जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन की छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’ और नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार नवीन सुरक्षा कैम्प स्थापित कर पुलिस के बढ़ते प्रभाव से वशीभूत होकर एक नक्सली दंपत्ति ने आज पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। उन्हें आत्मससमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223 वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा का रहा विशेष प्रयास। सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति एवं सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे नियद नेल्ला नार योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैंप स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर नक्सली संगठन में सक्रिय नक्सली नंदा उर्फ बुधरा मुचाकी पिता स्व. भीमा पेद्दाबोडकेल आरपीसी डीएकेएमएस सदस्य उम्र लगभग 45 वर्ष जाति मुरिया निवासी तिम्मापुरम गोलापारा थाना चिंतलनार सुकमा और मुचाकी कमली पति मुचाकी नंदा पेद्दाबोडकेल आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष उम्र लगभग 41 वर्ष जाति मुरिया निवासी तिम्मापुरम गोलापारा थाना चिंतलनार जिला सुकमा द्वारा नक्सल संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज 15 अक्टूबर को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा एवं निरीक्षक सुजीत कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। इस नक्सली दम्पति को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित कराने में 223वीं वाहिनी सीआरपीएफ आसूचना शाखा के कर्मियों का विशेष प्रयास रहा है। यह दम्पति नक्सली प्रतिबंधित नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गश्त पार्टी की रेकी करना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध नक्सली बेनर, पोस्टर, पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहें हैं। आत्मसमर्पित नक्सली दम्पति को छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति के तहत्सहायता राशि व अन्य सुविधाएं प्रदान कराई जाएंगी।
चेंबर ऑफ़ कॉमर्स भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ की घोषणा
चेंबर पदाधिकारियों को सीएम ने दिलाई शपथ
जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा कार्यक्रम के तहत रोटरी भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में पहुंचने पर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के पदाधिकारियों ने साफा एवं विशाल ग़जमाला पहनाकर अभिनंदन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के पदाधिकारियों को शपथ दिलाई ।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज द्वारा प्रारंभ किए जा रहे चेंबर की वेबसाइट , एंबुलेंस सेवा, ट्रांजिस्ट हॉस्टल का डिजिटल लोकार्पण एवं चेंबर समाचार ( ई_ पत्रिका) का विमोचन किया। साथ ही नव निर्वाचित अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उद्योग की अपार संभावना है। बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज इस क्षेत्र में 54 वर्ष से निरंतर सेवा भावना से बस्तर सहित राज्य के विकास में निरंतर कार्य कर रहा है, जिससे राज्य उत्तरोत्तर विकास कर रहा है। बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज