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नेता प्रतिपक्ष डॉ. महंत का बस्तर में धार्मिक पर्यटन

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सभी प्रमुख मंदिरों में पहुंचे चरणदास महंत

महंत ने कांग्रेसजनों से की आत्मीय मुलाकात

जगदलपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत धार्मिक पर्यटन पर बस्तर संभाग पहुंचे। चरण दास ने बस्तर के प्रमुख देवी देवताओं के चरणों में शीश नवाया और पार्टी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मुलाकात भी की। नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत तीन दिवसीय बस्तर प्रवास पर रहे। उनका यह दौरा आस्था, संस्कृति, सामाजिक समरसता एवं कांग्रेस परिवार के साथ आत्मीय संवाद का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

प्रवास के दौरान डॉ. महंत ने धार्मिक स्थलों में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की तथा वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों से आत्मीय मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। पहले दिन वे चारामा, कांकेर एवं केशकाल पहुंचे, जहां कांग्रेसजनों ने डॉ. महंत का भव्य स्वागत किया। रात में जगदलपुर पहुंचने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य अभिनंदन किया। इसके उपरांत उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के शासकीय निवास पहुंचकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। सर्किट हाउस में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शंकर राव के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ढोल, नगाड़ों, पुष्प वर्षा और आतिशबाजी के साथ उनका आत्मीय स्वागत किया। दूसरे दिन डॉ. महंत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के साथ दंतेवाड़ा पहुंचे, जहां उन्होंने आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के चरणों में शीश नवाकर विशेष पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे बीजापुर जिले के भैरमगढ़ पहुंचे। जिले में प्रवेश करते ही विधायक विक्रम शाह मंडावी एवं उनके समर्थकों ने विभिन्न स्थानों पर पारंपरिक एवं भव्य स्वागत किया। विधायक निवास में डॉ. महंत ने मंडावी परिवार से आत्मीय भेंट कर कुशलक्षेम जाना। जगदलपुर लौटने के बाद उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के निवास पर पहुंचकर उनसे मुलाकात की। वहीं सर्किट हाउस में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने उनसे भेंट कर संगठनात्मक विषयों सहित विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की।

पनका समाज ने रखी मांग

अंतिम दिन डॉ. महंत ने बस्तर की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक पहचान काछन गुड़ी पहुंचकर पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पनका समाज के प्रतिनिधियों ने उनसे भेंट कर समाज से जुड़ी मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने अनुसूचित जनजाति वर्ग में पनका जाति को शामिल करने की वर्षों पुरानी मांग की ओर ध्यान दिलाया। डॉ. महंत ने उनकी बातों को गंभीरतापूर्वक सुनते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। काछन गुड़ी बस्तर की विश्वविख्यात दशहरा परंपरा का प्रारंभिक एवं महत्वपूर्ण धार्मिक केंद्र है। लगभग छह शताब्दियों से चली आ रही काछनगादी परंपरा के अनुसार पनका समाज की एक अविवाहित कन्या देवी स्वरूप बस्तर दशहरे के शुभारंभ की अनुमति प्रदान करती है। इस ऐतिहासिक परंपरा के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की अमूल्य धरोहर है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बघेल के घर पहुंचे महंत

डॉ. महंत बस्तर सीट से विधायक एवं विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के पैतृक ग्राम गिरोला पहुंचे, जहां उन्होंने माता हिंगलाजिन के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।उल्लेखनीय है कि श्री बघेल इस प्राचीन मंदिर के प्रधान पुजारी भी हैं। रायपुर लौटते समय डॉ. महंत ने कोंडागांव में भी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने फरसगांव में राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और उनके परिजनों से मुलाकात कर चर्चा की। प्रवास के दौरान डॉ. चरणदास महंत ने राजनीतिक गतिविधियों से स्वयं को दूर रखते हुए सामाजिक, सांस्कृतिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी। उन्होंने वरिष्ठ कांग्रेसजनों, कार्यकर्ताओं एवं अपने शुभचिंतकों से आत्मीय संवाद स्थापित कर संगठनात्मक एकजुटता और पारिवारिक भावनाओं को और सुदृढ़ किया। उनके सहज, सरल एवं आत्मीय व्यवहार ने बस्तर के कांग्रेस परिवार में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार किया।

बढ़ती चोरी की घटनाओं पर पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने जताई चिंता

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मंत्री के गृह क्षेत्र में पुलिस है निष्क्रिय: चंदन कश्यप

