City Media - Page 61 of 1805 - Latest Hindi News of Chhattisgarh
RakeshCity
previous arrow
next arrow
     
Home Blog Page 61

विशेष ग्राम सभाओं के माध्यम से बालोद जिले में एग्रीस्टैक डिजिटल फसल सर्वेक्षण के गिरदावरी सूची पठन का कार्य जारी

0
  • ग्रामीण अपने रकबे और फसल का सूचना पटल पर कर रहे हैं अवलोकन

बालोद, 06 अक्टूबर 2025 बालोद जिले में राज्य शासन की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभा के माध्यम से डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत गिरदावरी कार्य की सर्वे सूची का पठन का कार्य निरंतर जारी है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जिले के सभी विकासखण्ड के ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत आज डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खेरथा, देवरी एवं गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम पंचायत खप्परवाड़ा, मुण्डरा, तवेरा तथा गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत हितेकसा, डाण्डेसरा, बोरिदकला, पेरपार, चंदनबिरही, मुड़गहन, बासिन, मोहारा, कपरमेटा, देवकोट, परसुली सहित जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभा के माध्यम से पटवारियों एवं ग्राम पंचायत सचिवों के द्वारा गिरदावरी सूची का पठन किया गया। इस दौरान एग्रीस्टैक परियोजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025-26 के लिए डिजिटल फसल सर्वेक्षण के तहत हुए गिरदावरी कार्य की सर्वे सूची का पठन कर ग्रामीणों को उनके रकबे और बोए गए फसल की जानकारी दी गई। इसके अलावा ग्राम पंचायतों के सूचना पटल पर डिजिटल फसल सर्वेक्षण की सूची को चस्पा भी किया गया है। जिसका ग्रामीण अवलोकन कर अपने रकबे और फसल की जानकारी ले रहे हैं।

आज जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित विशेष ग्राम सभा के माध्यम से डिजिटल क्रॉप सर्वे और मैनुअल गिरदावरी का वाचन किया गया। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप जिले में किसानों के फसलों का डिजिटल सर्वेक्षण मोबाइल ऐप के माध्यम से रियल टाइम में किया गया, जिसमें खेत की भौगोलिक स्थिति के साथ फसल की फोटो अपलोड की गई है। राज्य शासन द्वारा भू-नक्शों के जीव-रिफ्रेसिंग के पश्चात अब त्रुटिरहित फसल सर्वेक्षण संभव हुआ है। इस पहल का उद्देश्य त्रुटिरहित फसल गिरदावरी सुनिश्चित करते हुए किसानों के फसलों की सटीक और तकनीकी जानकारी एकत्रित करना है, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं दक्षता सुनिश्चित की जा सके। डिजिटल फसल सर्वेक्षण में किसानों की फसलों की सभी जानकारियां एग्री स्टैक पोर्टल में दर्ज की गई है। जिससे किसानों को फसल उत्पादकता के लिए जरूरी इनपुट जैसे फसल ऋण, विशेषज्ञों की सलाह से लेकर बाजार उपलब्ध कराने में एग्री स्टैक पोर्टल से मदद मिलेगी। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं अधिकारी-कर्मचारीगण उपस्थित थे।

आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत विशेष ग्राम सभा के माध्यम से विलेज विजन कार्य योजना का वाचन एवं अनुमोदन का कार्य निरंतर जारी

0

बालोद, 06 अक्टूबर 2025केन्द्र सरकार द्वारा शुरू किए गए महत्वाकांक्षी आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत जिले के 186 ग्रामों में अलग-अलग तिथियों में आयोजित किए जा रहे विशेष ग्राम सभा के दौरान विलेज विजन कार्य योजना का वाचन एवं अनुमोदन का कार्य निरंतर जारी है। इसके अंतर्गत गुरुर विकासखंड के ग्राम बोहारडीह, पोंड, चिरचारी, कोचवाही तथा डौंडी विकासखंड के ग्राम रजही, धोबनी अ, नर्रालगुड़ा, बलोदा सहित आज जिले के कुल 27 ग्रामों में विशेष ग्राम सभा आयोजन किया गया। इस दौरान आदिवासी समाज के लोगों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीण तथा आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत चयनित वांलिंटियर एवं विभिन्न विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति में गांव एवं गांव में निवासरत जनजातीय परिवार के लोगों के मांगों एवं आवश्यकताओं के अनुरूप विलेज विजन कार्य योजना का वाचन एवं अनुमोदन का कार्य किया गया।

