- मंडल भाजपा कार्यसमिति की बैठक आयोजित
बकावंड भाजपा बकावंड मंडल कार्यकारिणी समिति की बैठक सदभावना भवन में हुई। बैठक में पूर्व बस्तर सांसद व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे। पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विस्तार से ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने आने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू करने को कहा। कश्यप ने कहा कि विधानसभा व लोकसभा चुनाव में ज्येष्ठ श्रेष्ठ देवतुल्य कार्यकर्ताओं की महेनत से भाजपा को जीत हासिल हुई है। तीसरी बार प्रधानमंत्री के रुप में नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार है। आगामी पंचायत चुनाव में भी जीत हासिल करनी है, जिसके लिए अभी से रणनीति बनाकर पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने अपने क्षेत्रों में सजगता से कार्य करें। इस अवसर पर उपस्थित पूर्व विधायक डॉ. सुभाउ कश्यप ने कहा कि भाजपा की ताकत कार्यकर्ता ही हैं। केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों ने जो योजनाएं शुरू की हैं उन्हें हम सब मिलकर अंतिम से अंतिम व्यक्ति तक पंहुचाएं। यह हमारी पहली प्रथमिकता होनी चाहिए। भाजपा ने पूरे प्रदेश में पानी, बिजली, सड़क, पुल पुलिया का जाल बिछाया है व तेजी से कार्य कर रही है। वहीं स्थानीय कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल पर सीधा तंज कसते और निशाना साधते हुए डॉ. सुभाऊ कश्यप ने कहा कि विधायक बघेल ने एक कार्य किया है तो अपने विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव जाकर पैर धुलवाने का ही कार्य किया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, जिला महामंत्री वेदप्रकाश पांडे व जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी आदि भाजपा नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर मंडल प्रभारी श्रीधर ओझा, बकावंड मंडल अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप, करपावंड मंड़ल अध्यक्ष परीश बेसरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनवासी मौर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश किसान मोर्चा सदस्य जोगेंद्र चंद्राकर, महामंत्री दामोदर बघेल, महामंत्री पुरषोत्तम जोशी, ललिता बघेल, गजानंद दास मानिकपुरी, सत्यप्रकाश गुप्ता, बंशीधर कश्यप, नीलकुमार बघेल, गणेश परगनिहा बबलू, हेमकांत सिंह ठाकुर एवं समस्त मोर्चा के पदाधिकारी व मंडल पदाधिकारी आदि भाजपा कार्यकर्ताएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
पंचायत चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाएं भाजपा कार्यकर्ता: दिनेश कश्यप
महिला स्व सहायता समूहों को रेडी टू ईट का काम देने का काम मामला ठंडे बस्ते में, अब भाजपा मौन क्यों
- महिलाओं ने जमकर काटा था बवाल, भाजपा ने बनाया था इसे चुनावी मुद्दा
- कांग्रेस महिलाओं का दिल नहीं जीत पाई, खटाखट योजना भी काम न आई
-अर्जुन झा-
जगदलपुर कांग्रेस सरकार द्वारा जब महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टु ईट वितरण का काम छीन लिया गया था, तब महिलाओं ने जिला व प्रदेश स्तर तक जमकर बवाल काटा था। भाजपा ने भी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। अब भाजपा सत्ता में आ गई है और उसकी सरकार बने सात माह पूरे होने जा रहे हैं। मगर आज तक महिला स्व सहायता समूहों को यह काम नहीं सौंपा गया है। लगता है अब यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। वहीं कांग्रेस भी इस ओर से मुंह मोड़कर बैठ गई है। कांग्रेस इस मामले में उतना हमलावर नजर नहीं आ रही है। जिसके कारण वह महिलाओं से जुड़ नहीं पा रही है। यही वजह कि महिलाओं के खाते में हर माह 8 हजार 300 रुपए खटाखट डालने की कांग्रेस की योजना छत्तीसगढ़ में असरकारी नहीं रही और लोकसभा चुनाव में महिलाओं ने कांग्रेस को फटाफट निपटा दिया था।
