बालोद जिले मैं करोना संक्रमण के चैन को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन तरह तरह के प्रयास कर रहा है एवं गली-गली घूमकर लोगों को घर में रहने की सलाह भी दी जा रही है प्रशासन द्वारा मुस्तैदी के कारण लोग घरों पर रह रहे हैं किंतु कई लोग इसके बावजूद अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं इसी प्रकार की एक घटना मैं आज वार्ड क्रमांक 10 में 1 मकान ढलाई का कार्य चल रहा था जिसे प्रशासनिक अमला जिसमें नगरीय प्रशासन विभाग राजस्व विभाग पुलिस प्रशासन के अधिकारियों द्वारा मशीन को 1महीना के लिए जप्ती कर थाना भेज गया 2000 रुपये का चालान काटा गया एवं मकान मालिक फूल सिंह साहू एवं पिता नीतू साहू को चेतावनी देकर छोड़ा गया |
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश का लोकप्रिय, विश्वसनीय वेबपोर्टल CityMediacg ने एक वर्ष का कार्यकाल पूरा कर लिया हैं और इसके लिए जनता से मिले अपार प्यार के बदौलत इसकी विश्वसनीयता के कारण इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है जिसके लिए CityMediacg Team ने इसके लिए सभी पाठकों का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
बस्तर संभाग के प्रमुख अर्जुन झा ने कहा कि वेबपोर्टल के पत्रकारों ने कोरोनाकाल में भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जिसके तहत् आमजनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से प्रकाशित किया और जनता को राहत भी प्रदान किया। कोरोना गाइडलाइन्स का पालन करते हुए जिला व पुलिस प्रशासन के साथ कदमताल करते हुए सभी के सुख-दु:ख में खड़े रहा।
“आज पूरा देश जब कोरोना महामारी के संकट से गुजर रहा है हर राज्य में दिनो दिन संक्रमण का फैलाव बढ़ते ही जा रहा है चाहे वंहा भाजपा की सरकार हो या कोई अन्य पार्टी की ऐसे में बालोद जिला के भाजपा नेताओ व कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य सरकार के खिलाफ किया जा रहा धरना प्रदर्शन केवल एक दिखावा है और कुछ भी नही”
“वास्तविकता के दूर भाजपा के लोग जो इस महामारी के समय पर न ही अपना कार्यक्षेत्र बल्कि अपने वार्ड या अपने ग्राम पर भी कोई सेवा नहीं दिए और आज राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे सराहनीय कार्यो का विरोध और तंज कसना अपने आप मे ही भाजपा की ओझि मानसिकता और मौका परस्त राजनीतिक गुणों को दिखा रही है”
भाजपा के नेता व भक्त केवल अपने घरों के बाहर बैठ कर फोटोशूट कर सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी झूठी सक्रियता दिखाने का कार्य कर रही है
“लेकिन जागरूक जनता को भाजपा का गिरगिट की तरह रंग बदलना अच्छे से पता है”
मुह में राम राम बगल में छुरी वाली राजनीति करती है भाजपा
“इस महामारी के समय मे भाजपा के नेता व भक्त जो राज्य सरकार को घेरने की बात कर रहे उनमे यदि हिम्मत हो तो छत्तीसगढ़ के 9 MP के साथ मिलकर देश के प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को घेर कर दिखाए और कहे कि संकट की घड़ी में हमारे राज्य के साथ की जा रही भेदभाव को दूर कर हमें पर्याप्त स्वास्थ्य संसाधन मुहैया कराए जाए ताकि जल्द ही हम कोरोना महामारी से लड़ और जीत सके तब यह ज्ञात होगा कि वास्तविक में भाजपा जन सहयोगी पार्टी है वरना जनता जानती है कि