का विकसित राष्ट्र बनाने एवं छत्तीसगढ़ के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। राज्य शासन सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 प्रणाली प्रारंभ कर दिया है, उद्योग के लिए अच्छी नीति बने राज्य शासन की प्राथमिकता है। इससे रोजगार का सृजन होगा एवं युवाओं को रोजगार मिलेगा। उन्होंने चेंबर ऑफ कॉमर्स के मांग पर भवन निर्माण के लिए 1 करोड़ रुपए की घोषणा की तथा ई- वे बिल प्रणाली के लिए समीक्षा कर आवश्यक निर्णय लेने की बात कही।
कार्यक्रम में वन मंत्री केदार कश्यप ने चेंबर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर के विकास में आपका महत्वपूर्ण योगदान है। आपके परिश्रम से बस्तर बुलंदियों पर है, जिसके लिए शासन अच्छी उद्योग नीति ला रही है। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने कहा कि चैंबर ऑफ़ कॉमर्स द्वारा चेंबर का वेबसाइट, ट्रांजिट हॉस्टल, एम्बुलेंस सेवा एवं चेंबर का समाचार ई पत्रिका का डिजिटल लोकार्पण किया गया है, जो सराहनीय है। इससे व्यापार जगत के लोगों को सही जानकारी प्राप्त हो सकेगी। चैंबर ऑफ़ कॉमर्स के सदस्य आपसी समन्वय से बढ़ चढ़कर कार्य करके बस्तर के विकास में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर चैंबर ऑफ़ कॉमर्स की चेम्बर वेबसाइट लांच की। इससे सभी सदस्य वेबसाइट पर समस्त गतिविधियों की जानकारी हासिल कर सकेंगें। साथ ही सर्व सुविधायुक्त एम्बुलेंस (ऑक्सीजन, वेंटिलेटर एवं अन्य उपकरणों से युक्त) की सेवा हेतु तैयारी पूर्ण कर ली गई है। उसे मूर्तरूप देकर संचालित शव वाहन, मरच्युरी बॉक्स जैसी सुविधा का बेहतर संचालन सुनिश्चित होगा। साथ ही सदस्यों के लिए कर्मकार उपलब्ध कराए जाऐंगे। इससे आंचलिक रोजगार भी उपलब्ध होगा और कर्मचारियों के स्थायित्व की स्थिति भी निर्मित होगी। सेवा भावी संस्थाओं और अस्पतालों के सहयोग से चिकित्सा शिविरों का आयोजन, जिसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपस्थिति रहेगी। उन्होंने चेम्बर भवन में ही ट्रांजिस्ट हॉस्टल का भी लोकार्पण किया, जिसमें सुविधा उपलब्ध होगी। बाहर से आने वाले व्यापारियों हेतु प्रयोग किया जाएगा।बिजनेस टूर का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने चेंबर पत्रिका (ई-पत्रिका) का विमोचन किया। जिसमें चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा किए जा रहे विभिन्न कार्यों एवं गतिविधियों, व्यापार में बदलते कानून, व्यवसाय में नैतिकता एवं मानवता, संदिग्ध कॉल्स एवं सावधानियां, चेंबर के विजन, मिशन, लक्ष्य एवं कार्ययोजना की जानकारी उपलब्ध रहेगी। कार्यक्रम में बस्तर दशहरा के माटी पुजारी कमलचंद भजदेव भंजदेव, वनमंत्री केदार कश्यप, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, कोंटा विधायक कवासी लखमा, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, महापौर सफिरा साहू, चेंबर ऑफ़ कॉमर्स के निर्वाचित अध्यक्ष, पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।