उल्लेखनीय है कि आदि कर्मयोगी अभियान अंतर्गत 17 सितंबर से 02 अक्टूबर 2025 तक सेवा पर्व का आयोजन किया गया। जिसमें जिले के सभी विकासखण्डों के चयनित ग्रामों में आदि सेवा पर्व का आयोजन कर जन-जागरण रैली, ट्रांसेक्ट वॉक, केंद्रित सामुहिक चर्चा और गाँव का नजरी नक्शा बनाने की गतिविधियों के माध्यम से विलेज वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों एवं जनजातीय परिवार के लोगों के अलावा स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी सहभागिता सुनिश्चित की।

क्रमांक/725/ठाकुर

सुकमा में कांग्रेस बन गई है पिता-पुत्र की पार्टी: हूंगा मरकाम

0
  • पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष बड़ा बयान, कहा कांग्रेस अब कवासी पार्टी रह गई 

जगदलपुर सुकमा के पूर्व जिला भाजपा अध्यक्ष हूंगा मरकाम ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि सुकमा जिला कांग्रेस अब बाप बेटे की कावासी पार्टी बनकर रह गई है।

भाजपा नेता हूंगा मरकाम ने एक बयान जारी कर कहा है कि राहुल गांधी की तथाकथित संगठन सृजन बैठक औपचारिकता ही है। बस्तर का मौसम अच्छा है दिल्ली से आ रहे पर्यवेक्षक को यहां से सैर सपाटा कर चले जाना चाहिए पहले से ही सुकमा जिला कांग्रेस अध्यक्ष का नाम तय हो चुका है। जो मोहरे कवासी परिवार के बिठाए गए हैं, उसमे वह सफल हो गए हैं। पहले ही मीटिंग लेकर एक नाम पर सहमति दबाव पूर्वक बनना इनकी पुरानी आदत है। चाहे अन्य नेता व कार्यकर्ता कितना ही काबिल क्यों न हो। जैसे पूर्व मे जनपद अध्यक्ष से लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, सांसद, मंत्री, जिलाध्यक्ष सब इनको ही बनाना है तो बाकी सब कांग्रेस के कार्यकर्त्ता झंडा, डंडा उठाने के लिए हैं। हूंगा मरकाम ने सवाल उठाया है कि अगर शराब घोटाला केस में ईडी द्वारा बंद किए गए कवासी लखमा पर अगर आरोप सिद्ध हो जाता है तो क्या उप चुनाव भी खुद लड़ेंगे? या फिर क्या उस समय दूसरे प्रत्याशी को विधायक चुनाव लड़ने के लिए मौका देंगे अथवा यहां भी परिवारवाद चलेगा? श्री मरकाम ने कहा है कि जो व्यक्ति स्वार्थ के लिए कांग्रेस पार्टी को लात मारकर जोगी कांग्रेस की गोद में जा बैठता है और कांग्रेस पार्टी की नैय्या डूबा रहा था आज वही व्यक्ति कांग्रेस पार्टी मे अपनी जमीन तलाश रहा है। इस तरह के पद लोभी लोगों को संगठन को सबक सिखाना चाहिए। सुकमा जिले को इनके हिटलरशाही आतंक बचाने के लिए सुकमा जिला कांग्रेस को कवासी परिवार से मुक्त कराना चाहिए।

स्वदेशी मेला बना नए बस्तर की पहचान, अमित शाह ने कलाकारों के हुनर को सराहा

0
  • स्वदेशी की महक से महका बस्तर, अमित शाह ने किया स्थानीय कला और शिल्प का सम्मान, कहा – बस्तर आत्मनिर्भर भारत का अग्रदूत बनेगा
  • स्वदेशी मेला : बस्तर की संस्कृति, कला और आत्मनिर्भरता का विराट उत्सव – अमित शाह
  • स्वदेशी मेले में गूंजा ‘विकसित बस्तर’ का संदेश, अमित शाह बोले – लाल आतंक अब इतिहास बनेगा

जगदलपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित स्वदेशी मेला और बस्तर दशहरा लोकोत्सव में शिरकत की। उन्होंने कहा कि बस्तर दशहरा नक्सली हिंसा की दशकों की त्रासदी से बाहर निकलकर अपनी संस्कृति को सहेजते नए बस्तर की आकांक्षाओं का प्रतीक है।

शाह ने मंच से बस्तरवासियों से संवाद करते हुए कहा कि अब बस्तर बदल रहा है, यहाँ का हर गाँव और हर घर विकास की नई रोशनी से जगमगा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है, और बस्तर इसका मजबूत स्तंभ बनेगा।

