एकलव्य आवासीय विद्यालय खेल महोत्सव में बस्तर ओवरऑल चैंपियन
स्पर्धा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना सबसे बड़ी उपलब्धि: विधायक किरणदेव
जगदलपुर हार-जीत स्पर्धा का अभिन्न हिस्सा हैं, लेकिन जो असफल होकर अपनी दक्षता में सुधार कर भविष्य में श्रेष्ठतम प्रदर्शन के द्वारा परचम लहराता है वह ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए किसी भी खिलाड़ी को असफलता से निराश नहीं होना चाहिए और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित करना जरूरी है। यह बात सांसद बस्तर महेश कश्यप ने धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता समापन समारोह को मुख्य आतिथ्य की आसंदी से संबोधित करते हुए कही। उन्होंने सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि यह उम्र दिशा तय करने का है, इसलिए अपना लक्ष्य निर्धारित कर मेहनत एवं लगन से आगे बढ़ें। इस संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता में बस्तर जिले की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर ओव्हरऑल चैंपियनशिप का खिताब हासिल किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधायक जगदलपुर किरण देव ने कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीत-हार से भी बड़ी उपलब्धि स्पर्धा में शामिल होकर उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है और इसमें भाग लेने वाले सभी खिलाड़ी बधाई के हकदार हैं।
उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बस्तर अब तेजी से बदल रहा है और आगे बढ़ रहा है। यहां की प्रतिभाएं अब खेलकूद सहित हर क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं। भविष्य में और ज्यादा मेहनत कर बेहतर प्रदर्शन से अपनी दक्षता सिद्ध करें। इस अवसर पर विजयी खिलाड़ियों तथा टीमों को मैडल, ट्रॉफी तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। वहीं अन्य प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही टीमों के प्रभारी शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं खेल प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। इस दौरान महापौर सफीरा साहू, अन्य जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी और शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राओं के अलावा खेलप्रेमी गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
जगदलपुर – प्रदेश भाजपा अध्यक्ष एवं जगदलपुर के विधायक किरण देव 9 अक्टूबर को सुकमा प्रवास पर पहुंचे। जहां भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं आम नागरिकों ने उनका जोशीला स्वागत किया। इस दौरान किरण देव विभिन्न मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना भी की।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण देव ने रामाराम मंदिर पहुंच माता चिटमिट्टीन की पूजा अर्चना कर बस्तर एवं छत्तीसगढ़ की जनता की सुख समृद्धि की मंगल कामना की। किरण देव का सर्किट हाउस सुकमा में भाजपा जिला अध्यक्ष धनीराम बारसे व अन्य पदाधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने ग्राम छिंदगढ़ में माता दूरपुता एवं माता मुसरिया जी की पूजा अर्चना कर बस्तर एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की।
