बालोद – ग्राम बोरतरा के किसान राइस मिल के सामने यथावत हाईवा रख देते जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है…यथावत वाहन रखने के ऊपर नहीं हो रही कार्यवाही..
बालोद जिले के गुरुर ब्लाक के ग्राम बोरतरा के किसान राइस मिल के सामने हाईवा यथावत रख देते हैं जिससे आवागमन प्रभावित होता है एवं दुपहिया या सवारी वाहनों में आने जाने वाले लोगो को परेशानी झेलनी पड़ती है और यही वजह सड़क दुर्घटना का कारण बनती है | इस विषय पर मीडियाकर्मियों ने गुरुर के थाना प्रभारी रोहित मालेकर से भी कहा की इस प्रकार वाहन रखना सड़क दुर्घटना को आमंत्रण देना है थाना प्रभारी रोहित मालेकर ने कहा ठीक है मैं चेक करवाता हूं लेकिन अभी तक वाहन रखने वाले के ऊपर कोई कार्यवाही नहीं हुई।
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टाउनशिप की समस्याओं को लेकर संयुक्त खदान मजदूर संघ का प्रतिनिधिमंडल नगर प्रशासक महाप्रबंधक व्ही के श्रीवास्तव से मिला और यूनियन प्रतिनिधियों ने नगर प्रशासक से कहा कि राजहरा टाउनशिप के अंदर निम्न समस्याएं हैं। आप सभी समस्याओं को उचित निराकरण जल्द से जल्द करें:
1) गर्मी का मौसम आ गया है घरों में कूलर तथा दैनिक कार्यों के लिए पानी की ज्यादा आवश्यकता होती है निस्तारित के लिए पानी की खपत बढ़ जाति है । आप गर्मी के मौसम में दो समय पानी की सप्लाई को चालू करवाएं । 2) टाउनशिप के अंदर पानी की पाइप लाइन में जहां जहां पर भी पानी लीकेज हो रहा है । उन पाइप लाइनों की प्राथमिकता से मरम्मत कराई जावे। 3) जहा जहां-जहां सीवरेज लाइन की पाइप टूटी है या गंदा पानी लीकेज हो रहा है उसकी तत्काल मरम्मत कराई जावे एवं गंदे पानी की निकासी सुचारू रूप से हो यह निश्चित किया जाए ताकि बारिश के दिनों में कर्मचारियों तथा उनके परिवार को कोई परेशानी ना हो।
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आज की बैठक में यूनियन प्रतिनिधियों में संगठन सचिव तोरण लाल साहू, कार्यकारी अध्यक्ष दान सिंह चंद्राकर ,कार्यालय सचिव राजेश कुमार साहू थे तथा प्रबंधन की ओर से महाप्रबंधक नगर प्रशासक व्ही के श्रीवास्तव तथा सहायक महाप्रबंधक रामदेव राम भगत थे चर्चा में महाप्रबंधक व्ही के श्रीवास्तव ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी को 16 मार्च से दोनों समय के लिए टाउनशिप में सप्लाई चालू कर दी जाएगी।
टाउनशिप के अंदर पानी की पाइप लाइन तथा सीवरेज पाइप लाइन जहां कहीं भी खराब है उस पर तुरंत मरम्मत का कार्य करवा दिया जावेगा । वेलकम स्कीम के संबंध में कहा कि जल्द ही इसका टेंडर होने वाला है।
बचे हुए क्वार्टर में चैन लिंक फेंसिंग का कार्य तथा टार फेल्टिंग का कार्य के संबंध में बताया कि इसका प्रपोजल बनाकर हमने भेज दिया है। तथा पीवीसी डोर के संबंध में कहा कि हमारे पास जो भी शिकायत आएगी उसको प्राथमिकता से समाधान करवाया जाएगा ।
टाउनशिप के अंदर भारी वाहनों को रोकने के लिए जल्द ही बेरीकेड लगवाए जाएंगे लगभग 16 बेरीकेड टाउनशिप के अंदर लगाए जाएंगे ताकि भारी वाहनों का प्रवेश ना हो।
