जगदलपुर रावघाट अंजरेल माइंस में कार्यरत श्रमिक रविवार को अपनी रोजगार संबंधी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और श्रम विभाग के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र समाधान की मांग की।श्रमिकों ने बताया कि अंजरेल माइंस में वर्ष 2022 से कार्यरत 182 कर्मचारियों के समक्ष रोजगार का संकट खड़ा हो गया है।
जय गुरुदेव श्रमिक संघ रावघाट खदान के बैनर तले पहुंचे श्रमिकों ने बताया कि माइंस में कार्य कर रही देव माइनिंग कंपनी का एक्सटेंशन 20 जून 2026 को समाप्त हो गया है। इसके बाद कंपनी द्वारा कर्मचारियों को कार्य बंद होने की सूचना दी गई है, जिससे 182 श्रमिकों के समक्ष रोजगार और आजीविका का संकट उत्पन्न हो गया है। श्रमिकों का कहना है कि उन्हें पूर्व में आश्वासन दिया गया था कि ठेका परिवर्तन होने की स्थिति में भी सभी कर्मचारियों को रोजगार दिया जाएगा, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट व्यवस्था नहीं की गई है।
उन्होंने प्रशासन और बीएसपी प्रबंधन से मांग की है कि सभी कर्मचारियों को तत्काल रोजगार उपलब्ध कराया जाए तथा सेवा पुस्तिका, पीएफ, ईपीएफ, अनुभव प्रमाण-पत्र, बीमा, ईएसआई, चिकित्सा सुविधा और अन्य श्रमिक हितों से जुड़ी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि जब तक 182 कर्मचारियों की पुनर्नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक उनके वेतन भुगतान और अन्य दायित्वों की जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन द्वारा ली जाए। श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित प्रबंधन की होगी। श्रमिकों ने प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप कर रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रमिक कलेक्ट्रेट परिसर में उपस्थित रहे।
लोहंडीगुड़ा ब्लॉक के उलनार में आज संपन्न हुआ कार्यक्रम =अलनार में आयोजित पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास के शिलान्यास कार्यक्रम के आमंत्रण पत्र से क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज का नाम गायब होना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के प्रति भाजपा सरकार की दुर्भावना और उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है। योगेश बैज ने कहा कि भाजपा सरकार लगातार लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने का काम कर रही है।
बैज ने कहा है कि एक निर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, जो सीधे जनता द्वारा चुना गया प्रतिनिधि है, उसे उसके ही क्षेत्र के विकास कार्यों के कार्यक्रम से अलग रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल राजनीतिक द्वेष की भावना से काम कर रही है और विपक्ष के जनप्रतिनिधियों को जानबूझकर कार्यक्रमों से दूर रखने का प्रयास किया जा रहा है। यह जनादेश और लोकतांत्रिक परंपराओं का अपमान है। योगेश बैज ने कहा कि भाजपा को यह समझना चाहिए कि विकास कार्य किसी एक दल की जागीर नहीं, बल्कि जनता के अधिकार हैं। यदि सरकार जनप्रतिनिधियों का सम्मान नहीं करेगी तो जनता इसका जवाब आने वाले समय में अवश्य देगी।जिला पंचायत सदस्य योगेश बैज ने संबंधित विभाग और प्रशासन से इस पूरे मामले में स्पष्टीकरण देने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की मांग की है।
आईबीडीए के नव नियुक्त उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने समारोह पूर्वक संभाला पदभार
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में किया पदभार ग्रहण
जगदलपुर इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण (आईबीडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष शरद अवस्थी ने आज सोमवार को श्यामा प्रसाद मुखर्जी सभागार टाऊन हॉल में आयोजित पदभार ग्रहण समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप की उपस्थिति में पदभार ग्रहण किया। समारोह में बस्तर संभाग के भाजपा के पदाधिकारी कार्यकर्ता, समाज व विभिन्न संस्थाओं के प्रमुख, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। पदभार ग्रहण समारोह में अपने संबोधन में इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष श्री अवस्थी ने कहा कि बस्तर अंचल की प्राणदायिनी इंद्रावती नदी के संरक्षण का महति कार्य सभी के सहयोग से संपूर्ण जिम्मेदारी से पूर्ण करने प्रयास होगा। सिंचाई योजनाओं का धरातल पर कुशलता से क्रियान्वयन हो, जिसका अधिकाधिक लाभ हमारे बस्तर क्षेत्र के किसानों को मिले, इस हेतु योजनाबद्ध रूप से सार्थक पहल होगी।
