जगदलपुर । महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के बस्तर आगमन पर सांसद महेश कश्यप ने माँ दंतेश्वरी विमानतल,जगदलपुर में पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।महामहिम राष्ट्रपति जी द्वारा बस्तर दशहरा के ऐतिहासिक मुरिया दरबार समारोह एवं लालबाग मैदान में आयोजित आमसभा में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण स्वीकार कर बस्तर पधारने पर सांसद महेश कश्यप ने उनके प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।सांसद महेश कश्यप ने कहा राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी का बस्तर की पावन धरती पर आगमन हम सभी के लिए गर्व, गौरव और हर्ष का विषय हैl बस्तर केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी हजारों वर्षों पुरानी जनजातीय संस्कृति, विशिष्ट परंपराओं और अद्वितीय सामाजिक समरसता के लिए भी जाना जाता है।
राष्ट्रपति जी की गरिमामयी उपस्थिति से बस्तर की इस समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान और भी मजबूत होगी । यह हमारे जनजातीय समाज के सम्मान,स्वाभिमान और सांस्कृतिक गौरव का भी प्रतीक है।सांसद श्री कश्यप ने आगे कहा बस्तर दशहरा हमारी आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक है। ऐतिहासिक मुरिया दरबार जनजातीय समाज की आवाज,उसकी परंपराओं और लोकतांत्रिक मूल्यों की विशिष्ट पहचान है। देश की महामहिम राष्ट्रपति का इस ऐतिहासिक आयोजन में शामिल होना बस्तर के लिए एक यादगार अवसर है। हमें विश्वास है कि उनके आगमन से बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊँचाइयाँ मिलेंगी और देश दुनिया का ध्यान हमारी गौरवशाली परंपराओं की और भी अधिक आकर्षित होगा।उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी इससे पूर्व बस्तर पण्डुम के अवसर पर भी बस्तर आ चुकी हैं। उनका पुनः आगमन बस्तर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत,जनजातीय परंपराओं और विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण अवसर है।सांसद महेश कश्यप ने राष्ट्रपति जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बस्तरवासी अपनी आत्मीयता,परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के माध्यम से अतिथियों का स्वागत करते हैं। राष्ट्रपति जी का यह आगमन बस्तर की गौरवशाली पहचान को और सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
जगदलपुर टीईटी की विभागीय परीक्षा आयोजित कराने की दिशा में सकारात्मक पहल के लिए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन द्वारा धन्यवाद व्यक्त करते हुए आभार प्रकट किया गया। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर संभाग के प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से राज्य में टीईटी विभागीय परीक्षा को सीबीटी ऑनलाइन के स्थान पर ऑफलाइन ओएमआर शीट के माध्यम से आयोजित कराने की मांग का ज्ञापन देते हुए कहा कि ऑनलाइन परीक्षा में तकनीकी एवं व्यावहारिक कठिनाइयों, नेटवर्क, सर्वर संबंधी समस्याओं का सामना शिक्षक करेंगे।
शिक्षकों की सुविधा, परीक्षा की पारदर्शिता और व्यावहारिकता एवं निष्पक्षता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा को अभ्यर्थियों के हित में अधिक व्यावहारिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में अपनाने का आग्रह किया गया। पुराने शिक्षकों से ऑफलाइन ओएमआर आधारित ऑफलाइन परीक्षा का निर्णय लिया जाना समय की आवश्यकता है। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने इस विषय को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा अभ्यर्थियों की वास्तविक कठिनाइयों और व्यावहारिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सकारात्मक एवं उचित निर्णय लेने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन बस्तर से संभाग अध्यक्ष प्रवीण श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष लुदरसन कश्यप, राजेश गुप्ता, मोहम्मद ताहिर शेख, तुलादास मानिकपुरी, गजराज सिंह, रामप्रसाद ठाकुर, ओमप्रकाश पटेल, विकासखंड अध्यक्ष जगदलपुर मनीष ठाकुर सहित शिक्षक उपस्थित थे।
