राजहरा खदान का देव माइनिंग ठेका कार्य जल्द प्रारंभ किया जाए। सीटू ने ज्ञापन सौंपा और प्रबंधन से विस्तृत चर्चा की

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दल्लीराजहरा डीजल की कमी के कारण विगत एक सप्ताह से राजहरा लौह अयस्क समूह में विभिन्न ठेका कार्य बंद हो गए थे। जिसमें से राजहरा यंत्रीकृत खान की कोकान साइट जो देव माइनिंग कंपनी द्वारा संचालित है, उसका कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो पाया है। जिसके कारण जहां एक और उत्पादन का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर सैकड़ो ठेका श्रमिक बेरोजगार हो चुके हैं । जिनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। लेकिन इस मामले में अभी तक ठेकेदार और प्रबंधन के द्वारा किए जा रहे प्रयासों और परिणाम की कोई भी जानकारी यूनियन व श्रमिकों को नहीं दी जा रही है। कोई सकारात्मक परिणाम नहीं आने से जहां एक ओर ठेका श्रमिकों में आक्रोश बढते जा रहा है, वहीं दूसरी ओर तरह-तरह की शंकाओं को भी बल मिल रहा है। डीजल की कमी के कारण ही कलवर,डुलकी, महामाया, दल्ली,झरनदल्ली, इत्यादि में भी काम बंद था। लेकिन इन सभी कार्यक्षेत्र में विगत दिनों से कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। परंतु केवल राजहरा यंत्रीकृत खान का ठेका कार्य आज तक प्रारंभ नहीं हो सका है। इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए सीटू यूनियन के पदाधिकारी एवं श्रमिकों ने राजहरा खदान के प्रभारी महाप्रबंधक जयप्रकाश सर को ज्ञापन सौंपा और मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। यूनियन ने स्पष्ट कहा कि जब अन्य सभी खदानों का कार्य प्रारंभ हो चुका है तो केवल राजहरा खदान का काम बंद रखना किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है। अगर डीजल की परेशानी है तो सब जगह है, केवल राजहरा के लिए नहीं है। इसी के साथ यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि बिना किसी पूर्व सूचना के ठेकेदारों द्वारा अचानक काम बंद किया गया है, जो कि अवैधानिक कामबंदी के दायरे में आता है। इसलिए काम बंदी के दौरान श्रमिकों का वेतन भुगतान नियमानुसार किया जाना चाहिए । भविष्य में इस तरह काम बंद ना हो इसे भी प्रबंधन को सुनिश्चित करना चाहिए। जिस पर महाप्रबंधक प्रभारी श्री जयप्रकाश जी ने कहा कि डीजल की कमी के संबंध में आज ही एक विस्तारित बैठक ठेकेदारों के साथ रखी गई है, जिसमें जल्द से जल्द सकारात्मक निराकरण कर लिया जाएगा। कामबंदी के दौरान श्रमिकों के वेतन के संबंध में कार्मिक विभाग से चर्चा कर जो नियम में होगा वह भुगतान करने में प्रबंधन पीछे नहीं हटेगा । भविष्य में काम बंदी ना हो इस संबंध में भी प्रबंधन गंभीरता से विचार कर रणनीति तैयार कर रहा है। जिसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। इस बैठक में ठेका कार्य में मशीनों के रखरखाव में हो रही कमजोरी पर भी चर्चा की गई। प्रबंधन ने सभी मुद्दों को गंभीरता से लेने और सकारात्मक निराकरण करने का आश्वासन दिया है।सभी खदानों में अचानक की गई कामबंदी के दौरान सभी ठेका श्रमिकों का वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए मुख्य महाप्रबंधक खदान को भी एक ज्ञापन सौंपा गया है।ज्ञानेन्द्र सिंहअध्यक्षसीटू राजहरा।

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