अवस्थी ने बड़े दायित्व सौंपनें व विश्वास जताने के लिए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव व केबिनेट मंत्री केदार कश्यप का भी आभार माना।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव व मंत्री श्री कश्यप ने बस्तर बेसिन विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष शरद अवस्थी को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके दीर्घ अनुभव का लाभ बस्तर व बस्तर वासियों को मिलेगा। पदभार ग्रहण समारोह में प्रमुख रूप से सांसद महेश कश्यप, विधायक विनायक गोयल, चैतराम अट्टामी, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, ब्रेवरेज कार्पोरेशन अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी, छग अजजा आयोग अध्यक्ष रुप सिंह मंडावी, डॉ. सुभाऊ कश्यप, भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष वेदवती कश्यप, महापौर संजय पांडेय, नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, बलदेव मंडावी, प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पांडेय, पूर्व विधायक संतोष बाफना, बैदूराम कश्यप, लच्छूराम कश्यप, सुधीर पांडेय, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, आनंद मोहन मिश्रा, संतोष गुप्ता, धनीराम बारसे, विद्याशरण तिवारी, योगेंद्र पाण्डेय आदि सहित भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता, समाज प्रमुख, गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
विधायक विक्रम मंडावी ने किसानों के साथ निकाली विशाल ट्रैक्टर रैली
सरकार किसानों को उपलब्ध कराए पर्याप्त डीजल: विक्रम मंडावी
जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर से अपराजेय योद्धा एवं कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी सोमवार को ठेठ किसान अवतार में नजर आए। बीजापुर जिले में डीजल की किल्लत के चलते खेती किसानी कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इसके विरोध में आज सैकड़ों किसानों ने श्री मंडावी के नेतृत्व में बीजापुर में ट्रैक्टर रैली निकाली।विधायक श्री मंडावी स्वयं ट्रैक्टर चलाते हुए रैली में शामिल हुए।
मानसून की आमद के साथ ही खेती-किसानी के कार्य तेज होने वाले हैं, लेकिन बीजापुर जिले में डीजल की भारी कमी और लगातार बढ़ती कीमतों ने किसानों को गहरी चिंता में डाल दिया है। इस समस्या को लेकर सोमवार को बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने सैकड़ों किसानों के साथ विशाल ट्रैक्टर रैली निकाली और सरकार से तत्काल पर्याप्त डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। रैली नैमेड़ स्थित नए बस स्टैंड से शुरू हुई। सैकड़ों ट्रैक्टरों की लंबी कतार में शामिल किसान नारेबाजी करते हुए जिला मुख्यालय पहुंचे। रैली विभिन्न डीजल पंपों के सामने से होकर गुजरी, जहां किसानों ने डीजल उपलब्ध कराने की मांग की। अंत में रैली नए बस स्टैंड पर पहुंचकर सभा और धरना प्रदर्शन में परिवर्तित हो गई।किसानों ने बताया कि पंपों पर पहुंचने पर संचालक पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं दे रहे हैं। इससे खेती, किसानी के कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। किसानों ने कहा कि ट्रैक्टर खरीदने के लिए बैंक से कर्ज लेते हैं।
