12 गाँव पठार वाली रानी मां प्रागंण में 15 लाख का टीना शेड निर्माण का भूमि पूजन किया गया इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती तारणी पुष्पेंद्र चंद्राकर जी, कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में तोमन साहू जी उपाध्यक्ष जिला पंचायत बालोद, –
पूजा
छ ग़ रेड क्रॉस सोसायटी के चेयरमैन, एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में दिनेश सिन्हा जी, उपाध्यक्ष जनपद पंचायत बालोद, धर्मेंद्र साहू जी अध्यक्ष भाजपा मंडल कारहिभदर, श्रीमती निशा युवराज अटनागर जी सरपंच ग्राम पंचायत नर्रा, श्रीमती महेश्वरी पारस उर्वर्सा सरपंच ग्राम पंचायत जमरूवा, भजन सिंह नागवंशी जी सरपंच ग्राम पंचायत मुल्लेगुड़ा, एवं भाजपा के समस्त पदाधिकारी ज्येष्ठ श्रेष्ठ कार्यक्रम तथा मंदिर समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।टीना शेड निर्माण की स्वीकृति के लिए ग्रामीणों एवं पंचायत के सदस्यों तथा समिति के सदस्यों ने आभार व्यक्त किया।
पुलिस अधीक्षक बालोद के निर्देशन में बालोद पुलिस को मिली मालीघोरी के घर व किराना दुकान में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार करने में मिली कामयाबी।
गोवर्धन पूजा के रात हुई थी प्रार्थी के घर वा दुकान का शटर का ताला तोड़ कर चोरी आरोपी द्वारा किया था सोने ,चांदी के जेवर वा नगदी रकम की चोरी ।
साइबर सेल बालोद व थाना बालोद से बनी थी विशेष टीम
आरोपी के कब्जे से 04 नग सोने के फुल्ली, एक जोड़ी सोने का कान की बाली , दो नग बच्चे का सोने का लॉकेट, बरामद
पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल (भा.पु.से) के मार्गदर्शन में , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर व उप पुलिस अधीक्षक बालो देवांश सिंह राठौर वा डीएसपी राजेश बागड़े के प्रवेक्षण में थाना प्रभारी बालोद निरीक्षक शिशुपाल सिन्हा के साथ साइबर सेल से एक टीम गठित कर चोरी के आरोपी की पतासाजी हेतु लगाया गया था। चोरी की सूचना पर प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना बालोद में अपराध क्रमांक 461/2025 धारा 331(4),305(a ) BNS कायम कर विवेचना में लिया गया। गठित टीम द्वारा मालीघोरी घटना स्थल पहुंच कर डॉग स्कॉट व साइबर सेल टीम थाना बालोद स्टॉप द्वारा घटना स्थल से सन सूचना प्राप्त कर आस पास गांव के सीसीटीवी कैमरे का फुटेज चेक कर अज्ञात आरोपी के संबंध में जानकारी प्राप्त किया गया । टीम द्वारा लगातार प्रयास से संदेही का पता चला जिसे पकड़ कर पूछताछ करने पर चोरी की घटना करना बताया। आरोपी के कब्जे से 04 नग सोने के फुल्ली, एक जोड़ी सोने का कान की बाली , दो नग बच्चे का सोने का लॉकेट, जप्त किया गया है आरोपी को आज दिनांक 07 .11.2025 गिरफ्तार कर ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा गया है।
गिरफ्तार आरोपी- 1. नाम देवकुमार देशमुख उम्र 25 साल पता मालीघोरी थाना बालोद जिला बालोद (छ. ग) अज्ञात चोरी के केस को सुलझाने व चोरी के अज्ञात आरोपी पकड़ने में थाना प्रभारी बालोद से निरीक्षक श्री शिशुपाल सिन्हा, साइबर सेल प्रभारी स०उ०नि० धरम भुआर्य, प्रधान आरक्षक दुर्योधन यादव,प्रधान आरक्षक विवेक शाही, आरक्षक नागेश साहू,आरक्षक पुरण देवांगन,भोप साहू, विपिन गुप्ता ,राहुल मनहरे आकाश दुबे, का विशेष सराहनीय योगदान रहा।
पीसीसी अध्यक्ष बैज ने बाईक चलाकर दिखाई केशकाल घाट की जमीनी हकीकत
