जगदलपुर आज दिनांक को पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के आदेशानुसार तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग के मार्गदर्शन में सड़क पर खड़े वाहनों से होने वाले दुर्घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए यातायात पुलिस जगदलपुर द्वारा नेशनल हाईवे एवं अन्य मार्गो के किनारे अवैध पार्किंग करने वाले भारी वाहनों पर व्हील लॉक लगाकर चालानी कार्रवाई की गई। इस दौरान शहर के विभिन्न मार्ग, एनएच 30, गीदम रोड, आड़ावाल रोड, बोधघाट आदि क्षेत्रों में अनधिकृत रूप से खड़े 35 ट्रको एवं अन्य वाहनों पर कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई में यातायात प्रभारी आभिजीत भदौरिया, एएसआई राजकुमार आडिल, एएसआई प्रवीण जोशी, एएसआई परिमल दास एवं यातायात विभाग के अन्य कर्मचारी मौज़ूद रहे। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
भाजपा से महादेव सट्टा एप पर दीपक बैज के महा सवाल
- कहीं चुनावी चंदा तो नहीं मिल रहा है भाजपा को =
जगदलपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने महादेव सट्टा एप पर भाजपा से महा सवाल पूछे हैं। उन्होंने पूछा है कि कहीं भाजपा को महादेव एप से चुनावी चंदा तो नहीं मिल रहा है? दीपक बैज ने कहा है कि दूसरों पर लांछन लगाना भारतीय जनता पार्टी के नेताओं की आदत सी बन गई है। जब जब चुनाव आते हैं, मुद्दा विहीन भाजपा के नेता प्रतिद्वन्दी दलों के नेताओं पर अनाप शनाप कीचड़ उछालना शुरू कर देते हैं। कुछ ऐसा ही महादेव सट्टा एप को लेकर भी किया जा रहा है। अगर महादेव सट्टा एप में कहीं कुछ गड़बड़ है तो भाजपा सरकार उसे बंद क्यों नहीं करवा रही है? इससे तो यही लगता है कि भाजपा को महादेव एप की ओर से चुनावी चंदा मिल रहा है। बैज ने भाजपा पर तंज कसा हैl
कि जिनमें काबिलियत नहीं रहती, वही लोग दूसरे की लकीर को काटकर अपनी लकीर को बड़ी दिखाने की कोशिश करता है। बैज ने कहा है कि भाजपा इस चुनाव में पूरी तरह मुद्दा विहीन हो चुकी है। उसके खोखले दावों से और जुमलों से देश की जनता उकता गई है। चुनाव में अपने गिरते ग्राफ की बौखलाहट में भाजपा उल जुलूल और मिथ्या आरोप लगा रही है। अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए भाजपा अनर्गल बातें करने लगी है।
क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह राणा ने संयंत्र स्थापना में खामियां मिलने पर दिखाए सख्त तेवर
- बस्तर संभाग में चल रहे कार्यों का लिया जायजा
- सिक्योरिटी डिपाजिट काटने की दी हिदायत
जगदलपुर क्रेडा के सीईओ राजेश सिंह ने बस्तर संभाग में क्रेडा के अधीन चल रहे कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यों के प्रति लापरवाही को लेकर राणा बेहद सख्त नजर आए। उन्होंने निविदा के मापदंड के अनुसार काम न होने और कमियां पाए जाने पर संबंधित ईकाइयों की एसडी काटने के निर्देश दिए।
क्रेडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश सिंह राणा ने गत 27 अप्रैल को बस्तर प्रवास के दौरान बस्तर संभाग के कांकेर जिले के ग्राम तारसगांव एवं लखनपुरी में जल जीवन मिशन अंतर्गत स्थापित संयंत्रों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कंट्रोलर खराब होने के कारण पानी ओवर फ्लो होने, फाउंडेशन की फ्लोरिंग धंस जाने, अर्थिंग कार्य निविदा के मापदंड के अनुरूप नहीं करने एवं फाउंडेशन में मिट्टी बैक फिलिंग नहीं करने जैसी कमियां पाई गईं। राणा