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सेलफोन की रौशनी में बस्तर और भानपुरी के अस्पतालों में ईलाज

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  • बिजली गुल होने पर मुसीबत में पड़ जाते हैं डॉक्टर और कर्मी

बस्तर स्वास्थ्य के क्षेत्र में मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के सरकारी दावे बस्तर के धरातल पर धाराशाई होते नजर आ रहे हैं। आदिवासी बहुल जिलों में सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में शामिल है, मगर स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील मामले में बस्तर जिले का हाल बेहाल है। बस्तर जिले के सिविल हॉस्पिटल भानपुरी एवं बस्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बिजली गुल हो जाने पर जब अंधेरा छा जाता है, तब मोबाइल फोन की रोशनी के सहारे मरीजों का उपचार करने की मजबूरी आन पड़ती है।

दरअसल इन दोनों हॉस्पिटलों में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा चलित लाइट की व्यवस्था जरूर की गई है, लेकिन खराबी के कारण वह भी नहीं जल रही है।आदिवासी बहुल बस्तर संभाग के जिला मुख्यालयों में जरूर स्वास्थ्य सेवा बेहतर है, मगर ग्रामीण इलाकों के सरकारी अस्पतालों को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। बस्तर कहने मात्र को संभाग और जिला है, मगर दोनों प्रशानिक मुख्यालय जगदलपुर में हैं। बस्तर भले ही पूरी दुनिया में मशहूर है, मगर मूल गांव बस्तर की कहानी तो कुछ और ही है। बस्तर अनुविभागीय और तहसील मुख्यालय है। भानपुरी में भी तहसील कार्यालय है। भानपुरी में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और भानपुरी में सिविल अस्पताल की स्थापना शासन द्वारा जरूर की गई है, मगर इन दोनों अस्पतालों में जरूरी सुविधाएं मुहैया नहीं कराई गईं हैं। बस्तर के विद्युत विभाग की कार्यशैली और व्यवस्था तो जग जाहिर है। गावों और ब्लॉक एवं तहसील मुख्यालयों में बिजली की लचर व्यवस्था में सुधार की उम्मीद भी बेमानी है। बार बार बिजली गुल होना, घंटों बिजली न आना आम बात है। इस लचर विद्युत व्यवस्था से सरकारी अस्पताल भी प्रभावित हैं। बस्तर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और भानपुरी के सिविल अस्पताल भी विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था का खामियाजा लंबे अरसे से भोगते आ रहे हैं। इन अस्पतालों में पिछले कई माह से बिजली की आंख मिचौली की समस्या बनी हुई है। खासकर गर्मी और बरसात के दिनों में बिजली गुल होने एवं तेज आंधी तूफान चलने और भारी बरसात होने पर बार बार और घंटों बिजली गुल हो जाने की समस्या पैदा हो जाती है। शाम ढलने के बाद बिजली गुल हो जाने पर बिजली के फिर से आने की गारंटी नहीं रहती।ज्यादातर बार तो पूरी रात या फिर चार पांच घंटे तक बिजली बंद रहती है। ऐसे में डॉक्टरों को मरीजों का ईलाज व चेकअप मोबाइल फोन के टार्च की रौशनी में करना पड़ता है। अस्पताल में भर्ती मरीजों के वार्डों में अंधेरा पसर जाता है। डॉक्टरों की केबिन में भी अंधेरा हो जाता है। वार्ड में नर्स मोबाइल की रोशनी में मरीजों को दवाइयां देती हैं और उनका ब्लड प्रेशर व बुखार चेक करती हैं, उन्हें सलाईन भी सेलफोन टॉर्च की रौशनी में चढ़ानी पड़ती है। ऐसा दृश्य अक्सर देखने को मिल जाता है।