बावजूद कांग्रेस हालात को समझने तैयार ही नहीं है।
. अब रेडी टू ईट के मामले को ही ले लीजिए। महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम वापस ले लेने से भाजपा तबकी कांग्रेस सरकार पर जिस कदर हावी हो गई था, क्या कांग्रेस अब इसी मुद्दे पर साय सरकार को नहीं घेर सकती? घेर सकती है, मगर उसे तो बड़े बड़े मुद्दे चाहिए। रेडी टू ईट को कांग्रेस भले ही छोटा मुद्दा समझे, मगर यह छोटा मुद्दा कतई नहीं है। आज गांव गांव में महिला स्व सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे गांवों के 95 प्रतिशत परिवारों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। रेडी टू ईट का काम छिन जाने से महिलाओं में कांग्रेस के प्रति नकारात्मक प्रभाव पड़ा। गोठान और गोबर खरीदी योजना असर नहीं डाल पाई।महिलाएं माऊथ टू माऊथ प्रचार करने या कहें बात फैलाने में बड़ी ही एक्सपर्ट होती हैं। रेडी टू ईट को लेकर भी यही हुआ। महिलाओं का भरोसा कांग्रेस से टूट गया। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में महिलाओं ने कांग्रेस को आइना दिखा दिया। हर माह 8 हजार 300 रुपए और हर साल एक लाख रुपए महिलाओं के खाते में खटाखट डालने की स्कीम भी काम नहीं आई।. महिलाओं ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फटाफट निपटा दिया। अभी कांग्रेस के पास मौका है भाजपा सरकार को घेरने के लिए। रेडी टू ईट पर कोहराम मचाने वाली भाजपा सरकार में आने के बाद अब इस मसले को लेकर बैकफुट पर आ गई है। छत्तीसगढ़ में रेडी-टू-ईट फूड निर्माण को लेकर जो बखेड़ा मचा था वह अब राज्य सरकार द्वारा कमेटी गठित किए जाने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया है। वर्तमान में कांग्रेस सरकार के समय जो प्रक्रिया मध्यान्ह भोजन योजना के रेडी टू ईट वितरण को लेकर अपनाई गई थी वही यथावत है। ज्ञात हो रेडी टू ईट वितरण का काम महिला स्व सहायता समूहों से वापस ले लिया गया था जिसके बाद महिलाओं ने भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इसे शामिल किया था, किंतु अब भी सरकार कोई भी बड़ा फैसला नहीं ले पाई है। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रेडी टू ईट का कार्य महिला स्व सहायता समूहों को सौंपे जाने के संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो रेडी टू ईट का अध्ययन, निरीक्षण, परीक्षण करेगी। कब करेगी यह स्पष्ट नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार अध्ययन दल से प्राप्त प्रतिवेदन पर समुचित निर्णय लेगी और कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। स्वयं सरकार अब स्वीकार कर रही है कि महिला स्व सहायता समूहों को कार्य सौंपे जाने की निश्चित समय सीमा बता पाना संभव नहीं है।
दल्ली राजहरा नगर पालिका के सभी 27 वार्ड में आज से शिविर का आयोजन आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नगरी निकाय मंत्री अरुण साव के निर्देश पर के सभी नगरीय निकायों में समस्याओं के निदान के लिए शिविर
- दल्ली राजहरा नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में भी आज से शिविर प्रारंभ सूची नीचे देखें
दल्ली राजहरा-: भाजपा शासन द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। पखवाड़ा के दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर स्थानीय समस्याओं का निदान किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज मंत्रालय से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।
उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से राज्य की सभी 184 नगरीय निकायों में स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए वार्डवार शिविर आयोजित कर उनका मौके पर ही निराकरण के निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दिए हैं। उन्होंने इन शिविरो में नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के महापौरों, अध्यक्षों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि आमजन की भागीदारी में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि वार्डवार शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण होगा और नागरिकों को जरुरी सुविधाएं मिलेंगी। समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से होने से शहरी सरकार के प्रति लोगों में सद्भाव भी बढ़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगरीय निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ अपनी उपस्थिति इन शिविरों में जरुर देंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद आज राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों को आगामी 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में परिपत्र जारी कर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि स्थानीय निकायों द्वारा अपने क्षेत्र के नागरिकों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना मुख्य दायित्व है। स्थानीय नागरिक समस्याएं यथा नल कलेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण, स्वरोजगार के प्रकरण तथा कई विविध छोटे-छोटे कार्य होते हैं, जिनका निराकरण शीघ्र अपेक्षित होता है।
परिपत्र में कहा गया है कि नल लीकेज, नलों में पानी न आना, नालियों व गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी बहना, कचरे की सफाई व परिवहन, टूटी-फूटी नालियों की मरम्मत, सड़कों के गड्ढे पाटना, स्ट्रीट लाइट्स की मरकरी/बल्ब/ट्यूबलाइट का बंद रहना आदि समस्याएं भी हैं। ये सारे कार्य आम नागरिकों की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं और कार्यों से संबंधित है। इन समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से किए जाने से अपने नगरीय निकाय के प्रति नागरिकों का सद्भाव बढ़ेगा। वहीं स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का निराकरण भी शीघ्र हो सकेगा। विभाग ने जनसमस्या निवारण शिविरों में महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों, पार्षदों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे आमजन की भागीदारी में बढ़ोतरी हो।
विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में करदाताओं को करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक शिविर का पूरा लाभ प्राप्त कर सके। शिविरों में संकलित जानकारियां राज्य शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में दल्ली राजहरा नगर पालिका में आज से सभी 27 वार्डों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है l
कोंडागांव में जय हिंदू राष्ट्र मोर्चा का पुनर्गठन, हेमंत बने जिला अध्यक्ष
कोंडागांव जिले में विगत कई वर्षों से हिंदू हित को लेकर सक्रियता के साथ जय हिंदू राष्ट्र मोर्चा के बैनर तले भ्रष्टाचार, धर्मान्तरण,गौहत्या, जनहित मुद्दों के लिए लगातार कई आंदोलन करने वाले संगठन को पुनः सक्रिय और पुर्नगठित किया गया है।नव नियुक्त अध्यक्ष हेमंत कौशिक ने कहा कि नवीन मोर्चा का गठन कर जनहित मुद्दों धार्मिक मुद्दों पर पहले की भांति हमारी लड़ाई जारी रहेगी।