स्थानीय कलाकारों की रचनाओं से हुए मंत्रमुग्ध

स्वदेशी मेले में लगे स्टॉलों का निरीक्षण करते हुए अमित शाह ने स्थानीय कलाकारों की हस्तकला, शिल्प और अनूठे स्वदेशी उत्पादों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इन उत्पादों में बस्तर की मिट्टी की खुशबू और यहाँ के लोगों का परिश्रम झलकता है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर सराहना करते हुए लिखा कि बस्तर मेले में स्थानीय कलाकारों की अद्भुत हस्तकला, शिल्प और स्वदेशी उत्पाद देखकर मन आनंद से भर गया।

नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार की ओर बस्तर

गृह मंत्री ने विश्वास जताया कि बस्तर बहुत जल्द लाल आतंक से पूर्णतः मुक्त होगा और देश के विकास में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि बस्तर की नई पीढ़ी बंदूक नहीं, कलम और कला से अपनी पहचान बनाए। जिसमें स्वदेशी मेला भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

स्थानीय कला और स्वदेशी उत्पादों का अद्भुत प्रदर्शन

संस्कृति, स्वदेशी और आत्मनिर्भरता का संगम है ‘स्वदेशी मेला’। लालबाग मैदान में चल रहे इस मेले में करीब 300 स्टॉल लगे हैं, जिनमें देश के 20 राज्यों से आए कारीगरों, उद्यमियों और कलाकारों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। बस्तर के लकड़ी और धातु शिल्प से लेकर आदिवासी आभूषण, कपड़ा और जैविक उत्पादों ने आगंतुकों का ध्यान खींचा।

जहां एक ओर हस्तनिर्मित वस्तुएं, पारंपरिक व्यंजन और स्वदेशी उत्पाद प्रदर्शित हैं, वहीं हर शाम लोकनृत्य, गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मेला क्षेत्र जीवंत हो उठता है। भी

बस्तर अब संघर्ष नहीं, सफलता की पहचान

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आने वाले वर्षों में बस्तर भारत के विकास मॉडल का उदाहरण बनेगा। उन्होंने कहा कि यहाँ का युवा बंदूक नहीं, अब कलम और कारीगरी से अपनी पहचान बनाएगा। यह मेला उसी आत्मविश्वास का प्रतीक है।

अमित शाह को भा गए बस्तर के व्यंजन

0
  •  केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने किया मांझी, चालकी, मेंबर एवं मेंबरीन के साथ भोज 

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को बस्तरिहा व्यंजन खूब पसंद आए।. उन्होंने इन व्यंजनों के स्वाद की दिल खोलकर तारीफ की है। एक दिवसीय प्रवास पर बस्तर पहुंचे अमित शाह ने जगदलपुर के लालबाग में आयोजित कार्यक्रम स्थल पर बस्तर दशहरा से संबंधित मांझी-चालकी, मेंबर एवं मेंबरीन के साथ अभिनंदन भोज किया।

इस भोज में क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजनों कों समाहित किया गया था, जिनकी प्रशंसा शाह ने की, इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के साथ बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष शबलराम मांझी, पदम चालकी, मंगलू मांझी एवं डमरू सालकी ने भोजन किया। इस अवसर पर आदिम जाति कल्याण मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ मंत्री एवं बस्तर सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव, चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, कोंडागांव विधायक लता उसेंडी, दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम तथा कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने भी मांझी-चालकी के साथ भोजन ग्रहण किया।

किरण देव ने किया अमित शाह का स्वागत

0

जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक किरण सिंह देव ने स्वागत अभिनंदन किया।

 

यहां भी बाज नहीं आ रहे हैं जनपद सीईओ मंडावी, जिला पंचायत सीईओ के आदेश को किया दरकिनार

0
  • 5 माह बाद भी पंचायत सचिव को नहीं किया मुक्त
  •  जिला सीईओ के आदेश पर नहीं कर रहे हैं अमल

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले में एक ऐसे जनपद पंचायत सीईओ हैं, जिनका विवादों से पुराना नाता है। वे जहां भी पदस्थ रहते हैं, कारगुजारियां करते ही रहते हैं। जिस तरह शेर के मुंह में इंसानी खून एकबार लग जाता है, तो आदमखोर बन जाता है, वैसा ही कुछ इन साहब के साथ भी है। इस अफसर की फितरत ऎसी है कि पंचायतों के जनप्रतिनिधि तो उनकी नजर में कोई हैसियत ही नहीं रखते, वहीं वे अपने उच्च अधिकारियों की भी परवाह नहीं करते। बकावंड जैसी हरकत अब ये जनपद पंचायत बास्तानार में भी कर रहे हैं। जिला पंचायत सीईओ के आदेश की उन्होंने खुलेआम अवहेलना की है।

