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वनपाल को रास नहीं आया बारसूर, जुगाड़ कर मुख्यालय पहुंचा

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चहेते स्थान पर पदस्थापना कराने अफसर को खुश करने में जुटा

जगदलपुर – सामाजिक वानिकी विभाग में पदस्थ वनपाल को बारसूर रास नहीं आया,जुगाड़ जमाकर कुछ माह बाद ही मुख्यालय हुई वापसी। वन विभाग के ऐसे कई कर्मचारी है जिनका मुख्यालय से मोह नहीं छुटता। तबादला होने के बाद ही अफसरों को खुश कर मुख्यालय में कराया करते है वापसी। कार्यों में लापरवाह ऐसे कर्मचारियों पर विभाग के अफसर भी मेहरबान रहा करते है।

ज्ञातव्य हो कि वन विभाग में तबादला नीतिका पालन नहीं होता यहां तो चढ़ावा चढ़ाने वालों का बोलबाला रहता है। ऐसा ही एक मामला सामाजिक वानिकी विभाग के कर्मचारी का है जो जगदलपुर वनवृत्त के मुख्यालय छोड़ना नहीं चाहते अफसर भी उक्त कर्मचारी पर मेहरबान है जबकि विभाग में अन्य कर्मचारी या विभाग प्रमुख से उक्त कर्मचारी की पटरी नहीं बैठती।

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रास नहीं आया बारसूरः वन विभाग के कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सामाजिक वानिकी वनपाल के पद पर पदस्थ एक कर्मचारी को पदोन्नत कर देतेवाड़ा वन मंडल के बारसूर रेंज में सहायक परिक्षेत्र अधिकारी के रूप में पदस्थ कराया गया था। उक्त कर्मचारी को मुख्यालय का मोह इस कदर है कि तबादला के कुछ माह बाद ही जुगाड़ कर पुनः मुख्यालय में वापसी कराने में सफल रहा। बताया जा रहा है कि वहां से उसे भारमुक्त कर सामाजिक वानिकी विभाग में भेज दिया गया है।

चहेते स्थान पर पदस्थापना की जुगाड़ में: सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विभाग के आफसर से जुगाड़ कर दंतेवाड़ा वन मंडल में वापस आने में सफल रहा। अब बताया जा रहा है कि जोड तोड़कर अपने चहेते स्थान पर पदस्थापना कराने की जुगाड़ में लगा है विभाग के अफसर के द्वारा आश्वासन भी दिए जाने की खबर है।

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जानकारी के अनुसार जिन स्थानों पर उक्त वनपाल की पदस्थापना रही है वहां कार्यों में लापरवाही को लेकर विवादित रहा है ऐसे कर्मचारी पर अफसर भी मेहरबान रहा करते है। मुख्यालय के इर्द-गिर्द रखने को लेकर मजबूर रहा करते है जिसका मुख्या कारण राजनीतिक दबाव बताया जा रहा है।

ज्ञातव्य हो कि वन विभाग के ऐसे दर्जनों कर्मचारी जो वर्षों से धूर नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पदस्थ है जो वहां से बाहर नहीं निकल पाते है और मैदानी क्षेत्र के कर्मचारी की अगर उन इलाकों में नियुक्ति हो भी जाती है तो जुगाड़कर बाहर निकल आते है।

विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन पहुंचे हाट पदमूर के वार्षिक मेला में

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विधि विधान से पूजा अर्चना कर मांगी क्षेत्र के मंगल की कामनाएं

जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के हाट पदमूर में आयोजित वार्षिक मेला एवं जात्रा में पहुंचे विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने विधि विधान से पूजा अर्चना कर जगदलपुर क्षेत्र एवं बस्तर सहित छत्तीसगढ़ के कुशल मंगल की कामना की |

इस अवसर पर उन्होंने ग्राम के परदेसिन माता मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना की तथा वर्तमान कोरोनावायरस संक्रमण से सभी लोगों को बचाने की कामनाएं की |