खेती से जो आय होती है, उसी से कर्ज चुकाते हैं। लेकिन डीजल ही नहीं मिलेगा तो खेती कैसे करेंगे और फसल कैसे बोएंगे? किसानों का यह भी आरोप है कि सरकार एक तरफ डीजल की सप्लाई नहीं कर रही, वहीं दूसरी ओर कीमतों में लगातार बढ़ोत्तरी कर रही है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और खराब होती जा रही है। रैली में शामिल लोगों को संबोधित करते हुए विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि मानसून दस्तक रहा है। किसानों को खेती-किसानी की तैयारियां करनी हैं, लेकिन अभी तक वे डीजल के लिए धक्के खा रहे हैं। सरकार को बिना किसी परेशानी के किसानों को पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराना चाहिए।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह स्थिति बनी रही तो किसानों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इसके साथ ही विधायक विक्रम मंडावी ने किसानों के साथ मिलकर जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि जिले के पेट्रोल पंपों में डीजल की भारी किल्लत है। लंबी-लंबी कतारें लग रही हैं ।
और किसान खरीफ फसल की जोताई-बुआई नहीं कर पा रहे हैं। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध कराए जाने, किसानों के ट्रैक्टरों के लिए पर्याप्त मात्रा में डीजल देने। आवश्यकता अनुसार किसानों को ड्रमों में भी डीजल उपलब्ध कराने के साथ ही कुटरू, गंगालूर, भैरमगढ़, आवापल्ली, बासागुड़ा एवं मद्देड क्षेत्रों में नए पेट्रोल पंप खोलने की भी मांग की गई है। यह भी बताया गया है कि वर्तमान में किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज नहीं मिल रहे हैं। इसलिए इनकी भी तत्काल व्यवस्था किए जाने की मांग प्रमुखता से की गई है। इस मौके पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, जिला पंचायत सदस्य लच्छू राम मौर्य, पूर्व जिला पंचायत सदस्य बसंत राव ताटी, सोमरू राम कश्यप, दशरत कुंजाम, ज्योति कुमार, नकुल ठाकुर, पुरुषोत्तम सल्लूर, सुनील उद्दे, पुरुषोत्तम खत्री, केजी सत्यम, रमेश यालम, मंगल राना, सोनू पोटाम, शंकर जुमड़े, मनोज यालम, मनोज अवलम, गीता कमल, बबीता झाड़ी, वीरेंद्र ठाकुर, शैलेश मंडावी, महेश हेमला, एजाज़ सिद्दीकी, विजय पाल शाह मंडावी, अखिलेश उप्पल, रतन कश्यप, लक्ष्मण कड़ती, लक्ष्मण कुरसम और जगदेव यादव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए किसान और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
राज्य के सभी विकासखंडों को पीछे छोड़ दिया बकावंड ने
जगदलपुर छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले ने राष्ट्रीय साधन सह योग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में सफलता की ऎसी शानदार और अभूतपूर्व इबारत लिखी है, जिसे वर्षों तक याद रखा जाएगा। कलेक्टर आकाश छिकारा और जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन के कुशल मार्गदर्शन व सटीक रणनीति की बदौलत बस्तर ने इस परीक्षा में पूरे राज्य में तीसरी रैंक हासिल कर सबको चौंका दिया है। यह सफलता इसलिए बेहद ऐतिहासिक और गौरवशाली है क्योंकि पिछले वर्ष पूरे जिले से मात्र दो बच्चों को ही इस छात्रवृत्ति का लाभ मिल पाया था, जबकि इस वर्ष प्रशासन और शिक्षकों के संयुक्त प्रयासों से यह आंकड़ा लगभग 90 गुना बढ़कर सीधे 177 बच्चों तक पहुंच गया है।
इस परीक्षा में सफल होने वाले बस्तर के इन सभी 177 होनहार ग्रामीण और जरूरतमंद बच्चों को अब आगे की पढ़ाई के लिए केंद्र सरकार की ओर से एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। इसके तहत उन्हें कक्षा 9वीं से कक्षा 12वीं तक एक हजार रुपए प्रतिमाह यानि 12 हजार रुपए वार्षिक छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी, जो उनकी उच्च शिक्षा की राह को आसान बनाने में मील का पत्थर साबित होगी। जिले के भीतर ब्लॉक स्तर पर भी मुकाबला बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक रहा, जिसमें बकावंड ब्लॉक ने अकेले 130 बच्चों के चयन के साथ न केवल जिले में बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में पहला स्थान प्राप्त कर नया रिकॉर्ड बना दिया है। वहीं दूसरी ओर लोहंडीगुड़ा ब्लॉक से भी 37 बच्चों ने सफलता का परचम लहराया है। इस बड़ी छलांग के पीछे प्रशासनिक अधिकारियों की सतत निगरानी और शिक्षकों की दिन-रात की अथक मेहनत छिपी हुई है। कलेक्टर श्री