जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर व दंतेवाड़ा जिलों के सीमावर्ती अति नक्सल प्रभावित अबूझमाड़ क्षेत्र में कल शाम से जारी मुठभेड़ में एक जवान की शहादत हो गई है और चार नक्सली मारे जा चुके हैं। चारों नक्सलियों के शव और कई ऑटोमेटिक हथियार बरामद किए गए हैं।
नक्सल विरोधी सर्च अभियान में नारायणपुर, दंतेवाड़ा, जगदलपुर, कोंडागांव जिले के डीआरजी जवानों के साथ एसटीएफ की टीम 3 जनवरी को अबूझमाड़ क्षेत्र के लिए रवाना हुई थी। अबूझमाड़ नक्सलियों की सबसे बड़ी और सबसे सुरक्षित पनाहगाह है। सुरक्षा बलों के जवान क्षेत्र में 3 जनवरी से लगातार सर्चिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान 4 जनवरी की शाम सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से आज 5 जनवरी दोपहर तक रुक रुक कर फायरिंग जारी रहने की खबर है। मुठभेड़ के बीच सर्च ऑपरेशन के दौरान अब तक 4 वर्दीधारी नक्सलियों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सर्च में एके- 47, एसएलआर जैसे आटोमैटिक हथियार भी बरामद किए गए हैं। मुठभेड़ में दंतेवाड़ा डीआरजी के जवान प्रधान आरक्षक सन्नू कारम शहीद हो गए हैं।मुठभेड़ एवं सर्च अभियान जारी है।
कांकेर थाने में घंटों बिठाए रखा गया मीडियाकर्मी को
भ्रष्ट सचिव, सरपंच कर रहे बकावंड के पत्रकारों को फंसाने की साजिश
अर्जुन झा–
जगदलपुर मीडिया को लेकर राजनेता लंबे चौड़े भाषण देते हैं, पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ और पत्रकारों को देश एवं समाज का सजग प्रहरी बताते नहीं थकते, मगर आज यही पत्रकार राजनेताओं, अफसरों, पुलिस और ठेकेदारों के हाथों पीड़ित प्रताड़ित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ में सर्वाधिक बुरी हालत बस्तर के पत्रकारों की है। यहां एक के बाद एक पत्रकारों को निशाना बनाया जा रहा है। बस्तर के पत्रकारों को दोधारी तलवार पर चलते हुए काम करना पड़ रहा है। एक तरफ समाज के दुश्मन नक्सली हैं, तो दूसरी तरफ समाज के तथाकथित रखवाले अफसर, जनप्रतिनिधि, पुलिस और ठेकेदार। इस संभाग में पत्रकारों की प्रताड़ना के सर्वाधिक मामले सामने आ रहे हैं।
बस्तर संभाग के सुकमा और दंतेवाड़ा जिलों के पत्रकारों को गांजा के झूठे केस में फंसाए जाने का मामला सुर्खियों में रहा। इन पत्रकारों की बड़ी मुश्किल से जमानत पर रिहाई हो पाई है। उसके बाद बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या का मामला सामने आ गया। मुकेश चंद्राकर की हत्या में एक ठेकेदार परिवार की संलिप्तता की बात सामने आई है। मामले में तीन लोग पकड़े गए हैं और इस हत्याकांड का मास्टर माइंड फिलहाल फरार है। इसी के साथ दो दिन पहले ही एक दैनिक अखबार के पत्रकार को कांकेर में कोतवाली पुलिस द्वारा अपने चहते की शिकायत पर थाने में बुलाकर खूब धमकी चमकी दी गई है। उक्त अधिकारी द्वारा उस पत्रकार को करीब 3 घंटे थाने में बिठवा दिया गया था। उस पत्रकार इस धमकी के साथ छोड़ा गया कि अगर तुमने बाहर जाकर मुंह खोला तो तुम्हारी खैर नहीं है। कल बस्तर जिले के बकावंड के दो पत्रकारों को भी निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है। बकावंड जनपद पंचायत के बड़े अधिकारी के खासमखास एक पंचायत सचिव और कुछ सरपंचों द्वारा बकावंड थाने में शिकायत कर दोनों पत्रकारों को फर्जी पत्रकार बताते हुए उन पर मामला दर्ज करवाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पंचायत सचिव ने कांग्रेस के कार्यकाल में कुछ सरपंचों के साथ मिलकर पंचायतों से संबंधित निर्माण कार्यों में बड़े पैमाने पर अनियमितता बरती थी। सचिव के इसी कारनामे को अपने अखबारों उजागर किए जाने पर दोनों पत्रकारों को फंसाने का ऐसा षडयंत्र रचने का प्रयास जारी है। 