दल्ली राजहरा :- भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार , अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम एवं भारतीय जनता पार्टी जिला बालोद के अध्यक्ष कृष्णकांत पवार के मार्गदर्शन में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री एवं विश्व पटल पर भारत को महाशक्ति के रूप में स्थापित करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 71 वें जन्मदिन पर सेवा एवं समर्पण अभियान के तहत भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष विक्रम ध्रुवे के नेतृत्व में जिले के कार्यकर्ताओं ने मोदी जी का जन्मदिन केक काटकर एवं वृक्षारोपण कर धूमधाम से मनाया। इसी परिपेक्ष में चिखलाकसा नगर पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जनजाति मोर्चा के अध्यक्ष एवं सांसद प्रतिनिधि विक्रम धुर्वे के मार्गदर्शन में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ अनुसूचित जनजाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष देवेंद्र महला, अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल खोबरागडे, नगर पंचायत चिकलाकसा की अध्यक्षा भीखी मसीया, उपाध्यक्ष अब्दुल इब्राहिम तौसीन नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष भरत भाई पटेल ने वृहद वृक्षारोपण करते हुए 71 पेड़ लगाकर उसकी सुरक्षा का संकल्प लिया । इस अवसर पर प्रमुख रूप से पार्षद गण विमला जैन ,कुंती देवांगन ,संगीता साहू, सुनीता गुप्ता, शांति बाई रावटे ,लीला डडसेना,ताराचंद पाथोड़े, तिहारू राम आर्य, घना राम साहू , युवा मोर्चा के मंडल उपाध्यक्ष आशीष गुप्ता, रेवा खरान्शु, पंकज साहू आदि उपस्थित थे।
आजादी का अमृत महोत्सव अभियान अन्तर्गत पर्यटन स्थल बिजली डैम (खैराभाट) में चलाया गया स्वच्छता अभियान’ सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह अभियान अंतर्गत ज़िला कलेक्टर धर्मेश साहू और मुख्य कार्यपालन अधिकारी ज़िला पंचायत पोषण लाल चंद्राकर के निर्देशन में पर्यटन स्थल बिंजली डैम (खैराभाट) में वृहद स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें पर्यटन स्थल के पास गार्डन की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनाथ उसेंडी ने फावड़ा उठाकर हैंड पम्प के पास नाली निर्माण में सहयोग किया और अनावश्यक कचरे को ग्रामीणों के साथ श्रमदान कर साफ सफाई कर सिंगल यूज प्लास्टिक के हानि और बीमारियों से बचने के लिये स्वच्छता को जीवन मे महत्त्व देने की अपील की गई। कार्यक्रम में सरपंच अंकालू दुग्गा, सचिव सकेश्वर रावटे, एपीओ रामेश्वर जायसवाल, रंजीत सिंह, जीवन लाल, आशुतोष हलदर, रमेश करंगा उपस्थित थे।
उम्मीद की रेशमी किरण – 23 हितग्राहियों ने कोसा फल बेचकर 3 लाख 50 हजार रूपये की प्राप्त की आमदनी मनरेगा से लगाये गये 40 एकड़ में अर्जुन के 65 हजार पेड़, व्यापक पैमाने पर हो रहा रेशम का उत्पादन, नक्सल प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को मिल रहा रोजगार
डॉ एस वली आज़ाद – नारायणपुर 17 सितम्बर 2021
