भानपुरी ।.. कोविड टिकाकर महाअभियान के तहत बस्तर ब्लॉक के ग्राम पंचायत मरकुची के हाई स्कूल में 27 बच्चों को लगाया गया कोविड 19 का दुसरा डोज कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्कूल शिक्षकों एवं छात्र छात्राओं ने लोगों को जागरूक किया वही ग्राम पंचायत के सरपंच ,सचिव एवं मितानिनों के द्वारा गांव में लोगों के घर घर जाकर कोविड19- वैक्सीनेशन के प्रति जागरूक किया गया साथ ही स्वास्थ अमले द्वारा लोगों को कोरोना वैक्सीनेशन के सभी को टीका लगवाने का आग्रह किया।
सांसद दीपक बैज ने उठाया राष्ट्रीय पेंशन योजना का मामला
(अर्जुन झा)
जगदलपुर। बस्तर सांसद दीपक बैज ने लोकसभा में राष्ट्रीय पेंशन योजना का मामला उठाया। उन्होंने विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजीजू से अतारांकित प्रश्न के माध्यम से पूछा कि क्या पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ओ पी एंड पी डब्ल्यू द्वारा उन कर्मचारियों जिन की भर्ती का विज्ञापन 13.12. 2003 को या उससे पहले जारी किया गया था, को राष्ट्रीय पेंशन योजना के दायरे से बाहर करने और उच्चतम न्यायालय तथा अलग-अलग उच्च न्यायालयों के विभिन्न निर्णयों के मद्देनजर उन्हें पुरानी पेंशन के दायरे में शामिल करने के लिए विधि एवं न्याय मंत्रालय का सुझाव मांगा गया था, यदि हां तो विधि और न्याय मंत्रालय द्वारा दिए गए सुझाव और टिप्पणियों सहित उक्त टिप्पणियों में विलंब करने के कारणों का ब्यौरा क्या है और उच्चतम न्यायालय द्वारा सरकार की जनकल्याणकारी छवि को धूमिल करने के लिए विशेष अनुमति याचिकाओं और पुनरीक्षण याचिका की दाखिले पर ही सुनवाई किए बिना खारिज करने के बाद प्रत्येक मामले में झूठी मुकदमे बाजी के कारणों का ब्यौरा क्या है? बस्तर सांसद दीपक बैज के प्रश्न के जवाब में विधि और न्याय मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा कि पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग ने विधि कार्य विभाग को 12.11. 2021 के प्रति पेश किया जिसमें अन्य बातों के साथ-साथ कर्मचारियों से 31.12.2003 को या उससे पूर्व विज्ञापन की तारीख के आधार पर पुरानी पेंशन योजना के अधीन जोड़ने के लिए प्राप्त अभ्यावेदनों पर सलाह देने की मांग की है जिन पदों पर उन्हें नियुक्त किया गया था। विधि मंत्री ने कहा कि इस संबंध में विधि कार्य विभाग ने 24.11. 2021 के टिप्पण द्वारा तत्परता से सलाह दी की न्यायिक मंच द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें या उच्च न्यायिक मंच के समक्ष निर्देशों को चुनौती दें। यदि जारी किए गए निर्देश मंत्रालय विभाग की नीतियों के विरुद्ध हैं।
उक्त मंत्रालय विभाग के पूर्ण विवेक पर निर्भर करता है यदि कोई मुद्दा माननीय उच्चतम न्यायालय में अंतिम रूप ले चुका है तो मंत्रालय विभाग को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा जारी निर्देशों का पालन करना होगा अन्यथा मंत्रालय विभाग को न्यायालय के समक्ष अवमानना कार्रवाई के परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि विषय पर आगे किसी भी निर्देश पर तत्परता से कार्यवाही की जाएगी साथ ही माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष s.l.p. या पुनर्विलोकन याचिका फाइल करने का प्रस्ताव संबंधित विभाग मंत्रालयों में उत्पन्न होता है जिसे विद्वान विधि अधिकारी की सुविचारित राय के अनुसार स्वीकार या अस्वीकार कर दिया जाता है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग के अनुसार वित्त मंत्रालय की 22. 