- कदम से कदम मिलाकर चलने से ही कोई भी कार्य आसान होती है:– विक्रम धुर्वे
- शहीद गुहा नियोगी द्वारा किए गए कार्य विश्वासनीय है :–विक्रम धुर्व


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ग्राम पुरुर के नर्सरी के पास एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से क्षेत्र मे हड़कम मच गया। बताया जा रहा हैं की अज्ञात व्यक्ति उम्र लगभग 45 -50 साल का रंग सावला गेहूआ रंग का हाफ सफारी पहना है एवं धनबोहार झाड मे रस्सी से फासी लगाकर आत्म हत्या कर ली स्थानीय लोगों के द्वारा पुरूर पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही पुलिस घटना स्थल मे मर्ग कायम कर पंचनामा किया गया है शव का पोस्ट मार्टम कराया गया है अभी अज्ञात व्यक्ति का नाम पता नहीं चल पाया हैं तथा उक्त अज्ञात व्यक्ति का पता चलने पर मो.न.8319586686 पर सूचना करने की कष्ट करे ।


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जगदलपुर आज बस्तर साँसद दीपक बैज अपने मीडिया प्रतिनिधि शादाब अहमद के चाचा हाजी मकसूद अहमद के बड़े सुपुत्र अनीस अहमद के हल्दी कार्यक्रम में शामिल हुवे,इस अवसर पर साँसद बैज ने नए ग्रहस्थ जीवन में प्रवेश करने जा रहे दूल्हे को आशीर्वाद व अहमद परिवार को अग्रिम बधाई व शुभकामनाएं दी रस्मे-ए-हल्दी कार्यक्रम में शामिल हुए साँसद दीपक बैज को अहमद परिवार ने शाल व श्रीफल भेंट किया । इस अवसर,साँसद सोशल मीडिया प्रतिनिधि शादाब अहमद,युवा कांग्रेस उपाध्यक्ष जॉर्ज टोप्पो, अभिषेक गुप्ता, साहिल सहित अहमद परिवार के समस्त सदस्यगण मौजूद रहे।

सुकमा, 26 जनवरी 2023/ आज कैबिनेट मंत्री वाणिज्यिक कर (आबकारी), वाणिज्य और उद्योग, कवासी लखमा ने महात्मागांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) गोंगला का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ शासन के महात्वाकांक्षी योजना रीपा के अन्तर्गत महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क गोंगला में निर्मित सैनेटरी नैपकीन निर्माण इकाई, नोन वोवन बैग निर्माण इकाई, मुर्गी दाना निर्माण ईकाई, मसाला निर्माण इकाई और नोटबुक निर्माण इकाई का उद्घाटन किया। गौरतलब है कि सुकमा जिले में प्रत्येक विकासखण्ड में दो दो रीपा का निर्माण किया जा रहा है। सुकमा विकासखंड के अंतर्गत गोंगला, रामाराम, कोन्टा विकासखंड में नागल गुण्डा, एर्राबोर और छिंदगढ़ विकासखंड में कूकानार व बिरसथपाल में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क बनाया जा रहा है।इन निर्माण इकाईयों के उद्घाटन के दौरान मंत्री लखमा ने स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा कर संचालित गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और उनका उत्साहवर्धन किया। महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क उद्घाटन को संबोधित मंत्री कवासी लखमा ने कहा कि रीपा में संचालित आजीविका मूलक गतिविधियों से महिलाएं आर्थिक रूप से स्वावलम्बी होगी। उनको रोजगार मिलेगा और आमदानी बढ़ेगी। इस उद्घाटन के अवसर पर केबिनेट मंत्री कवासी लखमा ने ग्रामवासियों व महिला समूह के सदस्यों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ जीव जन्तु बोर्ड के सदस्य करण देव सिंह, नगर पालिका सुकमा के अध्यक्ष जगन्नाथ साहू, ग्राम पंचायत गोंगला के सरपंच आयता राम सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण, कलेक्टर हरिस. एस सहित अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे।

रामाराम मंदिर का दर्शन और रॉक गार्डन का किया निरीक्षण
