कांवड़ियों को परोसा भोजन और साथ बैठकर ग्रहण भी किया
शर्मा ने कराई कावड़ियों के लिए भोरमदेव से अमरकंटक तक विशेष व्यवस्था
रायपुरउप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने आज अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में कांवड़ियों के लिए की गई व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और स्वयं कांवड़ियों के साथ बैठकर भोजन भी किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कांवड़ियों को भोजन का वितरण भी किया और उनके साथ पवित्र सावन माह की इस महत्वपूर्ण यात्रा में भागीदारी की।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा कल सुबह अमरकंटक में नर्मदा मैय्या मंदिर और जलेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर पूजा अर्चना करेंगे।उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अमरकंटक से भोरमदेव मंदिर तक की 150 किमी लंबी कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि भक्तगणों को यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत न हो। उप मुख्यमंत्री शर्मा के निर्देशानुसार कांवड़ियों के लिए 15 से अधिक स्थानों पर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। यात्रा के दौरान सुरक्षा की दृष्टि से भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। जिनमें 4 पुलिस पेट्रोलिंग टीमें और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस की ड्यूटी शामिल है। पुलिस अधीक्षकों को इस संबंध में विस्तृत निर्देश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।कांवड़ियों के लिए 20 से अधिक स्थानों पर ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भोजन और रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई है। जिसमें दाल-भात, सब्जी, मिठाई, खीर, पुड़ी और हलवा का समावेश है। इन व्यवस्थाओं की निगरानी में बोलबम समन्वय समिति और स्थानीय अधिकारी सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हमारे लिए कांवड़ियों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। सावन माह के इस पवित्र अवसर पर हमने सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए हैं ताकि सभी भक्तजन बिना किसी कठिनाई के अपनी यात्रा पूरी कर सकें।
बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक के कुसुमकसा ग्राम पंचायत में आज दिन सोमवार को कुशल पारंपरिक चिकित्सको के बीच प्रमाण पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया ।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जनपद पंचायत सदस्य संजय बैस एवं सरपंच शिवराम सिंन्द्रामें, पंच सदस्य नितिन जैन के उपस्तिथि में प्रमाण पत्र वितरण किया गया। कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए मिथलेश देशमुख(पिरामल फॉउंडेशन) ने बताया कि यह प्रमाण पत्र पारम्परिक ज्ञान को संरक्षित एवं सजोने का प्रयास है। यह प्रमाण पत्र भारत सरकार के स्वैक्षिक प्रमाण पत्र योजना के अंतर्गत किया जाता है। जिसमे क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया एवं उसके अधिकृत निकाय ट्रांस डिस्प्लनीर युनिवर्सिटी, बैंगलोर के द्वारा मूल्याकन किया गया है। जिसमे वैद्यों का मौखिक परीक्षा, प्रायोगिक परीक्षा, सत्यापन करने