जगदलपुर बस्तर की धरती पर सनातन धर्म की पताका थामे वैदिक विदुषी अंजलि आर्य 16 अक्टूबर को जगदलपुर आ रही हैं। वे यहां लालबाग मैदान पर शाम 6.30 बजे से रात 9 बजे तक सनातन धर्म जागरण सभा को संबोधित करेंगी। धर्म, संस्कृति, और राष्ट्र के प्रति उनके विचारों और समर्पण को सुनने और समझने का अवसर प्राप्त होगा। वैदिक विदुषी अंजलि अपने ओजस्वी भाषणों और निडर विचारों के माध्यम से सनातन धर्म के आदर्शों को सशक्त रूप से प्रस्तुत करती हैं। वे भारतीय संस्कृति और नारी शक्ति की प्रतीक हैं। वे बस्तर संभाग के लोगों को एक नई दिशा दिखाने आ रहीं हैं। उनका मार्गदर्शन सभी के लिए प्रेरणास्रोत होगा, जिससे लोग धर्म और राष्ट्र के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और बेहतर तरीके से निभा सकेंगे।आयोजन के संयोजक पतंजलि योग समिति छत्तीसगढ़ ने सभी सनातन बंधुओं से इस विशेष अवसर पर अपील करते हुए कहा कि सभी बस्तरवासी इस महायज्ञ में अपनी उपस्थिति से इस आयोजन को सफल बनाएं। आपकी उपस्थिति न केवल हमें एकता का संदेश देगी, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मूल्यों को और भी सुदृढ़ करेगी। यह सभा हमारे लिए एक ऐसा मंच है, जहां हम सभी मिलकर सनातन धर्म की ध्वजा को और ऊंचा करने का संकल्प ले सकते हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने पतंजलि योग समिति के डॉ. मनोज पाणिग्रही, राजाराम तोड़ेम, दशरथ कश्यप, संजय पाण्डेय, सुरेश गुप्ता, नैना सिंह धाकड़, शक्तिसिंह चौहान, रविन्द्र कुमार हेमनानी, राजेश चावड़ा, अरुण त्रिपाठी, ईला राव, जितेंद्र मिश्रा, मनीष भोजवानी, मंजू लूंकड़, मान कोर्राम, शुक्ला दास, जोगिंदर पाल, ऋषि यादव व अन्य प्रयासरत हैं। यह जानकारी वरिष्ठ भाजपा नेता संजय पाण्डेय ने दी।
मांझी-चालकी और बस्तर दशहरा समिति के सदस्यों के साथ किया भोजन
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान वर्ष 1921 में स्थापित आमचो बस्तर क्लब बस्तर दशहरा के लिए बस्तर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे मांझी-चालकी, मेंबर-मेंबरिन और बस्तर दशहरा पर्व समिति के सदस्यों के साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने दशहरा समिति के उपाध्यक्ष लक्ष्मण मांझी से चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने दोपहर के भोजन में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों के साथ सैगोड़ा, उड़द दाल बड़ा एवं बंगाला चटनी, मिक्स वेज पकोड़ा, चौलाई भाजी, करेला प्याज आलू बैंगन बड़ी, झुरगा की सब्जी, रायता, पुड़ी, जीरा राइस, दाल तड़का का भी स्वाद लिया।
जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने एक दिवसीय बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर राजवाड़ा परिसर स्थित मंदिर में मां दंतेश्वरी की दर्शन और पूजा-अर्चना कर प्रदेश की जनता की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।मुख्यमंत्री श्री साय के साथ बस्तर दशहरा के माटीपुजारी कमल चंद भंजदेव, वन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक किरण देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने भी मां दन्तेश्वरी की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पूर्व सांसद और विधायक, पार्षद क्षेत्र के अन्य जनप्रतिनिधि एवं कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा समेत जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बस्तर जिले के एक दिवसीय प्रवास पर मुरिया दरबार में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान 2 करोड़ 99 लाख 78 हजार से अधिक राशि का बस्तर दशराहा पसरा के विकास कार्य का लोकार्पण किया।
