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जगदलपुर को हरियाली से आच्छादित करने का संकल्प

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  •  महापौर संजय पाण्डेय ने की सहयोग की अपील 
  • हुई रेडक्रॉस पर्यावरण उप समिति की बैठक 

जगदलपुर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी की पर्यावरण उप समिति की बैठक छत्रपति शिवाजी वार्ड के तेतरखुटी में रखी गई। बैठक में पर्यावरण उप समिति के पदाधिकारी, सदस्य एवं पर्यावरण के क्षेत्र में रुचि रखने वाले लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इस बैठक में सभी उपस्थित लोगों ने जगदलपुर महापौर संजय पांडे के सामने पर्यावरण के संबंध में व्यापक चर्चा की। जिसमें उपस्थित 50 से अधिक लोगों ने अपनी बातें रखी। पर्यावरण उप समिति के अध्यक्ष विधु शेखर झा ने उद्देश्य के बारे में बताया कि हम पर्यावरण के क्षेत्र में जगदलपुर शहर के सभी 48 वार्ड में बेहतर कार्य करना चाहते हैं। इसमें आपके सहयोग की आवश्यकता है। हम जगदलपुर को हरियाली से आच्छादित कर देना चाहते हैं। इस कार्य में नगर निगम, वन एवं पर्यावरण विभाग के साथ-साथ सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। पर्यावरण विद किशोर पारख ने कहा कि हमें जगदलपुर क्षेत्र के ऐसी जगह को भी चिन्हित करना चाहिए जहां बड़े पैमाने पर कई प्रजाति के पौधे लगाए जा सकें। महापौर संजय पांडे ने लोगों की उपस्थिति और रुचि को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सभी लोगों के योगदान से जगदलपुर शहर पर्यावरण से हरा भरा एवं स्वच्छ हो सकता है। इसके लिए पूरे जगदलपुर वासियों से सहयोग की अपेक्षा है। बैठक में प्रमुख रूप से छत्रपति शिवाजी वार्ड के पार्षद श्याम सुंदर बघेल, पूर्व पार्षद सुषमा कश्यप, दयामनी बघेल, रेड क्रॉस पर्यावरण उप समिति की सह सचिव अंजू झा, जीएस पांडे, शेख अब्बास अली, सुशील पांडे, विभा दरियो, विजय डड़सेना, संतोष वर्मा, सतरूपा मिश्रा, भरत कुमार कोर्राम, उमा गुप्ता, एचवाई कुकड़े, रोहन घोष, लेखराज शर्मा, राजीव निगम आदि उपस्थित थे।

लालबाग मैदान पर झाड़ू लेकर उतरे महापौर संजय पाण्डेय

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  •  रानी अहिल्या बाई को समर्पित सफाई अभियान
  • जनप्रतिनिधि और नागरिक जुटेमुहिम में 

जगदलपुर पुण्यश्लोक रानी देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती पर आज सुबह लालबाग मैदान में सफाई अभियान चलाया गया। इस अवसर पर महापौर संजय पाण्डे, निगम अध्यक्ष खेमसिंह देवांगन, शहर के गणमान्य नागरिक, स्वच्छता एंबेसडर्स, निगम कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मालूम हो कि महापौर संजय पाण्डे के नेतृत्व में देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती पर लगातार सफाई अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज शहर के लालबाग मैदान में श्रमदान कर सफाई अभियान चलाया गया। संजय पाण्डे ने कहा सप्ताह में एक दिन चिन्हित स्थान पर सफाई अभियान चलाया जाएगा। हम पूरे शहर को स्वच्छ बनाना चाहते हैं, लेकिन इस अभियान में सभी लोगों के सहयोग की आवश्यकता है। जगदलपुर शहर में हरियाली लाना मुख्य उद्देश्य है। सफाई अभियान के साथ-साथ आगामी दिनों में पेड़ पौधे भी लगाए जाएंगे। सभी लोगों के योगदान से शहर हरा भरा एवं स्वच्छ हो यही हमारा उद्देश्य है।

सफाई अभियान में पूर्व महापौर सफीरा साहू, एमआईसी सदस्य लक्ष्मण झा, निर्मल पाणिग्रही, संजय विश्वकर्मा, राणा घोष, त्रिवेणी रंधारी, पार्षद हरीश पारेख, यशवंत ध्रुव, दिगंबर राव, किरण दीवान, अनिल लुक्कड़, कोटेश्वर नायडू, रतन व्यास, विधु शेखर झा, राजीव निगम, वायएन कुकड़े, डीके पाराशर, सतीश वाजपेयी, रोशन झा, धर्मेंद्र चौहान, वीरेन्द्र जोशी, विनायक बेहरा, सुप्रियो मुखर्जी, दिलीप सुंदरानी, बृजेश शर्मा, विवेक जैन, अनिल दास, अरुण देवांगन, धीरेंद्र सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रवीण कुमार वर्मा सहित अनेक लोगों ने योगदान दिया।

वन मंत्री केदार कश्यप ने नारायणपुर को दिलवाया इस “दुधारू गाय'” का दूध

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  • मंत्री कश्यप ने दिलाया जिले को उसका हक
  • रावघाट प्रोजेक्ट से मिलेगी डीएमएफ राशि, क्षेत्र का होगा चहुमुखी विकास
  • शिक्षा, स्वास्थ्य, स्मार्ट सिटी के निर्माण में होगा राशि का उपयोग, बदलेगी शहर की तस्वीर 

