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माताओं ने मनाया कमरछठ पर्व, संतान एवं परिवार के किए रखा व्रत

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  • बस्तर के गांव गांव में मनाया गया हलषष्ठी पर्व

जगदलपुर माताओं ने हलषष्ठी कमरछठ का त्योहार उल्लास के साथ आज मनाया। बस्तर संभाग मुख्याल जगदालपुर की माताओं ने भी आज निर्जला व्रत रखकर अपने बच्चों और परिवार की खुशहाली की कामना के साथ कमरछठ की पूजा अर्चना की। पथरागुडा के शिव मंदिर मे बड़ी संख्या मे माताएं, बहनें सुबह से व्रत रखा और मंदिर पहुंचकर विधि विधान के साथ पूजा अर्चना की। पंडित नवीन द्वारा विधि विधान से पूजा कराई गई। व्रतधारी महिला राधिका साहू ने बताया कि प्राचीन काल से ऐसी मान्यता चली आ रही है कि हलषष्ठी व्रत रखकर घर परिवार बच्चों के सुख समृद्धि के लिए भगवान गणेश कार्तिकेय माता पार्वती एवं शिव के साथ समस्त देवी देवताओं की पूजा की जाती है।

क्या गुनाह किया है छिंदीगांव- 2 के डुरकाटोगा पारा के इन 80 परिवारों ने, जो 50 साल से भोग रहे हैं ऎसी सजा

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  • कीचड़ भरी कच्ची सड़क पर चलने की मजबूरी
  • ग्राम पंचायत ने उपेक्षित छोड़ दिया है बस्ती को

अर्जुन झा-

बकावंड एक बस्ती, 80 परिवार और 50 साल की त्रासदी। इस बीच बस्ती में कई लोग पैदा हुए और मर खप गए। आज से 50 साल पहले जो यहां पैदा हुए थे, आज उनके बाल पक चुके हैं, वे दादा नाना बन चुके हैं, मगर बस्ती की सड़क पक्की नहीं हो पाई। अब लगता है उनके नाती पोते भी ऎसी ही बदहाली के बीच जवान होंगे।

यह व्यथा कथा है विकासखंड बकावंड की ग्राम पंचायत छिदीगांव- 2 के डुरकाटोगा पारा बस्ती की।डुरकाटोगा बस्ती में बीते 50 साल से 80 परिवार रहते आ रहे हैं। पचास साल गुजर जाने के बाद भी एक अच्छी सड़क इस बस्ती को नसीब नहीं हो पाई है। जहां आज पूरे छत्तीसगढ़ के हर गांव की हर गली में सीसी रोड बन चुकी है, वहीं डुरकाटोगा पारा बस्ती के लोग मिट्टी वाली सड़क पर आना जाना करने मजबूर हैं। यहां सीसी रोड बनाना तो दूर सालों पुरानी कच्ची सड़क पर ग्राम पंचायत ने मुरुम तक डलवाना जरूरी नहीं समझा है। बरसात के दिनों में यहां के ग्रामीणों का दूसरे गांवों तक जाना दूभर हो जाता है। यहां तक कि ग्राम पंचायत मुख्यालय छिंदीगांव-2 जाने के लिए भी कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम पंचायत में सड़क पर मुरूम डालने का निवेदन करने पर जवाब मिलता है कि फंड उपलब्ध नहीं है। शासन ग्राम पंचायतों को हर साल करोड़ों रुपयों का आवंटन अलग अलग मदों से करती है। जिला खनिज न्यास मद से बड़ी रकम मिलती है, 14वें एवं 15वें वित्त की भी भरपूर रकम मिलती है। केंद्र सरकार ने भी जन मन योजना के तहत आदिवासी गांवों के समग्र विकास के लिए खजाना खोल दिया है। ऐसे में यह बड़े ही ताज्जुब की बात है कि छिंदीगांव -2 ग्राम पंचायत के पास मुरुम डलवाने के लिए 4-5 हजार रुपए भी नहीं हैं? रुपए तो बहुत होंगे, मगर इस बस्ती के साथ उपेक्षा भाव के कारण उन रुपयों का उपयोग इस बस्ती के लोगों को राहत पहुंचाने के लिए नहीं किया जा रहा है। ढुरकाटोगा पारा के मुरहा, लुकू, मंगल, सुरीले, लघु, सुमन, सुरेंद्र, फाल्गुनी, भारत, बोटी, चेलिया, सुकरू आदि ग्रामीणों का कहना है कि कई सरपंच आकर चले गए लेकिन हमारे पारा में कुछ भी सुधार नहीं हो पा रहा है। आने वाला समय में जो काम करेगा उसी को हम सरपंच बनाएंगे।

