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देश मना रहा आजदी का अमृतकाल, इधर बजावंड में फैला हुआ है सरपंच के भ्रष्टाचार का जहर

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  •  काम कराए बिना 15वें वित्त और अन्य मदों की राशि हजम कर रहे हैं सरपंच
  • आजादी की 77वीं वर्षगांठ में भी गंदगी, कीचड़ के बीच रहने मजबूर हैं ग्रामीण

अर्जुन झा

बकावंड बस्तर जिले के सबसे शिक्षित ब्लॉक माने जाने वाले बकावंड की ग्राम पंचायत बजावंड भ्रष्टाचार की गंदगी से बजबजा रही है। यहां आजादी के अमृतकाल में भ्रष्टाचार का जहर फैला हुआ है। हमेशा से विवादों में घिरी रहती आई ग्राम पंचायत बजावंड इन दिनों काफी सुर्खियों है। यहां सरकारी धन पर सरपंच की तिजोरी में समा रहा है और ग्रामीण सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पूरी पंचायत में चारों ओर गंदगी फैली हुई है, नालियां बजबजा रही है, जहां देखो वहां कीचड़ का साम्राज्य है।

बकावंड ब्लॉक की 96 पंचायतों में से एक बजावंड ऐसी ग्राम पंचायत है जो ओड़िशा की सीमा से बिल्कुल लगी हुई है। इस कारण यह पंचायत बहुत ही संवेदनशील और हाई प्रोफाइल पंचायतों में गिनी जाती है। बताते हैं कि ओड़िशा से सटी हुई पंचायत होने कारण गांजा, शराब और लकड़ी तस्करी बजावंड के रास्ते से ही होती है।बस्तर जिला मुख्यालय जगदलपुर के अंतिम छोर पर स्थित होने के कारण बड़े अफसरों के कदम बजावंड ग्राम पंचायत में नहीं पड़ पाते। वहीं जनपद पंचायत बकावंड के अधिकारी भी सरपंच की करतूतों की ओर से आंखें फेरे बैठे हैं। लिहाजा सरपंच लगातार मनमानी किए जा रहे हैं। पंचायत में कोई भी काम नहीं हो रहा है और 15वें वित्त समेत तमाम शासकीय मदों से मिलने वाले लाखों रुपयों की यहां खुलकर लूट मची हुई है। वहीं ग्रामीणों की आदत सी हो गई है कीचड़ में रहने की। यहां हर जगह गंदगी और कीचड़ का जमावड़ा बना हुआ है। सांप, बिच्छू, मच्छर और अन्य जहरीले जीव लोगों को हलाकान किए हैं। ग्रामीण डेंगू, मलेरिया व दीगर बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। यहां फर्जी बिल लगाकर सरपंच द्वारा धड़ल्ले से भ्रष्टाचार किया जा रहा है। 15वें वित्त की हम बात करें तो आंगनबाड़ी केंद्र व अन्य भवन में रैन वाटर हार्वेस्टिंग के नाम से फर्जी कार्य दर्शा कर राशि की जमकर बंदरबांट हुई है। 15वें वित्त की राशि को ग्राम पंचायत के सरपंच द्वारा अपनी निजी दौलत समझकर इस कदर दुरुपयोग किया गया है कि इसकी कोई हद नहींहै। यहां पंचायत के अधीन भवनों, सड़कों आदि की मरम्मत के नाम पर मोटी रकम निकाल ली गई है। फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये डकार लिए गए हैं। दूसरी ओर यहां के ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। यहां शासन के नियम कानून जाएं भाड़ में भ्रष्टाचार करें 15वें वित्त की आड़ में वाला खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

ग्रामीणों के कड़े तेवर

विधानसभा चुनाव से पहले भी बजावंड के पनका पारा के ग्रामीणों नेसमस्याओं को लेकर मतदान बहिष्कार का ऐलान कर दिया था। कीचड़, साफ सफाई, स्वच्छ भारत मिशन के कार्य, आंगनबाड़ी केंद्र में बिजली के स्विच बोर्ड लटकते रहने, आंगनबाड़ी केंद्र के सामने सेप्टिक टैंक के लिए गड्डे खोद कर खुला छोड़देने, सीसी सड़क, पुलिया, आवास, मोहल्ले की गालियों में मुरम डलवाने आदि मुद्दों को लेकर ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का फैसला किया था। तब कहीं जाकर सरपंच ने पनका पारा के मोहल्ले में कुछ जगह मुरुम डलवा कर लीपापोती की थी। मुरुम डलवाने में भ्रष्टाचार किया गया था। आज भी पूरी बस्ती नरक से कम नही है। इस सारी समस्याओं को लेकर पनका पारा के दर्जनों ग्रामीणों और महिलाओं ने सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए थे। इस पूरे मामले की जानकारी जनपद पंचायत के सीईओ एसएस मंडावी को भी दी जा चुकी है, मगर दुर्भाग्य की बात है कि समस्याएं आज भी जस की तस हैं। बरसात के दिनों में बच्चों को गोद में लेकर आंगनबाड़ी तक छोड़ना पड़ रहा है।