रायपुर छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया गया है। मंडी बोर्ड में तुगलकी प्रथा चलाई जा रही है। बोर्ड के दो शीर्ष अधिकारी जहां शासन की छवि धूमिल कर रहे हैं, शासन की मंशा पर पानी फेर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर छोटे ठेकेदारों और बेरोजगार युवाओं से रोजगार के अवसर छीनने का काम भी कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ मंडी बोर्ड वैसे भी संविदा पर चल रहा। रिटायर हो चुके एक अधिकारी को संविदा नियुक्ति देकर मंडी बोर्ड का एमडी बना दिया गया है। ये एमडी साहब अधीक्षण अभियंता के साथ मिलकर ऐसे ऐसे फैसले ले रहे हैं कि मंडी बोर्ड का लगातार बेड़ागर्क होता चला जा रहा है। राज्य में दर्जनों अनुभवी अधिकारियों के रहते हुए भी एक सेवनिवृत्त अधिकारी को संविदा नियुक्ति देकर मंडी बोर्ड का एमडी बनाए जाने पर शुरू से सवाल उठते रहे हैं। सोशल मीडियम में तो इस संविदा नियुक्ति को राज्य के आदिवासी अधिकारियों के अधिकारों का हनन तक करार दे दिया गया है। दूसरी अहम बात मंडी बोर्ड से जुड़े निर्माण कार्यों के ठेकों को लेकर सामने आई है। संविदा वाले एमडी और एसई ऐसा खेल खेल रहे हैं कि इसका मिसाल और किसी विभाग में देखने सुनने को नहीं मिला है। बताते हैं कि ये दोनों अधिकारी जिसके छोटे छोटे कार्यों को एकजाई एक न ही निविदा निकालने की नई प्रथा चलाने लगे हैं।
20-30 लाख की लागत वाले तीन चार कार्यों को एकमुश्त कर एक निविदा निकाले जाने से सैकड़ों छोटे ठेकेदारों के सामने समस्या खड़ी हो गई है। डी से लेकर सी कैटेगरी वाले ठेकेदार इसके चलते टेंडर नहीं डाल पा रहे हैं। वहीं केंद्र व राज्य सरकार ने शिक्षित बेरोजगार युवाओं को छोटे छोटे निर्माण कार्यों के ठेके लेने के लिए प्रोत्साहित करते हुए योजना भी चला रखी है। ऐसे युवा भी मंडी बोर्ड के कार्यों के टेंडर नहीं भर पा रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि एमडी और एससी ने बड़े ठेकेदारों से सांठगांठ करके यह प्रथा शुरू की है। पहले जब हर निर्माण कार्य के अलग अलग टेंडर कॉल किए जाते थे तब छोटे ठेकेदार बड़ी संख्या में टेंडर में हिस्सा लेते थे। ठेकेदारों के बीच प्रतिस्पर्धा होती थी और मंडी बोर्ड का अच्छा लाभ मिलता था। अब छोटे ठेकेदार बोर्ड एमडी और एससी इस रवैए से परेशान हैं। अब बड़े ठेकेदार मनमाने ढंग से रेट डालकर काम लेने लगे हैं। इससे मंडी बोर्ड और राज्य शासन को बड़ी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है। राज्य सरकार की फजीहत हो रही है सो अलग।
जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले में जहां चार नक्सलियों ने आत्म समर्पण किया है, वहीं सुकमा जिले में पुलिस ने एक नक्सली को मार गिराया है।
दंतेवाड़ा जिले में पुलिस द्वारा चलाए जा रहे लोन वर्राटू अभियान से प्रेरित होकर 4 ईनामी नक्सलियों ने मंगलवार को दंतेवाड़ा में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्म समर्पण करने वाले नक्सलियों में दरभा डिवीजन एक्शन टीम सदस्य कोसा माड़वी उर्फ बुरका पिता बामी, निवासी तेलम नाड़ापारा थाना कटेकल्याण, केरलापाल एरिया कमेटी में कार्यरत प्लाटून नम्बर 31 सदस्य जनवरी उर्फ शंकर पोड़ियाम पिता सुकड़ा, निवासी नयानार थाना कटेकल्याण, गुड़से आरपीसी डीएकेएमएस अध्यक्ष हांदा उर्फ जोंडी माड़वी पिता कुम्मा, निवासी गुड़से थाना कटेकल्याण, मलांगेर एरिया कमेटी अंतर्गत रेवाली पोरदेम आरपीसी केएएमएस अध्यक्ष पोज्जे नुप्पो पति हिंगा कुहड़ाम, निवासी पोरदेम पंचायत कोर्रा थाना गादीरास शामिल हैं। चारों पर कुल 6 लाख का इनाम घोषित है। आत्मसमर्पण के दौरान डीआईजी कमलोचन कश्यप, सीआरपीएफ डीआईजी राकेश कुमार, पुलिस अधीक्षक गौरव राय, 111वीं वाहिनी सीआरपीएफ कमांडेंट नीरज यादव, द्वितीय कमान अधिकारी अनिल कुमार झा, सीआरपीएफ रेंज दंतेवाड़ा, द्वितीय कमान अधिकारी विवेक कुमार सिंह, 230वीं वाहिनी सीआरपीएफ द्वितीय कमान अधिकारी अनिल शेखावत समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।