- सत्ता के नशे में चूर रहे मंत्री और दो पिट्ठुओं ने बस्तर में डुबोई कांग्रेस की लुटिया
- फर्जी सर्वें कराकर खास लोगों को दिलाए टिकट
- दमदार दावेदारों की उपेक्षा कर कमजोर प्रत्याशी उतारे
-अर्जुन झा-
जगदलपुर लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार और चुनाव परिणामों का फैक्ट जानने के लिए दिल्ली से छत्तीसगढ़ आई कांग्रेस की फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सामने कांग्रेस का फैक्ट खुलकर आ रहा है। जयचंदों की पोल खुल रही है, भितरघातियों की कलई खोली जा रही है और दोगलों के चेहरों से नकाब उतारा जा रहा है। अमूमन शांत रहने वाले कांग्रेस नेता भी पार्टी की हार के लिए जिम्मेदार नेताओं पर जमकर उबल रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं बस्तर लोकसभा क्षेत्र के पूर्व सांसद दीपक बैज भी पहली बार कुछ ज्यादा ही बिफरे नजर आए। दीपक बैज ने सत्ता और संगठन में तालमेल की कमी को कांग्रेस की हार के प्रमुख कारकों में से एक बताया। विधानसभा चुनावों में बस्तर संभाग की सीटों पर आए विपरीत परिणामों को लेकर भी उन्होंने इसके जिम्मेदार नेताओं के नाम गिनाए।
धीर गंभीर और शांतचित्त स्वभाव वाले नेता दीपक बैज ने खुद पर होते आए अंदरूनी सियासी हमलों के बीच भी हमेशा धैर्य बनाए रखा था। मगर जब पूरे प्रदेश के नेताओं और कार्यकर्ताओं की ओर से कांग्रेस के गद्दारों, दोगलों और भितरघातियों के खिलाफ पुरजोर आवाज उठने लगी तब दीपक बैज का भी धैर्य आखिरकार टूट ही गया। दरअसल छत्तीसगढ़ में पार्टी की किरकिरी कराने वालों की हरकतों को दीपक बैज सहन नहीं कर पाए और उन्हें खुलकर बोलने के लिए मजबूर होना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सामने दीपक बैज पहली बार खुलकर बोले और जब बोले तो एक एक परत उधेड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार के दौरान सत्ता और संगठन में तालमेल की कमी रही। तालमेल तो था, लेकिन अपेक्षाकृत कम रहा। बस्तर में सत्ता के नशे में मदमस्त मंत्री कवासी लखमा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दो सिपाहलसर मिथलेश स्वर्णकार एवं राजीव शर्मा ने पूरे बस्तर संभाग के कांग्रेस विधायकों की नाक में दम कर रखा था। यही लोग नगर निगम के भी निष्ठावान कांग्रेसियों को परेशान करते रहे हैं। संगठन की नहीं सुनकर सत्ता में बैठे लोगों ने फर्जी सर्वे कराकर अपने अपने खास नेताओं को टिकिट दिया और निष्ठावान तथा जिताऊ दावेदारों को उपेक्षित कर दिया, मेहनती और समर्पित कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं को किनारे लगाया। यह भी हार का कारण बने। लोकसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार की समीक्षा के दौरान राजीव भवन में सोमवार को राजनांदगांव और दुर्ग लोकसभा सीटों के नतीजों तथा हार के कारणों के बारे में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने 150 से अधिक लोगों से वन-टू-वन मुलाकात कर उनसे चर्चा की।हार के कारणों के बारे में जाना। चार दिन की समीक्षा के बाद यह बात सामने आई कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस गुटबाजी, भितरघात और सत्ता- संगठन में तालमेल की कमी के कारण चुनाव हारी है। समीक्षा बैठक में फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य वीरप्पा मोइली और हरीश चौधरी सभी लोेकसभा सीटों की समीक्षा के बाद रिपोर्ट एआईसीसी को देंगे।फटा लेटर बम, मचा कोहराम
