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परियोजना अधिकारी बास्तानार को हटाने संघ ने सौंपा ज्ञापन 

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  •  आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को परेशान करने का लगाया आरोप
  • दो विकासखंड का प्रभार होने के चलते कार्य प्रभावित होने की कही बात

जगदलपुर : बस्तर जिले के बास्तानार ब्लॉक में महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी उर्मिला खोबरागड़े के कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करते हुए ब्लॉक के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संगठन की महिलाओं ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बास्तानार को ज्ञापन सौंपा है

दिए गए ज्ञापन में महिलाओं ने परियोजना अधिकारी खोबरागड़े पर आरोप लगाते हुए कहा है कि परियोजना अधिकारी के द्वारा क्षेत्र के आंगनबाड़ी केंद्रों में अचानक कभी भी एकाएक दस्तक देते हुए आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद कराकर कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बिना किसी ठोस कारण के कारण बताओ नोटिस जारी किया जाता है और अनावश्यक परेशान किया जाता है तथा समूहों की देय राशि को भी रोके जाने की बात कही है साथ ही कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के मानदेय को भी बिना किसी कारण के रोकने का आरोप परियोजना अधिकारी पर लगाया है इसके अलावा ज्ञापन में संघ ने परियोजना अधिकारी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनके द्वारा कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं पर मनगढ़ंत शिकायत करवाते हुए बर्खास्त करने की धमकी देने की बात कही है परियोजना अधिकारी उर्मिला खोबरागड़े को ब्लॉक से हटाए जाने तथा बर्खास्त किए गए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुकमणी सज्जन की पुनः बहाली जब तक नही होगी तब तक संघ के द्वारा अनिश्चितकालीन धरना देने की बात भी संगठन ने कही है

विकासखंड में धरना प्रदर्शन के चलते

आंगनबाड़ी केंद्रों में कार्य लगातार प्रभावित हो रहा है जिसके चलते शासन द्वारा ननिहालों के लिए बनाई गई योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है

भानुप्रतापपुर की सुधा खापर्डे पीएचडी उपाधि से हुई सम्मानित

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कांकेर – शहीद महेन्द्र कर्मा विश्व विद्यालय बस्तर से ”हल्‍बा जनजाति का सामाजिक सांस्‍कृतिक एवं एैतिहासिक अध्‍ययन- विशेष रियासत कालीन गैंदसिंह के संदर्भ में 1818 से 1948 तक” विषय में भानुप्रतापपुर की सुधा प्रीतम खापर्डे ने डॉक्‍टरेट (PhD) उपाधि हासिल की है । इस अद्वितीय यात्रा के दौरान हल्‍बा जाति की सांस्‍कृतिक विरासत का अध्‍ययन, ब्रिटिश और मराठा सैन्‍य शक्ति का कांकेर और बस्‍तर रियासत में हसतक्षेप का अध्‍ययन करना, वीर शहीद गैंद सिंह जी की परलकोट संघर्ष में भूमिका और बस्‍तर क्षेत्र के स्‍वतंत्रता संग्राम में योगदान का अध्‍ययन करना, कांकेर और बस्‍तर रियासत के मध्‍यकालीन एवं बीसवी सदी के संघर्षों का अध्‍ययन करना, बीसवी सदी के पूर्वार्ध में बस्‍तर की आर्थिक- सांस्‍कृतिक दशा, बस्‍तर रियासत में परलकोट जमींदारी एवं जन विप्‍लव आदि के विषय में शोध किया और प्राप्‍त ज्ञान को विभिन्‍न साक्षरता स्‍तरों और समुदायों में बांटने का समर्थन किया है। वर्तमान में श्रीमती सुधा खापर्डे भानुप्रतापपुर विकासखण्‍ड के शासकीय उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय भीरागांव जिला कांकेर में व्‍याख्‍याता के पद पर कार्यरत हैं, जो कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी उत्‍तर बस्‍तर कांकेर में पदस्‍थ श्री प्रीतम खापर्डे, सहायक ग्रेड-02 की धर्मपत्‍नी हैं । उन्‍होने अपना शोध कार्य शोध निर्देशक स्‍वर्गीय डॉ. विजय कुमार बघेल, डॉ. चेतन राम पटेल, प्राचार्य शहीद गोण्‍डाधूर शास. महाविद्यालय कोण्‍डागांव के मार्गदर्शन में पूर्ण किया । श्रीमती सुधा खापर्डे ने डॉक्‍टरेड उपाधि हासिल कर परिवार, विद्यालय, जिले का नाम रोशन किया है। उनकी एैतिहासिक उपलब्धि के लिए श्री प्रीतम खापर्डे, वैभव खापर्डे, विदित खापर्डे, टी.आर. नोन्‍हारे, सविता नोन्‍हारे, आशीष रामटेके, हेमलता रामटेके, लावन्‍या बोरकर, गुंजन बोरकर, शाला परिवार एवं मित्रमंडल ने बधाई दी है ।