वर्सन

पंचायत में फंड नहीं है

ग्राम पंचायत फंड में राशि नहीं है, कहां से मुरूम डालेंगे।

बालेशर बघेल,

          सरपंच, छिंदीगांव -2

नारायणपुर और बालोद जिलों के ट्रांसपोर्टरों के बीच ‘ट्रक -युद्ध`, रोके एक दूसरे के कई ट्रक

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  •  नारायणपुर में रोके गए दल्ली राजहरा के 20 ट्रक
  • दल्ली राजहरा में भी रोके गए नारायणपुर के ट्रक 
    -अर्जुन झा-
    जगदलपुर बस्तर संभाग के नारायणपुर जिले और दुर्ग संभाग के बालोद जिले के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों के बीच ‘ट्रक युद्ध` छिड़ गया है। दोनों जिलों के ट्रांसपोर्टर अपने अपने जिले में प्रतिद्वंदी जिले के ट्रकों को बैन करने पर आमादा हो गए हैं। दरअसल व्यवसायिक हित लाभ की वजह से ऐसा किया जा रहा है। इस द्वंद की शुरुआत नारायणपुर जिले के ट्रांसपोर्टरों की ओर से हुई है और अब बालोद जिले के ट्रांसपोर्टर्स ने भी दल्ली राजहरा में नारायणपुर के ट्रकों को रोक लिया है। आगे चलकर हालात बिगड़ने का अंदेशा है। इससे बचने के लिए दोनों जिलों के प्रशासन को फौरी कदम उठाने होंगे।

नारायणपुर जिले के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने बालोद जिले के दल्ली राजहरा, चिखलाकसा, कुसुमकसा आदि के डेढ़ दर्जन से भी ज्यादा 16 पहिया ट्रकों को रोक लिया है। पिछले तीन दिनों से दल्ली राजहरा अंचल के ये सारे ट्रक नारायणपुर जिले में खड़े हैं। जानकारी के मुताबिक दल्ली राजहरा के ये सभी ट्रक नारायणपुर के छोटे डोंगर में कच्चा माल भरने गए थे। बताते हैं कि दल्ली राजहरा के 20 से अधिक 16 पहिया ट्रकों को नारायणपुर में वहां के ट्रांसपोर्टरों ने रोक रखा है। जिसके बाद आज शुक्रवार को दल्लीराजहरा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने भी बदला लेते हुए नारायणपुर के कई 16 पहिया ट्रकों को दल्ली राजहरा के मानपुर मोहला चौक पर रोक लिया है। वहीं दल्लीराजहरा के ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों ने उनके ड्राइवरों को बंधक बनाने और फिर बाद में मारपीट कर ड्राइवरों को भगा देने का आरोप लगाया है। दल्ली राजहरा में नारायणपुर के 16 पहिया ट्रक मालिकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की गई।

दल्ली के ट्रक मालिक बेहाल
दरअसल बीते कुछ सालों से दल्ली राजहरा के ट्रक मालिक बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। एक जमाना था, जब दल्ली राजहरा में ट्रक ट्रांसपोर्ट व्यवसाय काफी समृद्ध था। वहां ट्रकों की संख्या हजारों में हुआ करती थी। ट्रक मालिकों के साथ ही हजारों ड्राइवर, क्लीनर्स और मजदूरों को भरपूर काम मिल रहा था। ट्रक रिपेयरिंग गैरेज भी वहां बड़ी तादाद में थे, टायरों के पंचर बनाने वाले भी अच्छी कमाई कर लेते थे। महामाया, दल्ली राजहरा की लौह अयस्क माइंस बंद होने के बाद इन सभी ट्रक मालिकों, ड्राइवर, क्लीनर्स, मजदूरों, रिपेयरिंग गैरेज मालिकों व उनके मेकेनिक, हेल्परों और पंचर बनाने वालों के रोजी रोजगार का जरिया तबाह हो गया है। इसलिए वे नारायणपुर के छोटेडोंगर स्थित खदान में अपने ट्रक लगाने लगे हैं। अब इस पर भी संकट खड़ा हो गया है। अगर दोनों जिलों के ट्रक मालिक यूं ही लड़ते झगड़ते रहे तो नुकसान दोनों का ही होगा। वहीं दूसरी ओर आगे चलकर हालात और भी बिगड़ सकते हैं। इससे बचने के लिए दोनों जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को त्वरित हस्तक्षेप करना होगा।

