नारायणपुर जिले में संभावित बाढ़ जैसी आपदा से निपटने की तैयारियों को परखने और बचाव दलों की तत्परता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से गुरुवार को जिला मुख्यालय के समीप स्थित बिंजली डेम में आपदा प्रबंधन के तहत मॉक ड्रिल आयोजित की गई। मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ की स्थिति में लोगों को सुरक्षित निकालने, राहत पहुंचाने तथा प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।कलेक्टर नम्रता जैन के निर्देशानुसार आयोजित इस अभ्यास में राजस्व, पुलिस, वन विभाग, नगर सेना, स्वास्थ्य विभाग, नगर पालिका, जनपद पंचायत सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए। मॉक ड्रिल के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और त्वरित कार्रवाई की तैयारियों का आकलन किया गया।जिला नगर सेनानी मनोहर लाल चौहान ने बताया कि मानसून के दौरान संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए नगर सेना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन के तहत आवश्यक बचाव सामग्री एवं संसाधनों की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर भी स्थापित किए जाएंगे।उन्होंने बताया कि बाढ़ बचाव कार्य के लिए विभाग के पास एल्युमिनियम बोट उपलब्ध है, जिसके माध्यम से एक बार में 10 से 12 लोगों का सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सकता है। मॉक ड्रिल के दौरान जवानों ने जलभराव एवं बाढ़ जैसी परिस्थितियों में लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की कार्यप्रणाली का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने बचाव उपकरणों का निरीक्षण कर उनकी उपयोगिता एवं उपलब्धता की जानकारी भी ली। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम करने और त्वरित राहत पहुंचाने के लिए सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।इस अवसर पर अपर कलेक्टर वीरेन्द्र बहादुर पंचभाई, एसडीएम अभयजीत मण्डावी, डिप्टी कलेक्टर सौरभ दीवान, खाद्य अधिकारी अल्लाहउद्दीन खान सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।






