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बिग ब्रेकिंग- बोलेरो ट्रक की टक्कर में 10 लोगों की मौत एक बच्ची की हालत गभीर

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बालोद जिला राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में पुरूर कांकेर मार्ग के पुरूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जगतरा और सोहतरा के बीच कल रात 9.30 बजे के आसपास बोलेरो एवं ट्रक की टक्कर से दर्दनाक हादसा हुआ जिसमें 10 लोगों की मौत हो गई प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी सोरम भटगांव, थाना रुद्री, जिला धमतरी के रहने वाले साहू परिवार के सदस्य थे जो कि गुरुर ब्लॉक के मरकाटोला गांव में शादी में ही शामिल होने के लिए जा रहे थे। बोलेरो को कांकेर की ओर से आ रही एक ट्रक ने टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भयानक थी कि थी कि बोलेरो पूरी तरह पिचक गई जिसपर सवार 10 लोग मौके पर ही मौत हो गई । मृतकों में पांच महिलाएं एवं पांच पुरुष के साथ एक छोटी बच्ची भी थीं जिस की स्थिति गंभीर बताई जा रही है जिसे रायपुर रेफर किया गया हैबताया जा रहा है दुर्घटना के पश्चात मौके पर अंधेरा होने के कारण काफी समय तक कोई नहीं पहुंचा था। वहां से गुजरने वाले लोगों द्वारा पुलिस को सूचना दिया गया। मौके पर पहुंच पुलिस द्वारा कार्रवाई की जा रही है ।

बस्तर साँसद दीपक बैज ने उसरिबेड़ा में के.आर.हेल्थ केयर पैथोलॉजी लैब का किया शुभारंभ

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लोहंडीगुड़ा/उसरिबेड़ा आज बस्तर साँसद दीपक बैज ने ग्राम पंचायत उसरिबेड़ा में के.आर.हेल्थ केयर पैथोलॉजी लैब नामक प्रतिष्ठान का फीता काटकर शुभारंभ किया इस मौके पर साँसद बैज ने प्रतिष्ठान के संचालक को लैब के सफल संचालन हेतु शुभकामनाएं देते हुए कहा,ग्रामीण क्षेत्र में पैथोलॉजी लैब खुलने से लोगों को शहर के बजाय यहीं जांच की सुविधा प्राप्त होगी।इस शुभारंभ अवसर पर साँसद दीपक बैज के साथ ग्राम पंचायत उसरिबेड़ा के उपसरपंच केदार ढेक, लैब के संचालक, ग्रामीणजन आदि मौजूद रहे