मुह में राम राम बगल में छुरी भाजपा की फितरत में शामिल है
बालोद जिले में कोविड-19 से लड़ने के लिए, इसके लगातार बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए, जिले के तीनों विधायक जिसमें एक कैबिनेट मंत्री अनिला भेड़िया संसदीय सचिव कुंवर सिंह निषाद एवं विधायक बालोद संगीता सिन्हा अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार जाकर आइसोलेशन सेंटर, क्वॉरेंटाइन सेंटर, जिला अस्पताल में इलाज की स्थिति, मरीजों की सुविधाएं एवं ऑक्सीजन की उपलब्धता पर निगरानी रखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रहे हैं । परिणाम स्वरूप कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और रिकवरी रेट भी बढ़ रहा है। जिले में आर टी पी सी आर लैब खोला जा रहा है। दल्ली राजहरा में 100 बिस्तर ऑक्सीजन युक्त कोविड-19 खोला जा रहा है। यह सब बालोद जिला के तीनों विधायकों के अथक प्रयासों से हो पा रहा है।
किंतु बालोद जिले में कोविड-19 के दूसरे लहर फैलने के बाद से आज तक इस क्षेत्र के सांसद मोहन मंडावी जी एक बार भी जिले में नहीं आए ना ही किसी अस्पताल में गए ना ही किसी कोविड-19 सेंटर में गए कोरोना के प्रकोप को रोकने के लिए सांसद मोहन मंडावी द्वारा आज तक कोई भी प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है इसे उनकी निष्क्रियता कहें या उनकी मानवता मर गई है। जबकि प्रदेश के अन्य सभी क्षेत्र के सांसद अपने-अपने क्षेत्रों में कोरोना के प्रभाव को कम करने के लिए लगातार प्रयत्नशील है ऐसे में कांकेर लोकसभा के सांसद को भी बालोद जिला में अपनी उपस्थिति देनी चाहिए और कोरोना के प्रभाव को कम करने हेतु चिकित्सा सुविधा में सुधार लाने हेतु कार्य करना चाहिए।
जगदलपुर… विगत पखवाड़े भर पहले से शुरू हुए वैश्विक महामारी कोविड-19 की दूसरी लहर ने पूरे छत्तीसगढ़ के लगभग सभी जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है जिससे बस्तर जिला भी अधूरा नहीं रहा है वर्तमान में पूरा बस्तर जिला कंटेंटमेंट जोन घोषित किया गया है साथ ही साथ बस्तर जिला प्रशासन जिले वासियों को कोविड-19 महामारी से बचाने के लिए लगातार प्रयासरत है विशेषकर बस्तर कलेक्टर रजत बंसल लगातार सक्रिय हैं |
लेकिन संभाग मुख्यालय जगदलपुर के कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों के लिए धरमपुरा में बनाए गए कोविड-19 हॉस्पिटल की अव्यवस्थाओं के चलते मरीज इन दिनों खासे परेशान हैं जिसकी सुध लेने वाला फिलहाल कोई नजर नहीं आ रहा है धरमपुरा के कोविड-19 हॉस्पिटल की क्षमता 250 बेड की है वहीं वर्तमान में लगभग 200 मरीज इलाज करवा रहे हैं मरीजों ने नाम न छापने की शर्त पर अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि भर्ती हुए मरीजों को भर्ती होने के उपरांत पहले दिन में दवाइयों के नाम पर दवाइयों की किट दे दी जाती है उसके बाद कोई भी डॉक्टर मरीजों का इलाज करने अथवा हाल-चाल जानने नहीं आता है अस्पताल