इस अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन ने कहा की मेला मंडई एवं जात्रा हमरी आदिम संस्कृति का परिचायक है और हमारी आस्था का प्रतीक है हम सभी लोगों को अपनी आस्था से जुड़े रहना चाहिए युवा पीढ़ी शहरीकरण के कारण अपनी परंपरा से हटती जा रही है उन्हें अपनी परंपरा से जोड़ने की जरूरत है |

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इस अवसर पर विधायक जगदलपुर एवं संसदीय सचिव रेखचंद जैन के साथ ब्लाक अध्यक्ष एवं जनपद पंचायत सदस्य नीलू राम कश्यप जनपद सदस्य जिशान कुरैशी युवा कांग्रेस प्रदेश महासचिव शुशील मौर्य विधि विभाग के जिलाध्यक्ष अवधेश झा,हरिबंधू नाग, युवा नेता सामेयल नाथ , बृजेन्द्र ठाकुर, शंकर नाग, पुजारी विजय बघेल, कोटवार अनिल, सुरेश गुप्ता, कुशल प्रसाद, खगपति, गोपीनाथ,रामसाय, तुलाराम,लक्षमण, कमलेश,सोमारु ,जगत,लक्ष्मया ठाकुर, महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शांति,काजल, विजय लक्ष्मी उपस्थित रहे |

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भाजपा अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में विधायक निवास के सामने प्रदर्शन कर जनता से किये वादों को पूरा करने हेतु अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया

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भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व व अनु.जनजाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विकास मरकाम के निर्देश पर अनु जनजाति मोर्चा जिलाध्यक्ष विक्रम ध्रुवे के नेतृत्व में विधायक निवास का घेराव व विधायक को कुमकर्ण नींद से जगाने के लिए आज दिनांक 16/06/2021 को अनुविभागीय अधिकारी जी डौण्डी लोहारा को ज्ञापन दिया । विधायक निवास के सामने प्रदर्शन कर जनता से किये वादों को पूरा करने हेतु ज्ञापन देने की सूचना बाबत।

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प्रदेश में कांग्रेस सरकार के ढाई साल पूरे हो चुके हैं। चुनाव पूर्व कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में जनता से बहुत वादे किये थे परंतु शासन में आते ही वह इन वादों को भूल गई है। हमारे स्थानीय विधायक भी इन वादों को पूरा करवाने में कोई पहल ना करते हुये कुम्भकर्णी नींद में सो रहे हैं।

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जनता से किये वादों को पूरा कराने हेतु विधायक महोदय को जगाने के लिये भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा द्वारा कोविड नियमों का पालन करते हुये गुरुवार 17 जून 2021 को दोपहर 12 बजे विधायक निवास के सामने प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया जायेगा।
ज्ञापन देते हुवे पूर्व महामंत्री देवेंद्र जायसवाल , अनुसूचित जनजाति मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष देवेन्द्र महला, अनुसूचित जनजाति बालोद जिला अध्यक्ष विक्रम धुर्वे डोंडी लोहरा मंड़ल अध्यक्ष भाजपा रूपेश सिन्हा उपस्थित थे।

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भूपेश बघेल सहित सभी मंत्रियों के मुखौटा के सामने भोपू बजाकर शहर युवा मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन

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छत्तीसगढ़ में भूपेश सरकार की वादाखिलाफी के विरोध में आज भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर मंडल के अध्यक्ष कमलेश वाधवानी के नेतूत्व में भूपेश व कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल सहित प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष मोहन मरकाम के मुखौटे के सामने भोंपू बजाकर गूंगी बहरी सरकार के मंत्रियों को सरकार को जगाने का प्रयास किया गया फिर पूरे शहर में घूम घूम कर युवाओं से और माताओं से चर्चा की और विफलताओं को जनता जनार्दन को बताया गया |