सीईओ नहीं दे रहे ध्यान

बकावंड जनपद के सीईओ इन समस्याओं का समाधान करना चाहते तो काफी पहले कर सकते थे। किंतु उनकी बेपरवाही के कारण बजावंड पंचायत में भ्रष्टाचार चरम सीमा तक पहुंच चुका है। बकावंड जनपद पंचायत में एक काम जरूर हुआ है पंचायत सचिवों को दूसरी जगह भेजकर दूसरे लाने का। मगर मुख्य कार्यपालन अधिकारी बकावंड को यह नही मालूम कि समस्याओं का समाधन सचिवों का फेरबदल करने से नही होगा। मूलभूत सुविधाओं, 15वें वित्त योजना, मरम्मत कार्य के नाम पर फर्जी बिल लगाकर लाखों रुपये डकारना और ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसाना बजावंड ग्राम पंचायत की परंपरा बन गई है। रनिंग वाटर केकार्य, समुदायिकक शौचालय, स्वच्छ भारत मिशन के कार्य की भी यहां धज्जियां उड़ाई गई हैं। इतने बड़े पैमाने पर हुए भ्रष्टाचार की ओर सीईओ का ध्यान कैसे नहीं जा रहा है, यह भी आश्चर्य का विषय है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लगातार बढ़ रही लोकप्रियता भारत के लिए गर्व का विषय : केदार कश्यप

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  • मोदी के एक्स अकाउंट पर 1 अरब से ज्यादा फॉलोअर्स
  • दुनिया में सबसे ज्यादा लोकप्र‍िय राजनेता हैं हमारे मोदी जी : केदार कश्यप

जगदलपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सोसल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 100 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स होने पर केबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नाम एक और उपलब्धि दर्ज हुई है। 14 जुलाई को उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 100 मिलियन यानि 100 करोड़ से अधिक फॉलोअर्स हो गए। इसके साथ वे सबसे अधिक फॉलो किए जाने वाले ग्लोबल लीडर बन गए हैं।

पीएम मोदी की इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल भारत में पीएम मोदी की अद्वितीय लोकप्रियता का बल्कि वैश्विक मंच पर उनकी महान राजनीतिज्ञता का भी प्रमाण है। इस उपलब्धि पर देश को गर्व है इससे भारत के मूल मंत्र “वसुधैव कुटुम्बम” और “मोदी का परिवार” समूचा विश्व प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा कर रहा है। उनके नेतृत्व में भारत ही समूची दुनिया को भी एक नई दिशा मिली है। निःसंदेह प्रधानमंत्री मोदी के प्रेरणादायक व्यक्तित्व और लोकनिष्ठ कार्यशैली ने कोटि-कोटि जनों की भावनाओं को स्पर्श किया है। केदार कश्यप ने अटूट जन विश्वास और अपार लोक समर्थन को व्यक्त करती इस आत्मीय पूंजी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी है।

छत्तीसगढ़ स्तरीय मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का हुआ आयोजन

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दल्ली राजहरा स्थानीय ओपन एयर थिएटर चौक में राज्य स्तरीय मेराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों एवं गांवो से लगभग 700 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। जिसमें 90 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 7 वर्ष के बच्चों ने अपनी अपनी कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उपस्थित दर्शकों एवं खिलाड़ियों मेें आकर्षण जब 7 वर्ष की छोटी बच्ची ने 2 किलो मीटर की दौड़ समापन स्थल पर पहुंची अतिथियों एवं दशर्को ने खड़े होकर ताली बजाते हुए उसका स्वागत किया।

कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही प्रतिभागी पहुंचने लगे थे। मैराथन दौड़ का प्रारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष पवन साहू, कृष्णकांत पवार, देवलाल ठाकुर एवं सीजीएम माइंस आरबी गहरवाल, सीएसपी चित्रा वर्मा, परिवहन संघ अध्यक्ष बिट्टू तुली के आतिथ्य में हुआ। उमेश सिंह, तोमन साहू, अकबर तिगाला, लाल नेवेन्द्र सिंह टेकाम, शीतल नायक, संतोष देवांगन, अब्दुल इब्राहिम, राजेश दसोड़े, सुदेश सिंह, किरण सिन्हा सुरेश जायसवाल, अनिता कुमेटी, संजीव सिंह, गीता मरकाम, सौहद्रा ठाकुर, राजेश काम्बले, रमनी बाघ, मंजीत कौर, नंदा पसीने, रानू ठाकुर कविता तिगोटे विशेष रूप से उपस्थित थे। मैराथन दौड़ में विभिन्न कैटेगरी के प्रतिभागियों को प्रथम 15 हजार रू, द्वितीय को 7,000, तृतीय 5,000 चतुर्थ को 4,000 रूपये एवं प्रन्द्रह प्रतिभागी तक 2000 रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को मैडल सर्टिफिकेट टी शर्ट एवं कैप प्रदान किए गए। पन्द्रह वर्ष से कम उम्र की कैटेगरी में सभी प्रतिभागी को नगद पुरस्कार प्रदान किया गया। राजहरा मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में कुल आठ कैटेगिरी थी जिसमें 15 वर्ष से कम उम्र के प्रतियोगियों में बालक वर्ग के प्रथम संकेत कुमार बेमेतरा, द्वितीय धर्मेश कुमार बिलासपुर, तृतीय गांधी साहू बेमेतरा, चतुर्थ अभिषेक कुमार सूरजपुर, इसी वर्ग की बालिकाओं में प्रथम संतोषी बीजापुर द्वितीय अंजली तारम बीजापुर, तृतीय वंदना भिलाई चतुर्थ सोम रही। 19 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालक वर्ग में प्रथम हर्ष निषाद राजनांदगांव, द्वितीय हेमंत कुमार रतनपुर, तृतीय चिरंजीव कुमार भिलाई, बालिका वर्ग में प्रथम शीतल कुशवाहा दुर्ग, द्वितीय कविता राजनांदगांव, तृतीय निशा राजनांदगांव, चतुर्थ हर्ष साहू बालोद रही। 19 वर्ष से 35 वर्ष की आयु के पुरूष वर्ग में प्रथम विक्रम साहू बालोद, द्वितीय आशुतोष कुमार भिलाई, तृतीय चंद्र प्रकाश राज जांजगीर, चतुर्थ द्वारिका आदेश वर्मा राजनांदगांव रहे।इसी कैटेगरी में द्वितीय रूक्मणी साहू भिलाई, तृतीय प्रमिला मंडावी बस्तर, चतुर्थ बिमेश्वरी बालोद रहीं। 35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रथम किशन लाल कोसरिया श्रमगढ़, द्वितीय दिनेश कुमार बालोद, तृतीय मनोज कुमार राजवाडे सूरजपुर, चतुर्थ नरेंद्र कुमार साहू रायपुर रहे। इसी तरह 60 वर्ष से अधिक आयु के वर्ग में प्रथम पूनम राम कांकेर, द्वितीय देवघर राम ठाकुर दुर्गा प्रीति हेमनाथ साहू राजनांदगांव व चतुर्थ देवनाथ कोरेटी भानुप्रतापपुर रहे। पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम ओपन क्लब थिएटर में देवलाल ठाकुर, आरबी गहरवाल, श्रीमती गहरवाल, बिट्टु तुली, उमेश सिंग, शीतल नायक, राजेश दसोड़े, किरण सिन्हा, सुरेश जायसवाल द्वारा किया गया। सभी श्रेणी में प्रथम पन्द्रह खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया। आयोजन में भाजपा मंडल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, महामंत्री महेन्द्र सिंह, मदन माइती, सुरेन्द्र बहेरा, रमेश गुजर, रमेश जैन, बंटी चोपड़े, शंकर साहू, सोनू ठगेल, सुमीत जैन, हरीश बाघ, मनन गुप्ता, सागर गंजीर, नवीन साहू , गोलू ठाकुर मनन गुप्ता, सागर गंजीर, बीरेन्द्र साहू, गोलू ठाकुर उपस्थित रहे।

जगदलपुर के वार्डों में शुरू हुई महापौर की चौपाल

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  • जन समस्याओं के निराकरण के लिए पहल

जगदलपुर नगर पालिक निगम के प्रवीर वार्ड से आज महापौर चौपाल का शुभारंभ महापौर सफीरा साहू द्वारा किया गया। हर वार्ड में शिविर के माध्यम से लोगों को मूलभूत सुविधाएं देने और समस्याएं जानने के लिए महापौर चौपाल लगाई जा रही है। चौपाल प्रतिदिन वार्डो में सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक लगाई जाएगी। महापौर चौपाल अब प्रतिदिन शहर के 48 वार्डो में लगाकर वार्डो में लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास, राशन कार्ड, पेयजल, वार्ड की साफ सफाई, वृद्धावस्था पेंशन एवं अन्य पेंशन योजनाओं तथा नगर निगम संबंधित कार्य, वार्डों में सड़क, नाली, पुलिया अन्य कार्यों का निराकरण चौपाल के माध्यम से किया जाएगा। महापौर चौपाल में महापौर सफीरा साहू के साथ एमआईसी सदस्य यशवर्धन राव, योगेंद्र पांडे, भारती श्रीवास्तव, आलोक अवस्थी, श्वेता बघेल, नेहा ध्रुव, दयावती देवांगन, वरिष्ठ पार्षद संजय पांडे, निर्मल पाणिग्रही, त्रिवेणी रंगारी, ममता पोटाई, शंभू नाग, नीलम यादव, वार्ड पार्षद महेंद्र पटेल, नगर मंडल भाजपा अध्यक्ष सुरेश गुप्ता, आयुक्त हरेश मंडावी के अलावा नगर निगम के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

मेयर सफीरा साहू की सिंगल फोटो के साथ 

राहत पहुंचाना मकसद

महापौर सफीरा साहू ने बताया महापौर चौपाल लगाने का उद्देश्य शहर के लोगों को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराना है। शहर के लोगों को मूलभूत आवश्यकताओं के लिए नगर निगम कार्यालय ना आना पड़े। निगम प्रशासन उनके वार्ड मे पहुंचकर उनकी समस्याओं का निराकरण तत्काल चौपाल में करेगा। यह चौपाल शहर के 48 वार्डों में लगाई जाएगी। जिसमें वार्ड के लोगों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, राशन कार्ड, पेयजल, साफ सफाई, विद्युत व नगर निगम से जुड़े अन्य कार्यों और समस्याओं का चौपाल में तत्काल निराकरण किया जाएगा। अन्य कार्यों की सूची बनाकर जल्द उन कार्यों का भी निराकरण किया जाएगा।

