जगदलपुर। विगत कई वर्षों से कांग्रेस पार्टी का विजय रथ कवासी लखमा थामें हुए हैं और इनको रोकने के लिए छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी पुरेंदश्वरी ने अमेठी मॉडल लागू करने पर विचार कर रही है क्योंकि कांग्रेस पार्टी के अभेद किले अमेठी में राहुल गांधी को हराकर स्मृति ईरानी ने हरा दिया था और महिला नेत्री दीपिका सोरी की पैठ लगातार बढ़ रही है क्योंकि वह पार्टी के लिए जमीन स्तर पर कार्य कर रही है।
सुकमा जिले के कोंटा विधानसभा में इन दिनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अंदरुनी तौर पर सक्रिय है और इनकी महिमा विंग की पदाधिकारी दिपीका सोरी हर उस जगह पहुंच रही हैं जहां उस क्षेत्र का भाजपाई पदाधिकारी नहीं पहुंच रहा है जिसके कारण दिपीका सोरी पर भाजपा भरोसा जताकर चुनाव लड़ा सकती है। भाजपा को खोने के लिए कुछ नहीं है जिसके कारण वह इस क्षेत्र में अपनी ताकत ज्यादा दिखाने के बजाए महिला को आगे कर सकता है।
कलेक्टर घेराव में आरएसएस का हाथ, कांग्रेसी मुगालते में
विधायक कवासी लखमा व उसके सहयोगी इन दिनों मुगालते में है कि लखमा अजेय योद्धा हैं और अपने क्षेत्र को भाजपाई विचारधारा के लोगों को आगे बढ़ाया जा रहा है। वहीं तेलगु भाषी महिला डी पुरंदेश्वरी के बैठक के बाद भाजपाईयों में एक आस जगी है तो कल जो कलेक्ट्रेट घेराव का मामला सामने आया है उसके पिछे अंदरुनी क्षेत्र के आरएसएस के लोगों की जुगलबंदी के कारण बड़ा प्रदर्शन इतिहास में पहली बार हो गया जिसको खुफिया एजेंसियों ने नोटिस भी नहीं किया और आंदोलन को विफल करने का प्रयास भी नहीं किया गया है।
खैरागढ़। कांग्रेस आलाकमान सोनिया गांधी के उस पत्र के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि रिक्त हुए इस विधानसभा के लिए स्व देवव्रत सिंह के परिवार से प्रत्याशी कांग्रेस से नहीं होंगे। परन्तु अब सवाल यह उठता है, कि गत चुनाव मे भाजपा के सत्ता मे रहते त्रिकोणीय मुकाबले मे अपने नेता को कठिन हालातों से जीताकर लाने वाले वे रणनीतिकार आख़िरकार इस बार किसके साथ है या होगे? इसके साथ ऐसे दर्जन भर सवाल है, जिसकी देखी अनदेखी इस उपचुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकती है।
(वनांचल मे सिर्फ देवव्रत कोई पार्टी नही) देश में प्रारंभ हुए आम चुनाव के साथ ही साथ इस विधानसभा सहित आने वाले वनांचल को खैरागढ राजपरिवार के लिए सबसे सुरक्षित माना जाता है ।जहां से उनके रणनितिकारों ने विषम हालातों में भी इस बार भी उस इलाके से गारंटी के साथ जिताकर लाए थे ।परन्तु इस बार हालात अब बदल चुके हैं तो ऐसे में जब आज वे कांग्रेस में भी नही है तो अब क्या होगा?