12.2003 अधिसूचना द्वारा केंद्रीय सरकार के कर्मचारियों के लिए राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एनपीएस प्रस्तुत की गई। एनपीएस 01.01.2004 को (सशस्त्र बल को छोड़कर) से केंद्रीय सरकार सेवा में सभी नई भर्तियों के लिए आज्ञापक है। 22. 12.2003 की अधिसूचना के विनिर्दिष्ट उपबंधों को ध्यान में रखते हुए पुरानी पेंशन योजना के अधीन कवरेज के लिए पात्रता आधारित करने के लिए रिक्तियों के विज्ञापन की तारीख को सुसंगत नहीं माना जाता है।
चैम्बर ने नहीं दिया भाजपा के धरने को समर्थन, 5 बिन्दुओं पर किया इनकार
मुद्दा न राष्ट्रीय न राज्य स्तर का, समर्थन देना संभव नहीं – चैम्बर
जगदलपुर – संजय गाँधी वार्ड की पार्षद पर पीएम आवास के नाम से रुपयों की उगाही के आरोप लगने के बाद से ही विपक्षी के तौर पर बैठी भाजपा का अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू हो गया था. पखवाड़े भर से ज्यादा समय बीत जाने के बाद भी आज पर्यंत पार्षद के खिलाफ पुलिस द्वारा एफआईआर नहीं किये जाने को लेकर भाजपा नए-नए तरीके निकाल रही है. इधर बस्तर चैम्बर ऑफ़ कॉमर्स से मांगे गए समर्थन ने नया मोड़ ले लिया है. गौरतलब हो कि मंगलवार को भाजपाईयों द्वारा नगर बंद का आह्वान किया गया है.
चैम्बर के मंत्री सुनील दंडवानी ने बताया कि कोरोना कॉल से ही व्यापारिक गतिविधियाँ कमजोर परिस्थितियों में है और वर्तमान में भी कोई बेहतर स्थिति नहीं है. जिस मुद्दे के लिए समर्थन माँगा गया है वह न तो राष्ट्रीय है और न ही राज्य स्तर का जिसमें व्यापक जन-समुदाय जुड़ा है. एक दिन के बंद से कई लोगों की रोजी-रोटी, साग सब्जी और अन्य कच्चे माल से जुड़े लोगों असर होगा इसलिए कार्यकारिणी की बैठक में समर्थन नहीं देने का निर्णय लिया गया है.
भारतीय जनता पार्टी ने किया 08 फरवरी को एक दिवसीय बंद का आव्हान
जगदलपुर — संजय गांधी वार्ड की पार्षद द्वारा 40 से अधिक पीड़ित परिवारों से 25-25 हजार रुपए लेकर अवैध वसूली की गई है।इन पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने हेतु भारतीय जनता पार्टी द्वारा बोध घाट थाने में एफ आई आर दर्ज कराने को लेकर 17 दिन से लगातार धरने पर बैठकर न्याय की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवारों द्वारा 23 दिन से एफ आई आर दर्ज कराने के लिए अपनी मांग कर रहे हैं।

उन पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने हेतु भारतीय जनता पार्टी द्वारा एक दिवसीय जगदलपुर नगर बंद का आह्वान 08 फरवरी 2022 को किया गया है।
आप सभी प्रतिष्ठित व्यवसाई साथियों से आग्रह अपनी प्रतिष्ठान बंद रखें। आप से भारतीय जनता पार्टी परिवार निवेदन व आग्रह करता है।
प्रशासन द्वारा शांतिपूर्ण आंदोलन का दमन किया जा रहा है आज भारतीय जनता पार्टी के द्वारा एक ऑटो लगा कर बंद की अपील कर रहा था जिसकी विधिवत लिखित जानकारी अनुमति हेतु नगर दंडाधिकारी को लिखा गया था उसके बावजूद शासन ने नमन करते हुए ऑटो को जप्त कर लिया। भारतीय जनता पार्टी इस दमन से झुकेगा नहीं आंदोलन को और आगे बढ़ाया जाएगा।
बस्तर विधायक बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण अध्यक्ष लखेस्वर बघेल ने बकावंड ब्लॉक के विभिन्न ग्राम पंचायतों को दिया कई लाखों की सौगात
♦️ बस्तर विधायक जी ने ग्राम पंचायत जैबेल की कुसमादई माता की पूजा अर्चना कर सुख समृद्धि की कामना की एवं सभी पंचायतों की शिलान्यास की विधिवत पूजा करके भूमिपूजन किया
