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हाईमास्ट लाइट खराब, शहर डूबा अंधेरे में; नगर पंचायत ने ठेकेदार को भेजा नोटिस

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  • गुणवत्ता विहीन कार्य को लेकर चेताया, जल्द सुधार न होने पर होगी कार्रवाई

भोपालपटनम नगर पंचायत भोपालपटनम में लगाई गई हाईमास्ट लाइटों के खराब हो जाने से नगरवासी रात्रि में अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। इस संबंध में नगर पंचायत ने ठेकेदार मां कर्मा कंस्ट्रक्शन एंड जनरल ऑर्डर सप्लायर्स, फरसगांव को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्य में लापरवाही के लिए चेताया है।

नगर पंचायत कार्यालय से जारी पत्र के अनुसार, ठेकेदार द्वारा वर्ष 2023-24 में नगर के विभिन्न वार्डों में 5 हाईमास्ट लाइटें स्थापित की गई थीं। मगर सभी लाइटें वर्तमान में खराब पड़ी हैं, जिससे नगर में रात के समय गहरा अंधेरा छा जाता है। सबसे गंभीर चिंता यह है कि इन हाईमास्ट लाइटों के आसपास से राष्ट्रीय राजमार्ग गुजरता है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। नगर पंचायत के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पत्र के माध्यम से ठेकेदार को निर्देशित किया है कि वे शीघ्र सभी खराब लाइटों को ठीक कर इसकी सूचना कार्यालय को दें। अन्यथा, उनके विरुद्ध प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इस पत्र की प्रतिलिपि कलेक्टर, बीजापुर एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भोपालपटनम को भी सूचनार्थ भेजी गई है।नगरवासियों ने भी नगर पंचायत से मांग की है कि सार्वजनिक सुरक्षा को देखते हुए इस समस्या का त्वरित समाधान कराया जाए।

मोंगरापाल में स्वास्थ्य सेवा ठप : उप स्वास्थ्य केंद्र में एएनएम की वापसी की मांग

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  •  उप स्वास्थ्य केंद्र में है महज एक कर्मचारी, ग्रामीण हो रहे हैं परेशान 

बकावंड ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधाओं में हो रही दिक्कतों को देखते हुए जनपद पंचायत बकावंड की जल एवं स्वच्छता समिति की सभापति दयमती बंशी कश्यप ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी बस्तर को पत्र लिखकर मोंगरापाल उप स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ रही एएनएम ममता मौर्य को उनके मूल पदस्थना स्थान पर वापस लाने की मांग की है।

जनपद सभापति दयमती कश्यप द्वारा पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्तमान में एएनएम ममता मौर्य का संलग्नीकरण तोकापाल की ग्राम पंचायत राजूर सड़क पारा में किया गया है, जबकि मोंगरापाल उप स्वास्थ्य केन्द्र में केवल एक कर्मचारी डाली ठाकुर कार्यरत हैं। वे शासकीय कार्यों के साथ-साथ शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में भी सतत लगी रहती हैं, जिससे उन पर कार्यभार अत्यधिक बढ़ गया है। इसके चलते मोंगरापाल का स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से नहीं खुल पा रहा है और ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भटकना पड़ रहा है। सभापति दयमती कश्यप ने कहा है कि यदि एएनएम ममता मौर्य को जल्द मोंगरापाल वापस नहीं लाया गया तो ग्रामीणों को मूलभूत स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहना पड़ेगा। उन्होंने इस पत्र की प्रतिलिपि बस्तर लोकसभा सांसद महेश कश्यप और बकावंड के खंड चिकित्सा अधिकारी को भी भेजी है।

वर्सन

करेंगे जरूरी पहल

जनपद सभापति ने वस्तुस्थिति से अवगत कराया है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन लेकर जरूरी पहल की जाएगी।

 

इनकी भी सुध लो सरकार: दुर्गेश राय

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  • एनएचएम के कर्मियों की हड़ताल को प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय का मिला समर्थन 

जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सचिव दुर्गेश राय ने नेशनल हेल्थ मिशन के अधिकारी कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन दिया है। कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि केंद्र और राज्य की सरकारें इन कर्मियों की तत्काल सुध लें और हड़ताल की वजह से हो रही परेशानियों से जनता को राहत दिलाएं।