छिकारा के विशेष निर्देश पर बच्चों को मुख्य परीक्षा के माहौल में ढालने के लिए ठीक असली पैटर्न पर 5 बार ओएमआर शीट आधारित मॉक टेस्ट आयोजित किए गए, जिसमें 90 मिनट के समय का कड़ा पालन सुनिश्चित किया गया और इसका अंतिम अभ्यास 22 अप्रैल को संपन्न हुआ था। इन मॉक टेस्ट के सफल संचालन के लिए जिले के लगभग सभी हाई स्कूलों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र बनाया गया था। इसके साथ ही शिक्षकों को निर्देश दिए गए थे कि वे पिछले 5 वर्षों के प्रश्न पत्रों को मात्र 10 दिनों के भीतर हल करवाएं, जिसके तहत प्रतिदिन 40 प्रश्नों का अभ्यास कार्य कराया जाता था। अधिकारियों का स्पष्ट मानना था कि बच्चों को केवल उत्तर न रटवाया जाए, बल्कि उत्तर कैसे और कहां से आ रहा है, इसकी पूरी गहराई समझाई जाए। इस तैयारी के चक्रव्यूह को और मजबूत करने के लिए बकावंड, तोकापाल और लोहंडीगुड़ा जैसे ब्लॉकों में 33 से 44 स्कूलों के बच्चों को एक जगह एकत्रित कर विशेष ग्रुप ट्रेनिंग दी गई, जिसमें ‘ओपन लिंक फाउंडेशन’ के ‘विनोबा एप’ के सहयोग से तैयार बेहतरीन प्रश्न पत्रों का भी सहारा लिया गया। इन सभी सकारात्मक प्रयासों के फलस्वरूप विगत महीने आयोजित मुख्य परीक्षा में जिले के बच्चों ने कमाल कर दिखाया है। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बस्तर जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने गहरी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी चयनित छात्र-छात्राओं, उनके गौरवान्वित अभिभावकों और दिनरात एक करने वाले शिक्षकों को बधाई दी है।
समन्वित प्रयासों का सुफल: बघेल
इस बारे में जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल का कहना है कि कलेक्टर छिकारा और जिला पंचायत सीईओ जैन के विशेष दिशा-निर्देशों के तहत जो विशेष कार्ययोजना बनाई गई थी, शिक्षा विभाग के मैदानी अमले के कड़े परिश्रम से आज वह पूरी तरह रंग लाई है। बघेल ने कहा कि बस्तर के इस शिक्षा मॉडल ने साबित कर दिया है कि सही दिशा में किए गए प्रयासों से हर बाधा को पार किया जा सकता है।
बकावंड का बढ़ा मान: यादव
राष्ट्रीय साधन सह छात्रवृत्ति परीक्षा में अकेले बकावंड विकासखंड के 130 बच्चों के सफल होने से बकावंड के विकासखंड शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर यादव विशेष रूप से आल्हादित हैं। पूरे राज्य के विकासखंडों में बकावंड विकासखंड के प्रथम स्थान प्राप्त करने पर प्रतिक्रिया देते हुए बीईओ चंद्रशेखर यादव ने कहा कि हमारे होनहार और लगनशील बच्चों ने पूरे विकासखंड का भाल दमका दिया है। कलेक्टर छिकारा, जिला पंचायत सीईओ जैन, जिला शिक्षा अधिकारी बघेल, बकावंड एसडीएम वर्मा के कुशल मार्गदर्शन और शिक्षक शिक्षिकाओं की शिक्षा के प्रति समर्पण भावना से हमें यह बड़ी कामयाबी मिली है। यादव ने इस उपलब्धि पर सभी विद्यार्थियों और उनके पालकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। श्री यादव ने प्रतिबद्धता जताई कि अगली बार एजुकेशन टीम बकावंड और भी बेहतर परफार्मेंस दिखाएगी।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक देव ने किया बाल गृह का निरीक्षण
जगदलपुर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने मंगलवार को वृंदावन कॉलोनी स्थित शासकीय बालक बालगृह का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने यहां निवासरत देखरेख एवं संरक्षण की आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल, सुरक्षा व उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान विधायक श्री देव ने बच्चों की पोषण व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा, शैक्षणिक गतिविधियों तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी जरूरतों को समझा और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।विधायक ने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की देखभाल पूरी संवेदनशीलता के साथ होनी चाहिए।
