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और बढ़ गया भास्कली नदी से रेत का अवैध खनन, भारी वाहनों से सड़कों की हो गई दुर्गति

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  • तहसीलदार की भूमिका पर ग्रामीण उठा रहे सवाल
  • रेत ढोने वाले ट्रकों और ट्रेक्टरों ने गांवों की सड़कों का किया सत्यानाश 

अर्जुन झा-

बकावंड विकासखंड बकावंड के ग्राम बनियागांव के पास भास्कली नदी से रेत के अवैध खनन का मामला उजागर होते ही रेत माफियाओं ने अवैध खनन और परिवहन की रफ्तार और बढ़ा दी है। रेत माफियाओं को डर है कि प्रशासन कभी भी छापेमारी कर सकता है, इसलिए वे कम समय में ज्यादा से ज्यादा रेत का भंडारण करने में लग गए हैं। वहीं रेत के इस काले कारोबार में तहसीलदार की भूमिका पर भी अब ग्रामीण सवाल उठाने लगे हैं।

हमने अपने पिछले अंक में इंद्रावती की पूरक और सहचरी भास्कली नदी में चल रहे रेत माफियाओं के तांडव की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इस खबर ने रेत माफियाओं में डर पैदा कर दिया है। उन्हें डर है कि प्रशासन कभी भी कार्रवाई कर सकता है, इसलिए वे कार्रवाई होने से पहले ज्यादा से ज्यादा रेत निकाल कर उसे अपने अड्डों में जमा करने लगे हैं। रेत खनन के लिए जेसीबी और परिवहन के लिए डंपर, ट्रकों व ट्रेक्टरों की संख्या बढ़ा दी गई है। रेत माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध खनन के चलते भास्कली नदी सूख चुकी है। वहीं जलधारा की दिशा बदल जाने से किसानों के खेतों का तेजी से कटाव हो रहा है। कई किसानों की जमीन आधी से भी कम हो चुकी है। भास्कली नदी बकावंड विकासखंड के बनियागांव से होकर गुजरती है और दर्जनों ग्राम पंचायतों की हजारों एकड़ कृषि रकबे को सींचती है। भास्कली नदी उड़ीसा से प्रवाहित होकर इंद्रावती में मिलने से पहले करीब 100 किमी के फासले में स्थित पचासों गांवों के खेतों को सिंचित करती है। भास्कली नदी के सहारे ही इन गांवों के किसान विभिन्न फसल लेते हैं।धान, मक्का, उड़द, आदि की खेती करते हैं,

लेकिन रेत माफियाओं ने किसानों और ग्रामीणों को भारी नुकसान पहुंचा दिया है। नदी के सूखने से खेतों की पर्याप्त सिंचाई नहीं हो पा रही है। भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, कुंए, हैंडपंप, ट्यूबवेल जवाब देने लगे हैं। किसानों और ग्रामीणों की शिकायत के बावजूद तहसीलदार इस मामले में जरा भी गंभीर नहीं हैं। इससे उनकी भूमिका संदिग्ध हो चली है। ग्रामीणों का खुला आरोप है कि रेत माफियाओं को अधिकारी खुला संरक्षण दे रहे हैं। खबर प्रकाशित होने के बाद रेत माफियाओं ne रेत खनन और परिवहन की रफ्तार और भी तेज कर दी है। उन्होंने नदी से रेत निकालने और उसके परिवहन के लिए मशीनों एवं वाहनों की संख्या दुगुनी कर दी है। चर्चा है कि अधिकारियों ने उन्हें कुछ दिन की मोहलत दे दी है। इसके बाद वे दिखावे के लिए कार्रवाई करेंगे।

सड़कों का हुआ बंठाधार

ग्राम पंचायत बनियागांव और अन्य 8- 10 गांव से होकर रेत भरे भारी भरकम ट्रक एवं ट्रेक्टर चलने के कारण इन गांवों की सड़कों का बेड़ागर्क हो गया है। सड़कें धंस चुकी हैं, सड़कों पर असंख्य गड्ढे हो गए हैं। पैदल चलने और दोपहिया वाहन चलाने में बड़ी परेशानी हो रही है। धूल मि‌ट्टी भी ग्रामवासियों को अलग परेशान किए हुए है। सबसे हैरत की बात तो यह है कि आज जांच के लिए पहुंचे अधिकारियों को रेत का परिवहन करते एक भी वाहन नहीं मिला, न ही उन्हें नदी में रेत का अवैध खनन करती जेसीबी दिखी।