में उपस्थित नर्स और स्वास्थ्य कार्य कर्ता भर्ती मरीजों के ऑक्सीजन लेवल की जांच और ब्लड प्रेशर की जांच के लिए मरीजों के पास नहीं जाते बल्कि असहाय मरीजों को बुलाए जाने पर मजबूरी वश स्वयं चलकर नर्स और स्वास्थ्य कार्य कर्ताओं के पास जाना पड़ता है मरीजों को अधिक परेशानी होने की स्थिति में महज औपचारिकता निभाते हुए अस्पताल में मौजूद नर्सों और स्वास्थ्य कार्य कर्ताओं के द्वारा संबंधित डॉक्टर का नंबर दे दिया जाता है और उनसे परामर्श लेकर स्वयं ही निराकरण करने की बात कही जाती है |
इसके अलावा मरीजों को अपने कमरे से लेकर बरामदे के आस-पास तक झाड़ू लगाने के लिए कहा जाता है दवाइयों के खाली डिब्बे, फेंके गए कांच के बॉटल और प्लास्टिक कचरे को मरीज स्वयं साफ करने के लिए मजबूर हैं जिसके बारे में पूछने पर अस्पताल में मौजूद स्टाफ का कहना होता है कि झाड़ू लगाने पर मरीजों के रोग प्रतिरोधक क्षमता वृद्धि होगी समझने वाली बात यह है कि जो व्यक्ति कोरोना संक्रमण से पहले से ही संक्रमित होकर कमजोरी की हालत में अपनी जान बचाने के लिए जूझ रहा हूं वह भला कैसे झाड़ू लगाने पर स्वस्थ अथवा इम्यून सिस्टम मजबूत कैसे कर लेगा… कोविड-19 संक्रमित मरीजों को गर्म पानी उपलब्ध कराना अत्यंत आवश्यक होता है लेकिन सेंटर में लगे दोनों गीजर खराब होने की स्थिति में मरीजों के परिजनों को स्वयं ही विवश होकर गर्म पानी उपलब्ध कराना पड़ रहा है कोविड मरीजों के पौष्टिक भोजन व्यवस्था हेतु एक ठेकेदार 24 घंटे में दो बार नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराने के लिए अनुबंधित किया गया है लेकिन ठेकेदार द्वारा जो भोजन मरीजों को उपलब्ध कराया जा रहा है उसे अधिकांश मरीज स्वयं ना खाकर अस्पताल परिसर में विचरण कर रहे गाय बकरियों जैसे पशुओं को खिला देते हैं |
मरीजों का कहना है कि चाय के नाम पर रंगीन कसैला पानी और नाश्ते में पोहा के बदले रात के बासी भात को फ्राई कर मरीजों को दिया जाता है कच्चे और आधे पके रोटियों को मरीजों को दिया जाता है जिसे कई मरीज गायों को खिलाते देखे गए इसके अलावा मरीजों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और नाश्ते में कीड़ों के साथ मरे हुए कॉकरोच भी निकल रहे हैं बस्तर संभाग के एक मंत्री की अनुशंसा पर भोजन व्यवस्था का ठेका अल्ताफ खान को दिया गया है जानकारी के अनुसार कोविड सेंटर धरमपुरा का प्रभार गीता रायस्थ दिया गया था किंतु अस्पताल की अवस्थाओं के चलते उन्हें प्रभार से मुक्त कर एसडीएम जगदलपुर जीआर मरकाम को प्रभार दिया गया लेकिन नए प्रभारी मरकाम के प्रभार लेने उपरांत भी कोविड सेंटर के मरीजों की समस्याएं जस की तस बनी हुई है कोविड सेंटर की व्यवस्था बद से बदतर होने के कारण मरीजों का जीवन खतरे में पड़ गया है…