इन संस्थानों में बच्चों को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधीक्षक एवं कर्मचारियों को सेवा और देखभाल के प्रति अधिक सक्रिय रहने को कहा।इस दौरान विधायक किरण सिंह देव ने अपने प्रयासों से निर्मित छत्तीसगढ़ के प्रथम मॉडल बाल गृह एवं बाल कल्याण समिति कार्यालय के उन्नयन कार्यों का भी अवलोकन किया। उन्होंने बताया कि मॉडल बाल गृह के विकास का यह प्रथम चरण है। आने वाले समय में बच्चों के लिए आवासीय, शैक्षणिक व अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।बाल कल्याण समिति बस्तर के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, समिति सदस्यों तथा बालगृह के प्रभारी अधीक्षक मनोजकांत जोशी व कर्मचारियों ने विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया।निरीक्षण के समय समिति अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्रही, सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, अधीक्षक मनोजकांत जोशी, रंजीता जोशी, पलक साव सहित स्टाफ व बच्चे उपस्थित थे।
नवनियुक्त कर्मचारी अधिकारी कल्याण संघ नगरीय निकाय छत्तीसगढ़ के आहवान पर नगर पालिका दल्ली राजहरा के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 13 जुलाई से रायपुर के तूता में शुरू होने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल में शामिल होने की घोषणा कर दी है lइस संबंध में कर्मचारियों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी को ज्ञापन सूचना पत्र सौंपते हुए आंदोलन में शामिल होने की जानकारी दीl नगरीय निकाय कर्मचारियों की पांच लंबित मांग प्रति माह 1तारीख को ट्रेजरी के माध्यम से वेतन भुगतान, ओल्ड पेंशन लागू करने के संबंध में, पदोन्नति तृतीय एवं चतुर्थ वर्ग के लिए नया सेटअप स्वीकृत हो,सातवां वेतनमान का एरियस लंबित राशि का तुरंत भुगतान हो एवं एनपीएस जीएफ की कटौती राशि खातों में तुरंत जमा हो आदि मांगों को लेकर प्रदेश में प्रस्तावित आंदोलन को नगर पालिका दल्ली राजहरा नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद साहू, स्थानीय अध्यक्ष पंकज चंद्राकर एवं महामंत्री सुनील ताराम के नेतृत्व में बड़ा समर्थन मिला हैl जिला अध्यक्ष गोविंद साहू ने बताया कि कर्मचारीयों की पांच सूत्रीय मांग लंबे समय से लंबित है लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है इसके विरोध में प्रदेश भर के नगरीय निकाय कर्मचारी एकजुट होकर आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर हुए हैंl संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजेश सोनी,प्रदेश सचिव ऋषभ ठाकुर के नेतृत्व में संचालित इस आंदोलन में जिले के सभी नगरीय निकाय अधिकारी और कर्मचारी भाग लेंगेl कर्मचारियों ने प्रशासन से आंदोलन में शामिल होने के लिए मुख्यालय छोड़ने की अनुमति देने का भी अनुरोध किया हैl कर्मचारी संगठनों का स्पष्ट कहना है कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं होता तब तक आंदोलन जारी रहेगा ऐसे में हड़ताल का सीधा असर नगरीय निकायों की दैनिक कार्य प्रणाली और नागरिक सुविधाओं पर पड़ सकता है सफाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, राजस्व कार्य और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रभावित होगीl मुख्य नगर पालिका अधिकारी सीमा बक्शी को ज्ञापन देने गोविंद राम साहू, पंकज चंद्राकर, सुनील तारम रामगोपाल चंद्राकर, मनोज साहू, इंद्र यादव, धनसाय ठाकुर, निर्भय राम नरेटी, सुशील टंडन, अब्दुल कलीम, धरमू बक्शी, चित कुमार कुर्रे, परदेसी राम, नारायण सिंह मौजूद रहेl
विधायक किरण देव और महापौर संजय पांडे नेरोपे स्टेडियम में पौधे
जगदलपुर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बस्तर वन मंडल जगदलपुर द्वारा जनजातीय गौरव वाटिका, कुम्हड़ाकोट जगदलपुर में योग शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों तथा स्थानीय नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।योग शिविर का शुभारंभ नारी शक्ति द्वारा मां सरस्वती के चरणों में दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वर्ष 2026 की थीम “योग फॉर हेल्दी एजिंग (स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से स्वस्थ, मानसिक रूप से सशक्त तथा भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