आरक्षण विरोधी है भाजपा और मोदी सरकार

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  •  कांग्रेस के बड़े अजा – अजजा नेताओं ने प्रधानमंत्री पर जमकर बोला हमला

जगदलपुर अभा कांग्रेस वर्किंग कमेटी मेंबर के. राजू कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश लिलोटिया, अनुसूचित जनजाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवाजी राव मोघे ने जगदलपुर के राजीव भवन में केंद्र सरकार को आड़े हाथों लेते हुए पूछा कि प्रधानमंत्री से लेकर भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री आरक्षण बिल पर क्यों चुप हैं? भाजपा के दबाव में आरक्षण विधेयक रूका हुआ है। आरक्षण बिल पर भाजपा के रवैए को कांग्रेस जनता तक ले जाएगी। कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार ने सर्वसमाज के हित में राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, ओबीसी और अनारक्षित वर्ग के गरीबों के हित में आरक्षण संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित करवा कर राजभवन भेजा है। दुर्भाग्यजनक है आरक्षण विधेयक कानून का रूप नहीं ले पा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वंचित वर्गों को उनका संवैधानिक हक भाजपा के षड़यंत्रों के कारण नहीं मिल पा रहा है। आरक्षण संशोधन विधेयक राजभवन में 9 महिने से अटका हुआ है। अभी तक

राजभवन ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किया है। प्रदेश में चुनावी दौरे पर भाजपा के बड़े नेता आ रहे हैं। प्रधानमंत्री, भाजपा अध्यक्ष से लेकर केंद्रीय मंत्री तक आ रहे हैं, लेकिन राजभवन में रूके आरक्षण बिल पर सब मौन हैं। भाजपा के आरक्षण विरोधी रवैए को कांग्रेस जनता के बीच लेकर जाएगी। भाजपा आरक्षित वर्ग के गरीबों के हितों में बाधक बनी हुई है। आरक्षण संशोधन विधेयक में आदिवासी समाज के लिये 32 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था है। आरक्षण विधेयक रुकने का खामियाजा आदिवासी समाज को सबसे ज्यादा भुगतना पड़ रहा है।

कांग्रेस ने सर्व समाज को आरक्षण देने अपना काम पूरी ईमानदारी से करके सभी वर्गों के लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति को उनकी जनगणना के आधार पर तथा पिछड़ा वर्ग को क्वांटी फायबल डाटा आयोग की रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण का प्रावधान किया। इस विधेयक में अनुसूचित जनजाति के लिये 32 प्रतिशत, अनुसूचित जाति के लिये 13 प्रतिशत तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान है। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लिए भी 4 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है। 76 प्रतिशत का आरक्षण सभी वर्गों की आबादी के अनुसार निर्णय लिया गया है। यह विधेयक यदि कानून का रूप लेगा तो हर वर्ग के लोग संतुष्ट होंगे। सभी वंचित वर्ग के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने सामाजिक न्याय को लागू करने यह विधेयक बनाया गया है। इस विधेयक को विधानसभा ने सर्वसम्मति से पारित किया है इसको रोकना जनमत का अपमान है।

 