(30हजार के नाव से नैया पार कैसे होगी
घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
यदि गत चुनाव का अध्यन करें तो पता चलता है कि तब कांग्रेस को मात्र एक्त्तिस हजार मतों से संतोष करना पडा था । जबकि कांग्रेस प्रत्याशी वर्तमान विधायक भी थे । उन सबके बावजूद भी स्व देवव्रत सिंह ने लाए 61 हजार मत प्राप्त कर इस सीट पर कब्जा जमाया था । जबकि दूसरे स्थान पर पहुंची भाजपा लगभग साठ हजार मत प्राप्त करने में सफलता पाई थी ऐसे में अब की बार कांग्रेस को जीत के लिए कम से कम अस्सी से नब्बे हजार मतों की आवश्यकता होगी।
(दो लाख से अधिक मतदाता) जानकारी के मुताबिक इस विधानसभा क्षेत्र में लगभग दो लाख से अधिक मतदाता है। और यदि अस्सी प्रतिशत मतदान होता है तो, पर भी जीतने के लिए लगभग अस्सी से नब्बे हजार मतों की जरूरत होगी ही। उसे पाने के लिए कांग्रेस को बहुत ज्यादा मेहनत करना पड़ेगा ,जिसके लिए अब समय बहुत ही काम है।
(देवव्रत जी का वोट रणनितिकारों के बिना किसी का नहीं) यह बात अब आम चर्चा का विषय है कि बिना देवव्रत सिंह के उनके सिपहसलारों का साथ किसको मिलेगा ? क्योंकि उनमें से आज भी अनेकों का कांग्रेस पार्टी में प्रवेश नही हुआ है । यद्यपि कानूनी उलझनों के कारण श्री सिंह व साथियो का कांग्रेस प्रवेश नही हो सका था परन्तु उनका साथ कांग्रेस के साथ ही रहा, विधायक निर्वाचित होने के उपरांत वे सदैव कांग्रेस के साथ ही रहे साथ ही राज्य सरकार को प्रेषित विकासपरक प्रस्ताव पर भी शासन द्वारा मुहर लगते रहा है , जो उनके कार्यप्रणाली को स्पष्ट करता है। देवव्रत सिंह ने लोक सभा में बहु खुलकर भोलाराम साहू के लिए वोट मांगा था। उसके बाद हुए नगरीय निकाय चुनाव में कांग्रेस प्रत्यासियों के घर घर जाकर प्रचार किये ,और तो और उनके ही नेतृत्व में जनपद की नैया कांग्रेस की पार लगाई थी।जिसकी चर्चा जनमानस में आज भी जीवित है, जिसे नकारा नहीं जा सकता है।
(एकमंच पर लाना कठिन पर जीत की गारंटी) विष्लेशकों की माने तो स्व राजा देवव्रत सिंह के उन ईमानदार साथियों सहित जमीनी कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियो को एक मंच पर लाना शायद एक कठिन राह हो सकती है ।परन्तु असंभव नही है। मगर एक बात साफ है कि उनका साथ होना कांग्रेस की नैया पार लगने की उम्मीद जरूर जगाती है।
(वनांचल के 39 मे से 36 बूथ जितने का रिकार्ड) याद हो कि इस विधानसभा क्षेत्र मे जीत हार के फैसले मे वनांचल स्थित मतदान केन्द्र का महत्वपूर्ण स्थान रहता चला आया है , गत चुनाव में भी यहां के लगभग उनचालीस बूथो में से छत्तीस मे स्व देवव्रत सिंह को भारी भरकम बढत मिली थी । और यंही से उनका विजयरथ रवाना हुआ था । जो कि विजयी तिलक लगाकर ही लौटा जिसके लिए कांग्रेस को आज भी रणनिति की जरूरत होगी। ज्ञात हो कि अकेले वनांचल ने स्व, राजा देवव्रत सिंह को लगभग 4750 वोटों से बढ़त दिलाकर विधान सभा पहुचने का रास्ता साफ कर दिया था। जो स्व, राजा देवव्रत सिंह के प्रति अपनी कृतज्ञता दिखाने के लिए काफी था।
इस प्रकार से स्व देवव्रत सिंह के निधन के बाद रिक्त हुए इस विधानसभा क्षेत्र मे होने वाला उपचुनाव किसी भी के लिए परोसी हुई खीर साबित नही होने वाली है। अपितु अपने भूले बिसरे छिटके साथियो को लेकर एक विजयी रणनिति के साथ चलने से ही दलो को विजयी तिलक प्राप्त हो सकेगा।
एक ओर बढ़ते हुई रोड दुर्घटनाओं को लेकर नगरपालिका उपाध्यक्ष ने आज चक्का जाम की घोषणा की थी किन्तु प्रशासन द्वारा आज सुबह ही उन्हें चक्का जाम स्थल में पहुँचने से पहले ही घर से गिरफ्तार कर लिया गया |