सोमवार को राजनांदगांव और दुर्ग लोकसभा की बैठक के बीच एक गुमनाम पत्र बाहर आया जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नाम से लिखे गए पत्र में भूपेश बघेल सहित कई बड़े नेताओं को हार का जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें लिखा गया है कि बड़े नेताओं के अहंकार की वजह से छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की हार हुई है। पत्र में डॉ. चरणदास महंत, अकबर और ताम्रध्वज के खिलाफ भी शिकायत की गई है। सूत्रों के मुताबिक पत्र में कहा गया है कि महंत ने भूपेश बघेल और डहरिया को निपटाया है। पत्र में कहा गया है कि चुनाव परिणामों पर समीक्षा करने आज नेता दिल्ली से रायपुर पहुंचे हैं और विधानसभा, लोकसभा चुनावों में हार के कारणों पर चर्चा कर रहे हैं। जबकि आप स्वयं, राहुल गांधी, कुमारी शैलजा, चंदन यादव, सप्तगिरी शंकर उल्का और प्रदेश के सारे नेता जानते हैं कि हार के मात्र दो कारण हैं। पत्र में कहा गया है कि हार का पहला कारण भूपेश बघेल का अहंकार और बदतमीजी से बात करना, एकला चलो की रणनीति, संगठन को दरकिनार करके चलना, जातिवाद की मानसिकता, उनका भ्रष्टाचार और गलत टिकट वितरण करना है। हार का दूसरा कारण बताते हुए कहा गया है सौम्या चौरसिया, रामगोपाल, गिरीश देवांगन, अनिल टुटेजा, सूर्यकांत, विनोद वर्मा, प्रदीप शर्मा, राजेश तिवारी, ढेबर जैसे लोगों को प्रश्रय देना और सट्टा, शराब, कोयला, डीएमएफ, जीएसटी, पीएससी जैसे कई घोटाले, जिनके कारण बघेल पिता- पुत्र और दामाद के खिलाफ ईडी की कार्रवाई की संभावना से डरकर भूपेश बघेल की भाजपा से डीलिंग हुई। विधानसभा और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को हराने का पूरा षड्यंत्र हुआ, जिसमें भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को प्रदेश में हासिए पर ला दिया है। यही वजह है कि उनके मंत्रिमंडल के सभी मंत्री भी हार गए।हारे हुए चेहरों को दोहराया
लोकसभा चुनाव में हारे हुए पुराने चेहरों को टिकट देने का मामला भी फैक्ट फाइडिंग कमेटी के सामने उठा। बताया गया कि दुर्ग से पांच मंत्री थे सब हारे थे। फिर दुर्ग से चार लोगों को दूसरे क्षेत्रों से टिकट दे दिया गया। परिणाम ये हुआ कि सब हार गए। ज्योत्सना महंत जीती तो उसमें चरणदास या कांग्रेस का कोई रोल नहीं है। सरोज पाण्डेय को भाजपा के बड़े नेताओं ने ही हराया। इसमें दो मंत्री और तीन विधायक का रोल है। अमित जोगी और तुलेश्वर मरकाम का भी सहयोग लिया गया और भूपेश बघेल, ताम्रध्वज साहू , चरणदास महंत, रविंद्र चौबे, मो. अकबर, टीएस सिंहदेव तो अपने विधानसभा क्षेत्र में भी पार्टी को लीड तक नहीं दिला सके।मजबूती से साथ खड़े होंगे
वहीं फैक्ट फाइडिंग कमेटी की बैठक को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सत्ता- संगठन के बीच तालमेल था, लेकिन कुछ कमियां रहीं, जिसके चलते हमें चुनाव में सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा सभी सीनियर नेताओं ने कमेटी को सुझाव दिए हैं। आने वाले समय में संगठन को नए तरीके से मजबूत करके सीनियर नेताओं को साथ में लेकर मजबूती से काम करेंगे। आने वाले समय में नगरीय निकाय, पंचायत चुनाव मजबूती के साथ लड़ेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद जिला स्तर पर समीक्षा की गई थी। कहीं ना कहीं कुछ कारण रहा होगा। नई रणनीति के साथ आने वाले समय में लड़ा जाएगा।
सत्ता और संगठन में तालमेल की कमी ही चुनाव में कांग्रेस की हार का कारण बनी: दीपक बैज
नए कानून के संबंध में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन नगर पंचायत चिखलाकसा के सभागार में किया गया