 

आज प्रदेश कांग्रेस सचिव दुर्गेश राय और कांग्रेस के अन्य नेता सुकमा जिले के एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल को समर्थन देने आंदोलन स्थल पर पहुंचे। इस अवसर पर दुर्गेश राय ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में सेवाएं दे रहे एनएचएम के लगभग 300 अधिकारी कर्मचारी 4 दिन से अनिश्चित हड़ताल पर हैं, लेकिन सरकार इनकी मांगो को पूर्ण करने मे असफल है। पूरे सुकमा जिला मे स्वास्थ सेवा ठप हो गई है आम जनता परेशान है। जिला हॉस्पिटल सुकमा में ओपीडी भी बंद पड़ा है। एनएचएम कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से जिले के अंदरूनी क्षेत्रों में स्वास्थ सेवा पूरी तरह ठप पड़ गई है। गर्भवती महिलाओं एवं छोटी मोटी बीमारियों से ग्रस्त लोग परेशान हैं। मलेरिया का दौर चल रहा है। ब्लड टेस्ट तक नहीं हो पा रहा है। सर्दी खांसी जैसी अन्य मौसमी बीमारियों से गांव के लोग परेशाम हैं। कांग्रेस नेता दुर्गेश राय ने कहा है कि एनएचएम कर्मचारियों की मांगो को सरकार जल्द से जल्द पूरा करे, अन्यथा पूरे जिला मे इलाज के आभाव से बहुत बड़ी जनहानि हो सकती है।  राय ने कहा है कि अंदरूनी क्षेत्रों में एनएचएम कर्मचारी अपनी जान दांव पर लगाकर नदी नाले पार करते हैं सेवा देने गांवों तक पहुंचते हैं। ऎसी ही अन्य कई परेशानियां वे झेलते हैं। इतने संकटों के बाद भी उनके द्वारा जन सेवा करना काबिले तारीफ है। दुर्गेश राय ने कहा कि हम सभी कांग्रेस के साथी इनकी जायज मांगो का समर्थन करते हैं और सरकार से आग्रह करते हैं कि इनकी जायज मांगे जल्द पूरी करें।

आगे  राय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनएचएम के लगभग 20 हजार स्वास्थ्य कर्मचारी जो अलग अलग पदों पर संविदा में पदस्थ हैं वे जॉब गारंटी, समान काम समान वेतन, ग्रेड पे, अनुकंपा नियुक्ति, मेडिकल बीमा, चिकित्सा अवकाश सहित 10 सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय ध्यान आकर्षण प्रदर्शन कल और परसों करने वाले हैं। जिससे शासन को वादा याद दिलाया जा सके जो चुनावी घोषणा पत्र में मोदी की गारंटी में शामिल था।  राय ने कहा कि आप सभी सुकमा जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में अलग अलग पदों में कई वर्षों से संविदा NHM में सेवाएं दे रहे हैं। लेकिन इतने वर्षों के बाद भी जाब सुरक्षा,अनुकंपा जैसी कोई सुविधा प्रदान नही किया गया है यह सभी मांगे को सरकार को गंभीरता से लेकर जल्द पूर्ण करना चाहिए। हड़ताल को समर्थन देने वालों में आयशा हुसैन, शेख सज्जर, हुसैन बाबा, भीमसेन, भीमा, रामा, सतेंद्र, हिंगा, मुक्का, धनेश, अलेन, रिंकू आदि शामिल थे।

आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु जिला स्तरीय समिति गठित

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बालोद, 21 अगस्त 2025 कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने राष्ट्रीय राज्य मार्ग व प्रमुख सड़को पर विचरण करने वाले आवारा और घुमंतू पशुओं के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने हेतु” कियान्वयन के संबंध में जिला स्तर पर “जिला स्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष जिल कलेक्टर होंगे।

समिति के सदस्य पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, सीएमओ नगर पालिका, कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग, उप संचालक पशु चिकित्सा, उप संचालक कृषि और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी होंगे। गठित समिति द्वारा प्रत्येक मास में जिले के आवारा घुमन्तु पशुओं के प्रबंधन और दुर्घटनाओं, समस्याओं के समाधान से संबंधित कार्यों की समीक्षा और सुधारात्मक उपाय हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाएगा। जिले में उक्त समिति के गठित होते हुए त्वरित कार्यवाही शुरू कर दी गई है, विगत रात्रि जिले के विभिन्न प्रमुख सड़कों में घूमने वाले पशुओं को सड़क से दूर ले जाने की कार्यवाही की गई है।