उल्लेखनीय है कि जिला पंचायत बस्तर के सीईओ ने बीते 7 मई को एक आदेश जारी कर बास्तानार जनपद की आधा दर्जन ग्राम पंचायतों के सचिवों के प्रभार में बदलाव किया था। कुछ सचिवों को अन्य ग्राम पंचायतों का अतिरिक्त प्रभार दिया गया था। इन सचिवों में टांगरू राम नाग भी शामिल हैं।टांगरू राम नाग वर्तमान में 2 पंचायतों के प्रभारी हैं। उन्हें जिला पंचायत सीईओ ने मई माह में जारी अपने आदेश से कापानार ग्राम पंचायत में पदस्थ करने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश को जारी हुए 6 महीने बीत जाने के बावजूद आज तक उसे किलेपाल-1 के प्रभार से जनपद सीईओ ने मुक्त नहीं किया है। जबकि अन्य सचिव अपने स्थानांतरित जगह चले गए हैं। जनपदको सीईओ एसएस मंडावी इससे पहले जब बकावंड जनपद में पदस्थ थे तब भी ऐसा कारनामा करते थे। वे अपने कुछ चुनिंदा और चहेते पंचायत सचिवों पर विशेष रूप से कृपावान रहते थे। इन पंचायत सचिवों को ग्राम पंचायत के कार्यों में भ्रष्टाचार करने की खुली छूट दे दी गई थी। खुदा मेहरबान तो गधा पहलवान की तर्ज पर ये सचिव विभिन्न निर्माण कार्यों, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं और 15वें वित्त मद की राशि में खुला खेल खेलते रहे हैं। सरकारी राशि की जमकर बंदरबांट होती रही। आलम यह था कि सचिवों के जरिए सरपंचों से एक सियासी दल को चंदा देने के नाम पर लाखों रुपए वसूले गए थे। यह मामला काफी तूल पकड़ चुका था।

उनकी ऎसी कार्यप्रणाली के चलते बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायतों के कई विकास एवं निर्माण कार्य प्रभावित हुए थे, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता स्तरहीन रही। लेकिन बकावंड के सजग जनप्रतिनिधियों की वजह से सीईओ श्री मंडावी को हटना पड़ा, अब वे बास्तानार में ऐसा ही गुल खिलाने लगे हैं। अब देखना होगा कि जिला पंचायत सीईओ के आदेश को कूड़ेदान में फेंक देने वाले बास्तानार जनपद सीईओ श्री मंडावी के खिलाफ बस्तर कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी क्या एक्शन लेते हैं?

गांव के समग्र विकास के लिए बनाई गई योजना

0
  •  कोसमी ग्राम पंचायत में हुई विशेष ग्रामसभा

बकावंड राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जन्म दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत कोसमी में विशेष ग्रामसभा का आयोजन किया गया। इसमें गांव के विकास और सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

ग्राम सभा में गांव के विकास के लिए योजनाएं बनाई गई। और उनके क्रियान्वयन पर चर्चा की गई। ग्राम सभा में गांव के सभी सदस्यों को भाग लेने और अपने विचारों को साझा करने का अवसर मिला। ग्रामसभा के माध्यम से गांव के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाती हैं और उनके क्रियान्वयन के लिए काम किया जाता है। ग्राम सभा में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देने से गांव के लोगों में एकता और सहयोग की भावना बढ़ती है। ग्राम सभा में और आदि कर्मयोगी योजना की कार्य योजना बनाई गई। इसके तहत गांव के शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, पशुपालन, कृषि एवं मूलभूत समस्याओं को कार्य योजना में शामिल किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत कोसमी के सरपंच नीलम कुमार कश्यप, आदि कर्मयोगी योजना के कोऑर्डिनेटर लीलाधार कश्यप जी, जनपद सदस्य निरबती बघेल, शंकर कश्यप पंच, दयाराम पंच, लक्ष्मीनाथ पंच, शिबो राम पंच, दुजोॅ पटेल, सचिव खगेश्वर कश्यप, सत्यनारायण भद्रे, बैदू राम एवं गांव के माता, बहन, सियान, सजन आदि उपस्थित रहे।