जगदलपुर यहां आयोजित मुरिया दरबार के दौरान शहर के महापौर संजय पांडेय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान मेयर संजय पांडे ने राष्ट्रपति से कहा की दंतेश्वरी मैया की धरती जगदलपुर में आपका अभिनंदन है। मुरिया दरबार में पहुंचे महापौर संजय पांडे ठेठ आदिवासी वेशभूषा पहने हुए थे।
बस्तर दशहरा की समृद्ध और ऐतिहासिक परंपरा के अनुसार शुक्रवार को नगर के सिरासार भवन में मुरिया दरबार का भव्य आयोजन हुआ। मुरिया दरबार में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थीं। देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का जब जगदलपुर के प्रथम नागरिक महापौर संजय पांडे ने अभिनंदन किया, तब पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। खास बात यह रही कि संजय पांडे आदिवासी समुदाय के मुरिया दरबार में परंपरागत आदिवासी परिधान पहन कर पहुंचे थे। सफेद कुर्ता, महरूनी जैकेट पहने और सर पर मोर पंख एवं कलगी युक्त सफा पहने संजय पांडेय अलग ही आभा बिखेर रहे थे।
दल्ली राजहरा बंगाली समाज के तत्वावधान में आयोजित सार्वजनिक दुर्गा उत्सव के 68वें वर्ष का भव्य समापन मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के साथ धूमधाम से संपन्न हुआ। 16 अक्टूबर से 21 अक्टूबर 2026 तक आयोजित इस महापर्व का केवल बंगाली समाज ही नहीं, बल्कि पूरे दल्ली राजहरा नगर को बेसब्री से इंतजार रहता है, क्योंकि यह आयोजन शहर की सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक पहचान बन चुका है।बंगाली समाज द्वारा वर्ष 1959 से लगातार आयोजित किए जा रहे इस ऐतिहासिक दुर्गा पूजा में पूरे नगर की सहभागिता देखने को मिलती है, जो आपसी भाईचारे और एकता का प्रतीक है।
भव्य शुभारंभ और पांच दिवसीय आयोजन
पांच दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 16 अक्टूबर को देवी स्थापना के साथ हुआ। मूर्ति स्थापना का विमोचन मुख्य अतिथि श्रीमती रेणुका सिंह, अध्यक्ष राजहरा महिला समाज द्वारा परंपरानुसार मंदिर द्वार का फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से राम अग्रवाल, संध्या सिंह श्रीवास्तव, डॉ. अशोक ठाकुर, सुकांतो मंडल, डॉ. सैलाब जाना, पुरोबी वर्मा, कनक बनर्जी, गौतम बेरा, गगन चंद्र पांडे, जी.वी. राजशेखर राव, तोरण लाल साहू सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक तथा बंगाली समाज के सदस्य उपस्थित थे।कार्यक्रम के तहत 16 से 21 अक्टूबर तक कोलकाता से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की पूजा संपन्न कराई गई। पांच दिनों तक मंत्रोच्चार और ढाक की आवाज से पूरा पंडाल प्रांगण गुंजायमान रहा।
धुनुची नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां बनी आकर्षण का केंद्र
17 अक्टूबर को बंगाल के विशेष पारंपरिक धुनुची नृत्य ने सबका मन मोह लिया। यह विशेष नृत्य केवल दुर्गा पूजा के अवसर पर ही प्रस्तुत किया जाता है। महिलाओं, युवाओं और युवतियों द्वारा प्रस्तुत इस नृत्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उसी दिन क्षेत्र के सांसद भोजराज नाग का आगमन हुआ, जिन्हें पूजा समिति द्वारा शाल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।18 अक्टूबर सप्तमी पूजा के अवसर पर बंगाली महिला समिति एवं बच्चों द्वारा गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखित ‘चांडालिका’ नृत्य नाट्य प्रस्तुत किया गया, जिसका संचालन डॉ. रूना दास ने किया।19 अक्टूबर को महा अष्टमी पूजा के साथ विशेष संधि पूजा संपन्न हुई। संधि पूजा एक अत्यंत विशेष पूजा विधि है, जिसमें देवी को चामुंडा के रूप में 108 कमल के फूल अर्पित कर 48 मिनट की निर्धारित अवधि में पूजा संपन्न की जाती है। इस कार्यक्रम में 108 कमल के साथ-साथ 108 दिए एवं 108 मोमबत्ती से ओम ॐ का आकृति भी बनाई गई थी । यह पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के संधि काल में होती है, इसलिए इसे संधि पूजा कहा जाता है। उसी शाम रंगारंग आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति हुई तथा विशेष अतिथि वीरेश ठाकुर, उपाध्यक्ष छत्तीसगढ़ कांग्रेस, राष्ट्रीय महासचिव युवा कांग्रेस कोको पाढ़ी, बंग समाज के पूर्व अध्यक्ष ए.