आज मंत्री लखमा ने रामाराम मंदिर में चल रहे निर्माण कार्यों और रॉक गार्डन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य जल्द ही पूर्ण करने को कहा। साथ ही उन्होंने तालाब में हो रहे निर्माण कार्य में देरी न करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को रामाराम मेले से पूर्व ज्यादा से ज्यादा काम पूर्ण करने को कहा। इससे पूर्व उन्होंने रामाराम मंदिर का दर्शन कर पूजा अर्चना की।
फर्जी जाति प्रमाण पत्र से नौकरी पाने का है मामला
पूरा मामला फर्जी जाति प्रमाण पत्र के सहारे पुलिस में बस्तर फाइटर की नौकरी पाने से जुड़ा हुआ है। मानसिंह के मुताबिक ग्राम छोटे देवड़ा में कुछ वर्षो से आकर बसे ओड़िशा के मूल निवासी कमलोचन ने पहले मानसिंह के ननिहाल पक्ष की बोगस वंशावली में अपना नाम लिखवाकर उसके सहारे आदिवासी समुदाय का होने का फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनवा लिया। इस कथित फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर उसने बस्तर फाइटर की नौकरी भी पा ली। इस बात की भनक लगने के बाद मानसिंह ने इस मामले को लेकर मोर्चा खोल दिया। उसने कलेक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को आवेदन देकर मामले की जांच कराने व कमलोचन को नौकरी से हटाकर उसके खिलाफ एफ आईआर दर्ज कराने की मांग की थी। उसके आवेदन के आधार पर एसडीएम ओपी वर्मा ने मामले की जांच की। जांच में दृष्टया मामला फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जाति प्रमाण पत्र बनवाने का पाया गया। ग्राम पंचायत ने भी इस बात की पुष्टि की है कि कमलोचन द्वारा प्रस्तुत वंशावली फर्जी है। वह मानसिंह के ननिहाल पक्ष का वंशज है ही नहीं। इसके बावजूद कमलोचन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, उल्टे उसकी रिपोर्ट पर मानसिंह को अब कानूनी पचड़े में पुलिस ने फंसा दिया है।
–अर्जुन झा–
नगरनार नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के लिए ‘जमीन’ का बड़ा खेल खेला गया है। केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ सरकार पर विभिन्न फंड रोक देने, छत्तीसगढ़ का विकास अवरुद्ध कर देने, लोक कल्याण की योजनाओं के लिए धन न देने जैसी धमकियां देकर और दबाव डालकर क्षेत्र के आदिवासियों से अधिग्रहित की गई तथा शासकीय भूमि समेत कुल 146.05 हेक्टेयर जमीन को 99 वर्ष के पट्टे पर एनएमडीसी को दिलवा दिया। ऐसा करके केंद्र सरकार ने इस जमीन पर एनएमडीसी द्वारा नगरनार में स्थापित इस्पात संयंत्र को बेचने का रास्ता साफ करा लिया। केंद्र की भाजपा सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण के लिए प्रयासरत ही नहीं है, बल्कि उसने निजीकरण की राह में आने वाली सभी तरह की बाधाओं को भी हठकंडे अपनाकर दूर कर दिए हैं। इस स्टील प्लांट के निजीकरण की राह में केंद्र सरकार के लिए सबसे बड़ी बन रही थी वह जमीन, जिस पर नगरनार इस्पात संयंत्र स्थापित है। नगरनार इस्पात संयंत्र की जमीन राज्य सरकार के सीआईडीसी के नाम पर रही है। एनएमडीसी आयरन एंड स्टील कंपनी के एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए केंद्र सरकार की मांग पर राज्य सरकार ने नगरनार, कस्तूरी, आमागुड़ा, मंगनपुर व अन्य गांवों के आदिवासियों की और शासकीय समेत कुल 146.05 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया था। प्लांट कुल 152.06 हेक्टेयर जमीन पर स्थापित है। यह जमीन जिला उद्योग केंद्र (सीआईडीसी ) जगदलपुर के नाम थी। ऐसे में तकनीकी दिक्कतें आना लाजिमी थीं। इस वजह से केंद्र सरकार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं कर पाती। राज्य सरकार के स्वामित्व की जमीन पर स्थापित नगरनार स्टील प्लांट का निजीकरण केंद्र सरकार चाहकर भी नहीं कर सकती थी, क्योंकि बिना राज्य सरकार द्वारा एनएमडीसी को जमीन बेचे, केंद्र सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र का निजीकरण नहीं कर सकती थी।