अव्यवस्थाओं के संबंध में जब नए प्रभारी मरकाम जी से चर्चा की गई तो उन्होंने बेतुकी बात करते हुए कहा कि इंसान तो खुद के लिए बनाए गए भोजन से भी अच्छा भोजन कुत्तों को खिलाता है इसीलिए मरीज अपने हिस्से का भोजन कुत्तों को खिला रहे हैं कोविड सेंटर के भोजन को जब कुत्ते खा सकते हैं तो मरीजों को खाने में क्या परेशानी है मरीजों को मिल रहे घटिया भोजन के लिए उन्होंने मजदूरों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मजदूरों के लेट आने की वजह से घटिया भोजन बन रहा है मजदूरों के लेट आने और घटिया भोजन का आपस में भला क्या संबंध हो सकता है यह तो प्रभारी अधिकारी ही समझ सकता है कोविड सेंटर की व्यवस्थाएं सुधारने जिला प्रशासन ने एसडीएम जी.आर. मरकाम को जिम्मेदारी सौंपी है लेकिन इतने संवेदनशील मामले को लेकर भी प्रभारी अधिकारी का मरीजों के भोजन और कुत्तों के भोजन की तुलना कर इस तरीके का बयान देना हास्यास्पद और मरीजों की समस्याओं को और अधिक बढ़ाने के लिए काफी है… प्रभारी अधिकारी के संवेदनहीनता का अंदाजा आप ऑडियो क्लिप सुनकर आसानी से लगा सकते हैं |
दल्लीराजहरा/डौंडी – प्रदेश में कोरोना का दूसरा चरण का हाल हर जगह देखने को मिल रहा है | लॉकडाउन के बावजूद संक्रमितों की संख्या में किसी भी प्रकार का कोई सुधार नजर नहीं आ रहा है | कोरोना के दूसरा चरण कितना घातक साबित हो रहा है कोरोना रिपोर्ट के आधार पर आप खुद इसका निर्णय ले सकते है –
डौंडी ब्लॉक में डौंडी एवं आसपास के क्षेत्र एवं दल्लीराजहरा में वार्डवार मिले संक्रमितों कि जानकारी इस प्रकार है –
|| विशेष अनुरोध – सिटी मीडिया नगर के समस्त नागरिकों एवं पाठकों से अनुरोध है कि सोशल डिस्टेसिंग एवं मास्क का सदैव उपयोग करें और फिर से कोविड को महामारी का रूप न लेने दे ||
जिसमे कल 24 अप्रैल को भाजपा द्वारा होने वाले धरना प्रदर्शन के संबध मे रूप रेखा तैयार की गई जिसमे किसान मोर्चा के सभी कार्यकर्ता गण अपने अपने घरों के बाहर धरना देगे और कोरोना से हाे रही मौत और अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर सरकार के नाकामी को जन जन को बातयेगी. बैठक मे प्रदेश अध्य्क्ष श्याम बिहारी जयसवाल बताया की भाजपा की प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने वर्चुलअ बैठक लेकर सरकार के विरोध की रणनीति तय की है..उन्होंने निर्देश दिया है कि मुख्य विपक्षी दल होने के नाते छत्तीसगढ़ की जनता के साथ इस विपरीत परिस्थिति में खड़े होने की जरूरत है..जिसको लेकर सभी जिले मे किसान मोर्चा के साथी गण अपने घरों के सामने धरने पर बैठने वाले है |
धरना प्रदर्शन के इस तय कार्यक्रम को लेकर भाजपा के प्रदेश मंत्री पवन साहू का कहना है कि बालोद जिले में हालत चिंताजनक है और इस समय भाजपा किसान मोर्चा को जनता के लिए अधिक से अधिक कार्य करने होंगे. जिलाअध्य्क्ष किसान मोर्चा तोमन साहू ने कहा
की आज इस संकट काल मे सभी वर्ग प्रभावित हुई है खास कर किसान वर्ग वह अपने साग सब्जी को मार्केट मे बेच नही पा रहे है रबी की फसल काटने की स्थिति मे हो गई है. इस वर्चुअल बैठक के माध्यम से उनन्हें सरकार से मांग की कि थोक सब्जी मार्केट व कृषि केंद्रों को 2 घंटे खोलने के साथ ही धान कटाई हेतु हारवेस्टर की अनुमति दिया जाये |
किसान मोर्चा के प्रदेश कार्य समिति सदय गण सोमेश साहू व नगेंन्द्र चौधरी ने भी लॉक डाउन मे होने वाले किसानो की समस्यो के बारे मे अपनी राय इस बैठक मे रखी गई |
