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दीपापावली पर जगमग हुआ अरमुरकसा ग्राम पंचायत

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दीपापावली पर जगमग हुआ अरमुरकसाग्राम पंचायत अरमुरकसा के इतिहास में पहेली बार मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं था राहगीरों को बहुत समस्या के साथ पूरी मुख्य सड़क अंधेरा रहता था ग्रामीणों के मांग पर जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस सरपंच हलधर गोरे के प्रयास से नेशनल हाईवे सड़क की मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट के लिए खंभे लगाकर पूरे मुख्य मार्ग पर स्ट्रीट लाइट लगाया गया जिससे मुख्य मार्ग आज रोशनी से जगमगा गया इस प्रकाश पर्व पर हुए बिजली की रोशनी से ग्रामीण जन हर्षित थे मानो पूरा दीपावली अरमुरकसा के ग्रामीणों के लिए ही आ गया है इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने मुख्य स्वीच की बटन दबाकर स्ट्रीट लाइट का शुभांरभ किए इस अवसर पर सरपंच सहित पूरे ग्राम पंचायत के पंच और सैकड़ों ग्रामीण जन उपस्थित होकर साक्षी बने

सरपंच हलधर गोरे ने बताया कि हमारे गांव के अंदर भी स्ट्रीट लाइट नहीं था जिसे हमारे पूर्व जनपद सदस्य संजय बैंस ने पूरा किए थे आज मुख्य मार्ग पर मैने हमारे जनपद सदस्य श्रीमती मंजू संजय बैंस के सहयोग से पूरा किया वास्तव में आज हमारे गांव का अलग ही रौनक लग रहा है मेरे इस काम पर मैं अपने पूरे पंचों को भी धन्यवाद देता हु हम सबका सपना आज साकार हुआ कार्यक्रम के मुख्यातिथि जनपद सदस्य मंजू संजय बैंस ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब जब अरमूरकसा में विकास की गौरव गाथा लिखा जाता है तब तब मुझे उतनी ही खुशी होती है और इस बार तो हमारे सरपंच श्री हलधर गोरे जी विकास पुरुष के नाम से ही पहचान बना चुके है मेरे जनपद क्षेत्र में इसके पूर्व मेरे पति को आपने आशीर्वाद देकर जो सेवा का मौका दिए थे उसी कड़ी को मै आगे बढ़ाते हुए उसे पूरा करूंगी जल्द हमारे ग्राम पंचायत अरमुरकसा के बस्ती पारा और नया पारा के लिए मेरे प्रयास से 20 लाख रूपये की सीसी रोड निर्माण की राशि स्वीकृति मिल चुका है दीपावली के तुरंत बाद सड़क निर्माण के कार्य प्रारंभ हो जाएगा रेलवे पारा में पानी की समस्या रहता है मेरे दौरे के समय मोहल्ले वासी मुझे समस्या से अवगत कराए थे रेलवे पारा के बोर खनन और पाइप लाइन विस्तार के लिए अपने निधि से दो लाख रुपए स्वीकृति किए है हम सबके प्रयास से गांव धीरे धीरे विकास की ओर बढ़ रहा है ग्रामीणों के द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया कार्यक्रम का संचालन श्रीकांत लीडिया और आभार प्रदर्शन सचिव बिना टेकाम ने किया इस अवसर पर उप सरपंच ओम प्रकाश भूआर्य ग्राम पंचायत के पंच लिखन राम कृष्णकांत द्रोपति बाई दुर्गा बाई भुनेश्वरी नायक मीना बाई जानकी बाई बमलेश्वरी बाई गेंदी बाई निर्मला बाई चंद्रकली बलदेव दास कोतवाल जागृत राम दिलीप मसिया सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे

कमरे के अंदर मिली मां और बेटी का लाश

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दल्लीराहरा :- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिलदहला देने वाली घटना सामने आई है । जो शिकारीपारा का मामला जो एक मां को ममता की मूर्त कहा जाते थे जो आज लेकिन इस इतिहास को पलट कर रख दिया यहां मामला जो बालोद के शिकारी पारा के एक घर में मां अपनी मासूम बेटी को मारकर खुद ही फांसी के फंदे में लटकर अपनी जान दे दी । घटना के पश्चात् पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की पुष्ठि कर रही हैं।

सुशासन में वनंाचल के ग्राम जुनवानी की दीपावली की खुशियाँ हुई दोगुनीवर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान,

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बालोद :- छत्तीसगढ़ शासनसमाचार सुशासन में वनंाचल के ग्राम जुनवानी की दीपावली की खुशियाँ हुई दोगुनीवर्षों पुरानी समस्या का हुआ समाधान, खुला नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकानग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार बालोद, 17 अक्टूबर 2025बालोद जिले के डौंडी विकासखण्ड के वनांचल क्षेत्र में स्थित ग्राम जुनवानी में इस वर्ष दीपावली की खुशियाँ दोगुनी हो गई हैं। इसका कारण है, यहां के लगभग ’’70 परिवारों की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान’’, जो कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में संभव हो पाया है। ग्रामीणों को अब अपने ही गांव में नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान से राशन प्राप्त हो रहा है, जिससे उन्हें अब दूर ग्राम भर्रीटोला नहीं जाना पड़ता। पहले ग्रामीणों को राशन लेने के लिए लगभग 05 किलोमीटर दूर ग्राम भर्रीटोला जाना पड़ता था, जहां कच्ची सड़कों के कारण विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब गांव में ही शासकीय उचित मूल्य की दुकान शुरू होने से ग्रामीणों के चेहरे पर खुशी झलक रही है।ग्राम जुनवानी के निवासी हरिश्चन्द्र नायक ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन का परिणाम है कि वर्षों से चली आ रही हमारी समस्या का समाधान इस बार दीपावली से पहले ही हो गया है। इस बार दीपावली में हम ग्रामीणों की खुशियाॅ दोगुनी हो गई है, अब हमें राशन के लिए दूर नहीं जाना पड़ता, जिससे समय और पैसे दोनों की बचत हो रही है। इसी तरह ग्रामीण सालिक राम कोलियारा ने कहा कि पहले राशन लाने के लिए कच्चे रास्ते पर चलना पड़ता था।

रास्ता खराब होने से राशन का सामान लाने में काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, अब गांव में ही दुकान खुलने से महिला-पुरुष सभी को बड़ी राहत मिली है। ग्राम की बुजुर्ग महिला श्रीमती तीज बाई ने बताया कि पहले उन्हें हर बार किसी को साथ लेकर भर्रीटोला जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही राशन मिलने से वे ’’स्वयं ही राशन लेने जाती हैं’’, जिससे सुविधा और आत्मनिर्भरता दोनों बढ़ी है। इसी तरह श्रीमती अनिता कोलियारा ने कहा कि पहले जब राशन लेने दूसरे गांव जाते थे, तो एक दिन पूरा निकल जाता था और थकान भी बहुत होती थी, अब गांव में दुकान होने से समय की बचत और सुविधा दोनों मिल रही है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधि संजय बैस ने बताया कि ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तिहार में आयोजित शिविर में गांव में राशन दुकान खोलने की मांग की थी, जिस पर शासन-प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ग्राम जुनवानी में नवीन शासकीय उचित मूल्य की दुकान का संचालन शुरू कराया है। उन्होंने कहा कि यह मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील नेतृत्व और त्वरित निर्णय क्षमता का परिणाम है कि ग्रामीणों को दीपावली से पहले यह बड़ी सौगात मिली है। ग्रामीणों ने नवीन दुकान की शुरुआत पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन के इस कदम से न केवल हम ग्रामीणों का समय और श्रम बचा है, बल्कि हमें शासन की योजनाओं का लाभ भी ’’आसानी और सम्मानपूर्वक’’ मिल रहा है। ग्राम जुनवानी के लोगों के लिए यह दीपावली ’’उम्मीद, सुविधा और दोगुनी खुशी का पर्व’’ बन गई है.