भारतीय जनता युवा मोर्चा शहर के इस आंदोलन में शहर मंडल के अध्यक्ष सुरेश निर्मलकर,भाजपा नेता अमित चोपड़ा,कमल पंपलिया,नरेंद्र सोनवानी अनुसूचित जाति मोर्चा जिलाध्यक्ष मालती जोशी,अजय बाफना,समीर खान, विक्रम लालवानी,मनीष माधवानी,सुप्रीत शर्मा,राहुल सोनी,रौनक कत्याल,सोनू सोनकर, प्रवीण सारडा, प्रशांत चौरडिया,कमल बजाज,जागेश्वर ढीमर,देवेंद्र कुमार,रूपेश सोनकर, चेतन निर्मलकर,धीरज माधवानी,जय माधवानी व आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहें |

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कैबिनेट मंत्री टी एस सिंहदेव जन घोषणा पत्र में अनियमित कर्मियों के नियमितीकरण के वायदे को पूरा करे – छग संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ

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छत्तीसगढ़ के 1 लाख 80 हज़ार से अधिक अनियमित कर्मचारी सरकार द्वारा उनकी अनदेखी किये जाने के कारण में असंतुष्ट है तथा बड़ा कदम उठाने की ओर अग्रसर है।

रायपुर – वि.प्र , छत्तीसगढ़ संयुक्त अनियमित कर्मचारी महासंघ जो कि शासकीय विभागों/निगम /मंडलों/स्वशासी निकायों में कार्यरत समस्त अनियमित (संविदा, दैनिक वेतन भोगी, कलेक्टर दर, मानदेय, प्लेसमेंट, अशंकालिक, जाबदर, ठेका) अधिकारियों/ कर्मचारियों का महासंघ है तथा अपने अनियमित कर्मचारी सदस्य साथियों के हित में निरंतर कार्य कर रही है|

प्रदेश संयोजक अनिल कुमार देवांगन ने बताया कि, छत्तीसगढ़ में 2018 में चुनावी वर्ष के दौरान कांग्रेस वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों ने महासंघ के तत्कालीन संघर्ष के दिनों में साथ निभाया था और महासंघ के मांगों को कांग्रेस के 2018 के जन-घोषणा (वचन) पत्र “दूर दृष्टि, पक्का इरादा, कांग्रेस करेगी पूरा  वादा” के बिंदु क्रमांक 11 एवं 30 में  अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण करने, छटनी न करने तथा आउट सोर्सिंग बंद करने को स्थान दिया|

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इस तारतम्य में प्रदेश अध्यक्ष रवि गढ़पाले ने बताया कि, दिनांक 14 फरवरी 2019 को रायपुर के गांधी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री ने स्वयं कहा कि यह वर्ष किसानों लिए है आगामी वर्ष कर्मचारियों का होगा| परन्तु अद्यतन ढाई वर्ष होने जा रहा है के उपरांत भी अनियमित कर्मचारियों के बारे में छत्तीसगढ़ की जन हितैषी सरकार  एक कदम भी नियमितीकरण के वायदे को पूरा करने के लिये नहीं उठा पा रही है छटनी रोकना और अनियमित भर्तियों पर रोक लगाना तो दूर की बात है|

प्रदेश कार्य समिति के वरिष्ठ सदस्य गोपाल प्रसाद साहू ने आगे बताते हुए कहा कि, प्रदेश के 54 विभागों तथा 72 से अधिक योजना परियोजना के अनियमित कर्मचारी वर्तमान में अपनी मांगों को लेकर लामबंद हो रहे है और अब महासंघ और उससे सम्बद्ध 14 संगठनों के प्रदेश अध्यक्षो ने 17 जून 2021 गुरुवार 1 बजे माननीय श्री टी.एस. सिंहदेव, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन को उनके निवास में नियमितीकरण एवँ घोषणा-पत्र में किये वादे को याद दिलाने ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया है|