वहीँ दूसरी ओर नामदेव कॉलोनी के पास मेन रोड में आज सुबह 10 बजे के आसपास एक 14 चक्का ट्रक साइकिल से जा रहे युवक जोहन राम उम्र 40 वर्ष निवासी अरमुरकसा को कुचल कर फरार हो गया | युवक की मौके पर ही मौत हो गई | मौके पर पुलिस पहुँच ट्रक के चपेट में आये युवक को 108 की सहायता से ले जाया गया | दल्लीराजहरा में हो रही लगातार सड़क दुर्घटनाओं में हो रही मृत्यु के कारण लम्बे समय से बायपास रोड की मांग की जा रही है किन्तु प्रशासन की अनदेखी एवं स्थानीय नेताओं की उदासीनता के कारण यह मांग आज पर्यंत तक घोषणा के बाद भी लंबित है इन्ही मांगो को लेकर नगरपालिका के उपाध्यक्ष संतोष देवांगन द्वारा तीन सूत्रीय मांग जिसमे बायपास सड़क, शराब बंदी एवं 100 बिस्तर अस्पताल को लेकर आशा टाकिस के सामने मुख्य मार्ग पर आज चक्काजाम किया जाने की घोषणा की थी किन्तु प्रशासन द्वारा आज सुबह ही उन्हें घर से गिरफ्तार कर रेस्ट हाउस ले जाया गया है |
घर बैठे Amazon के साथ ऑनलाइन शॉपिंग करें, स्पेशल ऑफर के साथ लिंक क्लिक करें
खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव के लिए लंबी बैठको और मंथन के बाद आज कांग्रेस पार्टी ने अपने प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस पार्टी ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
खैरागढ़ विधानसभा क्रमांक 73 के उपचुनाव को लेकर प्रत्याशी चयन करना राजनीतिक दलों के सामने टेढ़ी खीर साबित हो रहा था, दावेदारों की लंबी फेहरिस्त के बीच कांग्रेसी पार्टी ने अपने विधानसभा उपचुनाव प्रत्याशी के नाम की घोषणा कर दी है। कांग्रेस ने खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस की अध्यक्ष यशोदा नीलांबर वर्मा को अपना प्रत्याशी बनाया है। यशोदा वर्मा के नाम की घोषणा होने के बाद उनके समर्थक उन्हें बधाई देने पहुंचने लगे। कांग्रेस पार्टी के द्वारा प्रत्याशी बनाए जाने को लेकर यशोदा वर्मा ने कहा कि वह जनता के बीच प्रदेश की भूपेश बघेल सरकार के विकास कार्य और उनकी योजनाओं को लेकर जाएंगी, उन्हें पूरी उम्मीद है कि खैरागढ़ क्षेत्र की जनता कांग्रेस पार्टी के पक्ष में मतदान करेगी।
यशोदा वर्मा को प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी से की गई है। यशोदा वर्मा वर्ष 1999 से 2014 तक देवारीभांट से सरपंच रह चुके हैं, तो वही पूर्व जिला पंचायत सदस्य के साथ ही वह कांग्रेस पार्टी के संगठन में कई पदों पर रही हैं और वर्तमान में वे खैरागढ़ महिला ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष है। इसके अलावा यशोदा वर्मा लोधी समाज महिला विंग की जिलाध्यक्ष भी है। खैरागढ़ विधायक देवव्रत सिंह के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया की जा रही है। खैरागढ़ के राजा स्वर्गीय देवव्रत सिंह कांग्रेस पार्टी से विधानसभा चुनाव जीते आए हैं, लेकिन वर्ष 2018 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस पार्टी छोड़कर जनता कांग्रेस-जे से चुनाव लड़ कर जीत हासिल की थी। ऐसे में यहां उपचुनाव के लिए राजपरिवार से ही किसी को प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा भी रही, लेकिन लोधी समाज की बाहुल्यता वाले खैरागढ़ विधानसभा क्षेत्र में जाति समीकरण को देखते हुए कांग्रेस ने लोधी समाज से ही यशोदा वर्मा पर भरोसा जताया है और उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है।
सांसद बैज ने जगदलपुर में नए एयरपोर्ट व नाइट लैंडिंग की मांग भी केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के समक्ष रखी..
आज लोकसभा में लगातार दूसरे दिन भी बस्तर सांसद दीपक बैज ने बस्तरवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए फिर एक बार बस्तर में हवाई सेवा विस्तार का मुद्दा केन्द्रीय उड्डयन मंत्रालय के अनुदान मांग की चर्चा में सांसद बैज ने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा बस्तर जैसे क्षेत्र से अन्य पड़ोसी राज्यों एवं बड़े शहरों को जोड़ने की आवश्यकता है जिससे बस्तर को उक्त शहरों से कनेक्टिविटी मिल सके।
⭕ कोलकाता-झारसुगुड़ा-जगदलपुर-विशाखापट्टनम..
