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बच्चों के पोषण आहार में विभागीय सेंध, नौनिहालों को नही मिल रहा है संतुलित पोषण आहार

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  •  करपावंड परियोजना क्षेत्र में बच्चों को पुष्ट बनाने की योजना हो रही विफल

अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले की जनपद पंचायत बकावंड के करपावंड में पदस्थ महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी की अनदेखी की भेंट चढ़ गई है छोटे बच्चों को पोषण आहार उपलब्ध कराने की योजना। इस क्षेत्र के प्रायः सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में छोटे बच्चों को मैन्यू के हिसाब से पोषण आहार का वितरण नही किया जा रहा है। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं द्वारा लापरवाही पूर्वक मनमाने तरीके से आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। उनके द्वारा शासन की गाइड लाइन के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन नही किया जा रहा है।

      .महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों की अनदेखी के चलते करपावंड क्षेत्र में सुपरवाईजर भी आंगनबाड़ी केंद्रों का सुपरविजन करते कभी नजर नही आते हैं। विशेष मीटिंग, आमसभा या जनसभा होने पर ही सुपरवाईजर की उपस्थिति दिखाई देती है ।

प्राप्त सूत्रों के अनुसार करपावंड मुख्यालय में किसी सुपरवाईजर की उपस्थिति नही रहती है। सभी के घर शहर जगदलपुर शहर में होने के कारण वे वहां से रोज आने -जाने में असमर्थ दिखाई देते हैं। अधिकतर सुपरवाईजर जगदलपुर स्थित विभाग के जिला कार्यालय तथा निवास में ही समय गुजारते रहते हैं।

वही आंगनबाड़ी केंद्रों में उनके न पहुंचने से मनमानी का आलम है। ग्राम पंचायत कोमार के आंगनगबाड़ी केंद्र में मैन्यू के हिसाब से पोषण आहार का वितरण नही किया जाता है। वहीं छोटे-छोटे बच्चों को पोषण आहार पर्याप्त मात्रा में भी नही दिया जाता है। यहां कभी-कभी खिचड़ी, सोयाबीन, आलू को ही उच्च पौष्टिक आहार का आधार बताकर बच्चों को यही चीजें खिलाई जाती हैं। सभी कम मात्रा में पौष्टिक आहार का वितरण कर अपना खर्चा-पानी चलाने में व्यस्त रहते हैं। वहीं ग्राम पंचायत में मध्यान्ह भोजन के लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में राशन सामग्री वितरण का कार्य समितियों को दिया गया है, लेकिन समितियों द्वारा मध्यान्ह भोजन और पौष्टिक आहार की सामग्री सही वितरण नही किए जाने की चर्चा है। वर्तमान में करपावंड परिक्षेत्र में कुछ आंगनबाड़ी केंद्रों में यह देखने को मिला है कि कार्यकर्ता उपस्थित रहती है, तो सहायिका उपस्थित नही रहती है और सहायिका उपस्थित रहती है, तो कार्यकर्ता गायब रहती है। कभी-कभी टीकाकरण व मुख्यालय जाने के बहाने कुछ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी अपने कार्य पर उपस्थित नही रहती हैं। वही इन आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही से बच्चों को पौष्टिक आहार का वितरण नही किए जाने पर कुछ ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। ग्रामीणों ने शासन से मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर राज्य सरकार विशेष ध्यान दे। क्योंकि यह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं समाज की मजबूत नींव तैयार करने का काम करती हैं।

स्कूल में मनाई चंद्रशेखर आजाद की जयंती

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बकावंड विकासखंड बकावंड- अंतर्गत ग्राम पंचायत बकावंड की प्राथमिक साला पटेलपारा में चंद्रशेखर आजाद की जयंती धूमधाम से मनाई गई। स्कूल के बच्चों को चंद्रशेखर आजाद के जन्म परिचय, स्वतंत्रता की लड़ाई में उनके अभूतपूर्व योगदान के बारे में जानकारी दी गई। इस दौरान ग्रामीण ओमप्रकाश रजक, देवराज यादव और स्कूल के शिक्षक शिक्षिका लीला ध्रुव, धामू बागडे ने चंद्रशेखर के चित्र पर माल्यार्पण किया।