जगदलपुर केबिनेट मंत्री के गृह क्षेत्र भानपुरी में थाने से 50 मीटर की दूरी पर सोने की दुकान सहित कई जगहों पर ताबड़तोड़ चोरियां, पुलिस प्रशासन नाकाम: पूर्व विधायक चंदन कश्यपएक महीने के भीतर ६ बड़ी चोरियां, थाने की नाक के नीचे सुरक्षित नहीं हैं व्यापारी; पुलिस के हाथ खाली।भानपुरी चौक के सुरक्षा कैमरे महीनों से खराब; अगर कैमरे चालू होते तो पकड़े जाते शातिर चोर।जगदलपुर नारायणपुर के पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने बस्तर के भानपुरी थाना क्षेत्र में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए केबिनेट मंत्री केदार कश्यप पर निशाना साधा है। उन्होंने पुलिस को भी कटघरे में खड़ा किया है।

कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने कहा है कि भानपुरी में पिछले एक महीने के भीतर सोने की दुकान और अन्य कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में हुई सिलसिलेवार चोरियों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। सबसे बड़ी और हैरान करने वाली बात यह है कि बेखौफ चोरों ने भानपुरी थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित दुकानों को अपना निशाना बनाया है। यह इलाका वर्तमान भाजपा सरकार के केबिनेट मंत्री केदार कश्यप का खुद का गृह क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्र है। मंत्री के अपने ही क्षेत्र में, वह भी थाने की नाक के नीचे बढ़ रही इन गंभीर आपराधिक घटनाओं और पुलिस की निष्क्रियता को लेकर पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए सरकार व पुलिस प्रशासन को आड़े हाथों लिया है। पूर्व विधायक चंदन कश्यप ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि भानपुरी जैसे मुख्य मार्ग और व्यस्त इलाके में मात्र एक महीने के भीतर छह बड़ी चोरियां हो जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शातिर चोरों ने भानपुरी थाने से महज 50 मीटर की दूरी पर स्थित ज्वेलरी शॉप समेत कई अन्य दुकानों को बेखौफ होकर अपना निशाना बनाया, जिससे व्यापारियों की गाढ़ी कमाई पर डाका पड़ा है। उन्होंने कहा-यह बेहद शर्मनाक और कानून व्यवस्था के ढह जाने का सबूत है। चोरों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे थाने से कुछ ही कदमों की दूरी पर चोरी कर आसानी से फरार हो जा रहे हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लग रही है। जिस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व खुद प्रदेश सरकार के मंत्री केदार कश्यप कर रहे हैं, जो उनका खुद का गृह क्षेत्र है, वहां जब थाने के सामने ही व्यापारी और आम जनता सुरक्षित नहीं हैं, तो पूरे बस्तर की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इन घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों में भारी असुरक्षा का माहौल है, लेकिन पुलिस प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा है।*बॉक्स**सीसीटीवी कैमरे महीनों से बंद*चंदन कश्यप ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन की सबसे बड़ी लापरवाही को उजागर करते हुए कहा कि भानपुरी चौक जैसे मुख्य और संवेदनशील चौराहे पर सुरक्षा के लिहाज से लगाए गए सीसीटीवी कैमरे पिछले कई महीनों से बंद और खराब पड़े हैं। उन्होंने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर प्रशासन सजग रहता और भानपुरी चौक के कैमरे चालू हालत में होते, तो सोने की दुकान और अन्य जगहों पर हाथ साफ करने वाले चोरों का कोई न कोई सुराग जरूर मिल जाता और अपराधी अब तक सलाखों के पीछे होते। लेकिन कैमरों का महीनों तक खराब रहना यह साबित करता है कि स्थानीय विधायक-मंत्री और विभाग क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर कितने लापरवाह और उदासीन हैं। पूर्व विधायक ने पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि भानपुरी चौक के सभी खराब कैमरों को बिना किसी देरी के तत्काल दुरुस्त किया जाए, बाजारों में रात्रि गश्त को कड़ा किया जाए और सोने की दुकान समेत सभी छह चोरियों के मामलों का जल्द से जल्द पर्दाफाश कर चोरों को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही क्षेत्र के व्यापारियों को सुरक्षा नहीं मिली और चोर नहीं पकड़े गए, तो वे स्थानीय नागरिकों व व्यापारी संघ के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने पर विवश होंगे।

अज्ञात आरोपियो द्वारा रात में परिवार के साथ सो रहे गौकरण साहू के घर में घुसकर उस पर लाठी डंडा से जानलेवा हमला करने वाले 06 आरोपियो को गिरफ्तार करने में पुलिस को मिली सफलता

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थाना देवरी व साइबर सेल की पुलिस टीम के द्वारा 06 आरोपियो को 24 घंटे के अंदर भिलाई से किया गिरफ्तार