के. नाथ, व्ही.बी. सिंह महाप्रबंधक नंदिनी माइंस, वर्तमान मुख्य महाप्रबंधक राजहरा खदान समूह आनंद कुमार सिंह एवं पूर्व विधायक डोमेन्द्र भेड़िया को शाल-श्रीफल देकर सम्मानित किया गया।20 अक्टूबर को नवमी पूजा संपन्न हुई और शाम को राजहरा आर्केस्ट्रा द्वारा भव्य संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया।*सिंदूर खेला और भव्य विसर्जन के साथ समापन*21 अक्टूबर को महा दशमी पूजा के बाद सिंदूर खेला का भावुक कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में सर्वप्रथम हल्दी मिले पानी जिसे बड़ा थाल में रखा जाता है । पंडित जी के द्वारा मां दुर्गा की चरण एवं सिर को इसमें दर्शन करने के बाद अन्य सभी पदाधिकारी एवं दर्शकों के द्वारा इसी में मां का दर्शन किया गया। उसके बाद मां की मूर्ति को आसान से नीचे उतारा गया उसके बाद सिंदूर खेला का कार्यक्रम प्रारंभ हुआ । इस शुभ कार्य में राजहरा महिला समाज की अध्यक्ष रेणुका सिंह सहित अनेक महिलाओं ने भाग लिया। परंपरा के अनुसार माता के चरणों में सिंदूर अर्पित करने के बाद महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सुख-समृद्धि की कामना की। इसके पश्चात शाम को धूमधाम और गाजे-बाजे के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का भव्य विसर्जन किया गया।समापन अवसर पर समाज प्रमुख गगन चंद्र पांडे ने 68वें दुर्गा पूजा को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी सहयोगकर्ताओं, नगरवासियों और प्रशासन का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी का सहयोग आगे भी बना रहे और भविष्य में भी हम सब मिलकर इसी कर्तव्यनिष्ठा के साथ इस परंपरा को आगे बढ़ाते रहें।
आगामी कार्यक्रम
बंगाली समाज द्वारा जानकारी दी गई है कि आगामी 25 अक्टूबर को श्री श्री कोजागिरी लक्ष्मी पूजा संध्या 8:00 बजे से रात्रि 9:00 बजे तक तथा 8 नवंबर को श्री काली पूजा रात्रि 9:00 बजे से अगले दिन 12:30 बजे तक संपन्न होगी। इस कार्यक्रम में सभी सामाजिक बंधुओं को आमंत्रित किया गया है।
पूर्व मंत्री एवं विधायक श्रीमती अनिला भेड़िया ने महतारी वंदन योजना को लेकर राज्य सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि योजना में नई पात्र महिलाओं को जोड़ने के लिए पोर्टल लंबे समय से क्यों नहीं खोला गया है।श्रीमती भेड़िया ने कहा कि 2024 में योजना का पोर्टल खुलने के समय लगभग 70 लाख हितग्राही बताए गए थे। इसके बाद पोर्टल बंद रहा। इस दौरान 2024, 2025 और 2026 में नई शादियां हुई हैं और ऐसी महिलाएं भी होंगी जो योजना की पात्रता पूरी करती हों। ऐसे में सरकार को बताना चाहिए कि नई पात्र महिलाओं को योजना में आवेदन करने का अवसर कब और कैसे मिलेगा?उन्होंने कहा कि उपलब्ध आंकड़ों में हितग्राहियों की संख्या लगभग 70 लाख से घटकर 68 लाख दिखाई दे रही है। यदि यह आंकड़ा सही है, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से यह स्पष्ट करना चाहिए कि लगभग 2 लाख हितग्राहियों की संख्या कम होने के पीछे क्या कारण हैं? क्या ये नाम सत्यापन, पात्रता संबंधी कारणों या किसी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हटाए गए हैं? सरकार को इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए।अनिला भेड़िया ने कहा कि महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है या नहीं, यह केवल राजनीतिक प्रचार का विषय नहीं बल्कि पारदर्शिता और जवाबदेही का विषय है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पात्र महिला किसी तकनीकी या प्रशासनिक कारण से योजना के लाभ से वंचित न हो।*सरकार से हमारी प्रमुख मांगें:-*महतारी वंदन योजना का पोर्टल तत्काल खोला जाए, ताकि नई पात्र महिलाएं आवेदन कर सकें।हितग्राहियों की संख्या लगभग 70 लाख से घटकर 68 लाख होने का कारण स्पष्ट किया जाए।