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रंग लाई सांसद संतोष पाण्डेय की कर्मशीलता; राजनांदगांव- मानपुर सड़क के लिए 290 करोड़ मंजूर

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  •  क्षेत्र के विकास में सतत लगे हैं राजनांदगांव के युवा सांसद संतोष पांडेय 

अर्जुन झा-

जगदलपुर सड़कें गांव, कस्बों, शहरों को जोड़ती हैं और जनप्रतिनिधि की लगनशीलता, कर्मशीलता एवं सदाशयता दिलों को जोड़ती हैं। कुछ ऎसी ही बेमिसाल प्रवृति वाले हैं राजनांदगांव के युवा सांसद संतोष पाण्डेय। वे गांव, कस्बों और शहरों को जोड़ने के साथ साथ अपनी कर्मशीलता के दम पर लोगों के दिलों से जुड़ चुके हैं। अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए सतत प्रयासरत रहने वाले सांसद संतोष पाण्डेय के खाते में एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। श्री पाण्डेय की पहल पर राजनांदगांव -मानपुर सड़क के लिए 290 करोड़ रुपयों की स्वीकृति मिली है। इससे क्षेत्र के ग्रामीणों, नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

राजनांदगांव से मानपुर सड़क राजनांदगांव की अति महत्वपूर्ण सड़क है। यह सड़क छत्तीसगढ़ को महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले को जोड़ती है। इसके अलावा व्यवसायिक दृष्टिकोण से भी यह सड़क बहुत मायने रखती है। यह सड़क दो जिलों राजनांदगांव और मोहला मानपुर, चौकी को जोड़ने का काम करती है।इस मार्ग पर अर्जुनी, डोंगरगांव, कुमर्दा, बांधाबाजार, अंबागढ़ चौकी, चिल्हाटी, कौड़ीकसा, मोहला, मानपुर जैसे बड़े गांव, कस्बे एवं व्यापारिक केंद्र स्थित हैं। डोंगरगांव से लगे बड़े गांव राजा खुज्जी की निर्भरता भी इस सड़क पर है। इन तमाम गांव, कस्बों और शहरों का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र राजनांदगांव है। इस सड़क पर चौबीसों घंटे छोटे बड़े वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इस लिहाज से इस सड़क को और भी मजबूत एवं व्यवस्थित बनवाने के लिए सांसद संतोष पांडेय लगातार प्रयास करते रहे हैं। वे इस मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से भी मिले थे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी इसके लिए प्रयासरत रहे हैं। अब इसका सुपरिणाम सामने आया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के साथ मुख्यमंत्री साय और सांसद संतोष पाण्डेय बैठक राजनांदगांव से मानपुर तक लगभग 100 किलोमीटर लंबी इस सड़क के फोरलेन एक्सप्रेस वे के रूप में तब्दील करने के लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने 290 करोड़ रुपए की स्वीकृति देकर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी है। सड़क के बन जाने के बाद 100 किलोमीटर की यह दूरी की यात्रा अब बड़ी आरामदायक हो जाएगी और सफर भी बहुत ही कम समय में तय हो जाएगा। इससे ईंधन, धन और समय की बड़ी बचत होगी। सांसद संतोष पांडे की पहल के चलते राजनांदगांव संसदीय क्षेत्र को मिली इस बड़ी सौगात से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस सौगात के लिए भाजपा प्रदेश महामंत्री भरत वर्मा, पूर्व विधायक रामजी भारती, भाजपा जिला अध्यक्ष रमेश पटेल, वरिष्ठ नेता दिनेश गांधी, जिला पंचायत अध्यक्ष, गीता घासी साहू, अंबागढ़ चौकी के पूर्व विधायक संजीव शाह, मदन साहू, नम्रता सिंह, डोंगरगांव के भाजपा नेता रामकुमार गुप्ता, लक्ष्मी नारायण गुप्ता, गुलशन हिरवानी, खुज्जी के भाजयुमो नेता कैलाश शर्मा, तखत सोनकर, संतराम देवांगन, चौकी के भाजपा नेता गुलाब गोस्वामी, राजेश सिंघी, आशीष द्विवेदी, गौरव शर्मा, दिनेश साहू, नम्रता सिंह, मदन साहू , राजू टांडिया, विजय जैन, देवकी नेताम सहित सभी वरिष्ठ भाजपा नेताओं, डोंगरगांव, खुज्जी, कुमर्दा, बांधा बाजार, अंबागढ़ चौकी, चिल्हाटी, कौड़ीकसा, मोहला, गोटाटोला, मानपुर के भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और सांसद संतोष पांडे का आभार व्यक्त किया है।

मीना बाजार बना शबीना बाजार; सुरक्षा मानकों का नहीं हो रहा पालन, बड़े हादसे का अंदेशा

