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सांसद संतोष पाण्डेय की सादगी और हीरा ठाकुर का जज्बा

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  •  मेहनती व्यक्ति को साधन व संसाधन नहीं, जज्बे की होती है दरकार
  • स्टार सेलून में न जाकर नुक्कड़ वाले हीरा ठाकुर हजामत बनवाते हैं सांसद 

अर्जुन झा-

जगदलपुर सादगी और जज्बे का अनूठा संगम हमें नई दिल्ली में देखने को मिला है। सादगी एक छत्तीसगढ़िया सांसद की और जज्बा नई दिल्ली में नुक्कड़ पर सलून चलाने वाले युवक की।

ऐसे ही जज्बे से लबरेज हैं हमारे हीरा ठाकुर भाई। हीरा भाई युवा हैं और इनका खुद का सलून है। सलून ऐसा जो दिल्ली के नार्थ एवेन्यू के एक गार्डन में है, जहां लक्जरी कुर्सी तो नहीं लेकिन ईटों से बनी कुर्सी जरूर है, जो लग्जरी कुर्सी से भी कहीं ज्यादा कंफर्टेबल है और जहां राजनांदगांव के युवा सांसद संतोष पाण्डेय विगत पांच वर्षों से इनके नियमित ग्राहक के रूप में हजामात बनवाने और सेविंग कराने हीरा भाई सेलून में जाते हैं।

गजब बात यह कि सांसद संतोष पाण्डेय तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इंसपायर्ड हैं ही, हीरा ठाकुर भी मोदीजी के मुरीद हैं। हीरा ठाकुर मोदीजी के मिशन डिजिटल इंडिया को बढ़ावा भी दे रहे हैं। वे सिर्फ यूपीआई से पेमेंट लेते हैं। हीरा ठाकुर की इसी पहल ने सांसद संतोष पाण्डेय को उनका मुरीद बना दिया है। अगर कोई व्यक्ति पार्षद ही बन जाता है, उसके तेवर आसमान छूने लग जाते हैं, मगर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र से दूसरी दफे सांसद चुनकर आए संतोष पाण्डेय के तेवर ऐसे नहीं हैं। सादगी, सौम्यता और जमीन पर बने रहना उनकी पहचान हैं। सांसद संतोष पाण्डेय के पास किसी चीज की कमी नहीं है। वे चाहें, तो उनके घर में नाई आकर हजामत बना सकता है या फिर वे स्वयं किसी फाइव स्टार सलून की सेवा ले सकते हैं। मगर संस्कारधानी नांदगांव का संस्कार जो है, शिवनाथ नदी के पानी की तासीर जो है, वो भला कैसे कदम डगमगाने देंगे। लिहाजा सांसद संतोष पाण्डेय नुक्कड़ वाले हीरा ठाकुर के पास ही सेविंग कराने और हजामत बनवाने जाते हैं। आज भी जब लोकसभा की कार्यवाही स्थगित हुई तो सांसद संतोष पाण्डेय जा धमके हीरा ठाकुर के पास। उन्होंने हीरा ठाकुर से ढेर सारी बातें की। सांसद संतोष पाण्डेय बताते हैं कि हीरा भाई बहुत से युवाओं के लिए एक प्रेरणा हैं कि मेहनत करने के लिए आपको अवसर बहुत मिलते हैं बस यह जरुरी है कि आप उसे कैसे, कब और कहां चुनते व भुनाते हैं। सांसद संतोष पाण्डेय की यह सादगी और हीरा ठाकुर की लगन, जज्बा और मेहनत वास्तव में सराहनीय हैं।

सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार पर मंत्री केदार कश्यप का कड़ा प्रहार, कहा- होगी सख्त कार्रवाई

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  • शिकायत पर वनमंत्री कश्यप ने लिया संज्ञान, दौड़े दौड़े पहुंचे अफसर
  • नजर आया मंत्री केदार कश्यप का कड़क अंदाज 

अर्जुन झा

जगदलपुर अमूमन शांत और हंसमुख नजर आने वाले वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप कड़क मिजाज भी हैं। उनकी कड़क मिजाजी भ्रष्टाचार और जनहित से जुड़े मसलों पर ज्यादा नजर आती है। मंत्री केदार कश्यप के ऐसे ही सख्त तेवर तब देखने को मिले, जब ग्रामीणों ने उनसे शिकायत की कि प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार करते हुए गुणवत्ता की अनदेखी की गई है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले मंत्री केदार कश्यप तुरंत एक्शन में आ गए। उन्होंने अधिकारियों को फोन लगाकर सड़क का परीक्षण करने और दोषी लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। फिर क्या था- अधिकारी दौड़े दौड़े पहुंच गए सड़क नापने।

मामला बस्तर संभाग के अति नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले से जुड़ा है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप का यह गृह जिला है और वे यहीं से विधायक चुनकर आए हैं। नारायणपुर जिले के टेमरू गांव में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत सड़क निर्माण किया जा रहा है। सड़क निर्माण को लेकर ग्रामीणों में काफी असंतोष है। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। ग्रामीणों के मुताबिक सड़क निर्माण में गुणवत्ता को पूरी तरह नजर अंदाज किया जा रहा है। स्तरहीन निर्माण सामग्री उपयोग में लाई जा रही है और ऊपर से सड़क की चौड़ाई एवं मोटाई भी कम रखी जा रही है। ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की शिकायत मंत्री केदार कश्यप से करते हुए ठेकेदार और अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीणों की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए मंत्री केदार कश्यप ने अधिकारियों को फोन लगा दिया। सुबह सुबह मंत्रीजी का फोन आ जाए, तो अफसरों की नींद उड़ना स्वाभाविक है। ऐसा ही विभागीय अधिकारियों के साथ भी हुआ। मंत्री ने अफसरों को सड़क निर्माण में हो रही लापरवाही पर फटकार लगाते हुए तुरंत मौके पर जाकर जांच करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा। अधिकारी ट्रेक शूट में ही सुबह सुबह टेप, रस्सी आदि लेकर दौड़े दौड़े पहुंच गए टेमरू गांव। उन्होंने सड़क की चौड़ाई, मोटाई नापी और सड़क खोदकर निर्माण सामग्री का परीक्षण किया। सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार और लापरवाही की शिकायत क्षेत्रीय विधायक एवं वनमंत्री केदार कश्यप से की गई। वनमंत्री ने त्वरित संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों को जांच पड़ताल के लिए निर्देशित किया। जिस पर आज सुबह विभागीय अधिकारी सड़क निर्माण का जायजा लेने के लिए पहुंचे। विभागीय अधिकारियों ने कहा कि मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों का पालन करते हुए सड़क निर्माण कार्य में सुधार करवाया जा रहा है। लापरवाही बरतने पर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

एक करोड़ के ईनामी नक्सली हिड़मा के घर में घुसे गृहमंत्री अमित शाह, सीएम साय और डिप्टी सीएम शर्मा

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  •  नक्सल्स गढ़ में कदम रखने वाले पहले गृहमंत्री बन गए अमित शाह
  •  हिड़मा के गृहग्राम पूवर्ती के पड़ोसी गांव गुंडेम में पहुंच गए शाह

अर्जुन झा-

जगदलपुर जहां नक्सलियों की इजाजत के बिना एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जो इलाका हिड़मा जैसे कई खतरनाक नक्सलियों का जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है, वहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छग के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जा धमके। ऐसे खतरनाक इलाके में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं अमित शाह। वैसा ही जज्बा और हौसला हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा भी कई बार दिखा चुके हैं।

बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सल प्रभावित इलाके में जाने की योजना तो पहले से तय थी, लेकिन वे सीधे नक्सल नर्सरी में चले जाएंगे, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले सर्वाधिक नक्सल प्रभावित हैं। उसमें भी सुकमा और बीजापुर के सरहदी इलाके तो और भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इसी सरहदी इलाके में स्थित है नक्सल नर्सरी पूवर्ती, जहां कुख्यात नक्सली हिड़मा सहित अन्य कई खतरनाक नक्सली पैदा हुए हैं। हिड़मा किस कदर खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस पर पूरे एक करोड़ रुपए का ईनाम घोषित हो चुका है। इसी नक्सल नर्सरी में महज सात किलोमीटर दूर स्थित गांव गुंडम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार दोपहर पहुंचे थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी थे। धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में महुआ पेड़ के नीचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खटिया पर बैठकर गुंडम के ग्रामीणों के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। अमित शाह ने ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर हमने नक्सल आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि नक्सल आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा सुरक्षा बालों के कैंप स्थापित किए गए हैं। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। शाह ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। आपके बच्चे पढ़ लिख लेंगे, शिक्षित हो जाएंगे और शिक्षा से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा। अमित शाह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुंडम के नजदीक स्थापित कैंप में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया और इनका लाभ लेने की अपील भी की। अमित शाह गांव की स्थित प्राथमिक शाला में भी जा पहुंचे। वहां बच्चों से पढ़ाई संबधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया। गृहमंत्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है। इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

विजय शर्मा भी दिखा चुके हैं हौसला

अमित शाह नकसल गढ़ में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं। इससे पहले किसी भी केंद्रीय गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था। हालांकि तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साये में अमित शाह गुंडम पहुंचे थे, मगर हौसला भी अपनी जगह है। इसी तरह विष्णु देव साय और विजय शर्मा नक्सल गढ़ की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मुख्यमंत्री और गृहमंत्री साबित हुए हैं। हालांकि विजय शर्मा इससे पहले भी पूवर्ती तथा बीजापुर के कुछ गांवों में जा चुके हैं। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित आदिवासियों से उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के आत्मीय संबंध जग जाहिर हैं। श्री शर्मा ने इन आदिवासियों की पीड़ा को करीब से महसूस भी किया है। यही वजह है कि वे अपना पर्सनल फोन नंबर तक वहां के ग्रामीणों के साथ शेयर करने से नहीं चूकते और समय समय पर पीड़ित आदिवासियों से बात भी करते हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली तब और सामने आई थी, जब नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आकर हाथ पैर गंवा बैठे आदिवासियों को कृत्रिम हाथ पैर श्री शर्मा की पहल पर लगाए गए थे। वह पल बड़ा ही भावुक था, जब अपने कृत्रिम पैरों से चलकर लोग विजय शर्मा का आभार जताने उनके बंगले में पहुंचे थे।

बढ़ेगा जवानों का हौसला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में आना कई मायनों में लाभकारी होगा। सबसे पहली बात तो यह कि आम ग्रामीणों और आदिवासियों के मन में शासन प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। दूसरी अहम बात यह है कि नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे दोगुने उत्साह के साथ अपना मिशन पूरा करने में लग जाएंगे।

सर्व नाई सेन समाज के पुनः बस्तर जिलाध्यक्ष बने मनोज ठाकुर

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जगदलपुर यहां आयोजित सर्व नाई सेन समाज की बैठक में बस्तर जिलाध्यक्ष के रूप में पुनः मनोज ठाकुर की नियुक्ति की गई है।

समाज के भवन में आयोजित बैठक में मनोज ठाकुर दूसरी बार निर्विरोध अध्यक्ष नियुक्त हुए हैं। पिछले कार्यकाल में मनोज ठाकुर ने बखूबी अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया है। जिसको देखते हुए समाज के सभी सदस्यों ने पुनः मनोज ठाकुर के नाम पर सहमति प्रदान की।मंगलवार को दोपहर 2 बजे कुम्हारपारा में सर्व नाई सेन समाज की बैठक आयोजित की गई। जिसमें सर्वसम्मति से एक बार फिर से सर्व नाई सेन समाज के वर्तमान जिला अध्यक्ष मनोज ठाकुर को दोबारा निर्विरोध अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद मनोज ठाकुर ने समाज के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वह सर्व नाई सेन समाज के हित के लिए कार्य करते रहेंगे। इसके बाद ससमाज के द्वारा कुम्हार पारा से दंतेश्वरी मंदिर तक बाइक रैली का आयोजन किया गया। जहां दंतेश्वरी मंदिर में नवनियुक्त अध्यक्ष मनोज ठाकुर ने माता दंतेश्वरी की पूजा अर्चना की। समाज के वरिष्ठजन और पूर्व अध्यक्ष भी साथ थे। समाज के सभी सदस्यों, पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम श्रीवास, वरिष्ठ भास्कर राव, राजू राव, सियाराम ठाकुर, राधे ठाकुर, वसंत राव, वेकंट राव, अपना राम, देव राव, कृष्ण कुमार श्रीवास, सरोज श्रीवास, कृष्ण ठाकुर, संजय श्रीवास, सतीश श्रीवास, रामबाबू सविता, सोनू सविता, लल्लन कुमार, विनोद ठाकुर, राजू ठाकुर, राजा ठाकुर, रमन्ना राव, राकेश ठाकुर, अनिल ठाकुर, प्रेमजीत ठाकुर महेंद्र ठाकुर, सुजीत ठाकुर, रमेश श्रीवास, उमेश ठाकुर, डीजे राम, बी रामा राव, मनोज कुमार, मिथिलेश, मोनू ठाकुर, गिरधर ठाकुर, बाबू साहब, संतोष ठाकुर, राजा ठाकुर, बाबू साहब संतोष कुमार और समाज के अन्य लोग उपस्थित थे।

सुशासन के एक साल, लोक निर्माण विभाग-2 ने पूरे कर दिखाए सालभर में 15 निर्माण कार्य

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  • सड़कों के निर्माण से लोगों को हो रही बारहमासी आवागमन में सहूलियत 

जगदलपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन के एक साल की उपलब्धियों के तहत लोक निर्माण विभाग क्रमांक-02 बस्तर जगदलपुर द्वारा 15 विकास कार्य पूर्ण कर नागरिकों को आधारभूत संरचना की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

इन कार्यों में बजट में स्वीकृत सड़क निर्माण कार्य में बस्तर के बोदरा से चैड़ीघाट मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, भैसगांव ठोटीपारा से अलवाली मार्ग निर्माण 4 किमी, जिला नारायणपुर के तिरथा चैक (गुरिया चैक) से सुधापाल मार्ग निर्माण 3 किमी और सोरगांव से जामगांव मार्ग निर्माण पुल पुलिया सहित 5.50 किमी, बस्तर के गुनपुर, जाटनपाल, गुटीगुड़ा पारा मार्ग का पुल- पुलियों सहित निर्माण 2.80 किमी, बुड़गीभाटा से चीतापुर मार्ग लंबाई 7 किमी. पुल-पुलिया, राजपुर गुनपुर अलवाही मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, दरभा से धुरवारास सड़क निर्माण लंबाई 2 किमी, कोयपाल से कलेपाल मार्ग निर्माण लंबाई 4 किमी, बस्तर के एनएच 16 से पटेलपारा मार्ग निर्माण लंबाई 3 किमी, देऊरगांव मांगरापाल मार्ग निर्माण लंबाई 5 किमी, फरसागुड़ा बेसोली मार्ग निर्माण लंबाई 2 किमी को पूरा किया गया। इन सड़कों और पुल-पुलियों के बन जाने से इलाके के लोगों को बारहमासी आवागमन में सहूलियत हो रही है। साथ ही उक्त क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य इत्यादि सुविधाओं के विस्तार को बढ़ावा मिला है। इसके अलावा बजट में स्वीकृत भवन निर्माण कार्य के तहत बस्तर नगर पंचायत बस्तर में नवीन विश्राम गृह भवन का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है। जबकि जमा मद से स्वीकृत विकासखंड बस्तर के ऑडिटोरियम का नवीनीकरण एवं विस्तार का कार्य और भानपुरी में नवीन तहसील कार्यालय भवन के निर्माण को पूर्ण किया गया है।

पोटा केबिन हॉस्टल में छात्रा की भूख से मौत? मचा सियासी बवाल; रोका गया कांग्रेस की टीम को

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  • भूख से मौत होने का आरोप लगाते कांग्रेस ने जमकर मचाया हंगामा
  • मामला सुकमा के बाला टिकरा पोटाकेबिन का

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के सुकमा जिले में एक छात्रावासी छात्रा की मौत से सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस का आरोप है की मासूम छात्रा की मौत भूख से हुई है। वहीं मामले को इस कदर गोपनीय रखा जा रहा है कि किसी के भी पोटा केबिन में जाने और वहां की अन्य छात्राओं से बात करने पर भी पाबंदी लगा दी है।

मामला सुकमा जिले के छिंदगढ़ विकासखंड अंतर्गत बाला टिकरा के पोटा केबिन का है। वहां दूसरी कक्षा की आदिवासी छात्रा रौशनी नाग की रहस्यमय परिस्थितियों में हो गई। बच्ची के शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। सुकमा के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी का कहना है कि छात्रा की मौत का कारण स्पष्ठ नहीं हो पाया है। बिसरा मेडिकल कालेज भेजा गया है। अब मेडिकल कॉलेज की रिर्पोट का इंतजार है। सुकमा जिले के बालाटिकरा पोटा केबिन में कक्षा दूसरी की छात्रा रोशनी नाग की अचानक मौत हो गई थी जिसके बाद राजनैतिक बवाल मच गया। विपक्षी दल कांग्रेस की जांच टीम को पुलिस ने पोटाकेबिन से पहले ही रोक दिया। इसके विरोध में कांग्रेस के नेता व कार्यकर्ता वहां करीब घंटे भर तक नारेबाजी करते रहे और कांग्रेस नेताओं ने पोटा केबिन प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया। वही सीएमएसओ ने कहा कि पीएम के दौरान बच्ची के शरीर में किसी भी प्रकार की आंतरिक व बाहरी चोट नहीं पाई गई है। अब मेडिकल कालेज की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। उसके बाद ही मौत की वजह पता चल पाएगी। उधर कांग्रेस ने छात्रा की मौत को लेकर मोर्चा खोल दिया है।मंगलवार को छिंदगढ़ ब्लाक के बालाटिकरा स्थित कन्या पोटा केबिन में मामले की जांच के लिए जा रहे कांग्रेस पार्टी के जांच दल को पोटा केबिन से 20 मीटर पहले ही पुलिस प्रशासन ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। वे लगातार नारेबाजी करते रहे। वही जांच कमेटी के संयोजक राजू राम नाग ने सवाल उठाया कि पोटा केबिन में जाने के लिए हमें क्यों रोका जा रहा है? इसका मतलब कुछ गड़बड़ है। व, हीं राजू साहू ने कहा कि आश्रम प्रबंधन की घोर लापरवाही है, हम लोगों को पता चला है कि बच्ची की मौत भूख के कारण हुई है। हमारी टीम सिर्फ छात्राओं से बातचीत करना चाहती थी, उसके बाद भी हमे रोका जा रहा है। प्रशासन ये सब राजनीतिक दबाव के चलते कर रहा है। क्योंकि पोटा केबिन की अधीक्षिका भाजपा नेता की पत्नी हैं और वे पोटा केबिन में रहती भी नहीं हैं। काफी देर तक हंगामा करने के बाद कांग्रेस जांच दल ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा और अधीक्षिका, डीएमसी तथा डीईओ के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। ऐसा न होने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है। इस दौरान आयशा हुसैन, गीता कवासी, महादेव मुचाकी, समीर खान, राजेेश नारा, गुलाम मुर्तुजा, लखमा राम नाग मौजूद रहे।

वर्सन

सच छुपाने की कोशिश

में यहां की सरपंच हूं और महिला भी हूं मुझे पोटा केबिन में जाने नहीं दे रहे हैं। जबकि मैंने कहा कि सिर्फ छात्राओं से बातचीत करूंगी और वहां अध्यनरत छात्राओं की तबीयत कैसी है उसके बारे में जानना है। आखिर उपोटा केबिन में ऐसा क्या है जो हमे जाने नहीं दिया जा रहा है?

संजना नेगी,सरपंच छिंदगढ़ 

वर्सन

सिर में सूजन थी

रोशनी नाग की सुबह 5.30 बजे अचानक तबीयत खराब हुई उसे जब छिंददगढ़ अस्पताल लाया गया तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। जिला अस्पताल में दो डाक्टरों की टीम ने पीएम किया। किसी भी प्रकार चोट के निशान नहीं मिले हैं और न ही कोई और कारण दिखा। हां रोशनी के सिर पर हल्की सूजन जरूर थी। इसलिए हमने बेहतर जांच के लिए मेडिकल कालेज सैंपल भेज दिया है। 7 दिनों के भीतर रिर्पोट आ जाएगी। उसके बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

डॉ.कपिल कश्यप,  सीएमएचओ सुकमा

नगर निगम कर्मचारियों की हड़ताल को कांग्रेस ने दिया समर्थन

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  •  सरकार से सभी वर्ग है परेशान: रेखचंद जैन 

  जगदलपुर छत्तीसगढ़ नगरीय निकाय कर्मचारी संघ के आह्वान पर 6 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने अपना समर्थन दिया।

शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य ने कहा कि आप सभी कर्मचारियों के कारण ही हमारा शहर साफ सुथरा रहता है। आपकी बदौलत ही नगर निगम जगदलपुर को स्वछता में अच्छी रैंक मिलती है।आपकी मांगे पूर्णतः जायज हैं। साय सरकार को संज्ञान में लेते हुए आपकी मांगों को तत्काल पूरा करना चाहिए। कांग्रेस पार्टी हमेशा आपके साथ कदम से कदम मिलाकर खड़ी है। पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा, प्रदेश की साय सरकार और उनके नेताओं को आपकी सभी 6 सूत्रीय मांगों को गंभीरता से लेते हुए पूरी करनी चाहिए, किंतु सत्ता में बैठी हुई भाजपा सरकार सिर्फ कागजी लीपापोती तक सीमित है। आज कर्मचारी अधिकारी, किसान, युवा सहित प्रत्येक वर्ग इनसे परेशान हैं। कांग्रेस पार्टी आपके मांगो का समर्थन करते हुए आपके साथ खड़ी है। इस अवसर पर कविता साहू, राजेश राय, सहदेव नाग, लता निषाद, सूर्या पानी, सुशीला बघेल, दयाराम कश्यप, बी ललिता राव, महामंत्री ज़ाहिद हुसैन, महेश द्विवेदी, रोहित पाणिग्रही, सायमा अशरफ़, अफ़रोज़ बेगम, कर्मचारी संघ नगर पालिक निगम जगदलपुर अध्यक्ष जगदीश बघेल, कार्यकारी अध्यक्ष तेग बहादुर नेगी, संभागीय अध्यक्ष सुशील पांडेय आदि मौजूद रहे।

एक करोड़ के ईनामी नक्सली हिड़मा के घर में घुसे गृहमंत्री अमित शाह, सीएम साय और डिप्टी सीएम शर्मा

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  • नक्सल्स गढ़ में कदम रखने वाले पहले गृहमंत्री बन गए अमित शाह 
  • हिड़मा के गृहग्राम पूवर्ती के पड़ोसी गांव गुंडेम में पहुंच गए शाह 

अर्जुन झा

जगदलपुर जहां नक्सलियों की इजाजत के बिना एक परिंदा भी पर नहीं मार सकता और जो इलाका हिड़मा जैसे कई खतरनाक नक्सलियों का जन्मभूमि एवं कर्मभूमि है, वहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और छग के उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा जा धमके। ऐसे खतरनाक इलाके में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं अमित शाह। वैसा ही जज्बा और हौसला हमारे छत्तीसगढ़ के गृहमंत्री विजय शर्मा भी कई बार दिखा चुके हैं।

बस्तर प्रवास पर आए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सल प्रभावित इलाके में जाने की योजना तो पहले से तय थी, लेकिन वे सीधे नक्सल नर्सरी में चले जाएंगे, ऐसा किसी ने नहीं सोचा था।बस्तर संभाग के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिले सर्वाधिक नक्सल प्रभावित हैं। उसमें भी सुकमा और बीजापुर के सरहदी इलाके तो और भी ज्यादा संवेदनशील माने जाते हैं। इसी सरहदी इलाके में स्थित है नक्सल नर्सरी पूवर्ती, जहां कुख्यात नक्सली हिड़मा सहित अन्य कई खतरनाक नक्सली पैदा हुए हैं। हिड़मा किस कदर खतरनाक है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उस पर पूरे एक करोड़ रुपए का ईनाम घोषित हो चुका है। इसी नक्सल नर्सरी में महज सात किलोमीटर दूर स्थित गांव गुंडम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार दोपहर पहुंचे थे। उनके साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा भी थे। धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में महुआ पेड़ के नीचे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खटिया पर बैठकर गुंडम के ग्रामीणों के साथ आत्मीय चर्चा की। उन्होंने शासन की सभी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए ग्रामीणों को प्रेरित किया। अमित शाह ने ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की पहल पर हमने नक्सल आतंक को 31 मार्च 2026 तक समाप्त करने का लक्ष्य रखा है, जिसका परिणाम है कि आज नक्सलवाद एक छोटे से दायरे में सिमट कर रह गया है। केंद्रीय गृहमंत्री शाह ने कहा कि नक्सल आतंक के भय से ग्रामीणों को मुक्त कराने के लिए बस्तर के विभिन्न स्थानों में सुरक्षा सुरक्षा बालों के कैंप स्थापित किए गए हैं। बस्तर अंचल में अमन और शांति का वातावरण स्थापित हो रहा है।

उन्होंने ग्रामीणों से ज्यादा से ज्यादा योजनाओं से जुड़ कर विकास की मुख्यधारा में शामिल होने की अपील की। शाह ने ग्रामीणों को प्रेरित करते हुए कहा कि अपने बच्चों को स्कूल अवश्य भेंजे। आपके बच्चे पढ़ लिख लेंगे, शिक्षित हो जाएंगे और शिक्षा से ही समस्याओं का समाधान निकलेगा। अमित शाह ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि गुंडम के नजदीक स्थापित कैंप में अस्पताल की सुविधा भी है जहां निशुल्क उपचार हेतु ग्रामीण निसंकोच होकर जाएं और झाड़-फूंक के भरोसे न रहें। उन्होंने ग्रामीणों को निशुल्क 35 किलो चांवल, महतारी वंदन योजना सहित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से अवगत कराया और इनका लाभ लेने की अपील भी की। अमित शाह गांव की स्थित प्राथमिक शाला में भी जा पहुंचे। वहां बच्चों से पढ़ाई संबधी जानकारी ली और नियमित स्कूल आने के लिए बच्चों को प्रेरित किया। वहीं उन्होंने महिलाओं को भी शिक्षा के लाभ से अवगत कराया। गृहमंत्री अमित शाह ने ग्रामीणों हेतु जन सुविधा शिविर लगाकर आधार कार्ड, राशन कार्ड, बैंक पासबुक, आयुष्मान कार्ड सहित अन्य सभी आवश्यक दस्तावेज बनाने के निर्देश कलेक्टर को दिए। उन्होंने कहा कि शासन कि समस्त योजनाओं का लाभ लेने के लिए बैंक पासबुक अनिवार्य है। इसलिए सभी का बैंक पासबुक जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि एक वर्ष के भीतर गांव में सड़क, बिजली, स्कूल, अस्पताल, पेयजल जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

विजय शर्मा भी दिखा चुके हैं हौसला

अमित शाह नकसल गढ़ में कदम रखने वाले देश के पहले गृहमंत्री बन गए हैं। इससे पहले किसी भी केंद्रीय गृहमंत्री ने ऐसा साहस नहीं दिखाया था। हालांकि तगड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साये में अमित शाह गुंडम पहुंचे थे, मगर हौसला भी अपनी जगह है। इसी तरह विष्णु देव साय और विजय शर्मा नक्सल गढ़ की जमीन पर कदम रखने वाले पहले मुख्यमंत्री और गृहमंत्री साबित हुए हैं। हालांकि विजय शर्मा इससे पहले भी पूवर्ती तथा बीजापुर के कुछ गांवों में जा चुके हैं। बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित आदिवासियों से उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के आत्मीय संबंध जग जाहिर हैं। श्री शर्मा ने इन आदिवासियों की पीड़ा को करीब से महसूस भी किया है। यही वजह है कि वे अपना पर्सनल फोन नंबर तक वहां के ग्रामीणों के साथ शेयर करने से नहीं चूकते और समय समय पर पीड़ित आदिवासियों से बात भी करते हैं। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की नेकदिली तब और सामने आई थी, जब नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी की चपेट में आकर हाथ पैर गंवा बैठे आदिवासियों को कृत्रिम हाथ पैर शर्मा की पहल पर लगाए गए थे। वह पल बड़ा ही भावुक था, जब अपने कृत्रिम पैरों से चलकर लोग विजय शर्मा का आभार जताने उनके बंगले में पहुंचे थे।

बढ़ेगा जवानों का हौसला

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के धुर नक्सल प्रभावित गांव गुंडम में आना कई मायनों में लाभकारी होगा। सबसे पहली बात तो यह कि आम ग्रामीणों और आदिवासियों के मन में शासन प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ेगा और वे भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे। दूसरी अहम बात यह है कि नक्सल मोर्चे पर तैनात केंद्रीय सुरक्षा बलों और राज्य पुलिस के जवानों का हौसला भी बढ़ेगा और वे दोगुने उत्साह के साथ अपना मिशन पूरा करने में लग जाएंगे।

बीजापुर जिले के घोर नक्सलगढ़ गुडंम में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लगाई ग्रामीणों की चौपाल

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  • जवानों से चर्चा कर‌ बढ़ाया हौसला, मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री भी साथ रहे
  • चौपाल में शाह ने युवाओं व ग्रामीणों से की खुलकर बातचीत 

 जगदलपुर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह सोमवार को दोपहर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के अति संवेदनशील क्षेत्र व नक्सलगढ़ गुंडम में पहुंचे। गृहमंत्री के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।

    हेलीकॉप्टर से दोपहर 12 बजे के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह गुडंम पहुंचे‌। जहां प्रदेश व जिले के अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। हेलीपैड से सीधे सीआरपीएफ के 153 कैंप पहुंचे, जहां जवानों के साथ लंबी चर्चा करते हुए अमित शाह ने उनका हौसला बढ़ाया। जवानों के साथ चर्चा में गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई में मिल रही सफलता पर जवानों की ऐसी कार्रवाई की प्रशंसा की। इसके बाद गृह मंत्री अमित शाह ने पेड़ के नीचे खाट पर‌ बैठकर चौपाल लगाई। चौपाल में वे युवाओं और ग्रामीणों से रूबरू हुए। गृहमंत्री ने कहा कि नक्सलियों के कारण आपका इलाका विकास से दूर था। नक्सलियों ने इस क्षेत्र को अपने कब्जे में रखा था। अब कैंप स्थापित हो रहे‌ हैं, अब डरने की बात नहीं है। जवान आपकी सुरक्षा करेंगे तथा क्षेत्र में अब तेजी से विकास कार्य भी होगें। ग्रामीणों को बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल व राशन की सुविधाएं मिलने लगेंगी। शासन की समस्त योजनाओं का लाभ अब मिलने लगेगा। गृहमंत्री ने ग्रामीणों के लिए आवास की सुविधा भी एक साल में कराने की बात कही है।

गुंडम स्कूल में बच्चों से की बात

गृहमंत्री अमित शाह गुंडम की प्राथमिक शाला में पढ़ने वाले बच्चों से भी मिलकर बात की। गृहमंत्री ने बच्चों की नियमित उपस्थिति तथा दर्ज संख्या बढ़ाने के लिए महिला समूह को प्रोत्साहित करने की जरुरत बताई। गृहमंत्री अमित शाह के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, प्रदेश स्तर के अधिकारी, सीआरपीएफ डीजीपी, आईजी बस्तर, डीआईजी, कलेक्टर संबित मिश्रा, एसपी जितेंद्र यादव सहित जिला स्तर के अधिकारी मौजूद थे। केंद्रीय गृहमंत्री के गुंडम दौरे के मद्देनजर सीमावर्ती तेलंगाना व क्षेत्र के 10 किमी के एरिया में सुरक्षा जवानों को तैनात किया गया था।

नक्सलियों का कोर एरिया

विदित हो कि गुंडम नक्सलियों का कोर क्षेत्र रहा है। यहां बीजापुर पुलिस द्वारा लगभग एक साल पहले कैंप स्थापित कर नक्सलियों के गढ़ में कब्जा किया गया है। सुरक्षा बलों की गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र अब धीरे-धीरे विकास की राह पर है। कैंप स्थापित होने से ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध होने लगी हैं। सड़क का निर्माण कार्य शुरू होने से लोगों आवागमन की‌ सुविधाएं भी मिलने लगी है।

प्रेशर आईईडी ब्लास्ट में ग्रामीण युवक की मौत

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जगदलपुर बस्तर के दंतेवाड़ा जिले में इंद्रावती नदी के पार स्थित माड़ इलाके में नक्सलियों द्वारा लगाए गए प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से कोसलनार निवासी एक ग्रामीण युवक की मौत हो गई। बताया जाता है कि नक्सलियों ने फोर्स को नुकसान पहुंचाने की नीयत से यह आईईडी कोहकाबेड़ा की पहाड़ी पर प्लांट किया था। मिली जानकारी के मुताबिक दंतेवाड़ा के बारसूर थाना क्षेत्र के कोसलनार निवासी 35 वर्षीय मनारु अकाली बांस लेने के लिए कोहकाबेड़ा पहाड़ पर गया हुआ था। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी पर उसका पैर लग गया और से ब्लास्ट हो गया। इससे मनारू की मौके पर ही मौत हो गई।

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