के पश्चात उत्तीर्ण होने पर प्रदान किया जाता है। प्रमाण पत्र वितरण करते हुए माननीय जनपद पंचायत सदस्य जी ने बताया कि यह ज्ञान पारम्परिक रूप से चलते आ रही है, और इसको संजो कर रखना हमारी एवं आने वाली पीढी को रखने की जिम्मेदारी है। पीरामल फाउंडेशन के प्रमाणित करने के प्रयास सराहनीय है एवं हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया गया। साथ ही इस अवसर सरपंच शिवराम सिन्द्रमे जी ने कहा कि यह प्रमाणपत्र वैध लोगों को कानूनी रूप से सहायक रहेगा एवम उन्हें स्वंतंत्र रूप से कार्य करने में सहायक होगा । इस प्रमाण पत्र वितरण समारोह में कुल 9 वैद्यों को प्रमाणपत्र माननीय जनपद सदस्य जी व सरपंच , पंच के द्वारा वितरण किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जनपद पंचायत सदस्य संजय बैस एवं सरपंच श्री शिवराम सिंन्द्रामें, पंच सदस्य नितिन जैन , सचिव नेम सिंग आलेंद्र ,एवं पंचायत के सदस्य, वरिष्ठ सदस्यगण एवं पिरामल फाउंडेशन से लीलेश्वर कुमार (DPO) मिथलेश देशमुख,(DPC), शिवानंद मद्धेशिया, चेतन यादव, आकाश यादव, उन्नति साव एवं समस्त वैद्यराज की उपस्थित रहे।
जगदलपुर राजनांदगांव पुलिस रेंज में पकड़े गए बस्तर संभाग के नक्सलियों और उनके एक एजेंट में से एक को राजनांदगांव के सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल का सलाहकार बताया है।
छत्तीसगढ़ के मोहला, मानपुर- अंबागढ़, चौकी जिले में 4 नक्सलियों समेत 5 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये आरोपी नक्सलियों के लिए लेव्ही वसूलने का काम करते रहे हैं और उनके पास से एक करोड़ के मनी ट्रेल का भी खुलासा हुआ है। इसको लेकर राजनांदगाव के सांसद संतोष पांडेय ने कांग्रेस पर बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा है कि गिरफ्तार नक्सली विवेक सिंह स्व. नंदकुमार बघेल का सलाहकार रहा है। यहां तक कि नक्सलियों के साथ 7 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी भी सामने आई है। इससे स्पष्ट है कि नंदकुमार बघेल के नक्सलियों से संबंध थे और वे मोहला- मानपुर के अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर बैठकें लेते थे। संतोष पाण्डेय ने पूछा है – अब भूपेश बघेल बताएं यह रिश्ता क्या कहलाता है?
एक करोड़ का मनी ट्रेल खुलासा
मोहला, मानपुर अंबागढ़ चौकी जिले में नक्सलियों पर पुलिस का ताबड़तोड़ एक्शन जारी है। शनिवार को पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास वसूली के मनी ट्रेल का खुलासा भी किया गया है। जिसमें उइन्होंने 1 करोड़ रुपए से ज्यादा लेव्ही वसूल कर नक्सलियों तक पहुंचाई थी। इन्हीं पैसों से आरोपी सूरजू राम टेकाम के लिए फ्लाईट टिकिट बुक करने और नक्सलियों को सामान सप्लाई करने का काम किया जाता था। मिली जानकारी के अनुसार, पूछताछ में पता चला है कि आरोपी सुरजू राम टेकाम माओवादी संगठन के प्रचार- प्रसार के लिए और अपने नेटवर्क को आगे बढ़ाने के लिए लगातार शहरी क्षेत्रों में भ्रमण कर रहा था। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) द्वारा पर्दे के पीछे से प्रायोजित ऑपरेशन कगार, कार्पोरेटीकरण, सैनिकीकरण के विरोध में 23 मार्च को कार्यक्रम आयोजित किया था। इसमें शामिल होने के लिए सरजू राम टेकाम 22 मार्च को फ्लाईट के जरिए रायपुर से दिल्ली गया था। दिल्ली जाने के लिए फ्लाईट टिकिट नक्सलियों द्वारा लेव्ही से प्राप्त पैसों से सुरजू राम टेकाम और सोनाराम फरसा के लिए बुक कराई गई थी।वहीं सोनाराम फरसा को सुरजू राम टेकाम द्वारा उसे दिल्ली जाने के लिए लेव्ही से मिले पैसों में से कुछ पैसे भेजने के लिए कहा और साथ में चलने के लिए भी कहा। तब सोनाराम फरसा ने ठेकेदार से प्राप्त पैसों में से अपने खाते से सुरजू राम टेकाम के बताए खाते पर पैसे भेजे। तब सुरजू राम टेकाम ने उस अकाउंट से फ्लाईट टिकिट बुक करने के लिए विवेक सिंह को पैसे भिजवाए। विवेक सिंह द्वारा सूरजू राम टेकाम के कहने पर नक्सलियों के शहरी नेटवर्क को लगातार अलग- अलग माध्यम से सहयोग किया जा रहा था और ये लगातार एक- दूसरे से संपर्क में थे।
तेंदूपत्ता ठेकेदारों से वसूली
नक्सलियों द्वारा बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ क्षेत्र में तेंदूपत्ता ठेकेदारों को जान-माल का नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर सोनाराम फरसा, विजय जुर्री, रामलाल करमा और राजेंद्र कड़ती के माध्यम से लेव्ही वसूली की जा रही थी। इन चारों को वर्ष 2022 में एक करोड़ रुपए लेव्ही वसूलने का टारगेट दिया गया था। जिसके लिए भैरमगढ़ क्षेत्र में तेंदूपत्ता ठेकेदार से जंगल क्षेत्र में काम करने के एवज में नक्सलियों ने सोनाराम फरसा, विजय जुर्री, रामलाल करमा और राजेंद्र कड़ती की सहायता से ठेकेदार को जान-माल नुकसान पहुंचाने का धमकी देकर करोड़ो रुपयों की लेव्ही वसूली किए। वहीं सोनाराम फरसा, विजय जुर्री, रामलाल करमा, राजेंद्र कड़ती ने अपने बैंक अकाउंट के माध्यम से लेव्ही के तकरीबन 60 लाख रुपए प्राप्त किए और बाद में बैंक से नगदी निकालकर नक्सलियों को पहुंचाने का कार्य करते थे। राजेंद्र कड़ती का बड़ा भाई मोहन कड़ती कुख्यात नक्सली कमांडर भैरमगढ़ क्षेत्र का है। ये सभी लोग कई सालों से नक्सलियों से मिलकर ठेकेदारों से लेव्ही वसूली, नक्सलियों को राशन, दवाई और अन्य जरूरत की सामाग्री का सप्लाई कर रहे थे। इस मामले में भैरमगढ़ क्षेत्र के निवासी सोनाराम फरसा, विजय जुर्री, रामलाल करमा और राजेंद्र कड़ती ने ठेकेदार से नक्सलियों के लिए लेव्ही वसूली ऑनलाइन की और बैंक से निकालकर पैसे नक्सलियों तक पहुंचाए। नक्सलियों के सहयोगियों द्वारा माओवादियों के आदेश पर शहरी नेटवर्क को सपोर्ट करने के लिए नक्सल संगठन के शहरी सदस्यों की यात्रा और अन्य खर्चों के लिए आनलाईन पैसे ट्रासफर करते थे। जिसके तहत सूरजू राम टेकाम की दिल्ली यात्रा के लिए लेव्ही के पैसों का उपयोग किया गया। फ़िलहाल इस मामले में जांच जारी है और आगे और भी संलिप्तता की जानकारी के लिए फायनेंशियल ट्रेल, इलेक्ट्रानिक और अन्य दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।
ये किए गए हैं गिरफ्तार