सोलर पैनल में आई खराबी

भानपुरी और बस्तर तहसील मुख्यालय और पचासों गांवों के प्रमुख केंद्र हैं। इस लिहाज से इन दोनों स्थानों के सरकारी अस्पतालों पर इन पचासों गांवों के हजारों ग्रामीणों की निर्भरता है। इन दोनों अस्पतालों में पोर्टेबल जनरेटर तक की व्यवस्था शासन ने नहीं की है।क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा चलित बिजली की व्यवस्था अस्पतालों में की गईं है, लेकिन यह व्यवस्था भी फिजूल साबित हो रही है। सोलर पैनल्स, बैटरी और अन्य उपकरणों में तकनीकी खराबी आ गई है। इस खराबी को दूर करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है। नतीजतन सौर ऊर्जा की बिजली का लाभ भी इन अस्पतालों को नहीं मिल पा रहा है।

क्रेडा से कर चुके हैं शिकायत

जब बिजली गुल हो जाती है, तब इमरजेंसी लाइट की मदद से काम निपटाते हैं। बस्तर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, भानपुरी तथा अन्य स्थानों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सोलर लाइट व्यवस्था में खराबी है, बस्तर अस्पताल में बैटरी की प्रॉब्लम है। इस संबंध में क्रेडा के अधिकारियों और सीएमएचओ को अवगत करा चुके हैं।डॉ.शांडिल्य खंड चिकित्सा अधिकारी, बस्तर

अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का बालोद में होगा शिव महापुराण, नगर के इस समिति के अगुवाई में लोग आ रहे सामने

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बालोद – अंतरराष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का बालोद जिले में आगमन लगभग तय माना जा रहा है जिले के मां शीतला सेवा समिति व नगरवासियों द्वारा इस आयोजन को किया जाएगा। बालोद के जुंगेरा में 28 अगस्त से 1 सितंबर 2023 तक होने वाले शिव महापुराण में बड़ी संख्या में शिवभक्तों की आने की उम्मीद है ऐसे में भक्तों की बैठने और अंतर्राष्ट्रीय कथाकार की कथा का श्रवण वह आराम से कर सके इसके लिए पूरी व्यवस्थाएं की जाएगी। बालोद के जुंगेरा रानीतराई मार्ग स्थित मैदान में आयोजित इस शिव महापुराण कथा आयोजन को लेकर समाजसेवी भगवती साहू के द्वारा आयोजित सीहोर वाले अंतर्राष्ट्रीय कथाकार प्रदीप मिश्रा के श्री मुख से भक्तों को शिव महापुराण कथा का रसपान करने का मौका मिलेगा।आयोजक मां शीतला सेवा समिति की सदस्य भगवती साहू ने जानकारी देते हुए बताये कि अंतर्राष्ट्रीय कथाकार पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा बालोद नगर के आसपास हो सके इसके लिए काफी समय से प्रयास किया जा रहा था छुरिया में पंडित प्रदीप मिश्रा के शिव महापुराण।

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झूठी और महिला विरोधी है की भूपेश बघेल सरकार : शालिनी

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  • महिला स्व सहायता समूहों से रोजगार छीना कांग्रेस सरकार ने
  • नारी का श्राप ले डूबेगा झूठ की खेती करने वाले भूपेश बघेल को
  • भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत का प्रहार