गोदरेज और जिला स्वास्थ्य समिति बस्तर और कोंडागांव के सहयोग से संचालित एम्बेड परियोजना -फैमिली हेल्थ इंडिया बस्तर और कोंडागांव के ब्यवहार परिवर्तन संचार सुगमकर्ताओ का वेक्टर बोर्न और विशेष रूप से मलेरिया विषय पर राज्य स्तरीय तीन दिवसीय क्षमतावृद्धि प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज दिनाँक 12 मार्च 2022 को आकांक्षा होटल – जगदलपुर में ,डॉ. आर. के चतुर्वेदी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी – बस्तर, डॉ. जितेंद्र कुमार – राज्य कार्यक्रम अधिकारी (NVBDCP) रायपुर, छतीसगढ़, डॉ. एस. एस. टेकाम- जिला मलेरिया अधिकारी, बस्तर, बी. के. पांडा- जिला मलेरिया सलाहकार, बस्तर, निकिता, जिला समन्वयक- मितानिन प्रोग्राम, सोम कुमार शर्मा एसोसिएट डायरेक्टर-फैमिली हेल्थ इंडिया नई दिल्ली की उपस्थित में सम्पन्न हुआ |
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में प्रमुख रूप से तीनों दिवश स्वास्थ्य विभाग से डॉ. आर. के. गोटा – संयुक्त संचालक- स्वास्थ्य-बस्तर संभाग, डॉ. अमृत लाल- जिला मलेरिया अधिकारी, इमरान खान- जिला मलेरिया सलाहकार, MTS, MLT आदि ने विभिन्न वाहक जनित रोग कौन कौन से होते है, किस वेक्टर से कौन सी बीमारी होती है, मलेरिया के सामान्य और गंभीर लक्षण, रेफर किसे करे, मलेरिया का ईलाज, तुरंत जांच और सम्पूर्ण ईलाज, IRS और LLIN के उपयोग और जरूरत, मलेरिया की RDK और स्लाइड से जांच का प्रैक्टिकल, मच्छर और पैरासाइट का जीवन चक्र, गांव स्तर पर मलेरिया नियंत्रण की रणनीति, मितानिन प्रोग्राम आदि विषय पर एम्बेड परियोजना के कार्यकर्ताओ को विस्तार से समझाया गया साथ ही, एम्बेड परियोजना में उपयोग होने वाली IEC ,BCC मटेरियल, सभी डैश बोर्ड, मोबाईल App का अवलोकन भी किया गया,और मलेरिया नियंत्रण हेतु अपने विचार रखे गए, अंत मे फैमिली हेल्थ इंडिया के बस्तर और कोंडागांव – जिला समन्वयक अवधेश सिंह और वर्षा मिश्रा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया।
नारायणपुर, 12 मार्च 2022 – छत्तीसगढ़ में सबको स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में और दूर दराज के दुर्गम इलाकों में रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना संचालित है। ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजारों में आये ग्रामीणों का इलाज करने के लिए जिला अस्पतालों से मोबाईल क्लीनिक लगाई जाती है, जिसमें चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टॉफ चिकित्सा उपकरणों एवं दवाईयां लेकर जाते हैं और चिकित्सकों के परीक्षण के उपरांत मरीज का इलाज एवं जरूरी दवाएं दी जाती है और जरूरत पड़ने पर मरीज को दूसरे अस्पताल में रिफर किया जाता है। जिले के 15 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक लगा कर जरूरतमंद मरीजांे का मौके पर ही ईलाज किया जा रहा है। जिले के हाट बाजारों में लगाये गये हाट-बाजार क्लीनिक में अब तक 14 हजार 7 सौ 11 मरीजों का निःशुल्क उपचार किया जा चुका है।
बता दें कि साप्ताहिक हाट बाजारों में डाक्टर और पैरामेडिकल टीमों की ड्यूटी लगाई गई है, जो निर्धारित रोस्टर अनुसार साप्ताहिक हाट बाजारों में बैठकर बाजार आने वाले मरीजों का निशुल्क उपचार कर रहे हैं। हाट बाजार क्लीनिक में मरीजों का ना केवल उपचार किया जाता है बल्कि बीपी, शुगर, मलेरिया आदि की जांच भी की जाती है। इसके अलावा माताओं एवं शिशुओं का टीकाकरण भी किया जाता है और आवश्यकतानुसार उन्हें जीवनरक्षक दवाईयों का निःशुल्क वितरण भी किया जाता है। जिले में अप्रैल 2021 से अब तक 14 हजार 7 सौ 11 मरीजों का उपचार किया जा चुका है। जिले के 15 हाट बाजारों में नारायणपुर विकासखंड के 8 एवं ओरछा विकासखंड के 7 हाट बाजारों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना संचालित है। नारायणपुर विकासखंड के हाट बाजारों में 242 मेडिकल टीम द्वारा 9 हजार 587 मरीजों का उपचार किया गया। वहीं ओरछा विकासखंड के 7 हाट बाजारो में 186 मेडिकल टीम द्वारा 5 हजार 124 मरीजो का उपचार किया गया है।