गिरफ्तार लोगों में सोनाराम फरसा पिता स्व. पांडूराम उम्र 28 वर्ष पंचायत बिरियाभूमि आदवाड़ा थाना जांगला जिला बीजापुर, विजय जुर्री पिता स्व. संतूराम जुर्री उम्र 32 वर्ष मरकापाल ग्राम पंचायत बांगोली थाना भैरमगढ़ जिला बीजापुर, रामलाल करमा पिता तुपाराम करमा उम्र 35 वर्ष ग्राम बांगोली थाना बांगापाल बीजापुर, राजेंद्र कड़ती पिता स्व. बुगुर कड़ती उम्र 30 वर्ष ग्राम डेगमेटा ग्राम पंचायत फुलगट्टा थाना मिरतुर जिला बीजापुर और विवेक सिंह पिता राम सुशील सिंह उम्र 35 वर्ष ग्राम मानपुर जिला मोहला, मानपुर- अंबागढ़, चौकी वर्तमान पता अर्जुन वेली सड्डू थाना विधानसभा रायपुर शामिल हैं। इस नक्सल विरोधी अभियान को पुलिस महानिरीक्षक राजनांदगांव दीपक झा के निर्देशन एवं जिला मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी पुलिस अधीक्षक वायपी सिंह के मार्गदर्शन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मयंक गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पीताम्बर पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ऑप्स) डीसी पटेल के दिशा निर्देश में एसडीओपी मयंक तिवारी और विभिन्न थानों की टीम ने अंजाम दिया।
जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले के चिंतलनार थाना क्षेत्र के ग्राम नागाराम में नक्सलियों ने रविवार देर शाम पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाते हुए पूर्व सरपंच हेमला सुकलाल की हत्या कर दी। वहीं एक अन्य हैरतअंगेज घटना में नक्सलियों की चेतावनी से भयभीत एक महिला हेमला सन्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। इस मामले की पुलिस द्वारा तस्दीक की जा रही है।
प्राप्त जानकारी अनुसार शुक्रवार को रात करीब 8-9 बजे के बीच आधा दर्जन से भी ज्यादा नक्सलियों ने नागाराम के पूर्व सरपंच 55 वर्षीय हेमला सुकलाल की गला रेंतकर हत्या कर दी। सुकलाल की हत्या की जिम्मेदारी नक्सलियों की केरलापाल एरिया कमेटी ने ली है। हत्या करने वाले नक्सलियों ने घटना स्थल के आसपास पर्चा फेंककर सुकलाल पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया है और इसी वजह से उसे मौत की सजा देने की बात कही है। उधर एक सनसनीखेज घटना में
नक्सलियों की चेतावनी से भयभीत एक महिला हेमला सन्नी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। सुकमा पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि सलवा जुडूम का हवाला देते हुए एक निर्दोष ग्रामीण की नक्सलियों की केरलापाल एरिया कमेटी के नक्सलियों द्वारा हेमला सुकलाल हत्या की गई है। प्रकरण मे नक्सलियों क़े विरुद्ध हत्या का अपराध थाना चिंतलनार में पंजीबद्ध किया गया है। प्रकरण की पुलिस विवेचना जारी है।
हल्बी गोंडी बोली में दक्ष होंगे गृहमंत्री विजय शर्मा
गोंडी बोलने वाले बस्तरिहा शिक्षक से लेंगे प्रशिक्षण
माओवाद से लड़ने लोगों के मर्म को समझने पहल
अर्जुन झा-
जगदलपुर अपने छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी अजब गजब अंदाज वाले हैं। कभी वे अपनी जान की परवाह न करते हुए सीधे नक्सलियों की मांद में घुस