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  • मौत का कुंआ साबित हो सकता है आत्मघाती
  • मीना बाजार में चल रही है लठैतों की दादागिरी

अर्जुन झा

जगदलपुर नगर के राजमहल परिसर के समीप संचालित हो रहे मीना बाजार में सुरक्षा मानकों का रत्ती भर भी पालन नहीं किया जा रहा है। यहां बड़ी दुर्घटना और जनहानि की प्रबल संभावना है। मीना बाजार का मौत का कुंआ आत्मघाती साबित हो सकता है।

मीना बाजार में नियम कायदों का जरा भी पालन नहीं किया जा रहा है। मीना बाजार में कितने व्यक्ति बाहर से आए हैं, इसकी जानकारी मीना बाजार संचालक ने पुलिस और प्रशासन को नहीं दी है और न ही कोई प्रमाणिक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं। सुरक्षा के नाम पर मीना बाजार में तैनात लठैत कर खुलकर गुंडागर्दी कर रहे हैं। मनोरंजन के लिये शुरू किए गए मीना बाजार में स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा चर्चा का विषय बना हुआ है। जबकि मीना बाजार का उद्घाटन यहां की परंपरा के अनुसार स्थानीय विधायक से कराया जाता रहा है। लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। गोपनीय ढंग से शुभारंभ कर मीना बाजार शुरू कर दिया गया है। जिसको लेकर सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों में भी नाराजगी है। मीना बाजार में सुरक्षा मानकों का दरकिनार करना अप्रिय घटनाओं को आमंत्रित कर रहा है। मीना बाजार में मनोरंजन के लिए कई ऐसे उपकरण लगाए गए हैं, जिसमें थोड़ी सी भी चूक मौत का कारण बन सकती है।

कहर बरपा सकते हैं झूले

सूत्रों से जानकारी मिली है कि कई विशालकाय झूले बाजार में लगाए गए हैं। इन झूलों की सुरक्षात्मक जांच करवाकर जिला प्रशासन से प्रमाण पत्र लिया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया है। अमानक स्तर के जानलेवा झूले एवं अन्य कई उपकरण लगाए गए हैं, जो हादसों को न्योता देते नजर आ रहे हैं। मीना बाजार के अंदर मनोरंजन के लिए मौत के कुंए में दोपहिया एवं चार पहिया वाहनों का प्रदर्शन किया जा रहा है जबकि यह कांकेर जिले में प्रतिबंध लगाया जा चुका है। तो क्या इस बार जिला प्रशासन से इसके लिए अनुमति ली गई है? अगर नहीं तो किसके अनुमति से जिंदगी से खिलवाड़ करने की छूट दी गई है? हादसे होने पर जिम्मेदार कौन होगा?

बाहरी लोगों का नहीं है रिकॉर्ड

मीना बाजार को संचालित करने दीगर प्रातों के व्यक्तियों का नगर में आगमन हुआ है। व्यवसायिक दृष्टिकोण से आने वाले लोगों का किसी प्रकार का कोई रिकॉर्ड पुलिस में जमा नहीं कराया गया है। न ही मीना बाजार में दुकाने लगाने व अन्य कार्यों के लिए संचालक द्वारा लाए गए बाहरी व्यक्तियों का वैरीफिकेशन कराया गया है।इसको लेकर चर्चा का बाजार भी गर्म है। बस्तर संवेदनशील क्षेत्र है इस समय शहर में भीड़-भाड़ा बढ़ चुकी हैं इसके बाद भी बाहर से आने वाले व्यक्तियों का रिकार्ड नहीं रखा जाना प्रशासनिक लापरवाही की ओर भी इशारा करता है।

आए हैं संदिग्ध लोग भी

इसे मीना बाजार कहें या शबीना बाजार में सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विशेष धर्म के लोगो का जमावड़ा लगा हुआ है। इनमें से कई लोगों की गतिविधियां संदिग्ध होने की भी चर्चा है। लोगों को आशंका है कि ये तत्व बस्तर दशहरा के दौरान बड़ी घटना को अंजाम दे सकते हैं, गड़बड़ी फैला सकते हैं। पुलिस और प्रशासन अलर्ट नहीं हुए तो बस्तर दशहरा के बीच ही कोई अप्रत्याशित घटना घट सकती है। जानकारी के अनुसार विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के लोग इन पर कड़ी नजर रखी हुए हैं।

कलेक्टर ने ग्राम दूबचेरा पहुँचकर सामान्य सायकल को इलेक्ट्रिक सायकल बनाकर नवाचार करने वाले ग्रामीण संतोष साहू से की मुलाकात