⭕ बेंगलुरु-विशाखापट्टनम-जगदलपुर..
⭕ भुवनेश्वर-जगदलपुर विशाखापट्टनम-हैदराबाद..
⭕ नागपुर-जगदलपुर- विशाखापट्टनम..
जैसे फ्लाइट संचालित करने की आवश्यकता है साथ ही सांसद बैज ने केंद्रीय उड्डयन मंत्रालय के समक्ष ध्यान आकर्षित करते हुए कहा की जगदलपुर में बहुत पुराना एयरपोर्ट है यहां नए एयरपोर्ट बनाने की आवश्यकता है साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां नाइट लैंडिंग की व्यवस्था भी होनी चाहिए ताकि रात में कोई भी फ्लाइट या हेलीकॉप्टर उड़ सके इस हेतु जगदलपुर एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।ज्ञात हो कि इस से पूर्व भी सांसद दीपक बैज द्वारा वर्तमान में चल रहे हवाई सेवा को लेकर भी पिछले समय लोकसभा में आवाज बुलंद की थी जिसकी वजह से आज हवाई यात्रा चालू है आगे भी इस तरह से बस्तर से होते हुए अन्य नए शहरों तक कनेक्टिविटी मिल सके इसके लिए लगातार प्रयासरत है।
बस्तर जिला के वनकर्मचारी हड़ताल में बैठे हैं और इधर लकड़ी तस्करों की बल्ले बल्ले हो गयी है वन कर्मचारियों के हड़ताल का लाभ उठाते हुए लकड़ी तस्कर आज दिनाँक 22-03-2022 को एक टाटा पिकअप वाहन में 20 नग सागौन लकड़ी तस्करी करते हुए परपा थाना जगदलपुर द्वारा पकड़ा गया और आगामी कार्यवाही करने हेतु वन परिक्षेत्र कार्यलय में वाहन लकड़ी सहित भेजा गया है ।
लकड़ी की नापजोख कर आगे की कार्यवाही जारी है। उक्त जानकारी अमित कुमार झा जिला संरक्षक वनकर्मचारी संघ बस्तर के द्वारा दी गयी।
पिपरिया, कुंडा, बचरापोड़ी, चलगली, हसौद और सरगांव में नई तहसील की घोषणा
अगले कैलेंडर वर्ष से पत्रकारों की अधिमान्यता का नवीनीकरण 2 वर्ष में
रायपुर/ छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज चर्चा के बाद 1 लाख 12 हजार 603 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि का छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक 2022 पारित कर दिया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सदन में हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा] छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था देश के पहले से स्थापित बड़े राज्यों की तुलना में बहुत अच्छी है। राज्य के पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है और वित्तीय घाटा भी बेहतर वित्तीय प्रबंधन और अनुशासन से लगातार कम किया जा रहा है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ में राजस्व सरप्लस की स्थिति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण राज्य के राजस्व में कमी आई, लेकिन बेहतर वित्तीय प्रबंधन के चलते हम कम ऋण भी ले रहे हैं। राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2012-13 के बाद सबसे कम ऋण इस वर्ष लिया है। चालू वर्ष में केवल एक हजार करोड़ का शुद्ध ऋण लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, राज्य सरकार सर्वजन हिताय- सर्वजन सुखाय की भावना के साथ काम करते हुए प्रदेश के किसानों, आदिवासियों युवाओं, महिलाओं, मजदूरों के हित में प्रारंभ की गई योजनाओं को पूरा करेगी और मितव्ययता को अपनाते हुए अनुत्पादक व्ययों में कमी लाने का हर संभव प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री ने चर्चा के दौरान सदस्यों द्वारा नवीन तहसीलों के गठन की मांग पर सदन में कबीरधाम जिले में पिपरिया और कुंडा, कोरिया जिले में बचरापौड़ी, बलरामपुर में चलगली, जांजगीर-चांपा जिले में हसौद और मुंगेली जिले में सरगांव में तहसील के गठन की घोषणा की। उन्होंने पत्रकारों को अधिमान्यता के नवीनीकरण में होने वाली व्यवहारिक कठिनाइयों को देखते हुए अधिमान्यता नियम में संशोधन करने तथा अगले कैलेंडर वर्ष से पत्रकारों की अधिमान्यता का नवीनीकरण 2 वर्ष में करने की घोषणा की।