राज्य स्तरीय आवासीय हॉकी एकेडमी में जिले के तीन खिलाड़ियों का चयन

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बालोद राज्य स्तरीय आवासीय हांकी अकादमी मे बालोद जिले के तीन खिलडियो क्रमश कु प्रतिमा ठाकुर पिता खूब लाल ठाकुर उम्र 14 वर्ष कक्षा – 9 वी कु नीलम पिता हेमलाल लोहले उम्र 14 वर्ष कक्षा 9 वी कु गारिमा पिता भारत लाल यादव उम्र 13 वर्ष कक्षा 9 वी का चयन हुआ है उलेखनीय है कि ज़िला हॉकी संघ एवं शबरी स्पोर्ट्स क्लब के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम कन्नेवाडा हाई स्कूल मैदान में १०० से अधिक बच्चों को कोच तोरण सिन्हा द्वारा हॉकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है , जिसमे से ३ बच्चों का रविशंकर विश्वविद्यालय स्थित राज्य आवासीय ट्रेनिंग अकादमी में चयन हुआ है जहाँ वहा रहा कर हॉकी की बारीकियाँ सीखेगे भविष्य में यह खिलाड़ी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी का प्रतिनिधित्व करेंगे l

आज खिलाड़ियों के जिला कलेक्ट्रेट पहुंचने पर पर जिला हॉकी संघ के अध्य्क्ष तोमन साहू और जिला के कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल स्वागत कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी , इस अवसर पर जिला कलेक्टर ने जिले में हॉकी के विस्तार के लिए हर संभव सुविधा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया ताकि अच्छे खिलाड़ी इस जिले का नाम रोशन कर सके कलेक्टड में खिलाड़ियों की स्वागत के दौरान संघ के अध्यक्ष तोमन साहू सचिव एवं कोच तोरण सिन्हा युवा व्यवसायी व समाजसेवी दिनेश तापड़िया, दीपक तारम

, हॉकी संघ के सदस्य राम कुमार सिन्हा दुनेश साव एवं खिलाड़ियों के के पालकगण भारत लाल यादव हेमलाल लोहले खूब लाल ठाकुर उपस्थित रहे

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मेहरबान, तो ठेकेदार पहलवान, नल जल योजना के सैकड़ों कार्य अटके

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  • अकेले चित्रकोट क्षेत्र में नल जल के 249 कार्य अपूर्ण

अर्जुन झा-

जगदलपुर सरकार की छिछालेदारी कराने में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी कोई कसर नहीं छोड़ते। भ्रष्टाचार, स्वार्थ लिप्सा और लापरवाही की हदें पार करने में विभाग के अधिकारी जरा भी गुरेज नहीं करते। और तो और ये अधिकारी सरकार को गलत जानकारी देने तक का दुस्साहस कर बैठते हैं। ऐसा ही दुस्साहस जगदलपुर बस्तर में पदस्थ रहे पीएचई के कार्यपालन अभियंता को भारी पड़ गया है। बस्तर में पदस्थ रहे कार्यपालन यंत्री पर शासन को गलत रिपोर्ट देने के मामले में निलंबन की कार्रवाई की गई है। अब इस बात की पुष्टि हो गई है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता सहित मैदानी अधिकारी -कर्मचारी ठेकेदारों के जर खरीद गुलाम बन गए हैं। तीन- चार वर्ष पूर्व से स्वीकृत कार्य अब तक पूरे नहीं हो पाए हैं। अकेले बस्तर संभाग में नल जल योजना और जल जीवन मिशन के सैकड़ों कार्य लटके हुए हैं। कार्य आधे अधूरे करा कर छोड़ दिए गए हैं।