नगरनार संयंत्र पर मोदी ने झूठ बोला

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार नगरनार को बेचने की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। प्रधानमंत्री मोदी ने नगरनार को लेकर सफेद झूठ बोला है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर में एक बार फिर झूठ बोला कि नगरनार संयंत्र का उनकी सरकार निजीकरण नहीं कर रही है। मोदी सरकार ने नगरनार इस्पात संयंत्र के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दिया है। प्रधानमंत्री ने राजनैतिक बयानबाजी में झूठ बोलकर अपने पद की गरिमा को गिराया है। मोदी सरकार नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचना चाहती है तथा इस संयंत्र को खरीदने के लिए उद्योगपतियों ने सर्वे भी शुरू कर दिया है। उद्योगपतियों को बोली लगाने के लिए नियम शर्ते भी मोदी सरकार ने बना दी है। प्रधानमंत्री बस्तर और प्रदेश की जनता को जवाब दें कि वे झूठ क्यों बोल रहे हैं? 14 अक्टूबर 2020 में भारत सरकार ने एनएमडीसी के नगरनार स्टील प्लांट में 50.79 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का निर्णय लिया था। इसके लिए भारत सरकार के वित्त विभाग के अधीन निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग को काम सौंपा गया। यह निर्णय प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति द्वारा लिया गया। नगरनार स्टील प्लांट में विनिवेश का कार्य सितंबर 2021 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया। पीआईबी रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। उक्त निर्णय के क्रियान्वयन हेतु डीआईपीएएम ने 2 दिसंबर 2022 को नगरनार की रणनीतिक बिक्री हेतु प्रारंभिक बोलियां आमंत्रित की गईं। इस निविदा के संबंध में निजी निवेशकों को अन्य जानकारी प्राप्त करने हेतु प्रश्न जमा करने की अंतिम तारीख 29 दिसंबर 2022 तथा बोली जमा करने की अंतिम तिथि 27 जनवरी 2023 रखी गई थी। समाचार पत्रों की खबरों से पता चला है कि नगरनार स्टील प्लांट को खरीदने के लिए पांच निजी कंपनियों ने प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। उनमें से प्रमुख हैं जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड, जेएसडब्ल्यू एस्सार तथा अडानी समूह। एनएमडीसी के चेयरमैन अमिताभ मुखर्जी ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया था कि एनएमडीसी स्टील प्लांट में विनिवेश की प्रक्रिया में प्लांट की कमिशनिंग के बाद तेजी आएगी। इस बात की संभावना है कि राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद दिसंबर में उन कंपनियों से फाइनेंसियल बिड आमंत्रित किए जाएं।

अन्य उपक्रमों को भी बेचने की तैयारी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि भारत सरकार द्वारा इसी वित्तीय वर्ष अर्थात् 31 मार्च 2024 के पूर्व नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। एनएमडीसी स्टील प्लांट नगरनार के अलावा भारत सरकार इसी वित्तीय वर्ष में शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया, बीईएमएल, एचएलएल लाइफकेयर, कंटेनर कार्पोरेशन ऑफ इंडिया, विजाग स्टील तथा आईडीबीआई के विनिवेश से कुल 51,000 करोड़ रू.

अर्जित करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण का निर्णय लिया है बल्कि इसके निजीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण तक पहुंचा चुकी है। प्रधानमंत्री से इतने बड़े झूठ की उम्मीद नहीं थी।

धान खरीदी पर भी झूठ

धान खरीदी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने कहा प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता छत्तीसगढ़ में आकर लगातार झूठ बोल जाते हैं कि छत्तीसगढ़ में धान की खरीदी केंद्र सरकार करती है। छत्तीसगढ़ में धान कांग्रेस सरकार अपने खुद के दम पर खरीदती है। धान खरीदने में केंद्र सरकार का एक पैसे का भी योगदान नहीं है। राज्य सरकार धान खरीदी मार्कफेड के माध्यम से करती है। इसके लिए मार्कफेड विभिन्न वित्तीय संस्थाओं से ऋण लेती है तथा इस ऋण के लिए बैक गारंटी राज्य सरकार देती है और धान खरीदी में जो घाटा होता है, उसे भी राज्य सरकार वहन करती है। पिछले वर्ष मार्कफेड ने लगभग 35000 करोड़ का ऋण धान खरीदी के लिए लिया था। मोदी सरकार तो घोषित समर्थन मूल्य से 1 रूपया भी ज्यादा कीमत देने पर राज्य सरकार को धमकाती है कि वह राज्य से केंद्रीय योजनओं के लिए लगने वाला चावल नही खरीदेगी।अकेली छत्तीसगढ़ सरकार है, जो अपने धान उत्पादक किसानों को देश में सबसे ज्यादा कीमत देती है। छत्तीसगढ़ के किसानों को पिछले वर्ष धान की कीमत 2640 रु. मिली। उत्तरप्रदेश, गुजरात जैसे राज्यों में तो किसानों को धान का मूल्य 1100 रूपए मिलता है।