वर्सन

सीमा को लेकर कंफूजन

आज मैंने तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े और आरआई प्रेमचंद झा के साथ बनियागांव जाकर मौका मुआयना किया। एक भी ट्रक, ट्रेक्टर रेत का परिवहन करते नहीं मिला। नदी के बीचों बीच एक पोकलेन मशीन जरूर खड़ी थी, लेकिन सीमा को लेकर कंफ्यूजन के चलते पंचनामा व जप्ती की कार्रवाई नहीं की जा सकी। भास्कली नदी ओड़िशा और बस्तर की सीमा रेखा पर है, इसलिए यह कंफ्यूजन की स्थिति बनी है। इसकी जांच करा रहे हैं।अगर बस्तर की सीमा के अंडर अवैध खनन हो रहा होगा तो जरूर कार्रवाई की जाएगी।

 

दल्ली राजहरा खदान समूह में सुरक्षा मापदंडों का उड़ाया जा रहा है मखौल: मुश्ताक अहमद

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  • ठेका श्रमिकों के साथ लगातार हो रहे हादसे
  • बिना पंजीयन और गेटपास के काम कर रहे श्रमिक

दल्लीराजहरा खदान मजदूर संघ भिलाई संबंद्ध भारतीय मजदूर संघ दल्ली राजहरा के नेता मुश्ताक अहमद ने कहा है कि राजहरा खदान समूह में लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लगाने में बीएसपी प्रबंधन पूरी तरह असफल नजर आ रहा है। आएदिन खदान के अंदर दुर्घटना हो रही है और जिम्मेदार अधिकारी इसमें सुधार करने के बजाय इसमें सहयोग करते नजर आ रहे हैं।

मुश्ताक अहमद ने कहा है कि अभी ताजा दुर्घटना दल्ली यंत्रीकृत खदान के ओवर बर्डन के वेस्ट रिमूअल के ठेके में हुई है जिसमें लोडर मशीन का रेडिएटर के पानी की जांच करते समय ठेका श्रमिक बुरी तरह झुलस गया है। ठेका श्रमिक की जान भी जा सकती थी। इस दुर्घटना का जिम्मेदार कौन है आजतक बीएसपी प्रबंधन द्वारा इसकी जानकारी किसी भी यूनियन को नहीं दी गई है जोकि बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। मगर जब भारतीय मजदूर संघ ने दल्ली यंत्रीकृत खदान में कार्यरत ठेका श्रमिकों बातचीत की तो पता चला है कि जिस ठेका श्रमिक का दुर्घटना हुआ है उसका नाम करण दीक्षित है उसकी उम्र मात्र 22 वर्ष है। सबसे बड़ी बात है कि यह गरीब ठेका श्रमिक इस ठेके में कार्य ही नहीं करता था। उसे ठेकेदार ने अपनी मशीनों और गाड़ियों की मरम्मत के लिए अलग से रखा हुआ था