अर्जुन के 65 हजार पेड़ वनांचल में उम्मीद की रेशमी किरण बिखेर रही है। मनरेगा के तहत 40 एकड़ रकबे में लगाए गए इन पेड़ों पर रेशम विभाग अब कृमिपालन कर कोसा सिल्क उत्पादन किया जा रहा है। इसके लिए समूह बनाकर स्थानीय ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया है। यहां कोसा उत्पादन से नक्सल प्रभावित क्षेत्र के परिवारों को स्थाई रोजगार मिला है। नक्सल प्रभावित नारायणपुर के बोरण्ड ग्राम पंचायत के गोटाजम्हरी गांव में मनरेगा, रेशम विभाग और जिला खनिज न्यास निधि के अभिसरण से अर्जुन के पेड़ लगाये गए हैं। रेशम विभाग गांव के ही श्रमिकों का समूह बनाकर इन पेड़ों पर टसर कोसा कृमिपालन का काम वर्श 2020-21 में शुरु कर दिया है। हितग्राहियांे द्वारा कृमिपालन कार्यकर एक फसल में 76 हजार 602 नग कोसा फल उत्पादन कर 1 लाख 67 हजार 576 रूपये की आय अर्जित की। वहीं वर्श 2021-22 में 11 हितग्राहियों द्वारा टसर कृमिपालन कर 88 हजार नग कोसा फल का उत्पादन किया गया। जिससे इन्हें 1 लाख 80 हजार रूपये की आय हुई। टसर कृमिपालन का कार्य 40 से 45 दिनों का होता है। रेशम विभाग द्वारा समूह के सदस्यों को 35-40 दिनों का प्रशिक्षण देकर कृमिपालन से लेकर कोसा फल संग्रहण तक का काम सिखाया गया है। कृमिपालन के लिए पूरे 40 एकड़ के वृक्षारोपण को अलग-अलग भागों में बांटा गया है। समूह द्वारा उत्पादित कोसाफल को शासन द्वारा स्थापित कोकून बैंक के माध्यम से क्रय किया जा रहा है। कोसा फल के विक्रय से प्राप्त राशि समूह के खाते में हस्तांतरित होगी। इस तरह कोसा सिल्क के उत्पादन से एक साथ 12 परिवारों को नियमित रोजगार मिल रहा है। वे रेशम उत्पादन में दक्ष होकर अब 15 हजार रूपये की कमाई कर बेहतर जीवन व्यतीत कर रहे हैं।
वृक्षारोपण से 10561 मानव दिवस का रोजगार, 18 लाख से अधिक का मजदूरी भुगतान
नारायणपुर जिला मुख्यालय से करीब 12 किलोमीटर दूर गोटाजम्हरी में मनरेगा, रेशम विभाग और डीएमएफ के अभिसरण से अर्जुन के पेड़ों का रोपण किया गया था। रेशम विभाग ने इस साल मार्च महीने तक इनका संधारण और सुरक्षा की। डीएमएफ से मिले सात लाख 34 हजार रूपए से पौधों की नियमित सिंचाई के लिए नलकूप खनन और सुरक्षा के लिए फेंसिंग की व्यवस्था की गई। पौधरोपण के बाद से ही मनरेगा के अंतर्गत पिछले वर्षों तक इनका संधारण किया गया। इस दौरान बोरण्ड ग्राम पंचायत के 294 जरूरतमंद परिवारों को दस हजार 561 मानव दिवस का सीधा रोजगार मिला। इसकी मजदूरी के रूप में ग्रामीणों को 18 लाख 20 हजार रूपए का भुगतान किया गया।
बोरण्ड की मनरेगा श्रमिक जागेश्वरी बताती हैं कि उन्होंने यहां वृक्षारोपण और पौधों के संधारण के लिए 2016-17 से 2019-20 तक कुल 191 दिन काम किया। इसकी मजदूरी के रूप में उसे 31 हजार 448 रूपए प्राप्त हुए। वहीं एक और मनरेगा श्रमिक मोहन सिंह राना को 334 दिनों का रोजगार मिला जिसमें उसे कुल 57 हजार 620 रूपए की मजदूरी मिली। मनरेगा से गांव में ही हासिल रोजगार से इन दोनों ने लंबे समय तक अपनी जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलेगा।
मनुष्य की मूलभूत आवश्यकताओं में रोटी, कपड़ा और मकान को गिना जाता है। हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका स्वयं का एक सर्व सुविधा युक्त मकान हो, लेकिन विभिन्न परिस्थितियों के कारण बहुत से लोग स्वयं का मकान नहीं बना पाते हैं या उन्हें बनाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। रोटी, कपड़ा और मकान किसी भी व्यक्ति के सबसे जरूरी आवश्यकता मानी जाती है। आज के समय में गरीब आदमी मेहनत मसक्कत के साथ रोटी और कपड़ा की व्यवस्था तो कर लेता पर मकान की व्यवस्था कर पाना कठिन होता है। ऐसे लोगों को शासन-प्रशासन