नए कानून के सम्बन्ध में प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन – कानूनों में एकरूपता लाने , पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिशिचित करने के लिए नये कानून भारतीय न्याय संहिता भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1 जुलाई से प्रभावशील होगा | इन तीनो कानूनों के प्रति लोगों में जागरूकता के उद्देश्य से नगर पंचायत चिखलाकसा के सभागार में परिचर्चा का आयोजन किया गया | जिसमे नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमति भिखी मसिया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम सैय्यद, मुख्य् नगर पालिका अधिकारी अरविन्द नाथ योगी, दल्लीराजहरा के थाना प्रभारी सुनील तिर्की समस्त पार्षदगण , हाई स्कूल के सर व मैडम, समस्त आंगनबाड़ी कार्यकर्ता , मितानिन दीदी , समस्त नगर पंचायत कर्मचारियों ( महिला स्व.सहायता समूह, स्वच्छता कमांडो, सफाई कर्मचारी) आदि की उपस्थिति में परिचर्चा को सम्बोधित करते हुए सुनील तिर्की, थाना प्रभारी दल्लीराजहरा द्वारा बताया गया की इस कानून के लागु हो जाने से न्याय प्रकिया और मजबूत होगी, व कानूनों , धाराओ आदि की जानकारी दी गयी |

कांग्रेस पार्टी को लोकसभा में मिली करारी हार के सदमे को बर्दाश्त नही कर पा रहे राहुल गांधी- सागर गनीर
भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला कार्यकारिणी सदस्य सागर गनीर ने कहा राहुल गांधी ने संसद भवन में हिंदुओं के खिलाफ जो बयान दिया है उसको सुनकर ऐसा लगता है कि उनकी दिमागी हालत ठीक नहीं है वह अपने लोकसभा चुनाव में जो हार मिली है उस सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए है राहुल गांधी ने संसद में हिंदुओ को हिंसा, नफरत असत्य कह कर हमारे धर्म के लोग का अपमान किया है आज से राहुल गांधी का नाम हिंसा और नफरत रहेगा जब भी राहुल गांधी का नाम सामने आए तो उनको हिंसा और नफरत करके पुकारा जाए क्योंकि इनके अंदर हिंदुओ के लिए नफरत भरी पड़ी है,इनको मालूम नहीं है कि करोड़ों लोग अपने आप को गर्व से हिंदू कहते हैं, क्या वो सभी लोग हिंसा करते हैं। उन्हें (राहुल गांधी) को माफी मांगनी चाहिए।
अवैध कारोबार के जकड़ में पूरा राजहरा शहर, शराब सट्टा – जुआ का बोलबाला – संजीव सिंह
दल्लीराजहरा शहर में अवैध दारू एवं सट्टा – जुआ का बोलबाला है। पुलिस की कार्यवाही न होने से ऐसे लोगो के हौसले बुलंद हो गए है। भाजयुमो नगर अध्यक्ष संजीव सिंह ने बताया है कि नगर के लगभग सभी वार्डो में धड़ल्ले से अवैध शराब बिक्री एवं जुआ- सट्टा का कारोबार चल रहा है। नगर में कोचियों द्वारा घूम-घूम कर शराब की बिक्री की जा रही है, इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि इन पर पुलिस या प्रशासन का कोई डर नही है। ज्ञात हो कि विगत कुछ महीनों से दल्ली राजहरा के प्रत्येक वार्डो में अवैध शराब बिक्री एवं जुआ- सट्टा का कारोबार चल रहा है ऐसे में पुलिस द्वारा 5-10 पौवे या छोटे जुआरियों को पकड़ कर कार्यवाही कर बड़े अवैध कारोबारियों के करतूत पर लीपा-पोती कर रही है। इसकी जानकारी पुलिस विभाग के साथ ही साथ आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी है इसके बावजूद कार्यवाही न करते हुए हाथ पे हाथ धरे बैठे हुए है। नगर के शासकीय मदिरा दुकान से भी इन कोचियों को भारी मात्रा में शराब का वितरण किया जा रहा है, सूत्रों की माने तो मदिरा दुकान में बैठे कर्मचारियों का भी इसमें बड़ा हाथ है ये कुछ ब्रांडेड कंपनी के शराब को अधिक दाम पर केवल कोचियों को ही उपलब्ध करवा रहे है, जिससे अवैध शराब का