पुलिस महानिरीक्षक दुर्ग, रेंज दुर्ग अभिषेक शांडिल्य, पुलिस अधीक्षक जिला बालोद योगेश पटेल के निर्देशन व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन व उप पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) बालोद श्रीमति श्रुती सिंह के पर्यवेक्षण में थाना देवरी क्षेत्र में घटित प्राण घातक हमला में गंभीर रूप से घायल गौकरण साहू पिता स्व.नारायण साहू निवासी सम्बलपुर चौकी पिनकापार थाना देवरी जिला बालोद कोे उसके घर के अंदर घुसकर प्राणघातक वार कर गंभीर चोंट पहुंचाने कि सूचना पर घटना की गंभीरता को लेते हुए पुलिस अधीक्षक बालोद के द्वारा अज्ञात आरोपियो को पकड़ने हेतु थाना देवरी व साइबर सेल से विशेष टीम बनाया गया।

मामले का विवरण इस प्रकार है कि थाना देवरी चौकी पिनकापार क्षेत्र के ग्राम संबलपुर में देर रात ग्राम सम्बलपुर के एक युवक पर अज्ञात आरोपी द्वारा घर में घुसकर लाठी, डंडा से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आने पर घटना के बाद गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल परिजन के द्वारा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। प्रार्थियॉ की रिपोर्ट पर थाना देवरी मे अपराध क्रमांक 101/2026 धारा 109, 332(2),191(3) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर थाना प्रभारी मनीष शेंडे थाना स्टाफ ,फारेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड ,साइबर सेल टीम तत्काल पहुचकर घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक संसूचना एवं तकनीकी साक्ष्य व घटना स्थल तथा आसपास के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर उसकी बारिकी से जांच कर अज्ञात आरोपियो के संबंध में जानकारी प्राप्त हुआ। जांच के दौरान घटना समय में घायल गौकरण साहू के बाजू मे सोई नाबालिक पुत्री से बारिकी से पूछताछ करने पर मात्र इतना पता चला कि एक व्यक्ति को घटना के बाद पीछे से भागते देखा है। बच्ची छोटी होने से अज्ञात आरोपी का स्पष्ट हुलिया नही बता पा रही थी जो पुलिस के लिए खोज का विषय हो गया था।

तब एक विशेष टीम गठित कर टीम के द्वारा लोकल गांव में पतातलाश एवं तकनीकी साक्ष्य एवं सीसीटीवी फुटेज से मिले सबूतो के आधार पर एक टीम तत्काल दुर्ग भिलाई की ओर रवाना हुआ और टीम का दूसरा हिस्सा लोकल सूचना में लगा था। भिलाई ,मरोदा गये टीम द्वारा संदेही भानूप्रताप जैन को पकड़कर बारिकी से पूछताछ करने पर घटना दिनांक की रात्रि को 02 मोटरसायकल से अपने अन्य 04 साथी के साथ मरोदा से घटना स्थल ग्राम संबलपुर पहुचने से पहले अपने एक और साथी बहेराभाठा निवासी को मदद हेतू साथ होना बताया आरोपी भानुप्रताप जैन को कड़ाई से पूछताछ करने पर आहत गौकरण साहू की पुत्री से करीब डेढ साल पूर्व आरोपी भानूप्रताप जैन निवासी खपराभाट की जान पहचान के चलते आहत गौकरण साहू ने आपत्ति दर्ज कराते हुए आरोपी भानूप्रताप जैन को अपने घर में बुलाकर आरोपी व उसके माता-पिता के साथ गाली गलौच कर बेईज्जत करने की बात से रंजिश रखा था, जिसके चलते आरोपी भानुप्रताप को उसके माता पिता ने टंकी मडौदा अपने नानी के घर रहने भेजा था फिर भी आरोपी भानुप्रताप जैन ने मन में बदले की भावना रखते हुए दिनांक 30.06.2026 को योजनाबद्ध तरिके से भिलाई से अपने 06 साथियो के साथ घटनास्थल पहुचकर 02 साथी को घर के बाहर निगरानी करना तथा 04 लोग घर के अंदर घुसकर हाल में सोए गौकरण साहू के ऊपर बांस के डंडा व लकड़ी के राफ्टर से कई बार उसके सिर, पीट, कमर, में वार किये मारपीट की आवाज सुनकर गौकरण साहू की 13 साल की पुत्री जग गई जिसे देखकर भानूप्रताप, दिनेश, दीपेश, कुंदन नीरज, तुषार सभी वहां से भाग खड़े हुए। घटना में प्रयुक्त सभी आलाजरब एवं मो. सायकल व स्कूटी को आरोपियो के कब्जे से जप्त कर लिया गया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर ज्युडिशियल रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है। *गिरफ्तार आरोपियो के नाम व पता-