बलौदाबाजार प्रकरण में साय सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने विपक्ष के नेताओं को कर रही परेशान

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  • विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी भाजपा की बौखलाहट: लखेश्वर 
    जगदलपुर बस्तर के विधायक लखेश्वर बघेल ने भिलाई के कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को गलत बताते हुए कहा है कि साय सरकार और उसकी पुलिस अपनी नाकामी और देशभर में हुई बदनामी पर पर्दा डालने के लिए विपक्ष के नेताओं को निशाना बना रही है। यहां जिला कांग्रेस कार्यालय में प्रेसवार्ता में बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि भिलाई विधायक देवेंद्र यादव ने बलौदाबाजार में न भाषण दिया और न ही कलेक्टर ऑफिस प्रदर्शन में शामिल हुए। वे भीड़ में पांच मिनट रूक कर वापस चले गए थे। कहीं भी किसी हिंसक घटना में उनकी संलिप्तता का कोई भी साक्ष्य नहीं है और न वे किसी भी प्रकार की घटना में शामिल थे। पुलिस ने उनको गलत तरीके से गिरफ्तार किया है। बघेल ने कहा कि सरकार, पुलिस बताए कि किन भाजपा नेताओं को नोटिस दिया, पूछताछ की गई? न्याय संगत कार्रवाई होनी चाहिए।भाजपा सरकार का चरित्र और व्यवहार 8 माह में ही अलोकतांत्रिक हो गया है।पत्रकारों को गलत तरीके से फंसाने उनकी गाड़ी में गांजा रखा जाता है। विपक्ष के विधायक को झूठे मुकदमे में फंसाकर गिरफ्तार किया गया। बलौदाबाजार के मामले में सतनामी समाज और कांग्रेस के लोगों को चिन्ह चिन्ह कर जेलों में डाला जा रहा है। भाजपा सरकार के इस आताताई चरित्र से कांग्रेस डरने वाली नहीं। इस प्रकार के कृत्यों से हमारा कार्यकर्ता और मजबूती से सरकार के खिलाफ जनता की आवाज उठाएगा।बलौदाबाजार में हुई आगजनी की भयावह घटना शासन प्रशासन की बड़ी लापरवाही व सरकार की इंटेलीजेंसी के फैल हो जाने के कारण हुई।

समय रहते सरकार व प्रशासन सचेत हो जाते व समाज द्वारा सीबीआई जांच की मांग को पूर्व में ही मान लेता तो प्रदेश को शर्मसार करने वाली घटना से बचा जा सकता था।लखेश्वर बघेल ने कहा कि इस पूरी घटना के लिए प्रदेश की भाजपा सरकार दोषी है। लचर कानून व्यवस्था और प्रशासन की निरंकुशता व लापरवाही से बलौदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन में असामाजिक तत्वों की घुसपैठ हुई और इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया गया, जिसके लिए प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह दोषी है। साय सरकार की अकर्मण्यता के चलते ही बलौदाबाजार में कानून व्यवस्था बिगड़ी। यदि समय रहते जैतखाम को क्षति पहुंचाने वालों पर कार्रवाई की गई होती और आहत समाज से संवाद किया गया होता तो ऐसी अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं होती।