दंतेवाड़ा जिले में लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 202 ईनामी सहित कुल 877 नक्सली आत्मसमर्पण कर समाज के मुख्यधारा में जुड़ चुके हैं।
*बॉक्स*
*मुठभेड़ में 1 नक्सली ढेर*
सुकमा जिले के भेज्जी थाना क्षेत्रान्तर्गत ग्राम पामलूर के जंगल-पहाड़ी में हुई, पुलिस-नक्सली मुठभेड़ में एक नक्सली मारा गया है। भेज्जी थाना क्षेत्रके जंगलों में कोंटा एवं किस्टाराम एरिया कमेटी सदस्यों की मौजूदगी की सूचना पर डीआरजी, बस्तर फाईटर, 206 कोबरा बटालियन, 208 कोबरा बटालियन, 131वीं वाहिनी सीआरपीएफ एवं 212वीं वाहिनी सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ग्राम डब्बाकोंटा, एंटापाड़ बुर्कलंका, पामलूर, सिंघनमड़गू व आसपास क्षेत्र की ओर नक्सल विरोधी अभियान हेतु रवाना हुई थी।अभियान के दौरान ग्राम पामलूर के जंगल- पहाड़ी में पुलिस और नक्सलियों की मुठभेड़ हो गई। मुठभेड़ में एक पुरुष नक्सली मारा गया। उसका शव हथियार के साथ बरामद कर लिया गया है। मारे गए नक्सली के शव की शिनाख्त की कोशिशें जारी हैं। घटना स्थल क्षेत्र के आस-पास सुरक्षा बलों द्वारा सर्चिंग अभियान जारी है।
युवाओं के स्वास्थ्य, आर्मी, पुलिस भर्ती में अहम योगदान
ग्रामवासियों ने संजय बैस का जताया आभार
दल्लीराजहरा – डौन्डी ब्लॉक के ग्राम पंचायत अरमुरकसा में 5 लाख रुपए की लागत से बनने वाले ओपन जीम का भूमिपूजन क्षेत्र के जनपद सदस्य संजय बैंस ने किया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच सरोज बाई बालेंद्र विशेष अतिथि ग्राम पटेल उप सरपंच एवम सभी पंचगण उपस्थित रहे। भूमिपूजन की शुरुआत पूजा अर्चना कर प्रारंभ किया गया। सरपंच सरोज बाई ने कहा की हमारे गांव में स्वास्थ्य के प्रति युवाओं की मांग पर हमारे जनपद सदस्य संजय बैंस के अथक प्रयास से पूरा हुआ है। मैं संजय बैस को धन्यवाद देती हु। हमारे गांव के युवा के साथ आस पास क्षेत्र के युवा इस मैदान पर पुलिस और आर्मी भर्ती की तैयारी के लिए आते है। इस जीम के निर्माण से युवाओं के लिए मददगार होगी।
गांव के युवा हलधर गोरे मुन्ना आर्य ने कहा की हम हमारे गांव के मैदान पर जीम लगाने एवम मैदान का समतलीकरण कराने के लिए सभी जनप्रतिनिधि के पास गए पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। आज जो जीम की स्थापना का भूमिपूजन हुआ है उसे साकार करने वाले हमारे क्षेत्र के जनपद सदस्य संजय बैंस है हमारे गांव की हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहते है। हम सभी युवा संजय बैंस का आभार मनाते है। ग्राम के उप सरपंच दयालु राम भंडारी ने कहा की हमारे क्षेत्र के संजय बैंस के पास जो भी समस्या लेकर जाते है उनका समाधान अवश्य होता है। हाल भी एक स्कूल की राशि वापस चला गया था जिससे हमारी गांव में स्कूल निर्माण नही हो पा रहा था उसे भी शासन और प्रशासन से लड़ कर वापस लाए और आज सुंदर स्कूल का निर्माण होने का भी श्रेय हमारे जनपद सदस्य संजय बैंस को ही जाता है। जितना विकास की सहभागिता हमारे ग्राम अरमुरकसा को दे रहे है उतना तो किसी भी जन प्रतिनिधि