द्वारा निरीक्षण स्थल पर ही स्थापना करने वाली ईकाइयों को सुधार करते हुए निविदा के मापदंड के अनुसार संयंत्र स्थापना करने के सख्त निर्देश दिए गए। साथ ही क्रेडा के उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों से सीईओ राणा ने पाई गई कमियों को इकाई से समन्वय करते हुए आवश्यक सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। इसके बाद सीईओ राजेश राणा ने ग्राम रतेसरा एवं ग्राम कोकपुर में सौर सुजला योजना अंतर्गत स्थापित सोलर पंपों का निरीक्षण किया एवं हितग्राहियों से पंपों के उपयोग के संबंध में जानकारी ली। सीईओ राणा यहां से बस्तर संभाग के ही कोंडागांव जिले के दौरे पर निकल गए।जहां उन्होंने ग्राम खाले मुरवेंड में हितग्राही इंद्राराम सलाम एवं ग्राम जोबा में हितग्राही धनुराम बघेल के यहां सौर सुजला योजना अंतर्गत स्थापित सोलर पंपों का निरीक्षण किया एवं हितग्राहियों से पंपों के सुचारू संचालन और उपयोगिता के संबंध में जानकारी ली। राणा ने पंप में किसी भी प्रकार की खराबी आने पर क्रेडा के टोल फ्री नंम्बर – 18001234591 में कॉल करके शिकायत दर्ज कराने बाबत जानकारी हितग्राहियों को दी। इस दौरान हितग्राहियों द्वारा पंपों के संचालन के संबंध में संतुष्टि व्यक्त की गई। राणा द्वारा निरीक्षण के दौरान क्रेडा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को क्रेडा की विभिन्न परियोजना के अंतर्गत चल रहे कार्य जैसे जल जीवन मिशन, सौर सुजला योजना, सोलर हाई मॉस्ट संयंत्र, सोलर पॉवर प्लांट एवं अन्य संयंत्रों की स्थापना के दौरान सतत स्थल निरीक्षण करते हुए निविदा के मापदंड के अनुसार गुणवत्ता सुनिश्चित कराते हुए कार्य समय पर पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
वीरेंद्र चौधरी का निधन
दल्लीराजहरा। बीएसपी राजहरा माइंस से सेवानिवृत्त व स्थानीय ब्राह्मण समाज के संस्थापक सदस्य स्व. पं.सीताराम चौधरी के द्वितीय सुपुत्र वीरेंद्र चौधरी (54 वर्ष) का बीते 28 अप्रैल रविवार को रायपुर के अस्पताल में निधन हो गया।वे कुछ महीने से काफी अस्वस्थ चल रहे थे।वे अरविंद चौधरी (चुन्नी) व सुरेन्द्र चौधरी (नंदू) के भाई तथा आदित्य चौधरी के चाचाजी थे।वे अपने पीछे धर्मपत्नि श्रीमती रंजना चौधरी व एक पुत्र आयुष चौधरी (बीईएमएल कर्मचारी) व एक पुत्री कु.शैल चौधरी सहित भरापूरा परिवार छोड़ गए। आज सोमवार 29 अप्रैल को शाम 4 बजे उनकी अंतिम यात्रा, पुलिस थाना व बीएसपी अस्पताल चौक स्थित लाला पान ठेला के समीप वार्ड नं.22 स्थित निवास स्थान दल्लीराजहरा से चिखलाकसा स्थित मुक्तिधाम के लिए निकलेगी।
दल्ली राजहरा गुरुद्वारा के सामने दो ट्रैकों की टक्कर दुकान के सामने खड़ी कार को किया क्षतिग्रस्त
बिग ब्रेकिंग दल्ली राजहरा मुख्य मार्ग लवली ड्रेसस के सामने में फिर तेज रफ्तार का कहर दो ट्रक की आपसी टक्कर के बाद एक ट्रक खड़ी कार को टक्कर मार बुरी तरह क्षतिग्रस्त, किया मौके पर पुलिस पहुंच तत्काल ट्रक को सड़क से हटाया, लंबे समय से बाईपास की मांग दल्ली राजहरा के, नागरिकों द्वारा की जा रही है किंतु प्रशासन की अनदेखी के कारण आए दिन सड़क दुर्घटना है घट रही हैं आम नागरिक को इसका खामियाजा अपने जनधन, की हानि से चुकाना पड़ता है।