जगदलपुर – अंजुमन इस्लामियां कमेटी जगदलपुर के द्वारा आज मस्जिद परिसर में सभी समाज प्रमुखों की, विभिन्न संगठनों की और नगरवासियों की एक सामूहिक बैठक आयोजीत की गई जिसमें महान सूफ़ी संत के जगदलपुर बस्तर आगमन पर उनके भव्य स्वागत की तैयारी को लेकर चर्चा की गई ।
बैठक में विभिन्न समाज के प्रतिनिधि ,चैंबर ऑफ कॉमर्स, जिला अधिवक्ता संघ के प्रतिनिधि भी उपस्थित हुए और सभी ने अपने अपने विचारों से सभा को अवगत कराया सभी ने इस बात की खुशी जाहिर की की ऐसे महान संत का जगदलपुर बस्तर आगमन बहुत बड़ा अवसर है और बस्तर जो कि सभी सामाजिक भावना और प्रेम का क्षेत्र है और यहां सभी धर्म समाज के लोग मिल जुलकर एक गुलदस्ते की तरह साथ में रहते हैं ।
हम सब मिलकर 19 तारीख को महान सूफी संत के जगदलपुर आगमन पर उनका भव्य स्वागत करेंगे सभी समाज की तरफ से और नगरवासियों की तरफ से गुरु नानक चौक जगदलपुर में संत का जोरदार स्वागत किया जाएगा एवं बस्तर वासियों की तरफ से रात्रि में जमाल मिल में होने वाले आयोजन में सभी समाज प्रमुख एकत्र होकर मंच पर भी उनका स्वागत करेंगे एवं उन्हें बस्तर की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट करेंगे।
बस्तर में सभी समाज के बीच, सभी धर्म के बीच जो भाईचारा और प्रेम है वो सदैव बढ़ता रहे ऐसा आशीर्वाद सूफी संत से चाहेंगे।
बस्तर संभाग हेतु विशेष कर्मचारी चयन बोर्ड के माध्यम से तृतीय और चतुर्थ वर्ग के पदों पर भर्ती में आई तेजी
तृतीय और चतुर्थ वर्ग के 2113 पदों पर चल रही भर्ती की प्रक्रिया
जगदलपुर, 11 मार्च 2022/ बस्तर संभाग में तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विशेष कर्मचारी चयन बोर्ड के गठन से चयन प्रक्रिया में तेजी आई है। आज स्वास्थ्य विभाग के संभागीय संवर्ग के तृतीय श्रेणी के 178 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए चयन सूची जारी कर दी गई है। उल्लेखनीय है कि वर्तमान में विशेष कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा 2113 रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जा रही है।
कमिश्नर श्याम धावड़े ने बताया कि जिलों से विभिन्न विभागों में रिक्त पदों की प्राप्त जानकारी के अनुसार 935 तृतीय श्रेणी के पद और 1178 चतुर्थ श्रेणी के पद शामिल हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग के 349 तृतीय वर्ग के पद एवं 179 चतुर्थ वर्ग के पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेजों के सत्यापन के बाद वरीयता सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही अन्य विभागों के 140 तृतीय श्रेणी के तथा 687 चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेजों के सत्यापन उपरांत अप्रैल में कौशल परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग के 268 तृतीय और 312 चतुर्थ श्रेणी के पदों पर भर्ती के लिए 13 मार्च को चयन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा।
नवा रायपुर के प्रभावित 27 गांवों के किसानों को रोकने दिल्ली जैसी तगड़ी बैरिकेडिंग
रायपुर: नवा रायपुर के प्रभावित किसान आंदोलन से पीछे हटने के मूड में नजर नहीं आ रहे हैं। 27 गांवों के किसानों ने आज मंत्रालय तक मार्च की घोषणा की। किसानों के इस ऐलान के बाद सरकार की चिंता बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने आंदोलन स्थल के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। रायपुर कलेक्टर सौरभ कुमार ने मंत्रालय और आसपास के क्षेत्रों में धारा 144 घोषित कर दिया है।
