जैन, जनपद अध्यक्ष महेश कश्यप, ब्लॉक अध्याय लक्ष्मण कश्यप, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, ज़ाहिद हुसैन, अनुराग महतो, युंका अध्यक्ष चित्रकोट भंवर मौर्य, सहदेव नाग, सीमांचल ठाकुर मौजूद रहे।

बस्तर आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक रही निराशाजनक: हरीश कवासी

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  •  मुख्यमंत्री को छलिया बताया कांग्रेस नेता ने 

जगदलपुर सुकमा के जिला पंचायत अध्यक्ष और बस्तर के कांग्रेस नेता हरीश कवासी ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक को जनता के लिए निराशाजनक बताया है।

कवासी ने कहा कि जहां एक तरफ भारतीय जनता पार्टी की सरकार ये नारा देते थक नहीं रही कि “हम ही संवारेंगे” वहीं दूसरी तरफ ये बस्तर की जनता के लिए बेहतर दुर्भाग्यपूर्ण बात है कि मुख्यमंत्री की एक बैठक के लिए चित्रकूट जलप्रपात के नीचे लगे सैकड़ों हरे भरे पेड़ो को काट दिया गया। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री बैठक के नाम पर न सिर्फ सरकारी खजाने का दुरुपयोग कर रहे हैं बल्कि पेड़ो को काटकर यहां के सुंदर पर्यावरण के साथ खिलवाड़ भी कर रहे हैं। बैठक में बस्तर के विकास पर कोई चर्चा नहीं हुई ना ही कोई ऐसे एजेंडे तैयार किए गए जिससे निकट भविष्य में बस्तर का विकास नजर आ सके। कवासी ने बैठक की आलोचना करते हुए इसे बस्तर की जनता के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि कोपागुड़ा में बनने वाले एनएमडीसी सुपर स्पेशलिस्ट अस्पताल को टालने और डिमरापाल में बने सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल में डॉक्टर व स्टाफ सहित अन्य स्थापना खर्च की जिम्मेदारी एनएमडीसी को देना बस्तर की मासूम जनता के साथ छल है। बस्तर के लिए एक बड़ा नुकसान है जिसके लिए बस्तर की जनता ऐसे छलिए मुख्यमंत्री को कभी माफ नहीं करेगी।

दरभा मंडल में लाखों के विकास कार्यों का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने किया लोकार्पण व भूमिपूजन

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  •  ग्राम पंचायतों में सीसी सड़क, सामुदायिक भवन एवं व्यवसायिक परिसर का हुआ लोकार्पण भूमिपूजन

जगदलपुर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने मंगलवार को दरभा मंडल में लाखों के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। विधायक किरण देव का ग्रामीणों ने पारंपरिक रूप से तिलक लगाकर स्वागत किया।

दरभा मंडल के ग्राम छिंदबहार में सीसी सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण लागत 5 लाख रुपए, नेगानार में चिगडू घर से राजू घर तक सीसी सड़क निर्माण कार्य लागत 6.70 लाख रुपए, काकलगुर पंचायत में लछिंदर घर से प्राथमिक शाला तक सीसी सड़क निर्माण कार्य 16.24 लाख, मावलीपदर-2 में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 6.50 लाख रुपए, लैंड्रा के खासपारा में व्यावसायिक परिसर निर्माण लागत 8.92 लाख, ककालगुर में पटेल पारा में रंगमंच निर्माण लागत 2.64 लाख, भडरीमहू में पुलिया निर्माण, लागत 4.90 लाख, कोयनार के चालकीगुडा में व्यावसायिक परिसर निर्माण लागत 8.92 लाख, ग्राम कोटमसर में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 6.50 लाख, कोलेंग के मावलीपारा में सामुदायिक भवन निर्माण लागत 6.50 लाख एवं कामानार में व्यावसायिक परिसर निर्माण कार्य लागत 8.92 लाख रुपए जिसकी कुल लागत 81.74 लाख रुपयें के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने लोकार्पण व भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि देवतुल्य जन मानस के बीच पहुंचकर बस्तर के पारंपरिक स्वागत को लेकर बहुत ही अच्छा महसूस हुआ। श्री देव ने कहा आप सभी की मांग के अनुरूप गांव में विकास कार्य कराए जा रहे हैं विकास अनवरत जारी रहेगा। मूलभूत सुविधाएं देना हमारा कर्तव्य है। सड़क, पुल पुलिया पानी, सामुदायिक भवन, व्यावसायिक परिसर एवं शाला भवनों का उन्नयन व अन्य सभी विकास कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरे किए जा रहे हैं। विधायक श्री देव ने कहा क्षेत्रवासियों की मांग के अनुरूप क्षेत्र में विकास अनवरत किया जा रहा है। आप सभी की मांग अनुरूप विकास कार्य करवाए जाएंगे। कार्यक्रम में ए. जानकी राव जनपद अध्यक्ष, अंनत राम कश्यप उपाध्यक्ष जनपद पंचायत, सीता नाग जिला पंचायत सदस्य, सरपंच ललिता कश्यप पीलूराम कश्यप, बलराम, बुदरूराम, मंडल अध्यक्ष फूलसिंह सेठिया, संतोष बधेल, हरिप्रिया कश्यप, सामदेव नाग, शांति बधेल जनपद सदस्य,सोनमती नाग, गागराराम नाग, लखीधर, अमलसाय, धमेंद्र ठाकुर, महादेव कवासी, दलपत राय, बाबूल नाग, सुरेश सिंह, दुर्जन कश्यप, पीलूराम कश्यप, जनपद सीईओ केएल फाफा, बीईओ जगदीश पात्र, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित थे।

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