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प्रदेश मीडिया प्रभारी अभिषेक ठाकुर ने कहा कि,महासंघ के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्यों, प्रांतीय पदाधिकारियों के साथ महासंघ से सम्बद्धता प्राप्त 14 संघो के अध्यक्षो क्रमशः अरूण वैश्णव,पं. सुंदरलाल शर्मा मुक्त वि.वि. बिलासपुर कर्मचारी संघ,विनय हरबंश, छत्तीसगढ़ नवीन व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ,नीलमणी चंदेल,स्वच्छ भारत मिषन ग्रामीण कर्मचारी कल्याण संघ, मिर्जा शहजार बेग,छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल कर्मचारी कल्याण संघ,पी.के. कौशिक, छत्तीसगढ़ संविदा प्रशिक्षण अधिकारी कल्याण संघ,शगोविंद साहू,आत्मा (कृषि)कर्मचारी संघ, संतोष साहू, छत्तीसगढ़ राज्य समर्थनमूल्य धान खरीदी कम्प्यूटर आपरेटर संघ,रमा शर्मा, छत्तीसगढ़ कम्प्यूटर शिक्षक संघ,अशोक सिन्हा, अध्यक्ष,एकीकृत बाल संरक्षण योजना संविदा कर्मचारी संघ,चंद्रशेखर अग्निवंशी,छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी महासंघ,लवलीन शर्मा,छत्तीसगढ़ उद्यानिकी अनियमित कर्मचारी संघ,उमेंद महिलांगे, छत्तीसगढ़ शा.औ.प्र.संस्था मेहमान प्रवक्ता कल्याण संघ,रविन्द्र चापड़ी, छत्तीसगढ़ एकलव्य विद्यालय अतिथि शिक्षक संघ, संजय ऐड़े छत्तीसगढ़ प्लेसमेंट कर्मचारी कल्याण संघ ने मिलकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु प्रण लिया और महासंघ के चरणबद्ध आंदोलन के प्रथम सोपान की ओर अग्रसर होते हुए 7 चरणों के आंदोलन का आगाज़ करने का फैसला लिया गया।

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भाजपा शासनकाल में घालमेल करने वाले अधिकारी कांग्रेस के भी बने चहेते

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मामला राजीव गाँधी शिक्षा मिशन का

मुक्त बाधित विद्यालय में घटिया सामग्री सप्लाई के नाम पर लाखों के वारे न्यारे

कमीशन का जमकर हुआ करता था खेल

जगदलपुर- भाजपा शासनकाल में शिक्षा विभाग से जुड़े अधिकारी सामग्री सप्लाई के नाम पर लाखों के वारे-न्यारे कर शासन को लाखों की चपत लगा चुके है। ऐसे अधिकारी सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसा खेल खेले कि आज कांग्रेसियों के भी खासमखास बन गये है। ऐसा ही एक मामला राजीव गांधी शिक्षा मिशन का प्रकाश में आया है वहां पदसथ तत्कालीन संचालक ने अपने चहेते ठेकेदार से सांठगांठ कर घटिया सामग्री की सप्लाई कर लाखों के बंदरबाट कर चुका है। राशि का बंदरबाट करने वाला अधिकारी आज करोड़ों का असामी बन चुका है। वर्तमान में उक्त अधिकारी पीसीसी अध्यक्ष के गृह जिले का डीईओ के पद पर पदस्थ है जबकि उक्त अधिकारी इस पद के लिए पात्रता ही नहीं रखता।

ज्ञातव्य हो कि भाजपा शासनकाल में शिक्षा विभाग में जमकर राशि का बंदरबाट हुआ है जिसका समय-समय पर कांग्रेसियों ने विरोध भी दर्ज कराया करते थे लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद जिस अधिकारियों पर कांग्रेसी आग उगला करते थे वह अधिकारी कांग्रेसियों के खास हो गये है। कांग्रेस ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रर्वा करने की बात करती थी लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद कांग्रेस के ऐसे चहेते बने की आज भी वह चहेते स्थानों पर पदस्थ है और उन्हे घालमेल करने का खुली छूट मिली हुई है।

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सामग्री सप्लाई में लाखों के वारे-न्यारेः

राजीव गांधी शिक्षा मिशन में तत्कालिन संचालक के कार्यकाल में सामग्री सप्लाई के नाम पर लाखों के वारे न्यारे किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2018-19 में मुक्तबाधित विद्यालय में लाखों की सामग्री सप्लाई की गई थी जिसके लिए संचालक अपने एक चहेते ठेकेदार को सप्लाई का काम दिया था।