♦️ बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से जैतगिरी के कुसमादई मातागुड़ी मरम्मत हेतु 5.00 लाख एवं निर्माण कार्य हेतु 1.00 लाख रुपये का भूमिपूजन किया
♦️ बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत सौतपुर बरफ़ागुडा में आलेख महिमागुड़ी हेतु 2.00 लाख रुपये का भूमिपूजन किया

♦️ बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत बनियागांव हिंगलाजिन मातागुड़ी मरम्मत कार्य हेतु 5.00 लाख रुपये का भूमिपूजन किया
♦️ बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत बदलावंड में चौरिया माता गुड़ी निर्माण कार्य हेतु 5 .00 लाख रुपये की भूमिपूजन किया
♦️बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत सौतपुर में सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य हेतु 3.00 लाख रुपये की भूमिपूजन किया
♦️बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत बदलावंड में यात्री प्रतीक्षालय निर्माण कार्य हेतु 2.00 लाख का भूमिपूजन किया
♦️ग्राम पंचायत सौतनार करंजी गुड़ा मातागुड़ी के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य हेतु विधायक निधि से 3.21लाख रुपये का भूमिपूजन किया
♦️बस्तर विकास प्राधिकरण मद से ग्राम पंचायत जैतगिरी में महादेव गुड़ी मरम्मत कार्य हेतु 5.00 लाख रुपये का भूमिपूजन किया
♦️बस्तर विकास प्राधिकरण से ग्राम पंचायत जैतगिरी में धौड़ावीर महाराज गुड़ी निर्माण कार्य हेतु 1.00 लाख रुपये की भूमिपूजन किया गया |
♦️बस्तर विधायक ने कहा कि जिस तरह अभी ग्राम पंचायतों में गुड़ी निर्माण हो या मरम्मत कार्य हो यह सभी ग्राम पंचायतों में माता मंदिरों के जीणोद्धार के लिए कार्य करना हमारी सरकार की पहली प्राथमिकता है अभी धीरे धीरे सभी जगहों में काम किया जा रहा है पिछले सरकार की भांति हमारी सरकार ने जमीनी स्तर से लेकर कार्य करना प्रारंभ किया और हम कोरोना महामारी के चलते भी कार्य की प्रगति को बढ़ाया है |
♦️सोनबारी, पदमा,को गुड़ी में निस्वार्थ भाव से मंदिर प्रांगण में हमेशा सेवा देने के लिए उपहार स्वरूप शॉल,नारियल, देकर सम्मानित किया |
♦️जिसमें मौजूद रहे छत्तीसगढ़ कृषक परिषद सदस्य जानकी राम सेठिया, जिला पंचायत सदस्य धनुरजय कश्यप,ब्लॉक अध्यक्ष उत्तम नाईक,जनपद सदस्य खिजेस्वरी,सरपंच गोपाल कश्यप,सत्येंद्र गागड़ा, गणेश राम,आरनबति ,योगेंद्र बाकडे, विनोद महाराज, बसंतसिंह चंदेल, राजेश कुमार, एवं ग्रामपुजारी, माता बहन,समस्त ग्रामवासी उपस्थित रहे |
मूणत पर भड़के रुद्र गुरु:बोले , मेरे समाज के निर्दोष लोगों को बंगले के सामने पीटा..मूणत पर एससी/एसटी एक्ट लगे
भाजपा को निम्न स्तर की राजनीति नहीं करनी चाहिए- गृहमंत्री
रायपुर। पूर्व मंत्री राजेश मूणत मामले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। राजेश मूणत के मसले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और मूणत दोनों को निशाने पर लेते हुए पूर्व मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ एक्टोसिटी का मामला दर्ज करने की माँग करते हुए भाजपा को निम्न स्तर की राजनीति नहीं करने की सलाह दी है। सतनाम पंथ गुरु और छत्तीसगढ सरकार में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री रुद्र गुरु ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता में कहा मुंगेली से दो कार्यकर्ता निजी काम से मुझसे मिलने आए थे। मेरे बंगले के सामने वापस जाने के लिए खड़े थे,उनको किसी विरोध से लेना देना ही नहीं था, दोनों ने काला कपड़ा पहना केवल इसलिए पिटाई की गई।.
