नारायणपुर — शहर भाजपा मंडल नारायणपुर के द्वारा कोरोना काल में जरूरत मंदो को सुखा राशन का वितरण कर उनकी सहायता की। शहर भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रभुनाथ देवांगन के नेतृत्व में सुखा राशन का वितरण शहर मंडल के पदाधिकारियों द्वारा किया जा रहा है,,इस अवसर पर भाजपा नेता संजय नंदी,जागेश्वर सिंह ठाकुर, प्रशांत सिंह,टी•एल•साहू ,आनंद नेताम,केसर निषाद,फुलमत कौर,शान्ती ठाकुर उपस्थित थे,वही इस दौरान covid 19 के गाईड लाईन व धारा 144 का पालन करते हुये वितरण का कार्य किया गया।
जगदलपुर। कई बातों के लिए सुर्खियों में रहने वाले नारायणपुर विधायक चंदन कश्यप एक बार सुर्खियों में है, इनका ऑडियो संदेश कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म में वायरल हो रहा है जिसमें पंच के साथ 10 मिनट तक किए गए बातों का उल्लेख है। *Citymedia ऐसे किसी भी ऑडियो का पुष्टि नहीं करता है किंतु जो बातें कहीं जा रही है उसके अनुसार एक दिलचस्प मामला सामने आया है। दूसरी तरफ यह बातें प्रसारित किया जा रहा है कि भाजपा के कद्दावर नेता के इशारे पर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
दरअसल यह वाक्या बस्तर जिले के बस्तर जनपद पंचायत क्षेत्र के देवड़ा पंचायत के किसी गुड्डू का है जो अपने आप को गांव का पंच बता रहा है और अपने आप को विधायक चंदन कश्यप का खास समर्थक बताते हुए दावा कर रहा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान देवड़ा पोलिंग बूथ पर भाजपाई बिहारियों की पीटाई की थी जिसे विधायक चंदन कश्यप नकार रहें हैं। विधायक कहते हैं मेरे लिए लड़ाई मत करो और कांग्रेस पार्टी के लिए लड़े। कथित विधायक समर्थक गुड्डू अपने पोलिंग बूथ क्षेत्र के लिए टैंकर की मांग करता है और चुनाव में बड़ी संख्या में वोट दिलाने की बात करता है।इसके एवज में विधायक कश्यप कहते हैं कि विधायक निधि व वेतन वैक्सीनेशन के लिए खर्च कर दिए हैं ।इस पर विधायक को बारंबार उल्हाना देकर टैंकर देने के लिए जोर देता है जिसके बाद तैश में आकर विधायक कश्यप यहां तक कहते हैं कि दो लाख उधारी दिलाओ टैंकर कल मिल जायेगा।इसी तारतम्य में विधायक कश्यप झल्लाते हुए कहते हैं कि देवड़ा में कितने वोट दिलाएं। स्टांप पेपर और गवाह लेकर आओ एक लाख नकद दिलाऊंगा। आगामी विधानसभा चुनाव में वोट लीड़ कराओ और वर्ना पचास लाख रुपए मूझे देना। दस मिनट में पंच कथित तौर पर विधायक पर दवाब डालते हुए दिखाई दे रहा है। यह बातें कितनी सहीं है यह दोनों निर्वाचित जनप्रतिनिधि जाने Citymedia.cg इसकी पुष्टि नहीं करता है।
दल्लीराजहरा – सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा 18 से 44 वर्ष के लोगों का टीकाकरण चालू किया गया | जिसमे बालोद जिले के डौंडी ब्लॉक में कुल 300 टीका को-वैक्सीन टीकाकरण हेतु जिसमे 100 अंत्योदय, 100 बीपीएल, 100 एपीएल के लोगों का टीकाकरण किया जाना था | आज सुबह से ही युवाओं में उत्साह देखा गया | डी बी ग्रुप के सदस्य भाजपा युवा नेता सुमीत जैन ने टीका लगाकर युवाओं को प्रेरित किया एवं बताया कि मेरे द्वारा 15 दिन पहले रक्तदान किया गया था टीकाकरण के पश्चात् 60 दिनों तक ब्लड देना मना है | अतः युवाओं से अपील है कि वैक्सीन लगाने के पूर्व रक्तदान कर लेवे और ज्यादा से ज्यादा टीकाकरण का हिस्सा बने | घर पर रहे ! सुरक्षित रहे !!
