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वन मंत्री केदार कश्यप ने दिखाए सख्ती, तब अफसरों में आई चुस्ती; वन भूमि को कब्जामुक्त करने मुहिम

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  •  वन भूमि से कब्जे हटाने में जुटे वन अधिकारी

जगदलपुर बस्तर जिले के भानपुरी, बस्तर एवं करपावंड परिक्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत वन मंत्री केदार कश्यप से क्षेत्रवासियों ने की। ग्रामीणों की शिकायत पर मंत्री केदार कश्यप ने बस्तर सीसीएफ और डीएफओ को बुलाकर उदासीनता नहीं बरतने और जल्द कार्रवाई कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा।

मंत्री कश्यप के निर्देश पर विभाग के अधिकारियों ने जेसीबी चलाकर अवैध कब्जे हटाए। रविवार को परिक्षेत्र में अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई की गई।जानकारी के अनुसार सुबह से ही वन अमला गश्ती पर निकला। अतिक्रमण के विरुद्ध गांव-गांव में मुनादी की गई। ट्रैक्टर मालिकों के जंगल जोताई करने पर आदतन जंगल जोताई करने वाले वाहन मालिकों की पहचान कर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। साथ ही इन पर मुखबिर के माध्यम से नजर रखी जाएगी। बकावंड रेंज के उलनार बीट के मैदानी अधिकारी एवं कर्मचारी मॉर्निंग गश्त पर रहे। बस्तर परिक्षेत्र अंतर्गत कुगारपाल सर्किल के परिसर चेराकुर के वन क्षेत्र में सामूहिक रूप से परिक्षेत्र के सभी अधिकारी कर्मचारी एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा अतिक्रमित क्षेत्रों का मौका निरीक्षण कर कार्रवाई की जा रही है। वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देश अनुसार वन परिक्षेत्र करपावंड के मोकागांव बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ 1146, आरएफ 166 में किए गए अतिक्रमण स्थल का शनिवार को वन विभाग जगदलपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक आरसी दुग्गा और वन मंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता द्वारा निरीक्षण के दौरान तत्काल अतिक्रमण स्थल में बनाए गए मेढ़ को जेसीबी की सहायता से समतलीकरण करने और भूजल संरचनाओं के तहत कंटॉवर ट्रेंच बनाए जाने के निर्देश दिए गए। इसके परिपालन में रविवार को वन प्रबंधन समिति मोकागांव के सदस्यों, परिसर रक्षक मोकागांव, परिक्षेत्र सहायक धनपुर एवं वन परिक्षेत्र करपावंड के समस्त कर्मचारियों द्वारा मोकागांव बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 166 में अतिक्रमण स्थल में बनाए गए मेढ़ को समतलीकरण और भू-जल संरचनाएं बनाई जा रही है। परिक्षेत्र के अन्य अतिक्रमण स्थलों में भी मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त और वन मंडलाधिकारी बस्तर के निर्देशानुसार कार्रवाई प्रस्तावित है। जिनमें शीघ्र ही नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

अवैध कार्य मंजूर नहीं: कश्यप

वनमंत्री केदार कश्यप ने मामले को लेकर कहा कि बस्तर में किसी भी प्रकार का अवैध कार्य स्वीकार्य नहीं है। जो बस्तर के वन भूमि पर अवैध कब्जा जमा कर बैठे हैं उनसे निवेदन है सरकार का सहयोग करते हुए स्थल कब्जा मुक्त करें।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए भाजपा, आरएसएस के सामने घुटने टेके अरविंद नेताम ने: विक्रम मंडावी

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  • बस्तर के आदिवासी कभी माफ नहीं करेंगे नेताम को 
  • गलत बयानी के लिए दीपक बैज और आदिवासी समाज से मांगें माफी 

जगदलपुर बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम और मंत्री केदार कश्यप द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के संदर्भ में दिए गए बयान को आदिवासी समाज को अपमानित करने वाला बयान बताया है।

