नारायणपुर बरसात के मौसम में नारायणपुर-अंतागढ़ मार्ग की बदहाल स्थिति ने आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गुरुवार को सड़क की अत्यंत खराब हालत के कारण इस मार्ग पर एक भी यात्री बस का संचालन नहीं हो सका, जिससे सैकड़ों यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। आवश्यक कार्यों से यात्रा करने वाले लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा, वहीं कई यात्रियों को अपनी यात्रा स्थगित करनी पड़ी।जानकारी के अनुसार, अंतागढ़ से नारायणपुर के बीच लगभग 50 किलोमीटर लंबा स्टेट हाइवे निर्माणाधीन है। इस मार्ग से क्षेत्र की खदानों में उपयोग होने वाले भारी मालवाहक ट्रकों का लगातार आवागमन होता है। बरसात के चलते सड़क कई स्थानों पर दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे यातायात प्रभावित हो रहा है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कई दिनों से इस मार्ग पर वाहन फंसने की घटनाएं आम हो गई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि राजनांदगांव, दुर्ग और दल्ली राजहरा से संचालित होने वाली अधिकांश यात्री बसों का संचालन पहले ही बंद कर दिया गया था। इसके बाद केवल एक स्थानीय बस ऑपरेटर द्वारा प्रतिदिन दो से तीन बसों का संचालन किया जा रहा था, लेकिन गुरुवार को सड़क की स्थिति और अधिक खराब होने के कारण वह भी अपनी बसें नहीं चला सका।बस सेवा पूरी तरह बंद रहने से सबसे अधिक परेशानी छात्रों, मरीजों, नौकरीपेशा लोगों और व्यापारिक कार्यों से यात्रा करने वाले यात्रियों को हुई। कई यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा, जबकि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को लंबे समय तक बस स्टैंड में इंतजार करना पड़ा।क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क निर्माण कार्य की धीमी गति और भारी वाहनों के लगातार दबाव के कारण मार्ग की स्थिति दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। बरसात के दौरान सड़क पर आवागमन जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मार्ग की तत्काल मरम्मत कराने तथा यातायात व्यवस्था सुचारू बनाने की मांग की है।वहीं, स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि शीघ्र ही सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आवागमन पूरी तरह ठप होने की आशंका है, जिससे नारायणपुर और अंतागढ़ के बीच जनजीवन तथा व्यापारिक गतिविधियां गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती हैं।






