दल्लीराजहरा:-आज के आधुनिक युग में जहां एक तरफ हमारा देश डिजिटल क्रांति और आर्थिक उन्नति की नई ऊंचाइयों को छू रहा है, वहीं दूसरी ओर देश का भविष्य—यानी हमारी युवा पीढ़ी—तेजी से नशे के दलदल में धंसती जा रही है। स्कूल और कॉलेज के छात्रों से लेकर कामकाजी युवाओं तक, नशीले पदार्थों का सेवन एक फैशन और मानसिक तनाव से बचने का जरिया बनता जा रहा है, जो समाज के लिए एक बेहद चिंताजनक संकेत है।क्यों बढ़ रहा है युवाओं में नशे का रुझान?
आशीष गुप्ता के अनुसार, युवाओं में नशे की लत बढ़ने के पीछे कई मुख्य कारण हैंपीयर प्रेशर (दोस्तों का दबाव): कई बार युवा सिर्फ अपने दोस्तों के ग्रुप में ‘कूल’ दिखने या शामिल होने के लिए नशे की शुरुआत करते हैं।तनाव और डिप्रेशन: पढ़ाई का दबाव, करियर की चिंता, और बदलती जीवनशैली के कारण युवा मानसिक तनाव से घिर रहे हैं। इससे बचने के लिए वे गलत रास्तों का सहारा लेते हैं।आसानी से उपलब्धता: सोशल मीडिया और आधुनिक तकनीकों के दौर में प्रतिबंधित नशीले पदार्थों और सिंथेटिक ड्रग्स की पहुंच युवाओं तक बेहद आसान हो गई है।पारिवारिक संवाद की कमी: माता-पिता की व्यस्तता के कारण बच्चों से संवाद कम होना भी उन्हें इस अकेलेपन और भटकाव की ओर धकेलता है।*बढ़ते कदम: रोकथाम के लिए अति आवश्यक उपाय*यदि समय रहते इस गंभीर समस्या पर काबू नहीं पाया गया, तो देश की एक पूरी पीढ़ी बर्बाद हो सकती है। इसके रोकथाम के लिए निम्नलिखित स्तरों पर कड़े कदम उठाने की सख्त जरूरत है:1. पारिवारिक सतर्कता और संवादमाता-पिता को अपने बच्चों के बदलते व्यवहार पर ध्यान देना होगा। उनसे खुलकर बात करें, उनके दोस्तों के बारे में जानें और उन्हें एक सुरक्षित, तनावमुक्त माहौल दें।2. शैक्षणिक संस्थानों की भूमिकास्कूलों और कॉलेजों में केवल किताबी ज्ञान नहीं, बल्कि नशे के दुष्प्रभावों पर नियमित रूप से काउंसलिंग सत्र और जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए।3. प्रशासन और कानून की सख्तीपुलिस और नार्कोटिक्स विभाग को शैक्षणिक संस्थानों के आस-पास नशीले पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लगानी होगी। ड्रग पेडलर्स (तस्करों) के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जरूरी है।4. पुनर्वास (Rehabilitation) केंद्रों की सुलभताजो युवा इस लत का शिकार हो चुके हैं, उन्हें अपराधी की नजर से देखने के बजाय मरीज के रूप में देखा जाए। उनके लिए बेहतर और सुलभ काउंसलिंग और नशामुक्ति केंद्रों की व्यवस्था होनी चाहिए।
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