चित्रकोट के विधायक विनायक गोयल ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में नल जल योजना के स्वीकृत पूर्ण एवं अपूर्ण कार्यों की अद्यतन की जानकारी मांगी थी। विधायक विनायक गोयल ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से पूछा है कि चित्रकोट विधान सभा क्षेत्र अंतर्गत नलजल योजना 2021-22 से अब तक कितने कार्य प्रारंभ कराए गए, इनमें से कितने कार्य पूर्ण एवं कितने अपूर्ण हैं, इनमें से कितने कार्यों में गुणवत्ताहीन होने की शिकायत प्राप्त हुई है, विभाग द्वारा अब तक शिकायत प्राप्त एजेंसियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है? इसके जवाब में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग मंत्री अरूण साव ने जो जानकारी दी है वह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उदासीनता व नकारेपन को उजागर करता है। मंत्री द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार चित्रकोट विधानसभा क्षेत्र में नल जल योजना योजना के 270 कार्य वर्ष 2021-22 से अब तक प्रारंभ कराए गए हैं। इनमें से 21 कार्य पूर्ण हो चुके हैं और एवं 249 कार्य अपूर्ण हैं।

ज्ञात हो कि तकनीकी व प्रशासकीय स्वीकृति के आधार पर किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए एक वर्ष से डेढ़ वर्ष की मियाद रहती है लेकिन चार -चार वर्षों तक कार्यों को पूर्ण नहीं करना ढिठाई ही कही जाएगी।

बीजापुर में 85 कार्य अपूर्ण

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से बीजापुर के विधायक विक्रम सिंह मंडावी ने भी अपने विधानसभा क्षेत्र की जानकारी मांगी है। इस पर मंत्री ने लिखित जवाब देते हुए कहा है कि विगत तीन वर्षों में जल जीवन मिशन योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यों में 229 कार्य पूर्ण हो चुके हैं एवं 85 कार्य अपूर्ण हैं। मंत्री साव ने कहा है कि अपूर्ण कार्यों को वर्ष 2024 तक पूर्ण किए जाने का लक्ष्य है। ज्ञात हो कि विगत दिनों लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कई ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी कलेक्टर द्वारा दी गई है जिसमें रायपुर सहित बीजापुर जिले के छोटे -छोटे ठेकेदार भी शामिल हैं जिन्होंने कार्य लेकर उन्हें अंजाम तक नहीं पहुंचाया है।

झलमला से मानपुर की ओर जानेवाली राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 930 के निर्माण कार्य में हुआ जमकर भ्रष्टाचार, अधिकारियों ने आंख मूंदी पहली बारिश सड़क फटी , नालियों से सही पानी निकासी नहीं होने से कई जगह पानी भरा

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कुसुमकसा __ झलमला से कुसुमकसा होकर मानपुर की ओर जाने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 930के तहत सड़क चौड़ीकरण व उन्नयन कार्य में बरती गई अनियमताओ की कलई विगत तीन दिनो से हो रही बारिश ने खोल दी ,कही डामरीकृत सड़को में दरार तो कही सड़क दबने लगी है तो की किसानों के खेतो में बोआई की गई धान की फसल में निर्मित सड़क की मिट्टी,मुरूम बह कर आ रही है ,ग्राम करियाटोला में निर्मित पूल के पास जिस ओर वाल का निर्माण किया गया है उसी और डामरीकृत सड़क में लम्बी दरारें आ गई है तो उक्त सड़क दबने भी लगी है जिसको देखकर दुर्घटना की संभावना को देखते हुए राजहरा पुलिस द्वारा बरसते पानी में बेरीकेट्स लगाया गया किंतु इस और राष्ट्रीय राज मार्ग 930 के अधिकारियों ने और ना ही निर्माण एजेंसी ने सुध ली ,राष्ट्रीय राजमार्ग 930 में आवागमन में हो रही ग्रामीणों की परेशानियों पर शासन प्रशासन की चुप्पी भी चर्चा का विषय बना हुआ है

करियाटोला पूल के पास मुख्य मार्ग से ग्राम करियाटोला आने जाने के लिए बनाई गई एप्रोच डामरीकृत सड़क में दरारे आ गई है तथा सड़क दब गई है व पूल के किनारे डाला गया मिट्टी मुरूम धसने लगी है ,पूल के आगे डामरीकृत सड़क के किनारे की गई सिमेंटीकृत सड़क में लम्बी दरार आ गई है जो निर्माण कार्य के दरम्यान की गई लापरवाही का परिणाम है