विधायक विक्रम मंडावी ने कहा है कि अरविंद नेताम अपनी गलत बयानी के लिए सार्वजनिक माफी नहीं मांगेंगे तो उनके खिलाफ अदालती कार्रवाई की जाएगी। उनके विरुद्ध सार्वजनिक रूप से सामाजिक मंचो पर आवाज उठाई जाएगी। श्री मंडावी ने कहा कि अपने राजनैतिक हित के लिए अरविंद नेताम ने स्तरहीन आरोप लगा कर एक सच्चे आदिवासी नेता की छवि धूमिल करने का काम किया है। विधायक ने कहा कि पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज को अपनी धार्मिक आस्था के लिए अरविंद नेताम, केदार कश्यप या आरएसएस से सार्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं है। विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी ने अरविंद नेताम को सांसद बनाकर केंद्रीय मंत्री बनाया, उनकी पत्नी छबीला नेताम को कांग्रेस पार्टी ने सांसद बनाया उनके भाई शिव नेताम को कांग्रेस पार्टी ने मंत्री और उनकी बेटी प्रीति नेताम को कांग्रेस पार्टी ने दो बार कांग्रेस का टिकट दिया था। उस वक्त तक कांग्रेस पार्टी उनके लिए ठीक थी, लेकिन अरविंद नेताम और उनके पूरे परिवार ने सत्ता लोलुपता के लिए भाजपा, आरएसएस और उद्योगपतियों के सामने घुटने टेकने का काम किया हैं। विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा दीपक बैज प्रकृति पूजक आदिवासी हैं। वे बूढ़ादेव, महादेव के उपासक हैं। जीवन के चौथे पहर वान प्रस्थ की अवस्था में अरविंद नेताम आरएसएस की पाठशाला से झूठ बोलने की जो शिक्षा नागपुर से लेकर आए हैं, उसका बस्तर के ही आदिवासी नेता पर प्रयोग कर रहे हैं। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज दंतेश्वरी माई के अनन्य भक्त हैं। वे बस्तर दशहरा कमेटी के अध्यक्ष के रूप से 5 सालो तक प्रतिवर्ष 75 दिनों माई की सेवा करते रहे। कांग्रेस सरकार के समय सांसद के रूप में उन्होंने आदिवासी संस्कृति को बढ़ावा दिया, देवगुड़ी, घोटुल के संरक्षण एवं संवर्धन का काम किया है। अरविंद नेताम आरएसएस की पाठशाला से भले आए हों, लेकिन उसके पीछे अडानी और उद्योगपतियो की वह खीझ है जो दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर से खनिज संपदा के लूट के खिलाफ चलाए जा रहे आंदोलनो को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। श्री मंडावी ने कहा कि एनएमडीसी नगरनार संयंत्र के बेचे जाने के खिलाफ की गई पदयात्रा हो या बस्तर की जीवनदायिनी इंद्रावती को बचाने की पदयात्रा। हाल ही में बस्तर की खनिज संपदा की बंदरबांट के खिलाफ किरंदुल से दंतेवाड़ा तक की गई पदयात्रा में हजारों की संख्या में बस्तरवासियों ने इकट्ठा होकर बस्तर के हक की लड़ाई में अपनी एकजुटता प्रदर्शित की। उसके बाद से ही बस्तर को लूटने की योजना बनाने वाले लोग तिलमिला गए हैं। बस्तर के ही वरिष्ठ आदिवासी नेता को मोहरा बनाकर पीसीसी अध्यक्ष के खिलाफ अनर्गल प्रलाप करवा रहे हैं। राज्य में जब से भाजपा की सरकार बनी है प्रदेश के शहरी एवं मैदानी क्षेत्रों में भी धर्मांतरण की घटनाएं बढ़ गई हैं। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि भाजपा खुद धर्मांतरण को बढ़ावा देकर फिर वर्ग संघर्ष करवाती है। विपक्ष में रहते हुए धर्मांतरण के नाम पर फसाद करने वाले भाजपाई पिछले सवा साल से प्रदेश में हुई धर्मांतरण की घटनाओं पर चुप्पी साधे बैठे हैं। यही नहीं खबरें तो यह भी आ रही है कि धर्मांतरण कराने वालों को सत्तारूढ़ दल का संरक्षण मिला हुआ है। जशपुर, बस्तर में धर्मांतरण की घटनाओं के बाद भाजपा की खामोशी इस बात का प्रमाण है कि इन घटनाओं को उसका समर्थन है। साय सरकार ने अपनी पहली बैठक में ही वह दावा किया था कि नया धर्म स्वातंत्र विधेयक का ड्राफ्ट तैयार है। 60 दिन के भीतर लागू हो जाएगा, लेकिन सवा साल बीतने के बाद आ मौन है। कांग्रेस पार्टी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को चुनौती देती है। धर्मातरण को लेकर विशेष तौर पर छत्तीसगढ़ को लेकर श्वेत पत्र जारी करें। रमन सरकार में कितने चर्च बने थे और कांग्रेस के भूपेश बघेल सरकार के दौरान कितने चर्च बने थे स्थितियां स्पष्ट हो जाएंगी। भाजपा की जब-जब प्रदेश में सरकार रही स्वयं धर्मातरण को बढ़ावा देती है। ताकि इस मुद्दे पर बयानबाजी करके मतों का ध्रुवीकरण कर सके। भाजपा को हिंदुत्व और सनातन से कोई मतलब नहीं है। वह केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस प्रकार की चीजों को प्रचारित प्रसारित करती है।