93 ग्राम पंचायतों वाले बकावंड विकासखंड में कुछ पंचायतों के सचिव दशकों से जमे हुए हैं। यही सचिव सरपंचों के अनपढ़ होने का फायदा उठाकर भ्रष्टाचार को अंजाम देते आ रहे हैं। अब जब उन्हीं सरपंचों द्वारा इन सचिव की कारस्तानी सामने लाई जा रही है तब ये सचिव बौखला कर पुलिस की मदद से पत्रकारों व सरपंचों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दे रहे हैं। सरकार पत्रकार को चौथा स्तंभ मानती है उन्हें सुरक्षा देने की बात भी करती है वहीं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में काम करने वाले पत्रकारों पर अपने ही भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारियों के माध्यम से पत्रकारों को दबाने कुचलने का प्रयास भी कर रही है
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा के तहत नगरनार ख़ुटपदर से जगदलपुर तक विशाल न्याय यात्रा निकाली गई। दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर को मौन श्रद्धांजलि देने के बाद न्याय यात्रा की शुरुआत की गई। ख़ुटपदर के कोपागुड़ा में सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल खोलने, एनएमडीसी नगरनार के विनिवेशीकरण पर रोक लगाने, एनएमडीसी प्रभावित गांवों के लोगों को सीएसआर की राशि प्रदान करने, नगरनार एनएमडीसी में स्थानीय युवाओं को रोजगार दिलाने व एनएमडीसी मुख्यालय जगदलपुर में लाने की पांच सूत्रीय मांग को लेकर ऐतिहासिक 13 किलोमीटर की पदयात्रा निकालने से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने खुटपदर के शीतला माता मंदिर में यात्रा की सफलता हेतु पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान जनसैलाब के साथ हजारों कांग्रेसियों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के नेतृत्व में ख़ुटपदर से जगदलपुर की पदयात्रा कर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्यपाल के नाम बस्तर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य के नेतृत्व में जगदलपुर पहुंची न्याय पदयात्रा के नेतृत्वकर्ता दीपक बैज का शहर के माडिन चौक, माडिया चौक, कुम्हारपारा चौक, एसबीआई चौक और शहीद पार्क चौक पर भव्य स्वागत किया गया।
दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस सरकार में अस्पताल के लिए जमीन आवंटन हुआ था। बस्तर में प्रस्तावित सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनना था। बस्तर के कोपागुड़ा में प्रस्तावित सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल को रद्द कर दिया गया है। बीजेपी सरकार नहीं चाहती बस्तर में अच्छा अस्पताल बने, अस्पताल और जमीन आवंटन को निरस्त कर दिया। पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि जिस नगरनार स्टील प्लांट के लिए ग्रामीणों ने अपनी जमीन दी। जिस पर नगरनार प्लांट बना और वहां उत्पादन भी शुरू हुआ है। जब भी कोई कंपनी जमीन अधिग्रहण करती है और डीपीआर तैयार करती है, तब शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था वहां के प्रभावित लोगों के लिए पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। 5 साल जब हमारी सरकार थी, तब वहां कोपागुड़ा में सुपर स्पेशिलिटी हॉस्पिटल के लिए जमीन चयनित की गई थी। प्रभावितों के लिए अस्पताल जरूरी है और इसे बनाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करनी चाहिए। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि नगरनार स्टील प्लांट का विनिवेशीकरण घातक निर्णय है। यह जनता के हितों के खिलाफ है और इसे केवल निजीकरण की साजिश के रूप में देखा जा सकता है। राष्ट्रीय संपत्ति की लूट नगरनार जैसे नवरत्न प्लांट का विनिवेशीकरण और इसके बाद निजीकरण भाजपा सरकार और प्रबंधन की पूंजीपतियों को खुश करने की नीति को उजागर करता है। विनिवेशीकरण के बाद इस क्षेत्र में रोजगार के अवसर समाप्त हो आएंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। वहीं बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक में पारित प्रस्ताव के तहत 22 एकड़ जमीन खूंटपदर में आबंटित की गई थी जिस पर एनएमडीसी की साफ प्रतिक्रिया आई है कि अब हम अस्पताल नहीं बनाएंगे। एनएमडीसी ने वादा किया था कि अस्पताल हम बनाएंगे, किंतु भारतीय जनता पार्टी की सरकार उस प्रोजेक्ट पर पूर्णतः ग्रहण लगा चुकी है। जनता की आवाज को अनसुना किया जा रहा है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।