उक्त सड़क निर्माण को शासकीय मापदंड के अनुरूप गुणवत्तायुक्त बनवाने के लिए नियुक्त राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के अधिकारियों का नियमित निरीक्षण नही करने या निर्माण एजेंसी को खुली छूट दिए जाने के कारण ही गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य होता प्रतीत हो रहा है , करियाटोला के ग्रामीणों ने उक्त सड़क निर्माण के दरम्यान राष्ट्रीय राजमार्ग 930 के अधिकारियों के अनदेखी का आरोप लगाते हुए उन पर कार्यवाही करने की मांग की है

संसद में रेलमंत्री से सांसद महेश कश्यप ने बस्तर के लिए मांगी रेल सुविधाएं

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  •  धमतरी से केशकाल, कोंडागांव होते जगदलपुर तक रेल लाइन की मांग
  • बैलाडीला से बीजापुर, गीदम होते गढ़चिरौली को जोड़ने का रखा प्रस्ताव

अर्जुन झा-

जगदलपुर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने लोकसभा के मानसून सत्र की अपनी पहली पारी में बस्तर के हितों के लिए शानदार बैटिंग की।उन्होंने बस्तर में रेल सेवाओं के विस्तार के लिए बड़े ही सधे हुए अंदाज में मांग रखी।

लोकसभा के मानसून सत्र में भाग लेते हुए बस्तर सांसद महेश कश्यप ने सदन में रेलवे से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे रखे। पहली बार बड़े सदन में पहुंचे सांसद महेश कश्यप हालांकि अपनी बात रखने के दौरान जरा घबराहट में नजर आए, लेकिन कुछ ही पल में उन्होंने खुद को सम्हाल लिया और बड़े ही सधे हुए अंदाज में एक के बाद एक तीन मांगों के प्रस्ताव सदन में रख दिए। तीनों ही प्रस्ताव रेलवे से जुड़े हैं। सदन में बोलते हुए महेश कश्यप ने कहा – मैं बस्तर लोकसभा क्षेत्र से हूं, जो केरल राज्य और इजराइल व बेल्ज़ियम से भी बड़ा क्षेत्रफल वाला क्षेत्र है। उन्होंने दल्ली राजहरा – रावघाट रेल लाइन का उल्लेख करते हुए कहा कि इस रेल लाइन को जगदलपुर तक विस्तारित करने की जरूरत है। क्योंकि लौह अयस्क भंडार वाला बस्तर रेल सेवाओं के मामले में पिछड़ा हुआ है। सांसद महेश कश्यप ने सदन में बताया कि दल्ली राजहरा रेल लाइन का काम केवटी भानुप्रतापपुर तक ही पहुंच पाया है। जिस फर्म को इस प्रोजेक्ट का ठेका मिला था, उसने काम से हाथ खींच लिया है और अब नया डीपीआर हुआ है। कश्यप ने रेलमंत्री से आग्रह किया कि इस रेल लाइन के कार्य को जल्द और तेज गति से शुरू कराया जाए तथा दल्ली राजहरा -रावघाट रेल लाइन को जगदलपुर तक विस्तारित किया जाए। ताकि यहां के लोगों रेल सुविधा का लाभ मिल सके। सांसद महेश कश्यप ने रायपुर – धमतरी बड़ी रेल लाइन का जिक्र करते हुए कहा कि इस रेल लाइन को धमतरी से केशकाल, कोंडागांव होते हुए जगदलपुर तक विस्तारित करने की मंजूरी दी जाए। इसके साथ ही सांसद महेश कश्यप ने बस्तर संभाग को रेल मार्ग के जरिए महाराष्ट्र से जोड़ने के लिए बैलाडीला से गीदम व बीजापुर होते महाराष्ट्र के गढ़चिरौली तक नई रेल लाइन की स्वीकृति की मांग भी दमदारी के साथ उठाई। उनकी इन मांगों के बीच अन्य सदस्यों ने मेजें थपथपा कर उनकी मांगों का समर्थन किया।

