नारायणपुर रक्षाबंधन का पावन पर्व शुक्रवार को नारायणपुर के डीआरजी परिसर में भावनात्मक और आत्मीय माहौल के बीच मनाया गया। इस अवसर पर हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुकी आत्मसमर्पित महिला माओवादियों ने डीआरजी जवानों को राखी बांधकर भाई-बहन के रिश्ते को नया आयाम दिया। कार्यक्रम ने बदलते बस्तर में विश्वास, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश दिया।राखी बांधने के दौरान आत्मसमर्पित महिलाओं ने पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अक्षय साबद्रा, अजय कुमार एवं ऐश्वर्य चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, अविनाश कंवर, मनोज मंडावी एवं आशीष नेताम, रक्षित निरीक्षक मोहसिन खान तथा थाना प्रभारी नारायणपुर विनीत दुबे की कलाई पर भी रक्षा-सूत्र बांधकर अपना स्नेह और विश्वास व्यक्त किया।

कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों, जवानों और आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों के बीच आत्मीय संवाद देखने को मिला। बहनों ने जवानों को मिठाई खिलाकर रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं, वहीं पुलिस परिवार ने भी उनके सुरक्षित एवं सम्मानजनक भविष्य की कामना की।पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार पटेल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, सम्मान और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। मुख्यधारा में लौटे लोगों को अपनत्व और सम्मान देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि नारायणपुर पुलिस सुरक्षा के साथ-साथ समाज में विश्वास और भाईचारे का वातावरण मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।डीआरजी परिसर में आयोजित यह कार्यक्रम बदलते बस्तर की नई तस्वीर बनकर उभरा, जहां कभी हिंसा और भय का माहौल था, वहीं अब विश्वास, शांति और विकास की भावना मजबूत हो रही है। आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों द्वारा जवानों और अधिकारियों को राखी बांधने का यह दृश्य उपस्थित लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक रहा।कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए शांति, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।