सीएसआर मद की राशि प्रभावित गांवों के लोगों का हक है, जिसे छीना जा रहा है सीएसआर के तहत प्रभावित क्षेत्र के विकास के लिए निर्धारित राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। कुल मिलाकर भाजपा सरकार ने बस्तरवासियों को सिर्फ छला है और विकास से हमेशा वंचित रखा है। सिर्फ पूंजीपतियों की सेवा में सीएसआर मद का उपयोग पूंजीपतियों के लाभ के लिए किया जा रहा है। एनएमडीसी क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार का प्रमुख स्त्रोत है मगर स्थानीय युवाओं को रोजगार न देकर बाहरी लोगों को काम पर रखा जा रहा है। यह क्षेत्रीय जनता के साथ अन्याय है।
एनएमडीसी मुख्यालय जगदलपुर में हो
दीपक बैज ने कहा कि एनएमडीसी का मुख्यालय जगदलपुर में लाया जाए, स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया जाए एवं उन्हें प्रशिक्षित कर रोजगार के योग्य बनाया जाए। एनएमडीसी नगरनार प्लांट का विनिवेशीकरण, अधूरा सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, सीएसआर फंड का जारी ना होना और स्थानीय लोगों को रोजगार ना मिलना यह सभी क्षेत्र के विकास में बाधक है। केंद्र और प्रदेश की साय सरकार सिर्फ पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने का कार्य कर बस्तर का दोहन कर रही है। इन सभी पदयात्रा कर राज्यपाल के नाम बस्तर कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान राष्ट्रीय छत्तीसगढ़ सह प्रभारी सचिव संपत कुमार, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम, विधायक लखेश्वर बघेल, सावित्री मंडावी, पूर्व विधायक मोहन मरकाम, रेखचंद जैन, राजमन बेजाम, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, विकास उपाध्याय, कोको पाढ़ी, राजीव शर्मा, आकाश शर्मा, कविता साहू मौजूद थे।
पूर्व आबकारी मंत्री और उनके बेटे से ईडी ने 9 घंटे तक पूछताछ
जगदलपुर शराब घोटाला मामले में शुक्रवार को रायपुर के ईडी दफ्तर में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा को पूछताछ के लिए बुलाया गया था। यह पूछताछ करीब 9 घंटे तक चली।
पूछताछ के बाद कवासी और हरीश लखमा ईडी दफ्तर के बाहर आए। इस दौरान कवासी लखमा ने बताया कि अधिकारियों के सभी सवालों का उन्होंने जवाब दिया। पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा ने कहा- ईडी के द्वारा मांगे गए दस्तावेज़ मैंने उन्हें सौंप दिए हैं। हालांकि, मेरे पूछे गए सवालों का जवाब ईडी के द्वारा नहीं दिया गया। मुझसे जो कागज मांगे गए थे, वे मैंने जमा किए हैं। कुछ बातें सभी ने पूछी, जिसका मैने जवाब दिया। उन्होंने बताया कि कुछ कागज बाकी हैं, जिन्हें पेश करने के लिए मैंने और कुछ दिन का समय मांगा है। मेरी बेटी और पत्नी ने संपत्ति का ब्योरा दिया है, अभी बड़े बेटे और बहू का देना है। उन्होंने यह भी कहा, “मेरे साथ कोई बदतमीजी नहीं हुई है। चाय-नाश्ते के लिए पूछा गया था, लेकिन कोई परेशानी नहीं हुई। अंदर की बातों को सार्वजनिक करना ठीक नहीं है। मैं कांग्रेस पार्टी का सदस्य हूं और कानून को मानने वाला व्यक्ति हूं। बीजेपी ने जानबूझकर मुझे परेशान करने के लिए आरोप लगाए हैं। यह आरोप सरकार और बीजेपी के इशारे पर मुझ पर लगाए गए हैं। मैं इस लड़ाई को अंतिम सांस तक लडूंगा। जब तक जिंदा रहूंगा, आदिवासियों के लिए लड़ता रहूंगा। कवासी लखमा ने आगे कहा कि मैं घोटाले को कबूल नहीं कर रहा हूं, लेकिन जांच चल रही है। अगर दो नंबर की शराब भेजी गई है, तो अधिकारी के की जांच क्यों नहीं की गई, तीन शराब बनाने वाली कंपनियां हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? शराब कंपनियों पर जांच करो। उन्होंने कहा – ऐसा कोई ऑफर मुझे नहीं मिला है। वे जानते हैं कि मैं कांग्रेस पार्टी में हूं, इसलिए मुझे कोई ऑफर नहीं दिया गया।