नगरनार बस्तर जिले के प्रवास के तहत नगरनार पहुंचीं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष शालिनी राजपूत भूपेश बघेल सरकार पर जमकर बरसीं। उन्होंने भूपेश बघेल सरकार को झूठी और महिला विरोधी करार देते हुए कहा कि जबसे प्रदेश में कांग्रेस की सरकार आई है, महिलाओं के खिलाफ अपराध बढ़ गए हैं। महिलाओं और बच्चियों के दुराचार की घटनाओं में बेतहाशा वृद्धि हुई है। कांग्रेस ने चुनाव के दौरान महिलाओं के लिए जो वादे किए थे, उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है।यहां महिला मोर्चा की नगरनार मंडल इकाई की परिचयात्मक बैठक में संवाददाताओं से चर्चा करते हुए मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष ने भूपेश बघेल सरकार पर ताबड़तोड़ प्रहार किए। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल सरकार झूठे वादों और थोथी चुनावी घोषणाओं के दम पर सत्ता में आई है। कांग्रेस ने जो भी चुनावी घोषणाएं की थीं, उनमें से एक भी वादे को कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने पूरा नहीं किया है। प्रदेश में शराबबंदी लागू करने, महिलाओं को रोजगार देने, रेडी टू ईट का काम सम्हालते आ रहे महिला स्व सहायता समूहों का कर्ज माफ करने, जैसे लुभाने वाले वादे कर सत्ता हथियाने के बाद कांग्रेस सारे वादों से मुकर गई है। इस सरकार के जाने का समय करीब है, लेकिन शराबबंदी लागू नहीं की जा सकी है, उल्टे शराब के कारोबार को खुद सरकार ने अपने हाथों में ले लिया है। सुश्री राजपूत ने कहा कि महिलाओं को रोजगार देने की बात हवा हवाई निकली। महिला स्व सहायता समूहों के कर्जे माफ करना तो दूर, उनसे रेडी टू ईट का काम छीनकर भूपेश बघेल सरकार ने 23 हजार स्व सहायता समूहों से जुड़ी लाखों महिलाओं को बेरोजगार कर दिया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओं और सहायिकाओं को केंद्र सरकार की ओर से मानदेय के रूप में साढ़े चार हजार रु. दिए जाते हैं। अब इसे मिलाकर दस हजार देने की बात कही गईं है, लेकिन इस पर अमल की जरा भी उम्मीद नहीं है, क्योंकि झूठ कांग्रेस के रग रग में समाया हुआ है। शालिनी राजपूत ने कहा कि प्रदेश में महिलाओं और छोटी बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घृणित घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। अनाचार के मामले में छत्तीसगढ़ छठें नंबर पर पहुंच गया है। भूपेश बघेल सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल रही है। शालिनी राजपूत ने कहा कि सुषमा स्वराज अवार्ड योजना के तहत महिला मोर्चा प्रदेश भर में मंडल और शक्ति केंद्र स्तर तक पहुंचकर विभिन्न विधाओं में पारंगत महिलाओं को सुषमा स्वराज अवार्ड देकर सम्मानित कर रही है। ऐसा करके हम मातृशक्ति का गौरव बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना को रोककर प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने महिलाओं का हक छीनने का काम किया है। संत सम्मेलन और समागम को सनातन धर्म का हिस्सा बताते हुए शालिनी राजपूत ने कहा कि धर्म से लोगों को जोड़े रखना अच्छी बात है। ऐसे सम्मलेन और समागम के दौरान संतों पर पुष्प वर्षा करने की जिम्मेदारी महिला मोर्चा की ही नहीं, बल्कि हर सनातनी की है। सुश्री राजपूत ने कहा कि मोर्चा से जुड़ी बहनों ने प्रदेश में अब फिर से भाजपा की सरकार बनाने के लिए कमर कस ली है।

नारी का अपमान करने वाले का सर्वनाश तय : सुधा

बस्तर जिला भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष सुधा मिश्रा भी इस दौरान मौजूद थीं। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह पहले ही वे जिला अध्यक्ष नामित हुई हैं और जिला कार्यकारिणी की घोषणा की जानी है। इसी को ध्यान में रख वे जिले की सभी 11 मंडल ईकाइयों का दौरा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने न तो अपना एक भी चुनावी वादा पूरा किया है, न ही एक भी नई योजना शुरू की है। जो भी योजनाएं चल रही हैं, वे पूर्ववर्ती भाजपा सरकार की हैं। उल्टे इस सरकार ने केंद्र सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं को रोक रखा है। लड़की हूं, लड़ सकती हूं का नारा देने वाली कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सरकार ने महिलाओं को अधिकारों से वंचित करने और नारी सम्मान को ठेस पहुंचाने का ही काम किया है। सुधा मिश्रा ने कहा कि नारी का अपमान करने वाले का सर्वनाश हो जाता है। वैसा विनाश इस कांग्रेस सरकार का तय है। उन्होंने कहा कि बस्तर की माता बहनें जागरूक हो चुकी हैं, उनके साथ कांग्रेस द्वारा किए गए छल को वे भलीभांति समझ गईं हैं और कांग्रेस की विदाई का मन बना चुकी हैं। महिला मोर्चा की नगरनार मंडल अध्यक्ष गीता मिश्रा ने कहा बड़ी बहन शालिनी और सुधा दीदी के नेतृत्व में मंडल की बहनें भाजपा की सरकार गठन में योगदान देने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी हैं। हम सभी बहनें पार्टी और जनता के हित में समर्पित होकर लगातार काम कर रही हैं।