जगदलपुर। नगर पालिक निगम सहित ग्रामीण अंचलों तक कोरोना की लड़ाई लड़ते जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में एक ही नेता लड़ते दिखाई दे रहे हैं जबकि कांग्रेस के निर्वाचित शहर के जनप्रतिनिधि कोरोना से खौफजदा होकर घरों में दुबके हैं, इसके विपरित ग्रामीण अंचलों के जनप्रतिनिधियों में सेवा भाव की ललक स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में गरीबों की संख्या अत्यधिक हैं और निचली बस्तियों में इनकी
भरमार है जोकि इन दिनों मुफलिसी में अपनी जिंदगी काट रहें हैं। भारी भरकम बजट निगम के पास व पार्षदों के पास स्वयं का फंड होने के बाद भी कोई खर्च करने से परहेज़ कर रहा है तो ग्रामीण अंचलों में यथासंभव सरपंचों द्वारा खर्च कर रहें हैं, यहां भी जनपद व जिला सदस्य निठल्ले बैठकर सिर्फ तमाशबीन बने हुए हैं। इन सबके बीच यह राहत की खबर है कि विधायक अपने सामर्थ्य अनुसार जरुरत मंदों की मदद कर रहें हैं।
दल्ली/डौंडी- दल्लीराजहरा शासकीय नेहरु प्राथमिक स्कूल में पदस्थ शिक्षिका श्रीमति रोहिणी कोर्राम जो कि श्रमवीर चौक में निवास करती थी | रायपुर में कोरोना संक्रमण के इलाज के दौरान कल रात उनकी मृत्यु हो गई वहीँ दूसरी घटना डौंडीब्लाक के शासकीय प्राथमिक शाला पटेली में पदस्थ सहायक शिक्षक 39 वर्षीय कुलेश्वर सिंह ठाकुर का कल 7 मई को कोरोना संक्रमण से निधन हो गया।
दल्लीराजहरा शासकीय नेहरु स्कूल की शिक्षिका श्रीमति रोहिणी कोर्राम जो कि कुछ दिन पूर्व विवाह समारोह में सम्मिलित होने अपने पति मुकेश कोर्राम के साथ ग्राम पेंड्री गई थी | वहां से आने के बाद उनका स्वास्थ्य ख़राब होने पर स्थानीय अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उन्हें रायपुर रेफेर किया गया | उनके पति मुकेश कोर्राम भी उन्ही के साथ शिक्षक है उनकी दो बेटियां है बड़ी बेटी की उम्र 8 वर्ष एवं छोटी की ढाई वर्ष है | सरल सहज एवं मिलनसार शिक्षिका की असमय निधन से शाला के समस्त शिक्षकों में शोक का वातावरण है |
वहीँ एक संयोग है कि दूसरी घटना में शिक्षक कुलेश्वर सिंह ठाकुर भी ग्रामपेंड्री निवासी है | उनके परिजनों एवम मित्रो ने बताया कि वे कुछ दिन से अस्वस्थ चल रहे थे, 15 दिन पहले अपने ससुराल बनगाँव (मालीघोरी) शादी समारोह में सम्मिलित होकर आए थे और हल्की सर्दी खांशी से ग्रसित थे मगर इलाज के दौरान वे ठीक हो गए थे। इसी बीच कोरोना जांच भी कराया गया था जिसमे उनका रिपोर्ट निगेटिव आया था।
लेकिन निधन के 2 दिन पूर्व अचानक शरीर कमजोर होने लगे और धड़कने तेज हो गई सांस लेने में दिक्कत होने लगी और आनन फानन में इलाज के लिए दल्ली के शहीद हॉस्पिटल ले जाया गया जहाँ डॉक्टर ने जांच कर मृत घोषित कर दिया।
इस दुखद घटना से ग्राम पेंड्री व संकुल पटेली में शोक की लहर है। इनके कार्य सामाजिक व शैक्षिक जगत में अतिविशिष्ट थे।समायोजन के पूर्व कन्या प्राथमिक शाला पटेली के प्रभारी भी थे। शिक्षक संगठन में भी इनका नेतृत्व बहुत सराहनीय था।
लगातार हो रही डौंडी ब्लॉक में शिक्षकों एवं उनके परिजनों की मौत एवं संक्रमण से आहत है वहीँ बालोद ब्लाक शिक्षा अधिकारी कार्यालय दवारा आदेश जारी किया गया है जिसमे इस लॉक डाउन के दौरान 50%उपस्थिति के साथ स्कूलों को खोला जाए जिस पर शालेय शिक्षा संघ ने आपत्ति दर्ज कर कहा कि जिला शिक्षा विभाग के आदेश में कार्यालय को खोलने का उल्लेख है न कि स्कूल खोलने का, और स्कूल कार्यालय में कार्यालयीन कार्य संपादित करना प्राचार्य,क्लर्क प्यून आदि का होता है न कि शिक्षकों का। ऐसे में केवल बालोद विखं के शिक्षकों को विद्यालय में उपस्थिति देने का फरमान क्या पुनः संक्रमण प्रसार का कारण नही बनेगा.?” *इसी तरह के एक अव्यवहारिक आदेश”मोहल्ला क्लास के कारण जिले के कई शिक्षक साथी संक्रमित होकर मृत्यु हो गई है |