जगदलपुर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनपूंजी के मैदान में जनपद पंचायत के रोज़गार सहायक संतोष द्वारा बिना किसी जानकारी अथवा अनुमति के गड्ढे खोद दिए गए हैं।
शाला प्रांगण के मैदान में गड्ढे खोदे जाने से बच्चों के खेलने के लिए मैदान का उपयोग नही कर पा रहे हैं। उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनपूंजी प्रांगण में वर्तमान में बाउंड्रीवॉल निर्माण प्रस्तावित है। भविष्य में शाला के लिए विकास कार्य भी कराए जा सकते हैं। किंतु रोजगार सहायक की मनमानी के चलते बच्चों के खेलने का मैदान वर्तमान में गड्ढे में तब्दील हो गया है। रोजगार सहायक द्वारा स्कूल के मैदान में गड्ढा खोदाई से ऐसा प्रतीत होता है कि पंचायत विभाग के किसी योजना को अमली जामा पहना कर धन राशि की बंदरबांट करने की योजना नजर आ रही है।स्कूल के मैदान में खड्डा खोज जाने से स्कूली छात्र-छात्राओं में भारी रोष व्याप्त है। शीघ्र ही गढ्ढों कि पटाई न किए जाने की स्थिति में बच्चों द्वारा उग्र आंदोलन किया जा सकता है। जहां एक और शासन बच्चों के पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद में आगे बढ़ाने के लिए प्रयास कर रहा है वहीं दूसरी ओर रोजगार सहायक द्वारा इस प्रकार का अनधिकृत कृत्य निश्चित ही जांच का विषय है।
जगदलपुर बीजापुर के युवा पत्रकार स्व. मुकेश चंद्राकर के निवास पहुंचकर वन मंत्री केदार कश्यप व बस्तर सांसद महेश कश्यप ने मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि अर्पित की। मंत्री केदार कश्यप और सांसद महेश कश्यप ने मुकेश चंद्राकर की हत्या पर दुख जताते हुए कहा कि आरोपी बख्शे नहीं जाएंगे।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, प्लांट निजीकरण को लेकर न्याय यात्रा
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष दीपक बैज के नेतृत्व में बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा खूंटपदर से जगदलपुर तक आयोजित छत्तीसगढ़ न्याय यात्रा बड़े विशाल रूप में निकली है। न्याय यात्रा के मुख्य यात्री पीसीसी चीफ दीपक बैज का जगह जगह स्वागत किया जा रहा है।
प्रदेश की भाजपा सरकार द्वारा षड्यंत्रपूर्वक निरस्त की गई सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की स्थापना की मांग, एनएमडीसी नगरनार स्टील प्लांट विनिवेशीकरण के विरोध, स्थानीय बेरोजगारों को एनएमडीसी में नौकरी देने, प्लांट से प्रभावित गांवों को सीएसआर राशि देने व एनएमडीसी का मुख्यालय जगदलपुर में लाने की मांग को लेकर कांग्रेस की नगरनार खूंटपदर से जगदलपुर तक विशाल छत्तीसगढ़ न्याय पदयात्रा निकाली गई है। रास्ते में जगह जगह दीपक बैज और अन्य कांग्रेस नेताओं का स्वागत किया गया। मंडिन चौक पर वार्ड पार्षद के नेतृत्व में स्वागत किया गया। इस दौरान पूर्व विधायक रेखचंद जैन, शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य भी उपस्थित थे।
दल्लीराजहरा नवविवाहित महिला ने की आत्महत्या सूत्रों से जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 23 की रहने वाली महिला माया हरपाल जिसकी उम्र लगभग 22 वर्ष बतायी जा रही हैं कल रात में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली पति पत्नी का आपस में किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। जिसके बाद उसने घर के छत में लगे पाइप में चुन्नी से लटक कर झूल गई परिवार द्वारा उतारकर हॉस्पिटल ले जाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया मृतक महिला वार्ड नंबर 23 में रहती थी लगभग 1 साल पहले सूरज हरपाल के साथ उसका विवाह हुआ था लड़की का मायका सुपेला है मृतका के परिजनों का कहना है कि ये आत्महत्या नही है हमारी बेटी की हत्या की गयी हैं मौके पर तहसीलदार व पुलिस की टीम पहुंच कर पंचनामा कर शव को पोस्टमार्टम के भेज दिया गया है। राजहरा पुलिस द्वारा हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। एवं मृतका के परिजनों को भी आशुतोष किया गया है कि जांच पूरी ईमानदारी से की जाएगी ।