बदहाल सड़क पर बुलेट बाईक चलाते दिखे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज
अर्जुन झा-
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने मोटर साइकिल की सवारी करते दिखे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को चैलेंज दिया है कि वे एकबार केशकाल घाट की सड़क पर भी बाईक चलाने का साहस दिखाएं, इस सड़क से गुजरने वालों का दर्द स्वयं महसूस करें। दीपक बैज ने केशकाल घाट पर खुद बाईक चलाते हुए मुख्यमंत्री को यह बड़ी चुनौती दी है।
दरअसल जगदलपुर-रायपुर नेशनल हाईवे काफी बदहाल हो चुका है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत केशकाल घाट में कुछ ज्यादा ही खराब है। पूरे मार्ग पर बड़े बड़े गड्ढे हो गए हैं और धूल उड़ती रहती है। सड़क की बदहाली के कारण यहां पर आएदिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। राजधानी को बस्तर संभाग से जोड़ने वाला यही की एकमात्र सड़क मार्ग है। सड़क की बदहाली से सभी परेशान हैं। एक दिन पहले ही केशकाल और आसपास के व्यापारियों ने दुकानें तथा बाजार बंद रख बड़ा प्रदर्शन किया था। इसके बाद लोगों के दर्द को महसूस करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और बड़ी संख्या में कांग्रेस के लोग सड़क पर उतर आए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बुलेट बाईक तथा अन्य कांग्रस कार्यकर्ताओं ने दूसरी बाईक चलाते हुए केशकाल घाट की खतरनाक सड़क पर सफर किया। इस दौरान पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री और अन्य मंत्री हवाई सफर कर बस्तर आते हैं, उन्हें बस्तर संभाग के लोगों की तकलीफ पता नहीं है।
मुख्यमंत्री साय तो राजधानी की चमकदार सड़क पर बाईक चला कर फोटो सेशन करा लेते हैं। एकबार वे आसमान से उतर कर केशकाल घाट आएं और यहां बाईक चलाकर दिखाएं। यहां पांच माह से लोग सड़क की दुर्दशा का दंश लोग झेलते आ रहे हैं, साय सरकार को इसकी जरा भी चिंता नहीं है। लोगों के वाहन गड्ढों की वजह से दुर्घटना का शिकार बन रहे हैं। पूरे रास्ते में धूल उड़ती रहती है। श्री बैज ने कहा कि कई बार आंदोलन हुआ, चक्काजाम किया गया, लेकिन सरकार की नींद नहीं टूटी। कल ही व्यापारियों और नागरिकों ने चक्काजाम किया था। दीपक बैज ने कहा कि सरकार जागे, सड़क को तुरंत सुधारे।*बॉक्स**20 से शुरू होगा सड़क नवीनीकरण कार्य*केशकाल की जर्जर सड़क को लेकर गुरुवार को हुए नगर बंद के बाद प्रशासन की ओर से एक राहत भरी खबर सामने आई है। तकनीकी खामियों के कारण लंबित टेंडर प्रक्रिया अब लगभग पूरी होने वाली है। 3.8 किलोमीटर की इस सड़क के लिए 8.19 करोड़ की लागत से प्राप्त निविदाएं 7 नवंबर की सुबह 11:30 बजे खोली गईं। दरअसल व्यापारी संघ एवं नगरवासियों द्वारा किए गए नगर बंद के बाद केशकाल एसडीएम आकांक्षा नायक ने व्यापारी संघ व नागरिकों के प्रतिनिधि मंडल की बैठक बुलाई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के एसडीओ के साथ काफी महत्वपूर्ण चर्चाएं हुईं। साथ ही सड़क नवीनीकरण से सम्बंधित कुछ ताजा अपडेट भी प्राप्त हुए है। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के एसडीओ शशिकांत द्विवेदी ने बताया कि एनएच 30 केशकाल शहर की सड़क के नवीनीकरण हेतु 8 करोड़ 19 लाख 67 हजार रुपए स्वीकृत हुए हैं। इसके लिए निविदा आमंत्रित की गई है। जिसमे कुल 6 ठेकेदारों ने भाग लिया है। एसडीएम आकांक्षा नायक ने बताया कि एनएच के एसडीओ के दिए आश्वासन के अनुसार 7 नवम्बर से पंचवटी से टाटामारी जाने वाले तिराहे तक की सड़क में बीटी पेंच मरम्मत शुरू करवा दिया गया है। इसके साथ ही निविदा प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द पूरा करके आगामी 20 नवंबर तक केशकाल शहर की सड़क के नवीनीकरण का कार्य शुरू करवाने का भरपूर प्रयास किया जा रहा है। व्यापारी संघ के सदस्य नीरज अग्निहोत्री ने बताया कि अधिकारियों से मिले आश्वासन से हम संतुष्ट हैं। चूंकि आंदोलन की रूपरेखा सैकड़ो नगरवासियों और व्यापारी संघ के पदाधिकारियों के साथ मिलकर बनाई गई है।
सिंह और वढावकर एशिया पैसिफिक क्षेत्र से लिए गए कार्यकारिणी में
जगदलपुर ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आयोजित इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन की वर्ल्ड कांग्रेस में 130 देशों के खनन, ऊर्जा, निर्माण, जहाज निर्माण, ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, वस्त्र और रासायनिक उद्योगों से जुड़ी यूनियनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। भारतीय श्रमिक नेताओं ने भी इसमें शिरकत की। इस दौरान श्रमिक अधिकारों, औद्योगिक एकता और न्यायपूर्ण एवं सतत विकास जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया तथा आगामी चार वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी का निर्वाचन हुआ। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन वर्ल्ड कांग्रेस को संबोधित करते हुए मज़दूरों की एकजुटता और यूनियन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने इंडस्ट्रीयल महासचिव एटले होए और उनकी टीम को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह कांग्रेस इस बात का प्रतीक है कि मज़दूर आंदोलन की भावना सीमाओं से परे है। प्रधानमंत्री ने ऑस्ट्रेलियाई यूनियनों के योगदान की सराहना की और कहा कि आज की अस्थिर वैश्विक परिस्थितियों में वैश्विक चुनौतियों का समाधान केवल वैश्विक एकजुटता से ही संभव है।उन्होंने सरकार द्वारा किए गए प्रमुख औद्योगिक सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य यूनियन मूल्यों न्याय, समानता और गरिमा को व्यवहार में लाना है। वर्ल्ड कांग्रेस में इंडस्ट्रीयल ग्लोबल यूनियन का नेतृत्व नवनिर्वाचित अध्यक्ष क्रिस्टियाना बैनर और महासचिव एटले होए ने की। इंटक के राष्ट्रीय महामंत्री और इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन के महासचिव डॉ. संजय कुमार सिंह व हिंद मज़दूर सभा के संजय वढावकर को एशिया पेसिफिक क्षेत्र से कार्यकारिणी में चुना गया। कांग्रेस में इंडियन नेशनल इलेक्ट्रिसिटी वर्कर्स फेडरेशन से डॉ. संजय कुमार सिंह, इंडियन नेशनल माइन वर्कर्स फेडरेशन से कुमार जयमंगल व अनुपमा सिंह, इंडियन नेशनल स्टील, मेटल, मेटल माइन एंड इंजीनियरिंग एम्प्लाइज फेडरेशन से आशीष यादव तथा इंडियन नेशनल गारमेंट वर्कर्स फेडरेशन से रुक्मणी वीपी शामिल हुए।
सेजेस कुसुमकसा में ‘ वंदे मातरम’ के 150 वीं वर्षगांठ पर स्मरण उत्सव मनाया गया
राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वी वर्षगांठ पर सेजेस अंग्रेजी माध्यम विद्यालय
