गांव में परंपराओं और संस्कृति को कायम रखने की शानदार पहल
बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में आदिवासी एवं ग्रामीण संस्कृति तथा परंपराओं को कायम रखने और नई पीढ़ी को इनसे जोड़े रखने की दिशा में शानदार पहल की जा रही है। इसी कड़ी में प्रति वर्ष भांति इस वर्ष भी छोटे देवड़ा में गोंचा पर्व पर बड़े धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा के ग्रामीण और स्थानीय जनप्रतिनिधि शुरू से ही अपनी प्राचीन परंपराओं, लोक संस्कृति और पूजा पद्धति को लेकर शुरू से ही बेहद जागरूक रहे हैं।

यहां परंपरागत सभी धार्मिक उत्सव बड़े ही धूमधाम से मनाए जाते हैं। गांव के देव स्थलों पर अक्सर धार्मिक कार्यक्रम होते रहते हैं। बस्तर का पारंपरिक गोंचा पर्व तो यहां विशेष धूमधाम से मनाया जाता है। छोटे देवड़ा के कर्मठ युवा संतोष कुमार कश्यप के सरपंच चुने जाने के बाद गांव में शिक्षा, ग्रामीण विकास, योजनाओं के क्रियान्वयन, धार्मिक, सांस्कृतिक आयोजनों की लहर सी चल पड़ी है। इस वर्ष भी ग्राम पंचायत छोटे देवड़ा में गोंचा पर्व सभी परंपराओं, रीति रिवाजों का निर्वहन करते हुए बड़े धूमधाम से मनाया गया। ग्राम देवी के मंदिर में विशेष पूजा अनुष्ठान किया गया।

गांव में भव्य शोभायात्रा निकाली गई।सारा दैनिक कामकाज बंद रखकर समस्त ग्रामवासियों, सरपंच संतोष कुमार कश्यप, उप सरपंच, पंचों, ग्राम पटेल, कोटवार, आठपहरिया, माता पुजारी, माता सिरहा, सियान-सजनों, युवाओं माता-बहनों ने गोंचा के आयोजन में सहभागिता दर्ज कराई। इस अवसर पर सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि हम सबकी पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और पूजा पद्धति से ही है। हमें अपनी परंपराओं पर अडिग रहना होगा। खासकर युवा साथियों को इसके लिए जागरूक रहकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि बस्तर की आदिम संस्कृति और परंपराएं पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं, इसलिए हमें इन्हें अक्षुण बनाए रखना होगा। सरपंच संतोष कुमार कश्यप ने गोंचा पर्व को ऐतिहासिक सफलता दिलाने में योगदान के लिए सभी ग्रामवासियों, बड़े बुजुर्गों, ग्रामवासियों, सिरहा, पुजारियों, पटेल, अठपहरिया, कोटवार, माता, बहनों का आभार व्यक्त किया।