कारोबार फल फूल रहा है। भारतीय जनता युवा मोर्चा अध्यक्ष संजीव सिंह द्वारा पूर्व में भी अवैध कारोबार एवं शहर में पड़ रहे इसके दुष्परिणाम की शिकायत पुलिस प्रशासन एवं उच्च अधिकारियों तक कि थी परंतु कुछ दिन के कार्यवाही के बाद शहर में फिर से वही माहौल बन गया है, वार्डवासियों की माने तो कुछ स्थानों पे इन कारोबारियों के कारण आना जाना भी दुश्वार हो गया है। इस अवैध कारोबार को मिल रहे बढ़ावे के कारण युवाओ पर गलत असर पड़ रहा है और उनकी रुचि भी ऐसी अवैध कारोबार की ओर बढ़ रही है।
जगदलपुर में अपराध बढ़े, टीआई को हटाने की मांग
- जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सह सचिव शंकर राव ने जगदलपुर शहर में बढ़ रही चोरी लूट और सट्टा जैसी आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए इन पर प्रभावी नियंत्रण और जगदलपुर कोतवाली के थाना प्रभारी को हटाने की मांग की है।
कांग्रेस नेता शंकर राव ने यहां जारी बयान में कहा है कि कोतवाली थाने के मौजूदा थानेदार अपराधों पर लगाम लगाने में नाकाम साबित हुए हैं। कोतवाली थाने में उनकी तैनाती के बाद से ही पूरे शहर में चोरी, उठाइगिरी, लूट, गांजा, सट्टा जैसे आपराधिक कृत्य बढ़ गए हैं। लोगों का चैन छिन गया है, नागरिक अब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगे हैं। कांग्रेस के प्रदेश सचिव शंकर राव ने कहा है कि बस्तर में सैकड़ों विदेशी और घरेलू पर्यटक आते हैं तथा ज्यादातर पर्यटक जगदलपुर के ही होटलों में रुकते हैं। अगर इन पर्यटकों के साथ कोई आपराधिक घटना होती है, तो यह बस्तर के माथे पर बड़ा कलंक साबित होगी। श्री राव ने पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा से आग्रह किया है कि अवैध कार्यों पर रोक लगाने के लिए किसी तेज तर्रार और सजग निरीक्षक की नियुक्ति कोतवाली थाने में की जाए।उन्होंने कोतवाली टीआई श्री जांगड़े पर आरोप लगाते हुए कहा कि जबसे इनकी कोतवाली में पदस्थापना हुई है शहर का वातावरण दूषित हो चला है। हर वार्ड में अपराध बढ़ गए हैं। चोरी छीना झपटी जैसे अपराध आम हो चले हैं। शंकर राव ने पुलिस अधीक्षक से ऐसे कार्यों पर रोक लगाने और ऐसे अकर्मण्य नगर निरीक्षक को तत्काल हटाने की मांग की है।
शास पूर्व माध्यमिक शाला करियाटोला मे मनाया गया नेवता भोज व प्रवेश उत्सव
- शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय करियाटोला मे बड़े हर्षोल्लास के साथ नेवता भोज के साथ नव प्रवेशी बच्चों का प्रवेश उत्सव का आयोजन किया गया..
शासन द्वारा किसी अवसर पर खुशियों को स्कूल मे साझा करने के उद्देश्य से नेवता भोज को प्रोत्साहित कर रहा है.. . शासन की इस योजना का अनुसरण करते हुए शिक्षक उमेन्द्र कुमार कौशिक ने अपनी प्रथम पुत्री रत्न प्राप्त होने के उपलक्ष्य मे स्कूल मे नेवता भोज का आयोजन शाला प्रवेश उत्सव के साथ किया..

कार्यक्रम मे मुख्य अतिथि के रूप मे श्री संजय बैस जी ( सदस्य जनपद पंचायत. डोंडी) . विशिष्ट अतिथि श्री गणेश राम सेवता ( सरपंच, ग्राम पंचायत धुरवाटोला), अध्यक्षता श्री गुंजन रामटेके ( शिक्षक) , विशिष्ट अति. श्री जंगलू राम आर्य (अध्यक्ष. शाला प्रबंधन समिति), श्री पीलू राम कोमरे जी उपाध्यक्ष शाला प्रबंधन समिति. रहे..
कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती माता की पूजा अर्चना से हुई,, व अतिथि स्वागत पश्चात् अतिथि उद्बोधन मे सर्वप्रथम सरपंच महोदय श्री सेवता जी ने बच्चों के सर्वान्गिंण विकास पर जोर डाला. बच्चों को समय सारिणी का पालन करने और गृह कार्य की महत्ता को सांझाया.