बता दें कि नवा रायपुर विकास प्राधिकरण भवन के सामने पिछले 67 दिनों से किसान आंदोलन पर डटे हुए हैं. किसानों को रोकने के लिए नवा रायपुर की सड़कों पर दिल्ली किसान आंदोलन के दिनाें जैसी बैरिकेडिंग की गई है। राखी थाना चौक से मंत्रालय महानदी भवन और सचिवालय इंद्रावती भवन परिसर तक, पुलिस मुख्यालय चौक से मंत्रालय-संचालनालय भवन तक, शीतला मंदिर चौक से मंत्रालय- संचालनालय भवन तक और पंडित दीनदयाल उपाध्याय चौक से मंत्रालय- संचालनालय भवन तक 4 से अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। नवा रायपुर में कैपिटल कॉम्प्लेक्स की ओर जाने वाली सड़कों को बैरिकेड लगाकर रोक दिया गया है।
गुरुवार शाम कलेक्टर सौरभ कुमार और पुलिस अधीक्षक भी एनआरडीए भवन पहुंचे। आंदोलनकारी किसानों के प्रतिनिधिमंडल से चर्चा की। किसानों ने कहा, वे शुक्रवार को अपील आवेदन फॉर्म लेकर मुख्य सचिव को सौंपने मंत्रालय जाएंगे। अधिकारियों ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया। उनका कहना था कि बीच में ही कोई सक्षम अधिकारी किसानों से अपील फॉर्म लेकर सरकार तक पहुंचा देगा। किसानों को मंत्रालय तक नहीं जाने दिया जाएगा।
आंदोलनकारियों ने मुख्य सचिव के साथ किसान प्रतिनिधियों की बैठक कराने की मांग की। उनका कहना था, जहां पर किसानों को रोका जाए वहां पेयजल और छांव की व्यवस्था की जाए। नवा रायपुर बनाने के लिए हुए अधिग्रहण से प्रभावित गांवों के लोग 3 जनवरी से 8 मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। इनमें से अधिकांश मांगों पर पूर्ववर्ती सरकार के समय सहमति के बावजूद काम नहीं हुआ था। अभी सरकार कह रही है कि वे छह मांगों पर काम शुरू कर चुके हैं, जबकि किसान इसे अधूरा बता रहे हैं।
30 किसान नेताओं को शांति भंग का नोटिस
नई राजधानी प्रभावित किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष रूपन चंद्राकर ने बताया, अधिकारी आंदोलन में शामिल 30 से अधिक लोगों पर धारा 107 और 116 यानी शांति भंग का नोटिस तामील कराने आए थे। इस पर प्रशासनिक अधिकारी मौन बने हुए हैं। इसका कारण नहीं बताया गया है।
रमन ने उठाए सवाल, अध्यक्ष ने आधे घंटे की चर्चा स्वीकृत की
रायपुर। विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने सदन में बोधघाट परियोजना को लेकर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने सरकार पर बोधघाट सिंचाई परियोजना पर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया, साथ ही निविदा प्रक्रिया की जानकारी मांगी। उन्होंने सवाल किया कि 22 हजार करोड़ की बोधघाट परियोजना का अभी तक डीपीआर नहीं बना है। यह डीपीआर कब बनेगा।
प्रश्नकाल में डॉ. रमन ने कहा कि सरकार इस परियोजना को लेकर दंभ भरती थी। अब तक न तो इसकी जनसुनवाई हुई, पर्यावरण, केंद्र और राज्य सरकार की भी अनुमति नहीं मिल पाई है। वन विभाग की एनओसी अभी तक नहीं मिली है। सवाल का जवाब सिंचाई मंत्री रविंद्र चौबे को देना था लेकिन सदन में उनकी अनुपस्थिति के कारण मंत्री उमेश पटेल ने डॉ, रमन सिंह के सवाल का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि बोधघाट सिंचाई परियोजना के लिए प्रतिवेदन तैयार करने निविदा जारी नहीं की गई है। प्रोजेक्ट रिपोर्ट तेयार करने सर्वे भारत सरकार की एजेंसी व्योपकास से कराया जा रहा है, इसलिए डीपीआर बनाने को लेकर निश्चित समय सीमा बताया जाना संभव नहीं है। बोधघाट परियोजना का सर्वेक्षण और डीपीआर बनाने के लिए 4154.38 लाख की स्वीकृति की गई है।