जय हिंदू राष्ट्र मोर्चा के
संघठन प्रभारी चंद्रभान श्रीवास्तव ने कहा कि जय हिंदू राष्ट्र गैर राजनीति संगठन है जिसका प्रमुख कार्य जनता के लिए लड़ना है और उनको अपना अधिकार दिलाना है। पहले भी संगठन के बैनर तले हमने 40 दिनों तक लगातार आंदोलन कर एक अधिकारी का भ्रष्टाचार उजागर किया था। जनता के लिए लड़ना धार्मिक स्वाभिमान व अन्य हिन्दू हित के मुद्दों गौरक्षा, धर्मान्तरण, गोतस्करी में लगाम, भ्रष्टाचार, जनहित संगठन की पहली प्राथमिकता है।
कार्यकारणी में सर्वसम्मति से हेमंत कौशिक को जिला अध्यक्ष नियुक्त किया गया। हेमंत ने कहा ही संगठन मजबूती के साथ भ्रष्टाचार, जनहित मुद्दों के लिए लड़ाई सड़को तक लड़ेगी। हमारी पहली प्राथमिकता जनता की सेवा, उनके अधिकारों की रक्षा करना है। कार्यक्रम में मुख्यरूप से चंद्रभान श्रीवास्तव, हेमंत कौशिक, सत्यम विश्वकर्मा, घनश्याम मरकाम, नेहरू मंडावी, गणेश मानिकपुरी, हर्ष यादव, नरेंद्र, साजेंद्र बघेल व अन्य उपस्थित रहे।
व्यवसायिक परिसर को पूरी तरह शुरू कराने पहल
- महापौर और एमआईसी सदस्यों ने लिया जायजा
जगदलपुर विधायक किरण देव के निर्देश पर नगर निगम के जनप्रतिनिधि लगातार वार्डो का दौरा व जनता से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं का त्वरित निराकरण कर रहे हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को सुबह महापौर सफीरा साहू ने शहर के श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर का एमआईसी सदस्यों एवं अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर परिस्थितियों का जायजा लिया। इस दौरान एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, योगेंद्र पांडे, नरसिंह राव, आयुक्त हरेश मंडावी उपस्थित रहे। महापौर एवं सदस्यों द्वारा व्यवसायिक परिसर के सभी दुकानों को सुचारू रूप से चालू करने के लिए विशेष कार्य योजना के साथ इस परिसर को प्रारंभ करने हेतु अधिकारियों को निर्देश दिया।

वर्तमान में श्यामा प्रसाद मुखर्जी व्यावसायिक परिसर आंशिक रूप से प्रारंभ हुआ है। कई दुकानें वर्तमान में बंद हैं। उन सभी दुकानों को प्रारंभ करने की पहल कर जल्द ही इस परिसर को सुचारू रूप से प्रारंभ करने की बात कही गई। जिससे श्यामा प्रसाद मुखर्जी परिसर पूर्ण रूप से प्रारंभ होने पर निगम के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी। साथ ही परिसर की अन्य व्यवस्थाओं को जल्द दुरुस्त करने का निर्देश महापौर सफीरा साहू द्वारा दिया गया। वही आज सुबह महापौर एवं एमआईसी सदस्यों ने शहर के सन सिटी के पास बन रहे पुलिया का निरीक्षण कर जल्द पुलिया निर्माण करने का निर्देश दिया। साथ ही लाल बहादुर शास्त्री वार्ड में आमागुड़ा चौक, आजाद आमागुड़ा में जल भराव की शिकायत पर स्थल पर पहुंचकर जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। महापौर एवं एमआईसी सदस्यों का शहर में वार्डों का दौरा लगातार जारी है। इस दौरान निगम के कार्यपालन अभियंता अजीत कुमार तिग्गा, उप अभियंता, स्वच्छता विभाग के अधिकारी कर्मचारी साथ रहे।
बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा का मुद्दा संसद में उठाएं राज्य के भाजपा सांसद : दीपक बैज
- प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ के भाजपा सांसदों को लिखा पत्र
अर्जुन झा
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राज्य के भाजपा सांसदों को पत्र लिखकर राज्य को विशेष आर्थिक सहायता तथा विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग संसद में उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने बजट में छत्तीसगढ़ की उपेक्षा के मसले को भी उठाने की अपील भाजपा सांसदों से की है।