पूँजीवादी व्यवस्था से ही बढ रही आम जनता की परेशानियां सीटू

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अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर लौह नगरी दल्ली राजहरा में हिंदुस्तान स्टील एंप्लाइज यूनियन सीटू द्वारा धूमधाम से मई दिवस मनाया गया। यूनियन के तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार सुबह 5:30 बजे माइन्स ऑफिस गेट के पास ध्वजारोहण करने के पश्चात यूनियन कार्यालय में झंडा फहराया गया ।दि्वतीय चरण के कार्यक्रम में शाम 5:00 बजे सैकड़ों की तादाद में मजदूरों ने विशाल रैली निकाली। यह रैली माइंस ऑफिस चौक से बाजार और टाउनशिप का भ्रमण कर यूनियन कार्यालय में आम सभा के रूप में तब्दील हुई। रैली में भाग ले रहे श्रमिकों ने भारी जोश और उत्साह के साथ श्रम संशोधनों को वापस लेने, केंद्र सरकार की आर्थिक नीति के विरोध, और प्रबंधन द्वारा ठेका मजदूरों के शोषण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की । आम सभा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यूनियन के अध्यक्ष पुरुषोत्तम सिमैया ने कहा कि आज से 137 साल पहले अमेरिका के शिकागो शहर के हे मार्केट में हुई घटना के बाद ही पूरी दुनिया के अंदर मजदूर वर्ग संगठित हुआ और यूनियनों का निर्माण हुआ । ट्रेड यूनियनों के लंबे संघर्षों के परिणाम स्वरूप मजदूरों ने जीवन जीने लायक हक को हासिल किया । आज से सैकड़ों साल पहले मजदूरों के लिए न तो कोई कानून था ना तो कोई सुविधाएं थी । मजदूरों ने उस समय सिर्फ काम के घंटों को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी जो मालिकों और पूंजीवादी सरकारों को नागवार गुजरी और उन्होंने निहत्थे मजदूरों पर गोलियां चलाई। जिसके परिणाम स्वरूप लाल झंडे का निर्माण हुआ। यही लाल झुंड झंडा आज पूरी दुनिया में मजदूर आंदोलन का प्रतीक है। यूनियन के सचिव प्रकाश सिंह क्षत्रिय ने कहा कि यदि किसी देश की व्यवस्था खराब हो तो वह देश कभी तरक्की नहीं कर सकता । इतिहास गवाह है कि जिन देशों में समाजवादी व्यवस्था रही है उन देशों में पूंजीवादी व्यवस्था से ज्यादा तरक्की की और वहां मानव कल्याण को पहली प्राथमिकता में रखा गया। मसलन सोवियत रूस, चाइना, क्यूबा जैसे देशों में भौतिक तरक्की के साथ आम जनता को बेहतर जीवन देने की दिशा में सबसे ज्यादा सकारात्मक काम किए गए हैं, और इन देशों ने आज इतनी तरक्की कर ली अमेरिका जैसे शक्तिशाली देशों को टक्कर दे रहे हैं । हमारे देश की पूंजीवादी व्यवस्था में आम जनता के हितों को तिलांजलि देते हुए भ्रष्ट राजनीतिक दलों ने सिर्फ देश को लूटने का काम किया है, और इनकी इस लूट में सबसे ज्यादा देश का किसान, मजदूर, नौजवान परेशान है । कमोबेश ऐसा ही बदलाव हमें देश के ट्रेड यूनियन आन्दोलन में देखने को मिला है। अब देश के अधिकांश ट्रेड यूनियनें वर्ग संघर्ष के रास्ते छोड़कर वर्ग सहयोग के रास्ते पर चलने लगी, जिसके कारण मजदूरों के वर्षों से हासिल हक को बचा पाना भी मुश्किल होते जा रहा है। इसके लिए हम सेल प्रबंधन के रवैया स्पष्ट रूप से देख सकते हैं जहां पहली बार एनजेसीएस में बहुमत के आधार पर वेज रिवीजन कर कर्मचारियों को नुकसान पहुंचाया गया । इस समझौते को वर्ग सहयोग की भावना पर चलने वाली ट्रेड यूनियनों ने समर्थन किया, और वर्ग संघर्ष के रास्ते पर चलने वाली सीटू ने इसका पुरजोर विरोध किया । लेकिन जब कर्मचारी इस बात को नहीं समझते तब तक अपने किसी भी हक को पचा पाना काफी मुश्किल है। उन्होंने आह्वान किया अब समय आ गया है, कि देश के तमाम नियमित कर्मचारी, ठेका मजदूर किसान, छात्र, नौजवान सब मिलकर सरकार की जनविरोधी नीतियों का विरोध करें । एकता में ही ताकत है। किसानों के आंदोलन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह किसानों ने एकता के बल पर तीन काले कानून वापस करवाए। उसी तरह अब देश के मजदूर किसानों को एक साथ होकर सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ बड़ी लड़ाई लड़नी होगी, मई दिवस का यही संदेश है । यूनियन के कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि आज से 137 साल पहले जिस परिवेश में मई दिवस मनाने की शुरुआत हुई उस समय की परिस्थितियों और अभी की परिस्थितियों में अंतर तो आया है लेकिन जिस सपने को लेकर समाजवादी देशों ने इस दिवस को बनाने की शुरुआत की थी वह सपना आज भी अधूरा है । पूरी दुनिया के अंदर में सोवियत रूस समाप्त होने के बाद सर्वहारा वर्ग की कठिनाइयां लगातार बढ़ती जा रही है पूंजीपतियों के मुनाफा कमाने की हवस में आम जनता का जीवन स्तर गिरते जा रहा है। हमारे देश में चल रही वर्तमान केंद्र सरकार देश के दो बड़े पूंजीपतियों के इशारे पर संचालित है , देश की तमाम सार्वजनिक व्यवस्थाओं को जो सरकार के नियंत्रण में है उन्हें बेच कर इन पूंजी पतियों के हवाले किया जा रहा है । और आम जनता के लिए कठिनाइयां पैदा की जा रही है । सरकार उद्योगपतियों के हित में किसानों के खिलाफ, मजदूरों के खिलाफ, नौजवानों के खिलाफ, लगातार कानून बनाने का काम कर रही है। अपने बहुमत के दम पर सरकार आम जनता के विरुद्ध तमाम नीतियां थोप रही है, और आम जनता को गुमराह करने के लिए देश में बड़े पैमाने पर सांप्रदायिक खेल जारी है। इस सांप्रदायिक खेल के चलते समाज में जो विभाजन हो रहा है उसका सबसे बड़ा नुकसान आम जनता ही उठा रही है। बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, जैसी समस्याएं विकराल रूप लेते जा रही है। इसलिए हमको हमारी चेतना को दुरुस्त करना होगा, और इन तमाम भ्रम की स्थितियों से बाहर निकलते हुए आम जनता को एकताबद्ध होकर सरकारों की पूंजीपरस्त नीतियों के खिलाफ संघर्ष के मैदान में आना होगा । आज सेल मैनेजमेंट भी सरकार की नीतियों से प्रभावित है और सरकार के इशारे पर ही सेल के अंदर भी मजदूरों का शोषण जारी है, इस शोषण के खिलाफ संघर्ष के लिए मजदूरों ने जिन ट्रेड यूनियनों पर भरोसा जताया उन्होंने भी वर्ग सहयोग की नीति अपनाते हुए कर्मचारियों के साथ छलावा किया है। इसलिए सेल में कार्यरत नियमित एवं ठेका मजदूरों को इस बात को समझना होगा कि हमारी लड़ाई केवल मैनेजमेंट से नहीं है, बल्कि इसके साथ केंद्र की नीतियों से संघर्ष किए बगैर उन्हें पीछे धकेले बगैर हमें हमारे अधिकारों को हासिल कर पाना संभव नहीं होगा । इसलिए सेल के तमाम नियमित एवं ठेका मजदूरों को एक साथ मिलकर आधे- अधूरे वेतन समझौते को पूरा करने के लिए, ठेका मजदूरों की वेतन वृद्धि के लिए, और सेल को निजीकरण से बचाने के लिए, ग्रेच्युटी पर लगी सीलिंग को हटाने के लिए, एक साथ आकर मैनेजमेंट और सरकार के खिलाफ संघर्ष के लिए आज मजदूर दिवस के अवसर पर संकल्प लेना होगा, तभी मई दिवस को मनाने का उद्देश्य पूरा होगा। यूनियन के उपाध्यक्ष विनोद मिश्रा ने श्रमिकों को एकता बंद होकर सरकार और प्रबंधन के खिलाफ लड़ाई को तेज करने के आह्वान के साथ उन्होंने सभा का समापन किया इस अवसर पर यूनियन के तमाम पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता जे गुरुवुलु, चार्ली वर्गिस, सुजीत मंडल, विजय शर्मा,संतोष बंजारे, एहसान अली, प्रशांत त्रिवेदी, अजय चौबे, गंगाधर साहू ,अमरजीत यादव,पीके चापके, आलोक श्रीवास्तव, शशि, इंद्र दमन ठाकुर, विद्या शंकर सिंह, विजय देवांगन ,सुनील, नकुल, आसाराम, संतोष, गिरीश सिंह, भोजराम, यशवंत सिंह, रोहित साहू समेत सैकड़ों की तादाद में लोग उपस्थित रहे । ज्ञानेन्द्र सिंह कार्यकारी अध्यक्ष सीटू राजहरा।