* 1. भानूप्रताप जैन पिता युवराज जैन उम्र 18 साल निवास खपराभाट हाल अम्बेडकर चौक टंकी मडौदा थाना नेवई।* 2. *नीरज रस्तोगी पिता स्व. अमित रस्तोगी उम्र 18 साल निवासी गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 3. *तुषार निर्मलकर पिता कुमार निर्मलकर उम्र 20 साल निवासी बजरंग चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 4. *दिनेश ढीमर पिता स्व. पुसऊ ढीमर उम्र 25 साल निवासी गौरी गौरा चौक टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग।* 5. *कुंदन यादव यादव पिता संतोष यादव उम्र 18 साल निवासी गणेश चौकी टंकी मडौदा थाना नेवई जिला दुर्ग ।* 6. *दीपेश पटेल पिता जीतूराम पटेल उम्र 18 साल निवासी बहेराभाठा थाना देवरी जिला बालोद ।* आरोपियो के पतासाजी व गिरफ्तारी मे थाना प्रभारी देवरी उप निरीक्षक मनीष शेण्डे, सउनि रामप्रसाद गजबिहे, राजेश ठाकुर, खेमलाल ठाकुर, प्रआर. थलेश्वर सुधाकर, मलेश्वर नेताम, आर. दिलीप बर्मन, संतोष खुटेल, भूपतदास मानिकपुरी, सायबर सेल प्रभारी सउनि धरम भूआर्य, प्रआर. भुनेष्वर मरकाम, विवेक शाही, आर. विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, भोपसिंह साहू, संदीप यादव, आकाश दुबे, पुरन देवांगन, मिथलेश यादव, योगेश पटेल, गुलजारी साहू, की सराहनीय भुमिका रहा।

आदेश की अवहेलना पर स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सख्त

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संयुक्त संचालक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

एक स्टॉफ नर्स का प्रभार बदलने में इतनी कोताही

जगदलपुर छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ जिला शाखा बस्तर ने महारानी अस्पताल में जारी संशोधित प्रशासनिक आदेशों का पालन नहीं किए जाने के मामले को गंभीर बताते हुए संभागीय संयुक्त संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं, बस्तर संभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

संघ ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जगदलपुर द्वारा 18 मई 2026 को जारी संशोधित आदेश के तहत स्टाफ नर्स रीमा दानी को मेल वार्ड प्रभारी के दायित्व से मुक्त कर सामान्य स्टाफ नर्स के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए गए थे। काफी लंबा समय बीत जाने के बाद भी उक्त आदेश का पालन नहीं कराया गया है।संघ का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी 27 मई तथा 15 जून को पत्र एवं स्मरण पत्र देकर संबंधित अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया था, लेकिन लगभग 45 दिन बीत जाने के बाद भी न तो आदेश का पालन सुनिश्चित किया गया और न ही किसी प्रकार की प्रशासनिक कार्रवाई की गई। संघ ने आरोप लगाया है कि यदि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आदेशों का पालन ही नहीं होगा, तो प्रशासनिक व्यवस्था और अनुशासन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

यह स्थिति शासन के आदेशों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य अधिकारी कर्मचारी संघ ने संभागीय संयुक्त संचालक से मांग की है कि संबंधित संशोधित आदेश का तत्काल पालन सुनिश्चित कराया जाए तथा आदेशों की अवहेलना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि अस्पताल में प्रशासनिक व्यवस्था एवं अनुशासन कायम रह सके।

बकावंड में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने में जुटे बीईओ चंद्रशेखर यादव

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पाथरी संकुल के प्रधान पाठकों की हुई बैठक

बकावंड विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव के निर्देश पर बकावंड ब्लॉक के पाथरी संकुल में समस्त विद्यालयों के प्रधान पाठकों की बैठक आयोजित की गई।

बैठक में निर्देश दिए गए कि सभी विद्यालयों में वीएसके एप, विनोबा एप, मध्यान्ह भोजन तथा अन्य ऑनलाइन प्रविष्टियां प्रतिदिन एवं समय पर 100 प्रतिशत पूर्ण करें। विद्यालय परिसर एवं कक्षाओं की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर गुणवत्तापूर्ण मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराया जाए। विद्यार्थियों का अध्ययन, अध्यापन नियमित, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से किया जाए। शासन के सभी निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में संबंधित संकुलों के प्रधान पाठक, संकुल समन्वयक, विकासखंड स्तरीय अधिकारी तथा संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच भी उपस्थित रहे।

तेन्दूपत्ता संग्राहकों की समृद्धि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: वन मंत्री केदार कश्यप

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7.14 लाख संग्राहकों को 162.32 करोड़ की प्रोत्साहन राशि वितरित