बस्तर संभाग के शिक्षकों में जेडी के खिलाफ भड़की ज्वाला; आर पार की लड़ाई शुरू

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संयुक्त संचालक की कार्यप्रणाली बेहद नाराज हैं शिक्षक शिक्षिकाएं

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर संभाग के शिक्षा विभाग में ड्रेस कोड के नाम पर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक शिक्षक को संयुक्त संचालक शिक्षा ने ड्रेस कोड के नाम से ऑफिस के चैंबर में घुसने नहीं दिया। इस घटना से आक्रोशित पूरे प्रदेश के शिक्षक आंदोलन मोड पर आ गए हैं। इसका नजारा गुरुवार शाम को बस्तर जिले में देखने को मिला। जहां जेडी मुर्दाबाद, जेडी भगाओ बस्तर बचाओ, जेडी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारों के साथ हजारों शिक्षकों ने लामबंद होकर कमिश्नर और कलेक्टर को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने के बाद शिक्षक रैली की शक्ल में बस्तर सांसद को मिले और उन्हें भी ज्ञापन दिया।

विश्वस्त सूत्रों से पता चला है कि इसी के डर से जेडी ने सरपंचों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के कुछ वीडियो बनवाए, अपनी तारीफ करवाकर अपने आप को पाक साफ साबित करने में लगे हैं। शिक्षक संगठनों ने तो यहां तक कहा है कि जेडी ऑफिस भ्रष्टाचारियों की पनाहगाह बन गया है। जेडी इससे पहले डीईओ हुआ करते थे, तब भी पूरा शिक्षक समुदाय और सहकर्मी इनसे त्रस्त थे। इनको वहां से हटाने के बाद वहां पर आतिशबाजी तक हुई थी। एसीबी से भी धरे जा चुके हैं। शिक्षक संगठनों का कहना है कि जेडी साहब को अपनी रील बनाकर सोशल मीडिया में डालने का भी चस्का है। वहीं उनके ऑफिस में एक पूर्व डीईओ जो कोंडागांव में फोटो घोटाले का मुख्य आरोपी रहे हैं, उन्हें सहायक संचालक बनाकर उपकृत किया गया है। ऐसे अधिकारी जो लगभग 20 वर्षों से अपनी मूल शालाओं में कभी नहीं गए न ही कभी अध्यापन कार्य करवाया है। और स्कूल जाने के डर से ऐसे पदों पर चाटुकारी कर जमे हुए हैं।शिक्षक साझा मंच ने मांग की है कि इन्हें इनके मूल पद पर वापस भेजें और ऐसे कर्मचारियों को कभी भी प्रतिनियुक्त पर ना भेजें।