केंद्रीय करों में कमी के कारण लिया ऋण
मुख्यमंत्री ने राज्य के वित्तीय प्रबंधन की जानकारी देते हुए कहा कि पिछले 3 वर्षो में केन्द्र सरकार से केन्द्रीय करों में राज्य के हिस्से की राशि में 13 हजार 89 करोड़ रूपए की कमी तथा कोविड आपदा के कारण राजस्व में अपेक्षित वृद्धि नहीं होने के कारण राज्य सरकार को ऋण लेना पड़ा। राज्य सरकार द्वारा केवल 33 हजार 886 करोड़ रूपए का शुद्ध ऋण लिया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के पूंजीगत व्यय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2021-22 के मुख्य बजट में पूंजीगत व्यय हेतु 13,839 करोड़ का प्रावधान था, जो पुनरीक्षित अनुमान में बढ़कर 14,191 करोड़ तथा वर्ष 2022-23 के बजट में 15,241 करोड़ रखा गया है। इसी प्रकार वित्तीय घाटा भी लगातार कम किया जा रहा है।
रायपुर। राज्य शासन ने 14 परिवीक्षाधीन डिप्टी कलेक्टरों को जनपद पंचायतों में मुख्य कार्यपालन अधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग से मंगलवार को जारी आदेश में जिन लोगों को नई पदस्थापना दी गई है उनमें अनुपम आशीष टोप्पो डिप्टी कलेक्टर गरियाबंद को मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत मैनपुर, सरोज कंमार महिलांगे दुर्ग काे सीईओ जनपद पंचायत दुर्ग कोंदल, जिला कांकेर, विनय कुमार कश्यप कबीरधाम को सीईओ जनपद पंचायत बैकुण्ठपुर, रेखा चंद्रा कबीरधाम को जनपद पंचायत खरसिया, सुब्रत प्रधान बालोद को सीईओ जनपद पंचायत दरभा जिला बस्तर, करूण कुमार डहरिया जांजगीर-चांपा को सीईओ जनपद पंचायत गरियाबंद, निकिता मरकाम मुंगेली काे सीईओ जनपद पंचायत फरसगांव जिला कोंडागांव, अनिकेत साहू सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत माकड़ी, जिला कोंडागांव, अनमोल विवेक टोप्पो सरगुजा को सीईओ जनपद पंचायत तमना जिला रायगढ़, आकांक्षा त्रिपाठी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत ओडगी, जिला सूरजपुर, पोषक चौधरी जशपुर को सीईओ जनपद पंचायत तोकापाल, जिला बस्तर, बजरंग सिंह वर्मा सूरजपुर को सीईओ जनपद पंचायत दुलदुला, जिला जशपुर, प्रशांत कुमार कुशवाहा कोरिया को सीईओ जनपद पंचायत भैरमगढ़, जिला बीजापुर, कावेरी मरकाम बस्तर को जनपद पंचायत भानूप्रतापपुर, उत्तम सिंह पंचारी कांकेर को जनपद पंचायत उसूर, जिला बीजापुर, डॉ. कल्पना ध्रुव कांकेर को जनपद पंचायत दंतेवाड़ा और गौतमचंद पाटिल कोंडागांव को जनपद पंचायत जगदलपुर में पदस्थ किया गया है।
राज्य शासन के मनसा अनुरूप राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार आज दिनांक 22 मार्च 2022 को बस्तर संभाग स्तरीय अंगना में शिक्षा कार्यक्रम सह मेला का आयोजन बस्तर जिले के विकासखंड जगदलपुर में स्थित प्राथमिक शाला बॉलिकोंटा में आयोजन किया गया।
इस इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप आंगनबाड़ी एवं कक्षा पहली दूसरी तीसरी अर्थात 5 साल से लेकर 8 वर्ष के बच्चों के मध्य हम भाषाई कौशल और गणितीय कौशल कैसे सिखाएं इस पर प्रशिक्षण दिया गया जिसमें बस्तर संभाग के अट्ठारह विकासखंड से प्रति विकास खंड 2 महिला शिक्षकों ने भाग लिया जिसमें सुकमा, बीजापुर ,दंतेवाड़ा एवं बस्तर जिले के प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को प्राप्त किया। इस इस प्रशिक्षण के उपरांत प्रत्येक विकासखंड से आए दोनों शिक्षकों द्वारा अपने अपने विकासखंड में जाकर इस प्रशिक्षण को प्रत्येक प्राथमिक शाला के शिक्षकों व आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देंगे साथ ही यह प्रशिक्षण संकुल स्तर तक रहेगा।