शिक्षा अधिकारी द्वारा अंकसूची वितरण एवं अन्य कार्यों का हवाला देकर स्कूल खुलवाने की बात कही जा रही है किन्तु स्कूल खुलने पर ही प्रदान किया जायेगा एवं कार्यालयीन कार्य के अलावा ऑनलाइन क्लास भी घर से ही कराया जाता है तो अंकसूची जैसा कार्य भी घर पर किया जा सकता है |
जिला शिक्षा अधिकारी के इस निर्णय का शिक्षक संघ द्वारा पुरजोर विरोध कर अव्यवहारिक बताया जा रहा है |
जगदलपुर। बस्तर जिले में लॉकडाऊन लगा हुआ है और लोहंडीगुड़ा थाना के सामने अपहरणकर्ता रिसाली भिलाई निवासी ठेकेदार मिश्रा अपहृत बच्चे के साथ मय गाड़ी पकड़ाया जिसको बडांजी पुलिस के सुपुर्द कर दिया जिसके बाद बड़ांजी पुलिस अपनी नई कहानी गढ़ रही है और ठेकेदार को फरार बता रही हैं। अब यह प्रश्न उठता है कि यह गोल-मोल बातें स्वयं पुलिस क्यों अपने रोजनामचे में कह रही है। प मंगलवार को गुच्चागुड़ा के बच्चे का कथित तौर पर अपहरण किये जाने के मामला सामने आया था और बडांजी पुलिस शुरुआत से ही इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी और थाना प्रभारी राजेंद्र सिंहा स्वयं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शर्मा तक को गुमराह करने से बाज आए किन्तु ग्रामीणों का इतना विरोध हुआ कि भिलाई के ठेकेदार मिश्रा के खिलाफ अंततः कार्रवाई किया गया।
फिर भी सबसे बड़ा सवाल है कि अपहरण में प्रयुक्त होने वाले कार को जप्त नहीं किया ना ही नाबालिग बच्चे के अपहरण के मामले में पास्को एक्ट के तहत कार्यवाही किया गया। यह गंभीर मामला है और इस मामले में स्वयं आला अधिकारियों को जांच करना चाहिए जिससे बडांजी पुलिस की सच्चाई सामने आए।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद जेल से भागने वाले 5 के 5 फरार कैदी अब पकड़ लिए गए हैं। 30 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद अलग-अलग इलाकों से इन बदमाशों को पकड़ने में जिले की पुलिस कामयाब रही । दोपहर तक इस केस के 4 बदमाशों को पकड़ लिया गया था जिसमे कोमाखान इलाके से करण और दौलत, पटेवा से राहुल, और बेमचा इलाके से डमरूधर को पकड़ लिया गया था एक अन्य आरोपी शुक्रवार की रात खल्लारी इलाके से फरार चल रहे कैदी धनसाय को भी पकड़ लिया गया है |
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक भागे हुए कैदी में शामिल 33 साल का धनसाय, 24 साल का डमरूधर और 22 साल का राहुल लूट के आरोपी हैं। महासमुंद में ही इन्होंने एक वारदात को अंजाम दिया था साल 2019 से ये इसी जेल में थे। इनमें से राहुल यूपी का रहने वाला है और अन्य दो महासमुंद के ही निवासी हैं। 23 साल के दौलत को दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। 21 साल का करण नशीली चीजें रखने के मामले में पकड़ा गया था, ये दोनों भी महासमुंद के ही रहने वाले हैं। पांचों ने कंबल की एक लंबी रस्सी बनाई, इसके आगे लोहे की रॉड से एंगल बनाकर उसे 21 फीट ऊंची दीवार पर फंसाया और इसी के सहारे दीवार फांदकर बाहर चले गए।
लापरवाही बरतने वाले अफसर जिन पर निलंबन की कार्रवाई की गई है इनमे प्रहरी भरत राम सेन, गणेश राम और सुखीराम कोसले के साथ ही मुख्य प्रहरी राजकुमार त्रिपाठी पर की गई है।
रायपुर – मोबाइल के नाम पर दोस्तों के बीच आपस में ही विवाद इतना बढ़ गया कि एक दोस्त ने दुसरे दोस्त की हत्या कर दी और बीच बचाव करने आया दोस्त हुआ घायल जिसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है |