ध्यान नहीं दिए। आगे भी ऐसा सहयोग हमारे गांव को मिलता रहेगा ऐसा संजय बैंस से आश्वासन चाहते है। कार्यक्रम के मुख्यातिथि संजय बैंस ने कहा की सभी ग्राम वासियों को बधाई देता हूं। युवाओं की बहुत पुरानी मांग आज पूरा हुआ है। इस सुंदर ओपन जीम निर्माण से हमारे क्षेत्र के युवाओं के लिय निश्चित रूप से फायदे मंद रहेगा स्वास्थ्य के साथ पुलिस और आर्मी भर्ती के लिए जो युवा तैयारी करते है उनका एक सपना था इस मैदान में जीम लगे जो आज सच हो रहा है। इस जीम निर्माण को बालोद कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल भी देखने के इच्छुक है। बहुत जल्द कलेक्टर भी आपके जीम को देखने पहुंचेंगे। युवाओं को नशा पान से दूर रहकर स्वच्छ गांव के साथ बलिष्ठ शरीर बनाने के लिय भी आह्वान किए। हम एकजूठ होकर गांव को सुंदर गांव बनाने की दिशा में काम करेंगे तो निश्चित रूप से हमारे ब्लाक और जिले में अरमूरकसा का बेहतर नाम होगा। कार्यक्रम के अंत में आभार ग्राम पंचायत की सचिव बिना टेकाम ने किया। इस कार्यक्रम में सभी ग्रामवासी एवम युवाओं ने अपनी भागीदारी दी तथा सभी के चेहरों पर मुस्कुराहट कायम रही।इस कार्यक्रम में मुन्ना लाल मोहित रावटे धीरज रूपेंद्र फरीद रावते उमेश चुरेंद्र यश अमलिया उपस्थित रहे
दल्लीराजहरा के लौह अयस्क खदान समूह के अंतर्गत आने वाले माइंस में कार्यरत बीएसपी कर्मचारियों को तथा अधिकारियों को प्रबंधन की ओर से मेडिकल सुविधा दी जाती है l जिसके तहत माइंस के अंदर कार्यरत अधिकारियों कर्मचारियों एवं उनके परिवार का इलाज दल्ली राजहरा के राजहरा माइंस अस्पताल के अलावा मुख्य चिकित्सालय सेक्टर 9 स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू अनुसंधान केंद्र में भी निशुल्क किया जाता है l लेकिन ठेका श्रमिकों के लिए इस तरह की कोई सुविधा प्रबंधन की ओर से नहीं दी गई हैl
कुछ दिनों पहले दल्ली राजहरा के श्रमिक संगठनों की ओर से की गई मांग और पहल पर प्रबंधन ने ठेका श्रमिकों को स – शर्त मेडिकल सुविधा देने के लिए तैयार हो गया जिसमें कहा गया कि बाह्य रोग के लिए ही मेडिकल सुविधा दल्ली राजहरा के दो अस्पताल जिसमें शहीद अस्पताल एवं ज्योति अस्पताल को चिन्हित की गई थी l लेकिन यदि श्रमिक या उनके परिजन को भर्ती करने की आवश्यकता हुई तो उसका इलाज आयुष्मान कार्ड के जरिए से होगी l शर्त अनुसार दोनों अस्पतालों के द्वारा विगत 9 माह से ठेका श्रमिकों एवं उनके परिजनों की इलाज प्रारंभ कर दी गई l लेकिन कई बार बीएससी प्रबंधन को इलाज का बिल दिए जाने के उपरांत भी इलाज में आई बिल की राशि का भुगतान प्रबंधन की ओर से नहीं की गई l आखिरकर अस्पताल संचालकों को ठेका श्रमिकों कि इलाज बंद करने के लिए बीएसपी प्रबंधन को नोटिस देना पड़ा l साथ ही अपने अस्पताल में नोटिस लगाना पड़ा कि आगामी तारीखों से अस्पताल में इलाज नहीं हो पाएगा l जिसके तहत ज्योति अस्पताल में 7 अक्टूबर से इलाज बंद करने का नोटिस चस्पा की गई l वहीं शहीद अस्पताल प्रबंधन की ओर से 17 अक्टूबर से इलाज बंद करने के लिए नोटिस लगाया गया l