जाते हैं, तो कभी धुर नक्सल प्रभावित किसी गांव में जाकर वहां के लोगों के साथ बैठ उनका दुख दर्द साझा करने लग जाते हैं और कभी नक्सलियों के समक्ष वार्ता की भी पेशकश रख देते हैं। उनका यह अजब गजब अंदाज सभी को भाने लगा है। अब तो शर्मा जी से जुड़ी एक और बड़ी ही निराली खबर सामने आई है कि वे गोंडी हल्बी बोली में पारंगत होने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने बस्तर से ट्यूटर भी बुलवाए हैं। ऐसे में आपके मन में यह विचार उठ रहे होंगे कि शर्मा जी के निर्वाचन क्षेत्र कवर्धा में तो बैगा आदिवासी ज्यादा हैं, फिर भला उन्हें हल्बा गोंड़ आदिवासियों की बोली सीखने की क्या जरूरत? तो हम आपको बता दें कि विजय शर्मा गृहमंत्री के साथ साथ बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री भी हैं। बस्तर संभाग नक्सल समस्या से सर्वाधिक प्रभावित है और यहां हल्बा, गोंड़, भतरा आदिवासी ज्यादा हैं। दरअसल विजय शर्मा इन आदिवासियों के दिल की बात को उनकी ही बोली भाषा में दिल से समझना चाहते हैं।
आदिवासियों का दर्द समझने के लिए बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री व छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा ने गोंडी भाषा सीखने के लिए बस्तर से एक गोंडी भाषा सिखाने वाले शिक्षक को हायर किया है। यह शिक्षक राजधानी रायपुर में रहकर गृहमंत्री विजय शर्मा को गोंडी भाषा की बारीकियों से अवगत कराएंगे। प्रभारी मंत्री विजय शर्मा तब सुर्खियों में आ गए थे जब उन्होंने गृहमंत्री का कार्यभार सम्हालते ही सीधे बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिलों के अंदरूनी इलाकों में अपने कदम रखे थे। नक्सली हमले के बाद सुरक्षा बलों के कैंप में पहुंचकर गृहमंत्री विजय शर्मा ने जवानों की हौसला अफजाई की, उन्हें भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ पूरी शिद्दत से खड़ी है। यही नहीं विजय शर्मा धुर नक्सलग्रस्त गांव में भी जा धमके और एक ग्रामीण की झोपड़ी के द्वार पर बैठकर उन्होंने गांव वालों के दुख दर्द को करीब से देखने, सुनने और समझने की कोशिश की थी। तब कुछ भाषागत कठिनाई उनके समक्ष आई थी। उस दौरान श्री शर्मा गांव के लोगों को अपना निजी मोबइल फोन नंबर देकर आए थे और कहा था कि किसी भी तरह की दिक्कत या समस्या आए तो मुझे फोन करना। श्री शर्मा के रायपुर लौटने के चंद घंटे बाद उस गांव के किसी युवक ने विजय शर्मा को फोन कर बिजली की समस्या से अवगत कराया था। तब श्री शर्मा ने तुरंत विद्युत कंपनी के शीर्ष अधिकारियों को तलब कर गांव की बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने निर्देश दिए थे। दो दिन बाद गृहमंत्री विजय शर्मा ने उस युवक को खुद फोन लगाकर बिजली बहाली होने या न होने बाबत जानकारी ली थी। गृहमंत्री विजय शर्मा की इस संवेदनशीलता ने पूरे गांव का दिल जीत लिया। अब श्री शर्मा पूरे बस्तर का दिल जीतने की कवायद में लग गए हैं और यह तभी संभव है जब आम बस्तरिहा बोली भाषा में बस्तर के लोगों का दिल टटोला जाए। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए विजय शर्मा गोंडी हल्बी बोली सीख रहे हैं। बस्तरवासियों के दर्द को समझने के लिए खालिस बस्तरिहा रंग में रंग जाने की जरूरत है और इसके लिए प्रभारी मंत्री विजय शर्मा गोंडी भाषा सीखने की कोशिश कर रहें हैं जिसे सीधे तौर पर उनका सराहनीय प्रयास ही कहा जाना चाहिए। ज्ञात हो कि बस्तर माओवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित है और इसमें आदिवासी ही पिस रहे हैं और आदिवासियों की बड़ी आबादी कोया जिसे गोंड भी कहा जाता है वह कुछ ज्यादा ही प्रताड़ित है। माओवादियों का शिकार कोया समुदाय के लोग हो रहे हैं। कोया समाज के नेता भी दो भागों में विभक्त हैं, जिनके अपने -अपने दावे प्रतिदावे हैं। लेकिन कोया आदिवासियों की भावनाओं को जमीनी स्तर पर समझने की कोशिश नहीं की जा रही है। सरल शब्दों में उनकी भावनाओं को समझने की कोशिश नहीं की जा रही है। जिससे सात दशकों से यह मामला अब तक सुलझ नहीं पाया है।
दल्ली राजहरा भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा के नदीम बडगुजर ने केन्द्र की एन.डी.ए. सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम में किये गये संशोधन का स्वागत करते हुए कहा कि, यह कानून देश के गरीब मुसलमानों को न्याय देने वाला कानून है। वक्फ एक्ट में संशोधन एवं सुधार समय समय के अनुसार होते रहना चाहिये, वतर्मान में जो विसंगतिया थी उसे दूर किये जाने के लिये यह कानून लाया जा रहा है, जिसके लिए हम माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी एवं एन.डी.ए. सरकार का आभार व्यक्त करते हुए इस कानून का स्वागत करते है। नदीम ने कहा कि वक्फ बोर्ड गरीब मुसलमानों के उत्थान एवं कल्याण के लिये बनाया गया है लेकिन वक्फ बोर्ड के एक्ट की शक्तियों का सिर्फ दुरूपयोग ही हो रहा है जिससे देश के संघराज्य एवं राज्य वक्फ बोडों अधिकार व शक्तियां प्रदान करने को प्राप्त असीमित अधिकार एवं शक्तियों की के कारण यह मजहबी जमींदारी, भ्रष्टाचार एवं भूमाफियाओ को संरक्षण दे रहा है। वतर्मांन में जो वक्फ
एक्ट है वो पूरी तरह से निरंकुश है और इससे आम मुसलमानों को कोई फायदा नही हो रहा है। संशोधित वक्फ कानून में जमींदारी की दादागिरी तथा भूमाफिया एवं अतिक्रमणकारियों पर नकेल कसने वाला कानून है। वक्फ संपत्तीयों के मामलों में शासन को वाला कानून है। नदीम बडगुजर ने आगे कहा कि वक्फ अधिनियम की धारा 09 एवं 14 में बदलाव से बोर्ड और अधिक सशक्त एवं प्रभावशील होगा, वक्फ संपत्ती का पंजीयन सत्यापन से होगा जिससे वक्फ कानून 2013 के दुरूपयोग को रोका जा सकेंगा। कलेक्टर को वक्फ संपत्ति के मामले में शामिल किये जाने से वक्फ बोर्ड का कार्य और अधिक प्रभावशील होगा। नये संशोधन कानून से मुस्लिम समाज के गरीब, तलाकशुदा, विधवा के सामाजिक आर्िक एवं शैक्षणिक विकास के लिये वक्फ बोर्ड कार्य कर सकेगा। पूर्व में भी कॉग्रेस सरकार द्वारा वक्फ एक्ट में समय समय पर संशोधन हुआ है। वक्फ बोर्ड के पास 8.7 लाख करोड़ की संपत्ती, 9.4 लाख एकड़ के लगभंग जमीन है। इसका सदुपयोग होने से निः:संदेह देश के गरीब मुस्लिम समाज को सीधा फायदा होगा व उनकी शैक्षणिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के तहत डीआरजी बीजापुर, बस्तर फाईटर एवं थाना गंगालूर की संयुक्त टीम ने बुरजी-पुसनार के जंगल से 3 नक्सलियों को विस्फोटक के साथ पकड़ा है। नक्सलियों के कब्जे से टिफिन बम, जिलेटिन स्टीक, नक्सली पर्चे, इलेक्ट्रिक फ्यूज वायर बरामद किए गए हैं।
