दल्ली राजहरा नगर एक मिनी भारत है इस शहर में संपूर्ण भारत वर्ष के हर प्रांत व राज्य के लोग निवास करते हैं हमारे दल्ली राजहरा नगर में हर धर्म जाति व मजहब को मानने वाले अपनी अपनी परंपरा के अनुसार भाई चारे के साथ दल्ली राजहरा में निवास करते हैं दल्ली राजहरा वही लौह नगरी है जिसके सीने को चीर कर कच्चा लोहा निकाला गया और उससे शासन ने करोड़ों अरबों रुपए का मुनाफा कमाकर आज दल्ली राजहरा नगर को बदहाली की स्थिति में छोड़ दिया है करोड़ों अरबों का राजस्व देने वाला एक ऐसा अभागा शहर है जिसकी आबादी 1 लाख से घटकर आज महज 44 हजार के लगभग रह गई है और ऐसी ही स्थिति रही तो इस शहर का हाल भी पास के महामाया माइंस या भिलाई के नजदीक के नंदनी माइंस की तरह हो जाएगा।
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दल्ली राजहरा नगर को बसे लगभग 60 साल से ज्यादा हो गया है किंतु आज भी इस नगर के वासी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं आज दल्ली राजहरा बालोद जिला का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला शहर होने के बावजूद इस शहर को ना तो जिला का दर्जा मिला और ना ही तहसील का दर्जा मिल पाया ।करोड़ों अरबों का राजस्व देने वाला शहर को अपनी अस्तित्व एवं हक के लिए जूझना पड़ रहा है दल्ली राजहरा व्यापारी संघ भी अपने इस शहर के लिए चिंतित है और दल्ली राजहरा की परिस्थितियों में कैसे सुधार लाया जाए इसके लिए लगातार प्रयत्नशील है इन्हीं मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव अमिताभ जैन जी से सौजन्य मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें उन्होंने हमारी जायज मांगों को ध्यान में रखते हुए संभवत निराकरण का आश्वासन दिया।
जिसमें हमारी प्रमुख मांगे शिक्षा के क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय व आत्मानंद विद्यालय की स्थापना की जाए । डी एम एफ फंड के राशि का उपयोग 50 % राजहरा के नगर में शिक्षा स्वास्थ्य एवं विकास कार्यों के लिए खर्च किया जाए। 100 बिस्तर का अस्पताल की स्थापना की जाए ।बीएसपी क्षेत्र के 130 एकड़ भूमि को राजस्व में दिलाया जाए ।दल्ली राजहरा एवं चिखलाकसा में जमीन रजिस्ट्री का सरलीकरण किया जाए । बायपास सड़क का निर्माण।राजहरा में औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना की जाय। आदि प्रमुख माँगो को लेकर राजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद वाधवानी महामंत्री क्रांति जैन वरिष्ट उपाध्यक्ष अशोक लोहिया एवं अशोक शाहा ने सौजन्य भेंट कर लंबी चर्चा किया गया।