इसकी जानकारी जब भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी को हुआ तो उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रेषित विज्ञप्ति जारी कर कहा कि यदि श्रमिक हित में लिए गए निर्णय को बंद किया जाता है तो श्रम मंत्रालय के अलावा माननीय सांसद भोजराज नाग के साथ स्वास्थ्य मंत्री से भी शिकायत की जाएगी l बीएसपी प्रबंधन के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए कल शाम को ही दोनों अस्पताल के संचालकों को बुलाकर इलाज में आई बिल की राशि का भुगतान किया गया है l मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि केंद्र में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार और राज्य में माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव जी की सरकार संयुक्त रूप से पूरे देश तथा राज्य में पारदर्शिता चाहती है l किसी भी श्रमिकों के साथ वह अन्याय नहीं चाहता l यदि कोई भी संस्था या व्यक्ति श्रमिक हित के कार्य में बाधा पहुंचती है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्यवाही की जाएगी l
समय रहते बीएससी प्रबंधन की ओर से अस्पताल संचालकों को जो भुगतान किया गया है l उसके लिए सभी को बधाई तथा श्रमिकों को भी बधाई कि उनके और उनके परिवार इलाज में कोई बाधा नहीं आएगी l
शानदार जीत पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हरियाणवी जलेबियां खिलाकर मनाई खुशियां
भाजपा जिला कार्यालय में कार्यकर्ताओं ने जमकर की आतिशबाजी
जीत के जश्न में शामिल हुये भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, कार्यकर्ताओं का कराया मुंह मीठा
जगदलपुर हरियाणा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की शानदार जीत व लगातार तीन बार विजयी होने की हेट्रिक बनाने की भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को जमकर खुशियां मनाई और आतिशबाजी की। भाजपा जिला कार्यालय में भारी संख्या में एकत्रित कार्यकर्ताओं ने हरियाणा की जीत पर बकायदा हरियाणवी जलेबी खिलाकर एक दूसरे का मुंह मीठा कराया और लोगों को भी जलेबियां खिलाई। हरियाणा में भाजपा की जबरदस्त जीत के जश्न में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण देव भी शामिल हुए।किरण देव ने सभी कार्यकर्ताओं को भाजपा की जीत पर बधाई देते हुए जलेबियां खिलाई।
इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने हरियाणा के चुनाव नतीजों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह भाजपा की डबल इंजन की सरकार की हरियाणा में दस वर्षों के किए गए कार्यों की जीत है। हरियाणा की जनता ने भाजपा सरकार की योजनाओं, जनहित के कार्यों व सफलतम सरकार के कामकाज पर विजय की मुहर लगाई है और भाजपा को हरियाणा में निरंतर तीन बार विजयी होने की हेट्रिक दिलाई है। लगातार तीसरी बार हरियाणा की जनता -जनार्दन ने भाजपा के प्रति अपना अगाध विश्वास व्यक्त किया है। एक्जिट पोल को लेकर अति उत्साही कांग्रेसियों को हरियाणा के एक्जेक्ट पोल ने आईना दिखा दिया है। इन नतीजों के जरिए हरियाणा ने कांग्रेस के संविधान और आरक्षण को लेकर दोहरे राजनीतिक चरित्र पर सीधी चोट की है। देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश तेजी से विकास के नित-नए आयाम गढ़ रहा है, विश्व-पटल पर अपनी प्रखर भूमिका का निर्वहन करते हुए 2047 तक विकसित भारत के संकल्प की पूर्ति की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हरियाणा के ये चुनाव नतीजे प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व पर जनता- जनार्दन के अटूट विश्वास की मुहर है। श्री देव ने कहा कि कांग्रेस जाति और धर्म के आधार पर जिस विभाजनकारी टूलकिटिया एजेंडे पर काम कर रही है, हरियाणा ने भी उसे पूरी तरह खारिज कर दिया है। भाजपा की ऐतिहासिक जीत को गांव-गरीब-किसान-मजदूर और युवाओं की जीत निरूपित करते हुए देव ने कहा कि देश के अन्य राज्यों की तरह ही हरियाणा की जनता ने भी आज कांग्रेस रूपी अभिशाप से मुक्त रखकर विकास का मार्ग चुन लिया है।
