मरीजों और कर्मियों से दुर्व्यवहार करती हैं स्टॉफ नर्स सीमा दानी
जगदलपुर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा बस्तर ने महारानी जिला चिकित्सालय जगदलपुर की स्टॉफ नर्स सीमा दानी को न हटाए जाने के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघ का कहना है कि सीमा दानी मरीजों और सहकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करती हैं। इस संबंध में छग स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ की महारानी अस्पताल इकाई की अध्यक्ष वर्षा एल्काना के नेतृत्व में संघ के प्रतिनिधि मंडल ने बस्तर सांसद महेश कश्यप को ज्ञापन सौंपकर सीमा दानी को तत्काल जिला चिकित्सालय से हटवाने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि स्टॉफ नर्स सीमा दानी द्वारा भर्ती मरीज के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज करने उपरांत भी आज तक तक सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक महारानी अस्पताल जगदलपुर ने उन्हें मेल वार्ड से हटाकर उच्चाधिकारियों के आदेशों का पालन नहीं किया गया है।
बताया गया कि बीते 26 मई को पीलिया से ग्रसित आदिवासी मरीज ऋषभ मंडावी को महारानी अस्पताल जगदलपुर में भर्ती कराया गया था। इस बीच 29 मई को दोपहर में गर्मी अत्यधिक होने के कारण मरीज के परिजनों द्वारा स्वयं का टेबल फैन लाकर मरीज के बेड के पास लगाया गया था। इस पर स्टॉफ नर्स सीमा दानी द्वारा मरीज व उनके परिजनों से अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज की गई।सीमा दानी ने मरीज के परिजनों को धमकी देते हुए कहा कि पंखा हटाओ अन्यथा सामान सहित अस्पताल से बाहर फेंकवा दूंगी। एक स्टॉफ नर्स द्वारा मरीजों के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित नहीं है। बस्तर एक आदिवासी अंचल है जहां पर विभिन्न वर्गों एवं आदिवासी समाज के लोग उपचार हेतु भर्ती होते हैं। स्टॉफ नर्स सीमा दानी के द्वारा रोगियों के साथ अभद्र व्यवहार एवं गाली-गलौज करना आम बात है। इसकी पूर्व में भी कई शिकायतें मिल चुकी हैं।ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि सीमा दानी अपने वार्ड का कार्य छोड़कर अन्य वार्डों में जाकर अधिकारी की तरह रौब झाड़ती हैं।अपने सहकर्मी वरिष्ठ स्टॉफ नर्स के साथ भी वे विवाद कर चुकी हैं। 19 मई 2026 को प्रसूति विभाग में सुबह ड्यूटी के दौरान एक वार्ड से हटाकर दूसरे वार्ड में ड्यूटी लगाने तथा सेवा समाप्ति की कार्यवाही कराने जैसी धमकी दी जाती है। बताया गया है कि जिस पीलियाग्रस्त मरीज ऋषभ मंडावी व उनके परिजनों के साथ स्टॉफ नर्स सीमा दानी ने अभद्र एवं अमनवीय व्यवहार किया था, उसकी मां झीलिन मंडावी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बस्तर में खंड विस्तार एवं प्रशिक्षण अधिकारी जैसे उच्च पद पर पदस्थ हैं।
बावजूद उनके मरीज पुत्र ऋषभ मंडावी के साथ सीमा दानी द्वारा अमानवीय व्यवहार किया गया। इस संबंध में झीलिन मंडावी द्वारा उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई थी और उन्होंने संघ से भी न्याय दिलाने हेतु निवेदन किया गया है। उच्चाधिकारियों से पत्राचार करने के बाद स्टॉफ नर्स सीमा दानी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आगे कहा गया है कि उच्च अधिकारियों ने महारानी अस्पताल के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया गया था कि सीमा दानी स्टॉफ नर्स को मेल वार्ड के प्रभार से हटाकर दूसरे वार्ड में समायोजित किया जाए अथवा उनसे स्टॉफ नर्स का कार्य कराया जाए। इस संबंध में संघ द्वारा बार बार पत्र दिए जाने के बावजूद सीमा दानी को मेल वार्ड से हटाया नहीं गया है। आज भी सीमा दानी स्वयं को प्रभारी बताकर कर्मचारियों को परेशान कर रही हैं। इससे साथी कर्मचारी भयभीत हैं। इसके उपरांत भी अधिकारियों द्वारा संज्ञान में नहीं लिया जाना समझ से परे है। ऐसे संवेदनशील मामलों पर कार्यवाही न करने वाले अधिकारियों पर उच्चस्तरीय प्रशासनिक स्तर पर जांच करने की मांग संघ ने की है।



