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गुजरा निवासी यादराम को मिला बैट्री चलित ट्राई साईकिल

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दल्लीराजहरा मण्डल अध्यक्ष कुसुमकसा योगेंद्र सिन्हा (गाँधी )के प्रयास से आज ग्राम पंचायत गुजरा के निवासी यादराम जो बचपन से विकलांग है और इस कारण से उसे आने-जाने में बहुत परेशानियां होती थी यादराम पैसे से कलाकार भी है मंडल अध्यक्ष के दौरे के उपरांत याद राम जी के द्वारा तीन माह पूर्व इलेक्ट्रॉनिक साइकिल की मांग की गई थी जिसे गंभीरता से देखते हुए मंडल अध्यक्ष योगेंद्र सिन्हा व मंडल के उपाध्यक्ष हितेश साहू ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए मंडल अध्यक्ष के लेटर पैड पर निको माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड गिधाली के पास जा कर 3 चक्का इलेक्ट्रॉनिक साइकिल की मांग किया।

निको मीनिंग के द्वारा उच्च स्तर पर समीक्षा करने के उपरांत साइकिल का प्रस्ताव को पास किया जिसके लिए मंडल अध्यक्षने निको माइनिंग के प्रबंधक व C. S R के कर्मचारी कुशल ठाकुर जी को धन्यवाद दिया भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा केंद्र सरकार व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए संगठन के द्वारा मुझे मंडल अध्यक्ष का दायित्व मिला है उसे दायित्व के रहते अपने मंडल क्षेत्र में किसी भी प्रकार की जो भी आवश्यकता होगी उसकी पूर्ण करने का भरपूर प्रयास करूंगा उन्होंने भाजपा के जिलाध्यक्ष चेमन देशमुख जी को बहुत बहुत धन्यवाद दिया

वनकर्मियों पर हमला करने वाले 06 आरोपी गिरफ्तार

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डौंडी – वनकर्मियों पर हमला करने वाले पेवारी ग्राम के 06 आरोपी सोमनाथ, बेदूराम,अर्जुन,तुलसीराम, तुलाराम और भोलाराम को मंगलवार शाम को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया गया है। उन पर बीएनएस की धारा 132,121,221,351,191 के तहत अपराध दर्ज किया गया था। वहीं मजदूरों पर हमला करने वाले आरोपितों की गिरफ्तारी अभी नहीं हुई है। इस मामले में मंगलवार को घायल कर्मियों के साथ बालोद जिले के समस्त वन कर्मियों ने डीएफओ के साथ बैठक लेकर कार्यवाही के अभाव में उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई गई,लेकिन छह आरोपी ग्रामीणों की गिरफ्तारी बाद इस ओर वन विभाग अगला रुख पर प्रशासनिक निगाहे टिक गई है।

 

बता दें कि चार दिन पहले वन विभाग की टीम पर हुए हमले के आरोपियों को बचाने के लिए राजनीतिक दबाव शुरू हो गया है। इसी दबाव के चलते अब तक सिर्फ छह लोगों की गिरफ्तारी हुई है। जबकि घायल कर्मियों ने हमले में 50 से 60 लोग शामिल होना बताए थे। बताया जा रहा है कि भाजपा के एक पदाधिकारी आरोपियों को बचाने में लगे हुए हैं। इससे वन विभाग के कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। घटना ग्राम पेवारी की है। चार दिन पहले वन विभाग की टीम वाटरशेड स्थल पेवारी का निरीक्षण करने पहुंची थी। टीम में रेंजर और अन्य कर्मचारी शामिल थे। तभी वहां 50 से 60 ग्रामीण लाठी-डंडों से लैस होकर पहुंचे। इन लोगों ने अचानक हमला कर दिया। वनकर्मियों की बेरहमी से पिटाई की गई। हमले में रेंजर और कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। लेकिन पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। वन कर्मचारी संघ के दबाव के बाद ही पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया। बाकी आरोपियों के खिलाफ न तो रिपोर्ट दर्ज की गई और न ही कोई गिरफ्तारी हुई। इससे साफ है कि पूरा मामला अब राजनीतिक रंग ले चुका है। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि वे शासन का काम कर रहे थे। ऐसे में विभाग को उनकी सुरक्षा और न्याय की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। लेकिन विभाग के उच्च अधिकारी भी चुप हैं। कोई खुलकर कर्मचारियों के साथ खड़ा नहीं हो रहा।