केंद्र ने अपनाए ऐसे हथकंडे
नगरनार इस्पात संयंत्र को निजी हाथों में देने के लिए केंद्र सरकार ने ऐसे – ऐसे हथकंडे अपनाए कि राज्य सरकार को नगरनार इस्पात संयंत्र के लिए अधिग्रहित जमीन सरकार एनएमडीसी के हाथों में बेचना पड़ गया। सूत्र बताते हैं कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकार को विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए जरूरी धन राशि न देने, छत्तीसगढ़ का विकास अवरुद्ध कर देने, केंद्रीय अनुदान न देने, राज्य सरकार के अधिकारियों पर छापे डलवाने जैसी धमकियां देकर व दबाव डालकर जमीन एनएमडीसी को 99 वर्षीय पट्टे पर दिलवा दी। एनएमडीसी को जमीन की लीज मिल जाने से नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण का रास्ता साफ हो गया है। यह कदम बस्तर की माटी और बस्तरवासियों के विश्वासघात से कम नहीं है।
इस तरह हुआ जमीन का खेल
नगरनार स्टील प्लांट 152.6 हेक्टेयर जमीन पर बना है और यह जमीन महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र जगदलपुर के नाम थी। जिला उद्योग केंद्र (सीएसाआईडीसी) ने गुपचुप तरीके से यह जमीन एनएमडीसी को बेच दी है। 6 दिसंबर 2021 को सीएसआईडीसी ने 32.04 हेक्टेयर का डिमांड नोट एनएमडीसी को भेजा। तब 20 दिसंबर 2021 को एनएमडीसी ने 5 करोड़ 10 लाख 60 हज़ार 228 रुपए का भुगतान सीएसआईडीसी को कर दिया। शेष जमीन की राशि लिए 21 दिसंबर 2021 को सीएसआईडीसी ने फिर डिमांड नोट जारी किया। इस डिमांड पर एनएमडीसी ने 27 दिसंबर 2021 को 28 करोड़ 41 लाख 10 हजार 463 रुपए का भुगतान सीएसआईडीसी को किया। ऐसा इसलिए किया गया, कि एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट का हस्तांतरण किसी दूसरी कंपनी को कर सके और इसके बाद इस स्टील प्लांट में विनिवेशीकरण किया जा सके।
99 वर्ष के पट्टे पर दी गई है जमीन
उद्योग विभाग के अधिकारियों ने बताया कि एनएमडीसी आयरन एंड स्टील प्लांट को एकीकृत इस्पात प्लांट की स्थापना के लिए ग्राम नगरनार, कस्तूरी, आमागुड़ा, मंगनपुर आदि ग्रामों की कुल 146.05 हेक्टेयर शासकीय भूमि 99 वर्ष की अवधि के लिए पट्टे पर आवंटित की गई है। इस भूमि के पट्टाभिलेख का निष्पादन 14 मार्च 2022 को किया गया है। इस भूमि के आवंटन से विभाग को भू-प्रब्याजी एवं सुरक्षा निधि के रूप में कुल रु 31.14 करोड़ रूपए की राशि प्राप्त हुई है।एनएमडीसी द्वारा नगरनार स्टील प्लांट की स्थापना में लगभग 20 हजार करोड़ रूपये का निवेश किया जा चुका है।
रायपुर:- कल 26 जनवरी 2023 को बसंत पंचमी के अवसर पर आचार्य सरयू कान्त झा स्मृति संस्थान , रायपुर एवं जनकवि सुरेन्द्र रघूनाथ मिश्रा छत्तीसगढ़ छवि अन्वेषक संस्थान , रायपुर के संयुक्त तत्वावधान में ‘मैथिल गौरव सुरता ‘ कार्यक्रम का आयोजन जगन्नाथ मंदिर ,पुरानी बस्ती रायपुर ,के सभागार में गरिमामय सम्पन्न हुआ।जिसमें अपने पुरखों और पुरोधाओं के योगदान का सुरता(स्मरण किया गया . कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मैथिल ब्राह्मण समाज के वरिष्ठ शिक्षाविद श्री सुरेश कुमार ठाकुर थे।
सर्वप्रथम माँ सरस्वती के मूर्ति पर माल्यार्पण किया गया और सरस्वती वंदना की गई।तीन मैथिल गौरव आचार्य सरयुकांत झा,पंडित सुरेंद्र नाथ मिश्र,पंडित जिवेंद्रनाथ ठाकुर के फोटो पर पुष्प अर्पित किए गए।