वैश्विक महामारी कोरोना से संक्रमित मरीजों के बेहतर उपचार एवं देखभाल के लिए माननीय मंत्री अनिला भेड़िया जी के प्रयास से दल्ली राजहरा नगर के वार्ड-17 स्थित एकलव्य विद्यालय को 100 बिस्तर आक्सीजनयुक्त कोविड केअर सेंटर बनाया गया है।
केबिनेट मंत्री एवं क्षेत्र की विधायक अनिला भेड़िया जी ने आज नवनिर्मित कोविड केअर सेंटर में पहुँचकर सेंटर के व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया एवं उपस्थित अधिकारियों को कोविड पेसेंट के बेहतर उपचार एवं सुविधा प्रदान करने,कोविड गाइडलाइंस का गंभीरता से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष शीबू नायर जी, विधायक प्रतिनिधि पीयूष सोनी जी, अनुविभागीय अधिकारी ऋषिकेश तिवारी जी सहित स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग सहित सभी प्रशासनिक अमला मौजुद था।
दल्लीराजहरा :- युवा नेता श्याम जायसवाल ने मुख्यमंत्री भूपेश बधेल से जनशिकायत निवारण विभाग में पत्र लिखकर जानकारी दी व 300 बेड का सर्वसुविधायुक्त कोविड अस्पताल की मांग कीया है। श्याम जायसवाल ने बताया कि दल्लीराजहरा में स्थित BSP अस्पताल पूरा खाली पड़ा है। मात्र 2 रूम में अस्पताल का क्रियाकलाप चलता है। वर्तमान समय मे कोविड 19 के संक्रमण लगातार बढ़ रहा है
जिससे अस्पतालों में बेड व ऑक्सीजन की कमी हो रही है। अगर आप लोग दल्लीराजहरा BSP अस्पताल का पूरा उपयोग करेंगे तो 300 बेड का कोविड अस्पताल बिना किसी परेशानी के बन जायेगा। अतः तत्काल आप इस विषय पर संज्ञान लेकर BSP अस्पताल में वेंटिलेटर बेड सहित ऑक्सीजन बेड बढ़ा कर इसे कोविड अस्पताल बनाये जिससे दल्लीराजहरा सहित आसपास के ग्रामीण नागरिकों को बिना इलाज मिल सके।
भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष मनीष झा ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश सरकार में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री के बीच छिड़े सत्ता संघर्ष ने अब गैंगवार की शक्ल ले ली है और इसका खामियाजा प्रदेश भुगत रहा है। मनीष झा ने कहा कि कोरोना के चलते स्थिति विकराल होने के बावज़ूदसामूहिकता की ऐसी कमी है कि स्वास्थ्य मंत्री को ही भरोसे में नहीं लिया जा रहा है,कोविड को लेकर होने वाली बैठकों से स्वास्थ्य मंत्री को ही दूर रखा जाता है। यहां तक कि राज्यपाल द्वारा बुलायी गयी सवर्दलीयबैठक में भी विभागीय मंत्री को सीएम बघेल ने अवसर नहीं दिया। इससे पहले खुद स्वास्थ्य मंत्री पिछले वर्ष सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष झा ने कहा कि सीएम बघेल का अहंकार सिर चढ़कर बोल रहा है। हद तो तब हो गयी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा बुलायी गयी मुख्यमंत्रियों की वचुर्अल बैठक में भी शामिल होने के बदले सीएम बघेल ने असम में चुनाव प्रचार करना अधिक ज़रूरी समझा। खुद भी नहीं आये और स्वास्थ्य मंत्री को भी उस बैठक में शामिल नहीं होने दिया। मनीष झा ने कहा कि ऐसी गंभीर बैठकों को भी घृणित राजनीति की भेंट चढ़ा दिया जाता है। पिछले दिनों आयोजित सवर्दलीय बैठक में पहले कहा गया कि सभी आमंत्रितों को लिंक भेजा जाएगा, नेतागण जहां हैं वहीं से