वन कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तर के पदाधिकारी एक दिन पहले डीएफओ से मिले। उन्होंने आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ही कुछ लोगों की गिरफ्तारी हो सकी। संघ का कहना है कि जब तक सभी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन कभी भी जारी रहेगा।

घटना के बाद से वन विभाग के कर्मचारी डरे हुए हैं। वे अब फील्ड में जाने से कतरा रहे हैं। उनका कहना है कि जब शासन के आदेश पर काम करने पर भी सुरक्षा नहीं मिलती, तो ऐसे में काम करना मुश्किल हो जाता है। कर्मचारियों ने मांग की है कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सख्त सजा दी जाए।

वन विभाग के अधिकारियों की चुप्पी पर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक विभाग खुद अपने लोगों के साथ नहीं खड़ा होगा, तब तक ऐसी घटनाएं दोहराई जाती रहेंगी। फिलहाल पूरा मामला राजनीतिक दबाव में उलझ गया है। पुलिस और प्रशासन की निष्क्रियता से कर्मचारियों में नाराजगी है। अब देखना होगा वन संघ इस दिशा में आगे क्या रुख अख्तियार करेगी।

इस मामले में डौंडी टीआई उमा ठाकुर कह चुकी है कि फारेस्ट कर्मियों का बयान अभी बाकी है,जिसके बाद आगे की कड़ी और जुड़ेगी।

आप बस खूब लगन से पढ़ाई करें, स्कूलों की कमियां मैं दूर करूंगा: सांसद महेश कश्यप

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  •  करीतगांव में तोकापाल ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन
  • सरस्वती सायकल योजना के तहत छात्राओं को सांसद ने किया सायकल वितरण

तोकापाल विकासखंड तोकापाल के ग्राम करीतगांव में ब्लॉक स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बस्तर सांसद महेश कश्यप शामिल हुए।

सांसद श्री कश्यप ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान छात्र छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम उपरांत बच्चो को गणवेश वितरण, एक पेड़ मां के नाम पौधरोपण, सरस्वती साइकल योजना अंतर्गत साइकल वितरण किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण से पूर्व बस्तर बहुत अभावों में रहा जिसकी चिंता तत्कालीन भाजपा सरकार के प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी ने की और नए राज्य निर्माण के पश्चात् बने राज्य के दूसरे मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के सरकार के नेतृत्व में बस्तर के विकास में कई कार्य हुए जिससे बस्तर की स्थिति में सुधार हुआ और वर्तमान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बस्तर के विकास को लेकर लगातार योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जा रहा है। बस्तर सांसद ने बच्चो से कहा कि आप खूब मेहनत और लगन से पढ़िये, कमियों को मै दूर करूंगा। भारत के इतिहास के बारे में बताते हुए सांसद श्री कश्यप ने कहा भारत की प्राचीन गुरुकुल परंपरा और नालंदा जैसे विश्वविख्यात विश्वविद्यालय इस बात के साक्षी हैं कि हमारा देश शिक्षा, ज्ञान और संस्कृति के क्षेत्र में विश्व गुरु रहा है। जब संपूर्ण विश्व अज्ञान के अंधकार में था, तब भारत ज्ञान की ज्योति जला रहा था। नालंदा, तक्षशिला जैसे शिक्षा केंद्रों से निकले विचारों ने पूरे एशिया को दिशा दी थी।