छत्तीसगढ़ देश का अकेला ऐसा राज्य है जहां किसानों को प्रति एकड़ धान पर 9 हजार रूपये तथा अन्य फसल पर 10 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी मिलती है। छत्तीसगढ़ देश का अकेला राज्य है, जहां कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 7 हजार रूपए मिलते हैं। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों के खाते में 1.50 लाख करोड़ रूपये सीधे डाले हैं। छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति केंद्र सरकार की दुर्भावना इतनी ज्यादा है कि केंद्र के पास राज्यों को देने चावल का स्टॉक नहीं है। कर्नाटक सरकार ने केंद्र से 35 लाख मीट्रिक टन चावल

मांगा। उसके लिए कर्नाटक सरकार भुगतान भी करती, लेकिन केंद्र ने स्टॉक नहीं होने की बात कहकर कर्नाटक को चावल देने से मना कर दिया। वहीं केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ से इस वर्ष 86 लाख टन चावल लेने का एमओयू करती है, लेकिन बाद में केंद्र इस एमओयू से चावल लेने की मात्रा घटाकर 61 लाख मीट्रिक टन कर देता है। यह छत्तीसगढ़ के साथ दुर्भावना

नहीं है तो और क्या है? आपको विभिन्न योजनाओं में देने के लिए चावल चाहिए।आपके पास स्टॉक भी नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में किसान भरपूर धान पैदा कर रहे हैं।यहां पर इस वर्ष कांग्रेस की सरकार ने 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा है। छत्तीसगढ़ में चुनाव है। छत्तीसगढ़ सरकार को असहयोग करना है इसलिए वहां की सरकार से चावल नहीं लेना है यह केंद्र की दुर्भावना है। केंद्र भले एक दाना चावल मत ले कांग्रेस सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों का दाना- दाना धान खरीदेगी। इस वर्ष कांग्रेस सरकार ने 20 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी का लक्ष्य रखा है तथा इस वर्ष राज्य के किसानों से कांग्रेस सरकार 125 लाख मीट्रिक टन धान खरीदेगी।

प्रेस वार्ता में मुख्य रूप शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, एलडीएम नेशनल कन्वीनर नसीर अहमद, एलडीएम लोकसभा क्षेत्र कोआर्डिनेटर जावेद खान, विधायक रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, इंद्रावती विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजीव शर्मा, पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर लूनिया, पूर्व महापौर जतिन जयसवाल, जिला प्रवक्ता अवधेश झा, सादाब खान, असीम सूता आदि मौजूद थे।

छात्रवृत्ति के लिए विभाग ने जारी किया पोर्टल

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गदलपुर छग शासन द्वारा शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त हाई स्कूलों व हायर सेकंडरी स्कूलों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को राज्य व केंद्रीय छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु छात्रवृत्ति पोर्टल शुरू किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी भारती प्रधान ने बताया कि इस पोर्टल में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त करने हेतु पहले अपना पंजीयन कराकर अपनी पूरी जानकारी संबंधित शाला को ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से भेजनी होगी। विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थी स्कॉलरशिप पोर्टल https://schoolscholarship.cg.nic.in/ पर प्राप्त कर सकते हैं।

हो रहा है जगदलपुर का कायाकल्प : रेखचंद जैन

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  • राजेंद्र नगर वार्ड में सीसी रोड, नाली और राशन दुकान का होगा निर्माण