समय सीमा बढ़ाई जा रही
रमन सिंह ने सवाल किया कि, योजना के लिए प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट में क्या-क्या कमी है। जवाब में उमेश पटेल ने कहा कि 70 प्रतिशत सर्वे का कार्य पूरा हो गया है। फरवरी 2022 तक समय सीमा रखी गई थी, इसे और बढ़ाया गया है। उन्होंने आसंदी से इस विषय पर चर्चा कराए जाने की मांग की, जिस पर आसंदी ने विभागीय मंत्री की अनुपस्थिति के कारण प्रश्न पर आधे घंटे की चर्चा स्वीकृत की।
मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष गर्भगृह में उतरा, निलंबित
रायपुर। विधानसभा में रेडी टू ईट को लेकर काफी हंगामा हुआ। भाजपा के विधायकों ने इसे महिलाओं से काम छीनने वाला बताकर इसकी जांच की मांग की। प्रदेश में आंगनबाड़ी में दिए जाने वाले भोजन को अब महिलाओं का समूह नहीं, बल्कि कुछ सेंट्रलाइज्ड एजेंसियां तैयार कर रही हैं, इसका ही विरोध भाजपा ने किया है। विपक्ष के विधायकों ने मांग रखी कि रेडी टू ईट का काम महिला स्व सहायता समूह को वापस दिलाया जाए। मंत्री अनिला भेंड़िया ने कहा, जांच की कोई जरूरत ही नही है, सुप्रीम कोर्ट के कहने पर कार्य किया जा रहा है। मंत्री के बायन के बाद विपक्ष के सभी सदस्य गर्भगृह में पहुंचकर नारेबाजी करने लगे। गर्भगृह में आने से भाजपा के 13 विधायक स्वयंमेव हो गए। सदन की कार्रवाई 5 मिनट के लिए स्थगित की गई, बाद में इनका निलंबन वापस ले लिया गया।
प्रश्नकाल में भाजपा विधायक रजनीश कुमार सिंह और शिवरतन शर्मा पूछा कि इस मामले पर विधायक रजनीश सिंह ने सदन में सवाल उठाया के की क्या प्रदेश में रेडी-टूटी वितरण व्यवस्था में परिवर्तन किए जाने के लिए निर्देश दिए गए है इसका कैबिनेट में निर्णय लिया गया है यदि हो तो इसके संबंध में क्या निर्देश दिए है और यह व्यवस्था में लागू की जाएगी ? बीज निगम के साथ अनुबंध किया गया है। अनुबंध की प्रति उपलब्ध कराये क्या बीज निगम का अपना प्लांट है और वह प्लाट कार्यरत है इसका में कितनी महिला समूह का कार्य छीना जाएगा। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अनिला भेड़िया ने कहा, कैबिनेट की बैठक में 22 नवंबर 2021 में निर्णय लिया गया है। छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान में प्रचलित पूरक पोषण आहार व्यवस्था अंतर्गत ईट फूड निर्माण एवं वितरण का कार्य स्थानीय महिला स्व सहायता समूहों के स्थान पर अब राज्य कृषि विकास निगम द्वारा स्थापित यूनिट के माध्यम से किये जाने का निर्देश दिए गए हैं। यह यूनिट रायगढ़ जिले में कार्यरत है। नवीन व्यवस्था प्रक्रियाधीन होने के कारण महिला स्व सहायता समूहों की नियत संख्या बताया जाना संभव नहीं है। प्रदेश में 1 अप्रैल से यह व्यवस्था में लागू की जाएगी।
बीज निगम का 26 और कंपनी को 74 प्रतिशत शेयर
भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कहा कि एक निजी व्यक्ति को काम देने सुप्रीम कोर्ट का आड़ लेकर यह काम किया जा रहा है। बीज निगम के द्वारा पीबीएस फूड्स प्रायवेट लिमिटेड के साथ अनुबंध एवं शेयर होल्डर एग्रीमेंट में संयुक्त उपक्रम छत्तीसगढ़ एग्रो फूड कारर्पाेरेशन लिमिटेड का गठन किया गया है। कंपनी में बीज निगम दो संचालक ओर संयुक्त उपक्रम सीजी एग्रो के दो संचालक नईदिल्ली के शिशिर रावत और फरीदाबाद के सुरेंद्र सिंह हैं। इसमें बीज निगम का 26 और पीबीएस का 74 प्रतिशत शेयर है। उन्होंने कहा कि यि खुला भ्रष्टाचार है, इसकी जांच करानी चाहिए।