पीसीसी चीफ दीपक ने कहा है कि डबल इंजन की सरकार का राज्य को फायदा नहीं मिल रहा। केंद्रीय बजट से राज्य की जनता अपने को ठगा महसूस कर रही है। बिहार आंध्रप्रदेश को विशेष मेहरबानी की गई है। फिर छत्तीसगढ़ को क्यों नहीं? जबकि छत्तीसगढ़ की जनता ने 11 में से 10 लोकसभा सीटों पर भाजपा को विजय दिलाई है। इसलिए यह मामला संसद में उठाने की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ के सांसदों की बनती है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सांसदों को लिखे पत्र में कहा है कि मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के गठन में छत्तीसगढ़ की जनता ने भी महति भूमिका निभाई है। राज्य के 11 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से 10 क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी के सांसदों को राज्य की जनता ने जिताया है। चुनाव में आप सबने प्रदेश की जनता से वादा किया था डबल इंजन की सरकार बनेगी तो प्रदेश का तीव्र गति से विकास होगा। मोदी सरकार 3-0 के पहले बजट से राज्य की जनता अपने आप को ठगा महसूस कर रही है। डबल इंजन की सरकार का राज्य को कोई फायदा नहीं मिला। केंद्रीय बजट में राज्य की अनदेखी की गई है। सत्तारूढ़ दल के 10 सांसदों वाले राज्य की उपेक्षा पीड़ादायक है। इसके विपरीत बिहार और आंध्रप्रदेश जैसे राज्यों के लिये केंद्रीय बजट में विशेष प्रावधान है। छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल प्रदेश है, राज्य की बड़ी आबादी वन क्षेत्रों में रहती है। आर्थिक शैक्षणिक विकास के इंडेक्स में छत्तीसगढ़ देश के अनेकों राज्यों से पीछे है। छत्तीसगढ़ भी देश के अन्य राज्यों के समान विकास की दौड़ में शामिल हो इसलिए देश के अन्य राज्यों की अपेक्षा छत्तीसगढ़ को विशेष सहायता की आवश्यकता है।आप सभी सांसदों को राज्य की जनता ने बड़ी आशा और विश्वास के साथ संसद में भेजा है। आपसे आग्रह है कि राज्य की जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप आप राज्य के हितों की आवाज संसद में उठाएं। राज्य के सर्वागीण विकास के लिए छत्तीसगढ़ को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने और विशेष आर्थिक पैकेज की मांग बुलंद करें। दीपक बैज ने केंद्र सरकार में मंत्री और बिलासपुर के सांसद तोखन साहू, सांसदगण बृजमोहन अग्रवाल रायपुर, विजय बघेल दुर्ग, संतोष पांडेय राजनांदगांव, चिंतामणि महराज सरगुजा, राधेश्याम राठिया रायगढ़, कमलेश जांगड़े जांजगीर-चांपा, रूपकुमारी चौधरी महासमुंद,
महेश कश्यप बस्तर और
भोजराज नाग कांकेर को यह चिट्ठी भेजी है।
दीप्ति पांडे ने छप्पन भोग दिया मुख्यमंत्री को
जगदलपुर:- शहर के ओंकार पांडे व दीप्ति पांडे ने गुरुवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को राजधानी स्थित उनके निवास में जाकर 56 भोग दिया। मालूम हो की इस वर्ष गोंचा महापर्व के दौरान दीप्ति पांडे परिवार द्वारा सिरहासार भवन में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को छप्पन किया अर्पण किया गया था, जिसमें सैकड़ो श्रद्धालुओं ने छप्पन किया का प्रसाद ग्रहण किया। दीप्ति पांडे ने बताया पिछले 25 वर्षों से लगातार उनके परिवार द्वारा भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया जा रहा है। आगे भी इस परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।
राज्य में गोठान योजना बंद, फिर भी चल रहे हैं तोकापाल ब्लॉक में 13 गोठान!