योग प्रशिक्षिका अंजलि अवस्थी के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान का अभ्यास किया। सुश्री अवस्थी ने योग के वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि योग तनाव को कम करने, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तथा जीवनशैली संबंधी बीमारियों की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी है। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव तथा महापौर संजय पांडे द्वारा इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम में एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष, जामुन, आम एवं मौलश्री के पौधों का रोपण किया गया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं वृक्षारोपण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जिस प्रकार योग मानव जीवन को स्वस्थ एवं संतुलित बनाता है, उसी प्रकार वृक्ष पृथ्वी के पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।साथ ही उन्होंने योग के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि एक समग्र जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति के शरीर, मन एवं आत्मा के मध्य संतुलन स्थापित करती है। नियमित योगाभ्यास से तनाव एवं चिंता में कमी आती है, एकाग्रता बढ़ती है तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक जीवनशैली को अपनाने की प्रेरणा मिलती है। बस्तर वन मंडलाधिकारी उत्तम कुमार गुप्ता ने बताया कि योग भारतीय संस्कृति की अनुपम देन है, जिसे आज संपूर्ण विश्व ने अपनाया है। यह शारीरिक स्वास्थ्य के साथ-साथ मानसिक एवं भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने सभी नागरिकों से योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आग्रह किया।इस अवसर पर उप वनमंडलाधिकारी योगेश रात्रे, इंद्र प्रसाद बंजारे, बस्तर वनमंडल जगदलपुर के समस्त परिक्षेत्र अधिकारी, परिक्षेत्र सहायक, परिसर रक्षक एवं स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग करने तथा अपने परिवार एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। बस्तर वन मंडल द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं जनजागरूकता के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुआ।
सरपंच के उकसावे में आकर ग्रामीणों ने किया राजस्व टीम पर हमला
अर्जुन झा
बकावंड बस्तर जिले के करपावंड में शुक्रवार को कोर्ट के आदेश पर निजी भूमि का सीमांकन कर शेरा चौधरी को कब्जा दिलाने पहुंची राजस्व विभाग की टीम पर हुए हमले के लिए करपावंड के भाजपाई सरपंच को जिम्मेदार माना जा रहा है। आरोप है कि सरपंच के उकसाने पर ग्रामीणों ने प्रशासनिक टीम पर हमला किया था। पुलिस ने सरपंच सहित आधा दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
करपावंड में एसडीएम, एसडीओपी एवं थानेदार और पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन का सीमांकन किया जा रहा था। इसी दौरान गांव के भाजपाई सरपंच के उकसावे में आकर दर्जनों ग्रामीणों ने राजस्व विभाग की टीम पर अचानक हमला कर दिया। हमले में राजस्व निरीक्षक देवेन्द्र श्रीवास को गंभीर चोटें आई हैं। तहसीलदार रूपेश मरकाम के साथ भी ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की की। बीच बचाव करते समय एसडीओपी भानपुरी को भी सामान्य चोट आई है। करपावंड थाना प्रभारी और उनकी टीम ने मोर्चा सम्हाला तथा हालात को काबू में किया। लगभग एक दर्जन ग्रामीणों को हिरासत में लेकर हवालात पहुंचा दिया गया। इस घटना के बाद करपावंड में तनाव का माहौल है और वहां भारी पुलिस बल किया गया है। इस हमले में जमीन मालिक शेराराम चौधरी को भी गंभीर चोट आई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरा मामला जमीन विवाद से जुड़ा हुआ है। शेरा चौधरी ने कुछ वर्ष पूर्व मदन निषाद के 5 एकड़ जमीन में से डेढ़ एकड़ जमीन खरीदी थी। शेरा राम चौधरी द्वारा खरीदी गई जमीन पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया था। जमीन मालिक चौधरी ने तहसीलदार न्यायालय में कब्जा दिलाने को लेकर वाद दायर किया था।