सरकारी कर्मचारी भी अब आरएसएस के कार्यक्रमों में हो सकेंगे शामिल

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जगदलपुर सरकारी कर्मचारी भी अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के कार्यक्रमों में शामिल हो सकेंगे। केंद्र सरकार ने 58 साल पुराने आदेश को रद्द करते हुए इस संबंध में नया सर्कुलर जारी किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में अब सरकारी कर्मचारी भी भाग ले सकेंगे। केंद्र सरकार ने 58 साल लागू प्रतिबंध को हटा लिया है। संघ ने इस निर्णय का स्वागत किया है। गौरतलब है कि संघ ने देश में कई आपदाओं में जिस तरह से मानव सेवा की है वो भी काफी महत्वपूर्ण है।भूकंप आपदा, बाढ के समय संघ के स्वयंसेवक अपनी परवाह न करते हुए बेहद विपरीत स्थिति में लोगों की जान बचाने व नुकसान की भरपाई में कई बार स्थानीय प्रशासन से भी आगे निकल कर काम करते दिखाई दिए हैं।

शहर में 550 बार पावर कट और 498 घंटे बिजली रही बाधित!

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  •  15 सब स्टेशनों के 46 फीडर्स में आई समस्या

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर जिले के शहरी क्षेत्र के अलावा जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था के लिए 33/11 केव्ही के 15 सब स्टेशन हैं। जून 2023 से जून 2024 तक कुल 15 सब स्टेशनों के 46 फीडरों में 550 बार पावर कट की समस्या आई। इस अवधि में कुल 498 घंटे बिजली बाधित रही जिसमें से 261 बार विद्युत व्यावधान पैदा हुआ। यह जानकारी प्रदेश भाजपा अध्यक्ष व जगदलपुर विधायक किरण देव को ऊर्जा विभाग द्वारा लिखित में दी गई है। इस वर्ष विद्युत व्यवस्था में जमकर व्यावधान उत्पन्न हुआ जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी की बड़ी किरकिरी हुई। विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाने में प्रमुख रूप से प्राकृतिक आपदा पेड़ों का गिरना, आकाशीय बिजली, तेज बारिश एवं आंधी-तूफान कारण रहे। इस दौरान बिजली 281 घंटे बाधित रही तथा 289 बार विद्युत व्यावधान तकनीकी खराबी जंपर कटने, पिन इंसुलेटर ब्रस्ट होने, डिस्क इंसुलेटर फूटने, डीओ यूनिट फूटने, पेड़ की टहनियां गिरने के कारण हुआ। इन वजहों से 217 घंटे बिजली बाधित रही।

मिली सिर्फ 3 शिकायतें!

विद्युत व्यवस्था लड़खड़ाने के कारण जहां हजारों उपभोक्ताओं को परेशानी उठानी पड़ी, तो जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत केवल तीन उपभोक्ताओं ने इसकी शिकायत की। यह दावा विद्युत कंपनी का है। यह किसी के गले नहीं उतर रहा है लेकिन जगदलपुर विधायक किरण देव को जो जानकारी दी गई है उसके अनुसार बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स के अध्यक्ष मनीष शर्मा, कांग्रेस पार्टी के सुशील मौर्य व धरमपुरा क्रं-1 के एस चक्रवर्ती ने शिकायत दर्ज कराई थी। विद्युत वितरण कंपनी के उपभोक्ताओं द्वारा बिजली की अघोषित कटौती संबंधित शिकायतें एवं उनका निराकरण किए जाने का दावा किया गया है।

गलत रीडिंग के 169 मामले

विद्युत वितरण कंपनी ने विधायक को बताया है कि अधिक बिजली बिल आने की शिकायतें एवं प्राप्त शिकायतों पर 169 लोगों की शिकायतों की जांच की गई और उनका निराकरण किया गया। बिजली बिल में गलत रीडिंग, एकमुश्त रीडिंग जैसे मामले सामने आए थे जिसे निराकृत करने की बात विभाग ने स्वयं स्वीकार की है। नेतानार, पंडरीपानी एवं ईतवारी बाजार में नए उपकेंद्र