से सहयोग की उम्मीद होती है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के साथ-साथ जिले की प्रशासनिक टीम भी लोगों की इन उम्मीदों को पूरा करने के लिये समर्पित होकर कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा है कि प्रदेश का हर व्यक्ति सुखी हो, संपन्न हो, उसे किसी प्रकार की परेशानी न हो। लोगों के आवास की समस्या को लेकर वे संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं। राज्य शासन के निर्देशानुसार कलेक्टर श्री पी एस एल्मा के निर्देशन एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका नारायणपुर के मार्गदर्शन में जिले में आवासहीनों के आवास तेजी से बनाये जा रहे हैं। इसी का परिणाम है कि नगर पालिका क्षेत्र नारायणपुर के अंतर्गत 543 स्वीकृत मकान में से 441 हितग्राहियों को पक्का मकान उपलब्ध करवाया गया है। सरकार ने गरीबों की इस समस्या को अच्छी तरह समझा है और लोगों को पक्के मकान की व्यवस्था करने का कार्य कर रही है। मोर जमीन मोर मकान योजनांतर्गत जिनके पास पक्का मकान नहीं उन्हें पक्का मकान उपलब्ध करा रही है।
नारायणपुर नगर पालिका क्षेत्र के महावीर चौक वार्ड क्रमांक 8 में रहने वाली श्रीमती इतवारिन बाई का सपना था कि उनका पक्का मकान हो। मोर जमीन मोर मकान अंतर्गत श्रीमती इतवारिन का पक्के मकान का सपना पूरा हो गया है। बता दें कि शहर क्षेत्रों के परिवार को पक्के आवाास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मोर जमीन-मोर मकान योजना लागू की गयी है। इस योजना का लक्ष्य शहरी क्षेत्र में रहने वाले कमजोर आय वर्ग एवं आवासहीन परिवार को मूलभूत सुविधाओं सहित पक्का आवास उपलब्ध कराना है। प्रदेश में यह योजना सभी नगरीय निकायों में क्रियान्वित है। इस योजना के तहत् हितग्राहियों को सरकार द्वारा 2 लाख 28 हजार रूपये तक अंशदान दिया जाता है। जिसमें हितग्राही अपनी सुविधानुसार और राशि लगाकर अपने पक्के मकान का निर्माण कर सकता है।
➡️ दहेज के लिए प्रताड़ित करने वाले आरोपी पिता-पुत्र को कोतवाली पुलिस ने किया गिरफ्तार
➡️ पीड़िता जगदलपुर से शादी होकर आंध्रप्रदेश गई थी
➡️ घर में लड़की पैदा हुई है कहकर दहेज मांग कर किया जाता जाता था प्रताड़ित
➡️ आरोपियों को कोतवाली पुलिस ने आंध्र प्रदेश से किया गिरफ्तार
दहेज उत्पीड़न के मामले में दो साल से फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने में बस्तर पुलिस को सफलता मिली है। ज्ञात हो कि पीड़िता का वर्ष 2015 में आरोपी भास्कर राव के साथ विवाह हुआ था वर्ष 2017 में पीड़िता को एक लड़की पैदा हुई थी लड़की पैदा होने के पश्चात पीड़िता के पति एवं ससुर के द्वारा दहेज के नाम ₹300000 मांग कर प्रताड़ित किया जा रहा था जिस पर पीड़िता ने कोतवाली में अपने पति एवं ससुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करायी जिस पर कोतवाली में आरोपी भास्कर राव और वेंकट अप्पा राव के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न का अपराध दर्ज कर अनुसंधान में लिया गया था मामले की गंभीरता को देखते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जीतेन्द्र सिंह मीणा एवं अति0 पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार के पर्यवेक्षण में निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में टीम गठित किया गया। विवेचना दौरान उक्ट टीम के द्वारा लगातार घटना दिनांक से फरार आरोपियों की पता तलाश किया जाकर टीम आंध्रप्रदेश रवाना किया गया। जो टीम द्वारा आरोपियों का पता तलाश कर आरोपी 1.