जगदलपुर श्रम एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने राजेंद्र नगर वार्ड में 52 लाख रु. से अधिक के विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू एवं जिला अध्यक्ष सुशील मौर्य ने शहर के राजेंद्र नगर वार्ड – 23 में 52 लाख 72 हजार रुपए की लागत से सीसी सड़क, आरसीसी नाली निर्माण एवं उचित मूल्य दुकान निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। वार्ड की चेरपा गली में 10.75 लाख रु. की लागत से सीसी सड़क, दशमू किराना दुकान से दुर्जन घर तक 3.91 लाख रु. की लागत से आरसीसी नाली, पामभोई घर से धुर्वा समाज भवन तक 14.71 लाख रु. की लागत से सीसी सड़क एवं लागत 23.35 लाख रुपए की लागत से उचित मूल्य की दुकान का निर्माण प्रस्तावित है। इस अवसर पर संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा कि हमारे प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप शहर का सर्वांगीण विकास हमारी सरकार की प्राथमिकता है। इस दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। शहर में आज करोड़ों रुपए के विकास कार्य संचालित हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया जगदलपुर के विकास के लिए दिल खोलकर राशि उपलब्ध करा रहे हैं। अब जगदलपुर का कायाकल्प हो रहा है। महापौर सफीरा साहू ने कहा कि गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ की तर्ज पर गढ़बो नवा जगदलपुर की अवधारणा को साकार किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया तथा विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन का लगातार सहयोग एवं आशीर्वाद प्राप्त हो रहा है।शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि पूर्ववर्ती भाजपा सरकार में केवल अपने नेताओं कार्यकर्ताओं के विकास के लिए योजनाएं बनाई जाती थीं। आज हमारी कांग्रेस सरकार द्वारा हर वर्ग और हर क्षेत्र के हितार्थ लगातार कार्य किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, महापौर सफीरा साहू, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य, वरिष्ठ पार्षद एवं एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, राजेश राय, सुषमा कश्यप, विक्रम सिंह डांगी, पार्षद कमलेश पाठक, बी ललिता राव, दयाराम कश्यप, शुभम यदु, वरिष्ठ कांग्रेस नेता गौरनाथ नाग, परमजीत सिंह जसवाल, शहर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता अवधेश झा, महामंत्री विजय सिंह, अभिषेक नायडू, अल्ताफ खान, कल्पना मेश्राम, सत्या ठाकुर, किरण गुप्ता, तरणजीत सिंह, पप्पू नाग समेत बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।

सुशील मौर्य की मणिमाला के अनमोल रत्न बने अवधेश झा

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  • हर मामले की अच्छी समझ रखते हैं कांग्रेस नेता अवधेश
  • बस्तर और छत्तीसगढ़ की तासीर का है उन्हें अच्छा ज्ञान

जगदलपुर बस्तर शहर जिला कोंग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुशील मौर्य की मणिमाला में एक अनमोल रत्न जुड़ गया है। इस रत्न का नाम है अवधेश झा। श्री मौर्य द्वारा घोषित कार्यकारणी में अवधेश झा को मीडिया चैनल प्रवक्ता बनाया गया है।  झा निसंदेह एक गुणी व्यक्ति हैं, उन्हें बस्तर और छत्तीसगढ़ की सियासी तासीर की अच्छी समझ है। शहर जिला कांग्रेस कमेटी से उनके जुड़ने का भरपूर लाभ कांग्रेस को मिलेगा, इसमें शक की कोई गुंजाईश नहीं है।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने हाल ही में अपनी कार्यकारिणी का विस्तार किया गया है। विस्तारित कार्यकारिणी में बस्तर जिले के जाने माने वकील अवधेश झा को मीडिया चैनलों के लिए प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। इस तरह सुशील मौर्य की मणिमाला में अवधेश झा के रूप में उत्कृष्ट रत्न जुड़ गया है। उनके जुड़ने से बस्तर में कांग्रेस को नई ताकत और ऊर्जा मिलेगी। अवधेश झा कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष भी हैं। वे लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हैं और तन मन से पार्टी की सेवा करते आ रहे हैं। श्री झा उच्च शिक्षित हैं और बुद्धिजीवी वर्ग से आते हैं। बस्तर के इतिहास, भूगोल और सामाजिक, आर्थिक एवं राजनैतिक स्थिति की अच्छी समझ है। वे प्रखर वक्ता भी हैं और अमूमन हर विषय में बेहतरीन दखल रखते हैं। डिबेट के मामले में विपक्ष के वक्ता उनके सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं पाते। उनके तर्कों में इतना दम रहता है कि विपक्षी प्रवक्ता धराशाई हो जाता है। श्री झा के शहर जिला कांग्रेस के मीडिया चैनल के लिए प्रवक्ता बनाए जाने से निश्चित रूप से पत्रवार्ता और इलेक्ट्रानिक न्यूज चैनलों में डिबेट के दौरान वे अपनी पार्टी का पक्ष धारदार तरीके से रख सकेंगे। स्थानीय मीडिया के बीच लोकप्रिय अवधेश झा कांग्रेस ओर मीडिया के बीच बेहतरीन तालमेल बनाने में सौ फीसदी सफल होंगे यह सुनिश्चित है। अवधेश झा बस्तर की माटी में सुरभित आबोहवा के बीच पले बढ़े हैं, लिहाजा उन्हें यहां के रग रग से वाकिफ हैं। बस्तर, छत्तीसगढ़ और देश की सियासत की उन्हें उम्दा ज्ञान है। अवधेश झा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि वे मृदुभाषी, संयमी और धैर्यवान व्यक्ति हैं। उन्हें शहर जिला कांग्रेस का मीडिया चैनल प्रवक्ता बनाए जाने से अब कांग्रेस अपनी बात पुरजोर ढंग से अपनी बात जनता के समक्ष रख सकेगी।  झा को नई जिम्मेदारी मिलने से कांग्रेस में खुशी की लहर है और ऊर्जा का संचार हुआ है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दीपक बैज, प्रदेश महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, विधायक एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन, विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल, चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम, इंद्रावती बेसिन विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं शहर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष राजीव शर्मा, महापौर सफीरा साहू, नगर निगम सभापति कविता साहू समेत अन्य नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने अवधेश झा को शुभकामनाएं दी है।