बताया जा रहा है कि घटिया स्तर के सामग्री सप्लाई की गई थी जिसकी गुणवत्ता का कोई मापदंड नहीं था। यहां तक कि खानापूर्ति के लिए किसी एक सामग्री के सप्लाई का टेण्डर देकर अधिकांश सप्लाई एक ठेकेदार के द्वारा कराया गया है। जिसकी गुणवत्ता की पड़ताल की जाये तो मिशन का कई ऐसा मामला है जो उजागर हो सकता है और घालमेल करने वाले भी बेनकाब हो सकते है।

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छोड़ेगे नहीं सत्ता आने पर,भूल गये :

कांग्रेस के कई जिम्मेदार नेता यह कहा करते थे कि शिक्षा मिशन में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी को छोड़ेंगे नहीं लेकिन सत्ता परिवर्तन के बाद ऐसे अधिकारी ऐसी चाल चले कि कांग्रेसियों के भी खास हो गये। कार्रवाई कराने की दहाड़ लगाने वाले नेता अब चुप्पी साधे बैठे है। ऐसे अधिकारी उन नेताओं को भी प्रसाद चढ़ाकर खुश करने में सफल रहे जिसका उन्हे इनाम भी मिला है जो आज कांग्रेस के भी खास बन गये है।

अपात्र को डीईओ की जिम्मेदारी:

बस्तर जिले में पदस्थ मिशन संचालक जो वर्तमान में कोण्डागांव जिले में डीईओ के पद पर पदस्थ है शिक्षा के जानकारों की माने तो अपात्र को डीईओ की जिम्मेदारी दी गई है जबकि वह मुलतः व्याख्याता के पद पर पदस्थ है जबकि कई वरिष्ठ व्याख्याता स्कूलों में है उन्हे मौका नहीं मिला।

सांसद प्रतिनिधि एवं प्रदेश महासचिव सुशील मौर्य ने भी आरोप लगाया है कि तत्कालिन मिशन संचालक के कार्यकाल में घटिया सामग्री सप्लाई कर राशि की बंदरबाट की गई है। उन्होंने कहा कि उक्त मामले की निष्पक्ष जांच कराई जायेगी। उन्होंने ऐसे भ्रष्ट अधिकारी को तत्काल पद से हटाकर मामले की निष्पक्ष जांच करवाने शिक्षा मंत्री को पत्र लिखने की बात कही।

खबर का असर… ग्रामीणों को मिली कीचड़ युक्त सड़क से मुक्ति… एडवांस लेने के 8 माह बाद तक अधूरी थी सड़क

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सुविधा… सड़क की स्वीकृति मिलने के बाद भी आसना सरपंच और सचिव की लापरवाही पड़ी थी भारी… अब बन गई सड़क

जगदलपुर… जनपद पंचायत जगदलपुर में विकास की स्थिति का आकलन करना हो तो इस खबर को भी पढ़ना जरूरी है निर्माण कार्यों में प्रशासनिक लापरवाही की पराकाष्ठा के चलते आदिवासी बाहुल्य बस्तर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को कई प्रकार की परेशानियों को झेलना जैसे एक मजबूरी सी है जहां एक तरफ छत्तीसगढ़ शासन ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयासरत दिखती है वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अधिकारियों की बड़ी लापरवाही भी विकास के पथ पर एक बड़ी बाधा बनकर सामने आती है ऐसा ही एक ताजा उदाहरण जगदलपुर जनपद पंचायत के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आसना में देखने को मिला जब गांव के आश्रित ग्राम तामाकोनी क्षेत्र में रनू दुकान से चंदरू घर तक 100 मीटर सड़क प्रशासकीय स्वीकृति राशि तीन लाख 45 हजार सीसी सड़क निर्माण की स्वीकृति मिलने के बाद भी ग्रामीणों को सड़क के लिए 8 माह तक इंतजार करना पड़ा दरअसल गांव के सरपंच प्रवीर देहारी और पंचायत सचिव सीताराम यादव सरपंच-सचिव की भूमिका में कम और ठेकेदार की भूमिका में ज्यादा नजर आ रहे हैं दोनों ही जिम्मेदारों ने सड़क बनाने के लिए पिछले वर्ष अक्टूबर-नवंबर में ही एडवांस राशि का आहरण जनपद पंचायत जगदलपुर से कर लिया था लेकिन जब बात सड़क बनाने की आई तो लगातार टालमटोल करते रहे वैसे तो आसना पंचायत शिक्षा के दृष्टिकोण से पढ़े लिखे गांव की श्रेणी में आता है लेकिन जिस क्षेत्र में सड़क का निर्माण होना था वहां आदिवासी जनसंख्या ज्यादा है जिसका फायदा सरपंच सचिव उठा रहे थे ग्रामीणों को गर्मी के दिनों में भी कीचड़ युक्त सड़कों पर चलना मजबूरी सा बन गया था… लेकिन चैनल इंडिया के समाचार प्रकाशित करने के तुरंत बाद ही प्रशासनिक अधिकारियों ने भी इस पूरे मामले में संज्ञान लिया जिसके बाद आनन-फानन में ही निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत आसना ने सीसी सड़क निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया |

अब सवाल यह उठता है कि जनपद पंचायत जगदलपुर के 5 किलोमीटर में ही स्थित ग्राम पंचायत में यदि सड़क के निर्माण के लिए राशि स्वीकृत हुई और 8 माह पूर्व एडवांस राशि का आहरण करने के बाद भी यदि सड़क नहीं बन रही थी तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है आहरण वितरण का अधिकार रखने वाले जनपद पंचायत जगदलपुर के अधिकारी ही इसके लिए जिम्मेदार हैं जिन्होंने अपने अधीन कार्य करने वाले पंचायत सचिवों को शायद लापरवाही करने की छूट दे रखी है वरना 8 माह तक सड़क निर्माण नहीं करना तो एक बड़ी लापरवाही निश्चित तौर पर कही जाएगी जनपद पंचायत जगदलपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी यतींद्र पटेल जनपद के ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों को लेकर कितने संजीदा हैं और निर्माण कार्यों का कब-कब निरीक्षण करते हैं इस पर भी यह पूरा मामला एक बड़ा सवाल उठा रहा है पूरे मामले में लापरवाही बरतने वाले गांव के सरपंच-सचिव को जनपद पंचायत जगदलपुर ने सड़क निर्माण में एडवांस लेने के बाद भी हुई 8 माह की देरी के लिए अभी तक किसी भी प्रकार की नोटिस अथवा लिखित जानकारी नहीं मांगी है जो यह भी बताता है कि कहीं ना कहीं जनपद पंचायत के संरक्षण के चलते ही यह सब संभव हो पाता है और मजबूरन ग्रामीणों को इसकी सजा भुगतनी पड़ती है |

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अबूझमाड़ विकास भ्रष्टाचार रोकथाम जन कल्याण समिति के सदस्य आम आदमी पार्टी में शामिल

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अरविंद केजरीवाल का दिल्ली मॉडल व ईमानदार राजनीति से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी से जुड़ा हूँ–राजेन्द्र गावड़े,अध्यक्ष अबूझमाड़ विकास भ्रष्टाचार रोकथाम समिति

क्षेत्र के ईमानदार राजनीति चाहने वाले लोग का आम आदमी पार्टी में जुड़ने के लिए लगातार संपर्क में हैं–नरेन्द्र नाग,जिला अध्यक्ष आम आदमी पार्टी नारायणपुर

अबूझमाड़ विकास भ्रष्टाचार रोकथाम जनकल्याण समिति के अध्यक्ष सहित अनेक लोगों ने आम आदमी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।पार्टी के जिला अध्यक्ष नरेंद्र नाग व जिला उपाध्यक्ष सुरजीत ठाकुर ने समिति के सदस्यों को टोपी पहनाकर सदस्यता दिलाई।