पालिका कर्मचारी हड़ताल पर कामकाज बंद रहेंगे

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नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष गोविंद साहू द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन एवं नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय के आह्वान पर मोदी की गारंटी के अनुसार शासकीय सेवकों को केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता, जुलाई 2019 से लंबित डी.ए. एरियस को जीपीएफ में समायोजित करने, वेतन विसंगति दूर करने,प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा गणना के आधार पर समस्त सेवा लाभ देने तथा नगरीय निकाय के कर्मचारियों को प्रतिमाह एक तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने एवं नगरीय निकाय के कर्मचारियों को निकायों में पद स्वीकृत कर कर्मचारियों की पदोन्नति करने सहित 13 सूत्रीय मांगों को लेकर 22 अगस्त को कलम बंद काम बंद हड़ताल के द्वितीय चरण में निकाय के सभी कर्मचारी सम्मिलित रहेंगेl हड़ताल होने के कारण कल आम नागरिकों को असुविधा के लिए कर्मचारी संघ द्वारा खेद व्यक्त किया गया है l

राशन दुकानों में मिली गड़बड़ी, एसडीएम ने थमाए नोटिस

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  • तीन दिन में जवाब न देने पर होगी कड़ी कार्रवाई

बकावंड विकासखंड बकवंड की ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा की राशन दुकानों में गड़बड़ी उजागर हुई है। एसडीएम ने दुकान संचालकों को नोटिस भेजकर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

एसडीएम ने मां दंतेश्वरी सरस्वती स्व सहायता समूह ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा की अध्यक्ष लखमी कश्यप,

सचिव देवली भारती और राशन विक्रेता बुदरी बघेल को नोटिस भेजा है।शासकीय उचित मूल्य दुकान रायकेरा देवड़ा का संचालन मां दंतेश्वरी सरस्वती स्व सहायता समूह ग्राम पंचायत रायकेरा देवड़ा की अध्यक्ष लखमी कश्यप, सचिव देवली भारती, व विक्रेता बुदरी बघेल द्वारा किया जा रहा है। खाद्य निरीक्षक बकावंड द्वारा इस शासकीय उचित मूल्य दुकान का निरीक्षण किए जाने पर बड़ी गड़बड़ियां पाई गई थीं। राशन दुकान में 07.18 विवटल चावल और 0.07 क्विटल शक्कर निर्धारित मात्रा से कम पाए गए तथा 0.65 क्विटल चना निर्धारित मात्रा से अधिक पाया गया था। दुकान संचालनकर्ताओं द्वारा मई माह में शक्कर की निर्धारित दर 17 रूपये की जगह 20 रूपये ली गई थी। माह जनवरी में आंबटित चना का हितग्राहियों को निर्धारित मात्रा में वितरण नहीं कर चना वितरण में अनियमितता की गई थी। खाद्य निरीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम ने यह एक्शन लिया है।

 

सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ जिला पंचायत बालोद के सामान्य सभा की बैठक

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बालोद, 20 जुलाई 2025 जिला पंचायत सभाकक्ष में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चन्द्रकार की अध्यक्षता में आयोजित जिला पंचायत के सामान्य सभा की बैठक शांतिपूर्ण ढंग से एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। बैठक में जिला पंचायत उपाध्यक्ष  तोमन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  सुनील चंद्रवंशी सहित विभिन्न समितियों के सभापति, जिला पंचायत सदस्यों के अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारीगण उपस्थित थे। बैठक में पूर्व बैठक की पालन प्रतिवेदन पर चर्चा की गई। इसी तरह बैठक में खनिज विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, लोक निर्माण विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना विभाग, जल संसाधन विभाग, विद्युत विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों सहित पुराने जिला पंचायत के किराए पर चर्चा की गई।

 