तत्पश्चात मुख्य अतिथि श्री संजय बैस जी ने.. बच्चों को उद्बोधित करते हुए कहा कि अगर जीवन मे सफल होना है तो किताबों से मित्रता कर लो… किताबों से बढ़कर दुनिया मे कोई अच्छा मित्र नही हो सकता.. साथ ही शिक्षकों के बताये रास्तो का अनुसार चलोगे तो मंजिल अवश्य प्राप्त होती है
बस्तर लोकसभा क्षेत्र की समीक्षा बैठक में लखमा को उनकी करनी याद दिला दी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने
- दिल्ली के नेताओं के सामने खोलकर रख दी लखमा की कुंडली
- विधानसभा चुनाव में की गई करतूत का खोल कर रख दिया कच्चा चिट्ठा
–अर्जुन झा-
जगदलपुर दो दिन पहले जो कवासी लखमा रायपुर में हुई समीक्षा बैठक में अपनी हार का ठीकरा प्रदेश के नेताओं पर फोड़ते हुए आग बबूला हुए जा रहे थे, उन्हीं कवासी लखमा को कांकेर में हुई फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की बैठक में मुंह की खानी पड़ गई। कवासी लखमा पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा था। कार्यकर्ताओं ने उन्हें जमकर खरी खोटी सुनाई और विधानसभा चुनाव के दौरान उनके द्वारा कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ की गई साजिश का कच्चा चिट्ठा बड़े नेताओं के सामने खोलकर रख दिया।
लोकसभा चुनावों के परिणामों के मद्देनजर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग कमेटी के सदस्य हरीश चौधरी ने कांकेर और बस्तर लोकसभा क्षेत्रों के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मिलकर लोकसभा चुनाव परिणाम के मसले पर चर्चा एवं समीक्षा की। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस के सह प्रभारी विजय जांगिड़, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मंत्री मोहन मरकाम, पूर्व मंत्री कवासी लखमा, राष्ट्रीय सचिव राजेश तिवारी, विधायक सावित्री मंडावी, कांकेर लोकसभा क्षेत्र से पार्टी प्रत्याशी बीरेश ठाकुर सहित अन्य वरिष्ठ नेता उपस्थित थे। बस्तर लोकसभा क्षेत्र से पहुंचे वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने भरी बैठक में बस्तर लोकसभा सीट से प्रत्याशी रहे पूर्व मंत्री कवासी लखमा का पूरा काला चिट्ठा खोलकर रख दिया। लखमा के मुंह के सामने कार्यकर्ताओं ने कहा कि बस्तर के प्रभारी मंत्री रहते कवासी लखमा ने पार्टी कार्यकर्ताओं का जरा भी सम्मान नहीं किया और न ही किसी कार्यकर्ता का कोई काम किया। इसका
खामियाजा कवासी लखमा को भोगना पड़ा और उनकी करतूत के कारण ही बस्तर में कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है। कवासी लखमा की बस्तर से उम्मीदवारी का दुष्प्रभाव पड़ोसी कांकेर लोकसभा सीट पर भी पड़ा है। बैठक में कोंडागांव, दंतेवाड़ा, नारायणपुर और चित्रकोट विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने कवासी लखमा के हर कृत्य की पोल खोलते हुए नेताओं के समक्ष उनकी शिकायत की। क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं का आक्रोश इस कदर बढ़ चुका था कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को बीच बचाव करना पड़ा। दीपक बैज ने नेताओं कार्यकर्ताओं को बीती बातें भूल जाने की नसीहत देते हुए स्थानीय निकायों के चुनावों में एकजुट होकर काम करने को कहा। दीपक बैज कवासी लखमा का बचाव करते भी नजर आए।
विस चुनाव में किया भितरघात