कोरबा –छत्तीसगढ़ प्रदेश किराड़ समाज के प्रदेश अध्यक्ष जयेश ठाकुर ने किराड़ समाज के लोगों से आग्रह किया कि वे देश को आतंकवाद, नक्सलवाद एवं गरीबी से छुटकारा दिलाने और भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने के लिए नरेन्द्र मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं। श्री ठाकुर ने अनुच्छेद 370 को हटाए जाने और अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का हवाला देते हुए कहा कि पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री मोदी ने वोट बैंक की परवाह किए बिना कई कड़े फैसले किए।
ठाकुर ने कहा कि दो चरण के मतदान के बाद अब यह साफ हो गया है कि देश की जनता ने मोदी को एक बार फिर सत्ता में लाने का फैसला कर लिया है। ठाकुर ने कहा ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि शेष सभी चरणों की सभी सीट पर कमल (भाजपा का चुनाव चिह्न) को वोट दें और मोदी को तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाएं। उन्हें तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाने का मतलब है- आतंकवाद और नक्सलवाद से मुक्ति, गरीबी से मुक्ति और युवाओं को एक मंच मुहैया कराने की व्यवस्था करना ताकि वे दुनिया के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल सकें और एक महान भारत का निर्माण कर सकें।’
किराड़ समाज के प्रदेशाध्यक्ष जयेश ठाकुर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष दीपक बैज द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई अपमानजनक टिप्पणी की निंदा की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस छत्तीसगढ़ समेत देश में लोकसभा चुनाव के दोनों चरणों में पिछड़ गई है, जिसके चलते निराशा और कुंठा में राजनीतिक प्रलाप कर रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि कांग्रेस सभी 11 सीटें हार रही है, इसलिए प्रधानमंत्री मोदी के लिए अपशब्द कह रहे हैं। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री का मानसिक संतुलन खराब हो गया है, जैसा बयान दिया है। श्री बैज ने भी कुछ ऐसे ही शब्दों का प्रयोग किया। जिस पर बयान के जरिए किराड़ समाज के प्रदेशाध्यक्ष श्री ठाकुर ने आपत्ति जताई और कहा कि प्रदेश की जनता ने छत्तीसगढ़ को इस बार कांग्रेसमुक्त करने का संकल्प लिया है और दो चरणों के मतदान से साफ है कि चारों लोकसभा सीटों पर भाजपा प्रचंड बहुमत से विजयी हो रही है। उन्होंने कहा कि इसके पहले भी कांग्रेस के नेताओ ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबंध में
ऐसे शब्दों का प्रयोग कर अपने राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है। ठाकुर ने आगे कहा कि कांग्रेस इस बार छत्तीसगढ़ में साफ होने जा रही है।
कांकेर की जंग में 2019 का मिथक तोड़ पाएगी कांग्रेस, या फिर बजेगा भाजपा का डंका
- कांकेर की विधानसभा सीटों के चुनावी नतीजों का सटीक विश्लेषण
-योगेश पाणिग्रही-
जगदलपुर छत्तीसगढ़ प्रदेश में दूसरे चरण का मतदान सम्पन्न होने के बाद और सभी उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है। अब सभी प्रत्याशी अपनी -अपनी जीत के दावे कर रहे हैं, जोकि स्वाभाविक है। इन सबके बीच कांग्रेस पार्टी के लोकसभा प्रत्याशी वीरेश ठाकुर के पिछले विधानसभा चुनाव में हार को लेकर तरह -तरह की बातें सामने आ रही हैं। कि पिछली बार जब कांकेर लोकसभा क्षेत्र में आठ विधायक कांग्रेस थे तो चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस कैसे हार गई? 2019 के लोकसभा चुनाव और 2023 के विधानसभा चुनाव के विधानसभावार नतीजों का सटीक विश्लेषण बस्तर की सियासी तासीर की बेहतर परख करने वाले राजनैतिक विश्लेषक योगेश पाणिग्रही ने गहन अध्ययन के बाद तैयार किया है।