क्या काला कपड़ा पहनना ग़लत है तो मोदीजी बैन कर दें।भाजपा के लोगों ने जानबूझकर नाम पूछकर मारा। पूर्व मंत्री राजेश मूणत के खिलाफ एक्ट्रोसिटी का मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
मंत्री रुद्र गुरु के साथ मौजुद कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर शुक्ला ने कहा भाजपा की तरह हम भी विरोध करने सड़क पर उतर जाएँ तो वो झेल नहीं पाएँगे। पूर्व मंत्री के साथ थाने में कोई मारपीट नहीं हुई। भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ सख़्त कार्यवाही होनी चाहिए” इस मसले को लेकर गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू का बेहद अहम बयान भी आया है। गृहमंत्री साहू ने कहा है “राजेश मूणत कहते हैं उनके साथ मारपीट हुई । ऐसा नहीं हुआ।वे झूठ बोल रहे हैं।
मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों में आज से शत्-प्रतिशत उपस्थिति
सामान्य प्रशासन विभाग ने जारी किए निर्देश
रायपुर/ मंत्रालय एवं समस्त विभागाध्यक्ष कार्यालयों का संचालन मंगलवार 8 फरवरी से सभी श्रेणी के अधिकारियों-कर्मचारियों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति के साथ होगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए सोमवार मंत्रालय महानदी भवन से इस आशय के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके पहले मंत्रालय तथा विभागाध्यक्ष कार्यालयों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के निर्देश दिए गए थे।
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ शासन के समस्त विभाग के समस्त अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव तथा समस्त विभागाध्यक्ष को जारी निर्देशों में कहा गया है कि कोविड-19 की वर्तमान स्थिति को ध्यान में रखते हुए, आम जनता के कार्यों के शीघ्र निराकरण के लिए मंत्रालय एवं समस्त विभागाध्यक्ष कार्यालयों में शासकीय कार्य संचालन हेतु मंगलवार से सभी श्रेणी के अधिकारियों-कर्मचारियों की शत्-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। समस्त अधिकारी-कर्मचारी कोविड-19 संक्रमण के बचाव हेतु समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का अनिवार्य रूप से पालन करें। सभी अधिकारी-कर्मचारी कोविड-19 के संक्रमण की रोकथाम के लिए निर्धारित मापदण्ड जैसे- मास्क लगाना, एक-दूसरे से पर्याप्त दूरी बनाए रखना, सेनिटाइजर का समय-समय पर उपयोग करना आदि मापदण्डों का कड़ाई से पालन करें।
शासन के खजाने में जमा होने वाली रायल्टी राशि का बंदरबाट
जगदलपुर। शासन के खाजाने में जमा होने वाली रायल्टी राशि से खनिज विभाग के अधिकारियों की जेब मोटी होने लगी है। जिला प्रशासन के ज्मिेदार अफसरों को अंधेरे में रखकर रायल्टी राशि का बंदरबाट किया जा रहा है। खनिज विभाग के अधिकारी छोटी-छोटी कार्रवाई कर अफसरों के चहेते बने हुए है। कुरंदी में सैकड़ों ट्रक मुरूम का अवैध उत्खनन कर सेमरा में लगभग साढ़े 3 एकड़ भूखंड के 5 से 6 फीट एरिया को समतलीकरण किया गया है जिसकी जानकारी खनिज विभाग को होने के बाद भी अनजान बने हुए है। इस प्रकार विकास कार्रवाई को लेकर दोहरा मापदंड अपना रही है। ज्ञातव्य हो कि प्रदेश के मुखिया के प्रभार वाले विभाग में लूट मची हुई है।