वार्ड नंबर 2 पन्डर दल्ली दल्ली राजहरा के साहसी युवाओं ने वार्ड के महिलाएं, पुरुष एवम युवाओं को लेकर एक समाजसेवी संस्था बनाए हैं। जिसका नाम है “हमर सुघर पन्डर दल्ली सेवा समिति” इसके माध्यम से पन्डर दल्ली निवासी राजकुमार सोनवानी (दल्लू) के इलाज के लिए राजहरा के व्यापारी वर्ग बीएसपी कर्मचारी, बीएसपी के अधिकारी एवं अन्य आम जनों से जो मदद मांगी गई थी वह मदद की राशि 13163 रुपये आज राजकुमार सोनवानी की पत्नी को सौंप दिया गया । साथ ही कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग गंगानगर राजस्व कॉलोनी ग्राम झलमला की ओर से एक व्हीलचेयर प्राप्त हुआ था उसे भी समिति के सदस्यों ने राजकुमार सोनवानी को सौंपा। उपस्थित लोगों में समिति के संचालक जीवन लाल साहू ,भोज राम साहू एवं सहयोगी शिव प्रसाद साहू, वार्ड पार्षद ममता नेताम एवं सामाजिक कार्यकर्ता बंटी भैया उपस्थित थे ।
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बालोद जिले में मानव समाज को शर्मसार करने वाली घटना जिसमें ग्राम के प्रमुख सरपंच एवं दबंगई ग्रामीणों के चलते लाठी डंडे एवं लात घुसे से मार-मार कर एक परिवार को उनके ही घर से बेघर कर दिया गया और पुरा घर को तोड़ दिया गया घटना डौंडी ब्लाक के सूरडोंगर ग्राम का यह मामला है जहां पर पीड़ित व्यक्ति गणेश राम बघेल उम्र- 40 के साथ साथ उनके परिवार में उनकी पत्नी रुखमणी -38 एवं तीन बच्चों के साथ उनका पूरा परिवार 2005 से उस गांव में रह रहे है एवं रोजी मजदूरी का कार्य कर अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे थे |
जहां पर 30 जनवरी को सरपंच कोमेश कोर्राम (कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष डौंडी), ग्राम के उपसरपंच एवं समस्त पंच गण के साथ साथ ग्रामवासी लाठी-डंडों के साथ गणेश राम के घर पहुंच गए, उनके और उनके पूरे परिवार वालों को घसीट कर घर के बाहर खींच कर निकाला और उनके उपर लात घुसे और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया और उनके साथ मारपीट कर जातिगत गाली गलौज करने लगे और कहने लगे तुम मोची लोग इस गांव को छोड़कर चले जाओ इस गांव में तुम लोगों के लिए कोई भी जगह नहीं है और तुम्हें इस गांव में रहने नहीं देंगे, पूरे गांव वाले को एक साथ हमला करते हुए देख आपना जान बचा कर पूरा परिवार डर कर भागने लगा और पुलिस थाने पहुंचकर इस मामले की संपूर्ण जानकारी दिया |
गणेश बघेल ने बनाया बताया कि मैं और मेरा पूरा परिवार कई सालों से इस गांव में रहते हैं और किसी को कोई परेशानी भी नहीं थी मैं कई बार गांव के पंचायत में जमीन देने के लिए एवं आवास के लिए आवेदन दे चुका था लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी मुझे ना ही जमीन मिला ना ही आवास को कोई सुविधा और मेरे पास रहने के लिए कोई उचित जगह भी नहीं था मेरे नाम से मेरा राशन कार्ड, आधार कार्ड ,मतदाता काड, बिजली बिल बना है आर्थिक तंगी की वजह से पिछले कई सालों से मैं आवास हिन था इस वजह से मैंने गांव से लगभग 1 किलोमीटर दूर श्मशान घाट के पास दो कमरों का झुग्गी झोपड़ी बना कर था जिससे कभी किसी को कोई परेशानी नहीं था उस जगह पर मैं लगभग पिछले 9 सालों से रह रहा हूँ और अपना गुजर-बसर कर रहा हूँ लेकिन यह बात गांव के सरपंच कोमेश कोर्राम (कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष डौंडी) को रास नहीं आया और एक दिन अचानक ग्राम के सरपंच गांव वालों को भड़का कर इसे इस गांव में नहीं रहने देना है कहकर सभी एक साथ मिलकर आ गए और पीड़ित परिवार के घर को तोड़ने लगे |