हमारा भारत ‘सोने की चिड़िया’ केवल समृद्धि के कारण नहीं था, बल्कि संस्कृति, शिक्षा और नैतिक मूल्यों की शक्ति के कारण भी था। आज आवश्यकता है कि हम अपनी इन महान परंपराओं को पुनः आत्मसात करें और आने वाली पीढ़ी को राष्ट्र के प्रति समर्पण, सेवा और स्वाभिमान का भाव सिखाएं। देश तभी सशक्त बनता है जब उसकी नई पीढ़ी अपने अतीत को जानती है, वर्तमान से जुड़ी है और भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। हमें अपने बच्चों में भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीयता और कर्तव्यबोध की भावना जागृत करनी होगी। यही राष्ट्र निर्माण का सच्चा मार्ग है। इस दौरान चित्रकोट विधायक विनायक गोयल, पूर्व विधायक श्री सुभाऊ राम कश्यप, जिला पंचायत सदस्य कामदेव बघेल, जिला पंचायत सदस्य पदमनी कश्यप, तोकापाल जनपद अध्यक्ष रामबती भंडारी, उपाध्यक्ष रितेश जोशी, बकावंड जनपद अध्यक्ष सोनबारी भद्रे, उपाध्यक्ष तरुण पांडेय, जनपद सदस्य डिकेश नाग, जनपद सदस्य शांति नाग, जनपद सदस्य भारती कर्मा, जनपद सदस्य घासीराम नेताम, तोकापाल भाजपा मंडल अध्यक्ष सोमारु राम नेताम, मंडल महामंत्री मेधराम ठाकुर, कार्यालय मंत्री बंटी ठाकुर, मंडल महामंत्री मुन्ना कश्यप, भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष जीवनाथ मौर्य, बकावंड मंडल अध्यक्ष तरुण पांडे, जलन कश्यप,संदीप ठाकुर, चंद्राकांत भंडारी, पीके साहू, संतूराम, परिश बेसरा, नीलकुमार बघेल, दामोदर बघेल, नवल भारती, फुलकेश्वर पांडे, राजा गुप्ता, रघु सेठिया, त्रिनाथ आचार्य, लखमू भारती, स्कूल के छात्र-छात्राओं, शिक्षा विभाग के अधिकारी, स्कूल प्राचार्य, शिक्षकों सहित अभिभावकों की उपस्थिति रही।

कांग्रेस की काली करतूत आपातकाल से देश को परिचित होना जरूरी: भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव

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  • कांग्रेस के दामन पर देश में इमरजेंसी लगाने का कलंक
  • सत्ता में बने रहने कांग्रेस ने देश को आपातकाल की जंजीरों में जकड़ा: देव

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा देश में जबरिया थोपे गए आपातकाल की 50वीं बरसी बुधवार को कालादिवस के रुप में मनाया और आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सर्वाधिक काला अध्याय निरूपित किया। भाजपा जिला कार्यालय में आपातकाल काला दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक किरण सिंह देव शामिल हुए।

इस अवसर पर किरण सिंह देव ने कहा कि आपातकाल भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का कलंक है, जिसे कांग्रेस के अत्याचारी शासन में देश व देशवासियों ने भोगा है। आपातकाल के संबंध में आज देश के प्रत्येक युवा व नागरिकों को जानना चाहिए। किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस की तात्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून 1975 को अपनी सत्ता बचाने के लिए समूचे देश को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। लगातार 19 महीने चले आपातकाल में नागरिकों को बोलने की स्वतंत्रता नहीं थी, समाचार पत्रों में निष्पक्ष लिखने की स्पष्ट मनाही थी, लाखों लोगों को रातोंरात जेलों में बंद कर दिया गया था। जिसने भी सरकार के विरुद्ध आवाज उठाई, उसे तत्काल गिरफ्तार किया जाता था। एक तानाशाही शासन कैसे होता है, यह कांग्रेस ने अपनी सरकार चलाने के लिए किया। किरण सिंह देव ने कहा कि देश के उन कठिनतम समय की कल्पना तक हम नहीं कर सकते कि देश के एक-एक नागरिक के मौलिक अधिकार तक कांग्रेस ने छीन लिए थे। आज उसी कांग्रेस के नुमाइंदे देश के लोकतंत्र को बचाने की दुहाई देकर ओछी राजनीति करने से बाज नही आ रहे हैं। किरण सिंह देव ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस कहती है। देश व समग्र देशवासियों को कांग्रेस की ऐसी काली और जघन्य करतूत की जानकारी होनी चाहिए।