- उजाड़ हो गए गोठान, डूब गए जनता के टैक्स के करोड़ों रुपए
- 289 गोठानों में 4 हजार महिलाएं हुई लाभान्वित
अर्जुन झा
जगदलपुर एक तरफ जहां भाजपा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर गोबर और गोठान घोटाले का आरोप लगाती रही है, वहीं दूसरी ओर गोठान योजना बंद हो जाने के बाद भी बस्तर जिले के तोकापाल में आज भी 13 गोठान चलने का दावा सरकारी तौर पर किया जा रहा है।

पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान करोड़ों रुपए फूंक कर बनाए गए गोठान प्रशासनिक उदासीनता कहें या ग्रामीणों की जागरूकता की कमी, अब बंद हो गए हैं। साथ ही रोचक तथ्य भी सामने आया है कि तोकापाल जनपद पंचायत क्षेत्र में अभी भी 13 गोठानें चलने का दावा किया जा रहा है। इससे ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बस्तर जिला पंचायत सिर्फ कागजों पर गोठान योजना को जिंदा रखे हुए है, जिसका जमीन स्तर पर कोई वजूद ही नहीं है।प्रशासनिक सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बस्तर संभाग के सभी सातों जिलों में मार्च 2023 की स्थिति में कुल 1241 गोठान थे। जहां महिला स्व सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं स्वरोजगार, कुटीर उद्योग अथवा लघु व्यवसाय से जुड़ी थीं। वहीं बस्तर जिले के सात विकास खंडों व दो नगरीय निकायों के 289 गोठानों की 513 महिला स्व सहायता समूह से जुड़ी 3 हजार 987 महिलाएं लाभान्वित होती रहीं। अब ये गोठान उजाड़ हो गए हैं और करोड़ों रुपए जनता के डूब गए हैं।प्रशासनिक आंकड़ों पर गौर करें तो जगदलपुर जनपद पंचायत क्षेत्र में 44 गोठान बने थे, जहां 49 समूह जुड़े थे और 808 महिलाओं को लाभ मिल रहा था। बस्तर में 72 गोठान 85 महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से संचालित थे, जिसके तहत 935 महिलाएं लाभान्वित हुईं। बकावंड जनपद पंचायत क्षेत्र के 60 गोठानों को 66 महिला स्व सहायता समूहों ने संभाला और 692 को लगातार काम मिला।

लोहंडीगुड़ा जनपद के 30 गोठानों में 101 समूहों की 740 महिलाओं के काम करने की बात सामने आई है।तोकापाल जनपद पंचायत में 44 गोठानों को संभालने के लिए 53 महिला स्व सहायता समूह कार्यरत थे और इसमें 94 महिलाओं को काम मिला। तोकापाल जनपद पंचायत अभी भी दावा कर रही है कि 13 गोठानों में कार्य संचालित हैं। दरभा में 14 गोठानों के कार्य 17 स्व सहायता समूह के माध्यम से हो रहा था और 31 महिलाएं ही लाभान्वित हुईं। बास्तानार ब्लाक में 23 गोठानों में 4 महिला स्व सहायता समूहों के 374 महिलाओं को लाभ मिला। जगदलपुर नगरीय निकाय क्षेत्र के एक गोठान में 107 महिला स्व सहायता समूहों की 243 महिलाएं लाभान्वित हुईं, तो बस्तर नगर पंचायत क्षेत्र में 20 स्व सहायता समूहों ने काम संभाला।

बकावंड में धूमधाम से मनाया जाएगा आदिवासी दिवस
- आयोजन की रुपरेखा बनाने 27 जुलाई को बैठक
बकावंड ब्लॉक मुख्यालय बकावंड के अंतर्गत समरसता भवन में बुधवार को अनुसूचित जनजाति परिवार बकावंड द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाने के संदर्भ में एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में अजजा परिवार बकावंड के पदाधिकारियों एवं समाज प्रमखों के नेतृत्व में 9 अगस्त को मूल निवासी विश्व आदिवासी दिवस समारोह आयोजन को लेकर विशेष चर्चा की गई।