सरपंच एवं गांव वालों ने तोड़ दिया गरीब का आशियाना
ग्राम के सरपंच उपसरपंच एवं पंचगण और गांव वालों ने एक साथ मिलकर गांव के बाहर रह रहे उस पीड़ित व्यक्ति के पूरे घर को तोड़ दिया गया और घर में रखे सभी सामानों को घर के बाहर निकाल कर आग के हवाले कर दिया गया जिसमें बच्चों के पढ़ने के कॉपी पुस्तक और घर के सदस्यों के पूरे कपड़े को भी जला दिया गया और घर में रखे खाने पिने के समान और अन्य सभी सामानों को बाहर निकाल कर फेंक दिया गया पीड़ित परिवार वालों के साथ किया भारी मारपीट गांव के सरपंच के साथ साथ ग्राम वासियों ने एक साथ मिलकर लाठी-डंडे लेकर आए और पीड़ित परिवार को घसीट घसीट कर और उसी लाठी-डंडों से उनके साथ भारी मारपीट करने लगे |
अपने आशियाने को डहता देख गांव वालों को रोकने का किया प्रयास
गांव वाले पीड़ित परिवार के घर को तोड़ने लगे तभी अपने आशियाना को ढहता देख गांव वालों को रोकने का भारी प्रयास किया और हाथ जोड़कर उनसे मिन्नतें करने लगा कि मेरे घर को मत तोड़ो पर सरपंच के द्वारा भड़का कर लाए हुए लोग महिला एवं बच्चों को भी नहीं छोड़ा और लात घुसे के साथ उनसे भी मारपीट करने लगे |
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भीड़ के द्वारा अपने पति को मार खाता देख पत्नी डर कर अपने बच्चे के साथ अपने पति को बचाने आई लेकिन गुस्से में बौखलाई भीड़ पत्नी एवं बच्चों को भी नहीं छोड़ा और लाठी-डंडों से उन पर भी वार कर दिया और पूरे परिवार वालों को बडी ही बेरहमी से पीटा गया अगर वह परिवार अपना जान बचाकर नहीं भागता तो गुस्साए में भीड़ पता नहीं उनके साथ क्या करती पीड़ित परिवार के लोगों ने बताया कि हम अभी बहुत डर के साए में जी रहे हैं हमें मानसिक रूप से भी प्रताड़ित किया जा रहा है |
घर से बेघर हो गया हंसता खेलता परिवार
सरपंच और गांव वालों की इस दबंगई के वजह से एक हंसता खेलता परिवार पूरी तरह से तबाह हो चुका है और अपने ही घर से बेघर हो चुके हैं पाई पाई का मोहताज हो गए हैं यहां तक कि खाने पीने को कुछ भी नहीं है घर के बच्चों ने बताया कि पहनने तक के कपड़े भी अब हमारे पास नहीं है और खाना भी खा रहे हैं तो सागौन पेड़ के पत्तों में रखकर खाना खा रहे हैं |
इतना अत्याचार एक परिवार पर
कोई कैसे कर सकता है यह कहां का न्याय है यह सोचने वाली बात है कि इतना निर्दयी कोई इंसान कैसे हो सकता है पीड़ित व्यक्ति ने बताया कि सरपंच के द्वारा हमें बार-बार यह धमकी दिया जाता था कि तेरा और तुम्हारे पूरे परिवार वालों का राशन कार्ड ,जॉब कार्ड से नाम कटवा दूंगा और तेरे बच्चों को स्कूल से निकलवा दूंगा कह कर जान से मारने की धमकी भी देता था |