लगभग 2 लाख कम हुए हितग्राहियों का कारणवार एवं जिलावार विवरण सार्वजनिक किया जाए।जिन महिलाओं के नाम हटाए गए हैं, उन्हें नाम हटाए जाने का कारण और पुनः पात्र होने की स्थिति में अपील/सुधार का अवसर दिया जाए।योजना से जुड़ी पात्रता, सत्यापन और नाम हटाने की प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।सरकार यह स्पष्ट करे कि नई पात्र महिलाओं को योजना में शामिल करने के लिए आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।किसी भी पात्र महिला को केवल तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से योजना के लाभ से वंचित न किया जाए।श्रीमती भेड़िया ने कहा कि सरकार को इन सवालों का स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब देना चाहिए। यदि योजना की प्रक्रिया पारदर्शी है, तो हितग्राहियों की संख्या में कमी और नए आवेदन बंद रहने के कारणों की जानकारी सार्वजनिक करने में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पात्र महिलाओं के अधिकार और योजना की पारदर्शिता के इस मुद्दे को मजबूती से उठाती रहेगी।अनिला भेड़िया विधायक डौण्डी लोहारा विधानसभा
दल्ली राजहरा, 22 अक्टूबर 2026। जन मुक्ति मोर्चा परिवार द्वारा कृषि कार्यालय स्थित रामलीला मैदान में रावण दहन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा परिवार के सदस्यों एवं पर्यावरण संरक्षण टीम ने कार्यक्रम में शामिल दर्शनार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक कचरे, पॉलिथीन एवं सिंगल यूज प्लास्टिक के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक किया। साथ ही लोगों से प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने और स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई।🌿 प्लास्टिक रूपी रावण का अंत करना समय की आवश्यकता — प्रदीप साहूइस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी प्रदीप साहू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विजयादशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। जिस प्रकार भगवान श्रीराम ने रावण का अंत किया था, उसी प्रकार आज समाज को पर्यावरण के लिए नुकसानदायक प्लास्टिक रूपी रावण का अंत करने के लिए एकजुट होकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने कहा कि आज हमारे दैनिक जीवन में सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। बाजार से सामान खरीदने से लेकर खाद्य सामग्री और अन्य वस्तुओं की पैकेजिंग तक प्लास्टिक का व्यापक उपयोग किया जा रहा है। दुर्भाग्यवश, उपयोग के बाद बहुत से लोग प्लास्टिक एवं पॉलिथीन को गली-मोहल्लों, नालियों, खुले मैदानों और जलस्रोतों में फेंक देते हैं, जिससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचता है।प्रदीप साहू ने बताया कि प्लास्टिक सामान्य प्राकृतिक परिस्थितियों में सैकड़ों वर्षों तक पर्यावरण में बना रह सकता है। इससे मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित होती है, नालियाँ जाम होती हैं तथा नदी, तालाब और अन्य जलस्रोत प्रदूषित होते हैं। प्लास्टिक कचरे से पशु-पक्षियों और जलीय जीवों के जीवन पर भी खतरा उत्पन्न होता है। इसके अतिरिक्त, प्लास्टिक कचरा मिट्टी की जल ग्रहण क्षमता को प्रभावित कर सकता है, जिससे प्राकृतिक जल चक्र और पर्यावरणीय संतुलन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।उन्होंने लोगों से अपील की कि सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कपड़े एवं जूट के थैलों को अपनाएँ तथा प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय अलग-अलग एकत्रित कर उचित निपटान एवं पुनर्चक्रण के लिए दें। दवाइयों और खाद्य सामग्री के पैकेटों का उपयोग करने के बाद उन्हें सामान्य कचरे से अलग रखना चाहिए, ताकि उनका सुरक्षित निपटान किया जा सके।उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए कहा—”प्लास्टिक के इस दानव को, मिलकर आज हराना है,हर दिल में राम जगाकर, भारत स्वच्छ बनाना है!”