खासतौर से खनिज विभाग से प्राप्त होने वाली रायल्टी का एक बड़ा हिस्सा विभागके अधिकारियों के जेब में पहुंच रहा है ऐसा ही नजारा जिला मुख्यालय से सटा पंचायत सेमरा में देखा जा सकता है। जानकारी के अनुसार कुरंदी पंचायत में अवैध उत्खनन कर सेमरा पंचायत में हाईवे से लगा एक बड़ा भूखंड को समतलीकरण किया गया है। पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 3 एकड़ 18 डिसमिल एरिया लगभग 6 फीट उंची समतलीकरण करने में एक हजार से अधिक हाईवा मुरूम का उपयोग किया गया है यह सब कारनामा खनिज विभाग के संरक्षण में कराये जाने की खबर है। बताया जा रहा है कि खनिज विभाग शहर के कुछ ठेकेदारों कोफायदा पहुंचाने के उद्देश्य से मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन की छूट दे रखी है जिसकी शिकायत मिलने पर भी खनिज विभाग अनदेखी करती है जिसका नजारा कुरंदी पंचायत में देखा जा सकता है।
पंचायत को पांच हजार की रायल्टी :
कुरंदी पंचायत 2 के सरपंच ने बताया कि मुरूम उत्खनन को लेकर पांच हजार की रायल्टी जमा कराई गई है जब उनसे रसीद के संबंध में जानकारी चाही गई तो टाल मटोल करते हुए रसीद संख्या बताने को लेकर आना कानी करते रहे। इस मामले में वहां के सचिव से जानकारी चाही गई तो इसकी जानकारी नहीं होने की बात कही।
रायल्टी राशि में बंदरबाट:
खनिज विभाग ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने में साहस जुटाती है जो उन्हे चढ़ावा नहीं चढ़ा पाते। चढ़ावा चढ़ाने वाले अवैध मुरूम उत्खनन करने वालों को नजरअंदाज किया जाता है। मुरूम उत्खनन से शासन को मिलने वाली रायल्टी राशि की बड़े पैमाने पर बंदरबाट की जा रही है इससे शासन को भी लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। समतलीकरण की ली अनुमति: प्रभारी खनिज अधिकारी चेरपा ने बताया कि कुरंदी पंचायत में खसरा नं.296 रकबा 0.40 हेक्टेयर भूमि को समतलीकरण के लिए किसान ईश्वर कश्यप के द्वारा अनुमति ली गई थी। जब विभाग से पूछा गया कि उक्त स्थान पर तालाब का निर्माण कराया गया है तो वह गोल-मोल जवाब देते हुए कुछ भी बोलनने से बचते रहे। खनिज विभाग जिस स्थान पर भूमि समतलीकरण की बात कह रही है उस स्थान पर 40 बाई 30 के एरिया में लगभग 10 से 15 फीट गड्ढा कर मुरूम का अवैध उत्खनन किया गया है लेकिन खनिज विभाग इसे भूमि समतलीकरण होना बताया रही है। मामले की जांच कराई जाये तो खनिज विभाग की उदासिनता उजागर हो सकती है।
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ भूख हड़ताल की घोषणा से घबराई निगम प्रशासन : आयुक्त ने दिया एक सप्ताह में कार्यवाही का आश्वासन
निगम आयुक्त ने किया भूंख हड़ताल पर जाने वाले चंचलमल जैन से बातचीत : एक सप्ताह में कार्यवाही के आश्वासन के बाद भूंख हड़ताल का निर्णय टला