कुसुमकसा में स्मरणोत्सव का कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य श्रीमती सुनीता यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन के माध्यम से प्रोजेक्टर पर शाला के समस्त विद्यार्थियों , शिक्षकों को जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में दिखाया गया। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन पश्चात वंदे मातरम का गायन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य सुनीता यादव ने कहा कि ‘ वंदे मातरम’ मां भारती की आराधना है । यह आजादी के परवानों का तराना होने के साथ इस बात की भी प्रेरणा देता है कि हमें आजादी की रक्षा कैसे करनी है।मुख्य अतिथि डॉक्टर भूपेंद्र मिश्रा अध्यक्ष शाला प्रबंधन समिति ने कहा कि वंदे मातरम एक चिरस्थाई गान है। यह भारत का राष्ट्रीय पहचान और स्थाई प्रतीक है,।
जो स्वतंत्रता सेनानियों और राष्ट्र निर्माता की अनगिनत पीडिया को प्रेरित किया है। विशिष्ट अतिथि संजय बैस पूर्व जनपद सदस्य कुसुमकसा ने कहा कि बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा लिखित अमर उपन्यास आनंद मठ से लिया गया राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम भारतीय एकता का पहचान है इससे अंग्रेजों की नींद उड़ गई थी क्योंकि यह गीत क्रांतिकारियों की शक्ति और उत्साह का प्रतीक बन गया था। विशिष्ट अतिथि योगेंद्र कुमार सिन्हा भाजपा मंडल अध्यक्ष कुसुमकसा ने कहा कि वंदे मातरम राष्ट्र की सभ्यता राजनीतिक और सांस्कृतिक चेतना का अभिन्न अंग है। 150 वीं वर्षगांठ जैसे स्वर्णिम पल इस मील के पत्थर को मनाने का अवसर एकता, बलिदान और भक्ति के कालातीत संदेश की पुष्टि करने का अवसर प्रदान करता है।
व्याख्याता तामसिंग पारकर ने अपने उद्बोधन में कहा कि अंग्रेजों ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को स्कूलों में गाने पर रोक लगाई और विद्यार्थियों को दंड भी दिया गया। परन्तु गीत की गूंज नहीं रुकी, पूरे देश में आंदोलन के रूप में फैल गया। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी भूमिका निभाने के कारण ‘ वंदे मातरम’ को ‘ जन – गण – मन’ के समान दर्जा दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर डॉक्टर नसीम खान सदस्य प्रबंधन समिति, नईम कुरैशी अध्यक्ष पालक समिति, देवराज जैन तथा व्याख्यातागण संदीप नायक, आमोद त्रिपाठी, सरिता पांडे, रानू सोनी सोनम गुप्ता, शिवम गुप्ता, प्रियंका सिंह, भावना यादव, नदीम खान, त्रिशला नोनहारे, यामिनी नेताम , यशेष रावते,पूजा रात्रि ,अंकिता मानकर, होमेश्वरी भेड़िया ,गरिमा, समीक्षा, भूपेश टंडन ,प्रवीण किरनपुरे तथा प्रकाश धीवर आदि उपस्थित थे।
बालोद, दिनांक 06/11/2025 पुलिस अधीक्षक बालोद योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में एवं अति पुलिस अधीक्षक श्रीमति मोनिका ठाकुर के मार्गदर्शन में डीएसपी श्रीमति माया शर्मा के पयर्वेक्षण में जिलेभर में निरंतर जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में आज डीएसपी श्री बोनिफेस एक्का के नेतृत्व में साइबर सेल व महिला सेल बालोद के द्वारा डारन बाई तारम शासकीय महाविद्यालय गुरूर में साइबर अपराध, महिला सुरक्षा, नशामुक्ति अभियान एवं यातायात नियमों के पालन को लेकर एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को विभिन्न सामाजिक, कानूनी एवं साइबर सुरक्षा संबंधी विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
🔹 साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी
साइबर सेल बालोद से प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र द्वारा बताया गया कि अज्ञात लिंक या APK फाइल डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि इनसे मोबाइल में मालवेयर इंस्टॉल होकर बैंक संबंधी जानकारी चोरी हो सकती है।
“डिजिटल अरेस्ट” जैसे नए ऑनलाइन फ्रॉड में अपराधी स्वयं को पुलिस या किसी सरकारी एजेंसी का अधिकारी बताकर डराते हैं और पीड़ित से ऑनलाइन पैसे वसूलते हैं — ऐसे कॉल या वीडियो कॉल पर विश्वास न करने की सलाह दी गई।
फर्जी लोन ऐप्स जो अत्यधिक ब्याज दर पर कर्ज देते हैं और बाद में व्यक्तिगत फोटो या डेटा का दुरुपयोग करते हैं, उनसे सावधान रहने को कहा गया।
ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स से खरीदारी करते समय केवल विश्वसनीय प्लेटफॉर्म का उपयोग करने, नकली वेबसाइट या लिंक से बचने एवं भुगतान करते समय सावधानी बरतने के उपाय बताए गए।
बालोद पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध लिंक, कॉल या संदेश पर विश्वास न करें, और जागरूक रह कर ही डिजिटल युग में सुरक्षित रहें।
किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, हैकिंग या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in या टोल फ्री नंबर 1930 पर दर्ज करने की अपील की गई।
🔹 महिला सुरक्षा और कानूनी जागरूकता
कार्यक्रम में महिला सेल से एएसआई सीता गोस्वामी द्वारा महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के प्रति जागरूकता पर भी विशेष बल दिया गया।
छात्राओं को महिला संरक्षण संबंधी कानूनों — जैसे दहेज निषेध अधिनियम, घरेलू हिंसा से संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (POSH) अधिनियम, तथा साइबर बुलिंग और रिवेंज पोर्न जैसे अपराधों के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई।
साथ ही, महिला हेल्पलाइन नंबर 1091, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन नंबर 112 की जानकारी भी साझा की गई।
🔹 सामाजिक संदेश
इसके अतिरिक्त, उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को नशामुक्त जीवन जीने, महिलाओं के प्रति सम्मानजनक व्यवहार अपनाने, और यातायात नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
🔹 पुलिस का संदेश
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ऐसे जनजागरूकता अभियानों से समाज में सुरक्षा, संवेदनशीलता, साइबर साक्षरता और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने में मदद मिलती है।
इस जागरूकता कार्यक्रम में महिला सेल बालोद से एएसआई सीता गोस्वामी, महिला आरक्षक द्रौपति साहू साइबर सेल बालोद से प्रधान आरक्षक रूमलाल चुरेंद्र, आरक्षक रविकांत गंधर्व महाविद्यालय के प्राचार्य ख़ेम लाल रावते सहायक प्रोफेसर रोहित शोरी, श्रीमती प्रज्ञा कोरपे एवं महाविद्यालय के समस्त छात्र छात्राएं उपस्थित रहें।
बकावंड विकासखंड बकावंड अंतर्गत राजस्व निरीक्षक मंडल मूली के पटवारी हल्का नंबर 14 के बोरीगांव से जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर कुछ लोगों ने सरपंच और कोटवार की मिलीभगत से पैतृक जमीन दूसरे के पास बेच दी है। यह सरासर धोखाधड़ी का मामला है, मगर पुलिस ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