बीच जंगल में श्मशान घाट में पेड़ के नीचे सोने को मजबूर परिवार
गांव के बाहर 1 किलोमीटर दूर एक जंगल में श्मशान घाट के पास पेड़ के नीचे अब वह पूरा परिवार अपने टूटे मकान के पास खुले आसमान में सोने को मजबूर हैं जहां पर इतनी ठंड में उनके पास पहनने को कपड़े नहीं और ओडने बीछाने को चादर तक नहीं है उनके पास खाना बनाने तक के बर्तन भी नहीं है क्योंकि उन बर्तनों को भी पूरी तरीके से तोड़ दिया गया है यहां तक कि जिस गैस पर खाना बनाया जाता था उस गैस को भी पूरी तरीके से तोड़ दिया गया है तीन ईट को रखकर चूल्हा बनाकर वह अपना भोजन पका रहे हैं |
किसी का घर तोड़ने कौन दिया अधिकार
किसी भी व्यक्ति को किसी का घर तोड़ने का और उनके साथ मारपीट करने का कोई अधिकार नहीं है चाहे वह किसी भी पद पर बैठा बडा अधिकारी , नेता या एक गाँव का सरपंच क्यों ना हो कोई भी व्यक्ति किसी पर भी अपनी मनमानी नहीं चला सकता |
बच्चों ने पिता से कहा नहीं जाएंगे स्कूल पापा
इस मामले में सबसे दुखद घटना यह रही कि स्कूल में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को भी इस घटना का अब मानसिक रूप से प्रताड़ना को झेलना पड़ रहा है क्योंकि बच्चों ने अपने पिता को बताया की स्कूल में दूसरे बच्चे अब हम लोग के ऊपर हंसते हैं कि तुम लोगों के पास रहने को घर नहीं खाने को खाना नहीं मांग मांग कर खा रहे हो मांग मांग के कपड़े पहन रहे हो यह बात को बोलकर सब हमारे ऊपर हंसते हैं इस वजह से अब हम स्कूल नहीं जाएंगे पापा ऐसा मुझे मेरे बच्चे बोलते हैं |
बार-बार नोटिस देने के बाद भी नहीं किया खाली जगह ग्राम के सरपंच कोमेश कोर्राम ने बताया कि गणेश बघेल को तहसील और पंचायत से बार-बार जगह खाली कराने का आदेश दिया जा रहा था लेकिन वह उस जगह को खाली करने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं था इस वजह से ग्रामीणों ने एक साथ बैठक किया और गांव वालों एवं पंचायत के द्वारा उसके घर को तोड़ दिया गया जिसमें वह हमारे साथ गाली गलौज और मारपीट भी करना शुरू कर दिया और हमने कोई गलत कार्य नहीं किया है
अपराधीयों के खिलाफ करेंगे पूरी कार्रवाई
डौंडी थाना प्रभारी अनिल ठाकुर ने कहा कि जो इस मामले में आरोपी हैं उनके खिलाफ पूरी कार्रवाई की जाएगी जांच कर रहे है बेशक पीड़ित परिवार के साथ गलत हुआ है जो इसमें अपराधी है उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे |
घटना के बाद चोरी हुआ घर से नगद पैसे व जेवर
इस घटना के बाद पीड़ित व्यक्ति अपने छोटे-मोटे कामों से कमाए हुए पैसों को घर में जमा करके रखता था जिसमें लगभग ₹30000 नगद और उनकी पत्नी के पायल मंगलसूत्र जैसे कई कीमती सामान भी घर से चोरी कर लिया गया है |
30 जनवरी का मामला लेकिन अभी तक नहीं हुई कोई ठोस कार्रवाई