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  • अपने पुत्र के आवागमन को सुविधाजनक बनाने हेतु की गई इस बेहतर नवाचार की सराहना की

बालोद 08 अक्टूबर 2024 कलेक्टर इन्द्रजीत सिंह चन्द्रवाल ने सोमवार 07 अक्टूबर को जिले के डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम दूबचेरा में पहुँचकर अपने पुत्र को उनके स्कूल तक आवागमन की सहुलियत प्रदान करने एक सामान्य सायकल को इलेक्ट्रिक सायकल के रूप में नवाचार करने वाले ग्रामीण श्री संतोष साहू से मुलाकात की।  चन्द्रवाल ने अपने पुत्र के उनके स्कूल तक आवागमन को सुविधा जनक बनाने हेतु ग्रामीण संतोष साहू के द्वारा किए गए इस बेहतर नवाचार की सराहना करते हुए इसके लिए उन्होंने ग्रामीण संतोष साहू को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उल्लेखनीय है कि ग्राम दूबचेरा निवासी  संतोष साहू के पुत्र किशोर साहू स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट माध्यम स्कूल अर्जुंदा में कक्षा 8वीं में अध्ययनरत् है। संतोष साहू के सुपुत्र किशोर साहू ने बताया कि अपने घर के सामान्य सायकल से स्वामी आत्मानंद स्कूल अर्जुंदा तक आवागमन करने में उन्होंने कुछ परेशानियों के अलावा समय भी अधिक लगता था। उन्होंने अपने इस परेशानियों के संबंध में अपने पिताजी के सामने जिक्र किया था। जिस पर विचार करते हुए उनके पिता ने घर के सामान्य सायकल को इलेक्ट्रिक सायकल के रूप में परिवर्तित कर उनके स्कूल तक आवागमन हेतु होने वाले परेशानियों को दूर करने के अलावा आवागमन में सहुलियत प्रदान करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। मौके पर उपस्थित जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डाॅ. संजय कन्नौजे सहित सभी अधिकार-कर्मचारियों ने ग्रामीण संतोष साहू के बेहतर नवाचारों की भूरी-भूरी सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी है। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

 

पदोन्नत हुए अधिकारीयों पर अशोक स्तंभ लगाकर एवं गुलदस्ता भेंटकर बधाई दिए

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दिनांक 04/10/2024 को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर पदोन्नत एवं स्थानांतरित हुए अधिकारियों को आज दिनांक 08.10.2024 को पुलिस कार्यालय बालोद में  पुलिस अधीक्षक महोदय एस. आर भगत व अति. पुलिस अधीक्षक महोदय  अशोक कुमार जोशी के द्वारा पदोन्नत हुए अधिकारीयों सुश्री नवनीत कौर एवं श्रीमती गीता वाधवानी को कंधे पर अशोक स्तंभ लगाकर एवं गुलदस्ता भेंट कर बेहतर कार्य करने हेतु बधाई दी गई। इस मौके पर जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी एवं ऑफिस स्टाफ तथा परिजनों के द्वारा उनकी उज्ज्वल भविष्य की कामना करते पदोन्नती एवं नवीन जिला पदस्थापना हेतु शुभकामनाएं दी गई।

इस दौरान एसडीओपी देवांश सिंह राठौर, नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती चित्रा वर्मा ,डीएसपी बोनीफास एक्का, डीएसपी राजेश बागड़े, रक्षित निरीक्षक श्रीमती रेवती वर्मा ,बालोद थाना प्रभारी रविशंकर पांडे, यातायात प्रभारी राकेश ठाकुर, एवं समस्त ऑफिस स्टाफ उपस्थित रहें।

नाबालिग से दुष्कर्म करने वाला आरोपी को किया गया गिरफ्तार

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  •  थाना डौण्डी के अप. क्रमांक 63/2024 धारा 376(2)(n)ipc.4,5( j)(ii), 5(l) पाॅक्सो एक्ट के प्रकरण में प्रार्थीया ने अपने रिपोर्ट में