लोहे का सेंट्रीग प्लेट चोरी करने वाला गिरोह को पकडने में बालोद पुलिस को मिली बड़ी सफलता

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दिनांक -03.05.2023 जिला बालोद जिला दुर्ग के हजारो सीसीटीवी फुटेज खंगालने से मिला गाडी का सुराग। जिला बालोद के ग्राम कुरदी, मटिया खैरबाना, कोहंगाटोला, कंलगपुर, झीका के निर्माणाधिन घर से हुआ था लोहे के सेंट्रीग प्लेट की चोरी। चोरी करने आये 04 आरोपियो को साइबर सेल टीम ने रात्रि गस्त केे दौरान पकडा। आरोपियो के कब्जे से 324 नग करीबन 08 टन लोहे का सेंट्रीग प्लेट ,गैस सिलेण्डर 02 नग, गैस कटर 01 नग, 16 नग सब्जी कैरेट, व महिन्द्रा पिकप चार पहिया वाहन कुल किमती 15 लाख किया गया बरामद। आरोपियो द्वारा लोहे का सेंट्रीग प्लेट चोरी के बाद महिन्द्रा पिकप के उपर टमाटर कैरेट रख ले जाते थे भिलाई। अवैध कारोबार करने वालो के विरूद्ध बालोद पुलिस की कार्यवाही जारी रहेगा। पुलिस अधीक्षक, डॉ जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन ,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हरिश राठौर के मागदर्शन पर पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही गीता वाधवानी , एसडीओपी बालोद प्रतीक चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में तथा सायबर सेल प्रभारी निरीक्षक दिलेष्वर चंद्रवंशी के नेतृत्व में बालोद जिले में हो रहे लगातार लोहे का सेंट्रीग प्लेट की चोरी के प्रकरण में अज्ञात आरोपियो पतासाजी हेतु साइबर सेल टीम को लगाया गया था। जिसमें साइबर सेल टीम द्वारा थाना अर्जुन्दा के ग्राम कुरदी, झीका, मटिया ख्ैारबाना, थाना रनचिरई के ग्राम कंलगपुर व थाना बालोद के ग्राम कोहंगाटोला में हुये लोहे का सेंट्रीग प्लेट चोरी के संबध में घटना स्थलों में जाकर गांव वालो से घटना के संबध में पूरी जानकारी प्राप्त किया गया साथ टीम द्वारा रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से एनालिसिस किया गया। जिसमें एक सफेद कलर की महिन्द्रा पिकप वाहन मिला जिसमें सभी घटना स्थल पर वही वाहन के द्वारा लोहे का सेंट्रीग प्लेट लोड कर ले जाना पाया गया जिससे टीम द्वारा जिला बालोद से जिला दुर्ग तक लगभग हजारो सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर सघन जांच किया गया टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्य पर भी काम किया गया संदेही वाहन के संबध में जानकारी मिली की गाडी लगातार बालोद जिले के गावों में आकर लोहे का सेंट्रीग प्लेट चोरी कर ले जा रहे थे जिसमें दिनांक 28/29.12.2022 को ग्राम मटिया खैरबाना से 50 नग , दिनांक 10/11.04.2023 को ग्राम कंलगपुर से 30 नग ,दिनांक 13/14.04.2023 को ग्राम कुरदी से 100 नग ,दिनांक 14/15.04.2023 को ग्राम कोहंगाटोला से 80 नग, दिनांक 26/27.04.2023 को ग्राम झीका से 30 नग, को चोरी हुआ था। जिस पर थाना अर्जुन्दा मे अपराध 03, थाना रनचिरई में 01, थाना बालोद में 01 दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। जिस पर साइबर सेल टीम द्वारा योजना बंद्ध तरिके से रोज रात्रि में गस्त कर संदेही गाडी पर नजर बनाई हुई थी कि दिनांक 02/03.05.2023 की दरम्यिानी रात संदेही वाहन क्रमांक सीजी 04 एलक्यू 9221 पर 04 आरोपियो द्वारा गुण्डरदेही की ओर से आकर बालोद आकर लोहे के सेंट्रीग प्लेट नही मिलने से वापस दुर्ग की ओर जा रहे थे कि झलमला के पास साइबर सेल टीम द्वारा संदेही महिन्द्रा पीकप वाहन को घेराबंदी कर 04 संदिग्ध लोगो को पकडे गाडी के पीछे टमाटर रखने वाला खाली प्लास्टीक के कैरेट ,ट्रीपाल थे 04 संदिगो को थाने लाकर पूछताछ करने पर पहले तो टमाटर खरीदने आये है सब्जी के विक्रेता कहकर गोल मोल जवाब दे रहे थे कडाई से पूछताछ करने पर 04 आरोपियो द्वारा बताया कि वह लोग किराये पर महिन्द्रा पीकप गाड़ी लेकर बालोद जिले में रात्रि के समय कई महिनो से आकर लोहे के सेंट्रीग प्लेट चोरी करना बताये। 04 आरोपियो द्वारा अपने कथन में बताया कि जिला बालोद के ग्राम मटिया ख्ैारबाना से 50 नग, ग्राम कुरदी से 100 नग , ग्राम कंलगपुर से 30 नग, ग्राम झीका से 30 नग , ग्राम कोंहगाटोला 80 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट चोरी कर ले गये थे। आरोपी 1.फेैयाज खान पिता युनुस खान उम्र 25 वर्ष पता वार्ड क्रमांक 10 लक्ष्मीनगर सुपेला भिलाई जिला दुर्ग के कब्जे से 84 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट 2. अयाज खान पिता युनुस खान उम्र 27 वर्ष पता -वार्ड क्रमांक 10 लक्ष्मीनगर सुपेला भिलाई जिला दुर्ग के कब्जे से 70 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट 3. जैन कुमार गड़रिया पिता घासीराम गड़रिया उम्र 48 वर्ष पता- वार्ड क्रमांक 09 संजय नगर सुपेला भिलाई जिला दुर्ग के कब्जे से 80 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट 4. रवि यादव पिता भगवान दास उम्र 28 वर्ष पता- वार्ड क्रमांक 06 गणेष चौक नगर सुपेला भिलाई जिला दुर्ग के कब्जे से 90 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट बरामद किया गया है आरोपियो के कब्जे से कुल 324 नग लोहे के सेंट्रीग प्लेट , 02 नग गैस सिलेण्डर, 01 नग गैस कटर , 16 नग सब्जी कैरेट व महिन्द्रा पीकप चार पहिया वाहन बरामद किया गया है। उक्त चोरी के प्रकरण के आरोपियो की पतासाजी व गिरफ्तारी में साइबर सेल सहायक उप निरीक्षक धरम भूआर्य, थाना बालोद से सहायक उप निरीक्षक कांता राम घिलेन्द्र , थाना अर्जुनदा से सहायक उप निरीक्षक रमेश सिन्हा , साइबर सेल से प्रधान आरक्षक भुनेष्वर मरकाम, प्रधान आरक्षक रूम लाल चुरेन्द्र ,आरक्षक विवेक शाही, आरक्षक पूरन प्रसाद देवांगन, आरक्षक विपिन गुप्ता, आरक्षक राहुल मनहरे, आरक्षक संदीप यादव,आरक्षक आकाश दुबे, आरक्षक मिथलेश यादव, आरक्षक योगेश पटेल ,आरक्षक योगेश गेडाम का सराहनीय भूमिका रही है।