महापौर चौपाल के प्रवीर वार्ड में शुभारंभ पर वार्ड के लोगों ने अपनी समस्याएं चौपाल में रखी। प्रधानमंत्री आवास की समस्या, पेयजल एवं साफ सफाई की समस्या, स्ट्रीट लाइट लगाने व अन्य समस्याएं लोगों द्वारा बताई गई। चौपाल में कई समस्याओं का तुरंत निराकरण किया गया। तथा अन्य समस्याओं की सूची बनाकर जल्द निराकरण की बात कही। इस दौरान नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे ।

खतरनाक विस्फोटक सहित बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री बरामद

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  • प्रेग्नेंसी किट, मलेरिया किट और तीर बम भी बरामद

कोंडागांव सुरक्षा बलों ने कोंडागांव जिले के ग्राम जबकसा पहाड़ी से रविवार को विस्फोटक सहित बड़ी मात्रा में नक्सली सामग्री, दैनिक उपयोग की सामग्रियां बरामद की। इस कार्रवाई में जिला बल, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स व बीडीएस की संयुक्त टीम शामिल रही।

टीम रविवार को ग्राम उसेली, जबकसा, अडेंगा, डुवाल व उसके आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। नक्सलियों को पुलिस की आने की सूचना मिल गई और नक्सली आनन-फानन में सामान छोड़कर भाग निकले। सर्चिंग के दौरान पहाड़ी से प्लायर, आईईडी युक्त प्रेशर कुकर, डेटोनेटर 3 नग, अमोनियम नाइट्रेट (पैरोटेकनिक) 7 किलो, 16 मल्टीमीटर 2 नग, 17 एमसील 1 नग, मेल फिमेल इलेक्ट्रानिक प्लग 52 नग, वेल्को पट्टी 1 बंडल, आईईडी स्वीच 2 नग, लाल कपड़ा 3 नग, इलेक्ट्रिक डेटोनेटर 3 नग, पेट बॉटल 2 नग,

आईईडी फ्लेश स्वीच 2 नग, डिस्टेम्पर 1 पैकेट, तीर बम 5 नग, चश्मा 2 नग, इलेक्ट्रिक वायर बंडल 10 नग, सेल बड़ा 118 नग, पॉलिथिन 3 नग, रिमोट बैटरी 25 नग, सेफ्टी फयूज 2 मीटर, रिमोट बटन बैटरी 20 नग, प्रेगनेंसी किट 1 नग, टाईगर बम 22 पैकेट, मलेरिया किट 1 नग, टिफिन सेट 5 नग, सेलो टेप 21 नग सहित अन्य दैनिक उपयोगी सामग्रियां बरामद हुई।विभागीय उच्च अधिकारियों के दिशा निर्देश पर एसपी

वाय अक्षय कुमार, एएसपी रूपेश कुमार डांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में नक्सल उन्मूलन अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसगांव एसडीओपी अनिल विश्वकर्मा के नेतृत्व में ईरागांव थाने से जिला पुलिस बल, डीआरजी, बस्तर फाइटर्स व बीडीएस की संयुक्त टीम ग्राम उसेली, जबकसा, अडेंगा, डुवाल व उसके आसपास क्षेत्र की ओर रवाना हुई थी। इसी दौरान यह कामयाबी मिली।

बीजापुर जिले को बड़ी सौगात दे गई दो बेटियों की मलेरिया वाली कुर्बानी

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  • बीजापुर में बनेगा सर्व सुविधायुक्त नया जिला अस्पताल, सेटअप भी नया
  • मलेरिया से दो छात्राओं की मौत के बाद हेल्थ मिनिस्टर जायसवाल पहुंचे बीजापुर
  • बख्शे नहीं जाएंगे छात्राओं की मौत के जिम्मेदार

अर्जुन झा

जगदलपुर मलेरिया से दो छात्राओं की कुर्बानी बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के लोगों बड़ी सौगात दे गई। छात्राओं की मौत को प्रदेश की विष्णु देव साय सरकार ने गंभीरता से लिया है।मुख्यमंत्री साय ने छात्राओं की मौत की तह तक जाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को आज राज्य शासन के हेलीकाप्टर से बीजापुर भेजा था।

ज्ञात हो कि मलेरिया से ग्रसित दो छात्रावासी छात्राओं तारलागुड़ा पोटा केबिन की दीक्षिता और संगमपल्ली छात्रावास की छात्रा वेदिका जव्वा की मौत मलेरिया से हो गई है। इसके अलावा कुछ और मलेरिया पीड़ित छात्राओं का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। दो दिन के अंतराल में दो छात्राओं की मौत से हड़कंप मच गया। मामला मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तुरंत एक्शन लिया और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को बिना देरी किए बीजापुर के लिए रवाना होने को कहा। जायसवाल सरकार के चॉपर से सोमवार को सुबह बीजापुर पहुंचे। बीजापुर में हेलीपेड पर मंत्री जायसवाल का स्वागत प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारियों तथा भाजपा नेताओं ने किया। पत्रकारों से चर्चा करते हुए हेल्थ मिनिस्टर ने कहा कि बीजापुर को जल्द सर्वसुविधायुक्त आधुनिक जिला चिकित्सालय मिलेगा। जिला चिकित्सालय की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था की पर कहा ये सीएचसी भवन है, नया सेटअप के जिला चिकित्सालय का भवन बनाया जाएगा। जिला अस्पताल का भवन जल्द तैयार होगा और नए सेटअप के अनुरूप डॉक्टरों एवं दीगर स्वास्थ्य कर्मियों की नियुक्ति की जाएगी। पोटा केबिन छात्रावास में रहकर पढ़ रही दो छात्राओं की मौत के बादu निरीक्षण पर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने छात्राओं की मौत की जांच और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री ने जिला अस्पताल में प्रशासनिक अधिकारियों एवं सीएमएचओ की बैठक भी ली। जिले में मलेरिया से दो छात्राओं की मौत और दो सौ से अधिक मलेरिया पीड़ित बच्चे मिलने के बाद स्थिति की समीक्षा के लिए मंत्री पहुंचे हैं।