मंचस्थ अतिथियों सुरेश कुमार ठाकुर जी,आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र, हरीश कुमार झा, संजीव ठाकुर, शारदेन्दु झा,श्रीमती डॉ सुमन मिश्र का स्वागत पुष्पमाला,बुके से किया गया।बीज वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए साहित्यकार प्रसिद्ध शिक्षाविद,आचार्य रमेन्द्र नाथ मिश्र जी ने छत्तीसगढ़ और भगवान राम के समय का आपसी संबंध के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने1402 में रायपुर के स्थापित करने की बात,माता कौशल्या का जन्मस्थान, मिथिला और कोसल राज्य के आपसी संबंध सहित छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना होने में मैथिलों की भूमिका आदि पर विस्तार से जानकारी दी।छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के प्रथम पंक्ति के राजनेता, शिक्षाविद,साहित्यकार, आचार्य सरयुकांत झा के व्यक्तित्व, कृतित्व पर साहित्यकार हरीश झा जी ने विस्तार से उनकी प्राम्भिक शिक्षा से लेकर वर्षो प्राचार्य रहने और साहित्य,समाज की सेवा में तत्पर रहते थे संस्मरण किया और बताए कि अनेक लोगो को उन्होंने सरकारी नौकरी में लगाये।अंत समय तक वे जीवंत थे उनके अनेक अनछुए पहलुओ को विस्तार से वर्णन किया गया।इसके बाद प्रसिद्ध अधिवक्ता,समाजसेवी पंडित जिवेंद्रनाथ ठाकुर जी के बारे में बोलने से पहले उनके सुपुत्र ज्योतिन्द्र नाथ ठाकुर ने मैथिल समाज के गड़मान्य जनों के अनेक नाम,इनके व्यक्तित्व,कृतित्व के बारे में बताए।ततपश्चात ज्योतींद्र नाथ ठाकुर जी ने विस्तार से अपने पिता जिवेंद्रनाथ ठाकुर जी के बारे में बताए,महिलाओं की शिक्षा,बेरोजगार युवाओं को नौकरी,सामाजिक संगठन,विभिन्न धार्मिक मठों का संरक्षण आदि के बारे में विस्तार से बताए।इसके बाद पंडित सुरेंद्र नाथ मिश्र जी के व्यक्तित्व, कृतित्व,सामाजिक,सांस्कृतिक,राजनैतिक उपलब्धियों के बारे में विस्तार से जानकारी पंडित विजय कुमार झा जी ने प्रदान किया। इन्होंने बताया की सुरेंद्र मिश्र जी 1945 मे मैथिल ब्राह्मण सभा के युवा सचिव थे।नगर निगम में शिक्षक थे,कर्मचारी संघ के अध्यक्ष थे,कामरेड सुधीर मुखर्जी के साथ प्रसिद्ध वामपंथी विचारधारा के नेता थे,अपनी बात तुकबंदी से बोलते थे,कविता में अपनी बात बोलते थे।इसके बाद सम्मान समारोह में अंतरराष्ट्रीय हिंदी सम्मेलन,मॉरीशस से लौटे मैथिल ब्राह्मण समाज के शारदेन्दु झा,श्रीमती अनिता झा,श्रीमती नीता झा का शाल,श्रीफल,सम्मान पत्र द्वारा अतिथियों ने सम्मान किया। विजय झा, ज्योतिन्द्र ठाकुर, श्रीमती शुभ्रा ठाकुर, विनोद झा,डॉ बसंतलाल झा का भी संम्मान सम्मान पत्र,शाल, श्रीफल से किया गया।सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन समीर ठाकुर द्वारा किया गया।गरिमामय कार्यक्रम में दिल्ली,राजनांदगांव,दुर्ग,भिलाई, बिलासपुर,रायपुर आदि से मैथिल ब्राह्मण समाज के लोग,इष्ट मित्र,परिचित सम्मिलित हुए।आभार प्रदर्शन मनीष कुमार झा ने किया
जगदलपुर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बस्तर सांसद दीपक बैज और संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन पर जमकर स्नेह बरसाया और दोनों को बस्तर के लिए उपयोगी बताया। मुख्यमंत्री ने विधायक रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों को खूब सराहा और कहा कि जैन अच्छा काम कर रहे हैं।
विधायक चुने जाने के बाद से ही रेखचंद जैन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुसार अपने निर्वाचन क्षेत्र में विकास की गंगा बहाते आ रहे हैं। वे गांवों का निरंतर दौरा कर ग्रामीणों के सतत संपर्क में रहते हैं। रेखचंद जैन की सक्रियता और लगन को देखते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने उन्हें नगरीय प्रशासन एवं श्रम विभाग का संसदीय सचिव बना दिया। ओहदा तथा वित्तीय अधिकार बढ़ने के साथ ही जैन दोगुने उत्साह के साथ जनसेवा के कार्यों और गांवों के विकास तथा वहां जन सुविधाएं बढ़ाने में जुट गए। बीते लगभग चार साल में संसदीय सचिव एवं विधायक रेखचंद जैन