पकड़े गए नक्सलियों के नाम जगती पूनेम ऊर्फ जकती, सुकारू पुनेम ऊर्फ सुखराम व गुट्टा पुनेम बताया गया है। ये नक्सली आइईडी लगाने, मार्ग अवरूद्ध करने, पाम्पलेट बैनर लगाने की घटनाओं में शामिल थे। नक्सलियों के विरूद्ध थाना गंगालूर में वैधानिक कार्यवाही उपरांत उन्हें न्यायिक रिमांड पर न्यायालय पेश किया गया है।
बकावंड विकासखंड मुख्यालय बकावंड कूड़ा घर बन गया है। चारों ओर कूड़ा करकट के ढेर नजर आ रहे हैं। सालभर से ऐसे हालात बने हुए हैं। बदबू, मच्छर और मक्खीयों ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है। कचरे का उठाव एक साल से नहीं हुआ है। जनपद सीईओ कहते हैं पंचायत सचिव मेरी बात नहीं सुन रहा है और सचिव दलील दे रहे हैं कि सफाई के लिए मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इससे जाहिर होता है कि एक जनपद सीईओ साधारण से पंचायत सचिव पर नियंत्रण नहीं कर पा रहे हैं। बात चाहे जो भी हो, मगर बदइंतजामी का खामियाजा तो ग्रामीणों को भोगना पड़ रहा है।
बिना साफ सफाई के स्थिति कैसी हो जाती है, अगर इसे महसूस करना है तोबकावंड में आपका स्वागत है। बकावंड में हर कदम पर गंदगी आपका स्वागत करेगी, फूल मालाओं से स्वागत और उसकी खुशबू की कल्पना बिल्कुल मत कीजिए, बदबू से नाक भौं सिकोड़ने की तैयारी के साथ आपको बकावंड आना होगा, वरना बहुत पछताएंगे यहां आकर। ग्रामीण बताते हैं कि ग्राम पंचायत गांव की साफ सफाई से पूरी तरह मुंह मोड़ चुकी है।ग्रामीण मरते हैं तो मरें अपनी बला से। ग्रामीणों का चैन से खाना पीना, उठना बैठना, सोना सब कुछ हराम हो गया है। दिनभर मक्खीयां परेशान करती हैं, तो सांझ ढलते ही मच्छर मोर्चा सम्हाल लेते हैं। मच्छर रातभर सोने नहीं देते। मलेरिया, डेंगू फैलने का बड़ा खतरा सबसे शिक्षित गांव बकावंड पर मंडरा रहा है। बकावंड आदिवासी बाहुल्य गांव है और यहां के पंचायत सचिव तथा जनपद सीईओ दोनों दिवासी समुदाय से हैं, लेकिन आदिवासी ही आदिवासियों की जान के दुश्मन बन गए हैं यहां। सफाई नही होने का कारण पूछने पर पंचायत सचिव ओंकार गागड़ा कहते हैं कि मजदूर नहीं मिल रहे हैं। इसलिए ऐसी स्थिति बनी हुई है,
अगर मजदूर मिल जाएं तो तुरंत सफाई करवा देंगे। वहीं जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी कहते हैं कि सचिव को कई बार बोल चुका हूं लेकिन वह ध्यान नहीं दे रहा है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या सालभर से सचिव को मजदूर नहीं मिल रहे हैं? दूसरा सवाल यह कि जनपद मुख्यालय भी बकावंड में ही है, सीईओ भी इसी गंदगी के बीच से रोज गुजरते होंगे और एक पंचायत सचिव भला अपने सबसे बड़े अफसर का आदेश आखिर क्यों नहीं मान रहा है? खैर इन दोनों के बीच का मसला चाहे कुछ भी हो, मगर गंदगी और सफाई नहीं होने से डेंगू और मलेरिया में मच्छर का दंश तो आम आदमी ही भोग रहा है। अगर समय रहते सफाई नहीं हुई तो पूरे पंचायत क्षेत्र में महामारी फैल जाएगी। इसका जिम्मेदार स्वास्थ्य विभाग नहीं ग्राम पंचायत ही होगी।
लोहंडीगुड़ा चित्रकोट क्षेत्र के विधायक विनायक गोयल ने विकासखंड अंतर्गत संकुल केंद्र आंजर, मारडूम, तराईभाटा, मांदर, मटनार, अलनार व उसरीबेडा के कुल 10 बच्चों के आकस्मिक दुर्घटना में काल कवलित होने पर उनके परिजनों से घर जाकर व्यक्तिगत रूप से भेंट कर संवेदना व्यक्त की।