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत वर्ष 2023-24 में किसी भी नवीन विद्युत उप केंद्र का प्रस्ताव नहीं था, किन्तु पूर्व के वित्तीय वर्ष में प्रस्तावित 03 नग नवीन विद्युत उप केन्द्र नेतानार, पंडरीपानी एवं ईतवारी बाजार जगदलपुर का कार्य वित्तीय वर्ष 2023-24 में पूर्ण किया गया है। कुम्हारपारा जगदलपुर में 1 तथा 2 उप केन्द्र धुरगुड़ा एवं नियानार में वर्ष 2024-25 के लिए प्रस्तावित हैं। योजना वित्तीय स्वीकृति न मिलने से ठंडे बस्ते में चली गई है।

ग्रामीणों को गूंगा, बहरा और बीमार बना रहा है नगरनार इस्पात संयंत्र, परिवहन समिति की हड़ताल जारी

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  • आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे श्रमिक नेता मिश्रा

अर्जुन झा-

जगदलपुर अपनी मांगों को लेकर नगरनार में जय झाड़ेश्वर परिवहन संघ की हड़ताल लगातार जारी है। संघ के पदाधिकारी सदस्य धरने पर बैठे हैं। उनकी मांगों का समर्थन करने हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष हरि शंकर मिश्रा और महासचिव आरके गिरी धरना स्थल पर पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि जय झाड़ेश्वर सहकारी परिवहन समिति के पदाधिकारी व सदस्य नगरनार में एनएमडीसी द्वारा स्थापित इस्पात संयंत्र में स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को परिवहन का कार्य देने, स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी पर रखने, अस्पताल एवं स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रदूषण पर नियंत्रण रखने आदि मांगों को लेकर लगभग सालभर से आंदोलन करते आ रहे हैं। बावजूद एनएमडीसी प्रबंधन कोई पहल नहीं कर रहा है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि नगरनार इस्पात संयंत्र के स्थानीय अधिकारी संयंत्र से निकलने वाले मटेरियल्स में गड़बड़ी करने के लिए ही बाहरी परिवहन व्यवसायियों को अहमियत देते आ रहे हैं। फर्जी नंबर प्लेटों के सहारे व एक ही नंबर वाले दो वाहनों से माल की निकासी में गड़बड़ी का खेल यहां चल रहा है। इस तरह का एक बड़ा मामला सीआईएसएफ ने कुछ माह पहले पकड़ा भी था और केस पुलिस तक भी पहुंचा था। इसी वजह से स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को काम नहीं दिया जा रहा है। जबकि इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रभावित 11 ग्राम पंचायतों को वचन दिया गया था कि परिवहन, नौकरी, स्कूल शिक्षा, चिकित्सा आदि में स्थानीय लोगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस करार से पीछे हटते हुए स्थानीय प्रबंधन बाहरी ट्रांसपोर्टर्स को लगातार परिवहन का काम देता आ रहा है, स्थानीय बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य भागों तथा दीगर राज्यों के लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं। प्रबंधन ने सर्व सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल खोलने की बात कही थी, जिसका अब तक कोई अता पता नहीं है। स्कूल खोला भी गया है, तो वहां स्थानीय ग्रामीणों के बच्चों के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण का दंश स्थानीय ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है। संयंत्र से निकलने वाले जहरीले केमिकल युक्त पानी से किसानों के खेत बंजर हो रहे हैं, तालाब के पानी में जहर घुल रहा है, जिसे पीकर मवेशी और पक्षी मर रहे हैं, तालाब में ग्रामीण निस्तार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं संयंत्र से उठने वाली डस्ट से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। संयंत्र की मशीनों की तेज आवाज से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, लोगों के कानों के पर्दे फट रहे हैं और लोग बहरे होते जा रहे हैं। इंसाफ के लिए आवाज उठाते उठाते अब ग्रामीण गूंगे बन चुके हैं। कुल मिलाकर नगरनार इस्पात संयंत्र नगरनार समेत आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। परिवहन समिति के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष एचएस मिश्रा और महासचिव आरके गिरी ने आंदोलन को और भी मुखर करने के लिए पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस अवसर पर नगरनार मंडल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता मिश्रा भी उपस्थित थीं।

ग्रामीणों को गूंगा, बहरा और बीमार बना रहा है नगरनार इस्पात संयंत्र, परिवहन समिति की हड़ताल जारी