रायगढ़ कारखाना बंद, भौतिक सत्यापन कराएं
नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक और बृजमोहन अग्रवाल ने कहा, रायगढ़ का कारखाना बंद पड़ा है। मंत्री से प्लांट का भौतिक सत्यापन कराने की मांग रखी। ग्रामीण महिलाओं ने लोन लेकर मशीन खरीदी है। इसके माध्यम से उद्योग चलाना सीख रही है उनसे काम छीनने की कोशिश हो रही है। सुप्रीम कोर्ट ने हायजिन फूड उपलब्ब्ध कराने और महिला समूहों को काम बंद करने नहीं कहा है। सरकार इसके बहाने 20 हजार महिला समूहों से काम छिनने का प्रयास कर रही है।
भारतीय मजदूर संघ से सबद्ध छत्तीसगढ़ निर्माण मजदूर महासंघ द्वारा छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की प्रस्तावित नई योजनाओं में संशोधन सहित अन्य मांगो को लेकर आज प्रदेशभर के सभी जिला केन्द्रो में धरना प्रदर्शन, रैली निकालकर आंदोलन किया गया। आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री व श्रममंत्री के नाम श्रम विभाग के माध्यम से 10 सूत्रीय मांग पत्र प्रेषित कर सरकार को चेतावनी दी गई कि श्रमिक समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाये अन्यथा राजधानी रायपुर में सड़क की लड़ाई लड़ी जायेगी।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री मुश्ताक अहमद ने बताया कि आज बालोद जिला मुख्यालय में बस स्टैंड धरना स्थल पर श्रमिकों का उत्साह देखते ही बनता था शासन के योजनाओं को बंद करने से पुरे जिले के श्रमिक आहत हैं।
मुश्ताक अहमद ने कहा कि ने कहा कि सरकार आज दिये गये मांग पत्र में मुख्य रूप से वर्तमान में प्रारंभ की गई मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण योजना में आवश्यक संशोधन करने, बंद की गई विवाह योजना को पुनः प्रारंभ करने, नौनिहाल-मेधावी छात्रवृत्ति योजनाओं को अतिरिक्त लाभ के रूप में प्रोत्साहन राशि के तौर पर देने, पूर्व की भांति गंभीर बीमारी सहायता योजना को चालू करने, समस्त जिलों में पोर्टल पर लंबित आवेदन योजनाओं का तत्काल निराकरण करने, पंजीयन सरलीकरण एवं नवीनीकरण को पॉच वर्ष तक बढ़ाये जाने, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को पंजीकृत हितग्राहियों के लिये इनकी देय राशि बोर्ड द्वारा देने, कौशल प्रशिक्षण प्रोत्साहन राशि को तत्काल देने तथा सिलाई मशीन, औजार कीट, साईकिल व सुरक्षा उपकरण आदि का वितरण शीघ्र प्रारंभ करने इत्यादि मांगों को लेकर प्रदेशभर के कार्यकर्ताओ ने आज अपने-अपने जिलों में श्रम विभाग कार्यालयों में हल्ला बोलकर आंदोलन किया तथा समस्याओ के शीघ्र निराकरण की मांग की।
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धरना स्थल पर उपस्थित श्रमिक साथियों को भवन एवं अन्य निर्माण मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष पीलू राम साहू ने भी संबोधित किया और कहा कि संघर्ष से ही परिणाम आयेगा।और हम सबको ईस लड़ाई को तब तक जारी रखनी है जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जाती है।
ईस कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिले की प्रभारी श्रीमती अलका, पुर्व जिला महामंत्री यशोदा देशमुख, जिला अध्यक्ष पीलू राम साहू, नेम कुमार ,गेवल देशमुख, जिला कोषाध्यक्ष, हेमलता साहू और सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।