दल्लीराजहरा / बालोद (छत्तीसगढ़)।जिला बालोद के व्यवहार न्यायालय दल्लीराजहरा में 13 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत के अंतर्गत खंडपीठ क्रमांक-08 में विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य आपसी सहमति के आधार पर मामलों का त्वरित समाधान कर न्यायालयों में लंबित प्रकरणों का बोझ कम करना है।लोक अदालत में बैंक रिकवरी, श्रम विवाद, राजस्व प्रकरण सहित अन्य मामलों की सुनवाई की गई।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 887 प्रकरणों को लोक अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जिनमें से कई मामलों का आपसी समझौते के आधार पर निराकरण किया गया। इस दौरान पक्षकारों के बीच लगभग 17,85,232 रुपये से अधिक की राशि पर समझौता हुआ।इस अवसर पर खंडपीठ में न्यायालय के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे, जिनमें मनीष कुमार दर्रो (प्रस्तुतकार), राजपाल साहू (स्टेनोग्राफर), मणिशंकर देशमुख (सेंट्रल फाइलिंग), विजय कुमार तुरकाने, संजय चंद्राकर, रमेश श्रीवास्तव (सहायक ग्रेड-3), श्रीमती कमलेश्वरी गावरे (भृत्य) तथा प्रीतम मुजार्य (आदेशिका वाहक) शामिल रहे।कार्यक्रम का संचालन पीठासीन अधिकारी, लोक अदालत खंडपीठ-08, व्यवहार न्यायालय दल्लीराजहरा (जिला बालोद) के निर्देशन में संपन्न हुआ।
बेतहाशा अवैध रेत खनन की खबर पर तहसीलदार गावड़े का एक्शन
अर्जुन झा-
बकावंड भास्कली नदी और इंद्रावती नदी को छलनी कर खेती की जमीन को नुकसान पहुंचाने वाले रेत माफियाओं पर क्या अब कड़ी कार्रवाई होगी? नदियों का पानी बहा कर महिलाओंऔर ग्रामीणों के आत्मनिर्भरता के प्रयासों पर पानी फेरने वाले दुश्मनों पर क्या शिकंजा कसा जाएगा?दरअसल रेत के अवैध खनन की खबर छपते ही प्रशासन एक्शन मोड में आ गया। बकावंड तहसीलदार जागेश्वरी गावड़े ने मौके पर पहुंच कर जांच की। रेत के पहाड़ पर घूमते हुए उन्होंने मुआयना किया। इससे पहले भी कुछ अधिकारी अवैध रेत खनन की जांच कर चुके हैं, मगर बेलगाम रेत माफिया अपनी मनमानी करते चले जा रहे हैं, उन्हें खनिज विभाग के कुछ कर्मियों का संरक्षण मिला हुआ है।
उड़ीसा और बस्तर की सीमा से गुजरने वाली भास्कली नदी में रेत के बेतहाशा अवैध खनन से बकावंड विकासखंड की ग्राम पंचायत बनियागांव के करीब दर्जन भर किसानों की कृषि भूमि तबाह हो चुकी है। किसान अधिकारियों के समक्ष मामले की कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। वहीं खनिज विभाग के अधिकारी दिखावे के लिए क्षेत्र में आते हैं और रहस्यमय ढंग से बिना कोई कार्रवाई किए लौट जाते हैं। बनियागांव पंचायत के पीड़ित किसान हेमराज भारती, नीलधर ध्रुव, टिकन भारती,तोशिक भारती, रूपेंद्र नागेश, जगत राम नागेश, विद्याप्रकाश सेठिया और अन्य किसानों ने मामले की शिकायत बस्तर कलेक्टर आकाश छिकारा से की है। भास्कली नदी में बेतहाशा रेत का खनन जेसीबी के जरिए कर रेत का परिवहन टिप्पर, ट्रैक्टर आदि वाहनों से किया जा रहा है। रेत निकालने के लिए नदी में करीब बीस फीट गहरा गड्ढा कर दिया गया है। इसके चलते तट पर स्थित खेतों का तेजी से कटाव हो रहा है। इसके साथ ही नदी में बाढ़ आने पर आसपास के खेतों में रेत भर जाती है। कटाव के चलते पचास एकड़ से भी अधिक कृषि भूमि नदी में समा चुकी है और रेत भरने से कई एकड़ खेती की जमीन नष्ट हो गई है।