धार्मिक भावनाएं आहत होने पर आंदोलित समाज को विश्वास में लिया गया होता तो ऐसी विध्वंसक प्रतिक्रिया नहीं होती।  बघेल ने कहा हमारी मांग है कि इस पूरे आंदोलन में भाजपा के जिलाध्यक्ष सनम जांगड़े सहित अन्य भाजपा नेताओं की भूमिका की जांच हो।धरना प्रदर्शन को कलेक्टर से परमिशन दिलाने वाला कौन था? रैली में आने वाले हजारों लोगों के लिये भोजन, मंच, पंडाल, माईक के लिए रूपयों की व्यवस्था किसने की ?इतनी बड़ी घटना के बाद भड़काऊ भाषण देने वाले की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई? नागपुर से 250 से अधिक लोग आए थे वो कौन थे?सरकार ने उन पर नजर क्यों नहीं रखी? रैली की शुरूआत से ही उपद्रव शुरू हो गया था उसके बावजूद लोगों को कलेक्ट्रेट क्यों जाने दिया गया? भीड़ को रोकने की कोशिश क्यों नहीं हुई? आम जनता के वाहन जलाए जा रहे थे, लोगों को दौड़ा कर पीटा जा रहा था तब पुलिस कहां थी? एसपी किसके इशारे पर शांत बैठे हुये थे? घटना को रोकने के बजाय पलायन क्यों कर गए ? प्रेसवार्ता के दौरान शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुशील मौर्य, नगर निगम अध्यक्ष कविता साहू, नेता प्रतिपक्ष उदयनाथ जेम्स, महामंत्री सुभाष गुलाटी, दिनेश सिंह यदु, प्रेमशंकर शुक्ला, महिला कांग्रेस अध्यक्ष लता निषाद, चंपा ठाकुर, जावेद खान, असीम सुता, नीलम कश्यप, शादाब अहमद, एस. नीला, मानसिंह कवासी, जितेंद्र तिवारी, तुलसीराम ठाकुर, हरदास बघेल, उस्मान रज़ा उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री से अभाविप ने की छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग

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  • जल्द हो विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चुनाव 
    जगदलपुर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कल शैक्षणिक जगत में उत्तम छात्र नेतृत्व हेतु प्रदेशभर के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर सभी जिलों के कलेक्टरों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। पूर्व में लगातार प्रतिवर्ष छात्रसंघ चुनाव किए जाने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तथा विकास युवा नेतृत्व के माध्यम से संपन्न होता था। 2016 के पश्चात प्रदेश के विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दी गई। पिछले 2 से अधिक वर्षो से छात्रसंघ मनोनयन भी नही हुआ है। पूर्व से अभाविप लगातार छात्रसंघ चुनाव हेतु प्रदेश सरकार से मांग करती आ रही है। अभाविप के प्रदेश मंत्री  यज्ञदत्त वर्मा ने कहां की छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा देना निश्चित रूप से युवा नेतृत्व का दमन करने वाला कदम साबित हुआ है। अभाविप सदैव से छात्रसंघ चुनाव के पक्ष में रही है।

पूर्व की सरकार से भी लगातार छात्रसंघ चुनाव की मांग अभाविप छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा की गई थी तथा छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदेश में एक आंदोलन जागृत करने का काम अभाविप छत्तीसगढ़ ने किया है। छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से चुने हुए प्रतिनिधियों को परिसर में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु प्रयास करने का अवसर प्राप्त होता है। अभाविप की मांग है कि छात्र हित को जल्द ही छात्र संघ चुनाव कराने की घोषणा की जाए। अभाविप के प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से छात्रों के नेतृत्व क्षमता में विकास के साथ छात्रहित में कार्य होने लगते है। प्रदेश सरकार छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रदेश भर के विभिन्न विश्वविद्यालयों तथा महाविद्यालयों में प्रत्यक्ष रूप से छात्रसंघ चुनाव करवाए तथा जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव की तिथि की घोषणा की जाए। इस दौरान अश्विन पिल्ले, कमला, नुशांत, कुणाल, जय, करन, मनीष, अजेंद्र, अचिंत्य, पूनव सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