ग्रामीणों के हित में काम कर रही है छग सरकार: बेंजाम

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  • विधायक राजमन बेंजाम ने किया कार्यों का भूमिपूजन

लोहंडीगुड़ा चित्रकोट के विधायक राजमन बेंजाम ने विधायक निधि के 7.20 लाख रु. की लागत से ग्राम पंचायत बुरुंगपाल की माध्यमिक शाला में 2 सायकल स्टैंड निर्माण एवं 3.99 लाख रु. की लागत से प्रधानमंत्री सड़क से देवगुड़ी मार्ग पर 1.5 मीटर स्पान पुलिया निर्माण का भूमिपूजन किया। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने बेंजाम का बाजे गाजे के साथ भव्य स्वागत किया।


ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक राजमन बेंजाम ने कहा कि प्रदेश में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुशल नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने हर एक वर्ग के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं चलाकर कार्य कर रही है। क्षेत्र की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग अब पूरी हो रही है। पुलों निर्माण से क्षेत्र के ग्रामीणों को बारहमासी आवागमन की सुविधा मिलेगी। बारिश के दिनों में भी उन्हें आवागमन में बाधा नहीं आएगी और न ही उन्हें घूमकर जाना पड़ेगा। अब वे सरलता से अपने गन्तव्य तक पहुंच सकेंगे। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीणों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रहीं है। दो रुपए किलो में गोबर खरीदी जा रही है, गोठानों में स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे ग्रामीणों को आर्थिक लाभ प्राप्त हो रहा है।इस दौरान प्रदेश महासचिव रूकमणी कर्मा, युवा कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष कमल कर्मा, चंद्रु वेट्टी, भीमा वेट्टी, माना कवासी, पाकलू पोयाम, सुखराम कुहरामी, भीमसेन कुहरामी, माटा, मोहन, रघु वेट्टी, आयतु एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।