सत्ता लोलुप है कांग्रेस: पांडे

भाजपा जिला अध्यक्ष वेदप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों की हत्या करने की दोषी कांग्रेस है। देश में आपातकाल लगाकर कांग्रेस ने इसे स्वयं साबित किया था। देश में आपातकाल का वह भयावह दौर और कांग्रेस की ऐसी सच्चाई से समूचे देश को बारंबार अवगत होना चाहिए। महज सत्ता में बने रहने के स्वार्थ में कांग्रेस ने देश को आपातकाल की बेड़ियों से जकड़ दिया था।

कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री नरसिंह राव व आभार प्रदर्शन रजनीश पाणिग्रही ने किया। संगोष्ठी आयोजन में प्रमुख रूप से लच्छूराम कश्यप, योगेन्द्र पाण्डेय, श्रीनिवास मिश्रा, श्रीधर ओझा, खेमसिंह देवांगन, सफीरा साहू, आर्येन्द्र आर्य, प्रदीप देवांगन, सुरेश गुप्ता, राजेंद्र वाजपेयी, शशिनाथ पाठक, योगेश शुक्ला, संजय चंद्राकर, अतुल सिम्हा, विपिन मालवीय, त्रिवेणी रंधारी, यशवर्धन राव, दिगंबर राव, संतोष वाजपेयी, विक्रम सिंह यादव, आशुतोष पाल, मनोज पटेल, श्रीपाल जैन, अभिषेक तिवारी, अमित कपूर, अविनाश सिंह, हरीश पारेख, दिलीप झा, श्याम सुंदर बघेल, आशा साहू, ममता राणा, गीता नाग, किरण सेन, वीरेंद्र जोशी, राजेश दास, परेश ताती, दिलीप सुंदरानी, योगेश मिश्रा, विनोद पाण्डेय, योगेश पाणिग्रही आदि सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

तेंदूपत्ता बोनस घोटाला; फिर पहुंची एसीबी की टीम, दर्ज किया जांच दल बयान

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  •  34 हजार आदिवासियों को नहीं दी गई थी राशि

जगदलपुर रायपुर एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में पांच सदस्यीय दल वन विभाग दफ्तर सुकमा पहुंचा। तेंदूपत्ता बोनस वितरण में मामले में जांच करने वाले दल का बयान एसीबी की टीम ने दर्ज किया। बयान लेने के बाद सुकमा के पूर्व डीएफओ अशोक पटेल के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जाना है।

अशोक पटेल के खिलाफ एसीबी कार्रवाई कर रिमांड उसे पर जेल भेजा चुका है। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021-22 में लगभग 34 हजार संग्रहको को बोनस नही मिलने की शिकायत के बाद जांच बैठाई गई थी। जांच के दौरान गड़बड़ी पाई गई। इस मामले को लेकर सुकमा वन मंडलाधिकारी अशोक पटेल को निलंबित किया गया है। इस प्रकरण की जांच करने के लिए मंगलवार को रायपुर से एसीबी की जांच टीम जगदलपुर पहुंची और तेंदूपत्ता शाखा में मामले की जांच करने वाले जांच दल का बयान दर्ज किया। सुकमा वन मंडल में वर्ष 2021