जगदलपुर के दंतेश्वरी मंदिर के समीप स्थित पुराने तहसील कार्यालय को जीर्णोद्धार कर बस्तर दशहरा के लिए समर्पित किया गया है। इसका नाम बस्तर दसराहा पसरा (बस्तर दशहरा हेतु स्थल) दिया गया है। मुख्यमंत्री ने पसरा में बस्तर दशहरा के विभिन्न रस्मों की फोटो प्रदर्शनी, प्रतीकात्मक रथ, देवी देवताओं के प्रतीकों की सराहना की। साथ ही प्रतीकात्मक रथ के समीप फोटो भी खिंचवाई।
इस “दसराहा पसरा” में 75 दिवसीय दशहरा उत्सव में होने वाले मुख्य विधि विधान -पाट जात्रा, डेरी गड़ाई, काछन गादी, रैला देवी पूजा, जोगी बिठाई, रथ परिक्रमा, बेल पूजा, निशा जात्रा, मावली परघाव, भीतर रैनी-बाहर रैनी काछन जात्रा, कुटुम्ब जात्रा एवं डोली विदाई की जीवन्त प्रतिकृति स्थापित कर जन सामान्य एवं पर्यटकों को सुलभ जानकारी देने का प्रयास किया गया है।
प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व छत्तीसगढ़ की अनूठी सांस्कृतिक विशेषता एवं बस्तर की जनजातियों की आराध्य देवी दंतेश्वरी तथा स्थानीय देवी-देवताओं के पूजा विधान के रूप में मनाया जाता है। तहसील कार्यालय में पहले से चली आ रही परंपरा अनुसार दशहरा पर्व में शामिल होने वाले क्षेत्र के सभी देवी देवता, आंगादेव, देवी की छत्र की उपस्थिति इसी स्थल पर दर्ज की जाती रही है। इसलिए प्रशासन द्वारा तहसील कार्यालय को अन्य स्थल पर स्थांनातरित कर पुराने तहसील कार्यालय को दसराहा पसरा के लिए चिन्हांकित कर दिया गया है। इस अवसर पर वनमंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, विधायक किरण देव, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, महापौर सफिरा साहू, पूर्व सांसद और विधायक, पार्षद एवं अन्य जनप्रतिनिधि, कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी., कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा सहित अन्य गणमान्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित थे।
दल्लीराजहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डौण्डी के आश्रित सेक्टर महामाया में पदस्थ महिला पर्यवेक्षक श्रीमती मीरा ठाकुर का सेवानिवृत्त सम्मान समारोह का आयोजन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डौण्डी में किया गया, समस्त स्वास्थ्य पर्यवेक्षकों के द्वारा उपहार भेट करके उनके सुखद भविष्य की कामना किया गया, अश्विनी नेताम बी ई टी ओ ने कहा से शासकीय सेवा में आना और एक निश्चित सेवा के बाद सेवानिवृत्त होना शासकीय प्रक्रिया है, सिस्टर मीरा ठाकुर के द्वारा की गयी कार्य हम सब के लिए अनुकरणीय है
अपने कर्तव्य को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ की, मीरा ठाकुर ने अपने किये गए कार्य को साझा की! संचालन रेखू राम साहू ने किया आभार व्यक्त कन्हैया लाल कुरपाल ने किया, आयोजन में ईश्वर चन्द्राकर, बी आर बरेठिया, मीना बाघमारे, लता यादव, शारदा उइके, केन्द्रीय ठाकुर, निर्मला साहू, तिलक उइके, रामेश्वरू ठाकुर, खूमान मंडावी, कृपा राम ठाकुर, पुरुषोत्तम नरेटी, सहित स्वास्थ्य कर्मचारीगण महिला एवं पुरुष उपस्थित थे!