प्रत्येक सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजन पर पौधारोपण करें — टिकेश्वर साहूइस अवसर पर पर्यावरण प्रेमी टिकेश्वर साहू ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण वनों पर संकट गहराता जा रहा है। इसका प्रभाव वन्यजीवों, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण के संतुलन पर पड़ रहा है। पेड़-पौधे हमें शुद्ध वायु प्रदान करने, मिट्टी का संरक्षण करने और जलवायु संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हम सभी का सामूहिक दायित्व है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाए, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है।टिकेश्वर साहू ने लोगों से अपील की कि प्रत्येक सामाजिक एवं पारिवारिक कार्यक्रम को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ें। जन्मदिन, विवाह, धार्मिक आयोजन और अन्य शुभ अवसरों पर पौधारोपण करें। इसी तरह दुखद अवसरों पर भी परिवार एवं समाज के लोग पौधे लगाकर प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण करना भी आवश्यक है।🌱 रावण दहन के साथ प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करने का लें संकल्पकार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण प्रेमियों ने संदेश दिया कि विजयादशमी केवल रावण दहन का पर्व नहीं, बल्कि अपने भीतर और समाज में मौजूद बुराइयों को समाप्त करने की प्रेरणा भी देता है। आज पर्यावरण प्रदूषण, प्लास्टिक कचरा, पेड़ों की कटाई और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लापरवाही ऐसी समस्याएँ हैं, जिनके समाधान के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।यदि हम प्लास्टिक का उपयोग कम करें, कचरे को उचित स्थान पर डालें, जलस्रोतों को स्वच्छ रखें और अधिक से अधिक पौधे लगाकर उनकी देखभाल करें, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पर्यावरण प्रदान कर सकते हैं।पर्यावरण संरक्षण टीम ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनें और दूसरों को भी जागरूक करें। प्रकृति की रक्षा करना ही मानव जीवन की रक्षा करना है।उपस्थित सदस्यइस अवसर पर जन मुक्ति मोर्चा परिवार के अध्यक्ष श्री जीत गुहा नियोगी, ईश्वर निर्मलकर, बसंत रावाटे एवं मूलचंद सहित पर्यावरण संरक्षण टीम के सदस्य सुरेश बघेल, सुभाष साहू, रजभान साहू, टिकेश्वर साहू, प्रदीप साहू, लोकेंद्र, ताराचन्द, चेलाराम, राजकुमार एवं कौशल साहू उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने और स्वच्छ एवं हरित समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
जगदलपुर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में आज जगदलपुर में लगने वाले मुरिया दरबार को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बड़ा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि मुरिया दरबार बस्तर के आदिवासी समुदाय की महत्वपूर्ण परंपरा है। मुरिया दरबार में सभी समाजों के मुखिया, जनप्रतिनिधि, पुजारी, गायता, सिरहा, बैगा समाज और गांवों से जुड़ी समस्याएं रखते हैं, परंपरा संरक्षण की बात करते हैं। इस बार के मुरिया दरबार में देश की प्रथम नागरिक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हो रही हैं। बस्तर की धरती पर उनका स्वागत है।
पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा के तहत आयोजित होने वाले मुरिया दरबार में बस्तर संभाग के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित न करना, आयोजन संबंधी निमंत्रण पत्र में उनका नाम तक होना बेहद निंदनीय है। बैज ने कहा कि संभाग में कुल 12 विधायक, दो लोकसभा सांसद और एक राजयसभा सांसद हैं, मगर अफसोस कि इनका नाम निमंत्रण पत्र में नहीं दिया गया है। यहां तक कि उन्हें ऐसे महत्वपूर्ण आयोजन में आमंत्रित करने की जरूरत तक नहीं समझी गई। दीपक बैज ने कहा कि मुरिया दरबार न तो भाजपा का आयोजन है और न कांग्रेस का। यह खालिस आदिवासी समुदाय का कार्यक्रम है। बस्तर के सारे निर्वाचित जनप्रतिनिधि भी आदिवासी समुदाय के हैं। उन्हें कार्यक्रम से दूर रख कर पूरे आदिवासी समाज का अपमान किया है। इसके लिए प्रशासन जिम्मेदार है या बस्तर दशहरा समिति, इसकी जांच होनी चाहिए।