व्यापारी एकता पैनल ने चुनावी घोषणापत्र किया जारी

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  •  बस्तर चेंबर ऑफ कॉमर्स के चुनाव की सरगर्मी बढ़ी
  • व्यापारिक -जनहित के कार्य कराना प्राथमिकता 
    जगदलपुर नई सोच, दृढ़ संकल्प व सार्थक प्रयास की नई थीम के साथ व्यापारी एकता पैनल के बैनर तले बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स के चुनाव में उतरे सदस्यों ने व्यापारी व जनहित के कार्य करने का संकल्प लिया है। इसके तहत 21 बिंदुओं का जन घोषणा पत्र जारी किया गया है। व्यापारी एकता पैनल के अध्यक्ष प्रत्याशी श्याम सोमानी व अन्य सदस्यों ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यापारी एकता पैनल की कार्ययोजना व लक्ष्य को लेकर इस चुनाव में उतरे हैं। व्यापारी एकता पैनल बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स को दी गई भूमी पर बहुउद्देशीय भवन का निर्माण कराएगा और उसमें चेम्बर सदस्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

बस्तर जिला व जगदलपुर शहर में भूमि स्वामियों को राजस्व समस्या से निजात दिलाने का प्रयास, सर्व सुविधायुक्त ऑक्सीजन, वेंटिलेटर व अन्य उपकरणों सहित सर्व सुविधायुक्त एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी तो शव वाहन व मरच्युरी बॉक्स भी उपलब्ध कराई जाएगी। बाहरी व्यापारियों के लिए ट्रांजिस्ट हास्टल, आयकर व जीएसटी समस्या हेतु जिला स्तर पर कार्यशाला, स्वास्थ्य की दृष्टि से चिकित्सा शिविर, बिजनेस टूर, विभिन्न सामाजिक दायित्व, वरिष्ठ सदस्यों की निगरानी में विवाद निवारण समिति, औद्योगीकीकरण में स्थानीय भागीदारी का प्रयास सहित अन्य मुद्दों को शामिल किया गया है ‌। पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष प्रत्याशी श्याम सोमानी के साथ उपाध्यक्ष पद हेतु विमल बोथरा, कमल सेठी, महामंत्री नवरत्न जलोटा, मंत्री पद हेतु गजेंद्र चांडक, दीपक भानुशाली व कोषाध्यक्ष पद हेतु श्रीधर राव मद्दी मौजूद रहे।

वोटिंग की स्थिति निर्मित
बस्तर चेम्बर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के इस चुनाव में उपाध्यक्ष व कोषाध्यक्ष पद पर चुनाव में वोटिंग की स्थिति निर्मित हो गई है। उपाध्यक्ष के दो पदों पर चुनाव हेतु तीन प्रत्याशी मैदान पर हैं। इनमें विमल बोथरा, कमल सेठी व अशोक लुक्कड़ ने ताल ठोकी है। अशोक लुक्कड़ के मैदान पर होने से दिलचस्प लड़ाई की संभावना है। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर श्रीधर राव मद्दी व श्री दीपक सोनी के मध्य मुकाबला है। यह पद भी दो नेताओं की साख का मुद्दा बन गया है।

भाजपा सदस्यता अभियान पर हुई कार्यशाला, हर बूथ में 200 नए सदस्य बनाने का दिया गया टास्क

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  • पहली सितंबर से शुरू होगा सदस्यता अभियान
  •  अधिक से अधिक नए सदस्य बनाएं कार्यकर्ता : धरमलाल कौशिक 