जगदलपुर लॉन टेनिस एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित संभाग स्तरीय टेनिस प्रतियोगिता का समापन हुआ। रविवार को सभी फाइनल्स मुकाबले खेले गए। जूनियर्स (अंडर 19) के डबल्स मुकाबले में प्रखर आजाद एवं अथर्व मिश्रा की जोड़ी को आदित्य विश्वकर्मा एवं एन रोहित ने 7-2 से पराजित कर विजेता का स्थान हासिल किया। जूनियर के सिंगल्स के रोचक मुकाबले में अथर्व मिश्रा ने बड़ा उलटफेर करते हुए आदित्य विश्वकर्मा को 8-3 से हराकर ट्राफी पर कब्ज़ा किया। अगला मुकाबला सीनियर सिंगल्स फाइनल का हुआ जो थॉमस फिलिप एवं हरदीप सिंह के मध्य खेला गया।
थॉमस फिलिप ने अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए विनर ट्राफी पर कब्ज़ा जमाया। वही हरदीप सिंह को रनरअप से संतोष करना पड़ा। फाइनल्स की कड़ी में अगला मुकाबला ओपन सिंगल्स मेंस डबल्स का खेला गया, जो कुणाल चालीसगांवकर एवं मोक्ष पराशार विरुद्ध थॉमस फिलिप एवं जोगेंद्र पाल सिंह के मध्य हुआ। तगड़े चले मुकाबले में दोनों टीम्स 7-7 की बराबरी पर पहुंची। उसके बाद टाई ब्रेकर में थॉमस फिलिप एवं जोगेंद्र पाल सिंह ने 7-1 से जीतकर डबल्स फाइनल का खिताब अपने नाम किया। वही कुणाल एवं मोक्ष प्डबल्स के रनरअप रहे। ओपन मेंस सिंगल्स चैंपियनशिप का फाइनल डीआरडीओ के मनीष बडवानी एवं जगदलपुर के जोगेंद्र पाल सिंह के मध्य खेला गया। लंबे एवं संघर्षपूर्ण मैच में जोगेंद्रपाल सिंह ने मनीष को 8-5 से शिकस्त दी एवं चैंपियनशिप जीती। वही मनीष रनरअप रहे, चैंपियंस को ट्राफी के साथ पारितोषिक भी आयोजन कर्ताओं द्वारा प्रदान किया गया I
आयोजन समिति ने संभाग के सभी टेनिस खिलाडियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। संभाग से जगदलपुर, किरंदुल, दंतेवाडा एवं डीआरडीओ के खिलाडियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया, आयोजन समिति ने कहा कि प्रतियोगिता में जगदलपुर के सभी खेल संघो के पदाधिकारियों एवं खिलाडियों का भरपूर सहयोग प्राप्त हुआ जिसमे राणा घोष, यशवर्धन राव, राजेश त्रिपाठी, शशांक शेंडे, संजय विश्वकर्मा, दिलीप दास, राजेश राव, मनोज ठाकुर, अशोक यादव, मनोज थॉमस, डॉ. सरिता थॉमस, राजेश जेना, सीनियर मोस्ट खिलाडी मो. सिद्दीकी का भरपूर सहयोग रहा। प्रतियोगिता के प्रायोजक हैप्पी स्टील ट्रेडर्स,आकाश टेंट एंड डेकोरेशन, सोमनाथ हर्बल, कन्हैया बीकानेर, मन्नत पार्क, आजाद पैथोलॉजी लैब, प्रीत टाइल्स एंड सेनेटरी, नंदिका इन्वेस्टमेंट्स, सीए श्याम कुमार एवं वन्या लॉन एंड इवेंट्स थे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार पर फिर साधा निशाना
राज्य मे अपराधी बेलगाम अब पुलिस वाले भी नहीं रह गए हैं सुरक्षित: बैज
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने एकबार फिर राज्य की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। बढ़ती आपराधिक घटनाओं को लेकर उन्होंने साय सरकार को लाचार, निकम्मी और गूंगी बहरी करार दिया है।
जिला कांग्रेस कार्यालय जगदलपुर में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की कानून व्यवस्था दिनोदिन और बिगड़ती जा रही है और सरकार गूंगी बहरी बनी बैठी है। अब तो राज्य में हत्या, लूट, चाकूबाजी जैसी आपराधिक घटनाएं बर्दाश्त के बाहर हो गई हैं। सरकार निकम्मी और लाचार बन गई है। मुख्यमंत्री से सरकार नहीं सम्हल रही गृहमंत्री से गृह विभाग नहीं सम्हल रहा है। जनता इतनी मजबूर हो गई है कि अपराधियों का हिसाब खुद करने पर आमादा हो गई है। कवर्धा के लोहारीडीह और अंबिकापुर मे यही हुआ। राज्य मे अपराधी इतने ज्यादा बेलगाम हो चुके हैं कि उनसे अब पुलिस वाले भी सुरक्षित नहीं रह गए हैं।सूरजपुर की घटना इसका जिता ताजा उदाहरण है।