प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर आशा कुरैशी द्वारा गंभीरता पूर्वक इस प्रशिक्षण को प्रदान किया । प्रशिक्षण के इस शुभ अवसर पर बस्तर जिले के डीएमसी अखिलेश मिश्रा संकुल कालीपुर के प्राचार्य वंदना भदोरिया, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी शालिनी तिवारी लोहंडीगुड़ा एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु बस्तर जिले के ए पी सी प्रशिक्षण गणेश तिवारी उपस्थित रहे कार्यक्रम प्रातः 10:00 बजे प्रारंभ होकर के 4:00 बजे तक संपन्न हुआ।
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए
रायपुूर। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी ने बेरोजगारी के साप्ताहिक आंकड़े जारी किए हैं। इसमें छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी दर को महज 1.7% बताया है। यानी प्रदेश के प्रत्येक 100 लोगों में से बमुश्किल दो लोग ही बेरोजगार हैं। इन आंकड़ों से उत्साहित मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर तंज कसा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बेरोजगारी कम करने के लिए छत्तीसगढ़ कांग्रेस का मॉडल अपनाने की सलाह दी है।
आंकड़े जारी होने के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, एक युद्ध बेरोजगारी के विरुद्ध। आप सबको बताना चाहूंगा कि सीएमआईई के आंकड़ों के मुताबिक आज छत्तीसगढ़ में सिर्फ 1.7 प्रतिशत बेरोजगारी दर है। जबकि देश की बेरोजगारी दर 7.4 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने लिखा, मोदी जी से आग्रह है कि देश की बेरोजगारी कम करने के लिए देशहित में छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार का मॉडल जरूर अपनाएं।
विकास का यह छत्तीसगढ़ मॉडल क्या है?
2022-23 के बजट वाले दिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इसको परिभाषित किया था। उन्होंने कहा था, आम जनता के हाथ में पैसा ही छत्तीसगढ़ मॉडल है। फिलहाल इस मॉडल के तहत सरकार कृषि और संबद्ध सेवाओं में बड़ा निवेश कर रही है। गोधन न्याय योजना के जरिए गांवों के गोठानों को ग्रामीण आद्योगिक क्षेत्र बनाया जा रहा है। जहां कुटीर उद्योगों का संचालन स्व-सहायता समूहों के जरिए किया जा रहा है। सरकार ने किसानों और भूमिहीन कृषि मजदूरों के हाथ में नकद पैसा दिया है। मनरेगा को भी कई योजनाओं से जोड़ दिया गया है। नए उद्योगों स्थापना से भी लोगों को रोजगार मिला है। सरकार का कहना है कि उनकी कोशिशें इन आंकड़ों में भी दिख रही है।
क्या है सीएमआईई
सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकॉनोमी एक थिंक टैंक है जो देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े सूचकांक जारी करता रहता है। मार्च की शुरुआत में उसने फरवरी 2022 के बेरोजगारी आंकड़े जारी किए थे। उसमेें देश की बेरोजगारी दी 8.10 प्रतिशत बताई गई थी। उसमें भी ग्रामीण क्षेत्रों की बेरोजगारी दर 8.35 प्रतिशत की उच्चतम दर पर थी। साप्ताहिक आंकड़ों में बेरोजगारी दर में गिरावट दिख रही है। दिसम्बर में यह आंकडा 7.7% था। वहीं छत्तीसगढ़ की बेरोजगारी दर 2.1 प्रतिशत बताई गई थी।
नई सूची में सबसे कम बेरोजगारी दर वाले राज्य
ओडिशा – 1 प्रतिशत,मेघालय – 1.4 प्रतिशत ,छत्तीसगढ़ – 1.7 प्रतिशत,कर्नाटक – 2 प्रतिशत,गुजरात – 2.5 प्रतिशत
पड़ोसी राज्यों में ऐसी है बेरोजगारी दर
मध्य प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,उत्तर प्रदेश – 2.7 प्रतिशत,महाराष्ट्र – 4.3 प्रतिशत,तेलंगाना-12.9 प्रतिशत,झारखंड – 15 प्रतिशत