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  •  आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे श्रमिक नेता मिश्रा

अर्जुन झा-

जगदलपुर अपनी मांगों को लेकर नगरनार में जय झाड़ेश्वर परिवहन संघ की हड़ताल लगातार जारी है। संघ के पदाधिकारी सदस्य धरने पर बैठे हैं। उनकी मांगों का समर्थन करने हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष हरि शंकर मिश्रा और महासचिव आरके गिरी धरना स्थल पर पहुंचे।

उल्लेखनीय है कि जय झाड़ेश्वर सहकारी परिवहन समिति के पदाधिकारी व सदस्य नगरनार में एनएमडीसी द्वारा स्थापित इस्पात संयंत्र में स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को परिवहन का कार्य देने, स्थानीय बेरोजगारों को नौकरी पर रखने, अस्पताल एवं स्कूल की सुविधा उपलब्ध कराने, प्रदूषण पर नियंत्रण रखने आदि मांगों को लेकर लगभग सालभर से आंदोलन करते आ रहे हैं। बावजूद एनएमडीसी प्रबंधन कोई पहल नहीं कर रहा है। समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि नगरनार इस्पात संयंत्र के स्थानीय अधिकारी संयंत्र से निकलने वाले मटेरियल्स में गड़बड़ी करने के लिए ही बाहरी परिवहन व्यवसायियों को अहमियत देते आ रहे हैं। फर्जी नंबर प्लेटों के सहारे व एक ही नंबर वाले दो वाहनों से माल की निकासी में गड़बड़ी का खेल यहां चल रहा है। इस तरह का एक बड़ा मामला सीआईएसएफ ने कुछ माह पहले पकड़ा भी था और केस पुलिस तक भी पहुंचा था। इसी वजह से स्थानीय परिवहन व्यवसायियों को काम नहीं दिया जा रहा है। जबकि इस्पात संयंत्र स्थापना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान प्रभावित 11 ग्राम पंचायतों को वचन दिया गया था कि परिवहन, नौकरी, स्कूल शिक्षा, चिकित्सा आदि में स्थानीय लोगों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। इस करार से पीछे हटते हुए स्थानीय प्रबंधन बाहरी ट्रांसपोर्टर्स को लगातार परिवहन का काम देता आ रहा है, स्थानीय बेरोजगार युवाओं की उपेक्षा करते हुए छत्तीसगढ़ के अन्य भागों तथा दीगर राज्यों के लोगों को नौकरियां दी जा रही हैं। प्रबंधन ने सर्व सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल खोलने की बात कही थी, जिसका अब तक कोई अता पता नहीं है। स्कूल खोला भी गया है, तो वहां स्थानीय ग्रामीणों के बच्चों के बच्चों को दाखिला नहीं दिया जा रहा है। जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण और वायु प्रदूषण का दंश स्थानीय ग्रामीणों को झेलना पड़ रहा है। संयंत्र से निकलने वाले जहरीले केमिकल युक्त पानी से किसानों के खेत बंजर हो रहे हैं, तालाब के पानी में जहर घुल रहा है, जिसे पीकर मवेशी और पक्षी मर रहे हैं, तालाब में ग्रामीण निस्तार नहीं कर पा रहे हैं। वहीं संयंत्र से उठने वाली डस्ट से लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। संयंत्र की मशीनों की तेज आवाज से बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं, लोगों के कानों के पर्दे फट रहे हैं और लोग बहरे होते जा रहे हैं। इंसाफ के लिए आवाज उठाते उठाते अब ग्रामीण गूंगे बन चुके हैं। कुल मिलाकर नगरनार इस्पात संयंत्र नगरनार समेत आसपास के गांवों के लिए अभिशाप बन गया है। परिवहन समिति के आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे हिंद मजदूर सभा के प्रदेश अध्यक्ष एचएस मिश्रा और महासचिव आरके गिरी ने आंदोलन को और भी मुखर करने के लिए पूर्ण सहयोग देने की बात कही। इस अवसर पर नगरनार मंडल भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष गीता मिश्रा भी उपस्थित थीं।

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