पर्रेगुड़ा के भोला पठार के जंगल में एक मानव कंकाल मिलने से मची हड़कम

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बालोद कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत पर्रेगुड़ा गांव के भोला पठार के जंगल में एक मानव कंकाल मिला है जिसके बाद से क्षेत्र में हलचल मच गई गई है। मानव कंकाल पेड़ से लटका था कई टुकड़े जमीन पर पड़े थे जिसे पुलिस द्वारा इक्ठा किया गया और साथ ही चूड़ी पर्स एव परीक्षा का प्रवेश पत्र के आधार पर कंकाल युवती की बताई जा रही है।वहीं मौके पर पुलिस की टीम भी पहुंच गई है। पूरा मामला भोला पठार जंगल का है अब यह कंकाल कितने दिन पुराना है। यह फॉरेंसिक जांच के बाद पता चल पाएगा।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार आज सुबह कंकाल को देखा गया गांव के एक व्यक्ति ने उस कंकाल को देखा तो उन्होंने ग्रामीणों को इस बात की सूचना दी फिलहाल मौके के लिए पुलिस की टीम पहुंच कर जांच करने मिलने समान के आधार पर लड़की का नाम कविता पिता मिश्रीलाल ग्राम बोडरा थाना गुरुर के रहने वाली थी वहा 30 मार्च से लापता थी। पेड़ से लटके मिले होने के कारण हत्या या आत्महत्या पुलिस द्वारा छानबीन की जा रही है।

पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं के चहेते बन गए हैं रेखचंद जैन

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  • सभी दे रहे हैं जगदलपुर विधायक जैन की कर्मठता का प्रमाण पत्र
  • मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के रेखू को सांसद बैज से भी मिली सराहना

अर्जुन झा

जगदलपुर छत्तीसगढ़ शासन के श्रम एवं नगरीय प्रशासन विभाग के संसदीय सचिव तथा जगदलपुर के विधायक रेखचंद जैन कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं के चहेते बन गए हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आशीर्वाद तो श्री जैन पर शुरू से रहा है। मुख्यमंत्री के इस लाड़ले रेखू की कर्मठता और सक्रियता के स्वयं सीएम श्री बघेल, बस्तर के सांसद दीपक बैज समेत तमाम बड़े नेता कायल रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल विधायक श्री जैन को प्यार से रेखू कहकर बुलाते हैं। ये सभी नेता और जनप्रतिनिधि सार्वजनिक मंचों से भूपेश के रेखू की सक्रियता और कर्मठता की आएदिन खुलकर सराहना करते दिखाई दे जाते हैं। हाल ही में सांसद दीपक बैज ने जिस अंदाज में रेखचंद जैन की तारीफों के पुल बांधे, उससे साबित हो गया है कि जगदलपुर में श्री जैन की कोई काट नहीं है।बस्तर संभाग में कुल 11 विधानसभा सीटें हैं। इनमें से दस सीटें अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। सिर्फ जगदलपुर सीट ही सामान्य है, जहां से रेखचंद जैन विधायक चुने गए हैं। बस्तर संभाग में आदिवासियों की बहुलता है। सभी 11 विधानसभा क्षेत्रों में आदिवासियों की आबादी सर्वाधिक है। सामान्य वर्ग के लिए सुरक्षित जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में भी आदिवासी समुदाय के लोग और मतदाता बड़ी तादाद में निवासरत हैं। केवल जगदलपुर शहर तथा नगरनार समेत कुछ बड़े कस्बों में ही सभी जाति समुदायों की मिश्रित आबादी है। इसके बावजूद पिछले विधानसभा चुनाव में मारवाड़ी जैन समुदाय के रेखचंद जैन ने भारी मतों के अंतर से जीत दर्ज की। विधायक चुने जाने के बाद से ही रेखचंद जैन जाति – धर्म, पंथ – समुदाय के भेद से परे रहकर तथा दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर जनसेवा में सतत जुटे हुए हैं। अपने निर्वाचन क्षेत्र के नागरिकों की सेवा करने, हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने, लोगों के हर सुख दुख में सहभागी बनने को ही श्री जैन ने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। अपने क्षेत्र के नागरिकों के प्रति समर्पण श्री जैन की विशेष पहचान बन गई है। विधायक श्री जैन ने चार साल के कार्यकाल में विधानसभा क्षेत्र के हर गांव को विकास का नया आयाम दिया है। सुदूर नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील गांवों तक पहुंचकर श्री जैन उन गांवों और वहां के ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने में अच्छी कामयाबी पाई है। हर गांव में सीसी रोड, नालियां, पुलिया, शाला भवन, आंगनबाड़ी भवन, खाद गोदाम, राशन दुकान भवन, नए धान खरीदी केंद्रों की स्थापना, ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए टेंकर की व्यवस्था जैसे तमाम इंतजाम संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कराए हैं। जगदलपुर शहर के विकास में भी श्री जैन के योगदान का यहां उल्लेख करना जरूरी है। श्री जैन पर मुख्यमंत्री श्री बघेल की सदैव विशेष कृपादृष्टि रही है और इसका भरपूर लाभ जगदलपुर शहर को भी मिला है। शहर में ढांचागत विकास कार्यों के लिए श्री जैन मुख्यमंत्री से अब तक करोड़ों रुपयों की स्वीकृति दिला चुके हैं और जगदलपुर का लगातार कायाकल्प हो रहा है।*बॉक्स**ग्रामीणों के लिए मसीहा हैं रेखचंद*अपने विधायक रेखचंद जैन को क्षेत्र के ग्रामीण मसीहा मानते हैं। जैन ग्रामीणों के हर सुख दुख में साथ खड़े नजर आते हैं। किसी परिवार में किसी सदस्य का निधन हो गया हो और इसकी खबर जैन को मिल जाए, तो वे बिना विलंब किए शोक संतप्त परिवार के बीच पहुंच जाते हैं और दुखी परिवार को शासन की ओर से यथा संभव आर्थिक सहायता भी दिलाते हैं। कुछ दिनों पहले ही नगरनार के तीन स्कूली बच्चों की तालाब में डूबने से मौत हो गई थी। इन बच्चों के शरीर को जगदलपुर के महारानी अस्पताल लाया गया था। उस समय श्री जैन अपने कार्यालय में बैठकर क्षेत्र के ग्रामीणों की समस्याएं सुनने में व्यस्त थे।. नगरनार हादसे की खबर मिलते ही श्री जैन सारा काम छोड़कर महारानी अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने मौजूद परिजनों को ढाढ़स बंधया और तीनों बच्चों के पार्थिव देहों के साथ वे नगरनार गए। वहां उन्होंने तीनों बच्चों की आर्थियों को बारी बारी से कंधा दिया और अंत्येष्टि के बाद ही अपने घर लौटे। दूसरे दिन ही श्री जैन के प्रयासों से शासन ने तीनों परिवारों को चार – चार लाख रु. की सहायता दी।