अजजा परिवार बकावंड के अध्यक्ष अनंत राम कश्यप व समाज प्रवक्ता महेंद्र कश्यप ने कहा कि जिला स्तर में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज बस्तर व सर्व आदिवासी समाज बस्तर संभाग दो गुट होने के कारण समाज के लोग भ्रमित हो रहे हैं तथा असमंजस में हैं कि हम जाएं तो किस गुट में जाएं? दोनों गुट ही राष्ट्रीय पार्टी से संलिप्त हैं। एक भाजपा से है, तो दूसरा कांग्रेस से। इस गुटबाजी को दृष्टिगत रखते हुए विगत तीन वर्षों से ब्लॉक मुख्यालय में विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम का आयोजन बड़े स्तर पर किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित बकावंड जनपद पंचायत अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार भी हम जिले के किसी ग्रुप में शामिल न होकर सभी मिलकर एकजुटता के साथ कार्यक्रम को भव्य एवं सफल रूप से आयोजित करेंगे। वहीं समस्त उपस्थित जनों सर्व सहमति से निर्णय लिया गया कि कार्यक्रम की रूप रेखा तैयार करने हेतु दिनाँक 27 जुलाई शनिवार समय 11 बजे समरसता भवन बकावंड में बैठक रखी जाएगी। बैठक में बीआरसी बकावंड सोनसिंह बघेल, लीलाधर कश्यप, अनंतराम कश्यप, ओंकार गागड़ा, सोनधर कश्यप, राजेश नाग, खगेश्वर कश्यप, सुखराम कश्यप, सरपंच महेश्वर भद्रे, बुदरु बघेल, घेनवा राम, दुलब सूर्यवंशी, डमरू कश्यप, पाकलू कश्यप, हलधर, बंशीधर कश्यप एवं अजजा परिवार के पदाधिकारी सरपंच, सचिव आदि विभागीय कर्मचारी बड़ी संख्याओं में मौजूद रहे।
विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अभाविप के महा सदस्यता अभियान का हुआ श्रीगणेश: प्रदेश सहमंत्री शैलेष ध्रुव
- परिषद के सदस्यता के प्रथम चरण का आगाज
- अभाविप बस्तर ने इस वर्ष 20 हजार सदस्यता का लक्ष्य लिया: शैलेष ध्रुव
जगदलपुर विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महा सदस्यता अभियान की शुरुआत होने जा रही है। यह सदस्यता अभियान की प्रथम चरण 25 जुलाई से 10 अगस्त तक चलाया जाएगा।
अभाविप के प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने कहा कि एबीवीपी राष्ट्र पुनर्निर्माण के व्यापक संदर्भ में, शिक्षा के क्षेत्र में रचनात्मक गतिविधि में दृढ़ विश्वास के साथ शैक्षिक समुदाय के अस्तित्व की रक्षा और दलगत राजनीति से ऊपर उठकर छात्रों की मदद करती है। आज विद्यार्थी परिषद न केवल भारत का बल्कि विश्व का सबसे बड़ा छात्र-संगठन है। यह संगठन छात्रों से प्रारंभ होकर छात्रों की समस्याओं के निवारण हेतु एक एकत्र छात्र शक्ति का परिचायक है।इसके साथ ही सामाज के कार्यों में भी महत्वपूर्ण योगदान निभा रहा है।
भारत को बनाएंगे विश्व गुरु
शैलेश ध्रुव ने कहा कि अभाविप प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी सदस्यता महाअभियान चलाने जा रही है। अभाविप बस्तर जिला इकाई के कार्यकर्ता 20 हजार विद्यार्थियों को सदस्य बनाने का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरेंगे। भारत को पुन: विश्व गुरु बनाने का संकल्प लेकर भारत की युवा पीढ़ी छात्र छात्राओं तक मां भारती की गुणगान करने, मां भारती की वैभवता की याद दिलाने, मां भारती के लिए अपने प्राणों का न्यौछावर करने वाले महापुरुषों के अखंड इतिहास का स्मरण कराने सदस्यता अभियान के दौरान परिषद के कार्यकर्ता परिसर परिसर जाने वाले हैं। यह वही छात्र संगठन है, जिसने धारा 370 के विषय को सर्वप्रथम उठाया, बांग्लादेशी घुसपैठियों का विरोध किया, देश में लगाई गई इमरजेंसी का विरोध किया, जेपी आंदोलन आदि के माध्यम से छात्रहित की शक्ति का प्रदर्शन कर इतिहास के पन्नों में अमर गाथा लिखी। शैलेश ध्रुव ने कहा कि जब पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही थी, तब विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता निस्वार्थ भाव से स्लम बस्तियों, मजदूर, गरीब परिवारों के लोगों तक घर- घर जाकर भोजन वितरण कर एक मानव सेवा का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करती रही।