भाजपा की जीत के जश्न में भाजपा जिला अध्यक्ष रुपसिंह मंडावी, इंदर चोपड़ा,विद्याशरण तिवारी, मनीराम कश्यप, योगेन्द्र पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, वेदप्रकाश पाण्डेय, महापौर सफीरा साहू, रजनीश पाणिग्रही, नरसिंह राव, आलोक अवस्थी, नगर मंडल अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, सतीश सेठिया, राजेन्द्र बाजपेयी, आर्येन्द्र आर्य, संग्राम सिंह राणा, अविनाश श्रीवास्तव, राजपाल कसेर, मोतीराम बघेल, यशवर्धन राव, प्रकाश झा, शशिभूषण रथ, मनीष पारेख, दंतेश्वर राव, राधेश्याम पंद्रे, नीलांबर सेठिया, राधे सेठिया, सूर्य भूषण सिंह, गोविन्द ईनाणी, आशू आचार्य, अभिषेक तिवारी, सुरेश कश्यप, दिलीप झा, संजय विश्वकर्मा, कमल पटवा, प्रकाश रावल, लखीधर बघेल, मुरली सेठिया, मनोज ठाकुर आदि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।
जगदलपुर भाजपा युवा मोर्चा बस्तर द्वारा निकाली गई सदस्यता रथ यात्रा 8 अक्टूबर को नानगुर मंडल में पहुंची। मंडल के कई गांवों में भाजपा की रीति नीति, सिद्धांतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा जनहित में कराए जा रहे कार्यों की जानकारी देकर सैकड़ों लोगों को भाजपा का सदस्य बनाया गया।
मंडल के पंडरीपानी, डिमरापाल, जाटम, परपा, नानगुर, पुसपाल बाजार एवं अन्य ग्रामों के चौक चौराहे में छोटे-छोटे बाजार के व्यापारियों के पास, दुर्गा पंडालों में जाकर युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भाजपा के किए गए कार्यों के बारे में बताकर आम जन को सदस्यता ग्रहण करा रहे हैं। प्रदेश सदस्यता प्रभारी लक्ष्मण झा ने बताया कि युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हर पंचायत में पहुंच रहे हैं।युवाओं में भारी उत्साह है और भाजपा की कार्यपद्धति को देखते हुए बड़ी संख्या में युवा भाजपा के सदस्य बन रहे हैं। आज सदस्यता अभियान के लिए अविनाश श्रीवास्तव, विनोद पांडे, अभिषेक तिवारी, हरिराम मंडावी मंडल उपाध्यक्ष सरपंच, मंडल महामंत्री भरत सिंह ठाकुर, सरपंच जयमोहन शर्मा, अमर गुप्ता एवं अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
आधुनिकता ने ग्रहण लगा दिया बस्तर की वैभवशाली समृद्ध परंपरा को
–अर्जुन झा–
जगदलपुर कहां है दशहरे का फूल रथ, कहां है जोगी, कहां है सिंह ड्योढ़ी, कहां है जिया डेरा, कहां है काछन देवी..???
चीख चीखकर पूछ रही है हमारे अतीत की सीधी सरल बस्तरिहा परंपरा। अब तो सब कुछ भूली बिसरी यादें और सुनी हुई बातें लगती हैं न, जैसे इतिहास की बात हो। 700 साल पुरानी परंपरा जब इस तरह तिल तिल कर दम तोड़ती दिख है तब टीस से दिल भर जाता है और हम ऐसा होते देख भी रहे हैं। हमारी आने वाली पीढ़ियां अपने दादा- दादी और नाना- नानी की जुबानी बस्तर दशहरा के वैभव की कहानी ही सुन पाएंगे, ऐसा आभास होने लगा है। ज्यादा नही सिर्फ 10-15 साल पीछे चलते हैं। 75 दिनों तक चलने वाले विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरे की एक एक तस्वीर आंखों के सामने घूम जाती है।आखरी चरण में जब काछन देवी दशहरे की अनुमति देती है, तब उन्माद सौ गुना बढ़ जाता है और 5 दिवसीय फूल रथ की परिक्रमा, जोगी बिठाई, मावली परघाव, भीतर रैनी, बाहर रैनी, मुरिया दरबार और अंत मे देवी की बिदाई। अब सब सपने की तरह लगता है। हाल के दिनों में आदिवासी परंपरा के इतर गरबे की भरमार हो चली है । पारंपरिक वस्त्रों में नज़र आने वाली युवतियां अब सिरहसार की ओर जाती नहीं दिखती उसे तो घाघरा चोली में किसी लॉन में पहुंचना होता है, जहां गरबा का चल रहा होता है।