व 22 में वहां के हजारों संग्रहको को तेंदूपत्ता बोनस वितरण नही होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद बस्तर डीएफओ के नेतृत्व में 8 सदस्यों की टीम गठित की गई थी। प्राथमिक जांच में पता चला कि वर्ष 2021 में 15 प्राथमिक समितियों द्वारा तेंदूपत्ता बोनस वितरण में करीब 21 हजार 225 संग्रहको को 3 करोड़ 16 लाख 12 हजार 11 रुपये का वितरण नही हुआ, इसके अलावा वर्ष 2022 में 10 प्राथमिक समितियों के 13 हजार 1 सौ 97 संग्रहको को 2 करोड़ 58 लाख 69 हजार 975 रुपये का भुगतान नही हुआ। ज्ञात हो कि इस मामले में एसीबी की टीम डीएफओ के ठिकाने पर छापामार कार्रवाई करते हुए अनियमितता के मामले में रिमांड पर जेल भेज चुकी है। वहीं इसमें संलिप्त सुकमा वन मंडल के 9 प्रबंधकों को भी एसीबी पूर्व में बयान के लिए तलब कर चुकी है। इस मामले में संलिप्त 10 वन प्रबंधकों को सेवा से पृथक करने की कार्रवाई भी की जा चुकी है।

आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण करने वाले 3 लोगों को वन विभाग ने भिजवाया जेल

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जगदलपुर वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार और मुख्य वन संरक्षक जगदलपुर वृत्त आर सी दुग्गा और डीएफओ बस्तर उत्तम गुप्ता के मार्गदर्शन और एसडीओ बस्तर और वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंड सौरभ रजक के नेतृत्व में वन परिक्षेत्र करपावंड के परिसर गोटीगुडा के कक्ष क्रमांक आरएफ 1135 नया 155 में अवैध कटाई और अवैध

अतिक्रमण के आरोप में ग्राम छतोड़ी जिला कोंडागांव के 3 आरोपियों बलदेव कोराम, धरम कोराम, सोमन सिंह को जेल भिजवा दिया गया है।

इन तीनों लोगों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 और लोक सम्पत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 के तहत पीओआर दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 24 जून को मुख्य न्यायिक

मजिस्ट्रेट जगदलपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से उन्हें 08 जुलाई तक न्यायिक रिमांड पर केंद्रीय जेल जगदलपुर भेजा गया। इस कार्रवाई में प्रशिक्षु वनक्षेत्रपाल विवेक जायसवाल, परिक्षेत्र सहायक बालकदास बघेल, बनसिंह कर्मा, कमलोचन बघेल, महेश पांडे, दिनेश आलम और बीट फील्ड ऑफिसर मंगल कश्यप, कलमू देवा, तुलेश बघेल,

सोनाधर मौर्य, रघुनाथ नाग, वन प्रबंधन समिति गोटीगुडा के सदस्य और परिक्षेत्र के सुरक्षा श्रमिक शामिल रहे।

वहीं बस्तर वन मंडल के ही दरभा वन परिक्षेत्र में भी वन भूमि पर अतिक्रमण करते हुए दो ट्रेक्टर को जब्त करने की कार्रवाई की गई है। वन विभाग के द्वारा चलाए जा रहे अभियान से वन भूमि पर अतिक्रमण करने वाले लोगों में दहशत का माहौल है।

शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर निलंबित

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बालोद, 24 जून 2025 जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने जिले के डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर को अपने कक्ष में स्प्राईट की बोतल में शराब मिलाकर सेवन करते हुये पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी पीसी मरकले ने बताया कि डौण्डी विकासखण्ड के शासकीय प्राथमिक शाला चिपरा के प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर के द्वारा 24 जून 2025 को अपने कक्ष में स्प्राईट की बोतल में शराब मिलाकर सेवन करते हुये पाए गए। उन्होंने बताया कि उक्त कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है। विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी द्वारा संबंधित प्रधान पाठक के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही किये जाने की अनुशंसा की गई है। जिसके अंतर्गत सरजूराम ठाकुर का उक्त कृत्य अनुशासनहीनता एवं छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 03 के उपनियम (1) (2) (3) के विपरीत गंभीर कदाचरण की श्रेणी में आता है। अतः एतद् द्वारा छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-09 (1) (क) के तहत  सरजूराम ठाकुर, प्रधान पाठक, शास.प्राथ. शाला चिपरा, वि.खं. डौण्डी. जिला बालोद (छ.ग.) को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर का मुख्यालय कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी डौण्डी, जिला बालोद (छ.ग.) नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित प्रधानपाठक सरजूराम ठाकुर को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