सबको अपने दामन में पनाह देती है बस्तर की धरती : रेखचंद जैन

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  • छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के होली मिलन समारोह में शामिल हुए संसदीय सचिव एवं विधायक जैन

जगदलपुर बस्तर की धरती की तासीर ही ऐसी है कि वह सभी समाजों और प्रदेशों के लोगों को अपने दामन में पनाह देती है। जो लोग रोजी रोजगार और व्यापार के सिलसिले में बस्तर आते हैं, वे यहीं के होकर रह जाते हैंउक्त उदगार संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन ने छत्तीसगढ़ भोजपुरी परिषद के होली मिलन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। आरंभ में जैन ने समाज के लोगों को गुलाल टीका लगा कर होली की शुभकामनाएं दी।

उन्होंने समाज के वरिष्ठ लोगों से आशीर्वाद प्राप्त किया एवं युवाओं के साथ होली खेली। इस अवसर पर समाज के लोगों को संबोधित करते हुए विधायक तथा नगरीय प्रशासन व श्रम विभाग के संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि भोजपुरी समाज का छत्तीसगढ़ एवं बस्तर के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की धरा ही ऐसी है कि यहां जो भी आया वह यहीं का होकर रह गया। बस्तर की भूमि की भरी सभी को अपने में समाहित कर लेती है, अपनी आंचल की छांव तले सबको पनाह देती है, चाहे वह किसी भी दीगर जिले या दूसरे प्रदेश का निवासी ही क्यों न हो। श्री जैन ने कहा कि हमारा शहर जगदलपुर सामाजिक सद्भावना व समरसता का ऐसा इंद्रधनुषी केंद्र है, जहां पूरे भारत के लोग आपसी भाईचारे के साथ निवास करते हैं। उन्होंने भोजपुरी समाज के लोगों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि होली का त्यौहार आप सभी लोगों के परिवारों में सुख शांति समृद्धि के रंग भरे।समारोह में विधायक रेखचंद जैन के साथ पार्षद सूर्या पाणी, मनोनीत पार्षद अमरनाथ सिंह, कांग्रेस के महामंत्री गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, पत्रकार संतोष सिंह, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, वरिष्ठ नेता राजेश अहीर, भोजपुरी समाज के वरिष्ठ पीएन सिंह, रंजीत पाण्डे, कौशिक शुक्ला, हरेंद्र यादव, रामनाथ यादव, कृष्णा पाठक, जयशंकर मिश्रा, प्रदीप सिंह, संभागीय अध्यक्ष जेबी सिंह, अध्यक्ष विनोद तिवारी, सचिव अमरनाथ सिंह, कोषाध्यक्ष अरविंद यादव एवं अमरेंद्र दीक्षित समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे पूर्व सांसद स्व. सोहन पोटाई के दशगात्र कार्यक्रम में

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मुख्यमंत्री ने शोक संतिप्त परिवारजनों से मिलकर बंधाया ढांढस आज प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री माननीय भूपेश बघेल कांकेर के ग्राम बाबुदबेना पहुंच पूर्व सांसद व आदिवासी नेता स्व. सोहन पोटाई के दशगात्र में शामिल हुए जहां उन्होंने शोक संतिप्त परिवारजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया…इस दौरान केबिनेट मंत्री कवासी लखमा,बस्तर सांसद दीपक बैज,विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम,विधायक अनूप नाग,विधायक शिशुपाल सोरी,बिरेश ठाकुर सहित अन्य नेतागण शामिल रहे।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहुंचे सांसद दीपक बैज के ससुराल

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बस्तर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पूर्व सांसद एवं आदिवासी नेता स्व. सोहन पोटाई के दशगात्र कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात ग्राम बाबूदबेना में ही स्थित बस्तर के सांसद दीपक बैज के ससुराल पहुंच कर परिवारजनों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। लगभग 10 मिनट चर्चा के बाद मुख्यमंत्री वापस रायपुर रवाना हुए। इस दौरान प्रदेश के आबकारी एवं उद्योग मंत्री तथा बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम, विधायक अनूप नाग, विधायक शिशुपाल सोरी, बिरेश ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्त्ता उपस्थित थे।