पार्टी के लिए भी पूरी तरह हैं समर्पित

विधायक रेखचंद जैन कांग्रेस पार्टी के समर्पित सिपाही की भूमिका निभाने में भी पीछे नहीं रहते। प्रदेश संगठन ने उन्हें जब भी और जो भी दायित्व सौंपा, उसे पूरा करने के लिए रेखचंद जैन पूरी ताकत के साथ जुट जाते हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बस्तर संभाग दौरे से जुड़े कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए वे प्रण प्राण से लग जाते हैं। पिछले दिनों जगदलपुर में कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में आयोजित भरोसे का सम्मेलन की सफलता में सांसद दीपक बैज के साथ ही संसदीय सचिव रेखचंद जैन का भी अहम योगदान रहा।

सांसद बैज यूं ही नहीं करते किसी की तारीफ

बस्तर के सांसद दीपक बैज एक चिंतनशील, दूरदर्शी और जौहरी की तरह हीरे की परख करने वाले नेता माने जाते हैं। वे बहुत सोच समझ कर और कार्यों का गहन अध्ययन करने के बाद ही कार्य को अंजाम देने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों की प्रशंसा करते हैं। दो दिन पहले ही सांसद बैज ने जगदलपुर में आयोजित मजदूर संगठनों के एक कार्यक्रम में विधायक रेखचंद जैन की दिल खोलकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि रेखचंद जैन सबसे ज्यादा मेहनती और अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों की सतत सेवा करने वाले विधायक हैं। श्री बैज द्वारा की गई इस दो लाईन की तारीफ जैन के लिए अनमोल थाती बन गई है।आगामी विधानसभा चुनावों के मद्देनजर जगदलपुर विधानसभा सीट के लिए यह तारीफ बड़ा संदेश देती दिख रही है। इसका एक मतलब यह भी निकाला जा रहा है कि आगामी चुनाव में जैन की कांग्रेस से उम्मीदवारी पक्की हो गई है। श्री बैज के मुंह से रेखचंद जैन की प्रशंसा में निकले बोल इसलिए भी महत्वपूर्ण हो जाते हैं, क्योंकि सांसद श्री बैज को कांग्रेस नेतृत्व ने पार्टी के लीडरशिप डेवलपमेंट मिशन को अंजाम देने के लिए बस्तर की छह विधानसभा सीटों का प्रभारी नियुक्त किया है। इस मिशन का उद्देश्य अनुसूचित जनजाति बहुल विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी के प्रखर और विविध विषयों की अच्छी जानकारी रखने वाले नेताओं व कार्यकर्त्ताओं को आगे लाना है।

बस्तर में अंतर्कलह की आग में झुलस गई है भाजपा

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  • स्थानीय नेताओं की कार्यशैली से नाराज हैं पार्टी के आम कार्यकर्ता
  • कश्यप बंधुओं के रवैये ने फेर दिया सारे किए धरे पर पानी