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना उरला थाना क्षेत्र के बिरगांव का है जहां झम्मन यादव, हिरेन्द्र देवागंन, सुभाष, करण व कार्तिक आपस मे मोहल्ले के रंगमंच मे बैठकर बातचीत कर रहे थे, इसी दौरान मोहल्ले के ही रविकांत तिवारी ने आकर हिरेन्द्र से मोबाईल को नबंर सेव करने मांगा जिस पर हिरेन्द्र ने अपना मोबाईल रविकांत को दिया जिसके बाद रविकांत तिवारी मोबाईल लेकर अपने घर चला गया।
काफी समय बाद जब रविकांत मोबाइल वापस नहीं किया तब हिरेन्द्र अपने साथियों के साथ मोबाइल वापस मांगने रविकांत के घर पहुँचा तो रविकांत मोबाइल लेने से मुकर गया और इसी बात पर विवाद बढ़ने लगा तभी रविकांत का भाई दीपक तिवारी भी घर से निकल आया और दोनो ने मिलकर घर में रखा चाकू तथा हसिया से झम्मन यादव पर हमला कर दिया जिससे मौके पर ही झम्मन की मौत हो गयी।
विवाद होता देख बीच बचाव करने आये हिरेन्द्र देवागंन की भी हत्या करने की नियत से रविकांत व दीपक तिवारी ने चाकू से उसके पीठ पर वार किया है जिसके बाद हिरेंद्र को गंभीर अवस्था में मेकाहारा अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामले की जानकारी पुलिस थाने में दी गई जिसके पश्चात् शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया एवं आरोपियों की गिरफ़्तारी की गई |
जगदलपुर… पंचायतों में भ्रष्टाचार की बात कोई नई बात नहीं है अक्सर पंचायत के सरपंच… सचिव… और रोजगार सहायक मिलकर ग्राम पंचायतों को विकास के लिए शासन की तरफ से उपलब्ध कराए गए शासकीय राशि का बंदरबांट कर लेते हैं और विकास कार्य के नाम पर खानापूर्ति करते हुए गुणवत्ताहीन सड़क पुलिया नाली बनाकर शासकीय राशि का गबन कर लेते हैं और ग्रामीणों द्वारा देखा गया विकास का सपना महज सपना बनकर रह जाता है ताजा मामला शहर सीमा से लगे ग्राम पंचायत आसना का है जहां ग्राम पंचायत आसना ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना अंतर्गत पौधारोपण कार्य स्वीकृत करवाते हुए इंद्रावती नदी के किनारे पौधारोपण का कार्य किया |
मनरेगा से हुए इस कार्य के लिए 7.116 लाख रुपए की स्वीकृति मिली थी जिसके अंतर्गत बस्तर की लाइफ लाइन माने जाने वाली इंद्रावती नदी के किनारे पौधारोपण किया जाना था पंचायत ने बकायदा बड़े तामझाम के साथ पौधारोपण किया भी…लेकिन घटिया स्तर के बांस के चंद छोटे टुकड़ों के ट्री गार्ड बनाकर पंचायत पौधों की सुरक्षा करना भूल गया |
ना ही कभी लगाए गए पौधों की सरपंच ग्राम पंचायत आसना ने सुध ली…और ना ही पंचायत सचिव ने झांक कर देखा… क्योंकि यह कार्य मनरेगा से स्वीकृत हुआ था और मनरेगा से किए जाने वाले कार्यों में रोजगार सहायक की भूमिका किए जा रहे कार्यों की निगरानी करने की होती है इसके अलावा रोजगार सहायक ही मजदूरों के भुगतान के लिए जिम्मेदार होता है लेकिन रोजगार सहायक की भूमिका भी इस पौधरोपण रोपण कार्य में संदिग्ध है |
वर्तमान स्थिति यह है कि सैकड़ों की संख्या में नदी किनारे सिर्फ सूखे हुए कुछ बांस के बने ट्री गार्ड नजर आ रहे हैं अधिकतर पौधे तो मर चुके हैं और बचे हुए कुछ छोटे पौधों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है पंचायत द्वारा लगाए गए पौधे भी जांच का विषय हैं क्योंकि पंचायत द्वारा जिन पौधों को लगाया गया वह बहुत ही छोटे होने के अलावा नवजात पौधे नजर आ रहे थे जिनकी स्थिति कार्यस्थल में अभी भी जस की तस है वर्तमान में इंद्रावती नदी की स्थिति यह है कि लगातार बाढ़ के चलते नदी के दोनों छोर की मिट्टी का लगातार क्षरण हो रहा है जिसके चलते नदी का प्राकृतिक बनावट भी अपना मूल स्वरूप खोता जा रहा है अगर सही ढंग से पौधारोपण का कार्य हुआ होता तो निश्चित तौर पर ही कुछ हद तक मिट्टी के कटाव को यही पौधे बड़े होकर रोकने का कार्य करते लेकिन पंचायत के दुर्भावना वश किए गए पौधरोपण कार्य से यह भी संभव होता नहीं दिख रहा है |
