सीएम विष्णु देव साय ने किया बस्तर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा
जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सोमवार को अतिवृष्टि एवं बाढ़ प्रभावित बस्तर संभाग के बस्तर और सुकमा जिलों का दौरा कर हालात का जायजा लिया।इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बाढ़ और बारिश में पूर्णतः क्षतिग्रस्त प्रत्येक मकान के पुर्ननिर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 10-10 रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। क्षतिग्रस्त फसलों और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों का भी मुआवजा दिया जाएगा।

बस्तर में तीन दिन तक हुई घनघोर और इंद्रावती समेत तमाम नदी नालों में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय हालात का जायजा लेने आज बस्तर संभाग के दौरे पर आए थे। उन्होंने सुकमा और बस्तर जिलों के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। श्री साय ने प्रशासन द्वारा बनाए गए राहत शिविरों में जाकर पीड़ितों से मुलाकात की और इंतजामों का जायजा भी लिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगदलपुर नगर निगम क्षेत्र के डोंगाघाट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों से भेंटकर उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने आश्वस्त किया। वहीं हरेक प्रभावित परिवार को शासन की सहायता के साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से दस-दस हजार रुपए की मदद देने की घोषणा की। उन्होंने बाढ़ से उत्पन्न स्थिति, प्रभावित परिवारों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं तथा प्रशासन द्वारा संचालित राहत कार्यों की जानकारी ली और अधिकारियों को उक्त दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने बाढ़ प्रभावित सुनील पिता दशरथी और कुशल पिता दशरथी से उनके परिवारों से चर्चा करते हुए कहा शासन-प्रशासन की ओर से हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही अन्य बाढ़ प्रभावित परिवारों से भेंटकर उन्हें मदद देने भरोसा दिलाया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों तक आवश्यक राहत सामग्री समय पर पहुंचाई जाए और किसी भी परिवार को परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मुख्यमंत्री ने इंद्रावती पुल पहुंचकर नदी के जलस्तर एवं आसपास के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का भी अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभागीय अधिकारियों से बस्तर जिले में बाढ़ की स्थिति, प्रभावित क्षेत्रों तथा राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को खाद्य सामग्री, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं प्रभावित परिवारों तक प्राथमिकता के साथ पहुंचाने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखने तथा आवश्यकता के अनुसार राहत दलों को तत्काल सक्रिय करने के लिए कहा। विशेष तौर पर बाढ़ का पानी कम होने के बाद शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने और जल जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाने के निर्देश दिए। वहीं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में संवेदनशीलता के साथ मकान, फसल, पशुधन क्षति का सर्वे कर आंकलन किए जाने सहित संबंधित परिवारों को सहायता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विषम परिस्थितियों में शासन-प्रशासन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा है। बाढ़ प्रभावित लोगों की सुरक्षा और उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए राहत कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार संचालित किए जा रहे हैं। प्रभावित परिवारों की आवश्यकताओं का आकलन कर उन्हें भोजन, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन द्वारा स्थिति पर निरंतर नजर रखते हुए आवश्यकता के अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। इस दौरान महापौर संजय पाण्डेय, नगर निगम के सभापति खेमसिंह देवांगन, बस्तर राज परिवार के सदस्य कमलचंद्र भंजदेव सहित अन्य जनप्रतिनिधि और कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
इतने गांव हुए प्रभावित
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों को जानकारी दी की भारी बरसात और बाढ़ से प्रदेश के 571 गांव और 22 हजार 375 लोग प्रभावित हुए हैं। पूरे प्रदेश में 173 जगह राहत कैंप खोले गए हैं। प्रदेश भर में 16 हजार लोगों का रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 199 मकान पूर्णतः क्षतिग्रस्त हुए हैं। 8 जनहानि और 172 पशु धन की हानि हुई है। पूर्णतः क्षतिग्रस्त प्रत्येक मकान पर 1.20 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही मुख्यमंत्री राहत कोष से भी 10-10 हजार की मदद दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि फसल क्षति और आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों पर भी मुआवजा दिया जाएगा।
मेयर पांडे और कलेक्टर छिकारा की तारीफ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आपदा के हालात से निपटने और पीड़ितों की मदद के लिए किए गए इंतजामों को लेकर जगदलपुर के महापौर संजय पांडेय और कलेक्टर आकाश छिकारा की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि बस्तर जिला प्रशासन, कलेक्टर, नगर निगम प्रशासन और महापौर संजय पांडे ने प्रभावितों को राहत पहुंचाने के लिए बढ़िया व्यवस्थाएं की हैं। राहत शिविरों में भोजन, पानी, चिकित्सा और आवास की अच्छी व्यवस्था की गई है।