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग में पूरी तरह उजड़ जाने के बाद भाजपा अंदरूनी कलह की आग से बुरी तरह झुलस चुकी है। पार्टी के आम जमीनी कार्यकर्ता और दर्जनों वरिष्ठ नेता यहां के चंद बड़े नेताओं की कार्यशैली से बेहद नाराज हैं। आलम यह है कि पार्टी के संभाग प्रभारी का दायित्व सम्हालने से भी भाजपा के बड़े नेता कतराने लगे हैं। एक सांसद संतोष पाण्डेय ही हैं, जो संभाग प्रभारी बनने के बाद से जैसे तैसे इस आग को बुझाने का प्रयास कर रहे हैं। वह भी एक दौर था, जब बस्तर में भाजपा की जड़ें काफी मजबूत हो गई थीं। प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाने में बस्तर के कार्यकर्ताओं का अहम योगदान रहा। संभाग के गांव – गांव में भाजपा की फौज तैयार हो गई थीं। यहां से एक बड़े नेता केदार कश्यप को डॉ. रमन सिंह की सरकार में केबिनेट मंत्री बनाया गया था। अब इन्हीं कश्यप को पार्टी का प्रदेश महामंत्री बना दिया गया है। संभाग में भाजपा के पतन का दौर केदार कश्यप को मंत्री बनाए जाने के साल भर बाद ही शुरू हो गया था। कश्यप ने एक मंत्री के तौर पर बस्तर के हित में तो सराहनीय कार्य किए, मगर कार्यकर्ताओं को खुश रखने में वे जरा भी कामयाब नहीं हो सके। मंत्री बनने के बाद उनका रवैया कार्यकर्ताओं के प्रति बेहद निराशाजनक रहा। कार्यकर्ता धीरे धीरे पार्टी से बिदकने लगे और आज स्थिति ऐसी है कि समर्पित भाव से पार्टी का झंडा उठाने वालों की संख्या काफी घट गई है। ऐसा भी नहीं है कि सारे कार्यकर्त्ता और नेता पार्टी से दूर हो चले हैं। वे आज भी भाजपा से जुड़े हुए हैं, लेकिन बेमन से। केदार कश्यप के अलावा उनके भाई दिनेश कश्यप ने भी बस्तर संभाग में पार्टी के सांगठनिक विस्तार के लिए शुरुआती दौर में अच्छा काम किया, लेकिन बाद में उनके रवैये में आए बदलाव ने सारे किए धरे पर पानी फेर दिया। कश्यप बंधुओं ने पहले पहल पार्टी हित में अच्छी मेहनत जरूर की, लेकिन कार्यकर्ताओं और स्थानीय बड़े नेताओं को संतुष्ट तथा जोड़े रखने में वे बुरी तरह नाकाम साबित हुए। उनके व्यवहार के कारण ही आज भाजपा यहां पतन के गर्त में जा चुकी है।

बीजेपी का प्रभारी बनने से भी परहेज

राजनीतिक पंडितों की मानें तो आज आलम यह है भाजपा का बस्तर संभाग व जिला प्रभारी बनने से भी बाहर के नेता परहेज करने लगे हैं। बस्तर की मनोरम वादियां देश विदेश के लोगों को आकर्षित करती और अपने दामन में पनाह देने के लिए बुलाती हैं, मगर भाजपा के बाहरी नेता सांगठनिक कार्यों के सिलसिले में बस्तर की जिम्मेदारी सम्हालने से दूर भागते हैं। भाजपा का बस्तर संभाग प्रभारी जैसी महति जिम्मेदारी उठाने के लिए भी कोई राजी नही होता। एक संतोष पांडेय ही हैं, जो राजनांदगांव की सांसदी सम्हालते हुए बड़ी मुश्किल से बस्तर संभाग का प्रभारी बनने को राजी हुए हैं। श्री पाण्डेय अपने संसदीय क्षेत्र राजनांदगांव की जिम्मेदारी तो कुशलता पूर्वक सम्हाल ही रहे हैं, बस्तर भाजपा में लगी अंदरूनी कलह की आग को भी बुझाने का जतन कर रहे हैं। वे इसी सिलसिले में अक्सर संभाग के दौरे पर आते रहते हैं। पाण्डेय नाराज चल रहे कार्यकर्ताओं को मनाने के साथ ही संभाग में दरक चुकी भाजपा की बुनियाद को दुरुस्त करते हुए आम नागरिकों को भाजपा से जोड़ने का भरसक प्रयास कर रहे हैं। पार्टी के छत्तीसगढ़ प्रभारी ओमप्रकाश माथुर बेहद कड़क मिजाज नेता माने जाते हैं। माथुर के साथ बस्तर दौरे पर आने के लिए संगठन के बड़े नेता इसलिए राजी नहीं हुए, क्योंकि वे यहां के चंद नेताओं की रग रग और उनकी कार्यशैली से वाकिफ हैं। केवल सांसद एवं पार्टी के संभाग प्रभारी संतोष पाण्डेय ही माथुर के साथ बस्तर दौरे पर आने के लिए राजी हुए। पार्टी के बड़े नेताओं एवं राज्य स्तर के पदाधिकारियों ने पार्टी के छ्ग प्रभारी ओम प्रकाश माथुर के साथ बस्तर दौरे से कन्नी काट ली। ऐसे बड़े नेताओं का कहना है कि बस्तर के एक पूर्व मंत्री ऒर उनकी बिरादरी के कार्यकलापों से कोई खुश नहीं है। संगठन के बड़े नेता बस्तर के इन बंधुओं से अब मुक्ति भी चाहने लगे हैं। ऐसे में माना जा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व अब देर सबेर ही सही इन बंधुओं पर कोई ठोस निर्णय जरूर लेगा। जानकारी मिली है कि बस्तर दौरे पर आए भाजपा प्रभारी ओमप्रकाश माथुर भी इन दोनों नेताओं के बारे में निगेटिव रिपोर्ट लेकर यहां से गए हैं। कहा जाता है कि श्री माथुर की रिपोर्ट को भाजपा का शीर्ष नेतृत्व पत्थर की लकीर मानकर चलता है। ऐसे में माना जा रहा है कि बस्तर में भाजपा के लिए उम्मीद की किरण जगाने के लिए बंधुओं को संगठन से दूर जरूर किया जाएगा।