वाय भास्कर राव पिता वाय वेंकट अप्पा राव उम्र 30 साल 2. वाय वर्केट अप्पा राव पिता स्व० वाय चिन्नारामा स्वामी उम्र 53 नि0 श्रीकाकुलम, थाना वनटॉउन, आंध्रप्रदेश को घेराबंदी कर पकड़ा गया। जिससे पुछताछ करने पर अपराध घटित करना स्वीकार करने पर आरोपियों को विधिवत् गिरफ्तारी के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
गुंडरदेही विकासखंड के डुंडेरा स्कूल में पदस्थ शिक्षक खेमेन्द्र ठाकुर की सड़क हादसे में आज 17 सितम्बर सुबह 9 बजे मौत हो गई | शिक्षक खेमेन्द्र ठाकुर अपने निवास ग्राम बोरगहन से डुंडेरा स्कूल के लिए निकला हुआ था देर हो जाने की वजह से बाइक की गति काफी ज्यादा थी और इसी दौरान मोड़ पर अनियंत्रित हो जाने से परस तराई चौक के पास व्यावसायिक परिसर के सामने गिर पड़े | हेलमेट न पहनने की वजह से सिर पर गंभीर चोट आई थी | इस हादसे में शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई अर्जुन्दा थाना पुलिस घटना स्थल पर पहुँच शव का पंचनामा कर आगे की कार्यवाही की गई |
मिशन सिक्योर सिटी और अपराध नियंत्रण के उद्देश्य से जगदलपुर शहर में बस्तर पुलिस के द्वारा आज पैदल मार्च कर कॉम्बिंग गस्त कर शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आकस्मिक दबिश दी गई जिसके अंतर्गत आज वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जितेंद्र सिंह मीणा, अति. पुलिस अधीक्षक ओमप्रकाश शर्मा एवं नगर पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार , थाना प्रभारी कोतवाली एमन साहू , थाना प्रभारी बोधघाट धनंजय सिन्हा के नेतृत्व में टीम गठित कर जगदलपुर मेन रोड, दलपत सागर , संजय बाजार, गंगामुंडा , इंदिरा स्टेडियम , नया बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, आदि जगहों पर पुलिस के द्वारा शाम को दबिश दिया गया एवं बाहर से आने वाले यात्रियों एवं संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग की गई साथ होटल लॉज आदि जगहों की भी चेकिंग की गई है !
दल्लीराजहरा – दल्लीराजहरा पुराना बाजार क्षेत्र में रेल्वे ट्रैक पर मन्नू राम गौरे निवासी अन्डी थाना डौंडी की ट्रेन से कटकर मौत हो गई है | मृतक के सम्बन्ध में पुलिस को सूचित कर दिया गया है जिस पर पुलिस मौके पर शव को अपने कब्जे में लेकर जांच पड़ताल कर रही है | अंदेशा है कि युवक की मौत केवटी से रायपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से यह हादसा हुआ होगा किन्तु यह अभी स्पष्ट नहीं है | पोस्टमार्टम के बाद ही पता चल पायेगा कि हत्या या आत्महत्या |
पूर्व मैनेजर के विरुद्ध हुई कार्यवाई, उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारी बचते नज़र आये
जगदलपुर
नया बस स्टैंड स्थित अंग्रेजी शराब दुकान में आरएसपी से अधिक मूल्य पर शराब विक्रय किये जाने को लेकर यहाँ के पूर्व-मैनेजर सह सेल्समेन के विरुद्ध कार्यवाई किये जाने की जानकारी विभागीय सूत्रों के हवाले से प्राप्त हो रही है. विडम्बना तो यह है कि मामले में जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय से कार्यवाई नहीं की गयी है, बल्कि उपायुक्त (आबकारी विभाग) की ओर से बर्खास्तगी की कार्यवाई होने की जानकारी मिल रही है.