ने विकास की रौशनी से ऐसे गांवों को भी जगमग कर दिया, जहां जाने की जरूरत भी पहले के जनप्रतिनिधि नहीं करते थे। ऐसे उपेक्षित पड़े गांवों के लोगों की उम्मीदें बिखर चुकी थीं, उनका विश्वास नेताओं और जनप्रतिनिधियों से लगभग उठ सा चुका था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, सांसद दीपक बैज, राज्य, राज्य शासन के अन्य मंत्रियों तथा बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेश्वर बघेल के सहयोग से जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण व शहरी इलाकों में विकास की नई बयार बहा दी है। जगदलपुर शहर और गांवों में जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए श्री जैन ने सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य समेत तमाम अन्य बुनियादी जरूरतों के कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करवाया है। नेताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रति उपजी अविश्वास की जन भावना रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों की बदौलत अब विश्वास में बदल चुकी है। लोग अब खुलकर कहने लगे हैं कि भूपेश बघेल की सरकार ने कई मिथक तोड़ कर रख दिए हैं, अब महसूस होता है कि छत्तीसगढ़ में जमीनी तौर पर काम करने वाली ईमानदार सरकार है। रेखचंद जैन ने अपने काम के बूते क्षेत्र में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम का डंका बजवा दिया है। लोग मुख्यमंत्री बघेल और संसदीय सचिव रेखचंद जैन की कार्यशैली के कायल हो गए हैं। दो दिवसीय प्रवास पर जगदलपुर आए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सांसद दीपक बैज और विधायक रेखचंद जैन द्वारा कराए गए कार्यों की दिल खोलकर तारीफ की। खासकर जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से श्री बघेल बेहद प्रभावित नजर आए। क्षेत्र के जनमानस में स्थापित हो चुकी रेखचंद जैन की शानदार छवि ने भी मुख्यमंत्री का दिल जीत लिया। जैन ने उत्कृष्ट कार्यों के जरिए न सिर्फ अपने नाम का परचम लहराया है, बल्कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी सर्वमान्य नेता के रूप में प्रतिष्ठित करा दिया है।
जगदलपुर विगत 8 वर्षों से सुखसागर देवी शिक्षा सेवा संस्थान के द्वारा संचालित सुखसागर देवी अकैडमी धर्मपुरा में वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में राकेश तिवारी कार्यक्रम की अध्यक्षता कमल देव झा जी के द्वारा की गई कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता की पूजा कर कर प्रारंभ किया गया संस्था के संचालक रोशन झा ने बताया कि प्रति वर्ष की भांति 26 जनवरी के दिन विद्यालय में छात्र छात्राओं के द्वारा बहुत ही आकर्षक रंगारंग प्रस्तुति दी गई और हर कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़कर सानिया मुख्य अतिथि राकेश तिवारी जी ने कहा कि आज शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रही है हर एक संस्था को मैं प्रणाम करता हूं और सुखसागर देवी शिक्षा सेवा संस्थान के द्वारा संचालित विद्यालय को जब भी किस प्रकार की आवश्यकता हो मैं हमेशा उनके साथ खड़ा हूं यहां के छात्रों का कार्यक्रम देंगे मुझे अपने बचपन के दिन याद आ गए मैं इस विद्यालय के समस्त शिक्षिका एवं शिक्षकों को इन नन्हे बच्चों के द्वारा जो कड़ी मेहनत कर कार्यक्रम को सफल बनाया गया है मैं सभी शिक्षक शिक्षिकाओं को धन्यवाद करता हूं इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से संस्था के प्राचार्य प्रतिभा मिश्रा धीरज कश्यप सूर्य भूषण सिंह मीना ब्रिज देविका कश्यप फरहद नम्रता मेंडम के साथ-साथ छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित थे ।