छत्तीसगढ़ स्तरीय मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में विभिन्न शहरों एवं गांवो से लगभग 700 प्रतिभागियों ने हिस्सा

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छत्तीसगढ़ स्तरीय मैराथन दौड़ प्रतियोगिता का आयोजन 14 जुलाई को स्थानीय ओपन एयर थिएटर चौक में किया गया कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न शहरों एवं गांवो से लगभग 700 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें 90 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर 7 वर्ष के बच्चों ने अपनी अपनी कैटेगरी में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया उपस्थित दर्शको एवं खिलाड़ियों मेें आकर्षण जब 7 वर्ष की छोटी बच्ची ने 2 किलो मीटर की दौड़ समापन स्थल पर पहुंची अतिथी एवं दशर्को ने खड़े होकर ताली से उसका स्वागत किया।

कार्यक्रम स्थल पर सुबह से ही प्रतिभागी पहुंचने लगे थे जिनके भोजन की व्यवस्था की गयी थी एवं विश्राम एवं चेजिंग रूम की व्यवस्था की गयी थी।

मैराथन दौड़ का प्रारंभ भाजपा जिला अध्यक्ष पवन साहू, कृष्णकांत पवार, देवलाल ठाकुर एवं सीजी एम माइंस आर.बी. गहरवाल, सी.एस.पी. चित्रा वर्मा परिवहन संघ अध्यक्ष बिट्टू तुली, उमेश सिंह तोमन साहू, अकबर तिगाला, लाल नेवेन्द्र सिंह टेकाम, शीतल नायक, संतोष देवांगन, अब्दुल इब्राहिम, राजेश दसोड़े, सुदेश सिंह, किरण सिन्हा सुरेश जायसवाल, अनिता कुमेटी, संजीव सिंह, गीता मरकाम, सौहद्रा ठाकुर, राजेश काम्बले, रमनी बाघ, मंजीत कौर, नंदा पसीने, रानू ठाकुर कविता तिगोटे उपस्थित थे।

मैराथन दौड़ में विभिन्न कैटेगरी के प्रतिभागियों को प्रथम 15000, द्वितीय को 7,000, तृतीय 5,000 चतुर्थ को 4,000 रूपये एवं प्रन्द्रह प्रतिभागी तक 2000 रूपये का नगद पुरस्कार प्रदान किया गया साथ ही सभी प्रतिभागियों को मैडल सर्टिफिकेट टी शर्ट एवं टोपी प्रदान किया गया।

प्रन्द्रह वर्ष से कम उम्र की कैटेगरी में सभी प्रतिभागी को नगद पुरस्कार प्रदान किया गया।

राजहरा मैराथन दौड़ प्रतियोगिता में कुल आठ कैटेगिरी थी जिसमें 15 वर्ष से कम उम्र के प्रतियोगियों में बालक वर्ग के प्रथम संकेत कुमार (बेमेतरा) द्वितीय धर्मेश कुमार (बिलासपुर) तृतीय गांधी साहू (बेमेतरा) चतुर्थ अभिषेक कुमार (सूरजपुर) इसी वर्ग में बालिकाओं में प्रथम संतोषी (बीजापुर) द्वितीय अंजली तारम (बीजापुर) तृतीय वंदना (भिलाई) चतुर्थ सोम रही ।

इसी तरह 19 वर्ष से कम आयु वर्ग में बालक वर्ग में प्रथम हर्ष निषाद (राजनांदगांव) द्वितीय हेमंत कुमार (रतनपुर) तृतीय चिरंजीव कुमार (भिलाई) बालिका वर्ग में प्रथम शीतल कुशवाहा (दुर्ग) द्वितीय कविता (राजनांदगांव) तृतीय निशा (राजनांदगांव) चतुर्थ हर्ष साहू (बालोद) रही।

19 वर्ष से 35 वर्ष की आयु वर्ग में पुरूष वर्ग प्रथम विक्रम साहू (बालोद) द्वितीय आशुतोष कुमार (भिलाई) तृतीय चंद्र प्रकाश राज (जांजगीर) चतुर्थ द्वारिका आदेश वर्मा (राजनांदगांव) इसी कैटेगरी में द्वितीय रूक्मणी साहू (भिलाई) तृतीय प्रमिला मंडावी (बस्तर) चतुर्थ बिमेश्वरी (बालोद)।