क्या है मामला? दरअसल, नया बस स्टैंड स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान की लगातार शिकायतें की जा रही थी यहाँ के पूर्व-मैनेजर सह सेल्स मैन द्वारा अपनी संरक्षण में आरएसपी से अधिक दाम पर धड़ल्ले से कई कंपनियों की शराब को ऊँचे दामों पर ग्राहकों को दिया जा रहा है. जिसके बाद मदिरा प्रेमियों ने भी अपना नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया था की वे इसकी शिकायत आबकारी मंत्री से करेंगे. मामले के तूल पकड़ने के बाद भाजपा पार्षद व नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे ने आबकारी मंत्री, आबकारी विभाग के अधिकारी/कर्मचारी सहित पूर्व-मैनेजर आशा राम यादव को आड़े हाथ लेते हुए सबकी मिलीभगत से इस लूट को अंजाम दिया जाना करार दिया था. गौरतलब हो कि कुछ दिन पूर्व ही आशा राम को मैनेजर पद से हटा दिया गया है, साथ ही उपायुक्त कार्यालय से बर्खास्तगी की कार्यवाई भी किये जाने की जानकारी मिल रही है.
उक्त कार्यवाई के सम्बन्ध में मीडिया प्रतिनिधियों ने उपायुक्त कार्यालय से जानकारी लेने की कोशिश की तो यहाँ के कर्मचारियों ने बताया कि अधिकारी (उपायुक्त) के आने का कोई समय निश्चित नहीं है. जब कर्मचारियों से प्रत्यक्ष व दूरभाष पर चर्चा कर उपायुक्त का मोबाइल नंबर माँगा गया तो उन्होंने बताया कि अधिकारी द्वारा उन्हें निर्देश दिया गया है कि किसी भी व्यक्ति को उनका नंबर न दिया जाए.
कार्यालय की परिस्थितियों की माने तो उपायुक्त महोदय का दहशत कर्मचारियों के मध्य साफ़ झलक रहा था. यही नहीं, इनके गोलमोल जवाब से यह साफ़ हो रहा था कि कहीं न कहीं दुकान के कर्मचारियों को इनका मौन समर्थन प्राप्त है. बहरहाल, यह देखने वाली बात होगी की जनहित के इस मुद्दे पर विभाग के अधिकारी क्या कुछ उचित कार्यवाई करते हैं?
अधिकारी से चर्चा नहीं होने के कारण इस बात की पुष्टि नही हो सकी की दुकान के पूर्व मैनेजर पर क्या कुछ कार्यवाई की गई है?
जगदलपुर।आदिवासी क्षेत्रों की संस्कृतियों में बस्तर जिले की संस्कृति की अलग ही पहचान है , जिसमें विशेष रूप से लोकनृत्य , लोकगीत , स्थानीय भाषा , साहित्य एवं बस्तर शिल्पकला प्रमुख हैं , इनको एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी तक शुद्ध रूप में हस्तान्तरण करना तथा बाकी देश दुनिया को इसका परिचय कराना और बस्तर में शासकीय कार्यों के सुचारू सम्पादन हेतु मैदानी क्षेत्र के अधिकारी, कर्मचारियों को यहाँ की स्थानीय भाषा को जानना आवश्यक है. उक्त बातें स्थानीय आसना मोटल में पहुंचे जिला कलेक्टर रजत बंसल ने मीडिया से चर्चा के दौरान कही है.