अबूझमाड़ विकास भ्रष्टाचार रोकथाम जनकल्याण समिति के अध्यक्ष राजेंद्र गावड़े ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का दिल्ली मॉडल व ईमानदार राजनीति से प्रभावित होकर आम आदमी पार्टी से जुड़ा हूँ।पार्टी की सदस्यता लेने वालों में में मुख्य रूप से समिति के सचिव मंगलू वड़दा,ज्योति नुरेटी,अभिषेक कोर्राम आदि शामिल हैं।इस अवसर पर आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष नरेन्द्र नाग ने कहा कि क्षेत्र के ईमानदार राजनीति चाहने वाले लोग का आम आदमी पार्टी में जुड़ने के लिए लगातार संपर्क में हैं।प्रदेश में आम आदमी पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में खड़ी हो चुकी है।

लखन लाल साहू बने छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के उपाध्यक्ष

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छत्तीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी ने लखन लाल साहू के विभिन्न क्षेत्रों में दीर्घकालीन अनुभव को रेखांकित करते हुए प्रदेश साहू संघ का उपाध्यक्ष मनोनीत किए हैं।यह नियुक्ति उनके सामाजिक,राजनैतिक,शैक्षिक ,अधिकारी कर्मचारी संगठनों एवम् सर्व समाज हेतु समाजिक समरसता के क्षेत्र में दीर्घकालीन अनुभव को रेखांकित करते हुए की गई है।वे पूर्व में जिला साहू संघ दुर्ग के संगठन सचिव,संयोजक, महामंत्री,दो बार उपाध्यक्ष एवम् प्रदेश में दो बार संयुक्त सचिव रह चुके हैं। लंबे समय तक सांसद दुर्ग के निज सचिव भी रहे। वर्तमान में जिला मुख्यालय दुर्ग स्थित शासकीय जे आर डी शास बहु उच्च माध्यमिक विद्यालय दुर्ग में उप प्राचार्य के पद पर पदस्थ हैं। प्रदेश अध्यक्ष अर्जुन हिरवानी ने कहा है कि लखन लाल साहू राज्यपाल सम्मान प्राप्त शिक्षक हैं।उनके दीर्घ अनुभव का लाभ समाज को सभी क्षेत्रों में मिलेगा। लखनलाल साहू जी का तहसील साहू संघ राजहरा को हमेशा ही उचित मार्गदर्शन एवम सहयोग प्राप्त होता रहा है।

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उनके छतीसगढ़ प्रदेश साहू संघ के उपाध्यक्ष पद पर मनोनयन पर तहसील साहू संघ राजहरा के अध्यक्ष तोरनलाल साहू एवम पदाधिकारियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बधाई एवं शुभकामनाएं दिए हैं।एवम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना किये हैं। लैलन कुमार साहू, मोहनलाल साहू, युवराज साहू, अंजू साहू, सत्यवती साहू,गोविंद साहू ,राधा साहू,राधेश्याम साहू, राजेश कुमार साहू, रूपलाल साहू,, श्यामलाल साहू,शीतल साहू हरख राम साहू, किशोर साहू,नूतन साहू, जलस राम साहू,सन्तराम साहू, इंद्रकुमार साहू,राजकुमार साहू, रेखुराम साहू,चूरामणि साहू,निर्मलदास साहू , वीणा साहू, द्रोपती साहू, रेखा साहू, विमला साहू, दशमत साहू, गोमती साहू, माया साहू,

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निर्मला साहू,बृजभान साहू ,विजय साहू द्वारिका साहू ,बसन्त साहू,पुरुषोत्तम साहू,राजेशकुमार साहू, देवमन साहू,विष्णु साहू, परिक्षेत्रीय अध्यक्षगण चेतन साहू,घनाराम साहू, खूबलाल साहू, संतोषकुमार साहू, रामेश्वर साहू, रामसिंह साहू ,गजेंद्र साहू,जीवन साहू,रमेश्वर कुमार साहू, किशनलाल साहू, कुंती साहू , रेवती साहू, मनाराम साहू, जगन्नाथ साहू ,कृष्णा राम साहू , नवीन साहू, पंकज साहू, सुनील साहू,व समस्त तहसील एवम परिक्षेत्रीय पदाधिकारीगण ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई एवम शुभकामनाएं दिए।