न्यायालय ने चौधरी के पक्ष में फैसला सुनाया था। इस निर्णय के विरूद्ध कब्जाधारियों ने एसडीएम न्यायालय में अपील की थी।वहां भी कब्जाधारियों को हार का सामना करना पड़ा। राजस्व मंडल और कोर्ट में भी मामला पहुंचा, मगर वहां भी कब्जाधारियों को राहत नहीं मिली। जानकारी के अनुसार कोर्ट के आदेश पर राजस्व विभाग की टीम जमीन शेरा चौधरी को कब्जा दिलाने के लिए करपावंड पहुंची थी। जमीन की नाप जोख के दौरान करपावंड सरपंच के इशारे पर ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों पर हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट की। हमले में आरआई और तहसीलदार घायल हो गए। खबर है कि विगत 6 माह से जमीन मालिक का सरपंच और ग्रामीणों से विवाद चल रहा था।
प्रशासनिक कार्रवाई में विलंब
बताते हैं कि करपावंड सरपंच, कुछ पंचों एवं ग्रामीणों द्वारा गांव में विवाद उत्पन्न किए जाने को लेकर पूर्व में बस्तर कलेक्टर एवं एसपी के समक्ष शिकायत भी की गई थी। जिसमें एक विधवा का आवास सरपंच द्वारा तोड़े जाने एवं शासकीय जमीन पर कब्जा किए जाने की शिकायत भी शामिल थी। मगर प्रशासनिक कार्रवाई में लेटलतीफी के कारण सरपंच का मनोबल बढ़ता गया। इसका खामियाजा प्रशासनिक अधिकारियों को भुगतना पड़ा। समय रहते प्रशासनिक अफसरों ने सरपंच के खिलाफ एक्शन ले लिया होता तो यह घटना नहीं होती। कहीं न कही प्रशासनिक कार्रवाई में लेट लतीफी के चलते सरपंच ने घटना को अंजाम दिया है।
सरपंच और ग्रामीणों पर केस
भानपुरी एसडीओपी ने बताया कि शासकीय कार्य में बाधा डालने एवं शासकीय कर्मचारी पर जानलेवा हमले करने के आरोप में करपावंड सरपंच एवं आधा दर्जन ग्रामीणों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। खबर है कि पुलिस को देख सरपंच महिलाओं को आगे कर छुपता फिर रहा है।
जगदलपुर. धरमपुरा, कालीपुर स्थित केंद्रीय शिल्क बोर्ड एवं रिजनल तसर अनुसन्धान केंद्र (आरएसआरएस,जगदलपुर ) द्वारा बस्तर एवं राज्य रेशम विभाग के समन्वय से ग्राम बड़ागांव स्थित कृमिपालन केंद्र में किसान क्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य रेशम किसानों को कोया (ककून) उत्पादन बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों से अवगत कराना और उनकी आजीविका को अधिक सशक्त बनाना था।कार्यक्रम में ग्राम सरपंच दयाराम कश्यप, उपसरपंच बलराम गोपल, पंच रामचंद बघेल, वैज्ञानिक-बी डॉ. प्रवीण रेड्डी, उप निदेशक रेशम एवं एडीएस आर. चंद्रकर तथा एन. मार्सकोले (एडीएस) मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।इस अवसर पर किसानों को कोया उत्पादन बढ़ाने के लिए चौकी गार्डन, जीवन सुधा, एलएसएम (LSM) सहित अन्य उन्नत तकनीकों के उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाकर रेशम उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि की जा सकती है।उप निदेशक रेशम आर. चंद्रकर ने किसानों से सीएसबी-आरएसआरएस द्वारा विकसित एवं अनुशंसित तकनीकों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं, सरपंच दयाराम कश्यप ने कहा कि आधुनिक कृषि एवं रेशम तकनीकों को अपनाकर ही तसर कृषकों की आय में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।कार्यक्रम के दौरान डॉ. प्रवीण रेड्डी ने बीज कोया (Seed Cocoon) और ग्रेनेज (Grainage) के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए आवश्यक तकनीकी जानकारी प्रदान की।कार्यक्रम का संचालन सुनील कुमार परिछा, वरिष्ठ तकनीकी सहायक (STA), आरएसआरएस, जगदलपुर ने किया। इस दौरान ताहिर सिद्दीकी, दाकेश्वर, नेखूराम साहू, फूल दास, बलराम कश्यप, कांति पुजारी सहित राज्य रेशम विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में तसर कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने किसानों में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और रेशम उत्पादन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का उत्साह भर दिया।