मृतक के चेहरे. गला में जलने के निशान हुई पहचान, तकनीकी साक्ष्यों एवं वैज्ञानिक विवेचना से आरोपी तक पहुंची पुलिस
बालोद। थाना डौंडी लोहारा क्षेत्र में घटित एक सनसनीखेज विद्युत् करेंट से हुए हत्या के मामले में पुलिस की प्रभावी एवं वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप 2 आरोपी को माननीय ADJ न्यायालय बालोद द्वारा आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया है।प्रकरण थाना डौंडी लोहारा के अपराध क्रमांक 96/25, धारा 103(1), 61(२).238 भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अंतर्गत पंजीबद्ध किया गया था।मृतक की अज्ञात मृत्यु बनी पहली बड़ी चुनौतीघटना के प्रारंभिक चरण में मृतक की मृत्यु पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी। मृतक के चेहरा. गला. माथा में जलने जैसा चोट लगा हुआ था। पुलिस ने इस चोट को महत्वपूर्ण पहचान की कड़ी के रूप में लेते हुए तकनीकी एवं मैदानी स्तर पर जांच प्रारंभ की। घटना दिनांक 16.7.2025 की रात्रि ग्राम खड़ेनाडी में मनोहर निर्मलकर की मृत्यु होने पर उसकी बहू वह परिवार के लोग शमशान घाट ले जाकर शव का अंतिम संस्कार करने की कर रहे थे तैयारी, गांव वालों ने पुलिस को सूचना दिया कि मनोहर निर्मलकर का आकस्मित मृत्यु हुआ हैं।

आरोपी
और उसके चेहरे गला वह माथा में चोट व जलने जैसा निशान दिख रहा है मृत्यु के संबंध में शंका जाहिर करने पर तत्काल विधिवत मर्ग एवं अपराध दर्ज कर विवेचना किया गया। विवेचना में पाया गया कि मनोहर निर्मलकर की हत्या उसकी बहू गीता निर्मलकर और उसके प्रेमी संगीत शिक्षक (हार मोनियम) सिखाने वाले लेखराम निषाद ने रात्रि में सोते समय विद्युत् करेंट लगा कर किया है । हत्या की घटना को छुपाने के लिए सायकल से गिरने से चोट लगना बता कर उसके चेहरे . चोट में हल्दी गुलाल एवं तेल लगा दिया था । आरोपी गणों से घटना में प्रयुक्त विद्युत वायर. रबड़ का ग्लब्स. ब्लड युक्त गमछा. मोबाइल को जप्त कर जाँच कराया गया। मृतक की मृत्यु का शॉर्ट pm रिपोर्ट प्राप्त किया गया था जिसमें मृत्यु का कारण इलेट्रॉनिक शाक लगने से होना पाया गया था मृतक के मृत्यु के कारण की जानकारी होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, परिवार के सदस्यों की गतिविधियों एवं घटना से जुड़े प्रत्येक पहलू की गहनता से जांच की।तकनीकी साक्ष्यों से खुलती गई हत्या की कड़ियांमामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह द्वारा प्रकरण की विवेचना को प्राथमिकता देते हुए थाना एवं साइबर सेल पुलिस टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।विवेचना के दौरान घटनास्थल का सूक्ष्म निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य कॉल डिटेल संकलित किए गए। इसके साथ ही तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच एवं मैदानी विवेचना का प्रभावी उपयोग किया गया।

आरोपी
उपलब्ध तकनीकी जानकारी का विश्लेषण कर घटनाक्रम की कड़ियों को आपस में जोड़ा गया, जिससे पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल हुई जिससे महिला सहित 2 आरोपी को आजीवन कारावास का सजा हुआ है।। प्रकरण का संपूर्ण विवेचना तात्कालिक थाना प्रभारी मुकेश सिंह के द्वारा किया गया एवं राज्य शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक श्री घनश्याम सिंह साहू द्वारा प्रकरण का पैरवी किया गया।नाम आरोपी (1) गीताबाई निर्मलकर पति गो करण निर्मलकर उम्र 30 वर्ष निवासी ग्राम खड़ेनाडी थाना लोहारा(2) लेख राम निषाद पिता फकीर राम उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम बड़गांव थाना लोहारा जिला बालोद