सूरजपुर मे एक पुलिस कांस्टेबल की पत्नी और उसकी पुत्री की निर्मम निमर्म हत्या दी गई। अपराधी कबाड़ी का काम करता है पुलिस ने उसके यहाँ रेड मारी और अपराधी ने सीधे पुलिस वाले के घर पहुंच कर उसकी पत्नी पुत्री को जान से मार डाला। दीपक बैज ने कहा पुलिस अपराध तो रोक नहीं पा रही उलटे निर्दोष लोगो को प्रताड़ित कर रही बालोद जिले के अर्जुन्दा में एक निर्दोष युवक की इतनी पिटाई की गई कि उसकी हालत को देख कर उसके पिता की सदमे में मृत्यु हो गई। कवर्धा के लोहारीडीह मे पुलिस की लापरवाही से तीन लोगों की मौत हो गई। एक की हत्या हुई उसके विरोध में दूसरे की हत्या उसके घर में जलाकर कर दी गई और तीसरे प्रशांत साहू की हत्या पुलिस कस्टडी मे हो गई।वही लोहारीडीह मे अपनी नाकामी पर पर्दा डालने पुलिस ने 167 लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया।सूरजपुर में पुलिस के प्रधान आरक्षक के पत्नी और पुत्री की नृशंस हत्या कर शवों को घर से 5 किमी दूर सड़क किनारे फेंक दिया जाता है।प्रदेश में आएदिन महिलाओं के साथ अत्याचार व गैंगरेप की घटनाएं हो रही हैं और पुलिस प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। इस लचर कानून व्यवस्था से महिलाएं अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रही हैं। महिलाएं भयभीत हैं, डरी सहमी हुई हैं। भाजपा के 10 महीने की सरकार में 600 से अधिक बलात्कार के मामले सामने आए हैं। महिलाओं के खिलाफ 3 हजार से ज्यादा आपराधिक घटना हुई हैं। बैज ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग अपराधियों को संरक्षण देते हैं इसलिए अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। 4 साल की छोटी भिलाई की बच्ची हो या फिर रायपुर नया बस स्टैण्ड में एक 50 साल की महिला हो सबके साथ दुष्कर्म हो रहा है। आज इस प्रदेश में किसी भी उम्र की बेटियां एवं महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में सीतापुर में एक नाबालिग से गैंगरेप की घटना हुई। रायपुर नया बस स्टैंड में 50 साल की अधेड़ महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जाता है। दूसरे दिन रिपोर्ट लिखी जाती है और सामूहिक दुष्कर्म को नकार दिया जाता है। बलात्कार की रिपोर्ट लिखी गई और यहां पुलिस अपराधियों को सजा देने के बजाय उन्हें बचाने में लगी रही। बस्तर, बिलासपुर, जशपुर, रायगढ़, अंबिकापुर एवं राजधानी रायपुर में दुष्कर्म की घटनाओं से महिलाएं भयभीत हैं। महिलायें घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। दीपक बैज ने सवाल उठाया कि क्या अब प्रदेश की महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए हर बार आंदोलन करने पर ही यह सरकार उस मामले की जांच या कार्यवाही करेगी? रायगढ़ के पुसौर में एक आदिवासी महिला के साथ 14 लोगों ने दुराचार किया। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में आनाकानी करती रही मीडिया के हस्तक्षेप के बाद रिपोर्ट लिखी गई। जशपुर में एक नाबालिग बच्ची के साथ सामूहिक दुराचार हुआ।