जगदलपुर भारतीय जनता पार्टी का सदस्यता अभियान 1 सितंबर आरंभ हो रहा है। शुक्रवार को भाजपा जिला कार्यालय में सदस्यता अभियान को लेकर जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को सदस्यता अभियान की जानकारियों से अवगत कराया गया और अधिक से अधिक सदस्य बनाने कहा गया। सदस्यता अभियान कार्यशाला में विशेष रूप से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक शामिल हुए।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने सदस्यता अभियान के कार्यक्रमों की रुपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भाजपा कार्यकर्ता के रूप में हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कार्य करें। यह लक्ष्य जब संगठन व सत्ता के सामने होता है, तब वह आगे बढ़ता है। संगठनात्मक दृष्टि से सदस्यता अभियान हमें दो माह में पूर्ण करना है। 1 सितंबर को प्रत्येक बूथ पर 200 सदस्य बनाने का लक्ष्य है। ऐसे भी कई बूथ हैं, जहां भाजपा कार्यकर्ताओं को ज्यादा ध्यान देना है, ताकि पार्टी को नुकसान न हो और पार्टी के वैचारिक धरातल को हमें मजबूत बनाना है। श्री कौशिक ने बताया कि 1 सितंबर को प्रधानमंत्री दिल्ली से सदस्यता ग्रहण कर अभियान शुरु करेंगे। अगले दिन 2 सितंबर को प्रदेश और 3 सितंबर को जिला मुख्यालयों में और फिर मंडल मुख्यालयों तक समारोह पूर्वक सदस्यता अभियान की शुरूआत होगी। शक्ति केंद्र संयोजक, सह संयोजक व सदस्यता सहयोगी मिलकर 30 अगस्त तक अभियान की संरचना पूर्ण करेंगे। कौशिक ने कहा कि जन प्रतिनिधियों को भी सदस्यता का लक्ष्य दिया गया है|

 

ताकि सभी कार्यकर्ताओं में उत्साह बढ़े और सभी कार्यकर्ताओं को 50 सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। कागजी और ऑनलाइन सदस्यता का अपडेट केंद्र तक जाएगा। इसलिए सदस्यता फार्म और ऑनलाइन डाटा अपडेट रखना है। सांसदों, विधायकों जिला पंचायत अध्यक्ष, महापौरों को व्यक्तिगत रूप से सदस्य बनाने का लक्ष्य दिया गया है। विषय की सुगम जानकारी के लिए मंडल स्तर पर भी कार्यशाला होगी, जिसमें सभी प्रमुख पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे। श्री कौशिक ने सदस्यता अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया। भाजपा जिला अध्यक्ष रूपसिंह मंडावी ने कहा कि सभी कार्यकर्ता, पदाधिकारी निर्धारित किए गए लक्ष्य की प्राप्ति के लिए सदस्यता अभियान में पूरे परिश्रम से कार्य करें। कार्यशाला का संचालन रामाश्रय सिंह ने व आभार प्रदर्शन सदस्यता अभियान जिला संयोजक योगेंद्र पाण्डेय ने किया।

इस अवसर पर बस्तर सांसद महेश कश्यप, पूर्व सांसद दिनेश कश्यप, पूर्व विधायक डॉ. सुभाऊ कश्यप, बैदूराम कश्यप, संतोष बाफना, लच्छू राम कश्यप, जिला प्रभारी जी वेंकट, सह प्रभारी सेवक राम नेताम, श्रीनिवास राव मद्दी, विद्याशरण तिवारी, जिपं अध्यक्ष वेदवती कश्यप, मनीराम कश्यप, श्रीधर ओझा, वेदप्रकाश पाण्डेय, महापौर सफीरा साहू, संजय पाण्डेय, नरसिंह राव, राजेंद्र वाजपेयी, सुरेश गुप्ता, फूलसिंह सेठिया, सतीश सेठिया, नरसिंह ठाकुर, मनोहर तिवारी, संग्राम सिंह राणा, अविनाश श्रीवास्तव, दीप्ति पाण्डेय, आशु आचार्य, सुरेश मिश्रा, सतीश वाजपेयी आदि सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ता शामिल रहे।

बकावंड विकासखंड की राशन दुकानों के कोटे में कटौती, 900 क्विंटल से ज्यादा चावल किया कम

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  •  गरीबों के खाद्यान्न में हर माह हो रही है कटौती
  • खाद्य अधिकारी और खाद्य निरीक्षक हैं अनजान 

अर्जुन झा-

बकावंड बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड के गरीबों के खाद्यान्न में लगातार कटौती की जा रही है। ब्लॉक में संचालित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रत्येक राशन दुकान में विगत 4-5 माह से हर माह औसतन 5 क्विंटल से लेकर 20 क्विंटल तक चांवल की कटौती की जाने की बात सामने आई है।दुकान संचालकों ने इसकी पुष्टि की है। वहीं खाद्य विभाग के अधिकारी और निरीक्षक इससे अनजान बने हुए हैं।