जनता के भरोसे के साथ कभी विश्वासघात नहीं करूंगा : जैन

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  • मुझे इस मुकाम तक आपके विश्वास और आशीर्वाद ने मुझे इस मुकाम पर पहुंचाया है : रेखचंद
  • संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने मांझीगुड़ा एवं सिडमुड में लाखों के विकास कार्यों का किया भूमिपूजन

जगदलपुर क्षेत्रीय विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने ग्राम पंचायत मांझीगुड़ा तथा सिडमुड़ में 43 लाख रु. से भी अधिक के कार्यों का भूमिपूजन किया।श्री जैन ने ग्राम पंचायत मांझीगुड़ा में 22 लाख 17 हजार रुपए के सीसी सड़क, नाली निर्माण एवं माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य का भूमिपूजन किया। ग्राम पंचायत सिडमुड़ के आश्रित ग्राम गुड़ापारा में 20 लाख 92 हजार रुपए के सीसी सड़क एवं नाली का भूमिपूजन किया गया। मांझीगुड़ा में धरमू घर से सविता के घर तक 10. 42 लाख की लागत से सीसी रोड, लोहार पारा में 6 लाख 75 हजार रुपए की लागत से नाली निर्माण, बामनदेई माता गुड़ी में 5 लाख रुपए की लागत से बाउंड्री वॉल निर्माण एवं ग्राम पंचायत सिडमुड़ में गणपति के घर से ईश्वर के घर तक 10.85 लाख की लागत से 450 मीटर सीसी सड़क निर्माण एवं 10.07 लाख की लागत से लक्षनी घर से हरी घर तक सीसी सड़क सह नाली निर्माण कार्य कराया जाएगा। उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि आप सभी के सहयोग और आशीर्वाद से आज इस पद तक पहुंचा हूं। आपके विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि आज हमारे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की अवधारणा के अनुरूप विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। गांव गांव में सीसी सड़क, नाली निर्माण जैसे आधारभूत संरचना के विकास का कार्य किए जा रहे हैं। वहीं आदिवासी संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए माता गुड़ी जीर्णोद्धार कार्य bhi किया जा रहा है। कोराना महामारी के बाद भी हमारी सरकार ने विकास को अवरुद्ध नहीं होने दिया। इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ जनपद सदस्य एवं ब्लाक अध्यक्ष नीलूराम बघेल, जनपद सदस्य धनसिंग बघेल, सरपंच आरावती बघेल, उप सरपंच लोकेश सेठिया, रैनू नाग सरपंच जामावाड़ा, पार्षद सूर्या पाणी, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री गौरनाथ नाग, हेमू उपाध्याय, पत्रकार संतोष सिंह, वरिष्ठ नेता राजेश अहीर, विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा, सुनील दास, शंकर नाग, फूलसिंह बघेल, हेमधर नाग, लखमू बघेल, राधामोहन दास, हरिबंधु नाग सरपंच सिडमुड़, बलराम सरपंच मारकेल, विनोद सेठिया, रुपुराम कोंडाम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ओलों की मार से अधेड़ की मौत

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  • शनिवार को लोकमुंडा – तालुर मार्ग पर ओलावृष्टि और बारिश में फंस गया था मृतक चेरमू कश्यप