ठोकर मारने के बाद पत्रकार को दूर तक घसीटते ले गई कार

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  •  पत्रकार अनिल सामंत को लिया चपेट में 

जगदलपुर शनिवार की देर शाम एक बेकाबू कार ने हरिभूमि के बस्तर संभागीय कार्यालय में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार अनिल सामंत को ठोकर मार दी। कार काफी दूर तक अनिल सामंत को घसीटते ले गई।

अनिल सामंत काम निपटाकर रात लगभग 8 बजे अपने निवास न्यू हाउसिंग बोर्ड कालोनी अघनपुर जा रहे थे। वे हाई स्कूल मोड़ से जैसे ही हनुमान मंदिर की ओर बढ़ने लगे पीछे से आई नैनो कार क्रमांक सीजी 17 सी 2243 ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। कार महारानी अस्पताल रोड से हनुमान मंदिर चौक की ओर जा रही थी। ठोकर मारने के चालक कार के साथ पत्रकार को लाला जगदलपुरी लाइब्रेरी तक लगभग 30 से 40 मीटर घसीटते ले गया। जिससे पत्रकार अनिल बुरी तरह घायल हो गए हैं। उनके बांए हाथ की कलाई फ्रेक्चर हो गई है। साथ ही हाथ बुरी तरह छिल गया है। इस बीच प्रत्यक्षदर्शियों ने कार को रुकवाया एवं कार के नीचे फंसे पत्रकार सामंत को निकाला। गनीमत रही कि पत्रकार की जान बच गई। उन्हें प्रतापदेव वार्ड की पार्षद उमा मिश्रा के पुत्र शिरीष मिश्रा एवं हाई स्कूल चौक से सटे पान दुकान के संचालक सीमांचल एवं कृष्णा बुक डिपो के कर्मचारी दुबे ने तत्काल वाहन से महारानी अस्पताल पहुंचाया। इस बीच घटना की जानकारी मिलते ही हरिभूमि के क्राइम रिपोर्टर राजेश दास व पत्रकार महेंद्र विश्वकर्मा अस्पताल पहुंचे। पत्रकारो ने सिविल सर्जन एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ संजय प्रसाद को सूचना दी। डॉ प्रसाद एवं शनिवार शाम आपातकाल ड्यूटी में तैनात डॉक्टर द्वारा त्वरित परीक्षण करते उपचार किया। डॉ प्रसाद के अनुसार एक्सरे में बांए हाथ की कलाई फ्रेक्चर होना और हाथ घसीटने से बुरी तरह से चिमड़ी निकलने की जानकारी दी। सिर छाती एवं पेट मे किसी तरह की चोट नही पाई गई है। शरीर के अंदुरुनी हिस्से में मसल्स में चोट है। दुर्घटना की सूचना के बाद हरिभूमि के संभाग प्रमुख सुरेश रावल समेत अन्य पत्रकार एवं घायल पत्रकार के दोनों भतीजे अंकित सामंत एवं अच्युत सामंत भी अस्पताल पहुंचे। उपचार के बाद घायल पत्रकार का घर पर ही उपचार चल रहा है। सड़क दुर्घटना के 3 दिन बाद भी पुलिस फरार ड्राईवर को ढूंढ पाई है, जिसे लेकर जिला पत्रकार संघ के सदस्यों में भारी रोष है।