 

कांग्रेस के आपातकाल ने बेटों को माता पिता की चिता को अग्नि देने तक नहीं दीं: राकेश यादव

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  • कांग्रेस ने आपातकाल लगाकर संविधान को कुचला: राकेश यादव
  • आपातकाल कांग्रेस की तानाशाही सोच का प्रमाण है, आज भी जिंदा है वही मानसिकता” — राकेश यादव

बालोद 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को देश के लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताते हुए जिला भाजपा कार्यालय बालोद में आयोजित आपातकाल के 50 वे वर्ष पर आयोजित संगोष्ठी पर जिला भाजपा महामंत्री राकेश यादव कहा कि आज भी कांग्रेस उस तानाशाही मानसिकता से मुक्त नहीं हो सकी है, जिसकी नींव इंदिरा गांधी ने 50 वर्ष पूर्व आपातकाल लगाकर रखी थी।

उन्होंने कहा कि आपातकाल कोई राष्ट्रीय संकट नहीं, बल्कि एक डरी हुई प्रधानमंत्री की सत्ता बचाने की साजिश थी। 12 जून 1975 को जब इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इंदिरा गांधी को चुनाव में दोषी ठहराया, तो उन्होंने 25 जून को ‘आंतरिक अशांति’ का हवाला देकर अनुच्छेद 352 के तहत देश पर आपातकाल थोप दिया।

संविधान, प्रेस, न्यायपालिका सब कुछ कुचला गया

यादव ने कहा कि उस समय लोकतंत्र के तीनों स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका—को बंधक बना दिया गया। प्रेस की आज़ादी पर इतना बड़ा हमला हुआ कि कई अखबारों की बिजली काट दी गई, सेंसरशिप लगाई गई, और 253 पत्रकारों को जेल में डाल दिया गया।

उन्होंने कहा कि “कांग्रेस के आपातकाल ने बेटों को माता-पिता की चिता को अग्नि देने तक नहीं दिया,” यह उस अमानवीय शासन का प्रमाण है। इस दौरान लाखों लोगों को बिना मुकदमे जेल में डाला गया, जिनमें जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेता शामिल थे।

तानाशाही संशोधन और संजय गांधी की परछाई

इंदिरा गांधी ने संविधान में 39वां और 42वां संशोधन कर प्रधानमंत्री पद को न्यायिक समीक्षा से बाहर कर दिया। उन्होंने ‘धर्मनिरपेक्ष’ और ‘समाजवादी’ शब्दों को जोड़कर वैचारिक एजेंडा थोपने की कोशिश की। प्रेस, न्यायपालिका और नागरिक स्वतंत्रता पर सीधा हमला किया गया।

यादव ने कहा कि सत्ता का असली केंद्र बन चुके संजय गांधी ने बिना किसी संवैधानिक पद पर रहते हुए नीतिगत निर्णय लिए। “कांग्रेस में परिवार ही पार्टी और सत्ता का केंद्र बन गया था, संविधान और जनता नहीं।”

वर्तमान समय राष्ट्रीय नेता पर निशाना साधा और कहा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से केंद्र सरकार के अध्यादेश को फाड़कर उसी आपातकालीन सोच को उजागर किया। कांग्रेस आज भी उसी मानसिकता से काम कर रही है। उन्होंने कहा, “कांग्रेस शासित राज्यों में आज भी पत्रकारों पर मुकदमे, सोशल मीडिया पोस्ट पर गिरफ्तारी और एक्टिविस्टों पर पुलिस कार्रवाई होती है।”

डिजिटल इमरजेंसी: नई रणनीति

यादव ने कहा कि आज कांग्रेस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर झूठ फैलाने वालों को संरक्षण देती है और विपक्ष की आवाज दबाने के लिए ‘डिजिटल इमरजेंसी’ चला रही है। कांग्रेस अब भी लोकतंत्र को सिर्फ सत्ता हथियाने का औजार मानती है।