35 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में प्रथम किशन लाल कोसरिया (श्रमगढ़) द्वितीय दिनेश कुमार (बालोद) तृतीय मनोज कुमार राजवाडे (सूरजपुर) चतुर्थ नरेंद्र कुमार साहू (रायपुर) विजेता हुए

इसी तरह 60 वर्ष से अधिक आयु के वर्ग में प्रथम पूनम राम (कांकेर) द्वितीय देवघर राम ठाकुर दुर्गा प्रीति हेमनाथ साहू (राजनांदगांव) चतुर्थ देवनाथ कोरेटी (भानुप्रतापपुर)

कार्यक्रम का संचालन दामोदर राव, हरिनाथ, दीपक पटेल, शिव प्रसाद, चन्द्र वर्षे, कुलदीप सिंह, अज्जयन पिल्ले, विष्णु प्रतापसिंग, बादल तिवारी, किशोर आर्या अन्सारी, उमेश पिस्दा का विशेष सहयोग रहा।

पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम ओपन क्लब थिएटर में देवलाल ठाकुर, आर बी गहरवाल, श्रीमती गहरवाल, बिट्टु तुली, उमेश सिंग, शीतल नायक, राजेश दसोड़े, किरण सिन्हा, सुरेश जायसवाल द्वारा किया गया। सभी श्रेणी में प्रथम पन्द्रह खिलाड़ियों को नगद पुरस्कार अतिथियों द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के आयोजन में भाजपा मण्डल अध्यक्ष राकेश द्विवेदी, महामंत्री महेन्द्र सिंह, मदन माइती, सुरेन्द्र बहेरा, रमेश गुजर, रमेश जैन, नवीन साहू, बंटी चोपड़े, शंकर साहू, सोनू ठगेल, सुमीत जैन, हरीश बाघ, मनन गुप्ता, सागर गंजीर, बीरेन्द्र साहू, गोलू ठाकुर उपस्थित रहे।

गजबै गायक हैं हमारे कलेक्टर साहब

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  • कलेक्टर विजय दयाराम के. अपनी गायकी से लोगों को बना रहे हैं दीवाना

अर्जुन झा

जगदलपुर हमारे कलेक्टर विजय दयाराम के. साहब तो गजबै गायक हैं भैया! गैर हिंदीभाषी होते हुए भी हिंदी गानों के ऐसे तराने छोड़ते हैं कि सुनने वाले तो दीवाने ही बन जाते हैं उनके। सुर ताल में उनकी पकड़ निसंदेह सराहनीय है। उनकी मधुर आवाज में गीत और भी मनमोहक हो उठते हैं। हाल के कुछ दिनों में कुछ पुराने दर्द भरे गाने उनकी आवाज में रिकॉर्ड किए गए थे, जिन्हें बस्तर समेत छत्तीसगढ़ के हजारों लोगों ने सुना और सराहा भी।

बस्तर कलेक्टर विजय दयाराम के द्वारा गाया हुआ ये मधुर गीत सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल देखिए वीडियो। बस्तर के कलेक्टर विजय दयाराम के. अपने जन हितैषी कदमों और कार्यों से तो बस्तर की जनता का दिल जीतते आ रहे हैं, अब उनकी गायकी भी लोगों को खूब पसंद आ रहे हैं। कलेक्टर विजय वैसे तो जन्मजात दक्षिण भारतीय हैं और यह तथ्य भी सत्य है कि दक्षिण भारतीय लोग हिंदी के मामले में बड़े फिसड्डी होते हैं, मगर हमारे दक्षिण भारतीय कलेक्टर विजय दयाराम के. ने इस मिथक को तोड़ दिया है। वे हिंदी के अच्छे ज्ञाता हैं और फर्राटेदार हिंदी बोलते भी हैं। जब उनसे बात करो तो कहीं से आभास नहीं होता कि वे गैर हिंदीभाषी राज्य के मूल निवासी हैं। वे हिंदी गाने भी पूरी लय ताल के साथ अच्छे से गा लेते हैं। अंतरा, गाने के बोल में उतार चढ़ाव ऎसी कि सुनने वाले दांतों तले उंगली दबाने मजबूर हो जाते हैं। दर्द भरे हिंदी गीत गाने में कलेक्टर विजय माहिर हैं। उनकी आवाज में दर्द भरे गीत सुनकर कभी कभी तो लगने लगता है कि कलेक्टर साहब युवा अवस्था में चोट खाए हुए हैं। वैसे वे अभी भी जवान हैं। वैसे जो दिल के मारे नहीं होते, वे लोग भी दर्द भरे गीत सुनना पसंद करते हैं। माह डेढ़ माह पहले उनके स्वर में एक गीत बादल एकेडमी में रिकॉर्ड किया गया था – तू है दिल के पास पास मत हो उदास…. ने काफी सुर्खियां बटोरी थी। अब उनके द्वारा तमिल और हिंदी का मिश्रण कर गाया हुआ सुपरहिट गीत ‘तू ही रे’ तू ही रे तेरे बिना मैं कैसे जीयूं आजा रे, आजा रे, यूं ही तड़पा ना तू मुझको जान रे, जान रे, इन सांसों में बस जा तू चांद रे, चांद रे, आजा दिल की ज़मीन पे तू… खूब तहलका मचा रहा है। कलेक्टर विजय दयाराम के ने गीत में हिंदी और तमिल भाषा को इस कदर डायलूट कर दिया है कि यह गीत और भी ज्यादा कर्णप्रिय बन गया है। कलेक्टर साहब सचमुच गजबै हैं, बस्तरिहा बोली में भी वे सुमधुर गीत गा चुके हैं। प्रशासनिक कामकाज और मीठे व्यवहार से बस्तर जिले के लोगों के दिलों में राज करते आ रहे कलेक्टर विजय अब अपनी आवाज के जादू से भी लोगों को सम्मोहित कर रहे हैं। बधाई हो कलेक्टर साहब..