कोंडागांव में नाबालिग से बलात्कार, नारायणपुर के सरकारी स्कूल में छात्राओं के साथ यौन शोषण, राजिम में 2 साल की बच्ची के साथ रेप की घटना, भिलाई में नाबालिग एवं 5 साल की बच्ची के साथ रेप, रायगढ़ में मूक-बधिर महिला के साथ बलात्कार। जशपुर, केशकाल, पखांजूर दुर्ग, राजधानी रायपुर और रायगढ़, सक्ती, अंबिकापुर में लगातार बलात्कार की घटनाएं हो रही हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का खोखला नारा देने वाले अपराधियों को बचा रहे हैं। पीड़ित महिलाएं हिम्मत करके थाना एफआईआर दर्ज करवाने जाती हैं तो रिपोर्ट दर्ज करने के बाजाय उन्हें जजील किया जाता है। जिससे पीड़ित महिलाएं आत्महत्या तक कर लेती है। प्रदेश में बढ़ती बलात्कार की घटना प्रदेश के लिये चिंता का विषय बन गयी है। आज खेत में काम करने वाली महिलाएं, बस में सफर करने वाली महिलाएं, घर में रहने वाली महिलाएं, अस्पताल में महिलाएं, स्कूल कॉलेज जाने वाली बेटियां, कही पर भी महिलाएं सुरक्षित नहीं है।पुलिस और प्रशासन आरोपी को बचाने में लगे रहते है और पीड़ित महिला को न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ता है। बेहद शर्म की बात है कि बंगाल की घटना पर प्रतिक्रिया देने वाले भाजपाई छत्तीसगढ़ में 4 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दरिंदगी पर मौन है। इस दौरान मुख्य रूप से शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, उपनेता प्रतिपक्ष राजेश राय, सुभाष गुलाटी, मनोहर लूनिया, रविशंकर तिवारी, अतिरिक्त शुक्ला, प्रकाश अग्रवाल, पार्षद कोमल सेना, जाहिद हुसैन, निकेत झा, जावेद खान, अनुराग महतो, संदीप दास, शादाब अहमद, उस्मान रज़ा, विशाल खंबारी, नीलम कश्यप आदि मौजूद रहे।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि नक्सलियों ने बस्तर संभाग के नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों के सीमावर्तीअबूझमाड़ के जंगलों में हुई मुठभेड़ में अपने 35 साथियों के मारे जाने की पुष्टि की है। दर्जन भर नक्सलियों के मारे जाने का कबूलनामा भी सामने आया है। यह राज्य के लिए बड़ी बात है। वहीं इसे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा की बड़ी जीत के रूप में भी देखा जा रहा है। नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजनल कमेटी ने इस बात की पुष्टि की है। कमेटी ने अपने मारे गए सभी 35 सदस्यों की सूची भी जारी की है। संगठन ने आरोप लगाया है उसके सदस्यों को अलग अलग जगहों से इकट्ठा कर उनका नरसंहार किया गया है।
इससे पहले पुलिस ने सूची जारी कर 31 नक्सलियों के मारे जाने तथा कई नक्सलियों के घायल होने की बात कही थी। इसके अलावा पुलिस ने 3-4 और घायल नक्सलियों की इलाज के अभाव में मौत हो जाने और उन नक्सलियों का उनके साथियों द्वारा जंगल में ही दाह संस्कार किए जाने की संभावना जताई थी। अब नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी ने 35 नक्सलियों के मारे जाने की पुष्टि कर दी है। इस नक्सली संगठन ने अपने मारे गए साथियों की जो सूची जारी की है उसमें शीर्ष पर नीति उर्फ उर्मिला एसजेडसीएम पूर्व बस्तर डिवीजन इंचार्ज सचिव का नाम रखा है। नीति पर 25 लाख का ईनाम घोषित था और वह बीजापुर जिले के