वन, वनवासी और सहकारिता के समन्वित मॉडल से छत्तीसगढ़ बना देश के लिए उदाहरण

रायपुर सहकारिता सप्ताह एवं अंतरराष्ट्रीय सहकारिता दिवस के अवसर पर इंदिरा गांधी क़ृषि विश्वाविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए ऐतिहासिक पहल करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में वर्ष-2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों को 162.32 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर वर्ष-2026 के उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों, वन धन विकास समितियों तथा महिला स्व-सहायता समूहों को सम्मानित किया गया और वन धन विकास केंद्रों के नए उत्पादों का लोकार्पण एवं पुस्तक का विमोचन भी किया गया।

कार्यक्रम में वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि तेंदूपत्ता केवल एक वनोपज नहीं, बल्कि लाखों आदिवासी एवं वनवासी परिवारों की आजीविका, सम्मान और आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि वनवासियों की मेहनत का लाभ सीधे उनके खातों तक पहुंचे। यही कारण है कि प्रदेश में वनोपज आधारित अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और वनांचल के परिवार आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज सहकारी संघ अब केवल तेंदूपत्ता व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश के लगभग 13.50 लाख लघु वनोपज संग्राहक परिवारों के आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक उत्थान का सशक्त माध्यम भी बन चुका है। संग्राहकों को पारिश्रमिक, लाभांश, सामाजिक सुरक्षा, छात्रवृत्ति, चरण पादुका वितरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज खरीदी जैसी अनेक योजनाओं का लाभ निरंतर उपलब्ध कराया जा रहा है।वन एवं सहकारिता मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सरकार की नीति केवल संग्रहण तक सीमित नहीं है, बल्कि इमली, महुआ, साल बीज, हर्रा, बहेरा और चिरौंजी जैसे लघु वनोपजों के मूल्य संवर्धन, प्रसंस्करण एवं विपणन के माध्यम से वनवासियों की आय बढ़ाने पर विशेष बल दिया जा रहा है। प्रदेश में संचालित 155 वन धन विकास केंद्र स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार कर रहे हैं। कार्यक्रम में गरियाबंद और महासमुंद जिला यूनियनों के छह तेंदूपत्ता संग्राहकों को वर्ष-2023 की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि का प्रतीकात्मक वितरण किया गया। वहीं गरियाबंद, महासमुंद एवं कटघोरा के उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मिला सहकार प्रेरणा पुरस्कार

इस अवसर पर जगदलपुर, नारायणपुर, जशपुर, गरियाबंद और कटघोरा की पांच उत्कृष्ट वन धन विकास समितियों को “सहकार प्रेरणा पुरस्कार” से सम्मानित किया गया। साथ ही जशपुर, गरियाबंद, कटघोरा, धमतरी और कांकेर के महिला स्व सहायता समूहों को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए लाभांश राशि भी प्रदान की गई।

5 नए हर्बल प्रोडक्ट लांच

कार्यक्रम में वन धन विकास केंद्रों द्वारा तैयार पांच नए हर्बल उत्पादों का लोकार्पण किया गया तथा “वन धन विकास केंद्र; आदिवासी सशक्तिकरण की बदलती तस्वीर, छत्तीसगढ़” पुस्तक का विमोचन भी किया गया। यह पुस्तक राज्य में सहकारिता, लघु वनोपज आधारित आजीविका और आदिवासी सशक्तिकरण के सफल मॉडल का महत्वपूर्ण दस्तावेज बनेगी। मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार वन, वनवासी और सहकारिता को विकास की नई धुरी बनाकर आगे बढ़ रही है। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि जंगल की समृद्धि का सबसे बड़ा लाभ जंगल से जुड़े परिवारों को मिले, वनवासियों की आय में निरंतर वृद्धि हो और छत्तीसगढ़ देश में सहकारिता आधारित समावेशी विकास का अग्रणी मॉडल बनकर स्थापित हो।

125 दिनों का मिलेगा गारंटीशुदा रोजगार, बालोद में विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन का शुभारंभ

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बालोद, 2 जुलाई। विकसित भारत गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (वीबी-जी राम जी) के शुभारंभ अवसर पर गुरुवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास एवं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वर्चुअल माध्यम से किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन लाल साहू, एथलेटिक्स संघ के उपाध्यक्ष सौरभ लुनिया सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर एवं जिला पंचायत उपाध्यक्ष तोमन लाल साहू ने कहा कि यह मिशन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और गांवों के समग्र विकास को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बताया कि विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना के तहत अब प्रत्येक पंजीकृत ग्रामीण परिवार को 100 दिनों के स्थान पर 125 दिनों का मांग आधारित गारंटीशुदा रोजगार मिलेगा।