ग्रामीणों ने बताया कि खनिज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के संरक्षण में यह खेल चल रहा है।छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के रेत माफिया मिल कर रेत का खनन कर रहे हैं। जिससे प्रतिदिन सरकार को लाखों लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है। गर्मी के मौसम में ग्रामीणों एवं मवेशियों के निस्तार जल की उपलब्धता बनाए रखने के लिए बेलगांव संगम के पास एनीकेट बनाया गया है, जहां पानी भरा रहता है। रेत तस्कर रेत निकालने के लिए एनीकेट को भी खोल देते हैं, जिससे पूरा पानी बह जाता है और किसानों की सब्जी और फल की फसल को पानी नहीं मिल पाता है। रेत माफिया रेत को नगरनार स्टील प्लांट में काम कर रहे बड़ी कंपनी में मनमाने रेट पर बेच कर कमाई कर रहे हैं और सरकार के राजस्व को चूना लगा रहे हैं। आश्चर्य की बात सामने आई है कि कुछ माइनिंग अधिकारियों के मशीन और वाहन भी इस अवैध रेत खनन एवं परिवहन में किराए पर लगे हुए हैं।
आत्मनिर्भरता पर हमला
गर्मी के मौसम में आसपास ग्रामीणों और उनके मवेशियों को निस्तार पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भालूगुड़ा में इंद्रावती नदी एवं भास्कली नदी के बेलगांव संगम के पास एनीकेट बनाया गया है। एनीकेट में भरे पानी से ग्रामीण और महिलाएं सब्जियों तथा तरबूज, खरबूज, खीरा, ककड़ी व फलों की खेती करते हैं। सब्जियों व फलों को आसपास के बाजार हाट में बेचकर ग्रामीण व महिलाएं आत्मनिर्भर बन रहे हैं, मगर आत्मनिर्भरता की इस कोशिश पर भी रेत माफिया प्रहार करने लगे हैं।. एनीकेट के ऊपरी हिस्से से रेत निकालने के लिए रेत माफिया एनीकेट में भरे पानी को बहा देते हैं। पानी न रहने से सब्जियों और फलों की खेती को भारी नुकसान हो रहा है।
वर्सन
नदी को पहुंचा है नुकसान
मामला गंभीर है। रेत माफियाओं ने नदी में कई जगहों पर से खनन कर काफी नुकसान पहुंचाया है।कलेक्टर और एसडीएम के पास जांच रिपोर्ट जल्द भेजी जाएगी।
बकावंड विकासखंड बकावंड के अंतिम छोर पर स्थित ग्राम पाथरी में गायत्री परिवार के तत्वावधान में नव चेतना गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन पांच कुंडीय यज्ञ के साथ संपन्न हुआ। इस धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन में क्षेत्र के साथ-साथ सुदूर अंचलों से भी बड़ी संख्या में गायत्री साधकों और ग्रामवासियों ने भाग लिया।
आयोजन के दौरान विभिन्न संस्कार निशुल्क रूप से संपन्न कराए गए। इसी क्रम में 14 जोड़ों का आदर्श विवाह भी पूर्णत: निशुल्क कराया गया। गायत्री परिवार द्वारा वर्षों से खर्चीली शादियों पर विराम लगाने और दहेज मुक्त विवाह को बढ़ावा देने की परंपरा निभाई जा रही है। इस पहल के माध्यम से गरीब परिवारों की बेटियों का सम्मानपूर्वक विवाह कर समाज में सकारात्मक संदेश दिया जा रहा है।कार्यक्रम का संचालन दंतेवाड़ा गायत्री शक्तिपीठ से पहुंचे गुरुबंधु सिंह गौरव वट्टी एवं रमेश वट्टी की टोली द्वारा किया गया। आयोजन को सफल बनाने में ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच मंगलूराम, ग्राम पंचायत पखना कोंगरा के सरपंच जदूराम कश्यप, धरमूराम, पूनाराम पटेल, कार्तिक पटेल सहित पंचायत प्रतिनिधियों और स्थानीय श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान गायत्री शक्तिपीठ जगदलपुर ट्रस्ट मंडल की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन भी प्राप्त हुआ, जिससे आयोजन सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
उपनेता प्रतिपक्ष बघेल ने गैस की किल्लत को लेकर सरकार पर बोला हमला
जगदलपुर छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार के दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं। यह बात छत्तीसगढ़ विधानसभा के उपनेता प्रतिपक्ष एवं बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कही है। बघेल ने कहा कि प्रदेश के कोने-कोने से गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। कई स्थानों पर गैस एजेंसियों के बाहर “स्टॉक समाप्त” के पर्चे लगे हुए हैं, जबकि सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि प्रदेश