ज्ञापन में गंभीर आरोप

शिक्षक साझा मंच द्वारा सांसद, संभाग आयुक्त और कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में संयुक्त संचालक शिक्षा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि संयुक्त संचालक राकेश पांडे जब से संयुक्त संचालक का कार्यभार ग्रहण किए हैं तब से पूरे संभाग में भय और आतंक का माहौल बनाकर रखे हैं। प्रतिदिन रील और वीडियो ऑडियो के माध्यम से शिक्षकों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। स्पष्टीकरण देने गए प्रधान पाठक प्रकाश नेताम को संयुक्त संचालक ने फटकार लगाकर भगा दिया। किसी भी स्कूल की प्रार्थना सभा में जाकर शिक्षकों को बच्चों के सामने अपमान करके निलंबित करने एवं वेतन वृद्धि रोकने की धमकी देते हैं। शिक्षक डेली डायरी में भी त्रुटि निकाल कर सीधे दो वेतन वृद्धि रोकने या निलंबन की कार्यवाही कर रहे हैं।राज्य शासन द्वारा मध्यान भोजन के लिए दिए जाने वाले चावल को मोटा चावल है कहकर शिक्षकों पर कार्यवाही कर रहे हैं। मध्यन्ह भोजन में जानबूझकर कमी निकलकर शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से अपमानित करते हैं और वीडियो बनाकर वायरल करते हैं तथा शिक्षकों के वेतन वृद्धि रोकने एवं निलंबन की कार्रवाई करते हैं। सीएससी के पदोन्नति व्याख्याता पद पर होने के बाद सीएसी के रिक्त पद को संयुक्त संचालक कार्यालय से पोस्टिंग मौखिक रूप से डीईओ और डीएमसी पर दबाव डालकर कराई जाती है, जबकि डीईओ और डीएमसी के प्रस्ताव के द्वारा जिले के कलेक्टर के अनुमोदन के बाद डीईओ को यह कार्य करना होता है। प्राचार्य पदोन्नति काउंसलिंग के बाद पदस्थापित प्राचार्य को संयुक्त संचालक ने एमएलबी क्रमांक 1 में संलग्न कर दिया है। व्याख्याता पदस्थापना एवं स्थानांतरण का जिम्मा लोक शिक्षण संचालनालय पर है परंतु जेडी ने अपने कार्यालय में दूसरे जिले के व्याख्याता को लाकर सहायक संचालक के पद पर संलग्नीकरण किया है। कांकेर जिले से एक लिपिक का संलग्नीकरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगत सिंह जगदलपुर में किया गया है।जेडी ने विभागके दो चपरासियों को अपने घर में कार्य करने के लिए रखा है।पोटा केबिन और कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम शालाओं से और जितने भी आश्रम शालाएं हैं उनसे राशि लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। पूर्व संयुक्त संचालक संजीव श्रीवास्तव द्वारा शाला निरीक्षण में की गई कार्रवाई की फाइल खोल कर समस्त बीईओ को दबाव डालकर शिक्षकों पर कार्यवाही करने का भय दिखाकर उगाही के लिए दबाव बनाया जा रहा है। जेडी की कार्यप्रणाली से महिला शिक्षक सबसे ज्यादा प्रताड़ित हो रही हैं। इसी दबाव के चलते शिक्षिका संतोषी बिसाई स्कूल जाते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गई और अपना हाथ गवां बैठी।

बंदूकें थामने वाले हाथ आज महक उठे गुलाब के फूलों और पावन संविधान से

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इतिहास रच गया नक्सल गढ़ बस्तर; 208 महिला पुरुष नक्सलियों ने किया सरेंडर