30 जनवरी को पूरे भारत में महात्मा गांधी का पुण्यतिथि मनाया जाता है महात्मा गांधी ने सबको सत्य और अहिंसा पर चलने को सिखाया है लेकिन डौंडी ब्लाक के ग्राम सुरडोंगर में घटि यह घटना कुछ अलग ही बात बयां कर रही है |
इस घटना को इतने दिन होने के बाद भी अभी तक इस मामले में कोई ठोस कार्यवाही नहीं किया गया है |
सामाजिक कार्यकर्ता व18 सर्व मूल बस्तरिया समाज दंतेवाड़ा के प्रवक्ता संजय पंत ने कहा कि बीजापुर जिला घोर संवेदनशील जिला है। जहां पर शिक्षा का अलख जगाने हेतु जिले के सभी शिक्षक विषम परिस्थितियों में भी अपना कार्य बखुबी कर रहे हैं। ऐसे में सहायक आयुक्त श्रीकांत दुबे बीजापुर का शिक्षकों को गाली गलौज व अपमान करना कंहा तक जायज है। यही नहीं सहायक आयुक्त ने महिला शिक्षकों को भी नही बख्शा उन्हें भी जातिगत गालियों से व अभद्र व्यवहार से नवाजा जो घोर निंदनीय है। अगर शिक्षकों के द्वारा कुछ भूल हुई हो तो ऑफिशियल दंड दिया जाना चाहिए था। जातिगत गाली गलौज दंडनीय अपराध माना जाता है।18 सर्व मूल बस्तरिया समाज ऐसे कार्य से क्षुब्ध है। साथ ही ऐसे इंसानियत को शर्मसार करने व अपने उच्च पद की गरिमा को खण्डित करने वाले अधिकारी पर सख्त कार्रवाई की मांग करता है।
जगदलपुर। जगदलपुर जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष सुब्रतो विश्वास के खिलाफ जनपद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लगाया है इस पर 28 फरवरी को वोटिंग किया जाएगा। वोटिंग के पूर्व जनपद अध्यक्ष सहित 14 जनपद सदस्य भूमिगत हो गए हैं। इस मामले पर सबकी निगाहें है कि क्या अविश्वास प्रस्ताव पारित होगा या फिर अपनी कुर्सी विश्वास बचा पाएंगे।
ज्ञात हो कि कांग्रेस पार्टी के निर्वाचित सदस्यों ने पिछली बार क्रास वोटिंग कर दिया था जिसके कारण सुब्रतो विश्वास -जिशान कुरैशी से 11-07से जीते थे।
जगदलपुर संभाग मुख्यालय के जनपद पंचायत में निर्वाचन के दौरान कांग्रेस समर्थित जनपद सदस्यों की बाहुल्यता होने के कारण खेमेबाजी में फंसी कांग्रेस पार्टी ने जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सीट गवां बैठे थे और जमकर थु-थु भी हुई थी।इन सबके बीच अब कांग्रेसी एक खेमें में आ गए हैं और जनपद उपाध्यक्ष सुब्रतो विश्वास को पदच्युत करने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लगाया है। बस्तर कलेक्टर रजत बंसल ने इसकी तारीख मुकर्रर कर दिया है और संभवतः 28फरवरी को मतदान होगा। इस मामले में राजनीतिक पारा चरम पर है कि कैसे यह गोलबंदी कायम हो। जनपद पंचायत अध्यक्ष अनीता पोयाम व 14सदस्यों का दल अज्ञातवास चला गया है जोकि संभवतः 28फरवरी को वापस लौटे।
चार सदस्यों के हस्ताक्षर जांच की मांग
जनपद पंचायत उपाध्यक्ष सुब्रतो विश्वास भी हर हथकंडे अपना रहे हैं और उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर ही आपत्ति दर्ज कराई है। बस्तर कलेक्टर को सौंपे पत्र में चार सदस्यों के हस्ताक्षर मिलान करने को कहा है।इन सबके बीच कलेक्टर रजत बंसल फैसला क्या करते हैं?