में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है सरकार के इन दावों और जमीनी हकीकत में साफ अंतर दिखाई दे रहा है। बस्तर विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि जगदलपुर सहित बस्तर के कई क्षेत्रों में लोग सुबह 5 बजे से गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े रहने को मजबूर हैं। कई सौ मीटर लंबी लाइन में घंटों धूप में खड़े रहने के बाद भी लोगों को खाली हाथ घर लौटना पड़ रहा है। यह स्थिति केंद्र और प्रदेश सरकारों की लापरवाही और विफलता को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा कि गैस सिलेंडर की कमी का असर अब आम लोगों के साथ-साथ छोटे व्यवसायों और रेस्टोरेंट संचालकों पर भी पड़ रहा है कई रेस्टोरेंट सिलेंडर की किल्लत का हवाला देकर ग्राहकों से 5 प्रतिशत जीएसटी के अतिरिक्त 10 प्रतिशत तक सरचार्ज वसूल रहे हैं, जो पूरी तरह अनुचित और अवैध है। उपनेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल ने कहा कि जब जनता रसोई गैस के लिए परेशान हो रही है और सरकार केवल झूठे प्रचार और दिखावे की राजनीति में व्यस्त है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यदि गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, तो फिर प्रदेशभर में लोगों को घंटों लाइन में क्यों खड़ा होना पड़ रहा है?उप नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक श्री बघेल ने मांग की है कि राज्य सरकार तत्काल गैस आपूर्ति की वास्तविक स्थिति जनता के सामने रखे और रेस्टोरेंटों द्वारा ग्राहकों से की जा रही अतिरिक्त वसूली पर तुरंत रोक लगाए साथ ही गैस की आपूर्ति सुचारू रूप से सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को इस परेशानी से राहत मिल सके।
रायपुर अभनपुर विकासखंड में ‘RAMP’ योजना के तहत मिला सफलता का मंत्र कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा Raising and Accelerating MSME Performance (RAMP) योजना के अंतर्गत, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) के सहयोग से एक दिवसीय जिला स्तरीय संवेदनशीलता/जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन ग्राम पंचायत डोंगातराई में 28 फरवरी 2026 को किया गया। इस आयोजन में जिले के विभिन्न विकासखंडों के लगभग 30 उद्यमियों और प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विषय-विशेषज्ञों द्वारा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) की मजबूती के लिए निम्नलिखित विषयों जैसे कि लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विपणन संपर्क (मार्केट लिंकेज) तथा विधिक अनुपालन (लीगल कंप्लायंस) से संबंधित विषयों पर क्रमबद्ध एवं विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्यमियों की क्षमता में वृद्धि करना और उन्हें बाजार की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।
रायपुर ,01 मार्च, 2026रायपुर जिले के उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत कुर्रा में एक दिवसीय जिला स्तरीय संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) के सहयोग से ‘Raising and Accelerating MSME Performance’ (RAMP) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य ध्येय स्थानीय उद्यमियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। उन्हें यह समझाया गया कि कैसे वे आधुनिक तकनीक और सरकारी नीतियों का लाभ उठाकर बाजार की गलाकाट प्रतिस्पर्धा में न केवल टिक सकते हैं, बल्कि बढ़त भी बना सकते हैं। प्रमुख विशेषताएं और चर्चा के विषय लाइसेंसिंग प्रक्रिया और विपणन संपर्क की सपूर्ण जानकारी दी गई।