रेस्टोरेंट में हुआ युवक की मौत

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अंतागढ़ : अंतागढ़ में स्थित मद्रासीपारा में बस्तर ढाबा के नाम से प्रचलित ढाबा हैं । जहां बीती रात्रि ढाबा में कार्य करने वाले युवक का हत्या का मामला सामने आया हैं । सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक नीरज मंडल निवासी चिखलकसा दल्लीराजहरा का रहने वाला था । जो बीती रात्रि युवक को हत्या हो गई । हत्या वहीं पर ही कार्यरत अन्य युवक के द्वारा करने बात निकल आ रही है। हालांकि इसकी कोई अधिकारिक पुष्टी नहीं हुई है ।पुलिस जांच मे जुटी हुई है कांकेर से फोरेंसिक विभाग एवं डाग स्क्वाड की टीम भी मौके पर मौजूद है ।

संदेही युवक का नाम प्रसनजीत चक्रवर्ती ग्राम पीवी – 98 दया नगर बताया जा रहा है ये भी ढाबा में वेटर का ही कार्य करता था । हत्या का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन जो बात निकल के आ रही है उसके अनुसार रात्रि में एक साथ नशापान करने के पश्चात आपस में विवाद होने पर हत्या शंका जताई जा रही है l चूंकि मृतक के पीछे गर्दन पर गहरी चोंट का निशान है अतः प्रथम दृष्टया मामला हत्या का ही लग रहा है हत्या कैसे ? और किससे हुआ है । इसकी पुष्टि अभी तक नहीं हुई है फिलहाल जानकारी पुलिस तहकीकात के बाद ही पता चल पाएगा। पुलिस आगे की  कार्यवाही जारी है ।

 

जंगल बचाने भानपुरी वन अमले की पहल

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जगदलपुर भानपुरी के वन विभाग अमले द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में वनों को बचाने और वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए के लिए जागरूकता अभियान चलाया गया।

मानसून के सक्रिय होते ही इन दिनों बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्र में वन अधिकार पट्टे के लालच में कुछ ग्रामीण पेड़ों की अवैध कटाई व गार्डनिंग कर रहे हैं, जिससे जंगल का सफाया हो रहा है। लोग वन भूमि पर मक्के की फसल लगा रहें हैं। जंगल को बचाने के लिए वन विभाग के टीम द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में लोगों के बीच पहुंच कर उन्हें जागरूक किया जा रहा है। अगर कोई भी व्यक्ति वन भूमि को अतिक्रमण कर फसल लगाता है और जोताई करते पाया गया तो जप्त कर उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों से वनों को बचाने के लिए वन विभाग को सहयोग करने अपील की वनमंडलाधिकारी बस्तर उत्तम कुमार गुप्ता उप वनमंडलाधिकारी आईपी बंजारे के निर्देशानुसार एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी पीएल पांडे के मार्गदर्शन में भानपुरी परिक्षेत्र अंतर्गत विभिन्न ग्राम पंचायतों में वन भूमि पर अतिक्रमण न किए जाने हेतु मुनादी की गई। वन भूमि पर अतिक्रमण करने पर की जाने वाली कानूनी कार्रवाई करने के बारे में जानकारी दी गई।