बकावंड ब्लॉक में 90 से अधिक पीडीएस की दुकानें संचालित हैं। राशन दुकानों के आवंटन में कटौती के औसतन आंकड़े पर नजर डालें तो 900 क्विंटल से अधिक चावल की कटौती की चर्चा है। वहीं अगस्त माह का खाद्यान्न भी मोकागांव और भिरिंडा पंचायत में आज दिनांक तक नहीं पहुंच पाया है। जबकि 20 से 30 तारीख तक भंडारण किए जाने का निर्देश है और प्रथम सप्ताह में वितरण करना होता है। चावल कटौती अकेले बकावंड ही नहीं जिले भर की राशन दुकानों में की जा रही है। जिले भर में 4000 क्विंटल से अधिक चावल कटौती की खबर विभागीय सूत्रों से प्राप्त हुई है। जिले के बकावंड विकासखंड के अंतिम छोर की मोकागांव और भिरिंडा ग्राम पंचायतों में आज दिनांक तक अगस्त माह का खाद्यान्न नहीं पहुंच सका है। ग्रामीण राशन के लिए रोज दुकानों के चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार उक्त दुकानों में चावल व अन्य सामाग्री का भंडारण किया जाता है तो ग्रामीणों को वितरण क्यों नहीं हुआ यह जांच का विषय है। दोनों पंचायतों के सरपंचों ने चावल वितरण नहीं किये जाने की बात कही। तो वहीं पंचायत सचिव चावल भंडारण एवं वितरण को लेकर अनजान है दोनों पंचायत सचिवों ने कहा किया उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

20 क्विंटल तक कटौती

बकावंड विकासखंड की आधा दर्जन से अधिक राशन दुकानों की पड़ताल करने पर दुकान संचालकों से पता चला कि प्रत्येक दुकान के आवंटन कोटे से प्रतिमाह 5 क्विंटल से 20 क्विंटल तक चावल की कटौती की जा रही है। पूरे ब्लॉक के औसतन आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो लगभग 90 पीडीएस दुकानों से 900 क्विंटल से अधिक चावल कटौती हुई की है। कटौती क्यों और किसके आदेश पर की जा रही है यह विभाग के अधिकारी भी बताने में असमर्थ हैं।

कहां गया 4 हजार क्विंटल चावल

सूत्रों से जानकारी मिली है कि कटौती का खेला सिर्फ बकावंड विकासखंड ही नहीं बल्कि जिले में संचालित 450 से अधिक दुकानों में कटौती का खेला विगत 4-5 माह से चलता आ रहा है। खास तौर से लोहंडीगुड़ा एवं दरभा केi अंदरूनी इलाकों में सर्वाधिक कटौती की जाने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक हर माह जिले में 4000 क्विंटल से अधिक चावल की कटौती की जा रही है जिसका मूल्य 1 करोड़ 76 लाख से अधिक होता है। उक्त चावल कटौती का जिम्मेदार कौन है और यह चावल कहां खपाया जा रहा है, यह जांच का विषय है।

मुझे जानकारी नहींः राठौर

जिला खाद्य अधिकारी राठौर से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सभी दुकानों में भंडारण किया जा चुका है। जिन दुकानों में चावल वितरण नहीं हुआ है, तो मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं है। कटौती को लेकर भी उन्होंने गोलमोल जवाब दिया।बकावंड के फूड इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे इसकी जानकारी नहीं है। पता कराकर बताने की बात कही। लेकिन 24 घंटे बाद भी मामले को स्पष्ट नहीं कर पाए।

अभाविप ने मुख्यमंत्री से की, छात्रसंघ चुनाव की मांग

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  • जल्द हो प्रदेश भर के विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय में छात्र संघ चुनाव।

रायपुर अभाविप ने कल शैक्षणिक जगत में उत्तम छात्र नेतृत्व हेतु प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की कराने की मांग को लेकर सभी जिला के कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा । पूर्व में लगातार प्रतिवर्ष छात्रसंघ चुनाव किए जाने के कारण शिक्षा के क्षेत्र में सुधार तथा विकास युवा नेतृत्व के माध्यम से संपन्न होता था, परंतु 2016 के पश्चात प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा दिया था, पिछले 2 से अधिक वर्षो से छात्रसंघ मनोनयन भी नही हुआ है । पूर्व में भी अभाविप लगातार छात्र संघ चुनाव हेतु प्रदेश सरकार से मांग करती रही है ।