ठेका श्रमिक की न तो कोई सेफ्टी ट्रेनिंग हुई है और न ही ए फार्म पंजीयन हुआ है और न ही उसका गेटपास बना है, तो फिर इस ठेका श्रमिक को किसके आदेश से खदान के अंदर आने दिया गया उसे ठेकेदार ने भेजा था या फिर बीएसपी के किसी जिम्मेदार अधिकारी ने। संघ द्वारा जांच करने पर पता चला है कि यहां के जिम्मेदार अधिकारियों की सहमति से बिना गेटपास, बिना ट्रेनिंग, बिना ए फ़ार्म पंजीयन के रोजाना ऐसे ठेका श्रमिकों को खदान में प्रवेश करने दिया जाता है। करण दिक्षित पिछले 6 माह से बिना गेटपास के खदान के अंदर कार्य कर रहा था और खदान के जिम्मेदार अधिकारी ने पूरी खदान ठेकेदार के भरोसे छोड़ दी है जोकि जांच का विषय है। मुश्ताक अहमद ने कहा- ऐसी जानकारी मिली है कि अभी भी 3 से 4 ऐसे ठेका श्रमिक इस ठेकेदार के अधीन कार्यरत हैं जिनका गेटपास, ट्रेनिंग, पंजीयन नहीं हुआ है मगर ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। और सबसे बड़ी अमानवीय बात यह है कि बीएसपी के जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार ने दुर्घटनाग्रस्त ठेका श्रमिक करण दिक्षित का सही ईलाज करवाना भी जरूरी नहीं समझा और खदान के अंदर हुए एक्सीडेंट में घायल हुए और जले हुए ठेका श्रमिक को सीधे बीएसपी अस्पताल न ले जाकर उसे शहीद अस्पताल में भर्ती करवाया गया है जहां जले हुए मरीजों के ईलाज की सुविधा नहीं है। इसलिए उसे बीएसपी अस्पताल से सीधे भिलाई सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई रेफर किया जाना था, किन्तु बीएसपी के अधिकारियों और ठेकेदार ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ लिया और गरीब मजदूर को उसके हाल में छोड़ दिया गया। मुश्ताक अहमद ने कहा है कि राजहरा खदान समूह में सुरक्षा के मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण आए दिन खदान के भीतर कोई न कोई दुर्घटना होती रहती है अभी कूछ दिन पहले ही दल्ली यंत्रीकृत खदान में सुरक्षा में लापरवाही के चलते पैलेट प्लांट में कार्यरत ठेका श्रमिक ऊंचाई से गिरकर मौत के मुंह में चला गया था मगर आजतक किसी भी जिम्मेदार के ऊपर किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। आज भी सुरक्षा मापदंडों का खुला उल्लंघन पैलेट प्लांट में हो रहा है।महामाया खदान में भी वहां के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा खुलकर सुरक्षा के मापदंडों का उल्लंघन किया जा रहा है। महामाया खदान तो पूरी तरह एक ठेका कंपनी के सुपरवाइजर के हवाले कर दी गई है, जिसका न तो ए फार्म पंजीयन हुआ है और न ही ट्रेनिंग और वह 60 वर्ष की आयु भी पार कर चुका है। महामाया खदान के जिम्मेदार अधिकारी और वहां के ठेकेदार द्वारा उसी से कार्य करवाने के लिए उसका गेटपास बनवाने नए नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं, जोकि जांच का विषय है। ऐसे सुरक्षा के मापदंडों का उल्लंघन आज राजहरा खदान समूह में लगभग सभी जगह नजर आता है, मगर बीएसपी प्रबंधन के जिम्मेदार अधिकारी किसी भी प्रकार की कार्रवाई करते नजर नहीं आते हैं। इसलिए बहुत जल्द दस्तावेजों के साथ भारतीय मजदूर संघ का एक प्रतिनिधि मंडल धनबाद जाकर डीजीएमएस से मिलकर ऐसे सभी मामलों में कड़ी कार्रवाई की मांग करेगा, जिसमें जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए केन्द्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का खुलेआम उल्लंघन कर रहे हैं और खदान में सुरक्षा के मापदंडों का भी खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है।

जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप बने भगीरथ; लौटा लाई इंद्रावती-जोरानाला में जलधारा, बस्तर को मिला जीवनदायी प्रवाह

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  • बस्तर की जनता को जल संकट से राहत देना हमारी प्राथमिकता: केदार कश्यप
  • यह साय सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के विश्वास की जीत: कश्यप

अर्जुन झा

जगदलपुर लंबे समय से इन्द्रावती-जोरानाला के जल संकट से जूझ रहे बस्तर जिले को आखिरकार राहत मिली है। यह संभव हो पाया है छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप की सक्रियता और संवेदनशील पहल से, जिन्होंने समय रहते ठोस निर्णय लेकर न केवल जल संकट की गंभीरता को समझा बल्कि उसे स्थायी समाधान की दिशा में भी अग्रसर किया। मंत्री केदार कश्यप ने इस मामले में भगीरथ की भूमिका निभाई है।