दल्ली राजहरा मेनरोड में बोलेरो एवं ट्रक में भिड़ंत

0

दल्लीराजहरा – रात्रि 2:00 बजे ज्ञानू पेट्रोल पंप के पास मथई हॉस्पिटल के सामने ट्रक क्रमांक सीजी 21ए 6192 सामने से आ रही बोलोरो क्रंमाक सीजी 07 एम ए 8605 को रात्रि 2:00 बजे टक्कर मार दी जिससे बोलेरो के परखच्चे उड़ गए किंतु गनीमत यह रही की किसी को चोट नहीं आई।

न ब्यूटी पार्लर, न क्रीम पावडर, फिर भी बेमिसाल है बस्तरिहा सौंदर्य

0
  •  बस्तर की वादियां ही नहीं, यहां के जंगलों में रहने वाले लोग भी हैं बेहद खूबसूरत
  • बिना बाहरी श्रृंगार के भी दमकता है लोगों का चेहरा

अर्जुन झा

जगदलपुर न ब्यूटी पार्लर, न क्रीम पावडर और न कोई बाहरी श्रृंगार, फिर भी अनुपम और बेमिसाल है बस्तरिहा सौंदर्य। बस्तर की वादियां जितनी दिलकश और खूबसूरत हैं, उससे कहीं ज्यादा सुंदर है बस्तरिहा नारी का सौंदर्य। ऐसे अनुपम सौंदर्य को देख मन श्रद्धा से ओतप्रोत हो जाता है।

इन दिनों बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में बस्तर दशहरा की धूम मची हुई है। देश विदेश के हजारों सैलानी जगदलपुर पहुंचे हैं। साथ ही संभाग के सातों जिलों के सुदूर वनांचलों में रहने वाली युवतियां, महिलाएं, युवक, बड़े बुजुर्ग और बच्चे भी बड़ी संख्या में यहां आए हुए हैं। वनांचलों की युवतियां यहां अपने सौंदर्य की अनुपम छटा बिखेर रही हैं। चेहरों पर मासूमियत, आंखों में शहर की चकाचौंध को लेकर जिज्ञासा और बदन पर लिपटे पारंपरिक एवं आधुनिक वस्त्रों का संगम बस्तर की सुंदर तस्वीर पेश करते नजर आते हैं। हजारों के सौंदर्य प्रसाधन का उपयोग करने और नामी गिरामी ब्यूटीसियंस की मदद से कृत्रिम सुंदरता धारण कर कैटवॉक करने वाली महानगरीय बालाओं के सौंदर्य को मात देती नजर आती है हमारे बस्तर की बेटियों की अकृत्रिम सुंदरता। बिल्कुल भी बनावटी श्रृंगार नहीं, ब्यूटी पार्लर जाना तो दूर की बात, चेहरे पर क्रीम पावडर तक का नामों निशान नहीं, फिर भी ऎसी सुंदरता! लगता है प्रकृति ने यहां के जल, थल, जंगल और आम जीवन पर अपनी पूरी नेमत न्योछावर कर दी है। सामान्य सड़ियां पहनी और गले में मनकों की माला डाली, नाक में छोटी सी नथ या फुल्ली व हाथों में स्टील की कंगन पहनी युवतियां बड़े बड़े मंचों पर कैटवॉक करने वाली शहरी बालाओं की सुंदरता को धूल चटाती नजर आती हैं। वहीं युवक पेंट शर्ट के साथ जैकेट पहनकर कुछ शहरी अंदाज में जरूर नजर आते हैं, मगर गांव की छाप से वे मुक्त नहीं हुए हैं।

बस्तर का यह सौंदर्य बस्तर दशहरा में अपनी अलग ही छटा बिखेर रहा है। विदेशी मेहमान भी बस्तर की इस कुदरती खूबसूरती के कायल हो गए हैं और इसे अपने वीडियो कैमरों में कैद करते नजर आ जाते हैं। जितने सुंदर यहां के जंगल, नदियां, चित्रकोट वाटरफॉल और तीरथगढ़ वाटरफॉल हैं, उससे कहीं ज्यादा सुंदर बस्तर का यौवन और तरुणाई है। यह खुशहाल होते बस्तर की एक झलक भी है। भारी बारिश भी इन युवाओं को दशहरा उत्सव में शामिल होने से नहीं रोक पाई। पूरे बस्तर संभाग के अलावा उड़ीसा के लोग भी इस उत्सव में शामिल होने पहुंचे। रथयात्रा का जबरदस्त उत्साह देखते हुए प्रशासनिक व्यवस्था भी मजबूत थी। वर्दी और बिना वर्दी में हजारों महिला पुरुष पुलिस जवान सुरक्षा व्यवस्था में डटे रहे।

MOST POPULAR

HOT NEWS