शाह आयोग की रिपोर्ट और कांग्रेस का इतिहास मिटाने का प्रयास

शाह आयोग की रिपोर्ट ने साफ लिखा था कि आपातकाल लगाने का कोई संवैधानिक औचित्य नहीं था। लेकिन 1980 में सत्ता में लौटने के बाद इंदिरा गांधी ने इस रिपोर्ट को ही नष्ट करवा दिया।

भाजपा मना रही ‘संविधान हत्या दिवस

भाजपा 25 जून को पूरे जिला में ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मना रही है। लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित किया जा रहा है और जनता को आपातकाल का काला सच बताया जा रहा है। श्री यादव ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के लिए सम्मान निधि योजना को पुनः लागू कर यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। किन्तु पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में इस योजना को बंद कर अपमान किया था।

उपस्थित गण:

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता राकेश यादव,प्रेम साहू, जुंगेरा मंडल अध्यक्ष अरुण साहू ,पूर्व मंडल अध्यक्ष पालक ठाकुर, प्रकाश नाहर ,संतोष साहू,जनपद सदस्य भुनेश्वरी चंद्राकर ,टेमन साहू,संतानद साहू ,संजय साहू,शिवेंद देशमुख ,हरिराम साठिया ,कामता प्रसाद साहू, साहू दुष्यंत साहू, भूपेश साहू ,ओम प्रकाश सिन्हा, लेश्वर साहू बाल सिंह साहू ,तामेश्वर साहू, गिरीश कुमार निर्मलकर ,संतोष चंद्राकर, इंदू पवार ,विनोद गोस्वामी, रामेश्वर पटेल सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

मरघट की जमीन बिकवा दी पटवारी, आरआई ने

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  • पहले पट्टा जारी किया और अब दूसरे के पास बेच दी गई पट्टे की जमीन
  • विरोध में उतरे सरपंच और ग्रामीण, पट्टा रद्द करने की उठाई मांग

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर जिले की भानपुरी तहसील के एक राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने गजब कारनामा कर दिखाया है। पटवारी और आरआई ने मरघट की जमीन का पट्टा जारी करवा दिया और अब उन्हीं के संरक्षण में उस जमीन की खरीदी बिक्री भी हो रही है। सरपंच तथा ग्रामीण इसके विरोध में उतर आए है और बात अब कलेक्टर तक पहुंच चुकी है।

यह सनसनीखेज मामला भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा से सामने आया है। मावलीगुड़ा में मरघट के लिये आरक्षित शासकीय भूमि का पहले राजस्व निरीक्षक और पटवारी ने पट्टा जारी करवा दिया अब उस जमीन की खरीद बिक्री भी शुरू करवा दी है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने तहसीलदार से लेकर कलेक्टर तक शिकायत कर जमीन का पट्टा रद्द कर नामांतरण पर रोक लगाने तथा मरघट के लिए आरक्षित करने की मांग जिला प्रशासन से की है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि पटवारी आरआई की सांठगांठ से शासकीय भूमि को खरीदी बिक्री की गई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार भानपुरी पंचायत के मावलीगुड़ा पारा में पटवारी हल्का नं. 0008 के भू अभिलेख के खसरा नं. 812 रकबा 1.21 हेक्टेयर शासकीय भूमि मरघट के लिये आरक्षित की गई थी।

इस भूमि की राजस्व विभाग के कर्मचारी द्वारा सांठगांठ कर बिक्री किया जा चुकाी है। प्रकरण क्रमांक सीजी 2024-25, 193-1-3222 में नामांतरण हेतु कमला बाई एवं गणेश के नाम गलत तरीके से पट्टा जारी करने का आरोप ग्रामीणों ने लगाया है। उक्त भूमि के क्रेता गरिमा दीवान निवासी भानपुरी के नाम से नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। सरपंच एवं ग्रामीणों ने 17 अप्रैल को कलेक्टर बस्तर के समक्ष लिखित शिकायत कर नामांतरण आदेश खारिज कर उक्त भूमि को मरघट के लिये आरक्षित करने की मांग की है। तहसीलदार एवं एसडीएम को भी आवेदन दिया गया है। खबर है कि भानपुरी पंचायत में कई स्थानों की शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा चुका है और राजस्व निरीक्षक तथा पटवारी मुकदर्शक बने बैठे हैं। जमीन पर अवैध कब्जे का धंधा राजस्व निरीक्षक के संरक्षण में ही फल फूल रहा है।