शिक्षक सहित कर्मचारियों को 2004 से पुराना पेंशन की जगह नवीन अंशदाई पेंशन प्रदान किया जा रहा है। तब से लगातार कर्मचारियों द्वारा पुराना पेंशन बहाल करने के लिए विभिन्न मंच के माध्यम से मांग किया जाता रहा है। राजस्थान से एक सुखद समाचार आया जहां सत्तासीन कांग्रेस नीत गहलोत सरकार द्वारा विधानसभा में राजस्थान के कर्मचारियों के लिए पुराना पेंशन बहाल करने की घोषणा की गई। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि जब से पुराना पेंशन बंद कर नवीन अंशदाई पेंशन लागू किया गया है कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसलिए पुराना पेंशन को बहाल करना जरूरी है।
छत्तीसगढ़ में भी कांग्रेस नीत सरकार सत्तासीन है जिनके द्वारा अपने घोषणा पत्र में कर्मचारियों से पुराना पेंशन बहाल करने का वायदा किया गया हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ जिला बस्तर के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र तिवारी ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी से मांग किया है कि छत्तीसगढ़ में भी शिक्षक – कर्मचारियों के लिए पुराना पेंशन बहाल किए जाने का शीघ्र घोषणा किया जाए और अपने घोषणापत्र में किए गए वायदे को पूरा किया जाए। क्योंकि छत्तीसगढ़ के कर्मचारी भी नवीन अंशदाई पेंशन योजना में अपने आप को असुरक्षित महसूस करते हुए लगातार पुराना पेंशन बहाल करने के लिए विभिन्न मंच के माध्यम से मांग करते आ रहे हैं। कर्मचारियों को सरकार के ऊपर आस्था व भरोषा हैं जिसे बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी हैं। अब वह समय आ गया है कि सरकार इस पर अमल करें और पुराना पेंशन बहाल करने का आदेश जारी करें।
जगदलपुर 24 फरवरी 2022 – डाक बचत योजनाओं को प्रोत्साहन देने के लिए भारतीय डाकघर जगदलपुर द्वारा 24 फरवरी 2022 को ग्राम करीतगांव के हायर सेकेण्डरी स्कूल में डाक विभाग के एसडीआईपी षिवम तिवारी व डाक निदेषक रामगोेविंद पांडे तथा संयोजक हेमंत पांडे की उपस्थिति में डाक जीवन मेला का आयोजन किया गया। जिसमें आसना व बकावंड के उप डाकघरों के समस्त ग्रामीण डाकसेवक उपस्थित थे। इस अवसर पर एसडीआईपी षिवम तिवारी ने जानकारी दी कि जानकारी के अभाव में कई बार लोग डाकघर के अधिकांश योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं। इसलिए समय-समय पर डाकमेला का कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को योजनाओं की जानकारी दी जाती है ताकि लोग जागरूक होकर योजनाओं का लाभ ले सकें। इस अवसर पर डाक विभाग के सभी योजनाएं बचत शााखा, आवर्ती जमा, सावधि जमा, सुकन्या समृद्धि योजना, भविष्य निधि खाता के फायदे के बारे में विस्तार से जानकारी दी गयी। इसके साथ ही ईश्रम कार्ड, आधार कार्ड अपडेषन आदि की भी विस्तृत जानकारी दी गयी। ताकि लोग जागरूक होकर इन योजनाओं का लाभ ले सकें। ग्राम करीतगाव में आयोजित डाकजीवन मेले मंे प्राचार्य लुप्तेष्वर आचार्य, प्रधान अध्यापक भुवनेष्वर पानीग्राही, खोलेष्वर पांडे सहित अन्य लोग उपस्थित थे। इसी प्रकार डाक उप संभाग बस्तर में भी आरपीएचआई कैम्प आयोजित किया गया जिसमें 1 करोड़ 29 लाख 30 हजार रूपए का व्यवसाय प्राप्त किया गया। जिसमें प्रीमियम 92 हजार 450 रूपए, पालिसी के 75, सबएसी के 44, आरडीएसी के 39, एसएसए के 82, टीडीएसी के 5 प्रकरण शामिल हैं।