शिकायतकर्ताओं ने बताया है कि उनके दादा स्व. जानकीराम आत्मज स्व. लोकनाथ, स्व. खुटी आत्मज स्व. लोकनाथ, स्व. तुलसीराम, वैद्यनाथ आत्मज लोकनाथ के नाम से ग्राम बोरीगांव पटवारी हलका नंबर 14 में स्थित पैतृक भूमि खसरा नंबर 517 रकबा 0.31 हेक्टेयर राजस्व अभिलेख में शामिलात दर्ज था। राजस्व अभिलेख में अनावेदक गण चतुर्भुज, तुलेश्वर, लुप्तेश्वर, जोगेश्वर पिता स्व. तुलसीराम जाति ब्राहम्ण निवासी ग्राम जैबेल तहसील बकावंड व ग्राम पंचायत बोरीगांव के सरपंच पंच व कोटवार द्वारा कूटरचित कर आवेदक के दादा स्व. जानकीराम पिता लोकनाथ, स्व. खुटी पिता स्व. लोकनाथ का नाम राजस्व अभिलेख से विलोपित कर मृतकों की कोई संतान नहीं होना बताते हुए अपना नाम दर्ज कर भूमि ब्रिक्री कर दी गई है।पीड़ितों ने मांग की है कि चतुर्भुज, तुलेश्वर, लुप्तेश्वर, जोगेश्वर पिता स्व.तुलसीराम, जाति ब्राहम्ण निवासी ग्राम जैबेल व ग्राम पंचायत चोरीगांव के सरपंच पंच व कोटवार के विरूद्ध प्राथमिकी रिपार्ट दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। पीड़ितों ने इस आशय का आवेदन बकावंड थाने में दिया है, जिस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। जबकि यह धोखाधड़ी का मामला है। पीड़ितों ने अब बस्तर कलेक्टर और एसपी से न्याय की गुहार लगाई है।
रायपुर/जगदलपुर :मुख्यमंत्री सचिवालय एवं प्रदेश भाजपा कार्यालय के विश्वसनीय सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जगदलपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता शरद अवस्थी का इंद्रावती विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पद पर 2-3 दिनों के भीतर नियुक्ति हो सकती है।
स्थानीय मीडिया हैरान
लेकिन जगदलपुर के ही मीडिया में चर्चा का विषय अलग है और सच्चाई भी है क्योंकि ना इसका कार्यालय है ना कोई ऑफिस है ना स्टाफ है और ना ही फंड है, तो फिर इस ऑफिस और इस प्राधिकरण का क्या होगा और इस प्राधिकरण का अधिकार क्षेत्र में क्या होगा!
डैमेज कंट्रोल की नीति
इसे बस्तर संभाग में डैमेज कंट्रोल के रूप में देखा जा रहा है, जगदलपुर से रायपुर तक यह गर्मागर्म चर्चा चल रही है, राजनीतिक चर्चा यह भी है कि बस्तर संभाग की 12 विधानसभा में से 11 विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, दोनों लोकसभा क्षेत्र और त्रिस्तरीय पंचायती राज के समस्त पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है, एक निगम का अध्यक्ष पद बस्तर को दिया जा चुका है।
गैर जनजातीय वर्ग में नाराजगी
वहीं गैर जनजाति वर्ग की नाराजगी इस बात की भी थी कि पुराने कार्यकर्ताओं को अनदेखा किया जा रहा है, अभी तक अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष और छत्तीसगढ़ राज्य लघु वन उपज सहकारी संघ के अध्यक्ष की नियुक्ति बस्तर संभाग से हो चुकी है, कांकेर जिले के भाजपागणों की भी निरंतर उपेक्षा हो रही है, संगठन और सरकार में सामंजस्य के अभाव है, इसीलिए बस्तर संभाग की उपेक्षा, बस्तरवासियों को अब रास नहीं आ रहा है।
जमीन पर है काम आधा अधूरा, मगर फाइलों में दिखा दिया गया है पूर्ण
अर्जुन झा-