बस्तर शनिवार शाम अंचल में हुई भारी ओलावृष्टि और बारिश एक राहगीर अधेड़ पर कहर बनकर टूट पड़ी। ओलों की मार से तालुर निवासी 45 वर्षीय चेरमू कश्यप की मृत्यु हो गई। पुलिस ने पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के हवाले कर दिया।बस्तर थाना क्षेत्र के ग्राम तालुर पुजारी पारा निवासी स्व. पूरन कश्यप का 45 वर्षीय पुत्र चेरमू कश्यप अकाल मृत्यु का शिकार हुआ है। अनुविभागीय अधिकारी ( पुलिस ) कामड़े ने बताया कि चेरमू कश्यप 18 मार्च को सुबह 9 बजे साइकिल लेकर अपनी बड़ी बेटी सोनम बघेल से मिलने उसके ससुराल ग्राम नाईकगुड़ा बस्तर के लिए निकला था। शाम को घर लौटते समय अचानक अंधड़ के साथ जमकर ओलावृष्टि और बारिश होने लगी। उस समय चेरमू कोकामुंडा – तालुर मार्ग स्थित मेलिया पेपड़ा नर्सरी प्लाट रोड के करीब पहुंचा ही था कि शाम 5.30 बजे तेज अंधड़ के साथ बड़े बड़े ओले गिरने लगे और बारिश होने लगी। ओलों की मार इतनी जबरदस्त थी कि चेरमू की जान ही चली गई। कुछ देर बाद किसी व्यक्ति ने शव को पहचाना और अपने सेलफोन के कैमरे में उसकी तस्वीर ले ली। उस व्यक्ति ने यह फोटो चेरमू कश्यप के चचेरे भाई चूमन कश्यप के बेटे नरेंद्र मोबाइल फोन पर भेजकर घटना की जानकारी दी। घटना स्थल पर जाकर मामले की पुष्टि करने के बाद चूमन ने उप सरपंच सुशील खम्मारी के साथ बस्तर थाना पहुंचकर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने शव को पंचनामा और पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

ओलावृष्टि और तूफान से बस्तर में 100 करोड़ से अधिक की क्षति

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  • सैकड़ों पेड़ धाराशाई, मिर्च और टमाटर की फसलें हो गईं तबाह
  • नुकसान के आकलन के निर्देश दिए बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने

बस्तर शनिवार को प्रकृति का गुस्सा बस्तर विकासखंड के किसानों पर कहर बनकर टूट पड़ा। तेज आंधी तूफान से सैकड़ों एकड़ रकबे में लगी मिर्च और टमाटर की फसलें बर्बाद हो गईं तथा सकड़ों पेड़ धराशाई हो गए। बस्तर विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने जिला प्रशासन को प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को जल्द मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए हैं।

बस्तर ब्लॉक में शनिवार को हुई भारी बारिश, तेज आंधी तूफान और ओलावृष्टि ने जमकर तबाही मचाई है।किसानों और ग्रामीणों को काफी नुकसान पहुंचा है। ओलों की मार से किसानों के खेतों में टमाटर व मिर्च की फसल नष्ट हो गईं। फलों से लदे टमाटर व मिर्च के पौधे टूटकर उड़ गए। पौधों के नाम पर अब सिर्फ तनों के निचले भाग ही शेष रह गए हैं। वहीं लोगों के घरों के पेड़ सड़कों पर गिर गए हैं। सड़क किनारों के भी सैकड़ों पेड़ धाराशाई हो गए हैं। पचासों घरों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। मंजर ऐसा दिखाई दे रहा है, मानो एकसाथ सैकड़ों पागल हाथी सबकुछ रौंदते हुए पूरे विकासखंड से गुजरे हों। 18 मार्च को दोपहर करीब 3 बजे मौसम ने अचानक करवट बदली और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ तूफान उठ खड़ा हुआ। तेज आंधी तूफान के बीच बड़े-बड़े ओले गिरने लगे। ओले 100 से 150 ग्राम तक वजनी थे। राह चलते लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश में इधर उधर भागने लगे। घरों की सीमेंट शीटें टूट फुट गईं, खपरैल भी पूरी तरह टूट गए। सड़कों के किनारे बड़ी संख्या में पेड़ गिरने से आवागमन भी काफी देर तक बाधित रहा।