यही है संक्रमण काल, जिसे हमारी पीढ़ी देख रही है। शायद आने वाले वर्षों में आप रथ के सामने आंगा देव की बजाय गरबा करते युवक युवतियों को देखने लगें। आदिवासी संस्कृति पर कुठाराघात हो रहा है रथ के अस्तित्व पर प्रश्नचिन्ह लगाने की तैयारी हो रही है लेकिन हमारे युवा गरबे की संस्कृति को लेकर चिंतित हैं, उन्हे कपड़े, उनके नृत्य, उनके व्यवहार की ज्यादा चिंता है। हालांकि रास गरबा भी भारतीय पुरातन संस्कृति और हमारे पुराणों का हिस्सा है। गरबा देवी स्तुति गान है, जिसमें लीन होकर लोग नाचने थिरकने लगते हैं। भगवान कृष्ण भी गोपियों संग गरबा खेलते और रास रचाते थे। सो हम गरबा का कतई विरोध नहीं कर रहे हैं, मगर दुख इस बात का है कि आम बस्तरिहा युवा अपनी मूल प्राचीन संस्कृति से विमुख हो रहा है। ठीक है वे भी गरबा खेलें, देवी मां की आराधना में लीन हो जाएं, मगर अपनी संस्कृति को तो न बिसराएं। वे बस्तर दशहरे का पराभव रोकने के लिए भी कदम उठाएं।
घटती जा रही दिव्यता
आज भले ही बस्तर दशहरा भव्यता के साथ मनाया जाने लगा है। इसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही हो, विदेशी सैलानी भी इसमें शामिल होने पहुंचने लगे हैं, मगर यह भी कड़वा सच है कि धीरे- धीरे बस्तर दशहरे की दिव्यता घटती जा रही है। अब वो दृश्य नजर नहीं आता जो 10-20 साल पहले दिखता था। आधा समारोह तो मीना बाजार लील लेता है। बची खुची संस्कृति गरबे की भेंट चढ़ रही है। पहले हाथ मे डंडे का फ्रेम धरे एक बूढ़ा खिलोने, प्लास्टिक के कैमरे, फुग्गे और लकड़ी व बांस की बांसुरी घूम घूमकर बेचता नज़र आता था, अब वही गरबे के डंडे बेच रहा है।रावटी झूले की जगह इलेक्ट्रिक हवाई झूले ने ले ली है। रथ निर्माण में सिर्फ बढ़ई की कारीगरी होती थी, अब तो लोहार भी कील ठोंकने लगे हैं। कुल मिलाकर परंपरा दम तोड़ रही है और हम मूक दर्शक बने बैठे हैं।वह दिन दूर नही जब रथ कब आया कब गया पता ही नहीं चलेगा। हमारी युवा पीढ़ी तो मखमली घास वाली लॉन में डांडिया रास खेलने में व्यस्त है। बस्तर की युवा पीढ़ी को अपनी समृद्ध संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आना होगा। अन्यथा जिस तरह आदिवासी अपने मूल धर्म पथ से विलग होते जा रहे हैं, दूसरे धर्म को आत्मसात करते या करवाए जा रहे हैं, उसी तरह संस्कृति के भी विलोप का खतरा है।
सांसद कश्यप पर बड़ी जिम्मेदारी
आदिवासियों को उनकी मूल संस्कृति और परंपराओं से विमुख करने की साजिश की एक बड़ी सच्चाई हमारे सामने है। कुछ विघ्न संतोषी लोग आदिवासियों को गणेश पूजा न मनाने की चेतावनी हर साल देते हैं। ऐसे लोग दलील देते हैं कि गणेश पूजा आदिवासियों के धर्म का हिस्सा नहीं है। ये लोग भूल जाते हैं कि आदिवासी जिस बड़ा देव या बूढ़ादेव के रूप में भगवान शंकर की पूजा करते हैं, भगवान गणेश उसी भोलेबाबा के पुत्र हैं। बारसूर के पहाड़ पर भगवान गणेश की दुनिया की सबसे विशाल प्रतिमा स्थापित करने वाले बस्तर के आदिवासी पुरखे ही थे।