बंसल ने कहा कि मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ शासन भूपेश बघेल के द्वारा बस्तर जिला के धुरागांव लोहण्डीगुड़ा प्रवास के दौरान , इस विषय में कार्य करने हेतु निर्देशित किया गया था । इस निर्देश के परिपालन में जिला प्रशासन बस्तर द्वारा आसना , जगदलपुर में बस्तर अकादमी ऑफ डान्स , आर्ट , लिटरेचर एण्ड लेंग्वेज की स्थापना की जा रही है । इस अकादमी में प्रमुख रूप से चार प्रभाग होगें , जिसमें लोकनृत्य एवं लोकगीत संकाय, लोक साहित्य संकाय, भाषा संकाय, बस्तर शिल्पकला संकाय । लोकगीत एवं लोकनृत्य संकाय के तहत् लोक कलाकारों का पंजीयन कार्य प्रगति पर है , अभी तक लगभग 130 नृत्यदलों एवं व्यक्तिगत कलाकारों का पंजीयन हो चुका है । लोकगीतों के संकलन का कार्य भी किया जा रहा है । इसी तरह बस्तर के गंवर सिंग नाचा , डण्डारी नाचा , धुरवा नाचा , परब नाचा , आदि का विस्तृत संकलन भी जारी है ।
भविष्य में भी इन विधाओं में रूचि रखने वाले युवक – युवतियों को बादल में प्रशिक्षण भी दिया जायेगा । लोक साहित्य संकाय के तहत् बादल स्टॉफ द्वारा हल्बी , भतरी गोंडी में बस्तर की संस्कृति पर आधारित 51 कविताओं का संग्रह किया गया है , जो प्रकाशन के लिए तैयार है । इसके अतिरिक्त बस्तर के आदिवासी समाज में प्रचलित कहानी , गीत , ठसा , मुहावरा आदि का संकलन भी किया जा रहा है । जिन्हें संकलन कर पुस्तक का रूप दिया जायेगा । जिससे यह संरक्षित होने के साथ – साथ उच्च शिक्षा हेतु शोधकर्ता विद्यार्थियों के लिए भी सहायक होगा ।
भाषा संकाय के तहत बादल के दो स्टॉफ द्वारा हल्बी स्पीकिंग कोर्स और गोंडी स्पीकिंग कोर्स तैयार किया जा चुका है । जिसका शीघ्र प्रकाशन किया जायेगा । इसी तरह भतरी एवं धुरवी में स्पीकिंग कोर्स शीघ्र तैयार करने के लिए संबंधित समाज के विशेषज्ञों को नोडल नियुक्त किया गया है । उनके द्वारा कोर्स तैयार किया जा रहा है । भविष्य में बस्तर की इन भाषाओं पर भी बादल में प्रशिक्षण दिया जायेगा , ताकि बस्तर की लोक भाषा जन – जन तक पहुंच सके , और इन रचनाओं के प्रकाशन से उच्च शिक्षा के लिए शोधार्थी विद्यार्थियों को भी सहयोग प्राप्त होगा ।
बस्तर की शिल्पकला समृद्धशाली है जिसमें बेलमैटल , टेराकोटा , काष्ठकला , शीशलकला , तुम्बाकला , बांसकला आदि प्रमुख है , इन कलाओं को संरक्षण संवर्धन करने के साथ – साथ इसके कलाकारों को भी बादल में उचित मंच ,रोजगार देकर स्वालम्बन का अवसर प्रदान किया जायेगा । बादल संस्था में बस्तर की इन सभी कलाओं का संरक्षण एवं संवर्धन के साथ – साथ इनका प्रदर्शन भी किया जायेगा, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा । पर्यटकों की सुविधा के लिए बादल संस्था में पर्यटक हट का निर्माण भी किया गया है । इस संस्था में अनेक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होगें , बस्तर के लोक कलाकारों को मंच मिलेगा । इस संस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए और क्षेत्रीय लोगों को इसका अधिक लाभ दिलाने के लिए बादल को संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ से जोड़ने का प्रयास भी जारी है । इन प्रमुख उददेश्यों के साथ आसना जगदलपुर में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बस्तर अकादमी ऑफ डान्स आर्ट लिटरेचर एण्ड लेंग्वेज की स्थापना की जा रही है ।