ग्राम हिरमागुंडा की निवासी थी। इसके अलावा नक्सली संगठन की सूची में नंदू मंडावी सीवायपीसी कंपनी नंबर 6 कमांडर निवासी ग्राम कोतराम, जिला बीजापुर, मुरली मतलामी ग्राम मंडानार अंतागढ़, सुरेश उर्फ जानकू सलाम छोटे फरसगांव, मीना अजिता उर्फ श्यामबती मड़काम ग्राम मोहंदी ओरछा, महेश मंडावी ग्राम घोटिया भैरमगढ़, जुगनी कौड़ो ग्राम किलेनार अंतागढ़, विजय उर्फ सुकलू कोर्राम ग्राम कोंगेरा नारायणपुर, बसंती वडद्दा ग्राम आलदंड कोयलीबेड़ा कांकेर, अर्जुन लेकाम ग्राम फल्ली भैरमगढ़ बीजापुर, जगनी वड्डे ग्राम अड्डेमपाड़ नारायणपुर, सोनू कोर्राम ग्राम सुलेंगा नारायणपुर, सीमा उर्फ जोगाय कोर्राम ग्राम सुलेगा नारायणपुर, जमली मंडावी ग्राम तोयामेट्टा नारायणपुर समेत सभी 35 मृत नक्सलियों के नामों का उल्लेख है। इससे पहले यही होता रहा है कि जब भी मुठभेड़ में नक्सली मारे जाते थे नक्सली संगठन पुलिस और सरकार पर निरीह आदिवासियों की हत्या करने का दोष मढ़ना शुरू कर देते थे। इसके बाद विपक्ष आक्रामक हो उठता था। नक्सलियों की बातों पर यकीन कर विपक्षी नेता विधवा विलाप करने लग जाते थे, जांच दल गठित कर संबंधित गांवों में भेजे जाते थे। दोनों प्रमुख दलों की यही रीत रही है। पहली बार हमने मुठभेड़ में मौतों के आंकड़ों और मारे गए लोगों के नक्सली होने का कबूलनामा किसी नक्सली संगठन की ओर से आया है। हालांकि यह कबूलनामा जारी करने वाला नक्सली संगठन भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की पूर्व बस्तर डिवीजन कमेटी का आरोप है कि पुलिस ने उसके साथियों को अलग अलग जगहों से इकट्ठा कर एक स्थान पर गोलियों से भूना है। यह आरोप अपनी जगह है, मगर इस सच्चाई से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता कि अबूझमाड़ की यह मुठभेड़ इतिहास रच गई है। यह साय सरकार की बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में और डिप्टी सीएम एवं गृहमंत्री विजय शर्मा की रणनीतिक कुशलता और पुलिस के अधिकारियों की सूझबूझ से पहली बार ऎसी बड़ी कामयाबी हाथ लगी है कि नक्सलियों को खुद मानना पड़ गया कि हां हमारे 35 साथी मारे गए हैं।
हमदर्दी के साथ जनसेवा
डिप्टी सीएम और गृहमंत्री विजय शर्मा की दाद देनी होगी कि वे नक्सल पीड़ितों के साथ पूरी हमदर्दी रखते हुए उनकी सेवा में जुटे रहते हैं। वे गाहे बगाहे नक्सल प्रभावित गांवों में जाकर ग्रामीणों का दुख दर्द साझा करते हैं, उनकी समस्याओं का निदान करवाते हैं। इसका असर यह हो रहा है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था, सरकार और प्रशासन तंत्र के प्रति ग्रामीणों का भरोसा काफी बढ़ गया है। यही भरोसा नक्सलियों के खिलाफ अचूक हथियार साबित हुआ है। साफ बात है कि बस्तर वासियों का दिल जीतकर ही नक्सलियों पर विजय पाई जा सकती है। विजय के इस फार्मूले को उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बखूबी अपनाया है।गृहमंत्री विजय शर्मा को जब पता चला कि बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कांकेर, कोंडागांव और नारायणपुर जिलों के पचासों ग्रामीण नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आईईडी की चपेट में आकर अपने हाथ पैर गंवा बैठे हैं, तो शर्मा ने उनके कृत्रिम हाथ पैर लगवाने का फैसला किया। दर्जनभर लोगों के कृत्रिम पैर रायपुर में लग भी गए। ये लोग नकली पैरों के सहारे चलकर गृहमंत्री विजय शर्मा के निवास में मुख्यमंत्री साय और उप मुख्यमंत्री शर्मा के प्रति आभार जताने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की यही संवेदनशीलता केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा नक्सल समस्या के खात्मे के लिए दी गई डेड लाइन की ओर सरकार, पुलिस और सुरक्षा बलों को निरंतर आगे बढ़ा रही है।