सच ही कहा है हमारे युवा सांसद महेश कश्यप ने कि बारसूर कि गणेश प्रतिमा को हमारे पुरखों ने ही स्थापित किया था, बाहरी लोगों और गैर आदिवासियों ने यहां आकर प्रतिमा को स्थापित नहीं किया। सांसद महेश कश्यप का यह कथन भी सौ फीसदी सच है कि पूरे बस्तर संभाग में हिंदू देवी देवताओं की सैकड़ों प्राचीन प्रतिमाएं जगह जगह स्थापित हैं, भगवान श्रीराम अपने वनवास काल का ज्यादातर समय बस्तर के जंगलों में ही व्यतीत किया था, उन्हें जूठे बेर खिलाने वाली माता शबरी आदिवासी ही थी। सांसद महेश कश्यप की यह दलील भी आदिवासियों को भड़काने व भटकाने वाले लोगों के गाल पर करारा तमाचा है कि अगर आदिवासी हिंदू नहीं हैं तो वे अपने नाम देवी देवताओं के नाम पर क्यों रखते हैं? अपने नाम के पीछे राम व देवी क्यों लगाते हैं? सांसद ने अपने नाम का ही बड़ा उदाहरण सामने रखा था कि महेश वस्तुतः भगवान शंकर का ही एक नाम है।लब्बोलुआब यही है कि आज बस्तर के हर युवा को सांसद महेश कश्यप की इस सोच को आत्मसात करने की जरूरत है। सबसे बड़ी बात यह भी है कि सांसद महेश कश्यप जैसा आदिवासी हित चिंतक युवा राजनेता पहली बार बस्तर दशहरा समिति का बना है। ऐसे में सांसद श्री कश्यप की भी बड़ी जिम्मेदारी बनती है कि वे बस्तर दशहरा की दिव्यता को वापस लाने और भटकती युवा पीढ़ी को इससे जोड़ने के लिए ठोस पहल करें।
जगदलपुर बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा एवं नारायणपुर जिले के सीमाई इलाके में स्थित पूर्वी अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा बलों के हाथों करारी चोट मिलने से नक्सली बौखला उठे हैं और अब निरीह ग्रामीणों की हत्या करने पर उतर आए हैं। ऐसा ही एक मामला बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में सामने आया है, जहां नक्सलियों ने कायराना करतूत दिखाते हुए एक ग्रामीण को पुलिस की मुखबिरी करने का आरोप लगाते हुए मार डाला है। इस संवाददाता ने इस बात का अंदेशा पहले ही जता दिया था। वहीं बस्तर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक सुंदर राज पी. ने भी कुछ ऐसे ही संकेत दिए थे। आईजी के संकेत और हमारा अंदेशा बिल्कुल सटीक निकले हैं।
बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में पोषणपल्ली गांव के एक ग्रामीण को पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर नक्सलियों ने मार डाला है। भोपालपटनम क्षेत्र के ग्राम पोषणपल्ली निवासी 55 वर्षीय कन्हैया ताती पिता हुंगा ताती की नक्सलियों द्वारा मुखबिरी का आरोप लगाते हुए धारदार हथियार से उसकी हत्या कर दी गई।
हत्या कर शव को दुब्बापारा पोषणपल्ली पुराना स्कूल के पास डाल दिया गया था। थाना भोपालपटनम द्वारा प्रकरण में वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। उल्लेखनीय है कि 4 अक्टूबर को नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर स्थित पूर्वी अबूझमाड़ क्षेत्र में पुलिस और फोर्स ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 शीर्ष नक्सली नेताओं को मार गिराया था। मारे गए ज्यादातर नक्सलियों में तेलंगाना और महाराष्ट्र के नक्सली शामिल हैं। इस घटना के बाद पुलिस महानिरीक्षक सुंदरराज पी. ने अपने प्रेस ब्रीफ में जानकारी दी थी कि बड़ी हानि से बौखलाए नक्सली अपना गुस्सा स्थानीय कैडर और ग्रामीणों पर दोषारोपण करने लगे हैं। वहीं इस संवाददाता ने अपनी पिछली रिपोर्टिंग में अंदेशा जाहिर कर दिया था कि अबूझमाड़ की जंग में बड़ा नुकसान उठाने के बाद खार खाए बैठे नक्सली अब स्थानीय आदिवासियों पर मुखबिरी का आरोप लगाते हुए निरीह लोगों की हत्या कर सकते हैं, जैसा कि मुंह की खाने के बाद वे हर बार करते आए हैं।. हमारा यह अंदेशा सच होता दिख रहा है।