दिनांक 15.02.2023 को कुम्हली गांव शादी में गयी थी तो अक्षय चंदेल से परिचय हुआ जिसने अपना मोबाईल नम्बर देकर बात करने लगा दिनांक 21.02.2023 को चिखली मण्डाई में अक्षय बुलाया तो पीड़िता गई थी। अक्षय अपनी बड़ी मां के घर में ले गया, घर में कोई नहीं था, अक्षय चंदेल पीड़िता से तुझसे प्यार करता हुं हम दोनों एक ही समाज के है तुमसे शादी करूंगा बोलकर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया और पीड़िता के साथ बातचीत करते रहा था तथा अप्रैल 2023 में पीड़िता को किल्लेवाड़ी मंदिर ले गया था वहां भी डेम की ओर पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाया। अक्षय ने पीड़िता के साथ शादी करने का आश्वासन देकर शारीरिक संबंध बनाया है आखिरी बार आरोपी ने पीड़िता के घर मिलने आया था और पीड़िता के साथ गलत काम किया है पीड़िता ने पुरी बात अपनी मां को बतायी और अपनी मां के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने थाना बालोद गयी, घटना स्थल थाना डौण्डी क्षेत्र का होने पर थाना बालोद में अप.क्र. 00/2024 धारा 376(2)(n)ipc.4,5( j)(ii), 5(l) पाॅक्सो एक्ट तहत रिपेार्ट दर्ज किया गया है जिसे असल नंबरी हेतु थाना डौण्डी को डायरी प्राप्त होने पर असल नंबरी अपराध क्रमांक 63/2024 धारा 376(2)(n)ipc.4,5( j)(ii), 5(l) पाॅक्सो एक्ट रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया। प्रकरण के गंभीरता को देखते हुए एस.आर. भगत पुलिस अधीक्षक महोदय जिला बालोद एवं  अशोक कुमार जोशी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय जिला बालोद व डॉ चित्रा वर्मा नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा, के निदेशानुसार कार्यवाही करते हुए उपनिरीक्षक मनीष सेण्डे थाना प्रभारी डौण्डी एवं थाना डौण्डी स्टाॅफ के द्वारा ओरोपी अक्षय चंदेल पिता शत्रुहन चंदेल उम्र 24 साल साकिन कुम्हली थाना गोटाटोला जिला मानपुर मोहला अंबागढ़ चैकी के होने की सुचना मिलने पर हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर अपना जुर्म स्वीकर किया बाद आरोपी को विधिवत् गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेल दाखिल किया गया है।

पदयात्रियों, श्रद्धालुओं की भक्ति में खलल डाल रही है भाजपा: सुशील मौर्य

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  •  सदस्यता अभियान का टारगेट पूरा करने पदयात्रियों का रोका जा रहा रास्ता
  • दंतेवाड़ा जा रहे श्रद्धालुओं का रास्ता रोककर सदस्य बनने डाल रहे दबाव

जगदलपुर शहर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाते कहा है कि भाजपा इतनी अप्रासंगिक हो गई है कि कोई भी व्यक्ति अब इस पार्टी से जुड़ना नहीं चाहता। फिर भी भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता आज भी इस मुगालते में हैं कि उनके द्वारा दिए गए अनाप-शनाप सदस्यता अभियान के टारगेट को उनके कार्यकर्ता पूर्ण कर लेंगे।

सुशील मौर्य ने कहा है कि भाजपा के सदस्यता अभियान की स्थिति एक आम कार्यकर्ता से बेहतर कोई नहीं जान रहा। लगातार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मिल रहे दबाव के चलते अब भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को मजबूरन धार्मिक आयोजनों, दुर्गा पंडालों का सहारा और धार्मिक स्थलों पर जाकर डेरा डालना पड़ रहा है। लगातार यह बात निकलकर आ रही है भारतीय जनता पार्टी और उनके अनुसांगिक संगठनों द्वारा दशहरा और नवरात्र में हजारों की संख्या में जो श्रद्धालु दंतेवाड़ा स्थित माई दंतेश्वरी की शक्तिपीठ में श्रद्धा भक्ति एवं उपासना के लिए सैकड़ो किलोमीटर पदयात्रा कर पहुंच रहे हैं इन पद यात्रियों व श्रद्धालुओं को भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा बीच सड़क पर रोका जा रहा है और श्रृद्धालुओं को भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्हें मजबूर किया जा रहा है। यह पूरी तरह अनुचित, अनैतिक और गलत है।धार्मिक भावनाओं को आहत पहुंचाने वाला है और अधर्मी कार्य है। सुशील मौर्य ने कहा पिछले 10 वर्षों से भारतीय जनता पार्टी की केंद्र में सरकार है।एक तरफ तो भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी को विश्व गुरु घोषित करने से पीछे नहीं हटती वहीं दूसरी ओर नरेंद्र मोदी के नाम पर भी देश में कोई भारतीय जनता पार्टी का दामन थामने तैयार नहीं है। यदि नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता देश में होती तो आज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को इस तरह से सदस्यता अभियान के लिए दर-दर की खाक नहीं छाननी पड़ती। ऐसे भक्ति भाव से मां की आराधना में लीन श्रद्धालुओं के रास्ते का रोड़ा बनना नहीं पड़ता और ना ही जबरन श्रद्धालुओं की भक्ति में खलल डाली जाती। एक तरफ भारतीय जनता पार्टी और उसके कार्यकर्ता स्वयं को सनातन के सबसे बड़े ध्वज वाहक बताते हैं वहीं दूसरी ओर आस्था के साथ खिलवाड़ करने से भी पीछे नहीं हटते। सैकड़ो किलोमीटर से जो श्रद्धालु पदयात्रा कर माता के दर्शन के लिए दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं जो पूरी तरह से माता की भक्ति में लीन हैं उन्हें इस तरह से रोकना कहीं न कहीं उनकी भक्ति को खंडित करने जैसा कुकृत्य है। उन्हें सदस्य बनने हेतु दबाव बनाना यह सनातन और हिंदू धर्म का भी अपमान है। तीज त्यौहार पूर्णतः धार्मिक आयोजन होते हैं। इनमें राजनीति की कोई जगह नहीं होती परंतु भारतीय जनता पार्टी तीज त्योहारों को भी राजनीति का शिकार बना रही है। कहीं सदस्यता रथ के नाम पर दुर्गा पंडालों के बाहर भाजपा के कार्यकर्ता डेरा जमा रहे हैं तो कहीं पद यात्रियों को परेशान कर रहे हैं। सुशील ने कहा है कि प्रशासन को तत्काल इस अनुचित कार्य को स्वतः संज्ञान में लेना चाहिए एवं जो भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस तरह से श्रद्धालुओं की भक्ति में खलल डालने और उनके रास्ते रोकने वालों पर नज़र रखनी चाहिए।