पोल खुलने पर आपा खो बैठी कांग्रेस की महिला पार्षद

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  • पार्षद करने लगी महापौर संजय पांडे से बदजुबानी
  • पीएम आवास में वसूली मामले में जमानत पर है महिला कांग्रेसी पार्षद

जगदलपुर डिबेट के दौरान महापौर संजय पाण्डेय और भाजपाइयों ने जैसे ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर 25 हज़ार रुपए लेने का मामला उजागर किया, वैसे ही कांग्रेस की महिला पार्षद आपे से बाहर हो गई और उन्होंने बदजुबानी शुरू कर दी।

पूर्व में भी इस महिला पार्षद द्वारा वार्डवासियों के साथ कथित ठगी करने के पश्चात नागरिकों को धमकाया गया था। उनका यह वीडियो पूरे शहर में वायरल है। इससे पूर्व वार्डवासियों ने उसकी ऐसी धुनाई कर दी थी जिससे उसके चेहरे पर जो चोट आई थी। इसका भी वीडियो वायरल हुआ था और आज के विडियो में भी देखा जा सकता है कि किस प्रकार उसने आपा खोकर गंदी- गंदी और भद्दी गालियां दी हैं। सारे शहर को मालूम है कि इस भ्रष्टाचारी पार्षद के ख़िलाफ़ भारतीय जनता पार्टी ने 28 दिन तक बोधघाट थाने के सामने धरना दिया था। उस समय भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेताओं सहित 700 से ऊपर कार्यकर्ताओं को पुलिस द्वारा अरेस्ट कर लिया गया था। विधानसभा में मामला उठने के बाद अंततः कांग्रेस सरकार ने ही महिला पार्षद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। फिलहाल वह जमानत हैं।

कन्वर्टेड महिला के शव के अंतिम संस्कार को लेकर गांव में विवाद

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  • कन्वर्जन से आदिवासी गांवों में बिगड़ रहे हालात
  • गांव की सरहद पर कहीं भी शव दफनाने नहीं देने के लिए अड़ गए ग्रामीण

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर में कन्वर्जन अब सिर्फ आदिवासी संस्कृति और परंपराओं पर खतरा मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह ग्रामीण एकता को खंडित करने का सबब भी बन गया है। यह फूट डालो और राज करो की नीति भी साबित हो रहा है। ऐसा ही एक बड़ा मामला बस्तर के कांकेर जिले के ग्राम दुर्गूकोंदल से सामने आया है, जहां अंतिम संस्कार का मसला गांव की परंपरा और एकता का अंतिम संस्कार करता हुआ प्रतीत हो रहा है। गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है

बस्तर संभाग में एक ओर जहां नक्सली आदिवासियों का नर संहार करते आए हैं, वहीं दूसरी ओर कन्वर्जन ने इस आदिम समुदाय को विलुप्ति की कगार पर पहुंचा दिया है।अपनी परंपराओं, संस्कृति और पूजा पद्धति पर अडिग आदिवासी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। बस्तर में सदियों से निवासरत गोंड़, हल्बा, मुरिया, भतरा, भतरी आदि जनजातियों का संख्या बल लगातार क्षीण होता जा रहा है। वजह साफ है- नक्सलियों के हाथों संहार और बाहरी सभ्यता का आक्रमण। यहां कन्वर्जन एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। कन्वर्टेड लोग अपनी मूल परंपरा को त्याग चुके हैं और उन्हीं की वजह से कई जगहों पर विवाद की स्थिति अक्सर निर्मित होती आई है। कांकेर जिले के ब्लॉक मुख्यालय दुर्गूकोंदल में भी ऐसा ही कुछ हुआ। यहां शुक्रवार को इसाई धर्म अपना चुकी एक महिला की मृत्यु हो गई। इस महिला के अंतिम संस्कार को लेकर दुर्गूकोंदल के ग्रामीणों ने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। महिला के परिजन शनिवार को अपनी ही निजी जमीन पर शव का अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे। इससे पहले शुक्रवार की रात ग्राम पटेल व ग्राम गायता की उपस्थिति में सामाजिक लोगों और ग्रामीणों की बैठक हुई। बैठक में सभी ने एकमत होकर ईसाई धर्म मानने वाली मृत महिला के शव को दुर्गूकोंदल में अंतिम संस्कार नहीं करने देने का निर्णय सुना दिया। ग्राम पटेल ने मृतका के परिजनों को बुलाकर बताया कि ग्रामवासियों और समाज ने निर्णय लिया है कि गांव में शव का अंतिम संस्कार करने नहीं देंगे, क्योंकि महिला ईसाई धर्म में परिवर्तित हो चुकी थी। इनके शव को दफनाने से हमारे ग्राम व्यवस्था, देव व्यवस्था अपमानित होगी। मृत महिला के परिजनों ने कहा कि हमारी निजी जमीन है, हम अपनी जमीन में अंतिम संस्कार करेंगे। लेकिन ग्राम के गायता, पटेल और ग्रामीणों ने गांव की सरहद पर महिला का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इस बीच पुलिस के अधिकारियों ने भी कहा कि जबरन अंतिम संस्कार से विवाद की स्थिति निर्मित होगी इसलिए जमीन सरकारी हो या निजी, ग्रामीणों की मंशा के अनुरूप अंतिम संस्कार ना करें। इस मसले को लेकर गांव में अभी तनाव जैसी स्थिति है।