आईईडी ब्लास्ट में एएसपी गिरिपुंजे शहीद, टीआई समेत कई पुलिसकर्मी गंभीर घायल

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जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में आज सोमवार को बड़ी और दुखद घटना हो गई। नक्सलियों द्वारा किए गए आईईडी ब्लास्ट में एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे शहीद हो गए, जबकि एक टीआई समेत कई अन्य पुलिस कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।एएसपी आकाश राव गिरिपुंजे पुलिस बल के साथ 10 जून को नक्सलियों द्वारा आहूत भारत बंद के मद्देनजर एरिया गश्त एवं सर्चिंग पर निकले थे।

 

 

आईईडी ब्लास्ट की यह वारदात सुकमा जिले के कोंटा-एर्राबोर मार्ग पर सोमवार सुबह हुई। सुकमा जिले के नक्सल प्रभावित कोंटा डिवीजन में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरिपुंजे पुलिस बल के साथ गश्त पर निकले थे, तभी नक्सलियों ने पुलिस टीम को निशाना बनाया। टीम को कोंटा-एर्राबोरा मार्ग पर डोंड्रा के पास नक्सलियों द्वारा प्रेशर आईईडी विस्फोट किया गया।  गिरिपुंजे, एक टीआई और अन्य जवानों को गंभीर चोटें आईं।सभी घायलों को तत्काल कोंटा के अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां एएसपी आकाश राव अनंत आकाश में विलीन हो गए। टीआई और कुछ अन्य जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें संभवतः एयर लिफ्ट कर रायपुर ले जाया जा सकता है। पुलिस के आधिकारिक प्रेस नोट में बताया गया है कि एएसपी आकाश राव और अन्य जवान क्षेत्र में पैदल गश्त ड्यूटी पर थे, ताकि भाकपा (माओवादी) द्वारा 10 जून को भारत बंद के आह्वान के मद्देनज़र किसी भी प्रकार की नक्सली घटना को रोका जा सके।

15 किलोग्राम का ट्यूमर सफलतापूर्वक किया गया निष्कासित – महिला को मिला नया जीवन

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बिटाल की 39 वर्षीय महिला, पिछले तीन महीनों से पेट में तेज़ दर्द और एक बढ़ती हुई गांठ से परेशान थीं। जब वह अस्पताल पहुँचीं, तो डॉक्टरों ने देखा कि पेट का लगभग पूरा हिस्सा एक ठोस मास से भरा हुआ था। जांच के दौरान सीटी स्कैन में 31×15×24 सेंटीमीटर का एक विशाल गांठ पाया गया, जो सामान्य आकार की तुलना में कई गुना बड़ा था।

10 फरवरी 2025 को की गई अल्ट्रासोनोग्राफी में यह मास retroperitoneal क्षेत्र में कुछ भागों के साथ देखा गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 08/06/2025 को मरीज की Exploratory Laparotomy के साथ TAH और बाईं ओवरी को हटाने की प्रक्रिया की गई।

यह जटिल और जोखिमपूर्ण ऑपरेशन डॉ. शीला कुंडू ( स्त्री रोग विशेषज्ञ ) के मार्गदर्शन और डॉ.शैबाल जाना के नेतृत्व में संपन्न हुआ,जिसमें डॉ. प्रीती अधिकारी, श्री नरेश उइके, श्रीमती बंसाला एवं श्री कीर्तन ने सहायक भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान निकाले गए ट्यूमर का वजन लगभग 15 किलोग्राम था।

सर्जरी पूरी तरह सफल रही और रोगी अब स्वस्थ हैं। ट्यूमर के सैंपल को आगे की पुष्टि के लिए हिस्टोपैथोलॉजिकल परीक्षण (HPE) हेतु भेजा गया है।