साथ ही प्रदेश में मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी 261 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी।मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुनील कुमार चन्द्रवंशी ने बताया कि योजना के तहत मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर किया जाएगा तथा रोजगार की मांग मिलने के 15 दिनों के भीतर कार्य उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए प्रशासनिक व्यय की सीमा 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत कर दी गई है। मिशन के अंतर्गत जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना विकास, आजीविका संवर्धन एवं कौशल विकास से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए जीआईएस, ई-केवाईसी तथा बायोमेट्रिक प्रणाली का उपयोग किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा निर्धारित 60 दिनों के कृषि अवकाश का प्रावधान भी यथावत रहेगा।

योजना बनाकर लूट की घटना को अंजाम देने वाला आरोपी को बालोद पुलिस ने किया गिरफ्तार

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झलमला रानीमाई तालगांव रोड पर प्रार्थी से आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर चाूक दिखाकर डराकर लूटे 4,500 रू एवं स्मार्ट फोन।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि प्रार्थी रामेश्वर साहू पिता स्व. मोहन लाल साहू उम्र 27 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 07 कोरर, थाना कोरर जिला कांकेर के द्वारा

दिनांक 28.06.2026 को थाना उपस्थित आकर मौखिक बताकर प्र.सू.प. दर्ज कराया कि दिनांक 13.06.2026 को अपने मोटर सायकल से राजनांदगांव मोटर पार्टस सामान खरीदने 5,000/- रूपए लेकर गया था मोटर पार्टस का सामान नहीं मिला और 500/- रूपए खर्च कर लिया और शेष रकम 4500/- रूपए को अपने पैंट के जेब में रखकर वापस बालोद झलमला रानीमाई तालगांव रोड तरफ से जा रहा था और कुछ दूरी पर अपने मोटर सायकल को खड़े कर शौच कर वापस मोटर सायकल के पास आया दिनांक 14.06.2026 को प्रातः 04ः00 बजे मोटर सायकल में सवार में 04 लड़के आए और उनमें से 01 लम्बा लड़का मुझे डंडा से मेरे पीठ में मारपीट करने लगा तथा 01 छोटे कद का लड़का अपने पास रखे चाकू को मेरे गले के पास टीका कर जान से मारने की धमकी देकर पैंट के जेब में रखे 4500/- रूपए एवं स्मार्ट फोन मोटोरोला मोबाईल जिसमें जीओ सिम नं. 7869330717 को लूटकर भाग गए की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 311/2026 धारा 309(6) अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुऐ पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के मार्गदर्शन में, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालोद मोनिका ठाकुर एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बालोद बोनीफॉस एक्का के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा द्वारा थाना स्तर पर तत्काल टीम तैयार किया गया। गठित टीम द्वारा मुखबिर लगाकर आरोपियां का पता तलाश किया जा रहा था कि आरोपी सचिन सिंह राजपूत पिता महेम्बर सिंह उम्र 18 वर्ष 02 माह पता वार्ड क्र. 21, राजहरा थाना राजहरा जिला बालोद मिलने पर पुछताछ किया जो गोल मोल जवाब दे रहा था अततः टूटकर बताया कि दिनांक 13.06.2026 को रात्रि 11ः00 बजे इनका दोस्त मोटर सायकल लेकर आया और चिखलाकसा चलना है बोला तब यह उनके मोटर सायकल के पीछे बैठ कर चिखलाकसा तालाब के पास पहुंचे तो वहां पर दो और दोस्त बैठे थें के साथ योजना बनाए कि चलो किसी व्यक्ति को लूटेंगे सोंच कर चारो 01 मोटर सायकल में बैठकर रात्रि में दल्लीराजहरा से घूमते हुए बालोद आए। बालोद से झलमला रानीमाई तालगांव रोड तरफ जा रहे थे कि दिनांक 14.06.2026 को सुबह 04ः00 बजे 01 मोटर सायकल जिसका नं. मुझे नहीं मालुम है अपने मोटर सायकल को लेकर रानीमाई तालगांव रोड तरफ जा रहा था और कुछ दूरी पर अपने मोटर सायकल को खड़ा कर रूके थे जिसे देखकर हम चारो उनके पास पहुंचे और इनका दोस्त डंडा को उठाकर उनके पीठ पर मारा और चाकू से उनके गला पर टीकाकर जान से मारने की धमकी देकर उनके पैंट के जेब में रखे 4500/- रूपए जिसमें 500 का 09 नोट था एवं स्मार्ट फोन मोटोरोला कम्पनी को मोबाईल को लूटकर अपने पास रख लिया फिर उसके बाद हम चारो मोटर सायकल से झलमला-बालोद होते हुए वापस दल्लीराजहरा जाते समय लूटे हुए मोबाईल को रास्ते में फेक देना तथा दल्लीराजहरा पहुंचकर लूटे हुए पैसे को चारो 01-01 हजार रूपए बटवारा किए हैं और 500/- रूपए का चाय नास्ता में खर्च हो जाना बताये आरोपी से घटना में उपयोग किए चाकू को जप्त किया गया है। आरोपी द्वारा अपराध घटित करना पाये जाने से विधिवत् दिनांक 30.06.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुरे प्रकरण में विवेचना एवं आरोपी के पतासाजी में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा, सउनि गौकरण भंडारी, सायबर सेल प्रभारी धरम भुआर्य एवं थाना बालोद व सायबर स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