जगदलपुर। रायगढ़ में तहसीलदार व वकीलों के मध्य हुए विवाद में तहसीलदार पर कार्यवाही की गई किंतु फिर भी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। बस्तर जिले के अधिवक्ताओं ने एक दिवसीय काम बंद हड़ताल कर अपनी ध्यान सरकार की ओर आकर्षित कराने की कोशिश की। वहीं एक दिवसीय हड़ताल की वजह से कई महत्वपूर्ण कार्य राजस्व व जिला न्यायालय में नहीं हुए।
बस्तर जिला बार एसोसिएशन के बैनर तले सुबह से ही न्यायालय परिसर के भीतर तंबू गाड़ कर अधिवक्ताओं ने धरना दिया तदोपरांत रैली की शक्ल में अधिवक्ताओं ने प्रमुख चौक चौराहों से होतेहु कोतवाली थाना परिसर पहुंचे और वहां उपस्थित अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। अधिवक्ताओं ने एक सूर में कहा कि वकीलों के साथ मारपीट में शामिल सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो और जो झूठे प्रकरण वकीलों पर दर्ज हुए हैं उसकी वापसी हो। दूसरी तरफ वकीलों के राजस्व व जिला न्यायालय में काम काज ठप्प करने का बड़ा असर हुआ।आज न्यायालयीन कार्य के भटकते हुए देखा गया।
जगदलपुर।शहर के गणमान्य नागरिक, पत्रकार, स्थानीय लोक संस्कृति के ज्ञाता और अध्येता, कवि और समीक्षक तथा प्रगतिशील लेखक संघ, जगदलपुर के वरिष्ठ सदस्य दिवंगत गोपाल सिम्हा की स्मृति में एक शोकसभा नयापारा के पत्रकार भवन में प्रगतिशील लेखक संघ द्वारा रखी गई। आरंभ में गोपाल सिम्हा के तस्वीर पर श्रद्धा पुष्प अर्पित कर उनके स्मरण में एक मिनट का मौन रखा गया।
शोक सभा की शुरुआत में अपने विचार रखते हुए जगदीश चंद्र दास ने गोपाल सिम्हा को बहुआयामी व्यक्तित्व का बताया जो साहित्य की प्रायः हर विधा में दखल रखने वाले, समीक्षक, पत्रकार और लोक संस्कृति का ज्ञाता और अध्येता थे। उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया।
मदन आचार्य ने अपने संस्मरण में कहा कि चालीस – पैंतालीस वर्षों पूर्व से ही गोपाल सिम्हा जगदलपुर के साहित्य संस्था उद्गम साहित्य समिति और प्रगतिशील लेखक संघ के सक्रिय सदस्य थे और यथासम्भव प्रत्येक गोष्ठी में शामिल रहते थे। अपने आत्मीय,पारिवारिक सम्बन्धों का ज़िक्र भी मदन आचार्य ने किया।
नगर के वरिष्ठ रंगकर्मी और आकाशवाणी के पूर्व उद्घोषक एम. ए. रहीम ने दिवंगत गोपाल सिम्हा के व्यक्तित्व को, लोक संस्कृति के क्षेत्र में उनके ज्ञान के कद को मीनार की तरह ऊँचा कहा। उन्होंने कहा कि हिन्दी भाषा के परिष्कृत रूप के वे ज्ञाता थे। उर्दू भाषा पर भी उनकी अच्छी पकड़ थी। भतरी के श्रृंगार गीतों पर गोपाल सिम्हा ने विशेष काम किया है। बस्तर के क्रांतिकारियों पर भी उन्होंने लिखा है।
उर्मिला आचार्य ने गोपाल सिम्हा के समग्र व्यक्तित्व की चर्चा की और कहा कि गोपाल सिम्हा ओड़िया भाषा के साहित्य की भी पूरी जानकारी रखते थे।
योगेंद्र मोतीवाला ने गोपाल सिम्हा को साहित्य और इतिहास की जानकारी रखने वाला उद्भट विद्वान बताया।
योगेंद्र राठौर ने गोपाल सिम्हा को तेवर और ताप का कवि कहा।
इस शोकसभा में हरीश साहू, प्रकाश चंद्र जोशी और सुनील श्रीवास्तव भी उपस्थित थे।
इन दुग्ध व्यापारियों को मिली अपील के लिए एक माह की मोहलत
जगदलपुर – जिले की जनता और बच्चों की सेहत से खिलवाड़ करते हुए शहर में धड़ल्ले से बीडीएफ और खुशबु डेयरी फार्म द्वारा विगत कई वर्षों से खोवा, दूध बेचा जा रहा था. इनके दूध और खोवा की विगत वर्ष सैंपल लिए जाने के बाद रायपुर से रिपोर्ट आ चुकी है जिसमें इन खाद्य पदार्थों को अमानक पाया गया है. जिले के विभिन्न इलाकों में अपने दुकान खोलने वाले बकावंड के बस्तर डेयरी फार्म सहित अन्य पर प्रशासन अब नकेल कसने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा जैन स्वीट्स का रसगुल्ला भी अमानक करार दिया गया है.