भाजपा नेता मनोज दुबे को मिली बड़ी जिम्मेदारी, बनाए गए भिलाई सदस्यता अभियान प्रभारी

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  • क्षमता को देखते हुए मनोज दुबे को दियाभिलाई महानगर का दायित्व 

दल्ली राजहरा भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में अपना राष्ट्रीय सदस्यता अभियान जोर शोर से चला रही है। इसी क्रम में बालोद जिले के दल्ली राजहरा निवासी ओजस्वी एवं ऊर्जावान भाजपा नेता मनोज दुबे को भिलाई जैसे महानगर का सदस्यता अभियान प्रभारी नियुक्त किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से नवीन सदस्यता ग्रहण कर भाजपा के राष्ट्रीय सदस्यता अभियान- 2024 का शुभारंभ किया था। इस कार्यक्रम को ‘संगठन पर्व सदस्यता अभियान-2024’ नाम दिया गया है। भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पार्टी का पहला सदस्य बनाकर अभियान की शुरुआत की। पीएम नरेंद्र मोदी ने पार्टी के टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल के जरिए फिर से भाजपा की सदस्य ली। प्रदेश भाजपा कार्यालय में सदस्यता अभियान के संबंध में एक बैठक संपन्न हुई, जिसमें क्षेत्रीय संगठन मंत्री अजय जामवाल, प्रदेश संगठन मंत्री पवन साय ने भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश पदाधिकारी को 1000 जिला संयोजकों, 500 जिला पदाधिकारियों को 200 एवं कार्य समिति सदस्य को 150 सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया। सदस्यता अभियान को आगे बढ़ाने एवं दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश सयोजक महेंद्र पंडित द्वारा संभाग एवं जिला प्रभारियों की नियुक्ति की गई। जिसमे भारतीय जनता पार्टी झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज दुबे को भिलाई का प्रभारी बनाया गया है। भाजपा नेता मनोज दुबे को भिलाई का सदस्यता प्रभारी बनाए जाने पर दल्ली राजहरा के गोविंद वाधवानी, राजू कुकरेजा, महेश पांडे, सौरभ लूनिया, रमेश जैन, राघवेंद्र शर्मा, महेंद्र सिंह, सुरेंद्र बेहरा, जयदीप गुप्ता, स्वाधीन जैन, आशीष लालवानी, मनोज सिंग, ललित जैन, सोमेश जायसवाल, विनय सिंग, दीपक शर्मा, महेंद्र, अमित आदि कार्यकर्ताओं और नेताओं ने बधाई दी है।