नंदकुमार साय के कांग्रेस में आने का दूरगामी असर होगा

छत्तीसगढ़ में भाजपा की नींव रखने वाले नेताओं में शुमार वरिष्ठ नेता नंद कुमार साय के इस्तीफे का दूरगामी असर पड़ेगा। साय अनुसूचित जनजाति आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद तथा पार्टी के अहम पदों पर रह चुके हैं। नंद कुमार साय आदिवासी समुदाय से आते हैं। उन्होंने भाजपा की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे कर कांग्रेस प्रवेश किया है। नंद कुमार साय का कहना है कि मैं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के आदर्शो पर चलते आ रहा था। उन्होंने ही मुझे राजनीति सिखाई और राजनीति में आगे बढ़ाया। श्री वाजपेयी राष्ट्रभक्त और दूरदर्शी सोच रखने वाले जननेता थे। उन्होंने छत्तीसगढ़ समेत तीन राज्यों का गठन किया। तब छत्तीसगढ़ राज्य की विधानसभा में भाजपा के पास बहुमत नहीं था। ऐसे में कांग्रेस के अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री बनाए गए और मुझे वर्तमान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी दी। मैंने अजीत जोगी के खिलाफ मोर्चा खोले रखा। प्रदर्शन किए उस समय दबाव की राजनीति थी। प्रदर्शन के दौरान मेरे पैर को भी तोड़ा गया, लाठीचार्ज हुआ। उसके बाद भी मैं डगमगाया नहीं। श्री साय ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता में पहुंचाना ही मेरा लक्ष्य था। 2003 के चुनाव में मुझे अजीत जोगी के खिलाफ मरवाही विधानसभा क्षेत्र से टिकट दे दिया गया। जबकि मैं लगातार कह रहा था कि मैं मरवाही जीत नहीं पाऊंगा, मुझे तपकरा विधानसभा की सीट से टिकट दिया जाए, लेकिन मेरी एक न सुन तपकरा सीट से मेरा टिकट काट दिया गया। मरवाही में मेरी हार हुई। मेरे मान सम्मान को लगातार ठेस पहुंचाई गई। लगातार आज 20 वर्षों के बाद भी भारतीय जनता पार्टी प्रदेश इकाई द्वारा मेरी अनदेखी ही की गई। अंततः दुखी होकर मुझे इस्तीफा देना पड़ा। श्री साय आदिवासी हैं और बस्तर संभाग आदिवासी बहुल है। एक आदिवासी नेता के भाजपा से छिटक जाने से बस्तर का आदिवासी समुदाय विचलित है और भाजपा को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

नगर पालिका की उपेक्षा के कारण वार्ड नंबर 12 की जनता मूलभूत सुविधा से वंचित

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वार्ड नं 12 दुर्गावती नगर दल्लीराजहरा के सामुदायिक शौचालय विगत 3 तीन दिन से बंद है लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है पर शासन को लाखों करोड़ों खर्च कर स्वचछता के अवॉर्ड लेने से फुरसत नहीं है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है वार्ड वासियों एवं भाजपा कार्यकर्ता श्रीमति ललिता विश्वकर्मा द्वारा बताया गया की वार्ड 12 में एक मात्र सामुदायिक शौचालय है वो भी पानी की व्यवस्था ना होने से लोग खुले में शौच जाने को मजबूर है सामुदायिक शौचालय के लिए एक बोर खनन की व्यवस्था करने की मांग शासन से की है सामुदायिक शौचालय में पेयजल आपूर्ति हेतु नल कनेक्शन से जोड़ दिया गया है जो की 500लीटर टंकी में पानी रहते तक सुविधा उपलब्ध होता है

टंकी खाली होते ही लोग पानी के अभाव में खुले में शौच जाते है जबकि 24घंटे सुविधा उपलब्ध कराया जाना चाहिए, रविवार को शाम को नल खोलने वाले छुट्टी मानते हैं तो रविवार शाम से शौचालय नही खुलता एवं सोमवार को सुबह 9.30 बजे नल को खोलते है जिससे कि लोग शौचालय का लाभ पानी के अभाव में नही कर पाते है ना ही पीने की पानी की व्यवस्था हो पाती है जबकि टैक्स पूरे माह 30 दिवस का लिया जाता है जबकि महीने में 4,5 रविवार को नल खोलने वाली छुट्टी मनाते रहते है जनता पानी के लिय भटकते रहते है, बोलने पर कहते है शासन से छुट्टी मिलता है, जबकि अन्य वार्डो में रविवार को कोई छुट्टी नही रहता है30 अप्रैल 2023 दिन रविवार को पेयजल हेतु बोर खराब हो जाने के कारण विगत तीन दिनो से पेयजल, निस्तरी, एवम शौच की समस्या हो गई है नगर पालिका के पास ना ही तीन दिनों मे नए मोटर खरीद पाए नही बोर पंप को सुधरवाने की अतिरिक्त व्यवस्था किया गया है, जनपतिनिधि भी प्रयास नहीं कर पा रही है उनको अपने विकास से मतलब है जनता परेशान है, वही जब से रेल लाइन गुजरा है तब से वार्ड 12 के वार्डवासियों को मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है लोग पटरी पार कर आते जाते है स्कूल वाले बच्चे भी रेलवे ट्रैक पार कर आते है जिससे रेल के आवाजाही से किसी दुर्घटना, अनहोनी होने की संभावना बनी रहती है, रेलवे पुल से नीचे आते है तो पानी गिरने से कीचड़ के कारण आने जाने में असुविधा होती है, पानी हमेशा बहते रहता है, शासन से 15 वे वित्त आयोग से सी सी रोड का कार्य प्रस्तवित है पर अभी तक स्वीकृति आदेश जारी नही किया गया, जो की आम नागरिकों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ता है, वार्ड वासियों एवं श्री मति ललिता विश्वकर्मा द्वारा शासन से सामुदायिक शौचालय हेतु पृथक से बोर खनन,की मांग, तथा बिगड़े मोटर को तत्काल सुधार कर या नया मोटर लगाकर पेयजल सुदृढ़ करने की मांग की गई है, एवम नल को सप्ताह में सात दिवस सुबह शाम नल खोलने की मांग किया गया है वही वार्ड 12 के आने जाने के लिए रेलवे ट्रेक के ऊपर पैदल पुल एवम पुल के नीचे आने जाने के लिए सीसी रोड निर्माण, की मांग शासन से किया गया है। वही भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि समस्या का निवारण जल्द नही किया गया तो वार्ड वाशियो के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा ।

12 बेजुवान जानवरो को ट्रक ने रौंदा रोका छेका योजना की खुली पोल

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बड़ी खबर – बालोद जिले के अर्जुंदा मुख्य मार्ग पर रात 3 बजे के आस पास सड़क बैठी गायों को ट्रक कुचलकर कर फरार हो गया जिससे सड़क पर बैठी 13 गायों में से 12 की मौत हो गई जिसके जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में आक्रोश का माहौल देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में पालतू जानवर पिछले दिनों हुए बारिश के कारण सूखे एवं मच्छरों से बचाव के लिए सड़कों पर बैठ जाते हैं इसी वजह से बारिश के दिनों में अक्सर सड़को पर गायों की झुंड लगातार देखने को मिलता है । जिससे आए दिन दुर्घटना की संभावना बनी रहती है वही आज हुए इस घटना ने फिर से गौ पालकों की मानवता के साथ साथ प्रशासन को लचरता का पोल खोल दिया है वही मामले पर स्थानीय लोगो पुलिस को घटना की जानकारी दी है वही पुलिस द्वारा अरजुंदा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सामने लगे सीसीटीवी की फुटेज चेक कर रही है। प्रशासन द्वारा लाखों करोड़ों रुपए खर्च कर गौठानओ का निर्माण कराया जा रहा है किंतु सुविधाओं के अभाव में उनका उपयोग नहीं हो पा रहा है इसी तरह रोका छेका योजना भी पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है इस तरह सड़कों पर जानवरों के आने से सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है आम आदमी भी इस पर सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है प्रशासन सिर्फ योजनाओं को लागू करने में फीता काटने में सक्रियता दिखाती है उनके क्रियान्वयन में कोई भी सक्रियता नहीं दिखती। जमीनी हकीकत नहीं दिखती।

पत्नी पूनम और बेटे के साथ बटकी में बासी खाई सांसद बैज ने

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  • श्रमिक दिवस पर सांसद दीपक बैज ने किया श्रमवीरों को नमन
  • नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ सपरिवार उठाया बासी का लुत्फ

जगदलपुर बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, मे गावत हों दादरिया, तै कान देके सुन ओ, चना के दार राजा, चना के दार रानी यह दादरिया गीत छत्तीसगढ़ में बेहद लोकप्रिय रहा है। हर वक्त इस गाने को सुन लोग झूमते रहते हैं। आज भी आकाशवाणी रायपुर से इस गीत का प्रसारण होता है। अब इस गीत को सार्थक कर हैं बस्तर के सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव रेखचंद जैन, बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल और अन्य कांग्रेस नेता। बस्तर संभाग में 1 मई को श्रमिक दिवस के मौके पर सांसद दीपक बैज, संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के विधायक रेखचंद, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने अपने अपने परिवार के सदस्यों के संग बैठकर नून, प्याज, हरी मिर्च के साथ बासी का आनंद लिया। बासी के संग नमक व गोंदली ( प्याज ) के महत्व को अपनी आवाज से जन – जन तक पहुंचाने वाले ‘छत्तीसगढ़ के मोहम्मद रफी’ के खिताब से नवाजे गए मशहूर छत्तीसगढ़ी गायक शेख हुसैन आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके गाए गीत अजर अमर हो गए हैं। शेख हुसैन गया गीत ‘बटकी में बासी अउ चुटकी में नून, ते कान देके सुन ओ…. चना के दार राजा, चना के दार रानी..’ आज 1 मई को बस्तर समेत पूरे प्रदेश में अपनी सार्थकता सिद्ध करता दिखा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य में 1 मई को श्रमिक दिवस के साथ ही बोरे बासी दिवस भी मनाने का फैसला किया है। बीते साल की तरह इस साल भी कांग्रेस के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और नेताओं ने नून, प्याज और हरी मिर्च के साथ बासी खाकर श्रमिकों की कर्मशीलता को नमन किया। बस्तर के सांसद दीपक बैज ने अपनी धर्मपत्नी पूनम बैज और पुत्र के संग अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर मेहनतकश मजदूरों के सम्मान में प्याज, हरी मिर्च, नून और चटनी के साथ बासी का लुत्फ़ उठाया। सांसद श्री बैज ने अपनी अर्धांगिनी पूनम बैज को बासी खाते हुए शेख हुसैन का दादरिया गीत गाकर सुनाया या नहीं, यह तो पता नहीं चल पाया, लेकिन बासी खाते समय वे कोई गाना जरूर गुनगुना रहे थे ऐसा उनके करीबियों का कहना है। सांसद श्री बैज, पूनम बैज और उनके पुत्र ने अलग – अलग बटकियों में बासी खाते नजर आए।

लखेश्वर बघेल ने भी खाई बोरे बासी बस्तर के विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष लखेश्वर बघेल ने मेहनतकशों के समान में बोरे बासी खाई। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खानपान की गौरवशाली परंपरा रही है, जो अब और समृद्ध हो रही है। छत्तीसगढ़ के खानपान में बोरे बासी की अपनी अलग पहचान है। इससे हमारा अभिमान और श्रम का सम्‍मान जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने आदिवासियों, मजदूरों और समाज के मेहनतकश वर्ग के हित में महत्वपूर्ण कार्यक्रम शुरू किए हैं। इनमें बोरे बासी को खानपान में जोड़ने की पहल भी शामिल है। बघेल ने कहा कि हम छत्तीसगढ़ियों ने बोरे बासी खाकर इस समृद्ध, शांत और श्रेष्ठ राज्य का निर्माण किया है।

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