बस्तर दशहरा की परंपरा एवं संस्कृति का संरक्षण हम सबका दायित्व है – सांसद महेश कश्यप

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जगदलपुर: जिला कलेक्टर कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में आज बस्तर दशहरा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सर्वसम्मति से बलराम मांझी को बस्तर दशहरा समिति का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।

सांसद एवं समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप ने नवनियुक्त उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए कहा कि बस्तर दशहरा हमारी प्राचीन परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर है। हमारे पूर्वजों ने ‘आमचो बस्तर’ की परंपराओं को सहेज कर रखा है। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम भी इस संस्कृति को संरक्षित करें। यह पर्व सामाजिक एकता और जनसहभागिता का अनुपम प्रतीक है। उन्होंने आगे कहा कि दशहरा पर्व के ऐतिहासिक स्थलों को राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर संरक्षित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। साथ ही शासन द्वारा आबंटित बजट के अतिरिक्त राष्ट्रीय कंपनियों से सहयोग प्राप्त करने की भी पहल की जा रही है। सांसद ने यह भी बताया कि इस बार संभाग के सातों जिलों से देवी-देवताओं के आगमन के लिए प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी।

बैठक के दौरान महाराज कमलचंद भंजदेव ने मांझी, चालकी एवं सेवादारों के रिक्त पदों की भर्ती करने तथा देवी-देवताओं के आश्रय स्थलों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। महापौर संजय पांडेय ने कहा कि बस्तर दशहरा हमारी सांस्कृतिक विरासत है, जिसे देखने देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। कलेक्टर हरिस एस ने बताया कि गत वर्ष (2024) एवं आगामी वर्ष (2025) के दशहरा बजट की विस्तृत जानकारी समिति को दी गई है।

नकटी सेमरा में पौधरोपण : एक पेड़ देवी-देवताओं के नाम

बैठक उपरांत समिति सदस्यों, अतिथियों एवं मांझी-चालकी द्वारा नकटी सेमरा दशहरा वन में वृक्षारोपण किया गया। यह परंपरा “एक पेड़ देवी-देवताओं के नाम” अंतर्गत की गई। ज्ञात हो कि रथ निर्माण हेतु प्रतिवर्ष लगभग 200 पेड़ों की आवश्यकता होती है। प्रतिपूर्ति स्वरूप साजा आदन, साल, महुआ, आम, नीम, आंवला, तेंदू, कुसुम, सागौन, बांस, जामून सहित विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाए गए।

इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप, महापौर संजय पांडेय, नगर निगम सभापति खेम सिंह देवांगन, बस्तर राजपरिवार के कमलचंद भंजदेव, कलेक्टर हरिस एस, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा, जिला पंचायत सीईओ प्रतीक जैन, वनमंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर सी.पी. बघेल, ऋषिकेश तिवारी, अपर कलेक्टर नारायणपुर पंचभोई, आयुक्त नगर पालिक निगम प्रवीण वर्मा, तहसीलदार एवं सचिव रुपेश मरकाम सहित बड़ी संख्या में मांझी, चालकी, पुजारी, मेम्बर एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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