`पूना मारगेम’ के जरिए नक्सली लौटे मुख्यधारा में

अर्जुन झा-

जगदलपुर तारीख 17 अक्टूबर, दिन शुक्रवार। यह तारीख और दिन नक्सल गढ़ बस्तर के लिए ऐतिहासिक साबित हुए हैं। जिन हाथों में नफरती बंदूकें हुआ करती थीं, उन हाथों में प्रेम के प्रतीक महकते गुलाब के फूल और पावन संविधान की प्रति देख समूचा बस्तर आल्हादित हो उठा, हर तरफ खुशी की लहर दौड़ गई।पुलिस द्वारा संचालित ‘पूना मारगेम अर्थात पुनर्वास से पुनर्जीवन’ कार्यक्रम के तहत एक बार फिर दो सैकड़ा से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का संकल्प लिया। यह प्रेरणादायक आयोजन शुक्रवार को पुलिस लाइन, जगदलपुर में आयोजित हुआ, जिसमें प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों का स्वागत परंपरागत मांझी- चालकी द्वारा किया गया। उन्हें संविधान की प्रति और प्रेम, शांति एवं नए जीवन के प्रतीक लाल गुलाब भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नक्सल उन्मूलन प्रभारी एडीजी विवेकानंद सिन्हा, सीआरपीएफ के बस्तर रेंज प्रभारी, कमिश्नर डोमन सिंह, बस्तर रेंज आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर बस्तर हरिस एस, बस्तर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक, पूर्व पुलिस अधीक्षक, नक्सल उन्मूलन गतिविधियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। डीजीपी गौतम ने अपने संबोधन में कहा कि पूना मारगेम का उद्देश्य केवल नक्सलवाद से दूरी बनाना नहीं, बल्कि जीवन को नई दिशा देना है। जो आज मुख्यधारा में लौटे हैं, वे समाज में शांति, विकास और विश्वास के दूत बनेंगे।उन्होंने आत्मसमर्पित माओवादियों से कहा कि वे अब अपने अनुभव और ऊर्जा को समाज निर्माण में लगाएं, ताकि बस्तर का भविष्य उज्ज्वल हो सके।कार्यक्रम के दौरान पुलिस विभाग द्वारा आत्मसमर्पित कैडर्स को पुनर्वास सहायता राशि, आवास और आजीविका से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन इन युवाओं को स्वरोजगार, कौशल विकास और शिक्षा के अवसर प्रदान कर रही है, जिससे वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।मांझी-चालकी प्रतिनिधियों ने कहा कि बस्तर की परंपरा और संस्कृति हमेशा से प्रेम, सह अस्तित्व और शांति का संदेश देती रही है, और जो साथी अब लौटे हैं, वे इस भावना को मजबूत करेंगे।कार्यक्रम के अंत में सभी आत्मसमर्पित माओवादियों ने संविधान की शपथ लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट की। पुलिस बैंड द्वारा वंदे मातरम् की धुन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। आज के कार्यक्रम में कुल 208 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इनमें 110 महिला और 98 पुरुष नक्सली शामिल हैं। इनमें सीसीएम सदस्य 1, डीकेएसजेडसी 4,रीजनल कमिटी मेंबर 1, डीसीवीएम 21, एसीएम स्तर के 61, पार्टी सदस्य 98, पीएलजीए सदस्य, आरपीसी सदस्य व अन्य 22 नक्सली शामिल हैं।

सौंपे 153 घातक हथियार

डंडाकरण्य कमेटी के इन नक्सलियों ने बड़ी संख्या में घातक और आधुनिक हथियार भी पुलिस को सौंपे हैं। इनमें एके- 47 राइफल 19 नग, एसएलआर राइफल 17 नग, इंसास राइफल 23 नग, इंसास लाइट मशीन गन 1 नग, .303 राइफल 36 नग, कार्बाइन 4 नग, बीजीएल लांचर 11 नग, 12 बोर सिंगल शॉट 41 नग, पिस्टल 1 नग समेत कुल 153 हथियार सरेंडर किए गए हैं।

मुख्यमंत्री साय पहुंचे जगदलपुर, भव्य स्वागत

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जगदलपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के बस्तर प्रवास पर शुक्रवार को मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने आत्मीय स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय के साथ उप मुख्यमंत्री द्वय विजय शर्मा और अरुण साव भी पहुंचे हैं। इस दौरान बस्तर सांसद महेश कश्यप, जगदलपुर विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, महापौर संजय पाण्डेय सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों का किया सम्मान

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कलेक्टर ने राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शामिल होने वाले प्रतिभागियों का किया सम्मान जिले के वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीबालोद, 16 अक्टूबर 2025कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बुधवार 15 अक्टूबर को संयुक्त जिला कार्यालय स्थित अपने कक्ष में राज्य स्तरीय वेटलिफ्टिंग प्रतियोगिता में शामिल होने वाले राजहरा वेटलिफ्टिंग एसोशिएशन के प्रतिभागी खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें मेडल पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने वेटलिफ्टिंग खिलाड़ियों के मांग पर दल्लीराजहरा में खिलाड़ियों के जरूरी सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

दीगर राज्य से साइबर अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही बालोद पुलिस को सफलता

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  • बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता PM KISAN APK FILE भेज कर बीएसपी रिटायर बुजुर्ग से किया था 12,13,860 (बारह लाख तरह हजार आठ सौ साठ) की ठगी , गिरोह के मुख्य एक फरार आरोपी को मधुपुर देवघर झारखंड से गिरफ्तार करने में मिली कामयाबी।
  • साइबर सेल बालोद व थाना डौण्डीलोहारा से बनी थी विशेष टीम ।
  • दीगर राज्य से साइबर अपराधियों को पकड़ने में लगातार मिल रही बालोद पुलिस को सफलता