लोकसभा चुनाव 2019 के आंकड़ों पर गौर करें तो चार- चार विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस व भाजपा को जीत मिली थी। विधानसभावार आंकड़े देखें तो सिहावा में लक्ष्मी ध्रुव विधायक थीं। तब कांग्रेस को 71182 वोट तथा भाजपा को 64061 वोट मिले थे। वीरेश ठाकुर को 6 हजार 581 वोटों की लीड मिली थी। वहीं संजारी बालोद में वर्तमान विधायक कांग्रेस की संगीता सिन्हा के होते हुए भी कांग्रेस ने 74 हजार 547वोट पाए और भाजपा ने 83हजार 044 वोट पाकर 8 हजार 497 वोटों की बढ़त ली थी। मंत्री रहीं अनिला भेड़िया के क्षेत्र डौंडी लोहारा में कांग्रेस को 79 हजार 190 वोट, तो भाजपा को 67 हजार 820 मिले। कांग्रेस 11हजार 370 से विजय पताका फहरा पाई थी। गुंडरदेही में कुंवर सिंह निषाद विधायक होते हुए कांग्रेस 76 हजार 754 तो भाजपा को 88 हजार 145 मत मिले। कांग्रेस 11 हजार 391वोटों से हारी। इसी प्रकार अंतागढ़ में अनूप नाग के विधायक रहते कांग्रेस को 44 हजार 444 व भाजपा को 59 हजार 653 मत मिले जिससे लोकसभा चुनाव में बड़ी हार 15 हजार 209 वोट की मिली। भानुप्रतापपुर में विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी के रहते कांग्रेस को 71 हजार 254 तथा भाजपा को 56 हजार 563 मत मिले थे और भाजपा 14 हजार 691 वोटों से आगे रही। कांकेर में पूर्व आईएएस शिशुपाल सोरी के विधायक रहते कांग्रेस को 58 हजार 167 तथा भाजपा को 60 हजार 719 को वोट मिले। बमुश्किल कांग्रेस को 2 हजार 552 वोटों की ही लीड मिल पाई थी। केशकाल विधानसभा क्षेत्र में बस्तर विकास प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष संतराम नेताम के विधायकी में कांग्रेस को 62 हजार 454 मत तो भाजपा को 63 हजार 371 वोट मिले। यहां कांग्रेस को सबसे छोटी हार 917 वोट से मिली थी।
लीड कायम रख पाएंगे विधायक?
कांकेर लोकसभा क्षेत्र में 2023 के विधानसभा चुनाव में पांच विधानसभा क्षेत्रों सिहावा, संजारी- बालोद, डौंडीलोहारा, गुंडरदेही व भानुप्रतापपुर में कांग्रेस के निर्वाचित विधायक हैं। भाजपा की ओर से अंतागढ़, कांकेर व केशकाल में विधायक हैं। क्या कांग्रेस- भाजपा के वर्तमान विधायक अपने -अपने निर्वाचन क्षेत्रो में लीड बरकरार रख पाएंगे या फिर पिछले लोकसभा चुनाव की तरह आंकड़ों में इस बार उलट फेर होगा?केंद्रीय चुनाव आयोग की वेबसाइट से मिले आंकड़ों के अनुसार विधानसभा चुनाव में मिले आंकड़ों पर गौर करें तो कांग्रेस को सिहावा में 13 हजार 166 ,संजारी बालोद में 17 हजार 406, डौंडीलोहारा में 35 हजार 579, गुंडरदेही में 14 हजार 863 व भानुप्रतापपुर में 30 हजार 932 समेत कुल 1 लाख 11 हजार 946 वोट मिले थे। वहीं भाजपा को अंतागढ़ में 23 हजार 710, कांकेर में 16 हजार, केशकाल में 5 हजार 556 समेत कुल 29 हजार 282 वोट मिले थे।विधानसभा चुनाव परिणाम के अनुसार लीड पर गौर किया जाए तो कांग्रेस पार्टी के पास 82 हजार 664 वोटों की लीड है। लेकिन प्रश्न यह उठता है कि कांग्रेस न्याय के आधार पर लीड बरकरार रख पाएगी या भाजपा मोदी मैजिक में चुनाव जीत जाएगी।
एक सड़क ने भद्द पिटवा दी लोक निर्माण विभाग की, हो रही है जमकर थू -थू
- एसडीओ ने करा दी विभाग के ईई की बड़ी बदनामी
–अर्जुन झा–