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वन विभाग के अधिकारी डकार गए लैंटाना उन्मूलन की राशी

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मामला सुकमा डिवीज़न का : वनों को लैंटाना रूपी कैंसर से बचाने कागजों में झाड़ियों का सफाया

जगदलपुर/सुकमा। लैंटाना झाड़ी को वनों का कैंसर माना जाता है। इस कैंसर से बचाव के लिए सुकमा डिविजन के तीन वन परिक्षेत्रों में कागजों में उन्मूलन के कार्यों को अंजाम देकर विभाग के अधिकारी लाखों डकार कर हजम कर गये है। सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने पर नियमों का हवाला देकर वन मंडलाधिकारी ने जानकारी देने से इंकार कर दिया। अफसरों के संरक्षण में ही अधिकारी कागजों में कार्यो को अंजाम देकर लाखों रूपए के वारे न्यारे कर चुके है।

ज्ञातव्य हो कि जगदलपुर वनवृत्त का सुकमा डिविजन भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहा है चाहे वह तेंदूपत्ता के खरीदी से लेकर बोनस वितरण का मामला हो या फिर प्लांटेशन का या अन्य कई निर्माण कार्यों का इन सारे मामलों को लेकर सुकमा डिविजन हमेशा सुर्खियों में रहा है। यहां अधिकारी भी वर्षों से पदस्थ रहकर भ्रष्टाचार जैसे कृत्य को अंजाम देते आ रहे है जिसका मुख्य कारण अफसरों का संरक्षण। अफसरों के चहेते अधिकारी को मनपंसद स्थानों पर पदस्थ किया जाता है ताकि कमीशन की मोटी रकम पहुंच सके।

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लैंटाना उन्मूलन के नाम पर लाखों के वारे – न्यारे :

सुकमा डिविजन के तीन परिक्षेत्र जगरगुण्डा, गोलापल्ली एवं क्रिस्टाराम वन परिक्षेत्र का अधिकांश इलाके में नक्सलियों का कब्जा है। इन इलाकों में लाल लड़ाको की अनुमति के बगैर आम लोगों को पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है।

कार्यालय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 में लैंटाना उन्मूलन के नाम पर लाखों करोड़ों की स्वीकृति शासन द्वारा प्रदान की गई थी।

लैंटाना झाड़ियों को सफाया कर पौधों का विकास हो सके लेकिन परिक्षेत्रों के बिहड़ों में ऐसा कुछ नहीं होने की जानकारी मिली है। विशेष सूत्रों से यह जानकारी मिली है कि लेंटाना उन्मूलन के नाम पर कागजी कार्रवाई पूर्ण कर लाखों के वारे न्यारे किये जा चुके है जिसकी राशि का बंटवारा अफसरों तक पहुंचाने की खबर है |

क्या है लैंटाना उन्मूलन कार्य:

जानकारी के अनुसार लैंटाना विदेशी प्रजाति का झाड़ी है इसे 1809 में दक्षिण आफ्रीका से सजावटी झाड़ी के रूप में लाया गया था। लैंटाना वनों को कैंसर माना जाता है यह पौधों के लिए काफी नुकसानदायक होता है। वन क्षेत्रों में इसका फैलाव होने पर पौधों का विकास रूक जाता है। पौधों के बेहतर विकास के लिए लैंटाना झाड़ियों का सफाया अभियान चलाया जाता है। जिले जड़ों से काटकर जलाने या गड़ा खोदकर इसे नष्ट करने की प्रक्रिया है लेकिन विभाग के अधिकारी द्वारा ऐसा कुछ नहीं किया गया सिर्फ खानापूर्ति कर राशि का बंदरबाट कर दिया गया।

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जानकारी देने में आनाकानी:

सुकमा डिविजन से यह जानकारी चाही गई थी कि उक्त तीनों वन परिक्षेत्र में कितना खर्च कर उक्त कार्य किया गया,कितने मजदूरों ने कार्य किया और कितना भुगतान किया गया। डिविजन कार्यालय से डीएफओ के द्वारा यह कहा गया कि यह जानकारी नहीं दी जा सकती।

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