सब्जी उत्पादकों को करोड़ों का नुकसान

सब्जी की खेती के लिए बस्तर विकासखंड के किसान पूरे छत्तीसगढ़ में मशहूर हैं। यहां के किसान बड़े पैमाने पर सभी तरह की सब्जियां उगाते हैं। मिर्च और टमाटर की खेती यहां सर्वाधिक होती है। इन दिनों मिर्च टमाटर से पौधे लदे हुए नजर आ रहे थे। अचानक भारी ओलावृष्टि होने, तेज आंधी चलने तथा जमकर बारिश होने से बस्तर अंचल के सैकड़ों किसानों के खेतों, बाड़ियों और फार्म हाउस में लगी सब्जी फसलों के नष्ट हो जाने से उन्हें 100 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान हुआ है। बस्तर अंचल में 500 एकड़ से अधिक रकबे में मिर्च की और लगभग 400 एकड़ में टमाटर की फसल ली गईं थी, जिसे ज्यादा नुकसान हुआ है। प्रभावित किसान फतेसिंह परिहार, भृगु तिवारी, संग्राम सेंगर, जितेंद्र परिहार, पवन मरकाम, पतिराम मौर्य ने बताया कि मिर्च की खेती पर प्रति एकड़ ढाई लाख रु. तक की राशि खर्च करनी पड़ती है। वहीं टमाटर की खेती में भी इतनी राशि किसान व्यय करते हैं। असमय हुई इस तबाही से किसान मायूस हैं।

दिया जाए मुआवजा : लखेश्वर बघेल

बस्तर विधानसभा क्षेत्र में प्राकृतिक आपदा से मची तबाही की खबर मिलने के बाद विधायक लखेश्वर बघेल ने तत्काल कलेक्टर चंदन कुमार एवं एसडीएम बस्तर ओमप्रकाश वर्मा को निर्देश देते हुए कहा कि टीम बनाकर किसानों को हुए नुकसान का आंकलन कराएं और प्रभावित किसानों व ग्रामीणों को तत्काल मुआवजा दिलाने की पहल करें। श्री बघेल ने कहा कि टमाटर और मिर्च की फसलें पूरी तरह चौपट हो गईं हैं, पचासों ग्रामीणों के घरों को भी नुकसान पहुंचा है। इनका अलग अलग आंकलन कराकर मुआवजा राशि स्वीकृत की जाए। विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा है कि वे इस मामले सेमुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी अवगत कराएंगे।

बेरोजगारी के आंकड़ों की झूठी जानकारी दे रहे रोजगार मंत्री उमेश पटेल :–विक्रम धुर्वे

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  • विक्रम धुर्वे ने बताया विधान सभा में झूठी जानकारी गलत परंपरा

दल्लीराजहरा विधानसभा में रोजगार मंत्री द्वारा बेरोजगारों के झूठे आंकड़े देने पर विक्रम धुर्वे ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि विधान सभा में झूठी जानकारी देना गलत परंपरा की शुरुवात है। बेरोजगारी का मुद्दा संवेदनशील है और इससे जुड़े मामले में मिथ्या जानकारी को लोकतंत्र के लिए अपमानजनक बताते हुए जिलाध्यक्ष भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा जिला अध्यक्ष व सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे ने कहा विधानसभा में रोजगार विभाग के मंत्री माननीय उमेश पटेल से बेरोजगारी के आंकड़ों संबंधी सवाल पूछा गया तो उन्होंने बेरोजगारी की दर 0.5 प्रतिशत बताई लेकिन बेरोजगारों की संख्या बताने मे असमर्थता जताई गई। आश्चर्य की बात यह है कि रोजगार चाहने वालो युवाओं की पंजीकृत संख्या 18 लाख 78 हजार लिखित में प्रस्तुत की गई। दोनों आकड़ों के विश्लेषण पर गौर करे तो छत्तीसगढ़ की जनसंख्या 3 करोड़ के बजाय 36 करोड़ होती है। बेरोजगारी की दर 0.5 प्रतिशत एवं रोजगार हेतु पंजीकृत युवाओं के आंकड़ों में बड़ा फर्क है इस उत्तर को गलत बताते हुए विभागीय मंत्री उमेश पटेल ने छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं को छला है। भारत की संवैधानिक व्यवस्था के तहत सबंधित विभाग के मंत्री का जवाब पूरे सरकार का जवाब माना जाता है। इस मिथ्या जानकारी हेतु मंत्री उमेश पटेल एवं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को प्रदेश की जनता से माफी मांगते हुए जन घोषणा पत्र में किए गए वादों के अनुसार युवाओं के खाते में बेरोजगारी भत्ते के 13 हजार करोड़ रुपए की राशि जमा करवानी चाहिए।

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