दुबे ने लिखी है नई गाथा

मनोज दुबे वही नेता हैं, जिन्होंने दल्ली राजहरा में सदस्यता अभियान को लेकर एक नया इतिहास लिखा है। श्री दुबे ने समाज के सबसे पंक्ति में खड़े और सर्वाधिक उपेक्षित तबके को भाजपा से जोड़ने का ऐसा काम कर दिखाया है, जिसकी चारों ओर प्रशंसा हुई थी। भाजपा संगठन में तो श्री दुबे की इस पहल की सराहना हुई ही, विपक्षी कांग्रेस के कई नेता भी मनोज दुबे के इस कार्य के कायल नजर आए। दरअसल भाजपा झुग्गी झोपड़ी प्रकोष्ठ के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज दुबे ने भाजपा की अपनी विंग के नाम को सार्थक करते हुए गली कूंचों और कूड़े करकट के ढेर में जीने की लालसा में लगे झिल्ली पन्नी बीनने वालों और अस्थायी डेरों में रहने वाले घूमंतू जनजाति के दर्जनों लोगों को भाजपा की सदस्यता ग्रहण कराई है। मनोज दुबे ने डेरों और झुग्गी झोपड़ियों कई दिन तक जा जाकर इस वंचित तबके के लोगों को भाजपा से जोड़ने का सराहनीय काम किया है। इसके पीछे मनोज दुबे की मंशा भाजपा के पितृ पुरुष पं. दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय की परिकल्पना को साकार करने की रही है।

अपनी खेल प्रतिभा का लोहा मनवाने मैदान पर उतरे बस्तर के एकलव्य

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  •  संभाग आयुक्त डोमन सिंह ने किया स्पर्धा का आगाज 
  • खेल भावना के साथ खेलें और सफल हों: कमिश्नर 

जगदलपुर बस्तर संभाग के एकलव्य अपनी खेल प्रतिभा का जलवा बिखेरने मैदान पर उतर गए हैं। बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह ने एकलव्य आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ 7 अक्टूबर को किया।

इस अवसर पर संभाग आयुक्त डोमन सिंह ने कहा कि पूरे खेल भावना के साथ खिलाड़ी खेल को खेलें और सफल हों। खेल एक ऐसी विधा है जिसकी लोकप्रियता बहुत है, जिसमें खिलाड़ियों को सम्मान, प्रसिद्धि, लोकप्रियता मिलती है साथ ही एक रोल मॉडल के रूप में कई खिलाड़ियों का अनुसरण लोग करते हैं। एकलव्य विद्यालय के खिलाड़ी भी अपना बेहतर प्रदर्शन करें, संभाग का नाम रौशन करें, राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करें। भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों के खेल महोत्सव 2024-25 अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता का धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में शुभारंभ हुआ। आयुक्त ने संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में शामिल हो रहे स्कूली बच्चों को प्रोत्साहित करते हुए जिलों से चयनित होकर आने के लिए शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में सीसीएफ आरसी दुग्गा ने कहा कि खेल की हर गतिविधि में युवाओं को हिस्सा लेना चाहिए साथ ही खेल या जीवन में हमारा लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए, कुछ करके दिखाने की भावना से कई खिलाड़ी अपना बेहतर प्रदर्शन करते हैं। कलेक्टर हरिस एस ने कहा कि एकलव्य विद्यालय में विभिन्न शिक्षण गतिविधियों के साथ बच्चों के व्यक्तित्व के विकास के लिए कई गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। इसी क्रम में खेल भी एक हिस्सा है। खेल गतिविधि भी सामुदायिकता की भावना का विकास करने में सहायक है। कार्यक्रम में अतिथियों ने मां दंतेश्वरी, छतीसगढ़ महतारी और मां सरस्वती की छायाचित्र में पुष्पहार अर्पितकर और दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एक खिलाड़ी ने खेल नियमों के तहत प्रतियोगिता में शामिल होने हेतु शपथ दिलाई। कमिश्नर ने 100 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में सीटी बजाकर प्रतियोगिता का औपचारिक शुरुआत की। ज्ञात हो कि भारत सरकार जनजातीय कार्य मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की खेल महोत्सव 2024-25 अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय क्रीड़ा प्रतियोगिता धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में संभाग के लगभग एक हजार खिलाड़ी 27 खेल विधाओं में भाग ले रहे हैं। शुभारंभ के अवसर पर जिला पंचायत सीईओ प्रकाश सर्वे, आयुक्त नगर निगम हरेश मंडावी, एसडीएम जगदलपुर भरत कौशिक, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास नरेश शोरी सहित आदिवासी विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, एकलव्य विद्यालयों के खेल शिक्षक और खिलाड़ी उपस्थित थे।

बीएसपी ने रोका पेमेंट, अस्पताल ने बंद कर दिया ईलाज; भाजपा नेता द्विवेदी ने जताई कड़ी नाराजगी

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  • ज्योति हॉस्पिटल में ठेका श्रमिकों का ईलाज बंद 
  • मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने दिखाए कड़े तेवर, करेंगे शिकायत 

दल्ली राजहरा :- मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा है कि बीएसपी प्रबंधन द्वारा माइंस कार्यरत ठेका श्रमिकों के जीवन के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