ज्ञात हो कि वर्ष 2010 से 2016 तक ओडिशा राज्य में हाइड्रोलिक कंट्रोल स्ट्रक्चर निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ ने 49 करोड़ रुपए की राशि प्रदान की थी। इसके तहत दोनों राज्यों के बीच जल बंटवारे का समझौता हुआ था। इस समझौते के अनुसार बस्तर के लिए 50 प्रतिशत जल प्राप्ति सुनिश्चित हुई थी। किंतु 2021 से 2023 तक कंट्रोल स्ट्रक्चर के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम में सिल्ट, बोल्डर और रेत जमा होने से बस्तर को मात्र 23 प्रतिशत जल मिल रहा था। वर्ष 2024 में यह मात्रा घटकर सिर्फ 16 प्रतिशत हो गई, जिससे बस्तर में भयावह पेयजल संकट खड़ा हो गया।जन दबाव और आंदोलन के बीच जब स्थिति विकराल होने लगी, तब संवेदनशील मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से संवाद कर समस्या समाधान की पहल की। इसके साथ ही जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप ने मोर्चा संभाला और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया। बस्तर सांसद महेश कश्यप भी इस मामले में काफी सक्रिय नजर आए। सुशासन तिहार के अवसर पर 9 मई को बस्तर प्रवास पर आए मंत्री केदार कश्यप ने जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो एवं प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उईके को निर्देशित किया कि इंद्रावती-जोरानाला संगम पर बने हाइड्रोलिक कंट्रोल स्ट्रक्चर के अप स्ट्रीम और डाउन स्ट्रीम से अवरोधक रेत, बोल्डर, रेत बोरी आदि को स्थायी रूप से हटाया जाए। इस निर्देश के बाद अस्थायी रूप से रास्ता बनाकर नदी प्रवाह को सुचारू किया गया, जिससे जल प्रवाह 16 प्रतिशत से बढ़कर पुनः 49 प्रतिशत तक पहुंच गया, जो बस्तरवासियों के लिए किसी अमृत से कम नहीं है। इस महत्वपूर्ण निर्णय और तत्पर प्रयास के लिए बस्तर की जनता ने जल संसाधन मंत्री केदार कश्यप का आभार व्यक्त किया है, जिनके संवेदनशील नेतृत्व शैली और तत्काल निर्णय क्षमता ने बस्तर को जल संकट से उबार कर जीवनधारा बहाल कर दी है।

वर्सन (केदार कश्यप की फोटो के साथ लगाएं)

हमने कर्तव्य निभाया

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के मार्गदर्शन और संवेदनशील पहल से बस्तर के जल संकट का समाधान संभव हुआ। बस्तर की जनता को जल संकट से राहत देना हमारी प्राथमिकता है। हमने तत्परता से कार्यवाही की और आज इंद्रावती की जलधारा फिर बस्तर की ओर बह रही है और बस्तर की प्यास बुझा रही है। यह साय सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के विश्वास की जीत है।

मेयर संजय पाण्डेय के घर पहुंचे भाजपा के बड़े नेता

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  • क्षेत्रीय संगठन महामंत्री जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव, पवन साय समेतकई बड़े नेता आए

जगदलपुर महापौर संजय पाण्डेय के मैत्री संघ स्थित निवास में आज भारतीय जनता के कई बड़े नेता पहुंचे। इन नेताओं ने संजय पाण्डेय को मेयर चुने जाने पर बधाई दी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह पारदर्शी और भ्रष्टाचार विहीन कार्यप्रणाली अपनाने तथा मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन की झलक जगदलपुर में दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया।