अर्जुन झा

जगदलपुर लौह अयस्क खनन के लिए छलनी होती रही नारायणपुर जिले की धरती और एवज में मिलने वाली राशि कांकेर जिले के विकास में खर्च होती रही।नारायणपुर के विधायक एवं वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर अब नारायणपुर को उसका हक मिलने का रास्ता साफ हो गया है। डीएमएफ और अन्य करों की पूरी राशि अब नारायणपुर जिले को मिलेगी। इस राशि से नारायणपुर के स्मार्ट सिटी बनने का मार्ग प्रशस्त होगा और शिक्षा, स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों को अंजाम दिया जा सकेगा।

नारायणपुर और कांकेर जिले के सीमावर्ती क्षेत्र में स्थित रावघाट लौह अयस्क परियोजना एक बड़ी दुधारू गाय है। यह परियोजना न सिर्फ भिलाई इस्पात संयंत्र को कच्चे माल की भरपूर आपूर्ति कर रही है, बल्कि शासन को भी बड़ा राजस्व देती है। मगर डीएमएफ और अन्य करों की राशि अकेले कांकेर जिले को ही मिलती रही है। जबकि रावघाट परियोजना के तहत केवल नारायणपुर जिले के ग्राम अंजरेल में 32.29 हेक्टेयर भूमि पर खनन कार्य चल रहा है। लेकिन विकास में लगने वाली रॉयल्टी, डीएमएफ तथा अन्य समस्त करों की राशि नारायणपुर को न देकर बीएसपी पूर्व में कांकेर को प्रदान कर रहा था। इस संबंध में क्षेत्र के लोगों ने वनमंत्री केदार कश्यप से चर्चा कर नारायणपुर जिले को उसके हक का पैसा दिलाने का निवेदन किया था। वन मंत्री केदार कश्यप लगातार इस विषय को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से चर्चा करते रहे। मंत्री केदार कश्यप ने सीएम के समक्ष दस्तावेजी प्रमाण भी रखे। साय सरकार के पहल और मंत्री केदार कश्यप के प्रयासों से अब अंजरेल माइंस की डीएमफ राशि सीधे नारायणपुर जिला को प्राप्त होगी। इस राशि से नारायणपुर को स्मार्ट सिटी बनाने, जिले में शिक्षा, स्वास्थ्य, जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा

स्तुत्य है मंत्री की पहल: हरीश जैन

नारायणपुर के व्यापारी हरीश जैन ने वनमंत्री केदार कश्यप का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मंत्री जी के प्रयासों से नारायणपुर जिला को उसके अधिकार का पैसा मिलने लगा है।

डीएमफ का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य करने के साथ ही स्थानीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, सड़क निर्माण और अन्य बुनियादी विधाओं में सुधार किया जा सकता है

समुदाय को मिलेगा लाभ: पंकज जैन

 

व्यापारी संघ नारायणपुर के जिला अध्यक्ष पंकज जैन ने कहा कि वनमंत्री केदार कश्यप ने लोकहित में सराहनीय पहल की है। उनकी पहल पर डीएमफ से स्थानीय समुदायों का कल्याण होगा। खनन प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में सुधार करने बेहतर योजनाओं का क्रियान्वयन होगा।

बढ़ेगी विकास गतिविधियां: झा

भाजपा नेता संदीप झा ने कहा कि खनन गतिविधियों के कारण होने वाले पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने के उद्देश्य से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नारायणपुर प्रवास पर जब भी मंत्री केदार कश्यप आते थे, तब भाजपा के कार्यकर्ता इस विषय पर उनसे चर्चा करते थे। मंत्री केदार कश्यप ने आश्वस्त किया था कि नारायणपुर जिले को उसका अधिकार जरूर मिलेगा। आज मंत्री जी के प्रयासों से डीएमफ की राशि मिलने लगी है।इस हेतु समस्त कार्यकर्ताओं कि ओर से मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं

विकास को मिलेगा बढ़ावा: बनर्जी

युवा नेता व व्यवसायी अभिषेक बनर्जी ने मंत्री केदार कश्यप का आभार जताते हुए कहा कि खनन प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और सेवाओं में सुधार करने के लिए डीएमफ राशि का उपयोग होगा। मंत्री केदार कश्यप चर्चा के दौरान कहते थे नारायणपुर उसका अधिकार मिलेगा और ज़ब जनवरी- फरवरी की राशि जिला को प्राप्त हुई है।उससे अनुभव हो रहा है कि अब जिले की तस्वीर बदलेगी।डीएमएफ का उपयोग कर क्षेत्र में विकास कार्यों को बढ़ावा दिया जाएगा और स्थानीय समुदायों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास होगा।

देश एवं प्रदेश के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण: राज्यपाल रमेन डेका

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  • जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में ली जानकारी

स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्यों की मुक्तकंठ से की सराहना, अपने कार्य को उत्कृष्ट बनाने तथा मूल्य संवर्धन पर विशेष ध्यान देने को कहा