दल्ली राजहरा लौह नगरी दल्ली राजहरा में विजयादशमी का पर्व इस वर्ष बेहद भव्यता के साथ बड़े ही धूमधाम से पं. जवाहरलाल नेहरू फुटबॉल स्टेडियम में मनाया गया। पिछले वर्षों की तुलना में इस वर्ष दर्शकों की संख्या रिकॉर्ड तोड़ रही, वहीं दुकानदारों की संख्या भी दोगुनी नजर आई। पूरे स्टेडियम में मेले जैसा माहौल था। आयोजन समिति द्वारा विद्युत व्यवस्था, साउंड सिस्टम और सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की गई थी। उद्घोषक एवं कलाकार मार्तंड सिंह ने माता के गीतों से समां बांध दिया।
इस आयोजन को अब तक का सर्वोत्तम आयोजन बताया जा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आनंद कुमार सिंह (मुख्य महाप्रबंधक दल्ली राजहरा) विशेष अतिथि देवलाल ठाकुर (भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ) बालमुकुंद सिंह (संरक्षक अंर्तराष्ट्रीय खिलाड़ी एवं सचिव एथलेटिक्स संघ जिला बालोद) थे। अध्यक्षता नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने की।अतिथि मनोज दुबे नपा उपाध्यक्ष, सीएसपी सुनील तिर्की और समाज सेवी आशुतोष माथुर थे।
राजहरा की एकता से हूं अभिभूत: आनंद कुमार सिंह
मुख्य महाप्रबंधक आनंद कुमार सिंह ने कहा कि मुझे भिलाई में रहते 30-40 वर्ष हो गए। वहां भी मैं गरबा और दशहरा उत्सवों में जाता रहा हूं, लेकिन जैसा समर्पण और दीवानगी मैंने राजहरा में देखी, वैसी भिलाई में भी नहीं देखी। गरबा में महिला, पुरुष और छोटे-छोटे बच्चों की दीवानगी देखकर मैं अभिभूत हूं, इसके सामने तो गुजरात भी फेल है। पहलवान बालमुकुंद जी के सीने में कवि की मौजूदगी देखकर मैं हैरान हूं। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष तोरण साहू ने जो विकास की अपेक्षाएं रखी हैं, वो उनकी मांग नहीं, बल्कि यह हमारा फर्ज है और हम इसे पूरी तरह निभाएंगे।
विनाश का कारण है अहंकार: देवलाल ठाकुर
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा कि जब हम छोटे थे तो हमारे माता-पिता हमें दशहरा दिखाने लाते थे ताकि धर्म के प्रति आस्था बनी रहे। आप सभी अपने परिवार के साथ सनातन धर्म को जीवित रखने आए हैं, इसके लिए आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। उन्होंने कहा कि किसी ने पूछा था रावण की मूर्ति इतनी ऊंची क्यों होती जा रही है? तो मित्रों, अहंकार हमेशा ऊंचा ही दिखता है, लेकिन उसका अंत निश्चित है। घर में अहंकार है तो घर टूटेगा, समाज में है तो समाज टूटेगा। इसी अहंकार से बचने के लिए हम यहाँ एकत्र हुए हैं।उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने महाकालेश्वर, काशी विश्वनाथ और अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कर सनातन धर्म को गौरव दिलाया है। उन्होंने बताया कि नगर पालिका अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के साथ मिलकर केंद्रीय विद्यालय के लिए उनका प्रयास अतिशीघ्र सार्थक होने वाला है, पट्टा की मांग पूरी हो चुकी है और रावघाट रेलवे लाइन भी चालू हो गई है।
बचाना है राजहरा को: तोरण लाल साहू
नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने कहा कि त्रेता युग में भगवान श्रीराम ने रावण का वध कर असत्य पर सत्य और अधर्म पर धर्म की जीत दिलाई थी। उन्होंने मुख्य महाप्रबंधक से आग्रह किया कि टाउनशिप क्षेत्र में बची हुई सड़कों का डामरीकरण जल्द कराया जाए। साथ ही वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 5 और 9 में 50-60 वर्षों से बसे खदान मजदूरों के लिए 400 एकड़ जमीन के सीमांकन में से बची हुई 130 एकड़ अनुपयोगी जमीन भी नगर पालिका को सौंप दी जाए, ताकि उन्हें शासन के नियमानुसार पट्टा दिया जा सके। उन्होंने कहा कि एक समय राजहरा की आबादी डेढ़ लाख थी जो घटकर 45 हजार रह गई है। शहर को फिर से बसाने और बचाने के लिए बीएसपी प्रबंधन के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि 5797 लोगों को पट्टे मिल चुके हैं और जल आवर्धन योजना से एक साल के अंदर सभी वार्डों में साफ पीने का पानी मिलेगा।
नारी शक्ति सबसे बड़ी शक्ति: बालमुकुंद सिंह
समिति के पूर्व अध्यक्ष बालमुकुंद सिंह ने मंगलाचरण और ओजस्वी कविता से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी ही देश की जान है और नारी शक्ति से बढ़कर इस संसार में कोई शक्ति नहीं है। नारी का समर्पण, सौंदर्य, त्याग और विश्वास पाकर मनुष्य अक्षय शक्ति वाला बन जाता है।
साइबर ठगी से बचें: टीआई तिर्की
थाना प्रभारी सुनील तिर्की ने विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, किसी को भी अपना ओटीपी और बैंक डिटेल शेयर न करें। डिजीटल अरेस्ट कानून की किताब में नहीं होता। यदि ठगी हो जाए तो तुरंत देरी न करते हुए 1930 डायल कर सूचित करें, शासन आपकी रकम वापस कराने का पूरा प्रयास करेगी। अंत में मार्तंड सिंह ने मुख्य महाप्रबंधक से अनुरोध किया कि पहले बीएसपी प्रबंधन द्वारा राष्ट्रीय पर्व एवं विश्वकर्मा पूजा पर जो कार्यक्रम आयोजित होते थे, उन्हें फिर से चालू किया जाए। अतिथि उद्बोधन के पश्चात भगवान श्रीराम की सेना की पूजा-अर्चना कर रावण दहन किया गया।
दशहरा उत्सव का इतिहास
दल्ली राजहरा में सार्वजनिक दशहरा उत्सव समिति सन् 1993 से लगातार जनता के सहयोग से कार्य कर रही है। समिति ने बंद होने जा रहे दशहरा उत्सव को पुनः जीवित कर उसे उच्च शिखर पर पहुंचाया। सन 2000 में फुटबॉल मैदान पर 36 फीट का रावण बनवाया। जनता से प्राप्त चंदे के बाद बची राशि को बैंक में जमा किया जाता था और वर्ष 2006 से चंदा लेना बंद कर बैंक के ब्याज से ही उत्सव मनाया जा रहा है। समिति द्वारा कई वर्षों तक 6 नंबर विद्यालय के मंच पर रामलीला मंचन और रामानंद सागर कृत रामायण धारावाहिक का प्रदर्शन भी कराया गया। समिति के बचे पैसों से ही मकराना संगमरमर से बनी हनुमान जी की मूर्ति, जो जयपुर से लाई गई, की स्थापना और मंदिर का निर्माण किया गया।
इनका रहा सहयोग
आयोजन में मयंक उपाध्याय (उपाध्याय कंस्ट्रक्शन), दिलीप जायसवाल( जायसवाल ट्रांसपोर्ट), पिंकू माथुर प्रो. माथुर सिनेप्लेक्स, वरिष्ठ पत्रकार अजयन पिल्ले, कार्यकारिणी सदस्य रजीत सिंह, राजकुमार गुप्ता, सौरभ जैन, जगप्रीत सिंह संधु,हरीश कन्नौजिया, इमरान खान, संजीव सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, चेतन लाल साहू, जे गुरूवुल्लू, आरती राम, और आरपी पांडेय का विशेष सहयोग रहा।
जगदलपुर छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने के छत्तीसगढ़ शासन के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक संघर्ष मोर्चा एवं छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के बैनर तले लगातार विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने की मांग की जा रही थी, जिस पर शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय के अधिकारियों ने चर्चा पश्चात सकारात्मक आश्वासन दिया था।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार सेवारत गैर-टीईटी शिक्षकों के लिए निजी तकनीकी सेवा प्रदाता कंपनी के माध्यम से कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) द्वारा टीईटी परीक्षा आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है। छग टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने शासन से मांग की है कि कंप्यूटर बेस्ड (सीबीटी) परीक्षा के स्थान पर पारंपरिक ओएमआर शीट के माध्यम से ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की जाए। उन्होंने कहा है कि दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में कार्यरत कई सेवारत शिक्षकों के लिए कंप्यूटर आधारित परीक्षा में तकनीकी कठिनाइयां और असुविधा हो सकती है, इसलिए ओएमआर पद्धति ही अधिक उपयुक्त और व्यावहारिक होगी।