भाजपा के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, संगठन महामंत्री प्रदेश पवन साय, संभाग प्रभारी रजनीश सिंह, निरंजन सिन्हा आज महापौर संजय पाण्डेय के मैत्री संघ स्थित निज निवास पर पहुंचे। इन नेताओं का संजय पाण्डेय ने आत्मीय स्वागत किया। सूत्र बताते हैं कि श्री जामवाल ने संजय पाण्डेय को नसीहत दी कि जगदलपुर की जनता ने जिस विश्वास और उम्मीद के साथ आपको महापौर चूना है, उस भरोसे को कभी टूटने मत देना, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की तरह नगर निगम में पारदर्शी कार्यप्रणाली अपनाते हुए नगर निगम को भ्रष्टाचार मुक्त और शहर को समग्र रूप से विकसित एवं सर्व सुविधा संपन्न बनाने की जिम्मेदारी आप पर है। दुनिया भर के पर्यटक बस्तर आते हैं और जगदलपुर में रुककर बस्तर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण करते हैं। इसलिए विदेशी सैलानियों के बीच साफ संदेश जाना चाहिए कि भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है। वहीं प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव ने संजय पाण्डेय के कामकाज के तरीकों की सराहना करते हुए और भी बेहतर परफॉरमेंस दिखाने के लिए प्रोत्साहित किया और कहा कि राज्य सरकार की ओर से जगदलपुर के विकास में धन एवं संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इस दौरान नगर निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, एमआईसी सदस्य संग्राम सिंह राणा, लक्ष्मण झा, पार्षद खगेंद्र ठाकुर, गायत्री बघेल, संतोष गौर, पंकज आचार्य, शशिनाथ पाठक, पी. लोकेश्वर राव, आशुतोष आचार्य, विनायक बेहरा, धनेश्वर आदि भी मौजूद रहे।

पीएम स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय धरमपुरा में लॉटरी प्रक्रिया से होगा दाखिला

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जगदलपुर नगर के पीएम  स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय धरमपुरा में 10 मई को सुबह 9 बजे से कक्षा पहली से 8वीं तक की रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु लॉटरी प्रक्रिया आयोजित की जाएगी।

 

यह प्रक्रिया उच्च अधिकारियों, शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के सदस्यों तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में संपन्न होगी।लॉटरी प्रक्रिया के माध्यम से निम्नानुसार कक्षाओं में रिक्त सीटों पर प्रवेश दिया जाएगा कक्षा पहली की 50 सीटों कक्षा दूसरी की 5 सीटों कक्षा तीसरी की 7 सीटों, कक्षा चौथी की 4 सीटों, कक्षा 5वीं की 1 सीट, कक्षा छठवीं की 4 सीटों, कक्षा सातवीं की 6 सीटों और कक्षा आठवीं की 4 सीटों पर लाटरी सिस्टम से दाखिला दिया जाएगा। विद्यालय प्रबंधन ने पालकों से अनुरोध किया है कि जिन्होंने प्रवेश हेतु आवेदन पत्र जमा किया है, वे निर्धारित तिथि को विद्यालय में उपस्थित होकर इस पारदर्शी प्रक्रिया का साक्षी बनें और अनिवार्य रूप से अपनी उपस्थिति देवें। लॉटरी प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुरूप होगी, जिसमें महतारी दुलार योजना के अंतर्गत कोरोना महामारी के दौरान अनाथ हुए बालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ 25 प्रतिशत सीटों पर बीपीएल या अत्यंत गरीब वर्ग के छात्रों को प्राथमिकता से प्रवेश दिया जाएगा।

रेंजर और डिप्टी रेंजर ने जंगल में किया लाखों का बांध घोटाला

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  •  किसान की जमीन पर जबरन बना दिया तालाब
  • न मुआवजा दिया न मछली पालन हुआ
  • जंगल के पेड़ों को भी पहुंचाया बड़ा नुकसान

अर्जुन झा-

बकावंड छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप के गृह संभाग में वन विभाग के अधिकारी कैसे कैसे गुल खिला रहे हैं, इसका एक बड़ा उदाहरण बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के करपावंड वन परिक्षेत्र में सामने आया है। यहां रेंजर और डिप्टी रेंजर ने तालाब निर्माण के नाम पर लाखों का गोलमाल किया है और एक आदिवासी किसान की जमीन हड़प ली है। इन अधिकारियों ने जंगल को भी काफी नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों ने वन मंत्री केदार कश्यप से मामलेमें कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

करपावंड क्षेत्र में डिमरापाल नाले पर प्रस्तावित डैम निर्माण में लाखों रुपये के घोटाले का मामला सामने आया है। यह परियोजना 2023-24 में कैंपा मद से नरवा विकास योजना के तहत स्वीकृत की गई थी। 30 लाख 52 हजार 574 की राशि बांध निर्माण के लिए मंजूर हुई थी। लेकिन आरोप है कि बांध को निर्धारित स्थान के बजाय जंगल के कक्ष क्रमांक 1174 सतोषा चालन गुड़ा बीट में बनाया गया, जो कि किसान बुदरू पिता गढ़रू की जमीन पर है और बुदरू के पास जमीन का पट्टा भी है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण कार्य न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि हरे-भरे वन क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचाया गया है। किसानों को मछली पालन व अन्य लाभों का प्रलोभन देकर उनकी जमीनों पर कार्य शुरू किया गया, लेकिन न मुआवजा मिला और न ही वादे पूरे हुए। बुदरू कश्यप ने बताया कि उसके खेत में जबरन तालाब बना दिया गया, रेंजर और डिप्टी रेंजर ने कहा था कि एक साल तक मछली पालन व सहायता देंगे, लेकिन कुछ नहीं मिला। ग्रामीणों के अनुसार इस परियोजना के नाम पर कई ट्रैक्टरों और मजदूरों का भुगतान भी अब तक नहीं किया गया है। प्रेम कश्यप, तुलाराम कश्यप, फूलसिंह कश्यप, जुगसाय कश्यप, प्रकाश कश्यप, समदु राम कश्यप, दयमन नेताम, धनसाय कश्यप सहित अन्य ग्रामीणों ने खुलकर इस भ्रष्टाचार का विरोध किया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों द्वारा दबाव बनाकर जबरन हस्ताक्षर करवाए गए ताकि कोई विरोध न करे। पुरनो कश्यप ने बताया- हमसे कहा गया था कि आसपास के खेतों को भी फायदा होगा, लेकिन अब तालाब से नीचे से पानी रिसकर जा रहा है और मछली पालन भी नहीं हो पा रहा है।

प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल

हालांकि कुछ ग्रामीणों ने डीएफओ को लिखित शिकायत भी दी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।सुशासन तिहार के बीच घोटाले पर सवाल रहे हैं।राज्य सरकार इन दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सुशासन तिहार मना रही है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही की बात कही जा रही है। लेकिन बस्तर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में हो रहे ऐसे घोटालों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। रेंजर और डिप्टी रेंजर की यह कारगुजारी साय के सुशासन की भावना पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करती है और शासन-प्रशासन की मंशा पर भी सवाल उठाती है।

अग्रणी संस्था डोनेट ब्लड डीबी ग्रुप का सम्मान

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  • विश्व रेडक्रॉस दिवस पर रेड क्रॉस सोसायटी ने नगर की सेवा के क्षेत्र में अग्रणी संस्था डोनेट ब्लड डीबी ग्रुप का सम्मान किया गया।

संस्था अध्यक्ष दीपक साहू ने बताया कि लगातार 9 वर्ष से अपने शहर और आस पास के ग्रामीण क्षेत्र से आए जरूरतमंद मरीजों का रक्तदान सेवा किया जा रहा है संस्था के द्वारा अभी तक 6 हजार यूनिट से भी ज्यादा रक्तदान किया गया है संस्था के द्वारा समय समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है ताकि रक्तदान के प्रति युवा शक्ति जागरूक हो कर जुड़े और रक्तदान महादान का हिस्सा बने डीबी ग्रुप के द्वारा बेजुबान (श्वान) स्ट्रीट डॉग को प्रोटीन युक्त भोजन दिया जा रहा है संस्था के माध्यम से समाजसेवा का कार्य किया जाता है,

समाजसेवा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए माननीय कलेक्टर दिव्या मिश्रा एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी के अध्यक्ष प्रदीप जैन प्रदेश अध्यक्ष तोमन साहू जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ आर के श्रीमाली ने सम्मानित किया इस दौरान रेडक्रॉस सोसायटी के सभी पद अधिकारी सदस्य उपस्थित थे डोनेट ब्लड डीबी ग्रुप के क्षितिज हुमने,सूरज गुप्ता, दानेश आर्या, भरत देवांगन, पवन सोनी सहित अन्य सदस्य शामिल हुए।