जगदलपुर आगामी 22 मार्च को होने वाली उल्लास महापरीक्षा के सफल संचालन को लेकर बस्तर ब्लॉक में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसी क्रम में बस्तर ब्लॉक के उल्लास कार्यक्रम के प्रभारी तथा बस्तर के सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार तिवारी द्वारा उल्लास परीक्षाके केंद्र प्रभारियों एवं पर्यवेक्षकों की महत्वपूर्ण बैठक ली गई।
बैठक में महापरीक्षा के सुचारु संचालन, परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था तथा अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि प्रत्येक पंचायत में सर्वे के माध्यम से असाक्षर व्यक्तियों की पहचान कर ली गई है तथा उन्हें साक्षरता के इस महाअभियान से जोड़ते हुए आगामी उल्लास महापरीक्षा में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि सभी पंचायतों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। केंद्र प्रभारियों और पर्यवेक्षकों को परीक्षा संचालन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए गए तथा उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में अधिक से अधिक असाक्षर व्यक्तियों को इस महापरीक्षा में शामिल कराने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। उल्लास महापरीक्षा का मुख्य उद्देश्य समाज में साक्षरता को बढ़ावा देना तथा असाक्षर व्यक्तियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस महाअभियान के माध्यम से लोगों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास किया जा रहा है। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों को उल्लास साक्षरता की शपथ भी दिलवाई गई
जगदलपुर छत्तीसगढ़ कांटीनेंटल सुपर स्पेशयलिटी हॉस्पिटल जगदलपुर में शुक्रवार को विश्व लेबोरटरी डे मनाया गया। यह आयोजन सीसीएसएच के प्रयोगशाला चिकित्सा एवं एडवांस डाइग्नोस्टिक विभाग में हुआ। इस अवसर पर विभाग के एचओडी ने अत्याधुनिक जांच उपकरणों के उपयोग के बारे में जरूरी जानकारियां दी। उन्होंने बताया कि ब्लड और यूरिन के टेस्ट से कई गंभीर बीमारी की जानकारी मिल जाती है। इससे डॉक्टर को ईलाज करने में आसानी होती है। इस अवसर पर विभाग के टेक्निसियन और हॉस्पिटल स्टाफ उपस्थित थे।
रायपुर ,02 मार्च, 2026रायपुर जिले के उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत नारा भंसोज में एक दिवसीय जिला स्तरीय संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) के सहयोग से ‘Raising and Accelerating MSME Performance’ (RAMP) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य ध्येय स्थानीय उद्यमियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। उन्हें यह समझाया गया कि कैसे वे आधुनिक तकनीक और सरकारी नीतियों का लाभ उठाकर बाजार की गलाकाट प्रतिस्पर्धा में न केवल टिक सकते हैं, बल्कि बढ़त भी बना सकते हैं। प्रमुख विशेषताएं और चर्चा के विषय लाइसेंसिंग प्रक्रिया और विपणन संपर्क की सपूर्ण जानकारी दी गई।
दुर्ग,15 जनवरी, 2026दुर्ग जिले के उद्यमियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से ग्राम पंचायत सिकोल्हा एवम ग्राम आमापेंदरी में एक दिवसीय जिला स्तरीय संवेदनशीलता एवं जागरूकता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कृषि विकास सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) के सहयोग से ‘Raising and Accelerating MSME Performance’ (RAMP) योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस विशेष सत्र का मुख्य ध्येय स्थानीय उद्यमियों की कार्यक्षमता में वृद्धि करना है। उन्हें यह समझाया गया कि कैसे वे आधुनिक तकनीक और सरकारी नीतियों का लाभ उठाकर बाजार की गलाकाट प्रतिस्पर्धा में न केवल टिक सकते हैं, बल्कि बढ़त भी बना सकते हैं। प्रमुख विशेषताएं और चर्चा के विषय लाइसेंसिंग प्रक्रिया और विपणन संपर्क की सपूर्ण जानकारी दी गई।