पुलिस अधीक्षक बालोद  योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर व उप पुलिस अधीक्षक बालोद देवांश सिंह राठौर के पर्यावेक्षण में थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा निरीक्षक मुकेश सिंह के नेतृत्व में थाना व साइबर सेल से एक टीम गठित कर एक फरार आरोपी की पतासाजी हेतु मधुपुर झारखंड राज्य भेजा गया, टीम द्वारा वहां कैम्प कर लोकल इंट मुखबिर लगाकर और लोकल थाना के सहयोग से प्रकरण में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी ने थाना आकर एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि प्रार्थी/पीड़ित जो बीएसपी से रिटायर कर्मचारी है जो अपने रिटायरमेंट का पैसा अपने पंजाब नेशनल बैंक के खाता में जमा रखा था कि अज्ञात आरोपी द्वारा प्रार्थी के व्हाट्सएप में पीएम किसान APK फाइल भेज कर उसके व्हाट्सएप, मोबाइल को हैक कर प्रार्थी के पंजाब नेशनल बैंक के खाते से 12,13,860 रुपए निकाल कर धोखाधडी किया गया है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना डौंडीलोहारा में अपराध क्रमांक 101/25 धारा 317(4) बीएनएस कायम कर विवेचना में लिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद द्वारा थाना डौंडीलोहारा और साइबर सेल से विशेष टीम बना कर प्रकरण के आरोपियों को जल्द पकड़ने निर्देशित किया गया । टीम द्वारा प्रार्थी के बयान के आधार पर प्रार्थी के मोबाइल पर व्हाट्सएप में PM KISHAN APK फाइल भेज उसका मोबाइल हैक कर उसके ही मोबाइल नंबर के सिम का क्लोन तैयार कर प्रार्थी के नाम का ही ई सिम जनरेट कर लिया और उसके नंबर पर ओटीपी लेकर फोन पे जनरेट कर अलग अलग यूपीआई के माध्यम से ऑनलाइन रकम डिजिटल ट्रांसफर किया गया। प्रार्थी के बैंक खाता का एनालिसिस करने पर विभिन्न एप के माध्यम से रकम ट्रांसफर किया गया। आरोपियों के संबध में संदेही बैंक खातों की जानकारी,केवायसी मोबाइल नम्बर इत्यादि तकनीकी जानकारी एकत्र कर आरोपियों की पुख्ता जानकारी होने पर विशेष टीम को जमुई बिहार रवाना किया गया था। टीम जमुई बिहार पहुंच कर वहां कैंप कर लोकल संनसूचना पर लोकल पुलिस की मदद से संदेहियों की जानकारी प्राप्त कर आरोपियों को घेरा बंदी कर टीम ने प्रकरण में तीनों आरोपियों को जमुई बिहार से विधिवत गिरफ्तार कर जिला बालोद लाया गया था उक्त प्रकरण में मुख्य आरोपी विकास कुमार दास फरार था । जिसे टीम द्वारा मधुपुर देवघर झारखंड से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर दिनांक 15.10.25 को जिला बालोद लाया गया. आरोपी को पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड में जेल भेजा जा रहा है।

 

आरोपी के कब्जे से विभिन्न डिजिटल पेमेंट कार्ड. पोस्ट बैंक का 🏧 कार्ड और एक मोबाइल जप्त किया गया है।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी

1. नीतीश कुमार दास पिता उमेश रवि दास उम्र 22 साल ग्राम झुण्डों थाना खैरा जिला जमुई बिहार।

2. अरविंद कुमार दास पिता प्रमोद दास उम्र 18 साल पता ग्राम बटपाल थाना चकई जिला जमुई बिहार ।

3. राकेश कुमार दास पिता उमेश रवि दास उम्र 21 साल ग्राम झुण्डों थाना खैरा जिला जमुई बिहार ।