भाजपा नेता राकेश द्विवेदी ने कहा है कि माइंस क्षेत्र में कार्य करने वाले ठेका श्रमिको को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर स्थानीय शहीद हॉस्पिटल एवं ज्योति हॉस्पिटल के साथ बीएसपी प्रबंधन द्वारा अनुबंध किया गया था किन्तु पिछले आठ नौ माह से बीएसपी द्वारा दोनों अस्पतालों का भुगतान रोक दिए जाने के कारण दोनों अस्पतालों में ठेका श्रमिको की चिकित्सा सुविधा बंद कर दी गई है। राकेश द्विवेदी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि बीएसपी प्रबंधन की इस तरह की ठेका श्रमिको की सुविधा के साथ अनदेखी प्रबंधन द्वारा श्रमिकों का शोषण किया जाना सर्वथा अनुचित है। बीएसपी प्रबंधन द्वारा माइंस क्षेत्र में कार्यरत ठेका श्रमिको के साथ सौतेला व्यवहार किया जाता है। दल्ली राजहरा में स्थित एक मात्र बीएसपी अस्पताल भी रेफर सेंटर बन कर रहा गया है। ऐसे में किसी घटना दुर्घटना में आपात कालीन चिकित्सा के अभाव में लोगों को जान से हाथ धोना पड़ सकता है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने पूर्व में भी माइंस क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के शोषण की शिकायत श्रममंत्री लखन लाल देवांगन से की थी। द्विवेदी ने कहा कि स्थानीय श्रम अधिकारी अपने कानों में रूई डाल कर बैठे हुए हैं। द्विवेदी ने कहा कि वे चिकित्सा सुविधाएं बंद होने की शिकायत जल्द ही स्थानीय लोकसभा सांसद भोजराज नाग श्रम विभाग एवं इस्पात मंत्री से करेंगे।

बाहरी नक्सली बरगलाते आ रहे हैं बस्तर संभाग के युवाओं और आदिवासियों को

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  •  तेलंगाना और महाराष्ट्र के नक्सलियों का रहा वर्चस्व 
  • पहली बार इतनी बड़ी संख्या में मारे गए बाहरी 

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के आदिवासियों और युवाओं को बाहरी नक्सली बरगलाते आ रहे थे। बस्तर की युवा पीढ़ी को हिंसा की आग में झोंककर ये बाहरी नक्सली अपना घर भरते आए हैं। अब उनका नेटवर्क तेजी से ध्वस्त होता जा रहा है। पूर्वी अबूझमाड़ की मुठभेड़ में मारे गए 31 नक्सलियों ज्यादातर बाहरी हैं और सभी टॉप लेवल के लीडर थे। इतनी बड़ी क्षति से बचे खुचे नक्सली लीडर्स का बौखलाना लाजिमी है। इसी बौखलाहट में अब नक्सली लीडर स्थानीय नक्सलियों और ग्रामीणों को मुठभेड़ के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। हो सकता आने वाले दिनों में ये नक्सली निरीह ग्रामीणों और लोकल नक्सालियों की हत्याएं करने लगें, तो इसमें आश्चर्य वाली बात नहीं होगी।

बस्तर संभाग को नक्सलियों का गढ़ माना जाता रहा है। अब नक्सलियों का किला ढहता जा रहा है। छत्तीसगढ़ पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों की साझी रणनीति कारगर साबित हो रही है। पुलिस और केंद्रीय अर्ध सैन्य बल बस्तर के आदिवासियों की जितनी नरम रुख अख्तियार कर उनके हित में काम कर रहे हैं, उतनी ही कड़ाई नक्सलियों के प्रति दिखा रहे हैं। बाहर से आए नक्सलियों ने जहां बस्तर की धरती को रक्त रंजित करने का काम किया, वहीं यहां के भोलेभाले युवाओं और आदिवासियों के साथ झूठी हमदर्दी दिखाते हुए उन्हें यहां की सरकार और सिस्टम के खिलाफ भड़काने व बरगलाने का काम किया। यहां के युवा और आदिवासी उन्हें अपना हितैषी मान बैठे और उनके भ्रमजाल में फंसते चले गए। इस तरह बाहरी नक्सलियों ने बस्तर संभाग में अपना अच्छा खासा नेटवर्क तैयार कर लिया। बाहरी नक्सली अपने पुलिस और सुरक्षा बलों के खिलाफ अभियानों के दौरान स्थानीय युवाओं और आदिवासियों को सामने कर देते थे। मारे जाते थे बेचारे स्थानीय लोग। बाहरी नक्सली स्थानीय लोगों से सड़कों पर स्पाईक लगाने, आईईडी प्लांट करने, फोर्स के मूवमेंट की सूचना उपलब्ध कराने, बैनर पोस्टर, पंप्लेट लगवाने, सड़कें खोदकर आवागमन बाधित करने जैसे काम कराते रहे हैं। मुठभेड़ों के दौरान बाहरी नक्सली अपने स्थानीय कैडर को सामने कर खुद सुरक्षित बच निकलते थे और मारे जाते थे स्थानीय लोग।