जगदलपुर तथाकथित जांच के नाम पर पूरी सड़क को उखड़वा देने के मामले में लोक निर्माण विभाग की भद्द पिट गई है, चारों तरफ थू थू हो रही है। आंच अब विभाग के ईई के दामन तक भी पहुंच रही है। विभाग के सब डिवीजन भानुप्रतापपुर में पदस्थ एसडीओ गणवीर एसके के चक्कर में ईई भी बदनाम हो रहे हैं। कहा जा रहा है कि एसडीओ अपने ईई के नाम पर ही वसूली करते रहे हैं और एसडीओ को बचाने के फेर में ईई पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। एसडीओ की कारगुजारी परत दर परत खुलकर सामने आती जा रही हैं। वहीं एक बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब सड़क निर्माण निर्माण ढंग से नहीं हुआ था, तब सड़क बनने के शुरूआती दौर में एसडीओ और सब इंजीनियर क्या कर रहे थे, उस समय उन्होंने निर्माण कार्य क्यों नहीं रुकवाया? अगर ठेकेदार ने लापरवाही बरती है, तो उससे कहीं ज्यादा लापरवाही अपने कर्तव्य के प्रति एसडीओ और सब इंजीनियर ने बरती है। इसलिए इन दोनों पर भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

बस्तर संभाग के भानुप्रतापपुर में पदस्थ लोक निर्माण विभाग के एसडीओ गणवीर एसके ने कुछ दिनों पहले कच्चे से साल्हे तक बनी लगभग तीन किमी लंबी सीसी रोड को कथित जांच के नाम पर जेसीबी से उखड़वा दिया था। यह सड़क एक ठेकेदार के माध्यम से बनवाई जा रही थी। जबकि जांच का पैमाना कुछ और ही कहता है। नियमानुसार सड़क के 5-6 मीटर के अंतराल में खोदाई करवाकर प्रयुक्त निर्माण सामग्री का सेंपल लिया जाना चाहिए और मोटाई नापी जानी चाहिए, मगर एसडीओ गणवीर ने कच्चे – साल्हे के बीच बन रही सड़क के मामले में जो बुलडोजर एक्शन लिया है, वह एसडीओ की ठेकेदार के प्रति दुर्भावना को ही प्रदर्शित करता है। कहा जा रहा है कि ठेकेदार द्वारा डिमांड पूरी न की जाने पर ही एसडीओ ने सड़क पर अपनी भड़ास निकाल दी है। अगर ऐसा नहीं है, तो फिर एसडीओ और उनके मातहत सब इंजीनियर उस समय कहां थे, जब सड़क निर्माण का काम शुरूआती दौर में था। जाहिर है उन्होंने सड़क निर्माण में अपने सुपरविजन की जरूरत ही नहीं समझी। साल्हे चौक के लोगों का तो यहां तक कहना है कि एसडीओ और सब इंजीनियर कभी भी सड़क निर्माण का जायजा लेने नहीं पहुंचे। उक्त सीसी रोड में मापदंड के अनुसार अगर कांक्रिट नहीं डाली गई थी, तब विभाग के सब इंजीनियर ने सुपरविजन करते हुए उसे तुरंत ही क्यों नहीं हटवाया? इसका आशय तो यही है कि सुपरविजन के बिना 30 मीटर सड़क बना दी गई, या फिर जानबूझकर ऐसा होने दिया गया। सूत्र बताते है कि ठेकेदार, एसडीओ, और ईई के बीच त्रिपक्षीय समझौता हुआ था। इसमें मुख्य किरदार एसडीओ गणवीर एसके थे।जिसमे समझौता उसी ग्रेड की कांक्रिट से पूरी सीसी रोड बनाना थी। उसी आधार पर लेनदेन का सौदा तय हुआ था। मगर बात नहीं बनी तब एसडीओ ने जेसीबी से पूरी सड़क को तहस नहस करवा दिया। पूरे घटनाक्रम को ईई और सब इंजीनियर देखते रहे। आश्चर्य की बात तो यह है कि और ठेकेदार को नोटिस जारी किए बिना ही पूरी सड़क उखाड़ दी गई। साल्हे चौक के लोगों का कहना है कि जब तक काम चला, पीडब्ल्यूडी के सब इंजीनियर एसडीओ कार्यस्थल पर कभी नहीं पहुंचे, लेकिन जब रोड उखड़ना शुरू हुआ तो सब मौके पर पहुंच गए, भ्रष्टाचार गिनाने लगे। जानकारी तो यह भी मिली है कि कच्चे से साल्हे तक सीसी रोड नहीं बल्कि आरसीसी रोड बनानी थी। बहरहाल इस समूचे घटनाक्रम ने लोक निर्माण विभाग की बड़ी फ़जीहत करा दी है। एसडीओ तो अपनी करतूत को लेकर पहले से ही चर्चित हैं ही, अब उनके सीनियर ईई की भी किरकिरी होने लगी है।