छत्तीसगढ़ । सिटी ग्राउंड नवनिर्माण में उपयोग किये जा रहे गुणवत्ताहीन ईंटो की लगातार सूचना सोशल मीडिया और निगम आयुक्त के वाट्सप नम्बर पर देने के बावजूद कार्यवाही नही होने पर जनसभा बस्तर के कार्यकारिणी सदस्य चंचलमल चौरड़िया के भूंख हड़ताल पर जाने की घोषणा के बाद नगर निगम आयुक्त हरकत में आये व जनसभा के कार्यकर्ताओं से मिलने की इच्छा व्यक्त किया।
गौरतलब हो कि लगातार छः महीने से सिटी ग्राउंड का नवनिर्माण का कार्य जारी है। सिटी ग्राउंड के नवनिर्माण में फ्लाई एस ईंटो का प्रयोग किया जा रहा है जो कि पर्यावरण प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन के लिए उपयुक्त है जिसकी जनसभा हृदय से स्वागत करती है। ऐसा जनसभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण पांडेय ने मीडिया के साथ बातचीत के दौरान बताया। आगे प्रदेश अध्यक्ष जनसभा ने कहा कि सिटी ग्राउंड का नवनिर्माण होना हर्ष का विषय है सभी जगदलपुर वासियों के लिए लेकिन इस नवनिर्माण में इस्तेमाल किये जा रहे ईंटे पूरी तरह से गुणवत्ताहीन और भुरभुरा किस्म की है, जिसे आराम से अपने हाथो से मसल कर तोड़ा जा सकता है। जिसकी शिकायत लगातार निगम आयुक्त को सोशल मीडिया और वाट्सप के माध्यम से दी गई है लेकिन निगम आयुक्त प्रेम कुमार पटेल जी ने आज तक कोई ठोस कार्यवाही नही की।जिसे देखते हुए जनसभा के वरिष्ठ साथी चंचलमल जैन जी इसके विरोध में आज भूख हड़ताल में बैठने वाले थे।जिसकी सूचना प्रशासन को दे दी गई थी। जिसकी जानकारी मिलने पर निगम आयुक्त ने मिलने की इच्छा जताई और कहा कि मिलकर इस समस्या हेतु बात करते हैं भूख हड़ताल मत करिए। एक सक्षम अधिकारी और निगम आयुक्त की बातों का सम्मान करते हुए जनसभा ने अपने भूख हड़ताल को स्थगित कर दिया।साथ ही पूरी टीम निगम आयुक्त से बताये समय पर निगम मिलने पहुंचे। लेकिन मिलने का वादा करके निगम आयुक्त कार्यालय में नही मिलने की स्तिथि में जनसभा के कार्यकर्ता नारे लगाते हुए निगम कार्यालय के सामने धरने पर बैठ गए।
ज्ञात हो कि लगभग 2 घण्टे के बाद हंगामा बढ़ने पर कोतवाली पुलिस की टीम थाना प्रभारी एमन साहू के नेतृत्व में पहुंची और आंदोलन खत्म करने दबाव बनाया गया। लेकिन अंत में निगम आयुक्त से जनसभा की टीम ने मुलाकात की और सिटी ग्राउंड पर हो रहे गुणवत्ता हीन ईंटो के संदर्भ में बातचीत की। निगम आयुक्त ने जनसभा के सभी बिन्दुवों को सुना और जनसभा की मांग की ईंटो की सेम्पलिंग की तुरन्त करवाने की बात कही है। निगम के द्वारा दलपत सागर के व्यापारियों को दुकान अलॉटमेंट होना था, जिसमे देरी हो रही थी। निगम आयुक्त ने एक सप्ताह के अंदर अलॉटमेंट देने का आश्वासन दिया है।
● आयुक्त के आश्वासन के बाद आमरण अनशन की तिथि टली
जनसभा के तमाम बिन्दुवों पर निगम आयुक्त के सकारात्मक आश्वासन के बाद जनसभा के पदाधिकारियों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष जनसभा अरुण पाण्डेय् के साथ वरिष्ठ कार्यकरिणी सदस्य चंचलमल जैन, अजय शेट्टी, आरिफ खान, सलीम खान, अल्ताफ़ खान, राम बेसरा, सुमित, रोहित, प्रवीण जैन समेत अनेकों कार्यकर्ता उपस्थित रहें।