ज्ञातव्य हो कि वर्ष 2020 – 21 में बस्तर जिला प्रशासन ने युवोदय के माध्यम से बड़े तामझाम के साथ जिले भर में पौधरोपण रोपण का कार्य किया था और इस कार्य में भी ग्राम पंचायत आसना ने युवोदय टीम की मदद ली थी बावजूद इसके देखरेख और उचित प्रबंधन की कमी के चलते सारे पौधे अब मर चुके हैं इस पूरे मामले को लेकर लगभग महीने भर पहले जनपद पंचायत जगदलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी y.k. पटेल को भी अवगत कराया गया था बावजूद इसके CEO महोदय ने इस पूरे मामले को लेकर चुप्पी साध रखी है शहर सीमा से लगे ग्राम पंचायत में खुलेआम हुए इस भ्रष्टाचार के खेल में जनपद पंचायत जगदलपुर की भूमिका भी संदिग्ध है शिकायत के बाद भी जनपद पंचायत के CEO साहब के सुस्त रवैया के चलते भ्रष्टाचार को अंजाम देने वाले दोषियों के हौसले बुलंद हैं शहर के इतनी नजदीक अगर इस तरीके से भ्रष्टाचार किया जा रहा है तो आप सहज अंदाजा लगा सकते हैं जनपद के अंदरूनी ग्राम पंचायतों में कराए जा रहे विकास कार्यों की क्या स्थिति होगी |
आसना के ग्रामीणों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मनरेगा से हुए इस कार्य में मजदूरों को किए गए भुगतान में भी ग्राम पंचायत ने सेंधमारी का कार्य किया है क्योंकि इस कार्य के लिए पंचायत ने बस्तर जिला प्रशासन द्वारा गठित युवोदय टीम की भी मदद ली थी ऐसे में कितने मजदूरों से काम लिया गया और कितने मजदूरों को भुगतान किया गया इसकी जानकारी भी ग्राम पंचायत आसना ग्रामवासियों को देने को तैयार नहीं है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले को लेकर बस्तर जिला प्रशासन क्या रुख अख्तियार करता है और दोषियों पर क्या वाकई में कुछ कार्यवाही होगी या जांच के नाम पर खानापूर्ति कर मामले को निपटाया जाएगा
जगदलपुर। नवगठित पश्चिम बंगाल की सरकार को अपदस्थ करने के लिए जगदलपुर के भाजपा नेताओं ने अपने-अपने घर के सामने तख्तियां टांगकर सोशल मीडिया में धरना प्रदर्शन किया।इसकी सख्त आवश्यकता जगदलपुर के गरीबों के लिए लड़ने के लिए दिखाई जानी चाहिए थी। भाजपा नगर मंडल द्वारा सड़क चौड़ीकरण के मुद्दों पर जिस प्रकार कांग्रेस पार्टी को बैकफुट पर ला दिया था फिर व्यवस्था दुरुस्त हुई थी,वैसे आंदोलन की आवश्यकता महसूस किया जा रहा है। बस्तर संभाग मुख्यालय से किसी भी संगठन की कार्यप्रणाली की चर्चाएं ज्यादा होती है किंतु भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर मजबूती के साथ जनता के बीच नहीं पहुंच पा रही है जिसके अलग-अलग निहितार्थ निकाले जा रहें हैं।
ज्ञात हो कि पश्चिम बंगाल की राजनीति सहित अन्य मुद्दों को लेकर घरों के सामने धरना प्रदर्शन किया जा रहा है जबकि भाजपाइयों को स्थानीय सरकार के खिलाफ वर्चुयल ही सहीं बड़े आंदोलन करने की दरकार है। विगत दिनों भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष सूरेश गुप्ता व नेताप्रतिपक्ष संजय पांडे ने संयुक्त रूप से कई मोर्चों पर सरकार को घेरने लगे थे जिसके कारण कांग्रेस बैकफुट पर खड़ी थी किंतु दो कोस चले अढ़ाई कोस वाली कहावत को चरितार्थ कर भाजपा नगर मंडल कोई बड़ा प्रदर्शन करने से परहेज़ कर रही है।