बालोद, 30 मई 2025 राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हमारे देश एवं छत्तीसगढ़ राज्य के अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महिलाओं का योगदान अत्यंत उल्लेखनीय एवं महत्वपूर्ण है। राज्यपाल डेका आज अपने बालोद जिले के प्रवास के दौरान तांदुला रिसाॅर्ट में केन्द्रीय योजनाओं से लाभान्वित जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं से मुलाकात कार्यक्रम के अवसर पर अपना उद्गार व्यक्त कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने जिले के सभी पांचों विकासखण्डांे से उपस्थित सभी 22 स्व सहायता समूह के महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान राज्यपाल श्री डेका ने जिले के महिलाओं के राष्ट्रीय आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत स्व सहायता समूह से जुड़ने के पश्चात् उनके आर्थिक स्थिति में आशातीत सुधार एवं जीवन स्तर बेहतर होने पर जिले के स्व सहायता समूह के कार्यों की मुक्तकंठ से सराहना की। राज्यपाल डेका जिले के स्व सहायता समूह के महिलाओं को राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत उनके द्वारा किए जा रहे कार्य उनके आर्थिक स्थिति में सुधार एवं खुशहाल जीवन का आधार बने इसके लिए उन्होंने उनके द्वारा किए जा रहे बेहतर कार्य को और अधिक उत्कृष्ट बनाने को कहा। डेका ने कहा कि हमारे महिला बहनों द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों के माध्यम से उन्हें और अच्छी आमदनी मिल सके इसके लिए उन्हें निरंतर नये-नये तकनीक एवं उपायों को सीखने के साथ ही नवाचार एवं वैल्यू एडीशन करते हुए समय के अनुरूप अपने कार्यों को बेहतर बनाना अत्यंत आवश्यक है। इस दौरान राज्यपाल के सचिव सीआर प्रसन्ना, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक  योगेश कुमार पटेल एवं अपर कलेक्टर चन्द्रकांत कौशिक सहित अन्य अधिकारियों के अलावा स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

इस दौरान राज्यपाल डेका ने जिले के 22 स्व सहायता समूह के कुल 40 महिलाओं से बारी-बारी से बातचीत कर उनके द्वारा व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर किए जा रहे आजीविकामूलक गतिविधियों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर महिलाओं के द्वारा मछली पालन, पशुपालन, कृषि कार्य एवं गैर कृषि कार्य के संबंध में अपने अनुभव एवं उससे अर्जित वार्षिक आय की जानकारी दी गई। इस दौरान स्व सहायता समूह की महिलाओं ने जिला प्रशासन द्वारा भविष्य में आने वाली जल संकट से निपटने हेतु जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जल जतन अभियान में भी अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने की जानकारी दी। स्व सहायता समूह की महिलाओं ने बताया कि उनके द्वारा प्रत्येक घरों में जाकर पानी के एक-एक बूँद का सदुपयोग करने तथा जल संरक्षण के उपायों की भी जानकारी दी जा रही है। इसके अलावा किसानों को धान के बदले अन्य फसल का उत्पादन के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इस अवसर पर स्व सहायता समूह की महिला श्रीमती निशा गायकवाड़ ने राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत हस्तशिल्प का कार्य, श्रीमती दानेश्वरी साहू ने सेनेटरी पैड बनाने, श्रीमती चित्रलेखा साहू ने ड्रोन के माध्यम से किसानों के खेतों में खाद एवं कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव, श्रीमती सती साहू ने कृषि मित्र का कार्य, श्रीमती सुहागा विश्वकर्मा ने मछली पालन का व्यवसाय, आनंदी विश्वकर्मा ने बकरी पालन, अंजू टेकाम ने मुर्गी पालन, प्रेमवती देवांगन ने मशरूम उत्पादन आदि के संबंध मंे सभी महिलाओं ने बारी-बारी से जानकारी दी। इस दौरान महिलाओं के द्वारा आजीविकामूलक गतिविधियों को प्रारंभ करने हेतु उन्हें प्रदान की गई आर्थिक सहयोग, प्रशिक्षण के अलावा इस कार्य से उन्हें होने वाले वार्षिक आय के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिहान के माध्यम से आजीविकामूलक गतिविधियों से जुड़ने के फलस्वरूप उनके आर्थिक स्थिति में पर्याप्त सुधार होने से उनका जीवन स्तर बेहतर हुआ है।

जिससे वे अपने दैनिक आवश्यकताओं की समुचित पूर्ति के अलावा अपने बच्चों की बेहतर शिक्षा-दीक्षा की प्रबंध कर अपने परिवार के साथ खुशहाल जीवन यापन कर पा रहे है। जिले के स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा किए जा रहे विभिन्न आजीविकामूलक कार्यों की सराहना करते हुए उनके कार्यों को राज्यपाल डेका ने सभी के लिए अनुकरणीय एवं प्रेरणादायी बताया।

 

करदाता निखत गोरी ने 6 साल का संपत्ति कर किया जमा

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  • टैक्स के 41, 436 रुपए किए जमा, 6.25 प्रतिशत छूट का मिला लाभ

जगदलपुर चालू वित्तीय वर्ष एवं पिछले पांच वित्तीय वर्ष के संपत्ति कर का भुगतान करदाता निखत गोरी ने किया है। उन्होंने 41 हजार 436 रुपए जमा कर 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ लिया।

राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा, राजस्व अधिकारी विनय श्रीवास्तव, सहायक राजस्व निरीक्षक प्रमोद कुमार श्रीवास की उपस्थिति में नगर निगम कार्यालय में निखत गोरी ने छह साल के संपत्ति कर की राशि जमा की। मदन मोहन मालवीय वार्ड क्रमांक 44 के रहने वाले करदाता निखत गोरी सबसे ज्यादा बकाया संपत्ति कर जमा करने वाले इस वार्ड के करदाता बन गए हैं। जिन्होंने 6 साल का संपत्ति कर जमा किया, जो एक मिसाल है। राजस्व सभापति संग्राम सिंह राणा ने कहा जिस प्रकार निखत गोरी ने 6 साल का बकाया संपत्ति कर जमा कर समय से पहले 6.25 प्रतिशत छूट का लाभ लिया है, इसी प्रकार जगदलपुर के हमारे सभी करदाता समय से पहले संपत्ति कर जमा कर छूट का लाभ उठा सकते हैं। श्री राणा ने कहा है कि संपत्ति कर नगर निगमो के लिए राजस्व का सबसे महत्वपूर्ण स्त्रोतों में से एक है। इसके जरिए ही नगर निगम प्रशासन नागरिकों को तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराता है।

युक्तियुक्तकरण रोजगार विरोधी कदम,कांग्रेस चलाएगी पूरे प्रदेश चरण बद्ध आंदोलन–दीपक बैज

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  • 45000 से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जायेंगे,नये शिक्षकों की भर्तियां न करनी पड़े इसलिए युक्तियुक्तकरण
  • भाजपा का घर घर सिंदूर बाँटना महिलाओ का अपमान.
  • खाद बीज का अभूतपूर्व संकट,डीएपी के लिये भटक रहे हैं किसान, भाजपा सरकार किसानों के लिए डबल नहीं, ट्रबल इंजन साबित हो रही

जगदलपुर आज जगदलपुर शहर के आकांक्षा हॉटल में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया जिसे छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी के द्वारा संबोधित किया गया… पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री दीपक बैज जी ने कहा युक्तियुक्तकरण से 45000 से अधिक शिक्षकों के पद समाप्त हो जायेंगे। इसके कारण 10 हजार स्कूल भी बंद हो जायेंगे।शिक्षकों की नई भर्तियां न करनी पड़े इसलिए साय सरकार शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण कर रही है।सरकारी शिक्षा व्यवस्था को चौपट करने साय सरकार ने षड्यंत्र रचा है। साय सरकार के इस फैसले का सबसे बड़ा नुकसान बस्तर और सरगुजा के आदिवासी अंचलों में पढ़ने वाले बच्चों पर पड़ेगा। नए सेटअप में प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में एचएम को शिक्षकीय पद मानते हुए प्राइमरी में 30 और मिडिल में 35 बच्चों के बीच एक शिक्षा का सेटअप घोषित किया गया है। प्राथमिक शालाओं में पहली व दूसरी में तीन-तीन विषय एवं तीसरी, चौथी, पांचवी में चार-चार विषय के अनुसार कुल 18 विषय होते हैं, जिन्हें वर्तमान समय में तीन शिक्षकों को 40 मिनट का 6-6 कक्षा लेना होता है, अब युक्तियुक्तकरण के नए नियम के बाद दो ही शिक्षको के द्वारा 18 कक्षाओं को पढ़ाना कैसे संभव हो सकता है?मिडिल स्कूल में तीन क्लास और 6 सब्जेक्ट इस हिसाब से कुल 18 क्लास और 60 बच्चों की कुल संख्या में एचएम और उसके साथ केवल एकमात्र शिक्षक कैसे 18 क्लास ले पाएंगे?इसके अतिरिक्त मध्यान भोजन की व्यवस्था डाक का जवाब और अन्य गैर शिक्षकीय कार्यों की जिम्मेदारी भी इन्हीं पर रहेगी।स्कूलों को जबरिया बंद किए जाने से न केवल शिक्षक बल्कि उन स्कूलों से संलग्न हजारों रसोईया, स्लीपर और मध्यान भोजन बनाने वाली महिला, स्व सहायता समूह की बहनों के समक्ष जीवन यापन का संकट उत्पन्न हो जाएगा।

नए सेटअप के तहत सभी स्तर प्राइमरी, मिडिल, हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलो में शिक्षकों के न्यूनतम पदों में कटौती के चलते युवाओं के लिए नियमित शिक्षक के पद पर नई भर्ती के अवसर भी कम हो जाएंगे, शिक्षा के स्तर पर बुरा असर पड़ना निश्चित है।इसके पहले भी रमन सरकार के समय भी 3000 स्कूलों को बंद किया गया था जिन्हे कांग्रेस की सरकार बनने के बाद फिर शुरु किया गया।भाजपा सरकार ने इतना बड़ा अव्यवहारिक निर्णय लेने से पहले ना प्रभावित वर्ग से चर्चा की, न ही प्रदेश के भविष्य के बारे में सोचा।सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही प्रदेश में 58000 से अधिक शिक्षकों के पद रिक्त हैं, हर महीने सैकड़ो शिक्षक रिटायर हो रहे हैं, कई वर्षों से शिक्षकों का प्रमोशन रुका हुआ है, राज्य मे भाजपा की सरकार बनने के बाद एक भी शिक्षक की भर्ती नहीं हुई है।युक्तियुक्तकरण से युवाओं के शिक्षक बनने का सपना भी टूट जायेगा, कांग्रेस युक्तियुक्तकरण के विरोध मे चरण बद्ध आंदोलन चलाएगी जिसकी रूपरेखा पार्टी जल्द जारी करेगी।