बकावंड केंद्र सरकार द्वारा संचालित जल जीवन मिशन को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने कमाई का बड़ा जरिया बना लिया है। अधिकारी और ठेकेदार काम आधा अधूरा कराते हैं और फाइलों में कार्य पूर्ण दर्शा कर पूरी स्वीकृत राशि निकाल लेते हैं। इसका बड़ा उदाहरण विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत मैलबेड़ा से सामने आया है। यहां जल जीवन मिशन के कार्य के नाम पर में 84.25 लाख रुपए फूंक डाले गए, मगर ढाई साल बीत जाने के बाद भी ग्रामीणों को आज तक एक बूंद पानी नहीं मिल पाया है। ग्राम मैलबेड़ा में सिंगल विलेज स्कीम और जल जीवन मिशन के तहत वर्ष 2023 में पेयजल व्यवस्था के लिए 84.25 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। इस राशि से गांव में 50 किलो लीटर क्षमता वाली 12 वर्ग मीटर की टंकी निर्माण, 4957 मीटर पाईप लाइन बिछाने, 230 नल कनेक्शन देने, बाउंड्रीवॉल, क्लोरिन रूम और स्विच रूम निर्माण के कार्य प्रस्तावित थे। इसका ठेका रायपुर के फर्म ए जे वेंचर को दिया गया था।
इसका कार्यादेश 29 मई 2023 को जारी हुआ था। ढाई साल बीत चुका है, लेकिन आज तक टंकी में पानी नहीं भरा जा सका है। पाइप लाइन आधी अधूरी बिछाई गई है, अधिकांश घरों में नल कनेक्शन नहीं लगाए गए हैं, टंकी सूखी पड़ी है और ग्रामीण प्यासे मर रहे हैं। टंकी परिसर में बिना दरवाजे का एक कमरा जरूर नजर आ रहा है, जो संभवतः स्विच रूम होगा, मगर जल शुद्धिकरण के लिए क्लोरिन रूम का अता पता नहीं है। जब जल ही नहीं है, तो उसका शुद्धिकरण कैसे? यह है विभागीय लापरवाही की असली तस्वीर। ग्रामीणों का कहना है कि काम पूरा होने के बाद भी ठेकेदार ने पाइप लाइन नहीं डाली, और जल जीवन मिशन को अमलीजामा पहनाने वाले विभाग पीएचई के अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं। सरकारी फाइलों में योजना पूर्ण दिखाई जा रही है, लेकिन ज़मीन पर हालात बिलकुल उलटे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं आए। 84.25 लाख की योजना अब ‘पानी’ देने की जगह खुद धूल फांक रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और विभागीय अफसरों के बीच मिलीभगत से यह स्थिति बनी है।ग्रामीणों ने मांग है कि प्रशासन तत्काल अधूरे काम को पूरा करवाए और जिम्मेदारों पर कार्रवाई करे, वरना ग्रामीण आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
वर्सन
हम जवाब चाहते हैं टंकी तो खड़ी कर दी, पर पानी का नामोनिशान नहीं है। ढाई साल बीत गए, अब जनता जवाब चाहती है। स्थानीय ग्रामीण, ग्राम मैलबेड़ा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर ज़िले में मंगलवार की सुबह एक दर्दनाक रेल दुर्घटना हुई, जब एक यात्री ट्रेन की टक्कर एक मालगाड़ी से हो गई। इस हादसे में कई यात्री घायल हुए हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा तब हुआ जब यात्री ट्रेन मुख्य लाइन पर प्रवेश कर रही थी और उसी समय सामने से आ रही मालगाड़ी से उसकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए और ट्रेन की गति अचानक रुक गई।
राहत एवं बचाव कार्य:
घटना के तुरंत बाद रेलवे प्रशासन, जिला पुलिस और SDRF की टीमों ने मौके पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है।
संभावित कारण एवं जाँच:
प्रारंभिक जाँच में सिग्नल फेल्योर या ब्रेक सिस्टम की खराबी को संभावित कारण माना जा रहा है। रेलवे ने इस घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश जारी कर दिए हैं।
रेलवे विभाग की प्रतिक्रिया:
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि हादसे की विस्तृत जाँच की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। फिलहाल रूट को साफ करने और यातायात को पुनः सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं।