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प्रेशर आईईडी की चपेट में आने से 10 वर्षीय बच्चे की मौत

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जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर जिले में नक्सलियों द्वारा प्लांट किए गए आइईडी की चपेट में आने से 10 वर्षीय बालक हिड़मा कवासी की मौत हो गई। बालक हिडमा कवासी ने जिला अस्पताल बीजापुर में ने दम तोड़ा। अस्पताल सूत्रों ने बताया कि बालक के शरीर से खून ज्यादा निकलने की वजह से उसकी मौत हुई। पीड़िया मुरुमपारा निवासी 10 वर्षीय कवासी हिड़मा गांव के पास ही मवेशी चरा रहा था। इसी दौरान वह प्रेशर आईईडी की चपेट में आ गया। उसके पैर व हाथ में गंभीर चोंट पहुंचीं थी। मुतवेंडी कैंप के जवानों ने बुरी तरह घायल कवासी हिड़मा को बेहतर उपचार के लिए बीजापुर जिला अस्पताल लाया था। जहां इलाज के दौरान बालक की मौत हो गई। बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने इसकी पुष्टि की है।

शहर की सफाई व्यवस्था वेंटिलेटर पर, निगम प्रशासन व महापौर की निष्क्रियता हुई उजागर: सुशील मौर्य

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  • नागरिकों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

जगदलपुर बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी के शहर अध्यक्ष सुशील मौर्य ने शहर की लचर सफाई व्यवस्था पर कहा है कि जगदलपुर शहर में सफाई व्यवस्था वेंटिलेटर पर जा चुकी है। यह निगम प्रशासन व महापौर की निष्क्रियता का परिचायक है।वही शहर के लोकमान्य तिलक वार्ड पाली नाका से गीदम रोड की ओर जाने वाली सड़क के किनारे नगर निगम द्वारा कचरा डंप किया जा रहा है। बारिश के चलते उन कचरों से भरे गड्ढों में जल भराव हो गया है, जिससे आसपास के इलाकों में भारी बदबू फैल रही है। इस स्थान से लगभग 100-200 मीटर की दूरी पर लोग निवास करते हैं, जिससे उन्हें मलेरिया और डेंगू और आंत्रशोथ होने का खतरा भी बढ़ गया है।

सुशील मौर्य ने कहा है कि यह स्थिति स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि नगर निगम और महापौर शहर की सफाई और जनता के स्वास्थ्य के प्रति कितने लापरवाह हैं। निगम द्वारा चलाए जा रहे डेंगू और मलेरिया जागरूकता अभियान भी केवल उनके भ्रष्टाचार का नया तरीका है, जिसमें जनता की भलाई कहीं नजर नहीं आती। वार्ड वासी और पार्षद द्वारा कई बार नगर निगम को इस समस्या की सूचना दी गई, किंतु निगम और महापौर ने इस पर कोई कारवाई नहीं की। महापौर की इस लापरवाही और भ्रष्टाचार के कारण जगदलपुर शहर की स्वच्छता रैंकिंग में भी भारी गिरावट आई है। शहरवासियों के स्वास्थ्य और स्वच्छता के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को हम बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। यह समय है कि हम सब एकजुट होकर इस भ्रष्ट और निकम्मे नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाएं और अपने शहर को सुरक्षित और स्वच्छ बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं। महापौर और नगर निगम की इस नाकामी को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता और हम उनसे इसका हिसाब जरूर लेंगे।

कारगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ पर जैन भवन चौक दल्ली राजहरा में कार्यक्रम

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दल्ली राजहरा कारगिल युद्ध की 25वीं वर्षगांठ पर मंडल भाजपा अध्यक्ष राकेश द्विवेदी के नेतृत्व में नगर के जैन भवन चौक पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी एवं भाजपा सदस्यों और पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार साहू और रिटायर्ड फौजियों द्वारा कारगिल युद्ध में अपनी जान न्योछावर करने वाले शहीदों को नमन किया गया।

मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी ने कहा कि कारगिल में हमारे जवानों द्वारा पाकिस्तान से 84 दिनों तक युद्ध लड़कर फिर भारतीय चौकियों और चोटियों पर कब्जा जमाया।पाकिस्तान एक तरफ भारत के साथ शांति वार्ता की अपील करता है विश्व में दिखाना चाहता है कि वह शांति का समर्थक है और दूसरी ओर आतंकवादियों के साथ मिलकर हमेशा पीठ में खंजर घोंपने का काम करता रहा है। पाकिस्तान कारगिल के ऊंची चोटी पर अपने सैनिकों को घुसपैठियों एवं आतंकवादियों के रूप में भेजकर भारतीय सीमाओं पर घुसपैठ कर दोहरा घात कर रहा था l इसका भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया। पूर्व सैनिक संघ के जिला अध्यक्ष राजकुमार साहू ने बताया कारगिल युद्ध कि शुरुआत 3 मई 1999 को हुई थी। पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठियों एवं आतंकवादियों के साथ मिलकर भारतीय क्षेत्र की कई रणनीतिक पहाड़ियों पर कब्जा जमा लिया था। इन चौकियों को मुक्त कराने के लिए भारत की ओर से ऑपरेशन विजय की शुरुआत की गई थी। 3 महीने चले युद्ध के बाद 26 जुलाई को भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान द्वारा कब्जाई गई चौकी पर फिर से कब्जा जमाया और वहां तिरंगा फहराया था। इस युद्ध में 527 भारतीय सपूतों ने भारत मां की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुतियां दी थी। वही पाकिस्तान के हज़ारों सैनिक और अनगिनत आतंकवादी मारे गए थे। भारत कभी किसी देश पर जबरदस्ती हमला नहीं करता। भारत हमेशा शांतिप्रिय देश रहा है और रहेगा। लेकिन हमारे देश को बुरी नजर से देखने वालों को हम नहीं छोड़ेंगे। इस अवसर पर दल्लीराजहरा भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, महामंत्री महेंद्र सिंह, सुरेश जायसवाल, भूपेंद्र श्रीवास, राजेश कांबले, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष पुरोबी वर्मा, रमेश गुज्जर, शंकर साहू, गिरधर सिन्हा, सुमीत जैन, हरीश बाघ, सागर गनीर, मो इमरान, रमेश जैन, मनन गुप्ता, प्रमोद कुमार, अशोक सिन्हा, सिद्धार्थ सिंह आदि उपस्थित थे।

अजय सिंह पर कार्रवाई न होने से आदिवासी समाज में रोष

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  • आदिवासी युवक को प्रताड़ित करने का आरोप
  • दहशत में जी रहा है आदिवासी युवक प्रकाश

अर्जुन झा

जगदलपुर निजी जमीन को खनिज लीज पर देने के नाम से बोरिंग पारा भैरमगढ़ निवासी आदिवासी युवक प्रकाश पांडे जाति हल्बा से 15 लाख रुपए की मांग करते हुए उसे अजय सिंह द्वारा जातिगत तौर पर प्रताड़ित व गाली गलौज किए जाने का आरोप सर्व आदिवासी समाज ने लगाया है। समाज ने इस मसले को लेकर राजयपाल को ज्ञापन भी सौंपा है। समाज ने अजय सिंह की गिरफ्तारी न होने पर कलेक्ट्रेट का घेराव करने की चेतावनी दी है।

बताया गया है कि अजय सिंह भी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के भैरमगढ़ का निवासी है। 16 जुलाई को अजय सिंह अपने सशस्त्र सुरक्षा जवानों के साथ आदिवासी युवक प्रकाश पांडे हल्बा के पास पहुंचा था। इसी दौरान उसने प्रकाश से निजी भूमि को खनिज लीज पर देने के नाम से 15 लाख की डिमांड करते हुए गाली गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। अजय सिंह को सशस्त्र सुरक्षा जवानों को देख प्रकाश दहशत के बीच जी रहा है और छुपते फिर रहा है। प्रकाश ने मामले की शिकायत भैरमगढ़ थाने में की है, मगर पुलिस ने आज तक अजय सिंह पर कोई कार्रवाई नहीं की है और प्रकाश दहशत से उबर नहीं पा रहा है। आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में एक आदिवासी को इंसाफ न मिलने से आदिवासी समुदाय में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सर्व आदिवासी समाज की बीजापुर जिला इकाई के पदाधिकारियों ने इस मामले में मोर्चा खोल दिया है। समाज के प्रतिनिधि मंडल ने रायपुर जाकर राजयपाल को ज्ञापन सौंपा है। सर्व आदिवासी समाज के बीजापुर जिला अध्यक्ष जग्गू राम तेलामी ने कहा है कि अगर अजय सिंह पर एस्ट्रोसिटी एक्ट के तहत जुर्म दर्ज कर उसकी तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। जग्गू राम तेलामी ने कहा है कि 30 जुलाई तक अजय सिंह को सुसंगत धाराओं के तहत गिरफ्तार नहीं किया गया, तो 1 अगस्त को बीजापुर कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया जाएगा।

विवादों से रहा है नाता

अजय सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। दो दिन पहले ही बीजापुर कलेक्टर को उनके द्वारा फोन से धमकाए जाने का मामला सामने आया था। पहले कांग्रेस में रहे अजय सिंह भाजपा में आ गए हैं। किसी ठेके को लेकर भाजपा नेता अजय सिंह और बीजापुर कलेक्टर में गरमा गरम बहस का ऑडियो टेप वायरल हुआ है। अजय सिंह ऑडियो में कलेक्टर को चार दिनो में निपटाने की बात करते सुनाई दे रहे हैं। वे कलेक्टर को बता नौकर कह रहे हैं। वायरल ऑडियो में कलेक्टर से अजय सिंह धमकाने वाले अंदाज में बात करते सुनाई दे रहे हैं। कांग्रेस शासन काल में युवा आयोग के सदस्य रहे और पूर्व सीएम भूपेश के खासम खास माने जाने वाले बीजापुर के नेता अजय सिंह ने कलेक्टर बीजापुर अनुराग पांडेय को फोन कर उनधमकाने की कोशिश की। अजय सिंह स्वार्थ के लिए बार बार पार्टी बदलने वाले नेता के रूप में पहचान बना चुके हैं। इसके पहले वे विधायक विक्रम मंडावी पर अनर्गल आरोप लगाते हुए मीडिया की सुर्खियों में रहे हैं।

डेंगू मलेरिया से बचाव को लेकर विद्यार्थियों को किया जागरूक

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भानपुरी/बस्तर – बारिश के मौसम में पानी का जमाव लाजमी है व देखा जाता है कि इन दिनों लगातार बारिश के चलते मच्छरों की संख्या में काफी बढ़ोतरी होती है जिससे डेंगू मलेरिया जैसे जानलेवा बीमारी पैदा होती है। इसी के चलते शिक्षा विभाग इसे गंभीरता से लेते हुए विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए शनिवार को बैगलेस डे पर सुरक्षित शनिवार के तहत डेंगू मलेरिया से बचाव एवं रोकथाम की गतिविधि बस्तर विकास खंड के प्राथमिक शाला बड़ेपारा संकुल फरसागुड़ा में शिक्षक उमाशंकर साहू के द्वारा डेंगू मलेरिया से बचाव, लक्षण व रोकथाम के बारे में बच्चों के साथ विस्तार से चर्चा किया गया।

शिक्षक  साहू के द्वारा बताया कि जब हमें अचानक से बुखार आने लगे जोड़ो पर दर्द हो आंखों में जलन हो शरीर पर लाल दाने दिखाई दे भूख न लगना थकान महसूस हो तो यह डेंगू के लक्षण है और अगर हमें तेज बुखार के साथ सिरदर्द,उल्टी होना शरीर सुस्त पड़ जाए पूरे शरीर मे कपकपी हो तो ये मलेरिया के लक्षण है। आम तौर पर दोनों के लक्षण एक जैसे होते है। डेंगू एडिस मच्छर के व मलेरिया मादा एनाफिलीज के काटने से होता है।

डेंगू मलेरिया होने पर इबुप्रोफेन या एस्प्रिन नामक दवाई कभी न दे इसके लेने से रक्त स्राव हो सकता है। डेंगू मलेरिया के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह से खून जांच करवा कर उपचार करे। उसके अलावा इससे बचने के लिए आसपास सफाई रखे गड्डो में पानी जमने न दे छत पर बाल्टी ड्रम आदि को खुले न छोड़े रात को सोते समय मच्छर दानी का उपयोग करे। आज के इस कार्यक्रम में संस्था प्रभारी श्रीमती चंद्रमणी रंगारी,संजीव शर्मा संकुल समन्वयक,उमाशंकर साहू, गीता गुणा,दानेश्वर यादव,एसएमसी सदस्य व पालक गण-गीता ठाकुर,रमशीला दीवान,संपति, प्रफुल्ल देवांगन,देवकी बघेल, मदन बघेल व अन्य लोग उपस्थित रहे।

सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर एफ -188 बटालियन पुसपाल घाट ने किया वृक्षारोपण

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जगदलपुर सीआरपीएफ के स्थापना दिवस पर एफ 188 वी वाहिनी पुसपाल घाट बस्तर में कमांडेंट भवेश चौधरी के निर्देशन में बस्तर के सुदूरवर्ती नक्सलग्रस्त क्षेत्र में पौधारोपण अभियान चलाया गया। फालदार व छायादार पेड़ों के पौधे रोपे गए।

इस अवसर पर कंपनी कमांडर बन्नाराम एवं बटालियन के अधीनस्थ अधिकारियों व जवानों द्वारा कैम्प परिसर के चारों तरफ वृक्षारोपण किया गया। जिसमें विभिन्न प्रजातियों के लगभग 300 पौधे लगाए गए। एफ 188 वी वाहिनी अपने कार्य क्षेत्र में परिचालनिक कर्तव्यों का निर्वहन करने के साथ-साथ स्थानीय लोगो को जागरूक करने, युवाओ को प्रोत्साहित करने के लिए समय-समय पर भिन्न-भिन्न कार्यक्रमो का आयोजन करती रही है। इस अवसर पर कम्पनी कमान्डर बन्नाराम ने पौधारोपण का महत्व समझाया, ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाकर प्रकृति का संरक्षण करने की शपथ दिलाई तथा वृक्ष ही जीवन का नारा दिया और बताया पेड़ प्रकृति की अनुपम देन है, इनकी रक्षा करना हमारा दायित्व है। सीआरपीएफ के इस कार्य की ग्रामीणो ने प्रशंसा की है।

मरेटा पंचायत में नौनिहालों की जान से खिलवाड़

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  • आंगनबाड़ी केंद्र के सामने खुली पड़ी है गहरी नाली
  • जानलेवा खुला सेप्टिक टैंक भी ढा सकता है कहर 
    -अर्जुन झा-
    बकावंड विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत मरेटा के नदी पारा के आंगनबाड़ी केंद्र क्रमांक 3 के सामने तीन और कुंए जैसा सेप्टिक टैंक खुली हालत में हैं और हादसे को दावत दे रहे हैं। आंगनबाड़ी के बच्चों पर हमेशा खतरा मंडराता रहता है। इन्हें ढंकने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नाली का निर्माण 10 वर्ष पहले करवाया गया है। दरअसल यह एक छोटा नाला ही है, जिसे पुलिया बनाकर आंगनबाड़ी केंद्र के सामने से पक्की केनाल बनाकर आगे निकाला गया है। इसी तरह आंगनबाड़ी के सामने शौचालय का सेप्टिक टैंक भी 10 वर्ष से खुला पड़ा है। यह सेप्टिक टैंक काफी गहरा है। उसमें ढक्क्न लगाने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच की लापरवाही के कारण नन्हे मुन्ने बच्चों के सिर पर खतरा मंडरा रहा है।

नाली और सेप्टिक टैंक की वजह से कभी भी दुर्घटना हो सकती है। सरपंच सचिव आंखों में पट्टी बांधे हुए हैं। आंगनबाड़ी केंद्र में अभी 16 बच्चे पहुंच रहे हैं, जो अक्सर नाली, सेप्टिक टैंक और पुलिया के नीचे झांकते नजर आ जाते हैं। अगर इस दौरान असावधानी के चलते कोई बच्चा वहां गिर गया, तो बड़ी अनहोनी हो जाएगी। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इंदिरा बघेल और सहयिका शांति बघेल ने बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर भी इन खतरों से अवगत हो चुकी हैं। सरपंच सचिव को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। लेकिन आज तक कोई पहल नहीं हुई है।
वर्सन
जल्द होगा समाधान
ग्रामसभा में चर्चा हो चुकी है। दो-चार दिन में आंगनबाड़ी केंद्र के सेप्टिक टैंक और नाली का काम पूरा करा दिया जाएगा।
-उद्धव राम कश्यप,
सरपंच, ग्राम पंचायत मरेटा

पंचायत चुनाव की तैयारियों में अभी से जुट जाएं भाजपा कार्यकर्ता: दिनेश कश्यप

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  •  मंडल भाजपा कार्यसमिति की बैठक आयोजित
    बकावंड भाजपा बकावंड मंडल कार्यकारिणी समिति की बैठक सदभावना भवन में हुई। बैठक में पूर्व बस्तर सांसद व राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष दिनेश कश्यप विशेष रूप से उपस्थित थे। पूर्व सांसद दिनेश कश्यप ने पदाधिकारी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए विस्तार से ध्यानाकर्षण कराया। उन्होंने आने वाले पंचायत चुनाव की तैयारियां अभी से शुरू करने को कहा।  कश्यप ने कहा कि विधानसभा व लोकसभा चुनाव में ज्येष्ठ श्रेष्ठ देवतुल्य कार्यकर्ताओं की महेनत से भाजपा को जीत हासिल हुई है। तीसरी बार प्रधानमंत्री के रुप में नरेंद्र मोदी देश का नेतृत्व कर रहे हैं और छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में भाजपा सरकार है। आगामी पंचायत चुनाव में भी जीत हासिल करनी है, जिसके लिए अभी से रणनीति बनाकर पदाधिकारी व कार्यकर्ता अपने अपने क्षेत्रों में सजगता से कार्य करें। इस अवसर पर उपस्थित पूर्व विधायक डॉ. सुभाउ कश्यप ने कहा कि भाजपा की ताकत कार्यकर्ता ही हैं। केंद्र व राज्य की भाजपा सरकारों ने जो योजनाएं शुरू की हैं उन्हें हम सब मिलकर अंतिम से अंतिम व्यक्ति तक पंहुचाएं। यह हमारी पहली प्रथमिकता होनी चाहिए। भाजपा ने पूरे प्रदेश में पानी, बिजली, सड़क, पुल पुलिया का जाल बिछाया है व तेजी से कार्य कर रही है। वहीं स्थानीय कांग्रेस विधायक लखेश्वर बघेल पर सीधा तंज कसते और निशाना साधते हुए डॉ. सुभाऊ कश्यप ने कहा कि विधायक बघेल ने एक कार्य किया है तो अपने विधानसभा क्षेत्र में गांव गांव जाकर पैर धुलवाने का ही कार्य किया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष मनीराम कश्यप, जिला महामंत्री वेदप्रकाश पांडे व जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी आदि भाजपा नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया। इस अवसर पर मंडल प्रभारी श्रीधर ओझा, बकावंड मंडल अध्यक्ष धनुर्जय कश्यप, करपावंड मंड़ल अध्यक्ष परीश बेसरा, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य बनवासी मौर्य, पूर्व मंडल अध्यक्ष रोहित त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश किसान मोर्चा सदस्य जोगेंद्र चंद्राकर, महामंत्री दामोदर बघेल, महामंत्री पुरषोत्तम जोशी, ललिता बघेल, गजानंद दास मानिकपुरी, सत्यप्रकाश गुप्ता, बंशीधर कश्यप, नीलकुमार बघेल, गणेश परगनिहा बबलू, हेमकांत सिंह ठाकुर एवं समस्त मोर्चा के पदाधिकारी व मंडल पदाधिकारी आदि भाजपा कार्यकर्ताएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

महिला स्व सहायता समूहों को रेडी टू ईट का काम देने का काम मामला ठंडे बस्ते में, अब भाजपा मौन क्यों

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  •  महिलाओं ने जमकर काटा था बवाल, भाजपा ने बनाया था इसे चुनावी मुद्दा
  • कांग्रेस महिलाओं का दिल नहीं जीत पाई, खटाखट योजना भी काम न आई 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर कांग्रेस सरकार द्वारा जब महिला स्व सहायता समूहों से रेडी टु ईट वितरण का काम छीन लिया गया था, तब महिलाओं ने जिला व प्रदेश स्तर तक जमकर बवाल काटा था। भाजपा ने भी इसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था। अब भाजपा सत्ता में आ गई है और उसकी सरकार बने सात माह पूरे होने जा रहे हैं। मगर आज तक महिला स्व सहायता समूहों को यह काम नहीं सौंपा गया है। लगता है अब यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। वहीं कांग्रेस भी इस ओर से मुंह मोड़कर बैठ गई है। कांग्रेस इस मामले में उतना हमलावर नजर नहीं आ रही है। जिसके कारण वह महिलाओं से जुड़ नहीं पा रही है। यही वजह कि महिलाओं के खाते में हर माह 8 हजार 300 रुपए खटाखट डालने की कांग्रेस की योजना छत्तीसगढ़ में असरकारी नहीं रही और लोकसभा चुनाव में महिलाओं ने कांग्रेस को फटाफट निपटा दिया था।
    बावजूद कांग्रेस हालात को समझने तैयार ही नहीं है।
    . अब रेडी टू ईट के मामले को ही ले लीजिए। महिला समूहों से रेडी टू ईट का काम वापस ले लेने से भाजपा तबकी कांग्रेस सरकार पर जिस कदर हावी हो गई था, क्या कांग्रेस अब इसी मुद्दे पर साय सरकार को नहीं घेर सकती? घेर सकती है, मगर उसे तो बड़े बड़े मुद्दे चाहिए। रेडी टू ईट को कांग्रेस भले ही छोटा मुद्दा समझे, मगर यह छोटा मुद्दा कतई नहीं है। आज गांव गांव में महिला स्व सहायता समूह कार्यरत हैं, जिनसे गांवों के 95 प्रतिशत परिवारों की महिलाएं जुड़ी हुई हैं। रेडी टू ईट का काम छिन जाने से महिलाओं में कांग्रेस के प्रति नकारात्मक प्रभाव पड़ा। गोठान और गोबर खरीदी योजना असर नहीं डाल पाई।महिलाएं माऊथ टू माऊथ प्रचार करने या कहें बात फैलाने में बड़ी ही एक्सपर्ट होती हैं। रेडी टू ईट को लेकर भी यही हुआ। महिलाओं का भरोसा कांग्रेस से टूट गया। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में महिलाओं ने कांग्रेस को आइना दिखा दिया। हर माह 8 हजार 300 रुपए और हर साल एक लाख रुपए महिलाओं के खाते में खटाखट डालने की स्कीम भी काम नहीं आई।. महिलाओं ने लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को फटाफट निपटा दिया। अभी कांग्रेस के पास मौका है भाजपा सरकार को घेरने के लिए। रेडी टू ईट पर कोहराम मचाने वाली भाजपा सरकार में आने के बाद अब इस मसले को लेकर बैकफुट पर आ गई है। छत्तीसगढ़ में रेडी-टू-ईट फूड निर्माण को लेकर जो बखेड़ा मचा था वह अब राज्य सरकार द्वारा कमेटी गठित किए जाने के बाद ठंडे बस्ते में चला गया है। वर्तमान में कांग्रेस सरकार के समय जो प्रक्रिया मध्यान्ह भोजन योजना के रेडी टू ईट वितरण को लेकर अपनाई गई थी वही यथावत है। ज्ञात हो रेडी टू ईट वितरण का काम महिला स्व सहायता समूहों से वापस ले लिया गया था जिसके बाद महिलाओं ने भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन किया था। वहीं भारतीय जनता पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में इसे शामिल किया था, किंतु अब भी सरकार कोई भी बड़ा फैसला नहीं ले पाई है। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा रेडी टू ईट का कार्य महिला स्व सहायता समूहों को सौंपे जाने के संबंध में कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। जबकि इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है जो रेडी टू ईट का अध्ययन, निरीक्षण, परीक्षण करेगी। कब करेगी यह स्पष्ट नहीं है। छत्तीसगढ़ सरकार अध्ययन दल से प्राप्त प्रतिवेदन पर समुचित निर्णय लेगी और कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। स्वयं सरकार अब स्वीकार कर रही है कि महिला स्व सहायता समूहों को कार्य सौंपे जाने की निश्चित समय सीमा बता पाना संभव नहीं है।

दल्ली राजहरा नगर पालिका के सभी 27 वार्ड में आज से शिविर का आयोजन आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा

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  • छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं नगरी निकाय मंत्री अरुण साव के निर्देश पर के सभी नगरीय निकायों में समस्याओं के निदान के लिए शिविर
  • दल्ली राजहरा नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में भी आज से शिविर प्रारंभ सूची नीचे देखें

दल्ली राजहरा-: भाजपा शासन द्वारा छत्तीसगढ़ प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में आज 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा। पखवाड़ा के दौरान नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में वार्डवार शिविरों का आयोजन कर स्थानीय समस्याओं का निदान किया जाएगा। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा आज मंत्रालय से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में सभी आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को परिपत्र जारी किया गया है।

 

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से राज्य की सभी 184 नगरीय निकायों में स्थानीय समस्याओं के निराकरण के लिए वार्डवार शिविर आयोजित कर उनका मौके पर ही निराकरण के निर्देश नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को दिए हैं। उन्होंने इन शिविरो में नगर निगमों, नगर पालिकाओं एवं नगर पंचायतों के महापौरों, अध्यक्षों, पार्षदों और अन्य जन प्रतिनिधियों को भी उपस्थित रहने की अपील की है, ताकि आमजन की भागीदारी में वृद्धि हो सके। उन्होंने कहा कि वार्डवार शिविरों के आयोजन से स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का त्वरित निराकरण होगा और नागरिकों को जरुरी सुविधाएं मिलेंगी। समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से होने से शहरी सरकार के प्रति लोगों में सद्भाव भी बढ़ेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि नगरीय निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ अपनी उपस्थिति इन शिविरों में जरुर देंगे।

उप मुख्यमंत्री अरुण साव के निर्देश के बाद आज राज्य शासन द्वारा सभी नगरीय निकायों को आगामी 27 जुलाई से 10 अगस्त तक जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के आयोजन के संबंध में परिपत्र जारी कर दिया गया है। विभाग द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया है कि स्थानीय निकायों द्वारा अपने क्षेत्र के नागरिकों को नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराना मुख्य दायित्व है। स्थानीय नागरिक समस्याएं यथा नल कलेक्शन, राशन कार्ड, राष्ट्रीय परिवार सहायता, वृद्धावस्था पेंशन, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, भवन निर्माण अनुज्ञप्तियां, अनापत्ति प्रमाण पत्र, नामांतरण, स्वरोजगार के प्रकरण तथा कई विविध छोटे-छोटे कार्य होते हैं, जिनका निराकरण शीघ्र अपेक्षित होता है।

 

परिपत्र में कहा गया है कि नल लीकेज, नलों में पानी न आना, नालियों व गलियों की सफाई, सार्वजनिक नलों के प्लेटफार्म से पानी बहना, कचरे की सफाई व परिवहन, टूटी-फूटी नालियों की मरम्मत, सड़कों के गड्ढे पाटना, स्ट्रीट लाइट्स की मरकरी/बल्ब/ट्यूबलाइट का बंद रहना आदि समस्याएं भी हैं। ये सारे कार्य आम नागरिकों की दिन-प्रतिदिन की समस्याओं और कार्यों से संबंधित है। इन समस्याओं का निराकरण मौके पर ही शीघ्रता से किए जाने से अपने नगरीय निकाय के प्रति नागरिकों का सद्भाव बढ़ेगा। वहीं स्थानीय प्रशासन में लंबित शिकायतों का निराकरण भी शीघ्र हो सकेगा। विभाग ने जनसमस्या निवारण शिविरों में महापौरों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अध्यक्षों, पार्षदों एवं अन्य जन प्रतिनिधियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, जिससे आमजन की भागीदारी में बढ़ोतरी हो।

 

विभाग ने नगरीय निकायों के सभी विभागों के अधिकारियों को शिविर में मौजूद रहकर समस्याओं का निराकरण यथासंभव मौके पर ही करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। शिविरों में करदाताओं को करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग ने वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि आम नागरिक शिविर का पूरा लाभ प्राप्त कर सके। शिविरों में संकलित जानकारियां राज्य शासन को भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। इसी क्रम में दल्ली राजहरा नगर पालिका में आज से सभी 27 वार्डों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है l

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