भाजपा का घर घर सिंदूर बाँटना महिलाओ का अपमान

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी ने कहा भाजपा के द्वारा घर घर सिंदूर बाँटने का कार्यक्रम महिलाओ का अपमान है

हमारी संस्कृति के अनुसार किसी सुहागन को सिंदूर देने का अधिकार केवल उसके पति को होता है।एक महिला ज़ब सिंदूर लगाती है तो यह उसके माथे पर उसके सुहाग का प्रतीक होता है।महिलाये सिर्फ अपने पति के द्वारा दिए सिंदूर को ही लगाती है तथा ज़ब सिंदूर स्वंम भी खरीदती है तो अपने पति के नाम पर खरीदती है।भाजपा के इस कृत्य से सुहागन स्त्री के स्त्रीत्व और सतित्व को चुनौती देने का प्रयास है।कांग्रेस भाजपा के इस कृत्य का विरोध करती है

हम पूरे प्रदेश मे महिला कांग्रेस के माध्यम से सिंदूर माताओ बहनो का सम्मान नहीं सहेंगे इसका अपमान अभियान चलाएगी।मोदी जी आपके सिंदूर पर हमारी दादी यशोदा का हक है जो वर्षो से आपकी राह देख रही, बुढ़ापे मे ही सही जाइये उनकी मांग सजाइये सिंदूर के नाम पर हमारी माताओ बहनो बेटियों का मजाक मत बनाइये

खाद बीज का अभूतपूर्व संकट,डीएपी के लिये भटक रहे हैं किसान, भाजपा सरकार किसानों के लिए डबल नहीं, ट्रबल इंजन साबित हो रही

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री दीपक बैज जी ने बताया मानसून की अग्रिम दस्तक शुरु हो गयी है खरीफ की बुवाई खाद और बीज की कमी के कारण प्रभावित हो रहा,भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार छत्तीसगढ़ के अन्नदाता किसानों के लिए ट्रबल इंजन साबित हो रही है।मानसून केरल आ चुका है, पूरे प्रदेश में खरीफ फसल के बुवाई की तैयारी युद्ध स्तर पर चल रही है, खुर्रा वाले किसान प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं, लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं, भारतीय जनता पार्टी की डबल इंजन की सरकार के किसान विरोधी षडयंत्रों के चलते ही छत्तीसगढ़ नकली बीज, नकली दवा, नकली खाद और घटिया नैनो यूरिया को खपाने का अड्डा बन गया है। किसान संगठनों का आरोप है कि गुणवत्ताहीन खाद और बीज को खपाने के लिए ही यह सरकार सरकारी समिति और निजी दुकानों के लिए किसानों के वास्तविक डिमांड के अनुरूप खाद, बीज की आपूर्ति नहीं करवा रही है। समय पर खाद, बीज की उपलब्धता नहीं होने से किसान जमाखोरों, बिचौलियों और मिलावटखोरों के हाथों शोषित होने मजबूर हैं पर्याप्त मात्रा में डीएपी खाद की उपलब्धता नहीं होने से किसान परेशान हैं।यह सरकार नहीं चाहती कि किसान भरपूर उपज ले सके। बोनी के समय सबसे ज्यादा आवश्यकता डीएपी खाद और बीज की ही होती है,लेकिन इस सरकार का रवैया शुतुरमुर्ग की तरह है खरीफ फसल की बुआई का समय सर पर है लेकिन यह सरकार ना खाद के रेक की व्यवस्था कर पाई है,ना समुचित रूप से कही भंडारण की व्यवस्था है, छत्तीसगढ़ के किसानों की खाद के कुल आवश्यकता के मांग को केंद्र की मोदी सरकार ने खारिज करते हुए समुचित सप्लाई करने से मना कर दिया है,लेकिन दलीय चाटुकारिता में भाजपा के सांसद और प्रदेश की सरकार इस केंद सरकार के द्वारा छत्तीसगढ़ से भेदभाव और छत्तीसगढ़िया किसानों की उपेक्षा पर भी मौन है, सरकार एक सप्ताह के भीतर सभी सोसायटी मे पर्याप्त खाद बीज उपलब्ध नहीं करवाएगी तो कांग्रेस इसको ले कर बड़ा आंदोलन चलाएगी।

इस प्रेसवार्ता में मुख्य रूप से महामंत्री मलकीत सिंह गैदु, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, संयुक्त महामंत्री शंकर राव, नेता प्रतिपक्ष राजेश चौधरी, उपनेता कोमल सेना,प्रभारी महामंत्री जाहिद हुसैन, महिला कांग्रेस शहर अध्यक्ष लता निषाद, ग्रामीण जिलाध्यक्ष चंपा ठाकुर,युवा कांग्रेस अध्यक्ष अजय बिसाई, ब्लॉक अध्यक्ष सहदेव नाग, राजेश राय,जावेद खान, लोकेश चौधरी,सुषमा सुता,अनुराग महतो,शादाब अहमद, अंकित सिंह,आदर्श दलाई आदि मौजूद रहे…

छ०ग० सरकार की 10463 स्कूलों का युक्ति – युक्तकरण का निर्णय निजी स्कूलों को फायदा पहुंचाने का षड़यंत्र है। जनक लाल ठाकुर

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छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा ने प्रदेश के 10463 चिन्हांकित स्कूलों का युक्ति – युक्तकरण करने के सरकार के निर्णय को निरस्त करने कि मांग करते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नाम अनुविभागीय दंडाधिकारी दल्ली राजहरा/डौण्डी लोहारा को सौंपा ज्ञापन।

प्रेस वार्ता में छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष व डौण्डी लोहारा विधानसभा पूर्व विधायक जनक लाल ठाकुर ने कहा कि युक्ति – युक्तकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा स्कूलों और उसमें पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं और पढ़ाने वाले शिक्षकों को समायोजित कर स्कूल संचालित की जा रही है उसे बंद किया जा रहा है। सरकार के इस फैसले से 25000 शिक्षकों पर सीधा असर होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जायेंगे। शिक्षा की कमी से शोषण, अत्याचार, अन्याय, भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों में वृद्धि हो रही है। सभी वर्गों में बराबरी के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है।

इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं शिक्षक विहीन स्कूलों में शिक्षक भर्ती किया जाय। ताकि सभी वर्ग के बच्चे शिक्षा प्राप्त करने के बुनियादी अधिकार प्राप्त कर सके, प्राथनिक शालाओं में। प्रधान पाठक व कम से कम 2 शिक्षक पदस्थ करें। जो संख्या के अनुपात में अतिरिक्त शिक्षक की पदस्थपना हो, इसी प्रकार माध्यमिक शालाओं में विषयवार शिक्षक की पदस्थपना हो, जो विषय के विशेषज्ञ हो. शालाओं में मौतिक संसाधन पर्यावरण सुधार व शालाओं को आकर्षक बनाने की योजना कियान्वित किया जाय, बालोद जिले में 353 स्कूल प्रभावित है, जो अनुसूचित क्षेत्र की शिक्षण संस्थाएँ है. स्कूत संचालन की खर्च घटाने के बजाय सांसद-विधायक मंत्री प्रशासनिक अधिकारियों के फिजुल खर्चा पर बंदिश लगाया जाय। एक परिसर में प्राथमिक माध्यमिक हाई स्कूल, हायर सेकेण्डरी की व्यवस्था को अविलम्ब लागू करें। स्कूलों को बंद करने व शिक्षकों को शालाओं से हटानें से शिक्षा बेहतर नहीं होगी, और शिक्षा की न गुणवत्ता में सुधार आयेगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 को कारगर बनानें के उपायों पर विचार किया जाय।

आपके द्वारा चलाये जा रहे सुशासन त्योहार पूरी तरह असफल व भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने वाली व फिजुल खर्ची है, इसमें व्यय होने वाली राशि शिक्षा के प्रचार-प्रसार व बच्चों को कापी पेन, ड्रेस के लिए आबंटित किया जाना चाहिए। ताकि छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति आकर्षित किया जा सके, शिक्षकों से गैर-सरकारी कार्यों को कराने की प्रथा बंद हो। उपरोक्त प्रक्रिया को लागू करने से शिक्षा के क्षेत्र में पूँजीवादी व निजीकरण कर प्राइवेट संस्थानों को बढ़ावा मिलेगा, जो हानिकारक है। छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा सदैव जन सरोकार से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, बिजली, पानी, नशाबंदी संम्बधित मु‌द्दों को प्राथमिकता के आधार पर शासन व प्रशासन के समक्ष रखती है।

अतः माननीय मंत्री जी से अनुरोध है, कि शिक्षकों का युक्ति-युक्तकरण की प्रक्रिया को बंद कर शिक्षक भर्ती की प्रकिया बी. एड/डी.एड शिक्षकों की पुनः नियुक्ति पर ध्यान केन्द्रित कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार प्रदान की दिशा में सकारात्मक पहल करने की कृपा करें अन्यथा प्रभावित शिक्षकों के पक्ष में जन आदोलन हेतु हमारी संगठन छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा बाध्य होंगी।ज्ञापन सौपने जाने के समय का. जनक लाल ठाकुर छ. ग. मु. मो. अध्यक्ष पूर्व विधायक डौडी लोहारा, सोमनाथ उइके अध्यक्ष छ.ग. म. श्र. संघ, रामचरण नेताम महामंत्री, हेमंत कांडे प्रदेश अध्यक्ष बौद्ध महासभा, बिहारी लाल ठाकुर, शैलेश बंबोड़े, श्रावन कुमार, महामूद बक्श, राजाराम बरगद,के साथ संगठन के सैकड़ों कार्यकर्त्ता उपस्थित थे

नगर पंचायत पलारी, ग्राम कुरदी और धनोरा में 31 मई को किया जाएगा ’समाधान शिविर’ का आयोजन

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बालोद, 30 मई 2025 मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के मंशानुरूप शासन के जन कल्याणकारी योजनाओं को राज्य के जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुँचाने शुरू की गई ’सुशासन तिहार 2025’ के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम चरण में समाधान शिविरों का निरंतर आयोजन किया जा रहा है। जिसके अंतर्गत शनिवार, 31 मई 2025 को नगर पंचायत पलारी के नगर पंचायत भवन, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी के धान खरीदी केन्द्र और गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा के खेल मैदान में ’समाधान शिविर’ का आयोजन किया जाएगा।

अपर कलेक्टर एवं जिला पंचायत के प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि नगर पंचायत पलारी में समस्त वार्डवासी, गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम कुरदी में आयोजित शिविर में कुरदी के अलावा ग्राम खेरूद, कोडे़वा, धनगांव, डुण्डेरा, नवागांव डु, बासीन, पिरीद, कुरदी, चैरेल, कोंगनी, कमरौद, सांकरी, खुटरी (खे.), पैरी, गोंगरी, सलौनी के निवासी शामिल होंगे। इसी तरह गुरूर विकासखण्ड के ग्राम धनोरा में आयोजित शिविर में धनोरा के अलावा ग्राम सोरर, बगदई, सोंहपुर, अर्जुनी, रमतरा, सुर्रा, भानपुरी, छेड़िया, कपरमेटा, टेंगना बरपारा, भरदा, धनोरा, पेंवरो, घोघोपुरी, तार्री, धोबनपुरी के निवासी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि समाधान शिविर का आयोजन निर्धारित तिथि को सुबह 10 बजे से दोपहर 03 बजे तक किया जाएगा।

 

अब आरएसएस या भाजपा का दामन थमने वाले हैं बस्तर के कद्दावर आदिवासी नेता अरविंद नेताम

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  • 5 जून को संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग में मुख्य अतिथि होंगे नेताम 
  • छत्तीसगढ़ की आदिवासी राजनीति में आ सकता है बड़ा भूचाल 

अर्जुन झा

जगदलपुर लंबे समय तक देश में कांग्रेस के सबसे बड़े आदिवासी चेहरा रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम क्या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के जरिए भाजपा में जाने वाले हैं? या फिर आरएसएस से जुड़कर आदिवासी समाज की सेवा करने की मंशा रखते हैं? ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आरएसएस ने अपने एक बड़े कार्यक्रम में अरविंद नेताम को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया है। वैसे श्री नेतान आरएसएस के कार्यों और सिद्धांतों से काफी प्रभावित भी हैं।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम को लेकर यह कयास और सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि 5 जून को आरएसएस मुख्यालय नागपुर के रेशम बाग स्थित स्मृति मंदिर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यकर्ता विकास वर्ग- द्वितीय का आयोजन चल रहा है। इसका समापन 5 जून गुरुवार को शाम 6.30 बजे होना है। समापन समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री अरविंद नेताम को बनाया गया है। इस कार्यक्रम में सरसंघ चालक डॉ. मोहन भगवत का संबोधन होगा।आरएसएस का यह बहुत बड़ा कार्यक्रम है और मोहन भागवत जैसी बड़ी हस्ती की उपस्थिति वाले इस बड़े कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की बड़ी आदिवासी हस्ती अरविन्द नेताम को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया जाना बेहद अहम है। अरविंद नेताम आदिवासी समाज के सर्वमान्य नेता हैं। एक जमाने में कांग्रेस में उनकी तूती बोलती थी। उनकी सहमति के बिना अविभाजित मध्यप्रदेश की कांग्रेस की राजनीति में कोई फैसला नहीं लिया जाता था। स्व. प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी भी अरविंद नेताम के कामकाज और उनकी आक्रामक मगर सौम्य छवि से प्रभावित थीं। यही वजह थी की केंद्रीय मंत्रिमंडल में उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई थी। उस दौर में श्री नेताम ने बस्तर सहित समूचे आदिवासी समाज को कांग्रेस के पक्ष में एकजुट किया था। अरविंद नेताम ने बस्तर में कम्युनिस्ट पार्टी के प्रभुत्व को कम कर कांग्रेस की पैठ बनाने में बड़ी भूमिका निभाई थी। बाद के वर्षों में अरविंद नेताम को कांग्रेस में किनारे करने का सिलसिला शुरू हो गया, फिर उन्हें पूरी तरह हासिये पर डाल दिया गया। इसके बाद अरविंद नेताम ने बहुजन समाज पार्टी का दामन थाम लिया। चूंकि बस्तर और छत्तीसगढ़ में बहुजन समाज पार्टी जगह नहीं बना पाई थी लिहाजा अरविंद नेताम कोई बड़ा बदलाव नहीं ला पाए और उनका राजनीतिक पतन शुरू हो गया। चूंकि अरविंद नेताम कांग्रेस में बड़े बड़े पदों पर रहे थे, इसलिए राजनीति में कद घटने से छटपटाहट लाजिमी थी, इसलिए वे कभी इस दल में, तो कभी उस दल में जाते रहे। दल बदल करते करते वे ऐसे दलदल में फंस गए कि उनका राजनीतिक अस्तित्व ही संकट में पड़ गया। अरविंद नेताम निसंदेह एक सौम्य छवि के बेदाग आदिवासी नेता हैं, मगर उनका अस्थिर चित्त उनके राजनीतिक जीवन को उधेड़ता रहा। अब राष्ट्रीय स्वयं संघ के कार्यक्रम में अरविंद नेताम को बतौर प्रमुख अतिथि आमंत्रित किए जाने से फिर एक नए सवाल का जन्म हो गया है। सवाल है कि क्या यह कार्यक्रम श्री नेताम के राजनीतिक जीवन का बड़ा टर्निंग प्वाइंट साबित होगा?संघ के बड़े नेता अगर इस आदिवासी हीरे को अपने संग कर लेने में कामयाब हो जाते हैं, तो छत्तीसगढ़ में भाजपा के उन आदिवासी नेताओं को खुद की ओर झांकना होगा कि उनके रहते भाजपा आदिवासी समाज में वैसी पकड़ क्यों नहीं बना पाई है, जैसी पकड़ कांग्रेस की है। बीजेपी के मुकाबले के लिए कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में आदिवासी नेता दीपक बैज को अपना प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। हालांकि भाजपा ने आदिवासी नेता नंद कुमार साय को भी प्रदेश अध्यक्ष बनाया था और अभी मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी आदिवासी वर्ग के हैं, बावजूद आदिवासी समाज में भाजपा की स्थिति कांग्रेस के मुकाबले उन्नीस ही है। क्या इस खाई को पाटने के लिए आरएसएस ने आदिवासी नेता अरविंद नेताम को अपने पाले में करने की कोशिश शुरू कर दी है? अगर अरविंद नेताम आरएसएस के इस कार्यक्रमके बहाने भाजपा से जुड़ गए, तो यह न सिर्फ भाजपा के लिए ब्रम्हास्त्र साबित होगा, बल्कि स्वयं अरविंद नेताम के सियासी करियर के लिए निर्णायक कदम होगा।