डॉ.जाना ने बताया,”इतना बड़ा फाइब्रॉइड बहुत ही दुर्लभ होता है, और इसकी समय रहते पहचान और सर्जिकल हस्तक्षेप ने रोगी की जान बचाई जा सकती है ।”

यह सफलता स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की दक्षता और समर्पण को दर्शाती है। अस्पताल प्रबंधन ने सर्जन व उनकी टीम को इस जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न करने पर बधाई दी है

राजहरा ठेकेदार संघ का गठन, चंद्रेश जैन अध्यक्ष

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दल्लीराजहरा रविवार को दल्ली राजहरा व चिखलाकसा के सभी ठेकेदारों की बैठक रखी गई। बैठक में राजहरा ठेकेदार संघ का गठन किया गया। ठेकेदारों द्वारा सर्वसम्मति से संरक्षक विष्णु देव सिंह, राजेंद्र कुमार जैन, बच्ची देवी मिश्रा, विजय शर्मा एवं रवि जायसवाल को मनोनीत किया गया। अध्यक्ष चंद्रेश जैन, उपाध्यक्ष अजयन पिल्लै, सचिव जयदीप गुप्ता, कोषाध्यक्ष गोपेश गुप्ता मनोनीत किए गए। कार्यकारणी सदस्य सुरेश आहूजा, रामू शर्मा, राजकुमार साहू, प्रमोद चौधरी, घनाराम साहू, वैभव लूनिया, अमित चनानी, आकाश करड़ा आदि बनाए गए हैं। पदाधिकारियों ने कहा कि ठेकेदारों की बहुत सी समस्याएं होती हैं, जिन्हें संघ के माध्यम से अधिकारियों से मिलकर हल करना हमारी पहली प्रथमिकता होगी।

जल, ज़मीन, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा! डबल इंजन वाली सरकार का युवा विरोधी चेहरा उजागर: अजय बिसाई

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  •  एनएमडीसी भर्ती में छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोकना न्याय संगत नहीं 
  • हैदराबाद से की जा रही भर्ती प्रक्रिया का युकां ने किया पुरजोर विरोध 

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन सरकार पर छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़िया हितों की विरोधी होने का आरोप लगाते हुए युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अजय बिसाई ने कहा है कि हाल ही में एनएमडीसी भर्ती के विज्ञापन से स्पष्ट है कि भाजपा सरकारों की मंशा छत्तीसगढ़िया हित में नहीं है। कुल विज्ञापित 995 पदों में से 745 अर्थात लगभग 75 प्रतिशत पद छत्तीसगढ़ के किरंदुल और बचेली के खदानों के लिए हैं, लेकिन हैदराबाद से शुरू की गई इस भर्ती प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए कोई प्राथमिकता तय नहीं है। ज़मीन हमारी, खनिज हमारा और हमारे ही प्रदेश के युवाओं को नौकरी देने में उपेक्षा! यह नहीं चलेगा।