विकास खंड लोहंडीगुड़ा के विभिन्न संकुल अंतर्गत अध्ययनरत बच्चे जिनकी दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु हो गई है, उनके शोक संतप्त परिजनों के छात्र बीमा राशि एक एक लाख रुपए का चेक प्रदान किए गए। प्रत्येक मृतक परिवार में एक एक वृक्षारोपण किया गया। विधायक विनायक गोयल के साथ नरसिंह ठाकुर मंडल अध्यक्ष, रैतूराम जिला पंचायत सदस्य, बसंत कश्यप जनपद सदस्य, विनय मौर्य, डमरू भारद्वाज, विकेश रंगारी, चैनूसिंह, डोमूराम, तुलसीराम भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे। विधायक श्री गोयल ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि मैं व्यक्तिगत तौर पर आपके साथ सदैव सहयोग के लिए तत्पर रहूंगा। इस अवसर पर विकास खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी तिवारी, खंड स्त्रोत समन्वयक पीलाराम सिन्हा, संबंधित संकुल शैक्षिक समन्वयक उपस्थित रहे।
जगदलपुर अपने जोशीले विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री केदार कश्यप को आज तिरंगा लहराते हुए बाईक की सवारी करते देख ग्रामीण खुशी से फुले नहीं समा रहे थे। मंत्री केदार कश्यप के जोश को देख ग्रामीण और युवा भी जोश से लबरेज हो उठे। कारवां बढ़ता गया और भीड़ इतनी हो गई कि एक नया इतिहास बन गया।
वन मंत्री केदार कश्यप के नेतृत्व में रविवार को नारायणपुर विधानसभा क्षेत्र के फरसागुड़ा भानपुरी मंडल में युवा मोर्चा ने तिरंगा यात्रा निकाली। वन मंत्री केदार कश्यप स्वयं बाईक चलाते हुए तिरंगा रैली में शामिल हुए। तिरंगे झंडे वाली बाईक चलाते हुए मंत्री केदार कश्यप के साथ सैकड़ों युवा दोपहिया वाहनों पर सवार युवक और बुजुर्ग तिरंगा रैली के सहचर बने। सभी वाहनों में तिरंगा लहरा रहा था। महिला जनप्रतिनिधि और पार्टी पदाधिकारी भी स्कूटी और अन्य मोपेड पर सवार होकर चल रही थीं। आंखों पर काला चश्मा लगाए वन मंत्री केदार कश्यप भारत माता के जयकारे लगवाकर रैली में शामिल लोगों और रैली के रास्ते में मिलने वाले ग्रामीणों में उत्साह का संचार कर रहे थे। मंत्री केदार कश्यप को बाईक चलाते देख भानपुरी, फरसागुड़ा, आमाबाल, देवड़ा, सोनारपाल, तारापुर आदि गांवों के ग्रामीण आश्चर्य में पड़ गए थे। इसके साथ ही गांवों में खड़े ग्रामीण भी केदार कश्यप को तिरंगा लिए देख भारत माता की जय जयकार करने लगे। कई जगहों पर तिरंगा यात्रा पर फूल भी बरसाए गए। तिरंगा
यात्रा फरसागुडा स्थित भाजपा कार्यालय से मेन रोड होती हुई भानपुरी, सिवनी चौक से आमाबाल, देवड़ा, सोनारपाल, तारापुर होती हुई पार्टी कार्यालय पहुंच कर समाप्त हुई। इस दौरान ग्रामीणों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि ऎसी तिरंगा रैली तीन दिनों तक चलेगी। कार्यकर्ता रोज रैली निकाल कर इसमें ग्रामीणों को जोड़ें और हर घर में तिरंगा लगाने के लिए लोगों को प्रेरित करें।तिरंगा यात्रा में भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंग मंडावी, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, शांति कश्यप, संतोष बघेल, विजय पांडे, खितेश्वरी मंडावी, प्रवीण सांखला, खितेश मौर्य, शेख असगर, तुलसू कश्यप, राम प्रसाद मौर्य, शीबू शाह, कीर्ति पाढ़ी, रमेश दीवान सहित सैकड़ों युवा शामिल हुए।