मूणत के बिगड़े बोल भाजपा के किस सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का ढोल? सांसद दीपक से सीखी जा सकती है राजनीतिक सज्जनता
(अर्जुन झा)
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में पूर्व मंत्री राजेश मूणत के बिगड़े बोल भाजपा के किस सांस्कृतिक राष्ट्रवाद का ढोल है, यह सवाल कांग्रेस पूछ सकती है। वह कह भी रही है कि भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने बस्तर में भाजपा कार्यकर्ताओं को जो ज्ञान दिया था, उसका असर राजेश मूणत के अपशब्द में दिखाई दे गया।भाजपा प्रदेश प्रभारी डी. पुरंदेश्वरी ने बस्तर में भाजपा कार्यकर्ताओं को बौद्धिक दिया था कि पीछे मुड़कर थूक देंगे तो मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनका पूरा मंत्रिमंडल बह जायेगा। तब मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने जवाब दिया था कि आसमान की तरफ थूकने पर मुंह पर ही पड़ता है। पुरंदेश्वरी के बिगड़े बोल ने छत्तीसगढ़ में सियासी तूफान खड़ा कर दिया था। तब भाजपा ने बिगड़े बोल पर
सफाई दी थी मगर माफी नहीं मांगी थी। राजेश मूणत की भाषा पर भी भाजपा ने कोई संज्ञान नहीं लिया है। अब राजेश मूणत ने सार्वजनिक तौर पर जिन अपशब्दों का प्रयोग किया है, वह बेहद आपत्तिजनक हैं और कांग्रेस को इस पर घोर आपत्ति है। भाषा की बात करें तो केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा राहुल गांधी के बयान पर व्यक्त की गई प्रतिक्रिया को लेकर बस्तर सांसद दीपक बैज का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस में थे तो कांग्रेस की भाषा बोलते थे। अब वे भाजपा में हैं तो मोदी को खुश करने के लिए भाजपा की भाषा बोल रहे हैं। सांसद दीपक बैज ने जिस अंदाज में अपनी बात कही, इसे कहते हैं राजनीति में सज्जनता। क्या राजेश मूणत भी इसी तरह शिष्टता के साथ अपनी बात नहीं रख सकते थे। भाजपा में दो तरह की मानसिकता सामने आ रही है। एक तरफ शालीनता से विरोध की राजनीति करने वाले नेता हैं तो दूसरी तरफ आक्रामकता के साथ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने वालों की भी कमी नहीं है। ताज्जुब यह है कि अपशब्दों की राजनीति के कारण हुए विवाद में पूरी भाजपा मूणत के समर्थन में कूद पड़ी। यह ठीक है कि किसी भी कार्यकर्ता के समर्थन में पूरे संगठन को खड़ा होना चाहिए लेकिन जो हुआ, उसे टाला भी जा सकता था। इस विवाद का भाजपा की छवि पर असर पड़ा है। कांग्रेस कह रही है कि भाजपा का चरित्र, चाल और चेहरा उजागर हो गया है। सरकारी कर्मचारियों के साथ पूर्व मंत्री राजेश मुणत ने गाली-गलौज की और अधिकारियों पर हमला किया, जिसके कारण पूरा छत्तीसगढ़ शर्मसार हुआ है। इस कृत्य के बचाव में उतरे भाजपाइयों को छत्तीसगढ़ की जनता से माफी मांगनी चाहिए। जनता भी देख ही रही है कि राजनीति में कितनी गिरावट हो रही है, यह जनता को कैसे पसंद आ सकती है।