गुस्साए क्षेत्रीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कहा विधानसभा चुनाव में कवासी लखमा ने पार्टी प्रत्याशियों को हराने के लिए हर दांव खेला, भितरघात किया। कोंडागांव, नारायणपुर, दंतेवाड़ा व चित्रकोट विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के बीच रुपए, मुर्गे, बकरे और शराब बांटकर उन्हें पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ भड़काया, कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनाव हराने में बड़ी भूमिका निभाई। इस वजह से नुकसान लोकसभा चुनाव में भी कांग्रेस को हुआ। सभी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कवासी लखमा ने संगठन के नेताओं को दरकिनार कर चुनाव लड़ा। बिना सिर पैर की बातें करना, उल जलूल भाषण देना, गाली गलौज करना भी भारी पड़ा है लखमा को। नेताओं कार्यकर्ताओं ने कहा कि कवासी लखमा ने बस्तर का सबसे बड़ा नेता होने का दंभ पाल लिया था। अभिमान उन पर इस कदर हावी हो गया था कि वे दूसरे नेताओं को अपने सामने तुच्छ समझने लगे थे। यह अभिमान भी उन्हें भारी पड़ा है। कार्यकर्ताओं का साफ कहना था कि बस्तर से लखमा की जगह कोई और प्रत्याशी होता तो हम यह सीट बड़ी आसानी से निकाल लेते। नेताओं व कार्यकर्ताओं ने तो कवासी लखमा के खिलाफ कड़ा एक्शन लेने की मांग भी वरिष्ठ नेताओं से कर डाली। सूत्र बताते हैं कि क्षेत्रीय नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के ऐसे तेवर को देख कवासी लखमा की सिट्टी पिट्टी गुम हो गई थी।
कुछ नेताओं की फजीहत
खबर है कि फैक्ट फाइंडिंग कमेटी की कांकेर में हुई बैठक में बस्तर के कुछ नेताओं की बड़ी फजीहत भी हुई है। दरअसल ये नेता बिन बुलाए मेहमान की तरह बैठक में पहुंच गए थे और चर्चा के बीच टांग अड़ाने की कोशिश कर रहे थे। सूत्रों के मुताबिक राज्य में कांग्रेस की सत्ता के दौरान बड़े पदों पर रहे जगदलपुर के नेता मिथिलेश स्वर्णकार, राजीव शर्मा व कुछ अन्य नेता पर्यवेक्षक से मिलने की कोशिश कर रहे थे। इन नेताओं ने बीच बैठक में जबरिया घुसने की कोशिश की और बीच बीच में वे टोका टाकी भी करने लगे थे। बताते हैं कि इन नेताओं की बेजा हरकत को देख दिल्ली से आए नेता बेहद नाराज हो उठे थे। अंततः वरिष्ठ नेता हरीश चौधरी द्वारा मिथिलेश स्वर्णकार व राजीव शर्मा व उनके साथ गए अन्य नेताओं को बुरी तरह डांट कर बाहर निकाल दिया गया। इस दौरान इन नेताओं की हालत बड़े बे- आबरू होकर तेरे कूंचे से निकले जैसी हो गई थी। सूत्रों का कहना है कि इन नेताओं को रायपुर में बैठे उनके आका ने बैठक की गतिविधियों की टोह लेने, अपने (रायपुर के नेता) खिलाफ उठने वाली आवाज के विरोध में आवाज बुलंद करने तथा कवासी लखमा की पुरजोर हिमायत करने के लिए भेजा था। मगर उनकी दाल नहीं गल पाई। बैठक से इन दोनों नेताओं को बाहर कर दिए जाने के बाद अन्य नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जगदलपुर के इन दोनों नेताओं के खिलाफ भी आवाज उठाई। शिकायत की कि इन दोनों नेताओं ने रायपुर में बैठे अपने आका के इशारे पर कवासी लखमा के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव के दौरान दंतेवाड़ा, चित्रकोट, नारायणपुर व कुछ अन्य सीटों के प्रत्याशियों के खिलाफ काम किया था।
दफ्तर में ताला जड़ा कलेक्टर ने
जगदलपुर कलेक्टर द्वारा ली जाने वाली टाइम लिमिट बैठकों में टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारी की अनुपस्थिति से नाराज कलेक्टर ने विभाग के कार्यालय में ताला जड़ दिया है। कार्यालय में पिछले सात दिनों से ताला लटका हुआ है। सूत्रों से मिली जानकारी और विभाग के कुछ कर्मचारियों के बताए अनुसार के हर सप्ताह कलेक्टोरेट में होने वाली टाइम लिमिट बैठक में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अधिकारियों की लगातार अनुपस्थिति को कलेक्टर ने गंभीता से लेकर यह कदम उठाया है। ऐसा करके कलेक्टर ने सभी विभागों के अफसरों को साफ संदेश दे दिया है कि अगर आप समय सीमा में विभागीय प्रकरणों के निपटारे में और टाइम लिमिट बैठक में आकर अपने विभाग की जानकारी दे पाने में असक्षम हैं, तो आपके कार्यालय का भी कोई औचित्य नहीं है। कलेक्टर के इस सख्त तेवर से दूसरे विभागों के अधिकारियों में भी हड़कंप के हालात हैं।