प्रकरण का मुख्य आरोपी जिसे गिरफ्तार कर बालोद लाया गया

4. नाम गिरफ्तार आरोपी- विकास कुमार दास पिता गुड्डू दास उम्र 23 साल निवासी ग्राम केसर गढा थाना मधुपुर जिला देवघर झारखंड* आरोपी विकास कुमार दास के विरोध पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड का होना पाया गया है थाना देवघर साइबर थाना में अपराध क्रमांक 66/ 21 धारा 419.420.467.468.471. 120b. आईपीसी एवम् 66c.66d.84c it act दर्ज होना पाया गया हैI

पीएम किसान के नाम पर APK फाइल भेज कर प्रार्थी के साथ धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी को मधुपुर देवघर झारखंड से पकड़ने में मुख्य रूप से थाना प्रभारी डौण्डीलोहारा से निरीक्षक श्री मुकेश सिंह, साइबर सेल प्रभारी स.उ.नि. धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक अरविंद यादव, आरक्षक संदीप यादव, पुरण देवांगन, योगेश पटेल, गुलझारी साहू साइबर सेल, धर्मेंद्र सेन. ओम प्रकाश थाना लोहारा का विशेष सराहनीय योगदान रहा।

 

बस्तर संभाग में गौण खनिज रेत खदानों की ई-नीलामी पर तत्काल रोक लगाए सरकार: विक्रम मंडावी

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  •  पंचायतों के संवैधानिक अधिकारों का हनन कर रही भाजपा सरकार: विक्रम

जगदलपुर राज्य की भाजपा सरकार के एक फैसले के खिलाफ बीजापुर के विधायक एवं कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी फिर मुखर हो गए हैं। यह फैसला है गौण खनिज रेत खदानों की ई-नीलामी का। तेज तर्रार आदिवासी विधायक विक्रम मंडावी ने सरकार के इस फैसले को ग्राम पंचायतों और स्थानीय निकायों के संवैधानिक अधिकारों का हनन बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है और इस फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है।

बुधवार को जारी एक बयान में विधायक विक्रम शाह मंडावी ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार से मांग की है कि बस्तर संभाग में गौण खनिज रेत खदानों की ई-नीलामी की प्रक्रिया पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की नीति के अनुरूप रेत खदानें ग्राम पंचायतों को आवंटित की जाएं, ताकि ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त किया जा सके और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल सके।

विक्रम मंडावी ने गौण खनिज रेत खदानों की ई-नीलामी पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बस्तर संभाग आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जो भारतीय संविधान की पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत आता है। इस क्षेत्र में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 पेसा कानून लागू है, जो ग्राम पंचायतों को प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि रेत खदानों की ई-नीलामी की प्रक्रिया पंचायतों के संवैधानिक अधिकारों को खत्म करने का प्रयास है और यह पेसा कानून के प्रावधानों के खिलाफ है।

उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का उपक्रम

कांग्रेस नेता एवं विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा पर उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाते हुए आगे कहा कि प्रदेश में जबसे भाजपा की डबल इंजन की सरकार बनी है तबसे भाजपा सरकार बस्तर संभाग के प्राकृतिक संसाधनों को बेचने का काम कर रही है। रेत खदानों के ई-नीलामी की प्रक्रिया भी रेत खदानों को बड़े उद्योगपतियों को बेचने का हिस्सा है, इससे शांतिप्रिय क्षेत्र में अशांति फैलेगी और युवाओं में बेरोजगारी बढ़ेगी।