नाम आरोपीः- सचिन सिंह राजपुत पिता महेम्बर सिंह उम्र 18 वर्ष 02 माह पता वार्ड क्र. 21 रेल्वे कॉलोनी दल्लीराजहरा थाना दल्लीराजहरा जिला बालोद (छ.ग.)

फारेस्ट गार्ड के पास करोड़ों की संपत्ति और आलीशान बंगला

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वनरक्षक पर डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप

एडीएम को संपत्ति की जांच और एसपी को एफआईआर के निर्देश

झड़फूंक के बहाने महिला से ऐंठe डेढ़ करोड़, महिला आयोग ने लिया एक्शन

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में एक ऐसा भी फारेस्ट गॉर्ड है जो हर महीने महज 43 हजार रुपए की पगार पाता है, मगर वह आज करोड़ों की संपत्ति का मालिक बन गया है। उसने गांव में आलीशान बंगला भी बनवा लिया है। इस वन रक्षक तंत्र मंत्र और झड़फूंक के बहाने एक महिला से डेढ़ करोड़ रुपए ऐंठ लेने के भी आरोप लगे हैं। यह फारेस्ट गॉर्ड अब राज्य महिला आयोग के शिकंजे में आ गया है। पीड़ित महिला की शिकायत पर सुनवाई के बाद महिला आयोग ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को संबंधित फारेस्ट गॉर्ड की संपत्ति की जांच करने और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

यह सनसनीखेज मामला सुकमा और बीजापुर जिलों से सामने आया है। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डाॅ. किरणमयी नायक एवं प्रभारी सदस्य दीपिका शोरी, सह प्रभारी ओजस्वी मंडावी ने सुकमा कलेक्ट्रेट के सभा कक्ष में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। डाॅ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर 406 एवं जिले के 10 प्रकरणों पर सुनवाई हुई। जबकि प्रकरणों की संख्या 14 थी। सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि अनावेदकों ने आवेदिका को झाड़ फूंक, तंत्र-मंत्र, पूजा-पाठ के नाम पर लगातार धोखा दिया और उससे लगभग 7 साल में डेढ़ करोड़ रूपए की धोखाधड़ी की। इस रकम से अनावेदकों ने जमीन खरीदी और मकान बनाया साथ ही एक और जमीन के दस्तावेज को रख लिया है। इनमें से एक अनावेदक कांगेर घाटी में वन रक्षक के पद पर कार्यरत है। इस वन रक्षक का मासिक वेतन 43 हजार रूपए बताया गया है। ऐसी दशा में शासन से अनुमति बगैर इतनी संपत्ति कैसे खरीदी और इसके लिए पैसा कहां से आया है तथा आड़ावाल के कुसुमपाल में 40 से 50 लाख का मकान कैसे बनाया? यह जांच का विषय है। आवेदिका के अनुसार अनावेदकों ने पहले आई-10 गाड़ी खरीदी। वर्तमान में लग्जरी कार खरीद ली है। आवेदिका के डरा धमका कर दोनों अनावेदकों ने बड़ी संपत्ति बन ली है। अनावेद फारेस्ट गार्ड के पद पर शासकीय सेवा में कार्यरत है।

अतः इतनी बड़ी मात्रा में आवेदिका से पैसा ऐंठ कर बनाई गई संपत्ति की जांच व मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। आयोग ने इस मामले में एडीएम सीपी बघेल को इन अनावेदकों की समस्त संपत्ति की जांच व मूल्यांकन करने तथा मुख्य अनावेदक फारेस्ट विभाग से सम्पत्ति खरीदने के कागजात की रिपोर्ट एक माह में आयोग के पास भेजने की अनुशंसा की गई। इस मामले में आवेदिका का अनावेदक के विरूद्ध डेढ़ करोड़ के धोखाधड़ी का मामला आया है। अतः इस मामले में एसपी जगदलपुर को अनुशंसा भेजी गई है। कि वह इन अनावेदकों के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखधडी की जांच कर एफआईआर दर्ज कराएं तथा एडीएम की जांच के बिंदुओं को भी एफआईआर में उल्लेखित करें। दोनों तरह की जांच के आधार पर अनावेदकों के खिलाफ एफआईआर लिखे और एक माह के अंदर आयोग को अनुशंसा भेजें। दोनों अधिकारियों से अवश्यकता अनुसार चर्चा करने व आयोग में रिपोर्ट जमा करने आयोग के सदस्य ओजस्वी मंडावी व दीपिका शोरी को अधिकृत किया गया वन।रक्षके के खिलाफ डेढ़ करोड़ की धोखाधड़ी मामले में अपर कलेक्टर जगदलपुर को संपत्ति जांच और पुलिस अधीक्षक जगदलपुर को निर्देश दिया गया।