बस्तर को बेहतर और खुशहाल बनाने के लिए एकजुट प्रयास की जरूरत: केदार कश्यप
- परिचर्चा में वन मंत्री कश्यप ने रखे बेहतरीन विचार
जगदलपुर प्रदेश के वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप रविवार शाम को जगदलपुर के एक निजी होटल में एक दैनिक समाचार पत्र के जगदलपुर संस्करण के स्थापना समारोह के दौरान बस्तर का विकास एवं चुनौतियां विषय पर परिचर्चा में शामिल हुए।

इस दौरान मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि बस्तर में विकास की असीम संभावनाएं हैं, इसे दृष्टिगत रखते हुए हम सभी बस्तरवासियों को एकजुट होकर बस्तर के समग्र विकास और यहां के आदिवासियों के हितों की दिशा में पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि प्रकृति ने बस्तर को हर तरह से समृद्ध बनाया है। यहां किसी चीज की कमी नहीं है।विकास के द्वार खुल गए हैं, विकास और शांति की राह पर माओवाद ने चुनौतियों की जो दीवार खड़ी कर रखी थी, वह भी तेजी से दरकती जा रही है। बस्तर तेजी से अमन और विकास की ओर अग्रसर हो रहा है। अब चुनौती सिर्फ इतनी है कि दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर के सुदूर गांवों तक मौलिक सुविधाएं और विकास की रौशनी कैसे पहुंचाएं। इसके लिए हम सभी को दलगत और हर तरह की भावना से ऊपर उठकर शासन प्रशासन के सकारात्मक प्रयासों में सहचर बनना होगा। मुझे भरोसा है कि ऐसा करके हम बस्तर को और भी बेहतर बनाने में जरूर कामयाब हो जाएंगे।
कार्यक्रम में विधायक जगदलपुर किरणदेव और अन्य जनप्रतिनिधियों सहित कुलपति शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय जगदलपुर प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव, बस्तर अंचल के नवाचारी कृषक व पर्यावरणविद डॉ. राजाराम त्रिपाठी और प्रबुद्ध समाज विज्ञानी प्रोफ्रेसर एम. अली सहित बस्तर ईलाके के प्रबुद्ध अध्येता, साहित्यकार, रचनाकार, स्थानीय लोक साहित्यकार, बुद्विजीवी पत्रकारवृन्द,समाजसेवी एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ ही बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
रोटरी क्लब जगदलपुर ने किया रोटरी डायबिटीज क्लीनिक का शुभारंभ
- होगा डायबिटीज और बीपी का निशुल्क इलाज
जगदलपुर रोटरी क्लब और स्पर्श पॉली क्लीनिक एंड डायग्नोस्टिक सेंटर द्वारा रोटरी डायबिटीज क्लीनिक का शुभारंभ बस्तर जिले के सीएमएचओ डॉ. आरके चतुर्वेदी के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर संस्था रोटरी क्लब के अध्यक्ष रोटेरियन दिनेश कागोत ने बताया कि रोटरी क्लब द्वारा पहली बार एक साल के लिए डायबिटीज क्लीनिक रोटरी भवन में खोला जा रहा है। यहां हर माह के दूसरे ओर चौथे रविवार को डायबिटीज एवं बीपी से संबंधित बीमारियों का विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा निशुल्क इलाज किया जाएगा। वहीं मुख्य अतिथि सीएमएचओ डॉ. आरके चतुर्वेदी ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य जागरुकता के बहुत कार्य करती है और रोटरी क्लब का यह किया जाने वाला कार्य सरकार प्रयासों में मददगार साबित होगा।

इस मौके पर संस्था के एवं पूर्व वन विकास निगम अध्यक्ष श्रीनिवास राव मद्दी ने कहा कि रोटरी क्लब का यह कार्य सराहनीय है और सरकार की तरफ से और भी सहयोग करने की बात कही। स्पर्श क्लीनिक के स्टाफ और डॉ. वजना ठाकुर ने इस कार्य में रोटरी क्लब की हर संभव मदद करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन रोटेरियन विवेक सोनी ने किया। मंच संचालन क्लब सचिव रोटेरियन डॉ. मनोज थॉमस ने किया। इस मौके पर सत्यनारायण अग्रवाल, विजय हेलीवाल, पुष्पी अग्रवाल, संजय बथवाल, प्रकाश चावड़ा, जेपीएस आहुवालिया, डॉ. सरिता थॉमस, संदीप पारख, राहुल पारख सहित रोटरी एवं स्पर्श क्लीनिक के सदस्य उपस्थित थे।