वर्सन

दर्ज हो चुका है प्रकरण

मावली गुड़ा की जमीन के संबध में सरपंच एवं ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। दस्तावेजों की पड़ताल के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 

शहर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की समीक्षा बैठक संपन्न

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  •  जल्द ही वार्ड अध्यक्ष एवं नए पदाधिकारियो की होगी नियुक्ति – सूर्यकांत जैन

राजनांदगांव 24 जून 2025 दिन मंगलवार को प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज जी के आदेश अनुसार शहर जिला कांग्रेस के प्रभारी बृजेश शर्मा शहर कांग्रेस अध्यक्ष कुलबीर छाबड़ा के निर्देशानुसार शहर दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की समीक्षा बैठक ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सूर्यकांत जैन के नेतृत्व में ब्लॉक कार्यालय भरका पारा वार्ड नंबर 27 में संपन्न हुई।

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के महामंत्री नीरज कन्नौज ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर आज दक्षिण ब्लॉक की समीक्षा बैठक संपन्न हुई एवं बैठक में निर्णय लिया गया कि हर माह यह बैठक अलग-अलग वार्डों में की जाएगी ,एवं जिन वार्डों में वार्ड अध्यक्ष सक्रिय नहीं है वहां नए वार्ड अध्यक्ष बनाए जाएंगे, एवं नए कार्यकर्ताओं को पार्टी से जोड़ा जाएगा बैठाक में ब्लॉक अध्यक्ष सूर्यकांत जैन ने कहा कि ब्लॉक संगठन द्वारा रचनात्मक कार्यों को भी संपादित किया जाएगा ,और आम जनता से जुड़ने का प्रयास कांग्रेस जन करेंगे, एवं वार्ड एवं लोकल स्तर की समस्याओं के समाधान हेतु सभी कांग्रेस जन संघर्ष करके जनता से सीधा संपर्क बनाने का काम करेंगे। उन्होंने सभी उपस्थित कांग्रेस जनों से ट्रिपल इंजन की भाजपा सरकार की असफलताओं को जनता के बीच लाने के लिए सोशल मीडिया एवं उचित प्लेटफार्म के माध्यम से आम जनता के हक के लिए जनता के साथ खड़े होकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करने की बात कही ,और उन्होंने कहा कि प्रदेश कांग्रेस एवं शहर जिला कांग्रेस से प्राप्त निर्देशों के अनुसार संगठन सदैव पार्टी हित एवं जनहित में कार्य करेगा। उक्त अवसर पर शहर जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजू खान, वरिष्ठ कांग्रेसी मामराज अग्रवाल, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष प्रकाश बाफना,ब्लॉक उपाध्यक्ष डॉ राकेश कुमार, लक्खू रुचंदानी ,महामंत्री राजेश चौहान ,नीरज कन्नौज, सतीश सोन पिपरे, जोन प्रभारी अवधेश प्रजापति ,खिलेश बंजारे, पार्षद अमीन हुड्डा ,महामंत्री कमलू विक्रमनेताम, महेश यादव, वार्ड अध्यक्ष तेन सिंह साहू, सागर ताम्रकार, संयुक्त महामंत्री अरशद खान, वार्ड अध्यक्ष रहीम मेमन ,कमल डोंगरे ,ज्ञानेंद्र चंद्राकर, संयुक्त महामंत्री मोहन चुनूरकर ,दुर्गेश धीवर , जीवन , प्रदीप यादव, जावेद अशरफ, सलमान, रजत सहित ब्लॉक के कांग्रेस जन बैठक में शामिल हुए।

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