संघ से प्रभावित हैं नेताम

वैसे अरविंद नेताम आरएसएस के कामकाज, कार्यप्रणाली से बेहद प्रभावित हैं। संघ द्वारा आदिवासियों और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए चलाए जा रहे वनवासी कल्याण आश्रम, विद्यालय सरीखे कार्यक्रमों को वे बहुत अच्छी पहल मानते हैं, मगर कुछ शिकवा भी उन्हें हैं। अरविंद नेताम का कहना है कि आरएसएस राष्ट्रहित और आदिवासी हित में काम करने वाला एकमात्र संगठन है, मगर भाजपा की विचारधारा के कारण भाजपा और आदिवासियों के बीच अभी भी खाई है, जिसे पाटने की जरूरत है। श्री नेताम ने कहा कि अगर उन्हें नागपुर के आरएसएस के कार्यक्रम में बोलने का मौका मिला तो वे इस मुद्दे पर जरूर बात रखेंगे।

किसान द्वारा रजिस्ट्री ना होने से कीटनाशक सेवन करने की कोशिश किए जाने की घटना पूरी तरह भ्रामक

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बालोद, 29 मई 2025 बालोद जिले में आज विभिन्न माध्यमों से यह खबर प्रसारित की जा रही थी, कि एक किसान ने रजिस्ट्री न किये जाने से परेशान होकर कीटनाशक सेवन का प्रयास किया, उक्त खबर पूरी तरह भ्रामक निकली। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उक्त खबर को संज्ञान में लेते हुए जांच कराई, जिसके पश्चात यह जानकारी प्राप्त हुई कि, रामकुमार आ. सिया राम निवासी ग्राम भुसरेंगा द्वारा उप पंजीयक गुण्डरदेही को जहर सेवन की धमकी देते हुए हकत्याग निष्पादन के लिए दबाव बनाने का प्रयास किया जाना पाया गया, जबकि उसके द्वारा इस हेतु विधिवत कोई भी आवेदन कार्यालय उप पंजीयक गुण्डरदेही के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया था।
उक्त घटना में राजस्व अभिलेख के संबंध में जानकारी यह है कि रामकुमार के बहन का मूल नाम रेवती है, जो राजस्व अभिलेख में इंद्राज किया गया है, राजस्व अभिलेख में भी उनकी बहन का नाम रेवती पिता सियाराम दर्ज है। आवेदक द्वारा पूर्व में सहखातेदार नाबालिग धर्मेन्द्र के फौती हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था, जिसमें तत्कालीन नायब तहसीलदार गुण्डरदेही द्वारा दिनांक 30 अप्रैल 2024 को दस्तावेजो की जांच कर दिनांक 26 जून 2024 को आदेश पारित किया गया। मूल नाम अनुसार ही रेवती नाम राजस्व अभिलेख में दर्ज किया गया। फौती उपरांत सहखातेदारो के मध्य दिनांक 23 दिसंबर 2024 को बंटवारा आदेश पारित किया गया। जिसमें आदेश उपरांत आवेदक द्वारा उनकी बहन का मूल नाम रेवती ही दर्ज कराया गया। रामकुमार द्वारा ही बताया गया कि उसके बहन का मूल नाम रेवती है और शादी उपरांत उनका नाम लक्ष्मी किया गया एवं आधार कार्ड में भी लक्ष्मी नाम लिखवाया गया है।

बताया गया कि स्वास्थ्यगत कारणों से राम कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गुण्डरदेही में भर्ती किया गया, जहां विकासखंड चिकित्सा अधिकारी के जांच पर मरीज द्वारा जहर का सेवन नहीं किया जाना पाया गया एवं प्राथमिक जांच / उपचार पश्चात स्थिति सामान्य होने पर चिकित्सा अधिकारी द्वारा डिस्चार्ज कर दिया गया।
प्रथम दृष्टया उक्त घटना में राजस्व रिकार्ड एवं आधार कार्ड में नाम परिवर्तित होने के कारण विभागीय नियमों के तहत रजिस्ट्री न होने की जानकारी उप पंजीयक द्वारा आवेदक को दी गई है।
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