बस्तर को रेलवे की सौगात: श्रीमती शकुंतला कश्यप ने जताया आभार

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बस्तर बस्तर जगदलपुर से रावघाट तक रेलवे लाइन की सौगात देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव और बस्तर सांसद महेश कश्यप का जिला पंचायत सदस्य श्रीमती शकुंतला कश्यप ने हार्दिक आभार जताया है।

बस्तर के लिए ऐतिहासिक पल

श्रीमती शकुंतला कश्यप ने कहा कि यह बस्तर के लिए एक ऐतिहासिक पल है, जब क्षेत्र को रेलवे की सौगात मिली है। अब बस्तर वासियों को आवागमन हेतु आर्थिक बोझ झेलना नहीं पड़ेगा। रेलवे की सौगात से बस्तर के लोगों को सुगम और सस्ती यात्रा की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

क्षेत्र के विकास के लिए गेम-चेंजर

श्रीमती शकुंतला कश्यप ने कहा कि रेलवे लाइन की सौगात बस्तर के विकास के लिए एक गेम-चेंजर है। इससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और बस्तर के लोगों को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

आभार और धन्यवाद

श्रीमती शकुंतला कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव और बस्तर सांसद महेश कश्यप का आभार जताते हुए कहा कि उनकी दूरदर्शिता और प्रयासों से बस्तर को यह सौगात मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह रेलवे लाइन बस्तर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिलेगा।

बस्तर के लोगों में खुशी की लहर

बस्तर के लोगों में इस सौगात से खुशी की लहर है। लोगों का कहना है कि रेलवे लाइन से उनकी यात्रा आसान और सस्ती होगी, जिससे उनके जीवन में सुधार आएगा।

युक्तियुक्तकरण से पहले शिक्षकों को दी जाए पदोन्नति: शंकर साहू

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  • छग शिक्षक फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने शिक्षक हित में उठाई मांग 

जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश शासकीय शिक्षक फेडरेशन ने मुख्यमंत्री से युक्तियुक्तकरण से पहले शिक्षकों को पदोन्नति देने और उनका स्थानांतरण करने की मांग की है।

फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी एवं संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी से शिक्षकों के युक्तियुक्तिकरण की विसंगतियों को दूर करने की मांग करते हुए कहा है कि प्रदेश के युक्तियुक्तकरण से पहले पदोन्नति एवं स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्रदेश अध्यक्ष शंकर साहू ने कहा कि युक्तियुक्तकरण लागू होने के बाद स्थानांतरण पर बैन हटाने व पदोन्नति करने से स्कूलों में शिक्षकों के पद पुनः रिक्त हो जाएंगे, यदि स्थानांतरण व पदोन्नति पहले की जाती है फिर युक्तियुक्तकरण की सारी कमियां स्वतः व्यवस्थित हो जाएंगी। शंकर साहू ने बताया कि 2008 के सेटअप के आधार पर युक्तियुक्तकरण की मांग फेडरेशन ने की है। जिसके तहत प्राथमिक शालाओं में अधिकतम 60 दर्ज संख्या पर एक प्रधान पाठक सहित दो सहायक शिक्षक तथा मिडिल स्कूलों में एक प्रधान पाठक सहित पांच शिक्षक पदस्थ करने ज्ञापन के माध्यम से मांगपत्र प्रेषित किया गया है। ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।

कलेक्टर ने कहा- गुड जॉब बच्चों

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जगदलपुर बस्तर कलेक्टर हरिस एस ने बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र छात्राओं से मुलाकात कर उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी तथा ही अपने भविष्य को बेहतर करने के लिए सतत प्रयास जारी रखने की बात कही। इस मौके पर जिला शिक्षा अधिकारी बीआर बघेल, सहायक आयुक्त गणेश सोरी, डीएमसी अखिलेश मिश्रा, शिक्षा विभाग के श्री खापर्डें सहित स्कूलों के शिक्षक, प्राचार्य, छात्र छात्राएं और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

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