जिला युवा कांग्रेस अध्यक्ष बिसाई ने कहा है कि सरकारी उपक्रम एनएमडीसी, बैलाडीला क्षेत्र के लौह अयस्क का दोहन करती है। सर्वाधिक सक्रिय माइंस छत्तीसगढ़ में ही संचालित हैं, एनएमडीसी के कुल मुनाफे का 80 प्रतिशत भाग केवल छत्तीसगढ़ से आता है, फिर भी मुख्यालय हैदराबाद में स्थित है, जो तर्कसंगत नहीं है। मुख्यालय छत्तीसगढ़ में नहीं होने की वजह से ही कॉरपोरेट टैक्स में राज्य सरकार का हिस्सा, जीएसटी से राज्यांश जैसे अनेकों लाभ तेलंगाना को मिल रहा है। पूर्व में परिस्थितियों अलग थीं। बस्तर में हवाई सेवा, होटल और परिवहन सुविधाओं की कमी की वजह से एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद में बनाया गया था। लेकिन अब छत्तीसगढ़ में वे सभी सुविधाएं विद्यमान है। खदान छत्तीसगढ़ में है तो अब मुख्यालय भी प्रदेश में ही होना चाहिए। युवा नेता अजय बिसाई ने कहा है कि 1998 में अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में रायपुर में एनएमडीसी मुख्यालय स्थानांतरित करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया गया था, इस प्रस्ताव की अनुशंसा केंद्र को भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। इसके लिए छत्तीसगढ़ की पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार के समय भी तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने लगातार प्रयास किए। एनएमडीसी की भर्ती परीक्षा नागपुर के स्थान पर जगदलपुर और दंतेवाड़ा में आयोजित करने की शुरुआत हुई, मुख्यालय स्थानांतरित करने के लिए प्रधानमंत्री से मुलाकात और अनेकों पत्राचार किए गए, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई कार्यवाही नहीं की केवल आश्वासन ही देती रही। युकां अध्यक्ष अजय बिसाई ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र में भांसी, किरंदुल और बचेली में न केवल एनएमडीसी की लौह अयस्क की सभी प्रमुख खदानें हैं, बल्कि अब तो जगदलपुर के पास नगरनार में एनएमडीसी का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र भी स्थापित हो चुका है, वहां उत्पादन भी शुरू हो गया है, लेकिन मुख्यालय अभी भी तेलंगाना में ही स्थित है। हैदराबाद में बैठे अधिकारियों के दिशा निर्देश से छत्तीसगढ़ के पूरे कार्यों का संचालन हो रहा है। डबल इंजन की सरकार का दंभ भरने वाले भाजपा नेताओं, भाजपा के सांसदों और छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करना चाहिए, एनएमडीसी का मुख्यालय छत्तीसगढ़ स्थानांतरित करवाने केंद्र की मोदी सरकार पर दबाव बनाना चाहिए और भर्ती परीक्षा में छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता का प्रावधान किया जाना चाहिए।

जूनापानी में सामने आए उल्टी दस्त, बुखार के दो नए मरीज, रविवार को भी लगाया गया स्वास्थ्य शिविर

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  • सोमवार को भी गांव में मुस्तैद रहेगी स्वास्थ्य विभाग की टीम

जगदलपुर बस्तर जिले के दरभा विकासखंड अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र चिड़पाल के आश्रित ग्राम जूनापानी में लगातार तीसरे दिन भी रविवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इस दौरान दो नए मरीज सुखमती मंडावी पति फगनू मंडावी उम्र 40 वर्ष को उल्टी एवं बुखार की शिकायत और भुवनेश्वरी पिता मोसु उम्र 18 वर्ष को बुखार एवं दस्त की दिक्कत के चलते स्वास्थ्य परीक्षण करने सहित रक्त जांच के पश्चात आवश्यक दवाई दी गई और स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान कर सतर्कता बरतने की समझाइश दी गई। सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि विगत 6 जून को जूनापानी के जिन चार मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तोकापाल में भर्ती कराया गया था ।

उन सभी को स्वास्थ्य लाभ होने पर वहां से डिस्चार्ज कर दिया गया है, वे सभी स्वस्थ हैं। रविवार को ग्राम जूनापानी में स्वास्थ्य टीम द्वारा 12 घरों के 74 व्यक्तियों का सर्वे कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली गई। वर्तमान में गांव में स्थिति सामान्य है और सेक्टर प्रभारी सुभाष राजवाड़े, आरएचओ रविंद्र बघेल और एएनएम पद्मिनी मौर्य द्वारा कल सोमवार को भी जूनापानी में स्वास्थ्य शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि बारिश के मद्देनजर जिले के समस्त खंड चिकित्सा अधिकारियों और अन्य सभी मैदानी अमले को लगातार क्षेत्र भ्रमण कर मौसमी बीमारियों की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कॉम्बेट चिकित्सा दलों को भी सक्रिय रहने निर्देशित किया गया है।

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