ताज्जुब की बात तो यह है कि विगत वर्ष 29 और 30 अगस्त को लिए गए 24 सैंपलों की रिपोर्ट अब आई है. इस रिपोर्ट में 4 जगहों के सैंपल अमानक मिले हैं. इतने समय में न जाने शहर के कितने बच्चे और अन्य लोग इनके खाद्य पदार्थ खा चुके है और अब तक खरीद भी रहे हैं. मिलावटी पदार्थ होने के चलते जनता की सेहत पर भी बुरा असर पड़ रहा है.
सूत्र बताते हैं कि इन दुग्ध पदार्थ के विक्रेताओं द्वारा शासन को भी गलत जानकारी दी जाती है. अमूमन 30-40 गाय या भैंस रखने वाले ये व्यापारी सरकार को अधिक होने की जानकारी देते हैं. शासकीय जांच में ढिलाई का नतीजा कहीं न कहीं आम जनता को भुगतना पड़ता है. यही नहीं, ये विक्रेता अपनी पैठ का गलत फायदा उठाते हुए खुलेआम जनता की जान के साथ खेलते हैं लेकिन आज पर्यंत इनके विरुद्ध कोई कठोर कार्यवाई नहीं हो पायी है.
खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग, जांच में जिस भी खाद्य पदार्थ की रिपोर्ट को अमानक पाती है, उस दुकानदार के खिलाफ कार्यवाई को लेकर एसडीएम, सीजेएम और ट्रिब्यूनल कोर्ट में मामला दायर करती है. जहाँ से ऐसे दुकानदारों के विरुद्ध कार्यवाई की जाती है. जानकारी के मुताबिक, अब तक ऐसे 60 मामले दर्ज किये गए हैं और इनमें से 60 फीसदी मामलों की सुनवाई पूरी हो चुकी है. वहीँ, सीजेएम और ट्रिब्यूनल न्यायालय में दायर 28 प्रकरणों की सुनवाई जल्द होने की सम्भावना है.
होली पर्व को लेकर खाद्य और औषधि प्रशासन विभाग ने सैंपलिंग लेने की योजना अभी से बना ली है. अधिकारियों का कहना है कि आगामी 7 दिनों के बाद डायरी फार्म, रेस्टोरेंट और होटलों से मिठाइयों की सैंपलिंग की जाएगी. विभाग की गाड़ियों में मौके पर ही जांच रिपोर्ट दी जाएगी.
आगामी दिनों में बीडीएफ, खुशबु डायरी और जैन स्वीट्स के विरुद्ध आगामी दिनों में अपर-कलेक्टर न्यायलय में मामला पंजीबद्ध किया जायेगा. यहाँ इन दुग्ध व्यापारियों के विरुद्ध 5 लाख रुपयों तक का जुरमाना लगाया जा सकता है. दूसरी ओर इन व्यापारियों को अपील करने के लिए एक महीने की मोहलत दी गयी है जिसमें से जांच रिपोर्ट के खिलाफ कुछ ने अपील भी कर दी है, इसका परिणाम एक माह में आ सकता है.