डीजे बजाने को लेकर हुआ बवाल पुलिस ने लिया बड़ा एक्शन

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दल्लीराजहरा :- गणेश विसर्जन मौहोल पर डीजे पर गाने बजाने को लेकर हुवा विवाद, विवाद होने दोनों के बीच मारपीट हो गई | बताया जा रहा हैं की गणेश को विसर्जित करने के लिये डीजे लगा के शंकर तालाब ले जा रहे थे | विसर्जन के बाद 256 चौक के पास बैठ कर बातचीत कर रहे थे | इसी दौरान करीबन 12 बजे लक्ष्मण दास और लालू मंडावी व उससे दोस्त द्वारा  डीजे में गाना बजाने को लेकर आपस में गली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर डंडे से मारपीट की। वहीं लक्ष्मण दास ने बताया कि मोहल्ले का गणेश विसर्जन तालाब में करने के बाद दोस्त प्रदीप मांझी उर्फ लालू मांझी के साथ दुर्गा मंच के पास खड़े थे। इसी दौरान सूर्यकांत भुआर्य उर्फ सूर्या को गणेश विसर्जन के दौरान महिलाओं के साथ हुए विवाद को लेकर समझाइश दे रहे थे, तभी आवेश में आकर सूर्यकांत जान से मारने की धमकी देते हुए प्रदीप को हाथ मुक्का और पट्टा से मारपीट की। बीच बचाव के दौरान मेरे पैर में खरोच आया है। दोनों पक्ष की रिपोर्ट पर राजहरा थाने में तीन लोगों के खिलाफ धारा 294, 323, 506 के तहत अपराध दर्ज किया गया है।गणेश विसर्जन के दौरान देर रात डीजे बजाने वालो पर कार्यवाही होने के चलते विवाद की स्थिति हो गई रात में ही बवाल होने पर जिले से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया | विवाद इतना बढ़ गया की गणेश उत्सव समिति गणेश प्रतिमा को विसर्जन करने के बजाय छोड़ कर चले गए | ऐसी स्थिति में पुलिस को ही विसर्जन करना पड़ा | मोगरा दफाई के गणेश उत्सव समिति के द्वारा डीजे के घुन पर निकने थे लेकिन 10 से अधिक समय हो जाने के कारण पुलिस बल को हाई कोट से आदेश का पालन किये जाने पर पुलिस बल के द्वारा मना करने पर  विवाद का मौहोल हो बन गया | पुलिस प्रशासन का कहना यह था की हाई कोट के आदेशानुसार करीबन रात्रि 10 से सुबह 6 बजे तक डीजे बाजने पर प्रतिबन्ध हैं इसलिए गणेश समिति के लोग नाराज हो गए | इससे गणेश समिति के लोगो द्वारा मुख्य मार्ग पर बैठ जाने से सडक पर आवजावी बंद हो जाने से सड़क पर लम्बी लाइन होने के कारण पुलिस बल बुलाया गया |सड़क पर बैठे लोगो को हटाने पर दोनों के बीच धक्का मुक्की होने से पुलिस पप्रशासन नाराज हो गये |वही दूसरी तरफ डैम साइड में गणेश को विसर्जित करने के लिये लगे क्रेन ढलाई तरफ खड़े होने के कारण 20 फिट खाई में जा गिरी | जिससे किसी तरह का जनहानि नहीं हुई |  

प्रियंका गांधी का भव्य स्वागत

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कांकेर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा का कांकेर में भव्य स्वागत किया गया। बघेल और प्रियंका गांधी भानुप्रताप देव कॉलेज मैदान गोविंदपुर कांकेर स्थित हेलीपैड पहुंचे, जहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, स्थानीय विधायक शिशुपाल सोरी, भानुप्रतापपुर की विधायक सावित्री मंडावी, अंतागढ़ के विधायक अनूप नाग सहित जिले के अन्य जनप्रतिनिधियों एवं आमजनों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। प्रियंका गांधी ने बालिकाओं और युवतियों के साथ ग्रुप फोटो भी खिंचवाई।

 

भाजपा प्रत्याशियों के चयन में फंसा पेंच

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  • पैराशूट प्रत्याशियों को लेकर कार्यकर्त्ताओं की नाराजगी पर भी पार्टी की है कड़ी नजर
  • नए सिरे से सर्वे कराकर तय किए जाएंगे प्रत्याशी

-अर्जुन झा-
रायपुर छत्तीसगढ़ में संभावित भाजपा प्रत्याशियों की सूची वायरल होने के बाद प्रत्याशी चयन में पेंच फंस गया है। बाहरी प्रत्याशी थोपे जाने से कार्यकर्त्ताओं के बीच से उठ रहे नाराजगी के स्वर ने भी भाजपा नेतृत्व को सांसत में डाल दिया है। प्रत्याशियों की सूची लीक होने से नरेंद्र मोदी और अमित शाह और राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष बेहद नाराज बताए जा रहे हैं। इसी बात को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अरुण साव और प्रदेश महामंत्री संगठन पवन साय को नई दिल्ली तलब किया गया था और प्रदेश भाजपा के प्रभारी एवं केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य ओमप्रकाश माथुर के यहां मैराथन बैठक हुई।
विश्वसनीय सूत्र बता रहे हैं कि जिन सीटों पर संभावित भाजपा प्रत्याशी के नाम पर विरोध प्रारंभ हो चुका है, वहां पुनः सर्वे करवाया जाएगा। इंटेलिजेंस ब्यूरो से भी रिपोर्ट मांगी गई है। बैठक में उन चेहरों की पहचान करने का प्रयास किया गया, जिन्होंने यह सूची वायरल की है। सूत्र बता रहे हैं कि 15 -20 नए नामों पर विचार चल रहा है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से कार्यकर्ता प्रदेश भाजपा कार्यालय में आकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।