कलेक्टर विजय ही नहीं, एसपी शलभ सिन्हा भी भी रखते गायकी में दक्षता

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  •  उत्तर और दक्षिण में देखने को मिल रही एकरूपता
  • एसपी शालभ सिन्हा की भी गायकी है लाजवाब

अर्जुन झा

जगदलपुर उत्तर और दक्षिण दो परस्पर विपरीत दिशाएं और ध्रुव हैं। दोनों में एकरूपता की कल्पना भी नहीं की जा सकती। मगर बस्तर जिले में उत्तर और दक्षिण में शानदार एकरूपता तथा समन्वय देखने को मिल रहा है। जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी कलेक्टर विजय दयाराम के. दक्षिण भारतीय हैं, तो शीर्ष पुलिस अधिकारी एसपी शलभ कुमार सिन्हा उत्तर भारतीय। इन दोनों वरिष्ठ अधिकारियों में अकल्पनीय

समानताएं हैं। दोनों ही मिलनसार, न्यायप्रिय और जनता के प्रति समर्पित हैं। अब एक और नई बात पता चली है। कलेक्टर विजय तो गीत संगीत प्रेमी हैं ही, एसपी शालभ सिन्हा भी गायकी में सिद्धहस्त हैं। उनके स्वर में एक गीत काफी वायरल हो रहा है।

हमारे बस्तर के पेड़ पौधे, झरने और यहां की वादियां ही गीत संगीत की स्वर लहरियां नहीं बिखेरते, बल्कि यहां के अफसर भी इस कला में सिद्धहस्त हैं। बस्तर के कलेक्टर विजय दयाराम के. में गीत संगीत के प्रति लगाव जग जाहिर हो ही चुका है।वहीं अब पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा के भी संगीत प्रेम का एक नायाब नमूना सामने आया है। हमारे एक मित्र ने एसपी शलभ कुमार सिन्हा की गायकी का एक वीडियो भेजा है। इस वीडियो में एसपी श्री सिन्हा फिल्म आशिकी का गीत ‘तू मेरी जिंदगी है’ गाते नजर आ रहे हैं। यह गीत उन्होंने दुर्ग के पुलिस अधीक्षक रहते भिलाई में आयोजित नदीम श्रवण नाइट में गया था। अमूमन पुलिस अफसर कठोर स्वभाव के होते हैं, उनकी जुबान भी कड़क होती है। लॉ एंड ऑर्डर तथा अपराधों पर रोकथाम की जिम्मेदारी सम्हालते सम्हालते और अपराधियों पर गुस्सा उतारते रहने के कारण पुलिस अधिकारी भी रूखे स्वभाव एवं तीखी मिर्ची सरीखी वाणी वाले हो जाते हैं। उनकी आवाज से शहद टपकने और मधुरता की उम्मीद करना भी बेमानी हो जाती है, मगर जनाब मुगालते में मत रहिए। हमारे बस्तर के पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा उन अफसरों में शुमार नहीं हैं। वे निहायत ही मीठी आवाज के जादूगर हैं। उनकी आवाज से शहद, स्ट्राबेरी जूस, अंगूर जूस सब टपकते प्रतीत होते हैं। जब भिलाई में नदीम श्रवण के लिए सजे मंच से एसपी शलभ सिन्हा ने फिल्म आशिकी का गीत गाया, तो श्रोता, दर्शक ही नहीं, बल्कि नदीम श्रवण भी वाह वाह कर उठे। खैर सिन्हा साहब भिलाई दुर्ग में तो अपनी गायकी जलवा दिखा चुके हैं, बस्तर जिले के लोगों को उनका यह जलवा और अंदाज देखना बाकी है। उम्मीद है पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा बहुत जल्द जगदलपुर में भी अपना जलवा दिखाएंगे और अकेले तो गाएंगे ही, कलेक्टर विजय दयाराम के. के साथ उनका सुरीला मुकाबला भी देखने को मिल सकता है।

सागौन से भरे तेलंगाना के पिकअप वाहन को बिना कार्रवाई छोड़ा, मधु से किसके हैं मधुर संबंध

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  •  डीएफओ, वन मंत्री और राज्यपाल से होगी शिकायत
  •  बस्तर संभाग में सक्रिय हैं अंतर राज्यीय तस्कर