अभाविप के प्रदेश मंत्री यज्ञदत्त वर्मा ने कहां की छात्रसंघ चुनाव पर रोक लगा देना निश्चित रूप से युवा नेतृत्व का दमन करने वाला निर्णय साबित हुआ है अभाविप सदैव से छात्रसंघ चुनाव के पक्ष में रही है, पूर्व की सरकार से भी लगातार छात्रसंघ चुनाव की मांग अभाविप छत्तीसगढ़ प्रांत द्वारा की गई थी तथा छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर प्रदेश में एक आंदोलन जागृत करने का काम अभाविप छत्तीसगढ़ ने किया है । छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से चुने हुए प्रतिनिधियों को परिसर में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने हेतु प्रयास करने का अवसर प्राप्त होता है। अभाविप को छात्र हितो में जल्द ही छात्र संघ चुनाव कराये।

 

अभाविप के प्रदेश सहमंत्री एवं बस्तर जिला संयोजक शैलेष ध्रुव जी ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव के माध्यम से छात्रों के नेतृत्व क्षमता में विकास के साथ छात्रहित में कार्य होने लगते है। प्रदेश सरकार छात्रहित को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष प्रदेश भर के विभिन्न विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालय में प्रत्यक्ष रूप से छात्रसंघ चुनाव करवाये तथा जल्द से जल्द छात्रसंघ चुनाव की तिथि की घोषणा की जाएं।  इस दौरान अश्विन पिल्ले,कमला,नुशान्त,कुणाल,जय,करन,मनीष,अजेंद्र,अचिंत्य,पूनव सिंह समेत अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।

राजनैतिक द्वेष से काम कर रही भाजपा सरकार: जैन

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  • निर्वाचित विधायक की गिरफ्तारी निंदनीय
  • दंतेवाड़ा में पूर्व विधायक के साथ ली पत्रवार्ता

जगदलपुर पूर्व संसदीय सचिव एवं जगदलपुर के पूर्व विधायक रेखचंद जैन ने कहा है कि प्रदेश की भाजपा सरकार राजनैतिक द्वेष से काम कर रही है।  जैन ने भिलाई के वर्तमान विधायक तथा पूर्व मेयर देवेन्द्र यादव की गिरफ्तारी की निंदा करते कहा है कि भाजपा की यह कारवाई बताती है कि उसका भरोसा समाज एवं संस्थाओं के प्रति नही है। शुक्रवार को दंतेवाड़ा जिला मुख्यालय में पीसीसी के निर्देश पर पत्रवार्ता लेकर उन्होने यह बात कही।  जैन व पत्रवार्ता में मौजूद दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा ने कहा कि विधायक यादव के खिलाफ पुलिस ने राज्य सरकार के निर्देश पर यह कारवाई की है।

बलोदाबाजार में सतनामी समाज के आंदोलन से घबराकर यह कदम उठाया गया है जिसकी सर्वत्र निंदा हो रही है। विधायक के खिलाफ कारवाई कर भाजपा सरकार ने बता दिया है कि लोकतंत्र व संवैधानिक संस्थाओं के प्रति उसकी जवाबदेही नहीं है। श्री जैन ने कहा है कि भाजपा के दमन के खिलाफ देश- प्रदेश की जनता जिस प्रकार से प्रतिकार कर रही है भाजपा उससे घबरा गई है। इसके परिणामस्वरूप वह ऐसे कदम उठा रही है जिससे चौतरफा उसकी भद पिट रही है। श्री जैन ने यह मांग की है कि बलोदाबाजार की घटना के लिए जिम्मेदार भाजपा नेताओं के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कारवाई होनी चाहिए।

पत्रवार्ता के दौरान जैन के साथ दंतेवाड़ा की पूर्व विधायक देवती कर्मा, विमल सुराना, छविंद्र कर्मा, तुलिका कर्मा, सुलोचना वट्टी, सलीम उस्मानी, कोपा कुंजाम, परमजीत सिंह जसवाल, हेमू उपाध्याय आदि कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता, विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी मौजूद थे।

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