आदिवासियों और ओबीसी का आरक्षण छीनकर वर्ग विशेष को देने की साजिश कर रही है कांग्रेस: केदार
- कांग्रेस के सामाजिक न्याय का यही है असली पहलू
- 60 साल से गरीबी पर भाषण दे रही है कांग्रेस
जगदलपुर छत्तीसगढ़ सरकार में वरिष्ठ मंत्री केदार कश्यप ने कांग्रेस की प्रेस वार्ता पर तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के नेता केवल गरीबों पर झूठा भाषण देते हैं। एक तरफ तो 60 साल सत्ता में रहते गरीबों का भला नहीं कर पाए, दूसरी तरफ गरीबों को राशन, आवास, नल, गैस, बिजली, शौचालय मिलने पर विरोध करते हैं।
कश्यप ने कहा जब 2014 में मोदी जी प्रधानमंत्री बने तब भारत के करोड़ों लोगों के पास न घर था, न गैस कनेक्शन, न शौचालय, भूख से देश में मौतें होती थीं, पानी के लिए महिलाओं को घंटों पैदल चलना पड़ता था। अटल सरकार के देशहित के कई कार्यों के बाद मोदी सरकार ने 10 वर्षो में 60 साल के ये हालात बदल दिए।गरीबों के लिए अपना पल पल खपा दिया। गरीब अब स्वाभिमान से जीने लगा है, तो कांग्रेस को पीड़ा हो रही है। कश्यप ने कहा कि आजकल कांग्रेस के छत्तीसगढ़ के और राष्ट्रीय नेता सामाजिक न्याय की बातें करने लगे हैं। कांग्रेस ओबीसी और आदिवासियों का आरक्षण छीनने का षड्यंत्र रच रही है। जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है ऐसा किया भी गया है कि देश के आदिवासियों, ओबीसी, अनुसूचित जाति का आरक्षण छीनकर अल्पसंख्यकों को देना यही कांग्रेस का सामाजिक न्याय है? कांग्रेस देश के लोगों के अधिकार और संस्कृति दोनों छीनने की पूरी प्लानिंग कर चुकी है। एक तरफ आरक्षण छीनना, दूसरी तरफ धर्मांतरण कराने वालों को संरक्षण देकर आदिवासियों और ओबीसी को उनकी संस्कृति से दूर करने का षडयंत्र करना। जनता कांग्रेस के हर षडयंत्र का करारा जवाब देगी।
फिल्म अभिनेता साहिल खान को मुंबई क्राइम ब्रांच ने किया बस्तर जिले से गिरफ्तार
- सीमावर्ती जिले से होकर पहुंचे थे बस्तर जिले में
- साहिल खान पर मुंबई में दर्ज है आपराधिक मामला
जगदलपुर बॉलीवुड अभिनेता साहिल खान को मुंबई पुलिस द्वारा बस्तर जिले से गिरफ्तार किए जाने की खबर सामने आई है।अभिनेता साहिल खान पर मुंबई में कोई आपराधिक मामला दर्ज है। इसी सिलसिले में उन्हें हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिली है।
जानकारी मिली है कि मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा मुंबई में पंजीबद्ध एक आपराधिक मामले में फिल्म अभिनेता साहिल खान की तलाश की जा रही थी। बताया गया है कि नामजद आरोपी साहिल खान ने कानूनी कार्रवाई और पुलिस की गिरफ्त में आने से बचने के लिए लगातार अपना लोकेशन बदलते हुए महाराष्ट्र के सीमावर्ती जिलों से होकर छत्तीसगढ़ में प्रवेश किया था। संभावना जताई जा रही है कि छत्तीसगढ़ की सीमा से सटे महाराष्ट्र के गढ़चिरौली होते हुए साहिल खान बस्तर जिले में पहुंचे होंगे। मुंबई पुलिस उन्हें लोकेट करते हुए बस्तर पहुंच गई और यहां से उन्हें मुंबई पुलिस द्वारा हिरासत में ले लिया गया है। बताया गया है कि मुंबई पुलिस मामले से संबंधित विस्तृत जानकारी जल्द साझा करेगी। जैसे ही एक्टर साहिल खान को बस्तर जिले से गिरफ्तार किए जाने की खबर बाहर आई, जगदलपुर में तरह तरह की चर्चाएं चल पड़ी हैं। कोई ड्रग की बात कह रहा है, कोई रेप की, तो कोई मारपीट के मामले में साहिल खान की गिरफ्तारी का दावा कर रहा है। मामला चाहे जो भी हो, रहस्य से पर्दा मुंबई पुलिस के खुलासे के बाद ही उठ पाएगा।