अर्जुन झा

जगदलपुर बस्तर संभाग के बीजापुर वन मंडल के भोपालपटनम परिक्षेत्र में बीते साल वन विभाग के एसडीओ द्वारा पकड़े गए सागौन लदे पिक वाहन को कुछ ही घंटों बाद छोड़ दिए जाने का मामला अब फिर से तूल पकड़ने वाला है। यह सागौन लकड़ी किसी मधु नामक व्यक्ति के कब्जे से बरामद हुई थी। अब सवाल उठ रहे हैं कि मधु से विभाग के किस अफसर से मधुर संबंध हैं, कि जिसके कारण लाखों की कीमती लकड़ी को यूं ही जाने दिया गया। वहीं यह बात भी पुख्ता हो गई है कि बस्तर संभाग के जंगलों का सफाया अंतर राज्यीय लकड़ी तस्कर विभागीय अधिकारियों के संरक्षण में कर रहे हैं।

बस्तर संभाग के बीजापुर जिले के वन मंडल बीजापुर अंतर्गत वन परिक्षेत्र भोपालपटनम में वर्ष 2023 में तेलंगाना निवासी मधु नामक व्यक्ति के पिक अप वाहन क्रमांक टीएस 28 टी 5039 को तारलागुड़ा चेक पोस्ट पर वन विभाग भोपालपटनम के एसडीओ द्वारा दबिश देकर पकड़ा गया था। वाहन समेत सागौन लकड़ी और मधु के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया था। मोबइल फोन से कुछ सुराग मिलने की बात बयान में कही गई थी। इतना बड़ा सुराग मिलने के बावजूद अवैध सागौन से भरे पिकअप वाहन को कुछ दिन बाद छोड़ दिया गया। आखिर किसके दबाव में या किस चीज के प्रभाव में आकर मामले को सलटा दिया गया? यह प्रश्न आज भी अनुत्तरित है। जबकि शासन के नियमानुसार सागौन का अवैध परिवहन करते पकड़े जाने वाले वाहन को राजसात करने का प्रावधान है। ज्ञात हो कि एसडीओ वन विभाग भोपालपटनम द्वारा एक स्थानीय समाचार पत्र को दिए गए एक बयान में तेलंगाना के मधु नमक व्यक्ति द्वारा सागौन से भरे वैन और दीवान को जप्त कर नियम अनुसार कार्रवाई करने की बात एसडीओ ने कही थी। उस बयान के अनुसार सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6 (1) के अंतर्गत जानकारी मांगे जाने पर जानकारी देने के बजाय सूचना के अधिकार अधिनियम की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सागौन और दीवान को एसडीओ द्वारा जप्ती की कार्रवाई की गई थी। अब उस दौरान स्थानीय समाचार पत्र को एसडीओ द्वारा दिए गए बयान की सीडी बनाकर राजयपाल, वन मंत्री और वन मंडलाधिकारी से शिकायत की जाने वाली है। वन विभाग के जिम्मेदार अधिकारी ने अपने बयान में जो बात कही थी उससे हटकर से अपनी जिम्मेदारी से भागते हुए न सिर्फ शासन को मिलने वाले राजस्व का नुकसान किया है, बल्कि बस्तर की वन संपदा को लूटने वालों का सहयोग भी किया है। इससे जाहिर होता है कि सागौन तस्कर से लेनदेन कर लकड़ी समेत पिक अप वाहन को छोड़ दिया। वन परिक्षेत्र अधिकारी भोपालपटनम और एसडीओ भोपालपटनम द्वारा तस्कर तेलंगाना निवासी मधु नामक व्यक्ति का मोबाइल फोन भी जप्त कर कई अहम सुराग मिलने की बात कही गई थी और कहा गया था कि मधु नामक तस्कर की वर्षों से विभाग को तलाश थी, परंतु अचानक सागौन सहित वाहन को बिना कार्रवाई किए छोड़ देना कई सवालों को जन्म दे रहा है। जब तस्कर वर्षों बाद रंगेहाथ पकड़ा गया था, तो यह एक बड़ी उपलब्धि थी, मगर इस उपलब्धि को भी एसडीओ और रेंजर ने कैसे हाथ से गंवा दिया? यह भी बड़ा यक्ष प्रश्न है।

तस्करों को खुला संरक्षण

वन विभाग के भोपालपटनम रेंज में हुए इस नाटकीय घटनाक्रम ने इस बात पर भी मुहर लगा दी है कि बस्तर के जंगलों से बेशकीमती पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई और निकासी में अंतर राज्यीय तस्करों को वन विभाग के अधिकारी ही खुला संरक्षण दे रहे हैं। उत्कृष्ट प्रजाति के पेड़ों की अवैध कटाई और उनकी लकड़ियों की निकासी लगातार हो रही है। इस मामले में भोपालपटनम वन परिक्षेत्र कुछ ज्यादा ही कुख्यात हो चला है। इस रेंज से आएदिन पेड़ों की अवैध कटाई के मामले सामने आते ही रहते हैं। कुछ ही दिनों पहले एक निर्माणाधीन शाला भवन की बाउंड्रीवॉल के दायरे में आए सागौन के अनेक पेड़ों को रेंजर ने कटवा कर थोड़ी दूर स्थित गड्ढे में डलवा दिया था। बाद में इन पेड़ों के लट्ठों को रहस्यमय ढंग से बाहर भिजवा दिया गया। इस मामले में भी लीपापोती कर दी गई। बताया जाता कि वन विभाग के अधिकारियों की सांठगांठ से लकड़ी तस्करी का खुला खेल चल रहा है।

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