कार्यकर्त्ता खुश रहेंगे, तभी बनेगा काम
छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रमुख नेताओं और विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के जिला एवं मंडल पदाधिकारियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं से फोन पर हुई चर्चा के अनुसार उनकी भावना है कि कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर आम सहमति से प्रत्याशी का नाम तय किया जाए। यह सर्वे की प्रक्रिया बंद होनी चाहिए, क्योंकि जमीन पर कार्यकर्ता काम करते हैं सर्वे टीम नहीं। लोगों की भावना है कि हाल ही में भाजपा प्रवेश करने वाले को बिल्कुल टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। अगर यह प्रक्रिया बंद नहीं हुई, तो छत्तीसगढ़ में भाजपा को जबरदस्त नुकसान होगा। बाहरी प्रत्याशियों को कार्यकर्ता बिल्कुल पसंद नहीं करेंगे और फिर वह मजबूर हो जाएंगे 2018 की तरह परिणाम देने के लिए। कुछ मीडिया से जुड़े लोगों, किसानों व्यापारियों और आदिवासियों से हुई चर्चा के अनुसार उनका भी यही मानना है कि पार्टी के काम करने वाले लोगों को महत्व दिया जाना चाहिए। जनता और पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं पर बाहरी प्रत्याशी को थोपा नहीं जाना चाहिए।

विरोध इस बात पर भी है
लोगों का यह भी कहना है कि 2018 में जो परिणाम आए थे, वह भाजपा के विरोध में नहीं बल्कि भाजपा सरकार में बैठे भ्रष्ट लोगों के कारनामों के कारण जनता और कार्यकर्ताओं की नाराजगी का परिणाम था। ऐसे चेहरों से भाजपा को दूरी बनाकर रखना चाहिए और ऐसे कार्यकर्ताओं को टिकट दिया जाना चाहिए, जो वर्षों से पार्टी का काम कर रहे हैं और बदनाम चेहरे का टिकट हर हालत में काट देना चाहिए। लोग यह भी कहते पाए गए हैं कि अगर वायरल सूची को सही माना जाए, तो 8 विधानसभा क्षेत्र में ठाकुर वर्ग के लोगों को टिकट दे दिए गए हैं, यह भी गलत निर्णय है। अब किसकी अनुशंसा पर यह निर्णय लिया गया है और इसके पीछे क्या षड्यंत्र है इस पर भी केंद्रीय संगठन को संज्ञान में लेना चाहिए।

कई समाज हैं भाजपा से नाराज
सिंधी समाज, गुजराती समाज और ब्राह्मण समाज भी टिकट से वंचित होने के कारण नाराज हैं। जहां पर इनकी बहुलता है वहां पर इन्हें प्राथमिकता दी जानी चाहिए और कम से कम उपरोक्त समाज के एक-एक व्यक्ति को तो टिकट दिया ही जाना चाहिए। केंद्रीय चुनाव समिति को इस बात पर भी संज्ञान लेना चाहिए कि साहू समाज और कुर्मी समाज के साथ ही अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को भी सामाजिक दृष्टिकोण से और वोटों के गणित के अनुसार टिकट दिया जाना चाहिए। साहू समाज का 2018 में 14 सीटें प्राप्त हुई थीं, लेकिन सिर्फ एक सीट पर भाजपा ने विजय प्राप्त करने में सफलता प्राप्त की। वह सीट धमतरी है, जहां से रंजना दीपेंद्र साहू जीती थीं और यह जीत भी कांग्रेस के बागी आनंद पवार के चुनाव लड़ने के कारण मिली थी। इसका परिणाम यह है कि भाजपा आज भी वहां कमजोर है।
विधानसभा चुनाव में स्थानीय स्तर के नेताओं व कार्यकर्ताओं और जिला पदाधिकारियों को महत्व दिया जाना चाहिए। बाहरी नेताओं को थोपा नहीं जाना चाहिए। क्योंकि 2018 के परिणाम बताते हैं कि बाहर से आए नेताओं ने अपना वर्चस्व बना लिया था और दबाव पूर्वक कार्रवाई करने के लिए निर्देश दिया करते थे, जिसे स्थानीय कार्यकर्ताओं ने बर्दाश्त नहीं किया और कई लोग घर बैठ गए। ऐसी स्थिति 2023 के विधानसभा चुनाव में ना हो इसके लिए प्रदेश संगठन को संज्ञान में लेना चाहिए।

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