कुछ अरसा पहले तक जब भी फोर्स और नक्सलियों की मुठभेड़ें होती थीं, स्थानीय कैडर के आदिवासी ही मारे जाते थे। तब विपक्षी दल सरकार पर आदिवासियों की हत्या कराने का आरोप लगाते मैदान पर उतर जाते थे। ऐसा कांग्रेस और भाजपा दोनों की सरकारों के दौरान होता था।

बदल गई हवा की दिशा

अब हवा की दिशा बदल चुकी है। बयार उल्टी दिशा में बहने लगी है। यहां के युवा और आदिवासी बाहरी नक्सलियों के मनोभाव को समझ चुके हैं। नक्सलियों से उनका मोहभंग हो चुका है। सरकार और सिस्टम के प्रति उनकी आस्था बढ़ गई है। नक्सलियों के पास स्थानीय कैडर की नितांत कमी हो चुकी है। अब मोर्चे पर खुद बाहरी नक्सलियों को उतरना पड़ रहा है। इसका नतीजा यह हो रहा है कि बड़े पैमाने पर बाहरी नक्सली और उनके टॉप लीडर्स मारे जाने लगे हैं। तेलंगाना और महाराष्ट्र के जो टॉप नक्सली लीडर्स यहां आतंक का राज कायम किए हुए थे, वे तेजी से हलाक होते जा रहे हैं। चाहे कांकेर की मुठभेड़ हो, या बीजापुर की या फिर नारायणपुर के पूर्वी अबूझमाड़ की ताजा मुठभेड़। इन सभी मुठभेड़ों में मारे गए प्रायः सभी नक्सली या महाराष्ट्र और तेलंगाना के ही हैं।

करोड़ों वसूल चुके हैं बाहरी नक्सली

दरअसल बस्तर संभाग में तेंदूपत्ता और अन्य वनोपजों तथा खनिज संपदा की प्रचुरता है। यहां बड़े पैमाने पर ठेकेदारों के माध्यम से सड़क, पुल पुलियों का निर्माण भी चलता रहा है। बाहरी नक्सली पहले तेंदूपत्ता ठेकेदारों से लाखों रुपए वसूला करते थे। अब सरकारी स्तर पर तेंदूपत्ता खरीदी हो रही है। इसके अलावा नक्सली खनिज खदान लीजधारकों ठेकेदारों, निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों और व्यापारियों से हर माह लाखों रुपए वसूलते आ रहे हैं। बाहरी नक्सली यहां से करोड़ों अरबों रुपए जमा कर अपने घरों में भेजते आए हैं। बाहरी नक्सली अपने बच्चों को बड़े शहरों के महंगे स्कूलों में पढ़ाई करवा रहे हैं और बस्तर के बच्चों के स्कूलों को आग के हवाले करते रहे हैं। रायपुर, भिलाई जैसे बड़े शहरों में बाहरी नक्सली अपने परिवार को रखते रहे हैं। भिलाई के एक पॉश इलाके में कुछ वर्ष पहले डोंगरगढ़ के एएसपी रहे मौजूदा एसपी मनीष शर्मा ने छापा मारकर ऐसे ही एक परिवार का पर्दाफाश किया था। इस परिवार के बच्चे भिलाई के सबसे महंगे स्कूल में पढ़ते थे। इससे जाहिर होता है कि नक्सली आदिवासियों के हितैषी नहीं बल्कि उनके दुश्मन हैं।

आंकड़े बताते हैं सच्चाई

बस्तर संभाग में इस वर्ष मारे गए नक्सलियों के आंकड़ों पर गौर करें तो हकीकत खुद बखुद सामने आ जाती है। बस्तर के अकेले नारायणपुर जिले में सन 2024 में अब तक संचालित नक्सल विरोधी अभियानों कुल 44 माओवादी मारे गए हैं, 29 गिरफ्तार किए गए हैं एवं 47 माओवादियों द्वारा आत्मसमर्पण किया गया है। मारे गए ज्यादातर नक्सली दूसरे राज्यों के हैं। इसी तरह पूरे बस्तर संभाग में अब तक कुल 188 नक्सलियों के शव बरामद हुए हैं, 706 गिरफ्तार किए गए हैं और 733 नक्सलियों द्वारा आत्मसमर्पण किया जा चुका है। कुल मिलाकर नक्सलियों के खेमे से अब तक 1627नक्सली बाहर हो चुके हैं। इनमें ज्यादातर टॉप लीडर और बाहरी नक्सली हैं। इस तरह बस्तर में नक्सलियों की कमर टूट चुकी है।

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