7 साल तक किया शोषण, अब करेगा शादी

अन्य प्रकरण अनावेदक द्वारा आवेदिका का 7 साल से शारिरिक शोषण करने से जुड़ा था। आवेदिका जब नाबालिग थी, तबसे अनावेदक उसका दैहिक शोषण करता आ रहा है। नाबालिग आवेदिका का वह गर्भपात भी कराता रहा है। एमपीएम हाॅस्पिटल धरमपुरा से अवेदिका का एबार्सन कराया गया। इन सभी तथ्यों को अनावेदक ने स्वयं स्वीकार किया है। लंबे समय से अनावेदक द्वारा आवेदिका को शादी का प्रलोभन दिया जाता रहा है। इस पर आवेदिका उसके खिलाफ आपराधिक मामला पंजीबद्ध कराना चाहती है।

आयोग ने कहा कि सिटी कोतवाली थाना जगदलपुर अनावेदक के खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर दर्ज करवाए। इस बात को सुनते ही अनावेदक ने प्रस्ताव रखा कि वह आवेदिका के साथ शादी करने के लिए तैयार है। अनावेदक के साथ उपस्थित उसके रिश्तेदार ने आयोग के समक्ष जिम्मेदारी ली है कि वह अनावेदक का विवाह आवेदिका से कराएंगे। आवेदिका की ओर से उसके चाचा व रिश्तेदार उपस्थित थे। यदि अनावेदक आवेदिका से विवाह करता है तो आवेदिका और उसके परिजन तैयार हैं लेकिन वह विवाह से इंकार करता है तो ऐसी दशा में अनावेदक के खिलाफ थाना तोंगपाल, सुकमा में अनावेदक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा सकेगी। आयोग की आर्डर शीट की काॅपी सबूत के तौर पर दे सकेगी। महिला आयोग की सदस्य दिपीका शोरी विवाह की साक्षी रहेंगी। इस अनुशंसा के साथ प्रकरण विवाह होने तक स्थगित रखा गया। विवाह हो जाने के बाद प्रकरण नस्तीबद्ध किया जाएगा।

सांसद बनने के बाद भी नहीं छूटा जमीन से जुड़ाव, खेत जोतते नजर आए सांसद महेश कश्यप

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पुश्तैनी किसानी परंपरा को आज भी जीवंत रखे हुए हैं बस्तर सांसद कश्यप

परिवार के साथ मिलकर स्करते हैं जोताई, रोपाई और बोआई

जगदलपुर मानसून की पहली फुहारों के साथ ही जहां पूरे देश और प्रदेश के किसान अपने खेतों की ओर रुख कर चुके हैं, वहीं बस्तर संसदीय क्षेत्र से एक बेहद खास और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप राजनीति की चकाचौंध से दूर,एक आम किसान की तरह अपने खेतों में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। वे खुद ट्रैक्टर से अपने खेत जोतने में लगे हुए हैं।

सांसद महेश कश्यप का परिवार पीढ़ियों से कृषि कार्य से जुड़ा हुआ है। पुरखों के समय से चली आ रही इस पारंपरिक किसानी को उन्होंने सांसद बनने के बाद भी नहीं छोड़ा है। अमूमन वीआईपी संस्कृति के दौर में जहां जनप्रतिनिधि खेतों से दूरी बना लेते हैं, वहीं महेश कश्यप आज भी अपने परिवार के साथ मिलकर खेतों की जोताई, फसलों की रोपाई, बुवाई, निराई गुड़ाई और कटाई का कार्य स्वयं करते हैं। सांसद महेश कश्यप ने कहा कि किसानी मेरा मूल आधार है और मिट्टी से मेरा जुड़ाव ही मेरी असली ताकत है।

पद आते जाते रहते हैं, लेकिन जो हमारा मूल काम है, उसे कभी नहीं भूलना चाहिए। बस्तर का विकास और यहां के किसानों की खुशहाली ही मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बस्तरवासियों और किसानों के बीच सांसद का यह सादगीपूर्ण अंदाज चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपने सांसद को इस तरह आम किसान के रूप में खेतों में काम करते देखना गर्व की बात है, जिससे यह साबित होता है कि वे सही मायनों में माटीपुत्र हैं।

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