जुड़ सकते हैं लेकिन ऐन बैठक के समय सबको रायपुर जिला पंचायत भवन बुला लिया गया। मनीष झा ने कहा कि यह सब इसलिए किया गया ताकि उस समय जशपुर में रहे भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय बैठक में शामिल न हो सकें और उसे ही बाद में मुद्दा बनाया जाए जबकि कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम को कोंडागांव से ही बैठक में शामिल होने की सुविधा दे दी गयी। भाजपा की तरफ से फिर भी प्रदेश उपाध्यक्ष शामिल हुए लेकिन कांग्रेस, भाजपा अध्यक्ष के उपस्थित नहीं होने का कारण नहीं बताकर कांग्रेस झूठ बोलती रही।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष झा ने कहा कि अब जब प्रदेश सरकार को प्रदेश के बिगड़ते हालात पर त्वरित निर्णय करना चाहिए,स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए, छत्तीसगढ़ की जनता की चिंता करनी चाहिए, तब प्रदेश सरकार और सीएम असम से आये बोडो प्रत्याशियों को शराब परोसने, उनके लिए बकरा भात की व्यवस्था में लगी है। चित्रकोट में उनके होने का खुलासा हो जाने के बाद प्रत्याशियों को अज्ञात जगह में छिपाया गया है। मनीष झा ने कहा कि भाजपा द्वारा सवाल उठाने पर बड़ी हिकारत से बघेल यह स्वीकार करते हैं कि वे असम के प्रत्याशियों की मेहमाननवाजी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री बघेल का यह जवाब शर्मनाक है कि ये सभी प्रत्याशी पहले भाजपा गठबंधन में थे। ऐसे गैर जिम्मेदार सीएम से आप और क्या उम्मीद कर सकते हैं? श्री मनीष झा . ने कहा कि सरकार को चाहिए कि असम के उन प्रत्याशियों को जहां भी छिपा कर रखा गया है, उन सभी का कोविड टेस्ट कराया जाए और उसे सार्वजनिक किया जाए। ऐसे ही ज़मातियों के कारण पिछली बार छत्तीसगढ़ बुरी तरह संक्रिमत हुआ था।
भाजपा मंडल अध्यक्ष मनीष झा ने सवाल किया है कि शराब के सेस का पैसा मुख्यमंत्री बघेल ने असम चुनाव में खर्च कर दिया है? शराब की हर बोतल पर जो 20 रुपए कोरोना टैक्स लगाकर लोगों से वसूला जा रहा है, सेस 400 करोड़ और डीएमएफ फंड में जमा 800 करोड़ रुपये जो जमा है, उसका अभी तक कितना पैसा खर्च किया गया है, छत्तीसगढ़ की जनता जानना चाहती है। क्या ये सारे पैसे असम चुनाव में खर्च कर दिए गए हैं? उन पैसों का कोई हिसाब नहीं लेकिन मुख्यमंत्री बघेल फिर से झूठी गंभीरता दिखाते हुए ‘सीएम रिलीफ फंड’ के नाम पर राशि जुटा रहे हैं। कैम्पा फंड का बुरी तरह दुरुपयोग किया गया है, उससे नियमों को ताक पर रख लग्जरी वाहन खरीदे गए हैं। श्री मनीष झा ने कहा कि इसके अलावे केंद्र से दी गई तमाम सहायता का क्या किया गया, इसका कोई हिसाब नहीं है। इससे अधिक शर्मनाक बात क्या हो सकती है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा दिए गए वेंटीलेटर को खोल कर भी इतने दिनों में नहीं देखा गया। अब जब इतनी किल्लत हुई है तो कह रहे हैं कि वेंटीलेटर खराब है। क्या सालभर में प्रदेश सरकार उनकी मरम्मत भी नहीं करा सकती थी? श्री ने कहा कि दरअसल केंद्र हर तरह से सहायता देने को तैयार है लेकिन इनकी नीयत वहां से केवल पैसे मांगने में है ताकि उसकी बंदरबांट ये कर सकें।