आदिवासी क्षेत्र को कमजोर करने की साजिश

कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी ने भाजपा की डबल इंजन सरकार पर आरोप लगाया कि वह आदिवासी क्षेत्रों में ग्राम पंचायतों को कमजोर करने की साजिश रच रही है। विक्रम मंडावी ने अपने आगे कहा कि रेत खदानों का आवंटन ग्राम पंचायतों को देने से न केवल पंचायतों का राजस्व बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए आवश्यक है। इसके विपरीत, ई-नीलामी के जरिए रेत खदानों को निजी हाथों में सौंपने से बड़े ठेकेदारों को फायदा होगा, जबकि स्थानीय समुदाय और पंचायतें आर्थिक नुकसान झेलेंगी। कांग्रेस नेता विक्रम मंडावी ने यह भी कहा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने रेत खदानों को ग्राम पंचायतों को सौंपकर एक ऐसी व्यवस्था स्थापित की थी, जिसमें स्थानीय समुदायों को प्राकृतिक संसाधनों का लाभ मिलता था। इस नीति ने पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया और ग्रामीण विकास को बढ़ावा दिया। उन्होंने मांग की कि भाजपा सरकार तत्काल ई-नीलामी की प्रक्रिया को रद्द करे और रेत खदानों को पुनः ग्राम पंचायतों को सौंपे, ताकि संवैधानिक प्रावधानों का सम्मान हो और आदिवासी क्षेत्रों में विकास की गति बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने इस मुद्दे पर तुरंत कार्रवाई नहीं की, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।

ढाई एकड़ जमीन वाले परिवारों को राशन से वंचित करना गरीबों के साथ अन्याय: पूरन सिंह कश्यप

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  •  राशन पाना गरीबों का मौलिक अधिकार: पूरन
  • खेती योग्य नहीं है बस्तर की अधिकांश जमीन

जगदलपुर छत्तीसगढ़ में सरकार द्वारा ढाई एकड़ से अधिक जमीन रखने वाले परिवारों को राशन योजना से बाहर करने की तैयारी ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। बस्तर, दंतेवाड़ा, कांकेर जैसे आदिवासी इलाकों में इस फैसले को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। ग्राम पंचायत बड़े चकवा के उप सरपंच पूरन सिंह कश्यप ने इस निर्णय को गरीबों के साथ खुला धोखा और अन्याय बताया है।

उप सरपंच पूरन सिंह कश्यप ने कहा है कि यह नीति सरकार के उस सुशासन योजना के वादे को झुठलाती है, जो गरीबों और किसानों के अधिकारों की रक्षा के नाम पर बनाई गई है। पूरन सिंह कश्यप का कहना है कि बस्तर के अधिकांश आदिवासी किसानों के पास ढाई एकड़ से अधिक जमीन भले ही कागजों में दर्ज हो, लेकिन वास्तविकता में वह जमीन खेती योग्य नहीं है। पहाड़ी, पथरीली और बंजर जमीन से किसी भी परिवार का पालन-पोषण मुश्किल है। फिर भी सरकार केवल जमीन के माप के आधार पर यह तय कर रही है कि कौन गरीब है और कौन नहीं? यह नीति न केवल गलत है, बल्कि आदिवासी समाज के जीवन यथार्थ की अनदेखी भी है। राज्य सरकार के इस कदम से हजारों परिवारों के सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। श्री कश्यप ने कहा- राशन कार्ड निरस्त होने से गरीब परिवारों की रसोई में अनाज का अभाव हो जाएगा। ऐसे में सरकार के गरीबी उन्मूलन के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। पूरन सिंह कश्यप ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से केंद्र के मापदंडों पर आधारित है, जबकि राज्य सरकार को अपने स्थानीय हालात के अनुसार मानदंड तय करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो बस्तर के किसान, मजदूर और आदिवासी समुदाय लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे। पूरन सिंह कश्यप ने इस मुद्दे को पुरजोर ढंग से उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब यह मामला राज्य सरकार के लिए राजनीतिक संकट का रूप ले सकता है, क्योंकि आदिवासी और किसान वर्ग ही छत्तीसगढ़ की राजनीति की रीढ़ हैं। श्री कश्यप ने कहा कि यह सरकार सुशासन नहीं, गरीबों का हक छीनने वाली सरकार बन गई है।राशन गरीबों का अधिकार है, कोई अहसान नहीं।

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