निर्णय का स्वागत- शिक्षक संघों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए विभागीय परीक्षा कराने का निर्णय का स्वागत किया गया है। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा, प्रदेश संयोजक सुधीर प्रधान, वाजिद खान, प्रदेश उपाध्यक्ष देवनाथ साहू, प्रवीण श्रीवास्तव, शैलेंद्र यदु, संजय उपाध्याय, मुकेश मुदलियार, डॉक्टर कोमल वैष्णव, प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य, प्रदेश कोषाध्यक्ष शैलेंद्र पारीक ने शासन से आग्रह किया है कि शिक्षकों के हित और सुविधा को ध्यान में रखते हुए सीबीटी के स्थान पर ओएमआर आधारित ऑफलाइन मोड में ही विभागीय टीईटी परीक्षा आयोजित करने का आदेश जारी किया जाए।
कुसुमकसा के जानकी पेट्रोल पंप के सामने हुआ हादसा, मारुति विक्टोरिस कार होने की चर्चा; सड़क पर भारी वाहनों के खड़े रहने से आवागमन प्रभावित
दल्ली राजहराबालोद-दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग पर गुरुवार दोपहर हुए सड़क हादसे में कुसुमकसा निवासी शिक्षक लिपेश खरे की मौत हो गई। स्कूल से छुट्टी के बाद बाइक से घर लौट रहे शिक्षक को कुसुमकसा स्थित जानकी पेट्रोल पंप के सामने एक कार ने टक्कर मार दी। दुर्घटना में सिर पर गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की खबर से क्षेत्र में शोक का माहौल है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, लिपेश खरे भैंसबोड़ हाईस्कूल में कॉमर्स विषय के व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे रहे थे। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे वे स्कूल से छुट्टी होने के बाद बाइक से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जानकी पेट्रोल पंप के सामने उनकी बाइक को एक कार ने टक्कर मार दी।
टक्कर के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की।मारुति विक्टोरिस कार होने की चर्चाहादसे में टक्कर मारने वाली कार मारुति विक्टोरिस होने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कार भिलाई की हो सकती है, हालांकि वाहन की पहचान और उसके भिलाई से संबंधित होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। दुर्घटना में शामिल कार और उसके चालक के संबंध में स्थिति स्पष्ट होना बाकी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।भारी वाहनों के खड़े रहने से आवागमन प्रभावितजानकी पेट्रोल पंप के सामने सड़क पर भारी वाहनों के खड़े रहने से आवागमन प्रभावित होने की समस्या भी सामने आती रही है।
सड़क किनारे भारी वाहनों की मौजूदगी के कारण अन्य वाहन चालकों को आने-जाने में परेशानी होती है। ऐसे में इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर यह मांग उठ रही है कि संबंधित विभाग इस स्थान पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करें और भारी वाहनों के सड़क पर खड़े रहने की समस्या पर ध्यान दें, ताकि दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।शिक्षा जगत में शोकलिपेश खरे भैंसबोड़ हाईस्कूल में कई वर्षों से कॉमर्स विषय के व्याख्याता के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उन्होंने क्षेत्र के अनेक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की थी। उनके असामयिक निधन से विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों और परिचितों में शोक व्याप्त है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के संबंध में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।