दिनांक 03.01.2025 को प्रातः 05.30 बजे ग्राम सांगली थाना गुरूर निवासी केवलचंद साहू उम्र 38 वर्ष एवं उसकी पत्नि ईश्वरी बाई साहू उम्र 35 वर्ष के बीच घरेलू विवाद को लेकर वाद विवाद होने पर आरोपी पति केवलचंद साहू द्वारा अपनी पत्नि को घर में रखे कुल्हाड़ी से सिर जांग व पैरो में चोट पहुंचाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिसे धमतरी अस्पताल मे ईलाज हेतु भर्ती कराया गया था जो ईलाज के दौरान मौत हो गयी। मृतिका ईश्वरी बाई साहू का पोस्ट मार्टम धमतरी अस्पताल में होने के उपरांत मामले की डायरी पुलिस चौकी कंवर आने पर अग्रिम कार्यवाही करते हुए थाना गुरूर में मर्ग क्रमांक 01/2025 धारा 194 बीएनएसएस एवं अप.क. 07/2025 धारा 103 बीएनएस कायम कर विवेचना मे लिया गया था। जिसकी सूचना वरिष्ठ अधिकारीयो को दिये जाने पर पुलिस अधीक्षक एस.आर. भगत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के निर्देश पर तथा पुलिस अनुविभागीय अधिकारी बोनीफॉस एक्का के मार्गदर्शन में आज दिनांक 04. 01.2025 को आरोपी केवलचंद साहू पिता जयराम साहू उम्र 38 वर्ष निवासी सांगली को हिरासत में लेकर पुछताछ करने पर उसके द्वारा अपराध कबूल करते हुए घटना में प्रयुक्त अलाजरब कुल्हाड़ी को जप्त कर अपराध सिद्ध पाये जाने पर आरोपी को गिरफ्तार कर न्ययिक अभिरक्षा पर भेजा जा रहा है।
जगदलपुर बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के आरोपों से घिरे सुरेश चंद्राकर के साथ अपना नाम घसीटे जाने पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा को आड़ेहाथ लिया है। श्री बैज ने कहा है कि एक जिम्मेदार पत्रकार की हत्या पर यह भाजपा की ओछी मानसिकता का परिचायक है। उन्होंने कहा है कि भाजपा पहले अपने दामन के दाग देखे।
किसी पवन सिंह ठाकुर, सुधीर तंबोली आदि ने सोशल मीडिया पर एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसमें सुरेश चंद्राकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज को गुलदस्ता भेंट कर रहे हैं और दोनों प्रसन्न मुद्रा में नजर आ रहे हैं। पोस्ट में कहा गया है कि कंट्रेक्टर सुरेश चंद्राकर कांग्रेस एससी मोर्चा के प्रदेश सचिव और पूर्व सांसद व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के कट्टर समर्थक हैं। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भाजपा की तासीर ही ऎसी है। वह एक कर्मठ पत्रकार की हत्या के मामले पर भी राजनीति करने से बाज नहीं आती। पूरे राज्य में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। प्रायः रोज हत्या, बलात्कार, लूट जैसी जघन्य वारदातें हो रही हैं। बस्तर से लेकर सरगुजा तक, मानपुर मोहला से लेकर कवर्धा तक और रायगढ़ से लेकर राजनांदगांव तक अपराधों एवं अपराधियों की बहार है। सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह नाकाम है। भाजपा नेताओं के संरक्षण में अपराधी बेखौफ होकर वारदात कर रहे हैं। श्री बैज ने कहा कि भाजपाई अपनी सरकार की नाकामी छुपाने अनर्गल प्रलाप कर रहे हैं। सुरेश चंद्राकर पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है, न ही अभी उनका नाम आया है। दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस वो पार्टी है, जो अपराधियों को भाजपा की तरह अपराधियों को बचाती नहीं, जैसा कि महिला पहलवानों के मामले में भाजपा ने किया था। अगर सुरेश चंद्राकर आरोपी हैं और उन पर आरोप सिद्ध हो जाती है, तो कांग्रेस अपने पार्टी संविधान के मुताबिक जरूर कार्रवाई करेगी।